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August 5, 2026

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बांकीपुर में हार के बाद BJP में मंथन शुरू, CM सम्राट चौधरी अचानक पहुंचे प्रदेश कार्यालय, बंद कमरे में चल रही है बैठक

Bihar BJP Meeting: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को अचानक भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे. यहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ वे बैठक कर रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष समेत कई बड़े नेता मौजूद बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद हैं. मुख्यमंत्री के अचानक प्रदेश कार्यालय पहुंचने को नेतृत्वक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों की विस्तार से समीक्षा की जा रही है. हार की वजह तलाश रही BJP बताया जा रहा है कि बैठक में चुनावी हार के कारणों पर गंभीर चर्चा हो रही है. पार्टी यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन वजहों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके. बूथ स्तर के प्रदर्शन, वोटों के अंतर और चुनावी रणनीति की समीक्षा की जा रही है. साथ ही कार्यकर्ताओं की भूमिका और संगठन की सक्रियता पर भी चर्चा हो रही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें बूथ-बूथ की रिपोर्ट पर हो रहा मंथन सूत्रों के अनुसार, बैठक में हर बूथ की रिपोर्ट पर नजर डाली जा रही है. जिन इलाकों में पार्टी कमजोर रही, वहां के कारणों को समझने की कोशिश हो रही है. यह भी देखा जा रहा है कि प्रचार अभियान के दौरान उठाए गए मुद्दों का मतदाताओं पर कितना असर पड़ा और किन क्षेत्रों में संगठन की पकड़ कमजोर रही. CM सम्राट ले रहे जमीनी फीडबैक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद नेताओं और पदाधिकारियों से चुनाव का फीडबैक ले रहे हैं. बैठक में यह भी चर्चा हो रही है कि चुनाव के दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा. भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाए, इस पर भी मंथन जारी है. संगठन में बदलाव पर भी हो सकती है चर्चा उपचुनाव के नतीजों के बाद भाजपा के भीतर संगठन को और मजबूत करने की चर्चा तेज हो गई है. माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती है. बूथ मैनेजमेंट और मतदाताओं से बेहतर संपर्क को लेकर भी नए सिरे से योजना बनाई जा सकती है. आधिकारिक बयान का इंतजार फिलहाल भाजपा की यह बैठक जारी है. पार्टी की ओर से अब तक बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में सभी की नजर इस बैठक के बाद होने वाले फैसलों और पार्टी की अगली रणनीति पर टिकी हुई है. Also Read: ‘मनोज तिवारी फ्रॉड आदमी हैं’, विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर का चैलेंज- हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं The post बांकीपुर में हार के बाद BJP में मंथन शुरू, CM सम्राट चौधरी अचानक पहुंचे प्रदेश कार्यालय, बंद कमरे में चल रही है बैठक appeared first on Naya Vichar.

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Honda Dio 125 का H-Smart वेरिएंट है कितना स्मार्ट? खरीदने से पहले जानें इसमें क्या-क्या मिलता है

