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August 5, 2026

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फिल्म इंडस्ट्री में करियर का गोल्डन चांस! ये 8 कोर्स बदल सकते हैं आपकी किस्मत

Film And Television Courses: अगर आपका सपना कैमरे के सामने या पीछे काम करने का है तो आपको फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कोर्स करने होंगे. एक्टिंग, एडिटिंग, सिनेमैटोग्राफी, साउंड डिजाइन या स्क्रिप्ट राइंटिग सीखकर आप फिल्म दुनिया में करियर बना सकते हैं. फिल्म इंडस्ट्री में न सिर्फ कमाई अच्छी होती है बल्कि पहचान भी बनती है. आज के समय में लोग पर्दे के पीछे काम करने वाले व्यक्ति को भी जानना चाहते हैं जैसे कि किसी फिल्म में किसने साउंड एडिटिंग की है या फिर ड्रेस डिजाइन में किसकी भूमिका थी. झारखंड के युवाओं के लिए खुशसमाचारी, जल्द शुरू होगा फिल्म इंस्टीट्यूट बेस्ट बात ये है कि झारखंड के रहने वाले युवा भी आने वाले समय में अपने राज्य में रहते हुए फिल्म और टीवी की दुनिया से जुड़े कोर्स कर पाएंगे झारखंड में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में जल्द ही कई शॉर्ट टर्म प्रोफेशनल कोर्स शुरू होने जा रहे हैं. 22 जुलाई को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) कोलकाता के बीच MOU साइन किया गया है. वहीं संस्थान के ब्लूप्रिंट पर काम किया जा रहा है. फिल्म की दुनिया से जुड़ा कोर्स और करियर ऑप्शन 1.Script Writing अगर आपकी कहानी कहने की कला अच्छी है, तो आप फिल्म, वेब सीरीज और टीवी शो के लिए स्क्रिप्ट राइटर बन सकते हैं. संभावित कमाई: शुरुआत में 30,000 से 80,000 रुपये प्रतिमाह, एक्सपीरियंस राइटर एक प्रोजेक्ट के लाखों रुपये तक चार्ज करते हैं. 2.Acting एक्टिंग कोर्स करने के बाद फिल्म, टीवी सीरियल, वेब सीरीज, थिएटर और विज्ञापनों में काम करने का मौका मिलता है. संभावित कमाई: शुरुआत में 25,000 से 1 लाख रुपये प्रतिमाह, सफल कलाकारों की कमाई इससे कहीं अधिक हो सकती है. 3.Cinematography कैमरे के जरिए फिल्म की पूरी विजुअल क्वालिटी तैयार करने की जिम्मेदारी सिनेमैटोग्राफर की होती है. संभावित कमाई: 50,000 रुपये से लेकर कई लाख रुपये प्रति प्रोजेक्ट. 4.Film Editing एडिटर फिल्म या वीडियो को अंतिम रूप देता है. ओटीटी और यूट्यूब के बढ़ते दौर में एडिटर्स की मांग तेजी से बढ़ी है. संभावित कमाई: 40,000 रुपये से 2 लाख रुपये प्रतिमाह तक. 5.Sound Design फिल्मों, वेब सीरीज और विज्ञापनों में साउंड डिजाइनर की अहम भूमिका होती है. संभावित कमाई: 40,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह. 6.Production प्रोडक्शन टीम पूरे शूट और बजट का प्रबंधन करती है. संभावित कमाई: 35,000 रुपये से 1 लाख रुपये प्रतिमाह. 7.Direction डायरेक्टर किसी भी फिल्म या वेब सीरीज का सबसे अहम हिस्सा होता है. संभावित कमाई: अनुभव बढ़ने के साथ लाखों रुपये प्रति प्रोजेक्ट तक पहुंच सकती है. ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने बढ़ाए अवसर Netflix, Amazon Prime Video, Jio Hotstar, Sony LIV, Zee5 और YouTube जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के विस्तार के बाद फिल्म और कंटेंट इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं. अब सिर्फ मुंबई ही नहीं, देश के अलग-अलग राज्यों में भी फिल्म और वेब कंटेंट का निर्माण हो रहा है. सिर्फ लाइमलाइट नहीं, मजबूत करियर भी इन कोर्सों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें केवल एक्टिंग ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे काम करने वाले कई ऐसे प्रोफेशन शामिल हैं, जिनमें अच्छी सैलरी के साथ लंबे समय तक करियर बनाया जा सकता है. यदि आप क्रिएटिव हैं और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम करने का सपना है तो ये शॉर्ट टर्म कोर्स आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है. ये भी पढ़ें: घर बैठे पाएं पत्रकारिता की डिग्री, देश की इन ओपन यूनिवर्सिटी से करें पढ़ाई The post फिल्म इंडस्ट्री में करियर का गोल्डन चांस! ये 8 कोर्स बदल सकते हैं आपकी किस्मत appeared first on Naya Vichar.

