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August 5, 2026

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जुलाई 2026 में सबसे ज्यादा बिकीं ये 10 कारें, Maruti के 6 मॉडल्स शामिल, कौन बनी नंबर-1?

जुलाई 2026 में हिंदुस्तान की पैसेंजर व्हीकल मार्केट में जबरदस्त रौनक देखने को मिली. देश की 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों की कुल 2,00,868 यूनिट्स बिकीं. ये पिछले साल जुलाई में बिकी 1,46,029 यूनिट्स के मुकाबले 37.55% ज्यादा हैं. इस लिस्ट में Maruti Suzuki का दबदबा साफ नजर आया, क्योंकि उसके 6 मॉडल टॉप 10 में जगह बनाने में कामयाब रहे. वहीं, टाटा, हुंडई और महिंद्रा की एक-एक कार भी इस लिस्ट में शामिल रही. Dzire बनी नंबर-1, WagonR ने भी दिखाई दमदार रफ्तार जुलाई 2026 में Maruti Dzire ने देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार का खिताब अपने नाम कर लिया. इस दौरान इसकी 23,791 यूनिट बिकीं, जो पिछले साल जुलाई (20,895 यूनिट) के मुकाबले करीब 13.86% ज्यादा हैं. वहीं, Maruti WagonR भी ज्यादा पीछे नहीं रही. जुलाई 2026 में इसकी 23,338 यूनिट बिकीं, जो सालाना आधार पर 58.65% की शानदार बढ़ोतरी है. यानी पिछले साल के मुकाबले 8,628 ज्यादा कस्टमर्स ने WagonR खरीदी. Photo: Maruti Suzuki ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान में शुरू हुई नई Kia Sorento की प्री-बुकिंग, हाइब्रिड इंजन के साथ एंट्री करेगी ये फैमिली SUV Fronx, Creta और Punch ने भी किया कमाल Maruti Fronx की शानदार बिक्री का सिलसिला जारी है. जुलाई में इसकी 19,473 यूनिट बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले 51.28% ज्यादा हैं. वहीं, Maruti Baleno भी पीछे नहीं रही. इसकी 18,241 यूनिटों की बिक्री हुई. उधर, Hyundai Creta और नई Creta Electric का भी जुलाई का महीना सही रहा. दोनों की कुल 18,088 यूनिट बिकीं, जिससे यह बिक्री के मामले में आठवें नंबर पर रही. इसकी बिक्री में 7.04% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई. Nexon और Scorpio ने भी लिस्ट में बनाई जगह Tata Nexon और Nexon EV ने बिक्री के मामले में नौवां नंबर हासिल किया. दोनों मॉडल्स की कुल 17,471 यूनिट्स बिकीं. वहीं, Mahindra Scorpio और Scorpio N की कुल 16,009 यूनिट्स की बिक्री हुई. इस दमदार SUV ने सालाना आधार पर 16.45% की ग्रोथ दर्ज की और टॉप-10 की लिस्ट में अपनी जगह बनाई. देखें लिस्ट रैंक कार का नाम जुलाई 2026 (यूनिट्स) जुलाई 2025 (यूनिट्स) 1 मारुति डिजायर (Dzire) 23,791 20,895 2 मारुति वैगनआर (WagonR) 23,338 14,710 3 मारुति अर्टिगा (Ertiga) 21,606 16,604 4 मारुति स्विफ्ट (Swift) 21,538 14,190 5 टाटा पंच / पंच EV (Punch / EV) 21,313 10,785 6 मारुति फ्रॉन्क्स (Fronx) 19,473 12,872 7 मारुति बलेनो (Baleno) 18,241 12,503 8 हुंडई क्रेटा / क्रेटा EV (Creta / EV) 18,088 16,898 9 टाटा नेक्सॉन / नेक्सॉन EV (Nexon / EV) 17,471 12,825 10 महिंद्रा स्कॉर्पियो / स्कॉर्पियो N (Scorpio / N) 16,009 13,747 कुल टॉप-10 कारों की कुल बिक्री 2,00,868 1,46,029 ये भी पढ़ें: 15 अगस्त से पहले नई Mahindra Scorpio-N Facelift की मिली झलक, वीडियो में देखें क्या-क्या बदला The post जुलाई 2026 में सबसे ज्यादा बिकीं ये 10 कारें, Maruti के 6 मॉडल्स शामिल, कौन बनी नंबर-1? appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO : वोट किसी को, मुख्यमंत्री कोई और? अनंत सिंह बोले- अब जनता हर चुनाव में देगी जवाब!