Honda Dio 125 को कंपनी दो वेरिएंट्स- STD और H-Smart में बेचती है. इनमें H-Smart की कीमत थोड़ी ज्यादा है, लेकिन इसके बदले आपको कुछ ज्यादा सुविधाएं भी मिलती हैं. इसमें की-लेस (चाबी के बिना) स्टार्ट सिस्टम जैसी सुविधा दी गई है. यानी आपको बार-बार चाबी लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे स्कूटर चलाना ज्यादा आसान हो जाता है. अगर आप भी Honda Dio 125 का H-Smart वेरिएंट खरीदने की सोच रहे हैं, तो आइए बिना देर किए जानते हैं कि इसमें आपको कौन-कौन से खास फीचर्स मिलते हैं. Honda Dio 125 H-Smart: डिजाइन  अगर लुक्स की बात करें, तो Dio 125 H-Smart और स्टैंडर्ड Dio 125 में कोई बड़ा फर्क नजर नहीं आता. दोनों स्कूटर में वही शार्प LED हेडलाइट, स्पोर्टी डिजाइन और 6 कलर ऑप्शन मिलते हैं. यानी पहली नजर में दोनों लगभग एक जैसे दिखते हैं. Photo: honda2wheelersindia.com Honda Dio 125 H-Smart: फीचर्स Honda ने H-Smart वेरिएंट में सबसे बड़ा बदलाव इसकी चाबी को लेकर किया है. इसमें अब नॉर्मल चाबी की जगह Remote Smart Key मिलती है. यानी स्कूटर को लॉक या अनलॉक करने, पार्किंग में ढूंढ़ने और स्टार्ट करने के लिए आपको जेब से चाबी निकालने की भी जरूरत नहीं पड़ती. इतना ही नहीं, Honda के ऐप से कनेक्ट करने पर इसमें Bluetooth कनेक्टिविटी और नेविगेशन जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं, जिन्हें TFT डिस्प्ले पर देखा जा सकता है. हालांकि, इस वेरिएंट में एक छोटा-सा समझौता भी करना पड़ता है. H-Smart में किक स्टार्ट नहीं मिलता और इसे केवल सेल्फ-स्टार्ट से ही चालू किया जा सकता है. सेफ्टी और ब्रेकिंग  ब्रेकिंग के लिए Honda H-Smart में आगे 190mm का डिस्क ब्रेक और पीछे 130mm का ड्रम ब्रेक मिलता है. वहीं, इसमें आगे 90/90-12 और पीछे 90/100-10 साइज के ट्यूबलेस टायर दिए गए हैं. इंजन और परफॉर्मेंस इस स्कूटर में 123.92cc का एयर-कूल्ड इंजन मिलता है, जो 8.31PS की पावर और 10.5Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसके साथ ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया गया है. इतना ही नहीं, अगर कभी-कभार हाईवे पर भी निकलना पड़े, तो यह इंजन वहां भी अच्छी परफॉर्मेंस देने में माहिल है. खास बात यह है कि इसमें 5.3 लीटर का फ्यूल टैंक मिलता है, जो स्टैंडर्ड मॉडल जितना ही बड़ा है. ये भी पढ़ें: Suzuki Access 125 का सबसे सस्ता मॉडल खरीदें या नहीं? जानें कौन-से फीचर्स मिलते हैं और क्या छूट जाता है The post Honda Dio 125 का H-Smart वेरिएंट है कितना स्मार्ट? खरीदने से पहले जानें इसमें क्या-क्या मिलता है appeared first on Naya Vichar.

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छात्रों के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, कहा- हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता ; प्रशासन को धैर्य से काम लेना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन से निपटते समय प्रशासन को धैर्य और संयम से काम लेना चाहिए. अदालत ने कहा कि हिंसा रोकने के लिए हिंसक कार्रवाई करने से हालात और बिगड़ सकते हैं. युवाओं की बात सुनना और उनकी नाराजगी की वजह समझना ही समस्या का बेहतर समाधान है. प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में CJP के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और पथराव के आरोपों से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इसी दौरान अदालत ने प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी अहम टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी दूसरी लंबित याचिकाओं के साथ एक साथ की जाएगी. इससे सभी जुड़े मुद्दों पर एक साथ विचार किया जा सकेगा. “लोकतंत्र में शांतिपूर्ण मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रशासन को भी संयम बरतना चाहिए. अधिकारियों को बहुत सावधानी से काम लेना होगा, ताकि युवा हिंसा की राह पर न जाएं. हिंसा का जवाब हिंसा से देने पर हालात और बिगड़ेंगे. सबसे जरूरी है कि युवाओं की बात सुनी जाए और यह समझा जाए कि वे आखिर किस वजह से आंदोलन कर रहे हैं.” – प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ये भी पढ़ें: JPSC Scam: भारी बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे सोया रहा रामगढ़ का ब्रह्मानंद, 5 और छात्र भूख हड़ताल पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे कानून लागू करने वाली एजेंसियों के फैसलों पर भरोसा है. कोर्ट ने कहा, “हालात से कैसे निपटना है, यह कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियां बेहतर जानती हैं. हमने आपकी बात सुन ली है. अब अगली सुनवाई में इस मामले पर विचार करेंगे और केंद्र प्रशासन का पक्ष भी सुनेंगे.” The post छात्रों के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, कहा- हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता ; प्रशासन को धैर्य से काम लेना चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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CJP का भविष्य तय करने के लिए महाराष्ट्र में जुटे शीर्ष नेता, सौरव दास ने कहा-राजनीतिक पार्टी बनाना फिलहाल मकसद नहीं