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लखीसराय ट्रेन दुष्कर्म: हाई कोर्ट ने रेलवे को ठहराया जिम्मेदार, 3 लाख रुपये मुआवजे का आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने रेल मंत्रालय की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने NHRC के मुआवजे वाले आदेश को चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति अमित बंसल ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित माहौल देना रेलवे की जिम्मेदारी है. कोर्ट ने माना कि ट्रेन में हुआ सामूहिक दुष्कर्म एक गंभीर और अवांछित घटना है. इसलिए रेलवे पीड़िता को मुआवजा देने से बच नहीं सकता. न्यायमूर्ति अमित बंसल ने कहा कि NHRC का मुआवजा देने का आदेश पूरी तरह सही और कानूनी है. इसमें कोई मनमानी या अवैधता नहीं है. उन्होंने कहा कि आयोग ने मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की शिकार स्त्री को तुरंत आर्थिक सहायता देने की सिफारिश करके अपने अधिकारों का सही इस्तेमाल किया है. पीड़िता वैध टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रही थी 29 जुलाई के अपने आदेश में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि पीड़िता वैध टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रही थी. ऐसे में ट्रेन के अंदर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे की जिम्मेदारी थी. इसलिए इस मामले में रेलवे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता. अदालत ने कहा, ”चूंकि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ट्रेन के एक डिब्बे के भीतर हुई, इसलिए यह रेलवे अधिनियम की धारा 123(ग) के तहत ‘अवांछित घटना’ की परिभाषा में आएगी और रेलवे अधिनियम की धारा 124ए के तहत रेलवे मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होगा.” अदालत ने कहा, ”याचिका में कोई दम नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है.” हाई कोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि मामले के लंबित रहने के दौरान रेलवे की ओर से जमा कराई गई मुआवजा राशि, उस पर अर्जित ब्याज सहित पीड़िता को जारी की जाए. अगस्त 2012 में बिहार के लखीसराय रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-पांच पर खड़ी एक यात्री ट्रेन के डिब्बे में स्त्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. पीड़िता के पिता ने की थी शिकायत पीड़िता के पिता की शिकायत पर NHRC ने अप्रैल 2014 में रेलवे बोर्ड को स्त्री को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया था. रेलवे ने यह कहते हुए फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की कि मुआवजा तय करने का अधिकार केवल रेलवे दावा अधिकरण के पास है. लेकिन NHRC ने यह दलील नहीं मानी और अपने मुआवजे वाले आदेश को बरकरार रखा. The post लखीसराय ट्रेन दुष्कर्म: हाई कोर्ट ने रेलवे को ठहराया जिम्मेदार, 3 लाख रुपये मुआवजे का आदेश appeared first on Naya Vichar.

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FCRA बिल पर विवाद: अमेरिकी सांसद ने बताया ईसाइयों पर हमला, भारत-US रिश्तों पर असर की चेतावनी

