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September 2, 2026

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PHOTOS: उत्तर बंगाल में मूसलाधार बारिश, दार्जिलिंग में इंजन पर गिरा लोको शेड, 8 घायल कर्मचारियों ने दिखाया साहस

Darjeeling News: लगातार हो रही बारिश के बीच उत्तर बंगाल में बुधवार को दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन के लोकोशेड का एक हिस्सा ढह गया. इसमें रेलवे के 8 कर्मचारी घायल हो गये. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) के अधिकारी के अनुसार, प्रभावित कर्मियों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करायी गयी है. उन्होंने बताया कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आयी. टॉय ट्रेन के भाप इंजन पर गिरे लोहे के मलबों को हटाने में जुटा रेलवे का कर्मचारी. डीएचआर की प्रवक्ता प्रतीक्षा छेत्री के अनुसार, दार्जिलिंग शहर में ऐतिहासिक लोको शेड का एक हिस्सा मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण ढह गया. इससे वहां काम कर रहे रेलवे के 8 कर्मचारी घायल हो गये. दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के बाद जायजा लेने पहुंचे अधिकारी और कर्मचारी. घटना के बाद डीएचआर के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में दार्जिलिंग शहर में 37 मिलीमीटर बारिश हुई है. आईएमडी ने शनिवार सुबह तक दार्जिलिंग जिले में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. ये भी पढ़ें: दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे ने मई में कमाया ₹395.6 लाख का सर्वाधिक राजस्व, टूटे सारे रिकॉर्ड ये भी पढ़ें: दुर्गा पूजा में लें दार्जिलिंग की हसीन वादियों का आनंद, शुरू हो रही विशेष टॉय ट्रेन सेवा, जानें रूट और किराया The post PHOTOS: उत्तर बंगाल में मूसलाधार बारिश, दार्जिलिंग में इंजन पर गिरा लोको शेड, 8 घायल कर्मचारियों ने दिखाया साहस appeared first on Naya Vichar.

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रागिनी की पुकार सुन गांव पहुंचे DM: दो ट्राईसाइकिल और किताबें देकर बोले- पढ़ाई नहीं रुकने देंगे, सड़क सुधार का भी आदेश