Anant Singh Viral Video : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह ने नेतृत्वक बयान देकर बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने कहा कि चुनाव में कोई नेता नहीं जीतता या हारता है. अंतिम फैसला सिर्फ जनता करती है और जनता जिसे चाहती है वही जीतता है. अनंत सिंह ने कहा कि जनता भगवान के समान है और उसके फैसले का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर बीच में हुए बदलाव से लोगों में नाराज़गी है. जनता किसी एक चेहरे को मुख्यमंत्री मानकर वोट देती है और बाद में किसी दूसरे को उस पद पर देखना पसंद नहीं करती. उनके मुताबिक यही असंतोष अब चुनावी नतीजों में दिखाई दे रहा है और आने वाले समय में जहां भी चुनाव होंगे वहां जनता अपने वोट से इसका जवाब देती नजर आ सकती है. देखें वीडियो The post VIDEO : वोट किसी को, मुख्यमंत्री कोई और? अनंत सिंह बोले- अब जनता हर चुनाव में देगी जवाब! appeared first on Naya Vichar.

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‘मनोज तिवारी फ्रॉड आदमी हैं’, विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर का चैलेंज- हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं

Prashant Kishor On Manoj Tiwari: बांकीपुर उपचुनाव जीतकर विधायक बने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने मनोज तिवारी को ‘फ्रॉड आदमी’ बताया और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर खुली चुनौती दे डाली. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मनोज तिवारी खुद को नेता मानते हैं तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं. अगर ऐसा नहीं कर सकते तो बिहार आकर इस तरह की नेतृत्व नहीं करने की कसम खाएं. ‘चुनाव के समय बरसाती मेंढ़क की तरह आते हैं’ एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी केवल चुनाव के समय बिहार आते हैं. पीके ने तंज कसते हुए कहा कि वह ‘बरसाती मेंढ़क’ की तरह सिर्फ चुनाव के मौसम में दिखाई देते हैं. चुनाव खत्म होते ही बिहार की जनता को भूल जाते हैं. भरत तिवारी केस को लेकर दी खुली चुनौती प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मनोज तिवारी में हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी लें. उन्होंने कहा कि अगर न्याय नहीं दिला सकते तो कम से कम यह वादा करें कि आगे बिहार आकर किसी पीड़ित परिवार के नाम पर नेतृत्व नहीं करेंगे. ‘पीड़ित मां को चुनावी प्रचार में घसीटना सबसे घिनौना काम’ पीके ने आरोप लगाया कि एक मां, जिसने अपना बेटा खोया है, उसे चुनावी नेतृत्व का हिस्सा बनाना बेहद शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि किसी की मौत पर वोट मांगना और पीड़ित परिवार को नेतृत्वक हथियार बनाना लोकतंत्र के लिए गलत संदेश देता है. ऐसे काम से नेतृत्व का स्तर गिरता है. ‘जहां-जहां प्रचार किया, भाजपा के वोट कम हुए’ प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी पर तंज कसते हुए दावा किया कि उन्होंने बांकीपुर में जहां-जहां प्रचार किया, वहां भाजपा को फायदा नहीं बल्कि नुकसान हुआ. हर जगह 4 वोट कम ही हुए. उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में लोग मनोज तिवारी के रवैये की आलोचना कर रहे हैं. आखिर मनोज तिवारी ने क्या आरोप लगाया था? बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि पीके ने भरत तिवारी की मां से कहा था कि अगर वह जन सुराज के लिए प्रचार करेंगी, तब उन्हें न्याय दिलाने में वे मदद करेंगे. मनोज तिवारी ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने भरत तिवारी की मां आशा देवी की मुलाकात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कराई थी. इसके बाद मामले में आरोपित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई. क्या है भरत तिवारी एनकाउंटर मामला? 17 जून को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी. परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था. इसके बावजूद पुलिस ने उसे पांच गोलियां मार दीं. मामला बढ़ने के बाद एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई. तत्कालीन थानेदार और एसडीपीओ को भी हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग बनाया गया. हाल ही में इस मामले में एक एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी भी हुई है. फिलहाल जांच जारी है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें महापंचायत में पहुंचे थे प्रशांत किशोर भरत तिवारी की मौत के बाद बिलौटी गांव में महापंचायत हुई थी. इसमें प्रशांत किशोर भी शामिल हुए थे. उन्होंने भरत तिवारी की मां से मुलाकात की थी और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था. यही मामला बाद में बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान नेतृत्वक विवाद का कारण बना. बांकीपुर में भाजपा का गढ़ तोड़कर बने विधायक 3 अगस्त को घोषित बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों में प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज की. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से ज्यादा वोटों से हराया. नितिन नवीन और भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर मिली जीत के बाद प्रशांत किशोर का यह पहला बड़ा नेतृत्वक हमला माना जा रहा है. Also Read: बांकीपुर जीतने के बाद क्या करेंगे प्रशांत किशोर, जानिए जन सुराज का अगला प्लान The post ‘मनोज तिवारी फ्रॉड आदमी हैं’, विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर का चैलेंज- हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं appeared first on Naya Vichar.