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शीर्ष नेताओं की महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर(औरंगाबाद) में बैठक हो रही है. इस बैठक का उद्देश्य मूवमेंट का भविष्य तय करना है. पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने देर रात मीडिया से बात करते हुए कहा था कि हम यहां जमा हुए हैं, चिंतन के लिए ताकि जो लोग हमें सपोर्ट कर रहे हैं उन्हें निराश ना होना पड़े. नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ शुरू हुआ था मूवमेंट कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत देश के चीफ जस्टिस की एक टिप्पणी के बाद हुई थी. इसका उद्देश्य युवाओं के मुद्दों खासकर नीट परीक्षा की गड़बड़ियों के खिलाफ युवाओं को एकजुट करना था, ताकि देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव हो सके. जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन और उसके वजह से मिले जनसमर्थन के बाद आंदोलन के लोग उत्साहित हैं और इसी वजह से वे अपना भविष्य तय करना चाह रहे हैं. सीजेपी के सभी शीर्ष नेता रहेंगे उपस्थित बुधवार और गुरुवार को हो रही इस मीटिंग में CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके, मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता वैष्णवी गौर सहित पार्टी के सभी वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहेंगे. मीटिंग से पहले मीडिया से बात करते हुए सौरव दास ने कहा कि हमें जो जनसमर्थन मिला है, उसके बाद हमें अपनी आगे की रणनीति और पार्टी की दिशा तय करनी होगी. हम यह कोशिश करेंगे कि हम अपनी संस्था को ग्रासरूट लेवल तक लेकर जाएं, क्योंकि हमें उसी तरह का जनसमर्थन मिला है. भविष्य का रोडमैप इस मीटिंग में तय होगा. फिलहाल नेतृत्व में आना मकसद नहीं सौरव दास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश में कई नेतृत्वक पार्टियां हैं. 600-700 नेतृत्वक दल होने के बाद भी जनता के पास अनगिनत दर्द, तकलीफ और परेशानी है. इसी वजह से हम फिलहाल नेतृत्वक दल के रूप में काम नहीं करना चाह रहे हैं. हम अपने आंदोलन को जमीनी स्तर तक लेकर जाएंगे, ताकि जनता की तकलीफें दूर हों. अभिजीत दीपके ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि इस मीटिंग का उद्देश्य कॉकरोच जनता पार्टी के लिए एजेंडा बनाना और इस बात पर चर्चा करना होगा कि हम इस सामाजिक आंदोलन को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं. ये भी पढ़ें : Parliament Live : अमित शाह के बयान की मांग पर सदन में हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित The post CJP का भविष्य तय करने के लिए महाराष्ट्र में जुटे शीर्ष नेता, सौरव दास ने कहा-नेतृत्वक पार्टी बनाना फिलहाल मकसद नहीं appeared first on Naya Vichar.

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संसद में हंगामा : राहुल गांधी से किरण रिजिजू की वन-टू-वन बैठक, क्या बिना बाधा के चलेगी संसद?

गृह मंत्री अमित शाह से राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर बयान की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने बुधवार को लोकसभा में जोरदार हंगामा किया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामा बढ़ने पर अध्यक्ष ने महज एक मिनट के भीतर ही लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच प्रशासन और विपक्ष के बीच बातचीत की कोशिशें तेज हो गई हैं. इसी सिलसिले में सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. संसद परिसर में हुई इस बैठक को गतिरोध खत्म करने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है. हालांकि इस मुलाकात के बाद भी सदन में हंगामा जारी है. संसद परिसर स्थित नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं.  प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके लोकसभा में बुधवार को विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके. जैसे ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू कराई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी. वे अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहे थे. लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बाधित रही. ओम बिरला ने आसन के पास आकर नारे लगा रहे और पोस्टर लहरा रहे सदस्यों से कहा, ”सदन के अंदर या बाहर नारेबाजी लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है. आप नियोजित तरीके से पोस्टरबाजी करके और प्रदर्शन करके सदन की गरिमा को गिराना चाहते हैं.” ओम बिरला ने सांसदों से क्या की अपील लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा कर रहे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसमें सभी सांसदों को जनता से जुड़े सवाल उठाने का अवसर मिलना चाहिए. बिरला ने आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद वे विपक्ष के सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे, लेकिन इसके बावजूद सदन में हंगामा जारी रहा. 13वें दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण आज लगातार 13वें दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके. The post संसद में हंगामा : राहुल गांधी से किरण रिजिजू की वन-टू-वन बैठक, क्या बिना बाधा के चलेगी संसद? appeared first on Naya Vichar.