विदेशी चंदे से जुड़े कानून ( Foreign Contribution (Regulation) Act, FCRA) में प्रस्तावित बदलावों को लेकर संसद में चल रही बहस के बीच अमेरिकी कांग्रेस सदस्य रिले मूर ने अपनी आपत्ति जताई है. उनका आरोप है कि नए प्रावधानों से प्रशासन को चर्चों और धार्मिक संस्थाओं की गतिविधियों और उनकी संपत्तियों पर अधिक नियंत्रण मिल सकता है. मूर ने FCRA को ईसाई समुदाय पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि यह हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय मुद्दा बन सकता है. सोशल मीडिया पर जताई चिंता रिले मूर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर हिंदुस्तान में ईसाई धर्म के पुराने इतिहास का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि संत थॉमस के मालाबार तट पहुंचने के बाद से हिंदुस्तान में ईसाई समुदाय की मौजूदगी रही है. इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधन प्रशासन को चर्चों और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं से जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने का अधिकार दे सकते हैं. हिंदुस्तान में ईसाई तब से हैं जब हमारे प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान के कुछ ही दशकों बाद सेंट थॉमस द एपोसल मालाबार तट पर आए थे. लेकिन ईसाइयों के इतने लंबे इतिहास के बावजूद, हिंदुस्तान की संसद फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन अमेंडमेंट (FCRA) नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, ताकि प्रशासन चर्चों और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं का नियंत्रण अपने हाथ में ले सके. यह ईसाइयों पर सीधा हमला है. अगर यह बिल इसी तरह आगे बढ़ता है, तो यह हिंदुस्तान के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी चिंता का विषय बन जाएगा- रिले मूर FCRA कानून क्या है? विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA हिंदुस्तान में विदेशी चंदा प्राप्त करने और उसका उपयोग करने वाली संस्थाओं पर लागू होता है. इनमें गैर-प्रशासनी संगठन, धर्मिकथ ट्रस्ट, शैक्षणिक संस्थान और अन्य संगठन शामिल हैं. मौजूदा व्यवस्था के तहत विदेशी चंदा लेने के लिए किसी संस्था को केंद्रीय गृह मंत्रालय से पंजीकरण कराना पड़ता है. यह पंजीकरण पांच साल के लिए मान्य होता है और इसके बाद इसे रिन्यू कराना जरूरी होता है. प्रस्तावित संशोधनों में क्या बदलाव हैं? विधेयक में एक नामित प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव है. इसका गठन केंद्र प्रशासन करेगी. यदि किसी संस्था का FCRA पंजीकरण रद्द हो जाता है, उसकी अवधि खत्म हो जाती है या संस्था खुद पंजीकरण वापस कर देती है, तो यह प्राधिकरण विदेशी चंदे और उससे बनाई गई संपत्तियों का प्रबंधन संभाल सकेगा. 2026 के संशोधित FCRA नियमों में प्रमुख बदलाव पंजीकरण प्रमाणपत्र में संस्था को अपने काम का सटीक उद्देश्य बताना होगा. संस्था किन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में काम करेगी, इसका साफ-साफ जिक्र करना होगा. संस्था के कार्य का उद्देश्य अब किसी व्यापक श्रेणी के बजाय तय अनुसूची में दिए गए विकल्पों से चुना जाएगा. FCRA पंजीकरण के रिन्यू के लिए संस्था को दिखाना होगा कि उसने पिछले दो सालों में कम-से-कम 10 लाख रुपये का विदेशी अंशदान इस्तेमाल किया है. संस्था को यह बताना होगा कि विदेशी धन किस परियोजना और किस गतिविधि पर खर्च किया गया. विदेशी अंशदान देने वाले वास्तविक या अंतिम दाता का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा. संस्था को अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया खातों की पूरी जानकारी वार्षिक रिपोर्ट में शामिल करनी होगी. किस प्रावधान पर हो रहा सबसे अधिक विवाद? सबसे अधिक आपत्ति नामित प्राधिकरण को दिए जाने वाले अधिकारों पर जताई जा रही है. विपक्षी दलों, गैर-प्रशासनी संगठनों और नागरिक समाज से जुड़े समूहों का कहना है कि इससे केंद्र प्रशासन को विदेशी धन पर निर्भर संस्थाओं पर बहुत अधिक नियंत्रण मिल सकता है. धार्मिक संस्थाओं को आशंका है कि अगर उनका पंजीकरण रद्द हुआ या उसका रिन्यू नहीं हुआ, तो विदेशी सहायता से बनाए गए स्कूल, अस्पताल, सामाजिक सेवा केंद्र और दूसरी संपत्तियां प्रशासनी प्रबंधन में जा सकती हैं. प्रशासन ने क्या कहा? प्रशासन ने प्रस्तावित बदलावों का बचाव किया है. केंद्र प्रशासन का कहना है कि इनका उद्देश्य विदेशी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता बढ़ाना, निगरानी व्यवस्था मजबूत करना और संस्थाओं की जवाबदेही तय करना है. प्रशासन के अनुसार, विदेशी चंदे का उपयोग तय उद्देश्यों के लिए हो और धन के दुरुपयोग को रोका जा सके, इसके लिए नियमों को सख्त करना जरूरी है. The post FCRA बिल पर विवाद: अमेरिकी सांसद ने बताया ईसाइयों पर हमला, हिंदुस्तान-US रिश्तों पर असर की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना बीमा वाले गाड़ियों को फ्यूल नहीं देने का सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने नए गाड़ी खरीदने वालों के लिए थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस को लेकर अहम फैसला दिया है. अब नई कार खरीदने पर 4 साल और नया टू-व्हीलर खरीदने पर 6 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस एक साथ लेना होगा.  कोर्ट का कहना है कि इससे बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या कम होगी और सड़क हादसों के पीड़ितों को मुआवजा मिलने में आने वाली परेशानियां भी घटेंगी.  कोर्ट ने बीमा नियामक IRDAI को इस फैसले के अनुसार तुरंत जरूरी निर्देश जारी करने को भी कहा है. क्या बदला है नया नियम? पहले नए गाड़ियों के लिए यह व्यवस्था थी: वाहन पहले अब नई कार 3 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस 4 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नया टू-व्हीलर 5 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस 6 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस यह आदेश जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने दिया. कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक बीमा अनिवार्य रहने से नियमों का पालन बेहतर होगा और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी. कोर्ट ने यह फैसला क्यों लिया? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2018 में दिए गए पुराने आदेश के बावजूद बड़ी संख्या में गाड़ियों आज भी बिना वैध इंश्योरेंस के सड़कों पर चल रहे हैं. कोर्ट ने संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि देश में करीब 56% वाहन बिना वैध बीमा के चल रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कुल 30.48 करोड़ गाड़ियों में से लगभग 16.54 करोड़ गाड़ियों के पास वैध इंश्योरेंस नहीं है. कोर्ट ने माना कि जब किसी दुर्घटना में शामिल गाड़ी का बीमा नहीं होता, तब पीड़ितों को मुआवजा पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. ऐसे में अनिवार्य बीमा अवधि बढ़ाना जरूरी है. बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों पर कैसे होगी नजर? सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ बीमा अवधि बढ़ाने तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि निगरानी मजबूत करने के लिए भी कई सुझाव दिए हैं. हाईवे और सड़कों पर लगे Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों को Insurance Information Bureau और VAHAN पोर्टल से जोड़ा जाए. इससे बिना इंश्योरेंस वाले गाड़ियों की पहचान कर ई-चालान जारी किया जा सकेगा. पुलिसकर्मियों को ऐसे हैंडहेल्ड डिवाइस या ऐप दिए जाएं, जिनसे वे मौके पर ही गाड़ी का इंश्योरेंस स्टेटस जांच सकें. कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में पेट्रोल पंपों को बीमा डेटाबेस से जोड़ने की संभावना पर विचार किया जाए. इससे वैध इंश्योरेंस नहीं होने पर वाहन को फ्यूल देने पर रोक लगाने जैसी व्यवस्था भी बनाई जा सकती है. यह फैसला किस मामले में आया? यह निर्देश नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से दायर मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए. अपील खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मोटर इंश्योरेंस से जुड़े बड़े मुद्दे पर भी चिंता जताई और कहा कि सड़क सुरक्षा तथा दुर्घटना पीड़ितों के हित में बीमा नियमों का सख्ती से पालन होना जरूरी है. कोर्ट ने प्रशासनी आंकड़ों का भी जिक्र किया, जिनके अनुसार 2024 में हिंदुस्तान में 4.87 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई. इसी को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के नियमों का बेहतर पालन कराना समय की जरूरत है. ये भी पढ़ें: प्रशासन लाई नया Tax Amendment Bill, विदेशी निवेश से डिजिटल पेमेंट तक कई नियम बदलने की तैयारी The post थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना बीमा वाले गाड़ियों को फ्यूल नहीं देने का सुझाव appeared first on Naya Vichar.