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फिल्म इंडस्ट्री में करियर का गोल्डन चांस! ये 8 कोर्स बदल सकते हैं आपकी किस्मत

Film And Television Courses: अगर आपका सपना कैमरे के सामने या पीछे काम करने का है तो आपको फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कोर्स करने होंगे. एक्टिंग, एडिटिंग, सिनेमैटोग्राफी, साउंड डिजाइन या स्क्रिप्ट राइंटिग सीखकर आप फिल्म दुनिया में करियर बना सकते हैं. फिल्म इंडस्ट्री में न सिर्फ कमाई अच्छी होती है बल्कि पहचान भी बनती है. आज के समय में लोग पर्दे के पीछे काम करने वाले व्यक्ति को भी जानना चाहते हैं जैसे कि किसी फिल्म में किसने साउंड एडिटिंग की है या फिर ड्रेस डिजाइन में किसकी भूमिका थी. झारखंड के युवाओं के लिए खुशसमाचारी, जल्द शुरू होगा फिल्म इंस्टीट्यूट बेस्ट बात ये है कि झारखंड के रहने वाले युवा भी आने वाले समय में अपने राज्य में रहते हुए फिल्म और टीवी की दुनिया से जुड़े कोर्स कर पाएंगे झारखंड में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में जल्द ही कई शॉर्ट टर्म प्रोफेशनल कोर्स शुरू होने जा रहे हैं. 22 जुलाई को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) कोलकाता के बीच MOU साइन किया गया है. वहीं संस्थान के ब्लूप्रिंट पर काम किया जा रहा है. फिल्म की दुनिया से जुड़ा कोर्स और करियर ऑप्शन 1.Script Writing अगर आपकी कहानी कहने की कला अच्छी है, तो आप फिल्म, वेब सीरीज और टीवी शो के लिए स्क्रिप्ट राइटर बन सकते हैं. संभावित कमाई: शुरुआत में 30,000 से 80,000 रुपये प्रतिमाह, एक्सपीरियंस राइटर एक प्रोजेक्ट के लाखों रुपये तक चार्ज करते हैं. 2.Acting एक्टिंग कोर्स करने के बाद फिल्म, टीवी सीरियल, वेब सीरीज, थिएटर और विज्ञापनों में काम करने का मौका मिलता है. संभावित कमाई: शुरुआत में 25,000 से 1 लाख रुपये प्रतिमाह, सफल कलाकारों की कमाई इससे कहीं अधिक हो सकती है. 3.Cinematography कैमरे के जरिए फिल्म की पूरी विजुअल क्वालिटी तैयार करने की जिम्मेदारी सिनेमैटोग्राफर की होती है. संभावित कमाई: 50,000 रुपये से लेकर कई लाख रुपये प्रति प्रोजेक्ट. 4.Film Editing एडिटर फिल्म या वीडियो को अंतिम रूप देता है. ओटीटी और यूट्यूब के बढ़ते दौर में एडिटर्स की मांग तेजी से बढ़ी है. संभावित कमाई: 40,000 रुपये से 2 लाख रुपये प्रतिमाह तक. 5.Sound Design फिल्मों, वेब सीरीज और विज्ञापनों में साउंड डिजाइनर की अहम भूमिका होती है. संभावित कमाई: 40,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह. 6.Production प्रोडक्शन टीम पूरे शूट और बजट का प्रबंधन करती है. संभावित कमाई: 35,000 रुपये से 1 लाख रुपये प्रतिमाह. 7.Direction डायरेक्टर किसी भी फिल्म या वेब सीरीज का सबसे अहम हिस्सा होता है. संभावित कमाई: अनुभव बढ़ने के साथ लाखों रुपये प्रति प्रोजेक्ट तक पहुंच सकती है. ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने बढ़ाए अवसर Netflix, Amazon Prime Video, Jio Hotstar, Sony LIV, Zee5 और YouTube जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के विस्तार के बाद फिल्म और कंटेंट इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं. अब सिर्फ मुंबई ही नहीं, देश के अलग-अलग राज्यों में भी फिल्म और वेब कंटेंट का निर्माण हो रहा है. सिर्फ लाइमलाइट नहीं, मजबूत करियर भी इन कोर्सों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें केवल एक्टिंग ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे काम करने वाले कई ऐसे प्रोफेशन शामिल हैं, जिनमें अच्छी सैलरी के साथ लंबे समय तक करियर बनाया जा सकता है. यदि आप क्रिएटिव हैं और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम करने का सपना है तो ये शॉर्ट टर्म कोर्स आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है. ये भी पढ़ें: घर बैठे पाएं पत्रकारिता की डिग्री, देश की इन ओपन यूनिवर्सिटी से करें पढ़ाई The post फिल्म इंडस्ट्री में करियर का गोल्डन चांस! ये 8 कोर्स बदल सकते हैं आपकी किस्मत appeared first on Naya Vichar.