UP News: एक पैर की परेशानी के बावजूद पढ़ाई का सपना संजोए सात वर्षीय रागिनी की फरियाद आखिरकार जिलाधिकारी तक पहुंची तो प्रशासन उसके गांव जा पहुंचा. मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की रहने वाली रागिनी से जिलाधिकारी ने मुलाकात की और उसकी पढ़ाई, इलाज और स्कूल आने-जाने की परेशानी की जानकारी ली. डीएम ने रागिनी को पढ़ाई के लिए किताबें व जरूरी सामग्री देने के साथ दो ट्राईसाइकिल उपलब्ध करायीं. साथ ही उसके इलाज से लेकर पढ़ाई तक हर संभव मदद का भरोसा दिया. रागिनी प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा एक की छात्रा है. शारीरिक परेशानी के बावजूद उसके अंदर पढ़ने और स्कूल जाने का गजब का जज्बा है. बच्ची की स्थिति की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और खुद उसके गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात की. मां और दादा से जानी बच्ची की परेशानी डीएम ने रागिनी की मां बबीता देवी और उसके दादा से बातचीत कर बच्ची की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने रागिनी से भी आत्मीयता से बातचीत की और उसकी पढ़ाई तथा स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानियों के बारे में पूछा. बच्ची से बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने उसके पढ़ाई के जज्बे की सराहना की और उसे आगे भी मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया. किताबें मिलीं, दो ट्राईसाइकिल से आसान होगा स्कूल का सफर रागिनी के स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए जिलाधिकारी ने उसे दो ट्राईसाइकिल उपलब्ध करायीं. इसके साथ ही अपने हाथों से पढ़ाई के लिए किताबें और अन्य जरूरी सामग्री दी. अब रागिनी के लिए स्कूल तक पहुंचने का रास्ता पहले की अपेक्षा आसान होने की उम्मीद है. प्रशासन की इस पहल से बच्ची के परिवार में भी खुशी का माहौल है. इलाज के लिए मेडिकल जांच का निर्देश डीएम ने रागिनी की मेडिकल जांच कराने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि बच्ची के पैर की समस्या का उचित उपचार कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. उद्देश्य है कि रागिनी के स्वास्थ्य में सुधार हो और वह बेहतर तरीके से सामान्य जीवन की ओर आगे बढ़ सके. डीएम ने परिवार को भरोसा दिलाया कि रागिनी की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी. प्रशासन की ओर से मिलने वाली जरूरी सुविधाएं और सहायता बच्ची तक पहुंचायी जाएगी. परिवार में शौचालय के लिए भी स्वीकृत हुई धनराशि डीएम ने रागिनी की मां को बताया कि परिवार में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए. यानी रागिनी के बहाने प्रशासन ने उसके परिवार की दूसरी बुनियादी जरूरतों को भी गंभीरता से लिया है. रागिनी के गांव की बदहाल सड़क पर डीएम नाराज रागिनी से मिलने पहुंचे जिलाधिकारी की नजर गांव की खराब सड़क पर भी पड़ी. सड़क की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जतायी और संबंधित अधिकारियों को जल्द सुधार कराने के निर्देश दिए. डीएम ने कहा कि सड़क की मरम्मत शीघ्र करायी जाएगी, ताकि गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी न हो. ऐसे में रागिनी की मदद के साथ उसके गांव की सड़क की समस्या के समाधान की उम्मीद भी जगी है. दिव्यांगों के लिए गांव में लगेगा कैंप जिलाधिकारी ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को गांव में कैंप लगाने के निर्देश दिए. कैंप के माध्यम से गांव के दिव्यांगजनों को चिह्नित कर उन्हें प्रशासन की योजनाओं और आर्थिक सहायता का लाभ दिलाने की बात कही गयी. इस पहल से रागिनी के साथ गांव के अन्य दिव्यांगजनों को भी प्रशासनी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ होगा. प्रशासन की संवेदनशील पहल से जगी उम्मीद एक पैर की परेशानी के बावजूद स्कूल जाने और पढ़ाई जारी रखने का रागिनी का जज्बा अब प्रशासन की मदद से और मजबूत हुआ है. किताबें, दो ट्राईसाइकिल, इलाज का भरोसा और पढ़ाई जारी रखने का आश्वासन मिलने के बाद रागिनी और उसके परिवार में खुशी है. रागिनी के लिए स्कूल तक पहुंचने की राह आसान होने के साथ अब उसके बेहतर इलाज और भविष्य को लेकर भी उम्मीद जगी है. इस दौरान सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, बीएसए मनीष कुमार सिंह, डीपीआरओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे. यह भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभालने वाले जीतेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर ट्रस्ट के CEO, जानिए क्या होगी भूमिका The post रागिनी की पुकार सुन गांव पहुंचे DM: दो ट्राईसाइकिल और किताबें देकर बोले- पढ़ाई नहीं रुकने देंगे, सड़क सुधार का भी आदेश appeared first on Naya Vichar.

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एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने Operation Sindoor में पाकिस्तानी मिसाइल हमला किया था नाकाम, जानिए उनकी उपलब्धियां