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दुर्गा पूजा से पहले शुभेंदु अधिकारी देंगे बढ़ा हुआ डीए, नवन्ना ने जारी किये दिशा–निर्देश

कोलकाता : राज्य प्रशासन के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी घोषणा. प्रशासनी आदेशों के अनुसार, महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 1 अक्टूबर, 2026 से वृद्धि की जा रही है. इस संबंध में दिशानिर्देश मंगलवार को नवन्ना से जारी किए गए. 171 प्रतिशत से बढ़ाकर डीए अब  223 प्रतिशत हुआ दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि पूर्व-संशोधित वेतनमान वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 171 प्रतिशत से बढ़ाकर 223 प्रतिशत कर दिया जाएगा. इसी प्रकार, आरओपीए 2009 के तहत पूर्व-संशोधित पेंशन या पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगियों को 1 अक्टूबर, 2026 से 223 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी. पेंशन के 38 प्रतिशत की दर से डीए  इसके अतिरिक्त, दिशा-निर्देशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य प्रशासन के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के मामले में संशोधित पेंशन/पारिवारिक पेंशन के 38 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत प्रदान की जाएगी. दिहाड़ी मजदूरों की दैनिक मजदूरी  बढ़ी इतना ही नहीं, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम जैसे किसी भी कानूनी प्रावधान के अंतर्गत न आने वाले दिहाड़ी मजदूरों की दैनिक मजदूरी में तदर्थ रूप से 110 रुपये की और वृद्धि की गई है. यह वृद्धि भी 1 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होगी.  शुभेंदु अधिकारी ने किया था वादा यहां यह उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले, शुभेंदु अधिकारी भवानी भवन में आयोजित राज्य पुलिस के एक कार्यक्रम में गए थे. वहां से उन्होंने घोषणा की कि अक्टूबर माह के लिए 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और अग्रिम वेतन देने का निर्णय लिया गया है.   पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बढ़ा हुआ वेतन पूजा से पहले पश्चिम बंगाल ने पहले ही सूचित कर दिया था कि 20 प्रतिशत की बढ़ी हुई महंगाई भत्ता राशि अक्टूबर से प्रभावी होगी. इसके परिणामस्वरूप, प्रशासनी कर्मचारियों के वेतन में पूजा माह में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. Also Read: उत्तर बंगाल में पर्यटन को नयी उड़ान, सैंडकफू में बनेंगे पर्यावरण अनुकूल 10 कंटेनर होम The post दुर्गा पूजा से पहले शुभेंदु अधिकारी देंगे बढ़ा हुआ डीए, नवन्ना ने जारी किये दिशा–निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं, घर पर ऐसे तैयार करें सिंघाड़े का आटा