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लखीसराय ट्रेन दुष्कर्म: हाई कोर्ट ने रेलवे को ठहराया जिम्मेदार, 3 लाख रुपये मुआवजे का आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने रेल मंत्रालय की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने NHRC के मुआवजे वाले आदेश को चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति अमित बंसल ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित माहौल देना रेलवे की जिम्मेदारी है. कोर्ट ने माना कि ट्रेन में हुआ सामूहिक दुष्कर्म एक गंभीर और अवांछित घटना है. इसलिए रेलवे पीड़िता को मुआवजा देने से बच नहीं सकता. न्यायमूर्ति अमित बंसल ने कहा कि NHRC का मुआवजा देने का आदेश पूरी तरह सही और कानूनी है. इसमें कोई मनमानी या अवैधता नहीं है. उन्होंने कहा कि आयोग ने मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की शिकार स्त्री को तुरंत आर्थिक सहायता देने की सिफारिश करके अपने अधिकारों का सही इस्तेमाल किया है. पीड़िता वैध टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रही थी 29 जुलाई के अपने आदेश में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि पीड़िता वैध टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रही थी. ऐसे में ट्रेन के अंदर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे की जिम्मेदारी थी. इसलिए इस मामले में रेलवे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता. अदालत ने कहा, ”चूंकि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ट्रेन के एक डिब्बे के भीतर हुई, इसलिए यह रेलवे अधिनियम की धारा 123(ग) के तहत ‘अवांछित घटना’ की परिभाषा में आएगी और रेलवे अधिनियम की धारा 124ए के तहत रेलवे मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होगा.” अदालत ने कहा, ”याचिका में कोई दम नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है.” हाई कोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि मामले के लंबित रहने के दौरान रेलवे की ओर से जमा कराई गई मुआवजा राशि, उस पर अर्जित ब्याज सहित पीड़िता को जारी की जाए. अगस्त 2012 में बिहार के लखीसराय रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-पांच पर खड़ी एक यात्री ट्रेन के डिब्बे में स्त्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. पीड़िता के पिता ने की थी शिकायत पीड़िता के पिता की शिकायत पर NHRC ने अप्रैल 2014 में रेलवे बोर्ड को स्त्री को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया था. रेलवे ने यह कहते हुए फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की कि मुआवजा तय करने का अधिकार केवल रेलवे दावा अधिकरण के पास है. लेकिन NHRC ने यह दलील नहीं मानी और अपने मुआवजे वाले आदेश को बरकरार रखा. The post लखीसराय ट्रेन दुष्कर्म: हाई कोर्ट ने रेलवे को ठहराया जिम्मेदार, 3 लाख रुपये मुआवजे का आदेश appeared first on Naya Vichar.