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी मोर्चे पर हिंदुस्तानीय वायुसेना की कमान संभालने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अब अयोध्या राम मंदिर की व्यवस्था देखेंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उन्हें राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाया है. करीब चार दशक तक लड़ाकू विमानों, एयरबेस और सैन्य अभियानों से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाने के बाद अब मिश्रा राम मंदिर के प्रशासन और रोजमर्रा के संचालन की कमान संभालेंगे. ऑपरेशन सिंदूर के समय पश्चिमी मोर्चे के थे प्रमुख जितेंद्र मिश्रा ने 1 जनवरी 2025 को हिंदुस्तानीय वायुसेना की पश्चिमी मोर्चे (Western Air Command) की कमान संभाली थी. मई 2025 में जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ था, उस समय वे एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर थे, यानी पाकिस्तान से लगे पश्चिमी क्षेत्र में वायुसेना के अहम अभियानों की जिम्मेदारी वहीं संभाल रहे थे. ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से भी सम्मानित किया गया. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने हिंदुस्तानीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी संभाली थी. इस अभियान के दौरान पश्चिमी मोर्चे पर वायु अभियानों और एयर डिफेंस की जिम्मेदारी उनके नेतृत्व में थी. पश्चिमी क्षेत्र में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती और उससे जुड़े ऑपरेशनल फैसला लेना. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से फतह मिसाइल से दिल्ली को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी. लेकिन हिंदुस्तानीय वायुसेना ने इस मिसाइल को दिल्ली तक पहुंचने से पहले आसमान में ही मार गिराया था. जितेंद्र मिश्रा की कमान में वायुसेना ने पश्चिमी सीमा पर निगरानी, एयर डिफेंस और जवाबी कार्रवाई से जुड़े अभियान संभाले. 3000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर 6 दिसंबर 1986 को शुरू हुआ था, जब वे हिंदुस्तानीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन हुए थे. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक वे नेशनल डिफेंस एकेडमी, एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, USA और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफ़ेंस स्टडीज, यूके के पूर्व छात्र हैं. वे फाइटर कॉम्बैट लीडर और प्रायोगिक परीक्षण पायलट (Experimental Test Pilot) भी रहे हैं. अपने लंबे करियर में उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन की कमान, दो फ्रंटलाइन एयरबेस की जिम्मेदारी और एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में महत्वपूर्ण पद संभाले हैं. वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ भी रहे हैं. 30 अप्रैल 2026 को वायुसेना से हुए रिटायर जितेंद्र मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को हिंदुस्तानीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए. उनका सैन्य करियर करीब 39 साल का रहा. उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक के अलावा अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है. अब रिटायरमेंट के कुछ महीनों बाद ही उन्हें देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है. 5,585 आवेदनों के बाद कैसे हुआ चयन? राम मंदिर के CEO पद के लिए देशभर से कुल 5,585 आवेदन आए थे. तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने आवेदनों की जांच और चयन प्रक्रिया के बाद तीन नामों का अंतिम पैनल ट्रस्ट को सौंपा था. इसके बाद ट्रस्ट की बैठक में जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई गई. राम मंदिर में क्या होगी जितेंद्र मिश्रा की जिम्मेदारी? CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर के प्रशासनिक और ऑपरेशनल कामकाज की निगरानी करेंगे. मंदिर परिसर में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ प्रबंधन, व्यवस्थाओं के संचालन, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और प्रशासनिक फैसलों में CEO की भूमिका अहम होगी. Also Read ;राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न कमांड की कमान The post एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने Operation Sindoor में पाकिस्तानी मिसाइल हमला किया था नाकाम, जानिए उनकी उपलब्धियां appeared first on Naya Vichar.

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Renault Triber में जल्द मिल सकता है टर्बो पेट्रोल इंजन, फैक्ट्री फिटेड CNG का ऑप्शन भी शामिल