Singhara Atta Recipe: सिंघाड़े का आटा व्रत के दौरान खाए जाने वाले आहार में काफी पसंद किया जाता है. इससे पूरी, चीला, पकौड़ी और हलवा जैसी कई चीजें बनाई जाती हैं. बाजार में सिंघाड़े का आटा आसानी से मिल जाता है, लेकिन अगर आप चाहें तो इसे घर पर भी बड़ी आसानी से तैयार कर सकती हैं. घर पर आटा बनाने का फायदा यह है कि आपको इसकी साफ-सफाई और क्वालिटी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती. आइए जानते हैं घर पर सिंघाड़े का आटा बनाने का आसान तरीका.  PC: Social Media सिंघाड़े का आटा बनाने के लिए क्या चाहिए? घर पर सिंघाड़े का आटा तैयार करने के लिए आपको सिर्फ सूखे सिंघाड़े की जरूरत होगी. इसके अलावा साफ पानी और एक अच्छी तरह सूखा हुआ मिक्सर या ग्राइंडर चाहिए. सिंघाड़े खरीदते समय ध्यान रखें कि वे अच्छे से सूखे हुए हों और उनमें नमी या किसी तरह की गंदगी न हो.  Singhara Atta Recipe: सबसे पहले सिंघाड़ों को साफ करें सबसे पहले सूखे सिंघाड़ों को अच्छी तरह देख लें. अगर उनमें धूल-मिट्टी लगी है तो उसे साफ कपड़े से पोंछ लें. चाहें तो सिंघाड़ों को जल्दी से पानी से धो सकती हैं, लेकिन इसके बाद उन्हें अच्छी तरह सुखाना जरूरी है. आटा बनाने के लिए सिंघाड़ों में बिल्कुल भी नमी नहीं रहनी चाहिए.  सिंघाड़ों को अच्छी तरह सुखाएं अगर आपने सिंघाड़ों को पानी से धोया है, तो उन्हें साफ कपड़े या प्लेट पर फैलाकर पूरी तरह सूखने दें. आप इन्हें कुछ घंटों के लिए धूप में भी रख सकती हैं. सिंघाड़े जितने अच्छे से सूखेंगे, उन्हें पीसना उतना ही आसान होगा और आटा भी ज्यादा समय तक ठीक रह सकता है.  मिक्सर में पीसकर तैयार करें आटा जब सिंघाड़े पूरी तरह सूख जाएं, तो उन्हें मिक्सर जार में डालें. अब इन्हें धीरे-धीरे पीसकर बारीक पाउडर बना लें. एक बार में बहुत ज्यादा सिंघाड़े डालने की बजाय थोड़ी मात्रा में पीसना बेहतर रहेगा. इससे आटा ज्यादा बारीक तैयार होगा. सिंघाड़ों को पीसने के बाद तैयार पाउडर को बारीक छलनी से छान लें. इससे आटे (Singhara Atta Recipe) में मौजूद मोटे टुकड़े अलग हो जाएंगे. जो टुकड़े छलनी में बच जाएं, उन्हें दोबारा मिक्सर में पीसकर फिर से छान सकती हैं. इस तरह आपको एकदम बारीक और मुलायम सिंघाड़े का आटा मिल जाएगा.  यह भी पढ़ें: सावन में घर पर बनाएं शिवजी के लिए ये आसान भोग, घर की चीजों से झटपट करें तैयार The post बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं, घर पर ऐसे तैयार करें सिंघाड़े का आटा appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: ‘खिलाड़ियों के लिए एक ट्वीट भी नहीं…’ विजेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