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FCRA बिल पर विवाद: अमेरिकी सांसद ने बताया ईसाइयों पर हमला, भारत-US रिश्तों पर असर की चेतावनी

विदेशी चंदे से जुड़े कानून ( Foreign Contribution (Regulation) Act, FCRA) में प्रस्तावित बदलावों को लेकर संसद में चल रही बहस के बीच अमेरिकी कांग्रेस सदस्य रिले मूर ने अपनी आपत्ति जताई है. उनका आरोप है कि नए प्रावधानों से प्रशासन को चर्चों और धार्मिक संस्थाओं की गतिविधियों और उनकी संपत्तियों पर अधिक नियंत्रण मिल सकता है. मूर ने FCRA को ईसाई समुदाय पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि यह हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय मुद्दा बन सकता है. सोशल मीडिया पर जताई चिंता रिले मूर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर हिंदुस्तान में ईसाई धर्म के पुराने इतिहास का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि संत थॉमस के मालाबार तट पहुंचने के बाद से हिंदुस्तान में ईसाई समुदाय की मौजूदगी रही है. इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधन प्रशासन को चर्चों और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं से जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने का अधिकार दे सकते हैं. हिंदुस्तान में ईसाई तब से हैं जब हमारे प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान के कुछ ही दशकों बाद सेंट थॉमस द एपोसल मालाबार तट पर आए थे. लेकिन ईसाइयों के इतने लंबे इतिहास के बावजूद, हिंदुस्तान की संसद फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन अमेंडमेंट (FCRA) नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, ताकि प्रशासन चर्चों और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं का नियंत्रण अपने हाथ में ले सके. यह ईसाइयों पर सीधा हमला है. अगर यह बिल इसी तरह आगे बढ़ता है, तो यह हिंदुस्तान के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी चिंता का विषय बन जाएगा- रिले मूर FCRA कानून क्या है? विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA हिंदुस्तान में विदेशी चंदा प्राप्त करने और उसका उपयोग करने वाली संस्थाओं पर लागू होता है. इनमें गैर-प्रशासनी संगठन, धर्मिकथ ट्रस्ट, शैक्षणिक संस्थान और अन्य संगठन शामिल हैं. मौजूदा व्यवस्था के तहत विदेशी चंदा लेने के लिए किसी संस्था को केंद्रीय गृह मंत्रालय से पंजीकरण कराना पड़ता है. यह पंजीकरण पांच साल के लिए मान्य होता है और इसके बाद इसे रिन्यू कराना जरूरी होता है. प्रस्तावित संशोधनों में क्या बदलाव हैं? विधेयक में एक नामित प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव है. इसका गठन केंद्र प्रशासन करेगी. यदि किसी संस्था का FCRA पंजीकरण रद्द हो जाता है, उसकी अवधि खत्म हो जाती है या संस्था खुद पंजीकरण वापस कर देती है, तो यह प्राधिकरण विदेशी चंदे और उससे बनाई गई संपत्तियों का प्रबंधन संभाल सकेगा. 2026 के संशोधित FCRA नियमों में प्रमुख बदलाव पंजीकरण प्रमाणपत्र में संस्था को अपने काम का सटीक उद्देश्य बताना होगा. संस्था किन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में काम करेगी, इसका साफ-साफ जिक्र करना होगा. संस्था के कार्य का उद्देश्य अब किसी व्यापक श्रेणी के बजाय तय अनुसूची में दिए गए विकल्पों से चुना जाएगा. FCRA पंजीकरण के रिन्यू के लिए संस्था को दिखाना होगा कि उसने पिछले दो सालों में कम-से-कम 10 लाख रुपये का विदेशी अंशदान इस्तेमाल किया है. संस्था को यह बताना होगा कि विदेशी धन किस परियोजना और किस गतिविधि पर खर्च किया गया. विदेशी अंशदान देने वाले वास्तविक या अंतिम दाता का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा. संस्था को अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया खातों की पूरी जानकारी वार्षिक रिपोर्ट में शामिल करनी होगी. किस प्रावधान पर हो रहा सबसे अधिक विवाद? सबसे अधिक आपत्ति नामित प्राधिकरण को दिए जाने वाले अधिकारों पर जताई जा रही है. विपक्षी दलों, गैर-प्रशासनी संगठनों और नागरिक समाज से जुड़े समूहों का कहना है कि इससे केंद्र प्रशासन को विदेशी धन पर निर्भर संस्थाओं पर बहुत अधिक नियंत्रण मिल सकता है. धार्मिक संस्थाओं को आशंका है कि अगर उनका पंजीकरण रद्द हुआ या उसका रिन्यू नहीं हुआ, तो विदेशी सहायता से बनाए गए स्कूल, अस्पताल, सामाजिक सेवा केंद्र और दूसरी संपत्तियां प्रशासनी प्रबंधन में जा सकती हैं. प्रशासन ने क्या कहा? प्रशासन ने प्रस्तावित बदलावों का बचाव किया है. केंद्र प्रशासन का कहना है कि इनका