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कभी बनीं टीवी की प्रिंसेस, फिर विराट कोहली के लाइक से चर्चा में आईं, डेब्यू फिल्म में ही 27 साल बड़े एक्टर को किया KISS

Avneet Kaur: टीवी की दुनिया में कई ऐसे कलाकार आते हैं, जो अपने मासूम किरदारों से दर्शकों के दिल में खास जगह बना लेते हैं. लेकिन कुछ सितारे ऐसे भी होते हैं, जो समय के साथ खुद को पूरी तरह बदलकर अपनी अलग पहचान बनाते हैं. अवनीत कौर भी उन्हीं कलाकारों में से एक हैं. कभी टीवी की प्यारी और मासूम प्रिंसेस के रूप में पहचानी जाने वाली अवनीत अब बेहद ग्लमैरस, बोल्ड हो गई है. डांस रियलिटी शो से शुरू हुआ था सफर अवनीत कौर ने अपने करियर की शुरुआत एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर की थी. उन्होंने रियलिटी शो में अपने डांस टैलेंट को दिखाया और यहीं से उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिलनी शुरू हुई. इसके बाद अवनीत ने टीवी शोज में छोटे-छोटे किरदार निभाने शुरू किए. अवनीत के करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने फैंटेसी शो ‘अलादीन – नाम तो सुना होगा’ में प्रिंसेस यास्मीन का किरदार निभाया. लंबे बाल, ट्रेडिशनल आउटफिट, हल्का मेकअप और एक प्यारी और दयालु लड़की की छवि में वह बिल्कुल एक परफेक्ट राजकुमारी जैसी लगती थीं. View on Instagram मासूम प्रिंसेस से बनीं ग्लैमरस स्टार प्रिंसेस यास्मीन के किरदार से लोकप्रियता हासिल करने के बाद अवनीत कौर ने शो छोड़ दिया और कुछ समय के लिए लाइमलाइट से दूरी बना ली. जब अवनीत ने दोबारा वापसी की तो उनका बदला हुआ अंदाज देखकर फैंस भी हैरान रह गए. उनका नया हेयरस्टाइल, फिटनेस, स्टाइलिश लुक और कॉन्फिडेंट पर्सनैलिटी पहले से काफी अलग थी. जो लड़की कभी टीवी पर मासूम प्रिंसेस के रूप में नजर आती थी, वही अब काफी ग्लैमरस बन चुकी थी. View on Instagram अवनीत कौर की तस्वीर पर विराट कोहली के लाइक ने खींचा ध्यान अवनीत कौर की एक सोशल मीडिया पोस्ट उस समय काफी चर्चा में आ गई थी, जब हिंदुस्तानीय क्रिकेटर विराट कोहली का लाइक उससे जुड़ गया था. अवनीत ने ग्रीन क्रॉप टॉप और प्रिंटेड रैप स्कर्ट में अपनी कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की थीं. फैंस की नजर जल्द ही इस बात पर गई कि विराट कोहली ने अवनीत की इस पोस्ट को लाइक किया था. हालांकि, कुछ समय बाद यह लाइक हट गया. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर तरह-तरह के रिएक्शन दिए और कई मीम्स भी वायरल होने लगे. बढ़ती चर्चा के बीच विराट ने खुद इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए इस मामले पर सफाई दी. उन्होंने लिखा, मैं यह साफ करना चाहता हूं कि जब मैं अपना फीड क्लियर कर रहा था, तब ऐसा लगता है कि एल्गोरिदम की वजह से गलती से एक इंटरैक्शन दर्ज हो गया. इसके पीछे कोई इरादा नहीं था. मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि इस पर बेवजह कोई अनुमान न लगाएं. आपकी समझ के लिए धन्यवाद. डेब्यू फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ दिखाया था बोल्ड अंदाज अवनीत कौर की डेब्यू फिल्म ‘टिकू वेड्स शेरू’ थी, जिसमें उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम किया था. अवनीत ने इस फिल्म में अपने से करीब 27 साल बड़े नवाजुद्दीन के साथ स्क्रीन शेयर की थी. फिल्म में दोनों के बीच एक किसिंग सीन भी था, जिसकी रिलीज के समय काफी चर्चा हुई थी. View on Instagram ये भी पढ़ें: Avneet Kaur Net Worth: शुभमन गिल की रूमर्ड गर्लफ्रेंड अवनीत कौर हैं करोड़ों की मालकिन, लग्जरी लाइफस्टाइल देख उड़ जाएंगे होश The post कभी बनीं टीवी की प्रिंसेस, फिर विराट कोहली के लाइक से चर्चा में आईं, डेब्यू फिल्म में ही 27 साल बड़े एक्टर को किया KISS appeared first on Naya Vichar.