हिंदुस्तान के दिग्गज मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि देश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान नेतृत्वक मतभेदों से ऊपर उठकर होना चाहिए. विजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर राहुल गांधी और कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अक्सर देश के युवाओं की बात करती है, लेकिन ग्लास्गो राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स 2026 में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद अब तक राहुल गांधी या पार्टी की ओर से खिलाड़ियों को बधाई देने वाला कोई संदेश या पोस्ट सामने नहीं आया है. उन्होंने लिखा, “राहुल गांधी जी और कांग्रेस पार्टी अक्सर देश के युवाओं की बात करते हैं, लेकिन अब तक हिंदुस्तान के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर आपकी ओर से एक भी बधाई संदेश या ट्वीट नहीं आया. जब देश के युवा तिरंगा ऊंचा कर रहे हैं, तब नेतृत्व से ऊपर उठकर उनका हौसला बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है.” हिंदुस्तान ने जीते 39 पदक ग्लास्गो राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स 2026 में हिंदुस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा. हिंदुस्तानीय मुक्केबाजी टीम ने भी इतिहास रचते हुए 10 पदक (7 स्वर्ण और 3 रजत) अपने नाम किए. विजेंदर सिंह ने इससे पहले भी हिंदुस्तानीय बॉक्सरों की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा था कि टीम ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. लवलीना ने रचा इतिहास इस अभियान में लवलीना बोरगोहेन ने भी बड़ी उपलब्धि हासिल की. वह विजेंदर सिंह और एमसी मैरी कॉम के बाद ओलंपिक, राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स और एशियाई स्पोर्ट्सों तीनों में पदक जीतने वाली हिंदुस्तान की तीसरी मुक्केबाज बनीं. विजेंद्र सिंह स्वयं हिंदुस्तान के सबसे सफल मुक्केबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर हिंदुस्तान को मुक्केबाजी में पहला ओलंपिक पदक दिलाया था. उनके नाम एक ओलंपिक पदक, तीन राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स पदक और दो एशियाई स्पोर्ट्स पदक दर्ज हैं. ये भी पढ़ें: CWG 2026: सिल्वर गर्ल ज्ञानेश्वरी यादव को DSP पद पर प्रमोशन, CM विष्णु देव साय ने दिया 30 लाख का इनाम The post CWG 2026: ‘खिलाड़ियों के लिए एक ट्वीट भी नहीं…’ विजेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना appeared first on Naya Vichar.

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सरकार लाई नया Tax Amendment Bill, विदेशी निवेश से डिजिटल पेमेंट तक कई नियम बदलने की तैयारी

केंद्र प्रशासन ने मंगलवार को लोकसभा में Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 पेश किया। इस बिल में टैक्स से जुड़े कई बदलावों का प्रस्ताव है, जिनका मकसद निवेश बढ़ाना, हिंदुस्तान में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, कारोबार को आसान बनाना और टैक्स नियमों में स्पष्टता लाना है. इसके साथ ही यह बिल Income-tax (Amendment) Ordinance, 2026 की जगह नया कानून लाने का भी रास्ता तैयार करेगा. प्रशासन का कहना है कि दुनिया में चल रहे भू-नेतृत्वक तनाव, वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों को देखते हुए ये बदलाव जरूरी हैं. इनका उद्देश्य बाहरी आर्थिक झटकों का असर कम करना और देश की वित्तीय स्थिति को स्थिर बनाए रखना है. विदेशी निवेशकों और फंड मैनेजरों के लिए क्या बदलेगा? बिल में ऑफशोर इन्वेस्टमेंट फंड और उनके फंड मैनेजरों से जुड़े टैक्स नियमों को आसान बनाने का प्रस्ताव है. प्रशासन चाहती है कि हिंदुस्तान ग्लोबल फंड मैनेजमेंट के लिए ज्यादा आकर्षक बने. इसके लिए: अनुपालन (Compliance) से जुड़ी कुछ शर्तों को आसान किया जाएगा. जरूरी सुरक्षा प्रावधान पहले की तरह बने रहेंगे. विदेशी निवेशकों को टैक्स नियमों में ज्यादा स्पष्टता मिलेगी. इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को क्या फायदा मिलेगा? प्रशासन ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टैक्स छूट की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. पहले यह छूट 2030-31 तक थी, लेकिन अब इसे 31 मार्च 2041 तक बढ़ाने की बात कही गई है. इसके अलावा, जिन इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर यह सुविधा मिलेगी, उनकी सूची भी बढ़ाई जाएगी. इसमें शामिल हैं: लैपटॉप टैबलेट सर्वर हियरएबल्स वेयरेबल्स इनसे जुड़े एक्सेसरीज़ इसका फायदा उन विदेशी कंपनियों को मिलेगा जो हिंदुस्तानीय कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को मशीनरी, उपकरण या टूलिंग उपलब्ध कराती हैं. प्रशासनी बॉन्ड और डायमंड कारोबार पर क्या प्रस्ताव है? विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और Bank for International Settlements के लिए प्रशासन ने प्रशासनी प्रतिभूतियों (Government Securities) से मिलने वाले ब्याज और उनकी खरीद-बिक्री से होने वाले कैपिटल गेन पर टैक्स छूट का प्रस्ताव रखा है. हालांकि इसके लिए तय रिपोर्टिंग नियमों का पालन करना होगा. वहीं, हिंदुस्तान को वैश्विक डायमंड ट्रेड का मजबूत केंद्र बनाने के लिए योग्य विदेशी डायमंड माइनिंग कंपनियों, ब्रोकर्स, एग्रीगेटर्स और ऑक्शन संस्थाओं को अधिसूचित विशेष क्षेत्रों में रफ डायमंड की बिक्री से होने वाली आय पर 31 मार्च 2041 तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव भी शामिल है. आम कारोबार और डिजिटल पेमेंट से जुड़े क्या बदलाव होंगे? बिल में बिजनेस ट्रस्ट के यूनिट होल्डर्स को मिलने वाले डिविडेंड पर मौजूद एक टैक्स प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव है, अगर संबंधित SPV ने नया टैक्स सिस्टम चुना हो. इसके अलावा Payment and Settlement Systems Act, 2007 में भी संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है. इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड से जुड़े प्रावधानों में Income-tax Act का संदर्भ हटाया जाएगा. साथ ही केंद्र प्रशासन को यह अधिकार मिलेगा कि वह ऐसे डिजिटल पेमेंट मोड अधिसूचित कर सके, जिन पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई शुल्क नहीं लगा सकें. प्रशासन का कहना है कि यह बिल Income-tax (Amendment) Ordinance, 2026 की जगह स्थायी कानून लाएगा. साथ ही वित्त अधिनियम, 2026 के बाद हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर जरूरी टैक्स बदलावों को भी इसमें शामिल किया गया है. The post प्रशासन लाई नया Tax Amendment Bill, विदेशी निवेश से डिजिटल पेमेंट तक कई नियम बदलने की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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5 अगस्त की टॉप 20 खबरें: एयर इंडिया फ्लाइट में खतरनाक टर्बुलेंस, छात्र आंदोलन पर बोले सीएम हेमंत सोरेन, ‘सरकार की आंख भी है और कान भी’