उद्देश्य विदेशी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता बढ़ाना, निगरानी व्यवस्था मजबूत करना और संस्थाओं की जवाबदेही तय करना है. प्रशासन के अनुसार, विदेशी चंदे का उपयोग तय उद्देश्यों के लिए हो और धन के दुरुपयोग को रोका जा सके, इसके लिए नियमों को सख्त करना जरूरी है. The post FCRA बिल पर विवाद: अमेरिकी सांसद ने बताया ईसाइयों पर हमला, हिंदुस्तान-US रिश्तों पर असर की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना बीमा वाले गाड़ियों को फ्यूल नहीं देने का सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने नए गाड़ी खरीदने वालों के लिए थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस को लेकर अहम फैसला दिया है. अब नई कार खरीदने पर 4 साल और नया टू-व्हीलर खरीदने पर 6 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस एक साथ लेना होगा.  कोर्ट का कहना है कि इससे बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या कम होगी और सड़क हादसों के पीड़ितों को मुआवजा मिलने में आने वाली परेशानियां भी घटेंगी.  कोर्ट ने बीमा नियामक IRDAI को इस फैसले के अनुसार तुरंत जरूरी निर्देश जारी करने को भी कहा है. क्या बदला है नया नियम? पहले नए गाड़ियों के लिए यह व्यवस्था थी: वाहन पहले अब नई कार 3 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस 4 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नया टू-व्हीलर 5 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस 6 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस यह आदेश जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने दिया. कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक बीमा अनिवार्य रहने से नियमों का पालन बेहतर होगा और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी. कोर्ट ने यह फैसला क्यों लिया? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2018 में दिए गए पुराने आदेश के बावजूद बड़ी संख्या में गाड़ियों आज भी बिना वैध इंश्योरेंस के सड़कों पर चल रहे हैं. कोर्ट ने संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि देश में करीब 56% वाहन बिना वैध बीमा के चल रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कुल 30.48 करोड़ गाड़ियों में से लगभग 16.54 करोड़ गाड़ियों के पास वैध इंश्योरेंस नहीं है. कोर्ट ने माना कि जब किसी दुर्घटना में शामिल गाड़ी का बीमा नहीं होता, तब पीड़ितों को मुआवजा पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. ऐसे में अनिवार्य बीमा अवधि बढ़ाना जरूरी है. बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों पर कैसे होगी नजर? सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ बीमा अवधि बढ़ाने तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि निगरानी मजबूत करने के लिए भी कई सुझाव दिए हैं. हाईवे और सड़कों पर लगे Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों को Insurance Information Bureau और VAHAN पोर्टल से जोड़ा जाए. इससे बिना इंश्योरेंस वाले गाड़ियों की पहचान कर ई-चालान जारी किया जा सकेगा. पुलिसकर्मियों को ऐसे हैंडहेल्ड डिवाइस या ऐप दिए जाएं, जिनसे वे मौके पर ही गाड़ी का इंश्योरेंस स्टेटस जांच सकें. कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में पेट्रोल पंपों को बीमा डेटाबेस से जोड़ने की संभावना पर विचार किया जाए. इससे वैध इंश्योरेंस नहीं होने पर वाहन को फ्यूल देने पर रोक लगाने जैसी व्यवस्था भी बनाई जा सकती है. यह फैसला किस मामले में आया? यह निर्देश नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से दायर मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए. अपील खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मोटर इंश्योरेंस से जुड़े बड़े मुद्दे पर भी चिंता जताई और कहा कि सड़क सुरक्षा तथा दुर्घटना पीड़ितों के हित में बीमा नियमों का सख्ती से पालन होना जरूरी है. कोर्ट ने प्रशासनी आंकड़ों का भी जिक्र किया, जिनके अनुसार 2024 में हिंदुस्तान में 4.87 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई. इसी को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के नियमों का बेहतर पालन कराना समय की जरूरत है. ये भी पढ़ें: प्रशासन लाई नया Tax Amendment Bill, विदेशी निवेश से डिजिटल पेमेंट तक कई नियम बदलने की तैयारी The post थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना बीमा वाले गाड़ियों को फ्यूल नहीं देने का सुझाव appeared first on Naya Vichar.