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RBI MPC Meeting: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 5.25% पर बरकरार, महंगाई और ग्लोबल संकट पर नजर

महंगाई और दुनियाभर में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला लिया है. इसके साथ ही RBI ने अपना रुख न्यूट्रल (Neutral) रखा है. यानी केंद्रीय बैंक आने वाले समय में आर्थिक हालात को देखकर ही ब्याज दरों को लेकर कोई फैसला करेगा. RBI ने स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट व बैंक रेट 5.25% पर ही बनाए रखा है. RBI ने ब्याज दरों में बदलाव क्यों नहीं किया? RBI की MPC बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत होकर पॉलिसी रेट को स्थिर रखने का फैसला लिया. केंद्रीय बैंक के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं. पश्चिम एशिया में जारी तनाव से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. कमजोर मानसून की आशंका से आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजों की कीमत बढ़ने का खतरा है. रुपये की कमजोरी और ग्लोबल मार्केट की अनिश्चितता पर भी RBI नजर बनाए हुए है. RBI का मानना है कि फिलहाल महंगाई का रास्ता संभला हुआ है, लेकिन आगे के जोखिमों को देखते हुए जल्दबाजी में कोई कदम उठाना सही नहीं होगा. क्या आम लोगों की EMI पर पड़ेगा असर? रेपो रेट में बदलाव नहीं होने से होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में तुरंत बदलाव की संभावना कम है. रेपो रेट वही दर होती है जिस पर RBI बैंकों को पैसा देता है. इसमें बदलाव होने पर अक्सर बैंकों की लोन दरें भी प्रभावित होती हैं. लेकिन इस बार दर स्थिर रहने से कर्ज लेने वालों को राहत और नई EMI में बदलाव की संभावना नहीं दिख रही है. RBI को विदेशी निवेश और डॉलर फ्लो से मिली राहत? RBI को विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत करने में मदद मिल रही है. इस साल केंद्रीय बैंक ने बैंकों को FCNR (B) यानी फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट डिपॉजिट जुटाने के लिए खास सुविधा दी थी. ताजा आंकड़ों के मुताबिक FCNR (B) डिपॉजिट, विदेशी मुद्रा उधारी और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स के जरिए कुल 40.81 अरब डॉलर जुटाए गए हैं. इससे रुपये को स्थिर रखने में मदद मिली है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि रुपये में स्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा तेजी नहीं होने से RBI पर तुरंत सख्त कदम उठाने का दबाव कम हुआ है. आगे RBI किन बातों पर रखेगा नजर? गोल्डमैन सैक्स के इंडिया इकोनॉमिस्ट शांतनु सेनगुप्ता के मुताबिक RBI आगे भी सतर्क रुख अपना सकता है. खासकर एल नीनो से जुड़े मौसम जोखिम और पश्चिम एशिया के तनाव पर नजर रहेगी. वहीं SBM बैंक (इंडिया) के मंदार पितले ने कहा कि मौजूदा हालात में RBI का फोकस ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा. SBI के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्य कांति घोष के अनुसार, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये पर दबाव और महंगाई को देखते हुए RBI ज्यादा नरम रुख दिखाने से बच सकता है. ये भी पढ़ें: RBI पॉलिसी से पहले बाजार में तेजी, सेंसेक्स 626 अंक चढ़ा, निफ्टी भी मजबूत The post RBI MPC Meeting: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 5.25% पर बरकरार, महंगाई और ग्लोबल संकट पर नजर appeared first on Naya Vichar.