1. नेमरा में छात्र आंदोलन पर बोले हेमंत सोरेन, ‘प्रशासन की आंख भी है, कान भी है’ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को भरोसा दिलाया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन छात्रों की हर चिंता से अवगत है और जांच रिपोर्ट आने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत न्याय मिलेगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. ‘किसी का सिर फटा, किसी के कंधे में आई चोट.. दो मिनट तक हवा में 360 डिग्री घूमता रहा प्लेन’, एयर इंडिया यात्री ने बताई टर्बुलेंस की कहानी थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 ने मंगलवार को उड़ान के दौरान भयानक टर्बुलेंस का सामना किया. फ्लाइट के एक यात्री ने बताया कि विमान हवा में कई बार 360 डिग्री घूमा, जिससे यात्रियों को झटके लगे और कई को गंभीर चोटें भी आईं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. बुधवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे पंचायत सहायक, आठ सूत्री मांगों को लेकर रांची में शक्ति प्रदर्शन झारखंड के पंचायत सहायक अपनी मांगों को लेकर आज रांची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे. वर्षों से लंबित मांगों को लेकर वे सड़कों पर उतरेंगे. यदि प्रशासन उनकी बात नहीं सुनती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. उदयनिधि स्टालिन को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ा, तंजावुर थाने के बाहर जुटे हजारों DMK समर्थकों में खुशी की लहर तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और द्रमुक (DMK) के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन को पुलिस ने पूछताछ के बाद रिहा कर दिया है. एक जनसभा में द्विअर्थी बयान देने के मामले में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था. रिहाई के बाद सेंगीपट्टी थाने से बाहर निकलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर उनका जोरदार स्वागत किया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. दिल्ली के वोटरों के लिए अपडेट: चुनाव आयोग ने बदला SIR का शेड्यूल, जानिए नई तारीखें हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग ने दिल्ली की मतदाता सूची संशोधन कार्यक्रम में बदलाव किया है. नई सूचना के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 को पात्रता की तारीख तय की गई है. जानें नई समय-सारिणी और कब होगी अंतिम सूची प्रकाशित. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. बांकीपुर हार के बाद दिल्ली में PM मोदी से मिले नीतीश कुमार, जदयू के ये दो नेता भी रहे मौजूद बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद नीतीश कुमार ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. दोनों नेताओं की यह बैठक नेतृत्वक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है. जदयू ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया है.पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. UGC, पेपर लीक और फॉर ग्रांटेड को लेकर नाराजगी ! कैसे बदला बांकीपुर में भाजपा के कोर वोटरों का मूड? बांकीपुर उपचुनाव 2026 में 30 साल बाद भाजपा की हार ने बिहार की नेतृत्व में नई बहस छेड़ दी है कि क्या भाजपा का कोर वोटर नाराज हुआ या जनसुराज की रणनीति ने चुनावी समीकरण बदल दिए? जानिए क्या रहे बड़े फैक्टर 7. Exclusive: क्या मशीन से भी सस्ती है लाइटमैन की जिंदगी? ना इंश्योरेंस ना समय पर पेमेंट, जिस रोशनी से चमकता है बॉलीवुड, उन्हीं की जिंदगी अंधेरे में FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी ने नया विचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि फिल्मों की चमक के पीछे काम करने वाले लाइटमैन आज भी सुरक्षा और बेहतर वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इक्विपमेंट का इंश्योरेंस होता है, लेकिन मजदूरों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है. लंबे घंटे काम करने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता और कई बार पेमेंट भी समय पर नहीं मिलता. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. मदरसा आतंकवाद पैदा करता है, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान से यूपी की सियासत में मचा बवाल उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिससे राज्य की नेतृत्व में नया उबाल आ गया है. इस बीच, राज्य प्रशासन मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है.पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. सदन में हंगामा पड़ा भारी: राम मंदिर मुद्दे पर सपा विधायक सचिन यादव पूरे सत्र के लिए निष्कासित उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर मंगलवार को जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. सपा विधायक सचिन यादव ने सदन में यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद माहौल गर्मा गया. लगातार हंगामे और अध्यक्षीय आदेशों की अनदेखी पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ा रुख अपनाते हुए सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. खड़गपुर में ‘हनी ट्रैप’ का स्पोर्ट्स बेनकाब, सोशल मीडिया पर इश्क़, फिर बनाते थे अश्लील वीडियो, दो स्त्रीओं समेत 7 गिरफ्तार खड़गपुर पुलिस ने सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को प्रेमजाल में फंसाकर लाखों रुपये की उगाही करने वाले ‘हनी ट्रैप’ गैंग का सनसनीखेज खुलासा किया है. इस गिरोह का शिकार बनने वाले युवकों से चोरी-छिपे वीडियो बनाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. पाकिस्तान में तख्तापलट की सुगबुगाहट: मोहसिन नकवी ने खोली शरीफ प्रशासन की पोल, 21 साल पुराने घोटाले का खुलासा पाकिस्तान की नेतृत्व में एक बार फिर तख्तापलट के कयास तेज हो गए हैं. शहबाज शरीफ प्रशासन में गृह मंत्री और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के करीबी माने जाने वाले मोहसिन नकवी ने अपनी ही प्रशासन की पोल खोल दी है. उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. हिंदुस्तान प्रशासन ने शेख हसीना के कार्यक्रम से बनाई दूरी, MEA बोला- निजी आयोजन से हमारा कोई लेना-देना नहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है. प्रशासन न तो इसमें शामिल है और न ही वहां रखे जाने वाले विचारों का समर्थन करती है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. मेकेदातु परियोजना को लेकर क्यों आमने-सामने हैं कर्नाटक और तमिलनाडु? समझिए पूरा विवाद कर्नाटक की मेकेदातु परियोजना को लेकर कावेरी जल विवाद फिर चर्चा में है। क्या कर्नाटक को इस परियोजना के लिए तमिलनाडु की मंजूरी जरूरी है? जानिए