Renault अपनी लोकप्रिय 7-सीटर कार ट्राइबर को नए इंजन के साथ अपडेट करने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस महीने Renault Triber Turbo को हिंदुस्तान में लॉन्च कर सकती है. नई ट्राइबर में 1.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ फैक्टरी फिटेड CNG का ऑप्शन भी मिल सकता है. मौजूदा ट्राइबर में 1.0 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलता है. नए टर्बो इंजन से कार के पावर और टॉर्क में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. हालांकि, Renault इस इंजन को ट्राइबर में किस पावर आउटपुट के साथ पेश करेगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है. Renault Triber Turbo में क्या मिलेगा नया? Renault ट्राइबर में मिलने वाला नया इंजन 1.0 लीटर, 3-सिलेंडर टर्बो पेट्रोल यूनिट हो सकता है. इसका कोडनेम HR10 बताया जा रहा है. यही इंजन Renault काइगर और निसान मैग्नाइट में भी इस्तेमाल होता है. काइगर और मैग्नाइट में यह इंजन 100 hp की पावर और 160 Nm का टॉर्क देता है. दोनों मॉडल में इसके साथ 5-स्पीड मैनुअल और CVT गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है. हालांकि, ट्राइबर में यही पावर और टॉर्क आउटपुट मिलेगा या इंजन को अलग तरीके से ट्यून किया जाएगा, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है. मौजूदा इंजन से कितना ज्यादा पावर? मौजूदा ट्राइबर के नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन के मुकाबले काइगर/मैग्नाइट का 1.0 लीटर टर्बो इंजन 28 hp ज्यादा पावर और 62 Nm ज्यादा टॉर्क देता है. इसका मतलब है कि अगर Renault ट्राइबर में भी इसी आउटपुट के साथ इंजन पेश करती है, तो 7-सीटर कार के प्रदर्शन में खासा अंतर देखने को मिल सकता है. लेकिन अंतिम स्पेसिफिकेशन लॉन्च के समय ही स्पष्ट होंगे. CNG का भी मिल सकता है विकल्प नई ट्राइबर की एक और खासियत फैक्टरी फिटेड CNG विकल्प हो सकता है. फिलहाल ट्राइबर के लिए CNG किट डीलर स्तर पर उपलब्ध है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी नई ट्राइबर में डुअल-सिलेंडर CNG सेटअप दे सकती है. इससे CNG टैंक की वजह से केबिन और बूट स्पेस को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है. CNG विकल्प को केवल मैनुअल गियरबॉक्स के साथ पेश किए जाने की संभावना है. हालांकि, Renault की ओर से अभी इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. कीमत में हो सकता है बदलाव मौजूदा Renault Triber की एक्स-शोरूम कीमत करीब 5.81 लाख रुपये से 8.53 लाख रुपये के बीच है. टर्बो इंजन और संभावित फैक्टरी फिटेड CNG के कारण नए वेरिएंट की कीमत मौजूदा मॉडल से अधिक हो सकती है. फिलहाल कंपनी ने Renault Triber Turbo की लॉन्च डेट, कीमत और सभी वेरिएंट की जानकारी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की है. इनकी जानकारी लॉन्च के समय सामने आने की उम्मीद है. Renault Triber Turbo की बड़ी बातें 1.0 लीटर 3-सिलेंडर टर्बो पेट्रोल इंजन मिलने की संभावना इंजन का कोडनेम HR10 बताया जा रहा है काइगर और मैग्नाइट में यही इंजन 100 hp/160 Nm आउटपुट देता है फैक्टरी फिटेड CNG का विकल्प मिल सकता है CNG के साथ डुअल-सिलेंडर सेटअप मिलने की संभावना CNG वेरिएंट में मैनुअल गियरबॉक्स दिया जा सकता है लॉन्च सितंबर 2026 के अंत तक होने की संभावना कीमत की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है The post Renault Triber में जल्द मिल सकता है टर्बो पेट्रोल इंजन, फैक्ट्री फिटेड CNG का ऑप्शन भी शामिल appeared first on Naya Vichar.

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हैवी झुमकों से कान के छेद हो रहे हैं बड़े? पहनने से पहले करें ये काम