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Parliament Live : अमित शाह के बयान की मांग पर लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही शुरू होते ही दोपहर 2 बजे तक स्थगित

Parliament Live Updates: संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध के बीच प्रशासन और विपक्ष के बीच बातचीत की पहल तेज हो गई है. इसी कड़ी में बुधवार को (5 अगस्त) केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की. संसद के हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ. The post Parliament Live : अमित शाह के बयान की मांग पर लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही शुरू होते ही दोपहर 2 बजे तक स्थगित appeared first on Naya Vichar.

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क्या जाएगी अजित अगरकर की कुर्सी? इस दिग्गज के हाथ आ सकती है टीम इंडिया की कमान

VVS Laxman BCCI Chief Selector: टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख रह चुके वीवीएस लक्ष्मण को हिंदुस्तानीय सीनियर चयन समिति के अगले चेयरमैन के तौर पर देखा जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर की जगह लक्ष्मण के नाम पर विचार कर सकता है. हालांकि इस मामले में हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. ऐसे में यह फैसला आने वाले समय में बोर्ड की बैठक और चयन प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. अजित अगरकर के भविष्य को लेकर उठे सवाल अजित अगरकर ने 2023 में हिंदुस्तानीय सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी. उनके कार्यकाल में टीम इंडिया ने कई बड़े टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की और युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी. हालांकि कुछ हालिया फैसलों और टीम संयोजन को लेकर चर्चाओं के बीच उनके पद को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. इससे पहले ऐसी रिपोर्ट्स भी सामने आई थीं कि बीसीसीआई निरंतरता बनाए रखने के लिए अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा था. चयन समिति पर फैसला आसान नहीं अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति के कार्यकाल में हिंदुस्तानीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है. इस दौरान टीम इंडिया ने तीन बड़ी आईसीसी ट्रॉफियां अपने नाम कीं, जिसमें दो टी-20 विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी शामिल है. इन उपलब्धियों को देखते हुए अगरकर की स्थिति अभी पूरी तरह कमजोर नहीं मानी जा सकती. हालांकि भविष्य को लेकर अंतिम फैसला टीम के प्रदर्शन और आगे की रणनीति को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा. क्यों वीवीएस लक्ष्मण का नाम चर्चा में? वीवीएस लक्ष्मण हिंदुस्तानीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद चेहरों में शामिल रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कोचिंग और खिलाड़ी विकास से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं. एनसीए प्रमुख के तौर पर उन्होंने युवा खिलाड़ियों के साथ लंबे समय तक काम किया है. चयनकर्ता की भूमिका में लक्ष्मण के पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट और युवा प्रतिभाओं को पहचानने का भी अनुभव होगा. यही वजह है कि उनका नाम इस पद के लिए मजबूत दावेदारों में शामिल माना जा रहा है. चयन समिति में बदलाव का क्या होगा असर? अगर बीसीसीआई वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता नियुक्त करता है तो टीम इंडिया के भविष्य की योजनाओं पर इसका असर पड़ सकता है. खासकर 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए चयन समिति को अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व की जरूरत होगी. लक्ष्मण के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि वह सीनियर खिलाड़ियों और उभरती प्रतिभाओं के बीच संतुलन बनाएं. इसके अलावा अलग-अलग फॉर्मेट के लिए खिलाड़ियों के चयन की रणनीति भी अहम होगी. अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार फिलहाल वीवीएस लक्ष्मण को लेकर चल रही चर्चा केवल रिपोर्ट्स और अटकलों पर आधारित है. बीसीसीआई की ओर से अंतिम फैसला आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि हिंदुस्तानीय क्रिकेट की चयन समिति की कमान किसके हाथों में होगी. इसे भी पढ़े- यश दयाल-शशांक सिंह के बाद इन 2 खिलाड़ियों ने भी बदली घरेलू टीम, जानें क्या है इसके पीछे की वजह The post क्या जाएगी अजित अगरकर की कुर्सी? इस दिग्गज के हाथ आ सकती है टीम इंडिया की कमान appeared first on Naya Vichar.