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यमन तट के पास हमले के बाद भारतीय मालवाहक जहाज डूबा, 13 भारतीयों की बची जान

यमन के तट के पास मंगलवार (4 अगस्त) को हुए हमले के बाद हिंदुस्तानीय झंडे वाले एक मालवाहक जहाज डूब गया. जहाज पर सवार सभी 13 हिंदुस्तानीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया. इस घटना पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि यमन के समुद्री क्षेत्र के पास MSV Faize Noore Oliya नामक कमर्शियल जहाज किसी प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने के बाद डूब गया. वहीं, यमन प्रशासन समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज का दावा है कि जहाज पर देश के पश्चिमी तट के पास विस्फोटकों से भरी एक नाव से हमला किया गया था. दोनों पक्षों ने हमले के तरीके को लेकर अलग-अलग जानकारी दी है. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी इस मालवाहक जहाज पर हुए इस अकारण हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने क्या लिखा एक्स पर? सोनोवाल ने एक्स पर लिखा कि यमन के समुद्री क्षेत्र के पास हिंदुस्तानीय मालवाहक जहाज MSV Faize Noore Oliya पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज पलटकर डूब गया. हिंदुस्तान इस मालवाहक जहाज पर हुए इस अकारण हमले की कड़ी निंदा करता है. राहत की बात है कि जहाज पर सवार सभी 14 नाविकों (जिनमें 13 हिंदुस्तानीय शामिल हैं) को यमन कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचाकर मोखा बंदरगाह पहुंचा दिया है. मैंने महानिदेशक समुद्री प्रशासन (DGMA) को निर्देश दिया है कि हिंदुस्तानीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बचाए गए चालक दल को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल कर तत्काल कदम उठाए जाएं. The post यमन तट के पास हमले के बाद हिंदुस्तानीय मालवाहक जहाज डूबा, 13 हिंदुस्तानीयों की बची जान appeared first on Naya Vichar.

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