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दुर्गा पूजा से पहले शुभेंदु अधिकारी देंगे बढ़ा हुआ डीए, नवन्ना ने जारी किये दिशा–निर्देश

कोलकाता : राज्य प्रशासन के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी घोषणा. प्रशासनी आदेशों के अनुसार, महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 1 अक्टूबर, 2026 से वृद्धि की जा रही है. इस संबंध में दिशानिर्देश मंगलवार को नवन्ना से जारी किए गए. 171 प्रतिशत से बढ़ाकर डीए अब  223 प्रतिशत हुआ दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि पूर्व-संशोधित वेतनमान वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 171 प्रतिशत से बढ़ाकर 223 प्रतिशत कर दिया जाएगा. इसी प्रकार, आरओपीए 2009 के तहत पूर्व-संशोधित पेंशन या पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगियों को 1 अक्टूबर, 2026 से 223 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी. पेंशन के 38 प्रतिशत की दर से डीए  इसके अतिरिक्त, दिशा-निर्देशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य प्रशासन के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के मामले में संशोधित पेंशन/पारिवारिक पेंशन के 38 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत प्रदान की जाएगी. दिहाड़ी मजदूरों की दैनिक मजदूरी  बढ़ी इतना ही नहीं, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम जैसे किसी भी कानूनी प्रावधान के अंतर्गत न आने वाले दिहाड़ी मजदूरों की दैनिक मजदूरी में तदर्थ रूप से 110 रुपये की और वृद्धि की गई है. यह वृद्धि भी 1 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होगी.  शुभेंदु अधिकारी ने किया था वादा यहां यह उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले, शुभेंदु अधिकारी भवानी भवन में आयोजित राज्य पुलिस के एक कार्यक्रम में गए थे. वहां से उन्होंने घोषणा की कि अक्टूबर माह के लिए 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और अग्रिम वेतन देने का निर्णय लिया गया है.   पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बढ़ा हुआ वेतन पूजा से पहले पश्चिम बंगाल ने पहले ही सूचित कर दिया था कि 20 प्रतिशत की बढ़ी हुई महंगाई भत्ता राशि अक्टूबर से प्रभावी होगी. इसके परिणामस्वरूप, प्रशासनी कर्मचारियों के वेतन में पूजा माह में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. Also Read: उत्तर बंगाल में पर्यटन को नयी उड़ान, सैंडकफू में बनेंगे पर्यावरण अनुकूल 10 कंटेनर होम The post दुर्गा पूजा से पहले शुभेंदु अधिकारी देंगे बढ़ा हुआ डीए, नवन्ना ने जारी किये दिशा–निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं, घर पर ऐसे तैयार करें सिंघाड़े का आटा