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जेपीएससी अनियमितता: छात्रों के दस्तावेज और चेक कोचिंग संचालकों के पास कैसे पहुंचे, सीआइडी कर रही जांच

JPSC Exam Irregularities : जेपीएससी की विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित अनियमितता की जांच कर रही सीआइडी ने सोमवार को पांच जिलों के 18 स्थानों पर छापेमारी में मिले दस्तावेजों के आधार पर पूछताछ तेज कर दी है. सीआइडी ने कथित रूप से कोचिंग संचालक आदित्य पांडेय को धनबाद तथा हजारीबाग से लालू यादव और प्रदीप यादव को पूछताछ के लिए पकड़ा है. इसके अलावा टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी और जेपीएससी के प्रोग्रामर उस्मान से भी पूछताछ की गयी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीआइडी की टीम छापेमारी के दौरान बरामद ब्लैंक चेक और अभ्यर्थियों के दस्तावेज के बारे में जानकारी ले रही है. पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ब्लैंक चेक किसके थे और इन्हें किन कारणों से लिया गया था. जांच टीम यह भी जानना चाहती है कि अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, मार्कशीट, ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी और अन्य दस्तावेज आरोपियों के ठिकानों पर क्यों रखे गये थे. कोचिंग संस्थानों की भूमिका की जांच सीआईडी कोचिंग संस्थानों में होनेवाली गतिविधियों और टीडीपीएल कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों के स्तर पर यह जानकारी जुटायी जा रही है कि कोचिंग सेंटर में अभ्यर्थियों से किस तरह का काम कराया जाता था और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ उनका संपर्क कैसे था. जांच टीम यह भी पता कर रही है कि किन अभ्यर्थियों ने आरोपियों को चेक दिये थे. नौकरी के बाद भुगतान की आशंका पूछताछ में इस बिंदु पर भी फोकस है कि क्या कुछ अभ्यर्थियों से नौकरी मिलने के बाद पैसे या जमीन देने का वादा लिया गया था. बरामद कागजात और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर लेन-देन की संभावित कड़ियों को जोड़ा जा रहा है. सीआइडी यह भी जांच रही है कि जमीन से जुड़े दस्तावेज किन अभ्यर्थियों के है और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था. सूत्रों के अनुसार कई ब्लैक चेक सीआईडी को मिले हैं. इसकी जांच हो रही है. पर सीआइडी ने इस संबंध में किसी भी जानकारी की पुष्टि नहीं की है. पूछताछ के बाद आगे बढ़ेगी जांच सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होगी. बयानों का मिलान छापेमारी में बरामद चेक, बैंक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अभ्यर्थियों के कागजात से किया जायेगा. इसके आधार पर सीआईडी आगे की कार्रवाई और अन्य संदिग्धों की भूमिका तय करेगी. छापेमारी और पूछताछ को लेकर सीआईडी ने अब तक आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है. परीक्षा अनियमितता मामले में बड़ी कार्रवाई झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग सीआइडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में तीन लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार किया. इनका नाम उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार है. सीआइडी ने बताया कि यह कार्रवाई कांड संख्या 16-26 के तहत प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर की गयी है. जांच में डिजिटल साक्ष्य और अभिलेखीय साक्ष्य भी बरामद किये गये हैं. इसे भी पढ़ें: साहिबगंज डिस्ट्रिक्ट जेल में 9 महीने 20 दिन रहा था गैंगस्टर सुजीत सिन्हा, स्पेशल सेल में होती थी विशेष निगरानी इसे भी पढ़ें: 50 लाख की ठगी मामले में कोडरमा पुलिस की कार्रवाई, फरार आरोपियों के घर पुलिस ने चिपकाया इश्तेहार The post जेपीएससी अनियमितता: छात्रों के दस्तावेज और चेक कोचिंग संचालकों के पास कैसे पहुंचे, सीआइडी कर रही जांच appeared first on Naya Vichar.

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