Singhara Atta Recipe: सिंघाड़े का आटा व्रत के दौरान खाए जाने वाले आहार में काफी पसंद किया जाता है. इससे पूरी, चीला, पकौड़ी और हलवा जैसी कई चीजें बनाई जाती हैं. बाजार में सिंघाड़े का आटा आसानी से मिल जाता है, लेकिन अगर आप चाहें तो इसे घर पर भी बड़ी आसानी से तैयार कर सकती हैं. घर पर आटा बनाने का फायदा यह है कि आपको इसकी साफ-सफाई और क्वालिटी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती. आइए जानते हैं घर पर सिंघाड़े का आटा बनाने का आसान तरीका.  PC: Social Media सिंघाड़े का आटा बनाने के लिए क्या चाहिए? घर पर सिंघाड़े का आटा तैयार करने के लिए आपको सिर्फ सूखे सिंघाड़े की जरूरत होगी. इसके अलावा साफ पानी और एक अच्छी तरह सूखा हुआ मिक्सर या ग्राइंडर चाहिए. सिंघाड़े खरीदते समय ध्यान रखें कि वे अच्छे से सूखे हुए हों और उनमें नमी या किसी तरह की गंदगी न हो.  Singhara Atta Recipe: सबसे पहले सिंघाड़ों को साफ करें सबसे पहले सूखे सिंघाड़ों को अच्छी तरह देख लें. अगर उनमें धूल-मिट्टी लगी है तो उसे साफ कपड़े से पोंछ लें. चाहें तो सिंघाड़ों को जल्दी से पानी से धो सकती हैं, लेकिन इसके बाद उन्हें अच्छी तरह सुखाना जरूरी है. आटा बनाने के लिए सिंघाड़ों में बिल्कुल भी नमी नहीं रहनी चाहिए.  सिंघाड़ों को अच्छी तरह सुखाएं अगर आपने सिंघाड़ों को पानी से धोया है, तो उन्हें साफ कपड़े या प्लेट पर फैलाकर पूरी तरह सूखने दें. आप इन्हें कुछ घंटों के लिए धूप में भी रख सकती हैं. सिंघाड़े जितने अच्छे से सूखेंगे, उन्हें पीसना उतना ही आसान होगा और आटा भी ज्यादा समय तक ठीक रह सकता है.  मिक्सर में पीसकर तैयार करें आटा जब सिंघाड़े पूरी तरह सूख जाएं, तो उन्हें मिक्सर जार में डालें. अब इन्हें धीरे-धीरे पीसकर बारीक पाउडर बना लें. एक बार में बहुत ज्यादा सिंघाड़े डालने की बजाय थोड़ी मात्रा में पीसना बेहतर रहेगा. इससे आटा ज्यादा बारीक तैयार होगा. सिंघाड़ों को पीसने के बाद तैयार पाउडर को बारीक छलनी से छान लें. इससे आटे (Singhara Atta Recipe) में मौजूद मोटे टुकड़े अलग हो जाएंगे. जो टुकड़े छलनी में बच जाएं, उन्हें दोबारा मिक्सर में पीसकर फिर से छान सकती हैं. इस तरह आपको एकदम बारीक और मुलायम सिंघाड़े का आटा मिल जाएगा.  यह भी पढ़ें: सावन में घर पर बनाएं शिवजी के लिए ये आसान भोग, घर की चीजों से झटपट करें तैयार The post बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं, घर पर ऐसे तैयार करें सिंघाड़े का आटा appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: ‘खिलाड़ियों के लिए एक ट्वीट भी नहीं…’ विजेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

हिंदुस्तान के दिग्गज मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि देश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान नेतृत्वक मतभेदों से ऊपर उठकर होना चाहिए. विजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर राहुल गांधी और कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अक्सर देश के युवाओं की बात करती है, लेकिन ग्लास्गो राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स 2026 में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद अब तक राहुल गांधी या पार्टी की ओर से खिलाड़ियों को बधाई देने वाला कोई संदेश या पोस्ट सामने नहीं आया है. उन्होंने लिखा, “राहुल गांधी जी और कांग्रेस पार्टी अक्सर देश के युवाओं की बात करते हैं, लेकिन अब तक हिंदुस्तान के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर आपकी ओर से एक भी बधाई संदेश या ट्वीट नहीं आया. जब देश के युवा तिरंगा ऊंचा कर रहे हैं, तब नेतृत्व से ऊपर उठकर उनका हौसला बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है.” हिंदुस्तान ने जीते 39 पदक ग्लास्गो राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स 2026 में हिंदुस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा. हिंदुस्तानीय मुक्केबाजी टीम ने भी इतिहास रचते हुए 10 पदक (7 स्वर्ण और 3 रजत) अपने नाम किए. विजेंदर सिंह ने इससे पहले भी हिंदुस्तानीय बॉक्सरों की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा था कि टीम ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. लवलीना ने रचा इतिहास इस अभियान में लवलीना बोरगोहेन ने भी बड़ी उपलब्धि हासिल की. वह विजेंदर सिंह और एमसी मैरी कॉम के बाद ओलंपिक, राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स और एशियाई स्पोर्ट्सों तीनों में पदक जीतने वाली हिंदुस्तान की तीसरी मुक्केबाज बनीं. विजेंद्र सिंह स्वयं हिंदुस्तान के सबसे सफल मुक्केबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर हिंदुस्तान को मुक्केबाजी में पहला ओलंपिक पदक दिलाया था. उनके नाम एक ओलंपिक पदक, तीन राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स पदक और दो एशियाई स्पोर्ट्स पदक दर्ज हैं. ये भी पढ़ें: CWG 2026: सिल्वर गर्ल ज्ञानेश्वरी यादव को DSP पद पर प्रमोशन, CM विष्णु देव साय ने दिया 30 लाख का इनाम The post CWG 2026: ‘खिलाड़ियों के लिए एक ट्वीट भी नहीं…’ विजेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना appeared first on Naya Vichar.

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