Heavy Earrings Hack: बड़े और हैवी झुमके पहनने का शौक है, लेकिन इन्हें पहनने के बाद कानों में दर्द और खिंचाव महसूस होता है? ज्यादा वजन वाले इयररिंग्स लगातार पहनने से कान के लोब पर दबाव पड़ सकता है. ऐसे में मेडिकल टेप की मदद से झुमकों का दबाव कुछ हद तक कम किया जा सकता है. त्योहार हो, शादी हो या कोई खास फंक्शन, हैवी झुमके पूरे लुक को खूबसूरत बना देते हैं. साड़ी, लहंगा या सूट के साथ बड़े झुमके पहनने से लुक और भी शानदार लगता है. लेकिन खूबसूरती के चक्कर में कई बार कानों को परेशानी झेलनी पड़ती है. दरअसल, ज्यादा वजन वाले झुमके कान के छेद पर लगातार खिंचाव डालते हैं. लंबे समय तक ऐसा होने पर कान के लोब में दर्द, लालिमा या छेद के आसपास खिंचाव महसूस हो सकता है. अगर आपको भी हैवी इयररिंग्स पहनना पसंद है, तो मेडिकल टेप का यह आसान तरीका काम आ सकता है. मेडिकल टेप कैसे करेगा मदद? मेडिकल टेप को कान के पीछे उस जगह लगाया जाता है, जहां से इयररिंग की डंडी निकलती है. इससे झुमके का कुछ दबाव केवल कान के छेद पर रहने के बजाय टेप के सहारे आसपास की त्वचा पर भी फैल जाता है. इससे कान पर पड़ने वाला खिंचाव कम महसूस हो सकता है. ऐसे लगाएं मेडिकल टेप सबसे पहले त्वचा को साफ करके अच्छी तरह सुखा लें. अब मेडिकल या सर्जिकल टेप का छोटा सा टुकड़ा काटें. इसे कान के पीछे छेद के आसपास इस तरह चिपकाएं कि इयररिंग की डंडी टेप के बीच से निकल सके. अब सामने से झुमका पहनें और पीछे से स्टॉपर लगा दें. ध्यान रखें कि टेप बहुत ज्यादा खिंचा हुआ न हो और कान पर असहज दबाव न पड़े. इन बातों का रखें ध्यान मेडिकल टेप हर किसी की त्वचा पर एक जैसा सूट करे, यह जरूरी नहीं है. संवेदनशील त्वचा है तो पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट कर लें. खुजली, जलन या लालिमा होने पर इसे तुरंत हटा दें. अगर कान का छेद पहले से बहुत ज्यादा खिंच गया है, फटने जैसा लग रहा है या लगातार दर्द हो रहा है, तो हैवी इयररिंग्स पहनने से बचें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें. टेप किसी समस्या का इलाज नहीं, बल्कि भारी झुमकों के दबाव को कम करने का एक अस्थायी तरीका है. यह भी पढ़ें: नहाने से पहले बस 10 मिनट करें ये काम, त्योहार पर स्किन दिखेगी खिली-खिली The post हैवी झुमकों से कान के छेद हो रहे हैं बड़े? पहनने से पहले करें ये काम appeared first on Naya Vichar.

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Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर 4 दुर्लभ संयोग, वृषभ सहित 5 राशि के जातकों को होगा बड़ा धन लाभ

Janmashtami 2026 Durlabh Sanyog 5 Lucky Zodiac: हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस साल जन्माष्टमी पर कई दुर्लभ संयोग बनने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं. धनंजय पाण्डेय ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर चंद्र ग्रह अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान रहेगा. इसके अलावा गुरु यानी बृहस्पति ग्रह भी अपनी उच्च राशि कर्क में मौजूद रहेगा. जन्माष्टमी के दिन सूर्य ग्रह स्वराशि सिंह में मौजूद रहेगा. शुक्र ग्रह भी उच्च राशि तुला में रहकर मालव्य राजयोग का निर्माण करेगा. जन्माष्टमी पर बनने वाले ग्रहों के दुर्लभ संयोग से किन 5 राशि के जातकों को फायदा या जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा? वृषभ राशि वालों को व्यापार से फायदा कारोबार करने वाले जन्माष्टमी के दिन बड़ा आर्थिक लाभ प्राप्त करेंगे. व्यापार में किए गए निवेश से फायदा हो सकता है. मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे. माता की सेहत से जुड़ी खुशसमाचारी मिल सकती है. धन के कारक शु्क्र ग्रह की अनुकूलता से लाभ के कई योग बनेंगे. ज्ञान में वृद्धि होगी. ये भी पढ़ें: Venus Transit 2026: तुला राशि में शुक्र बनाएंगे शक्तिशाली राजयोग, जानें किन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा सिंह राशि के जातक कार्यक्षेत्र में तरक्की करेंगे छात्रों को परिवार के किसी सदस्य से आर्थिक लाभ मिल सकता है. शुक्र गोचर से बना मालव्य राजयोग व्यापार में आर्थिक लाभ कराएगा. चंद्र ग्रह के शुभ प्रभाव से मानसिक स्थिति अच्छी रहेगी. नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में तरक्की होगी. घर में धार्मिक कार्यों से मन खुश रहेगा. धन की जुड़ी किसी बड़ी चिंता से मुक्ति मिल सकती है. तुला राशि वाले पाएंगे कारोबार से लाभ जन्माष्टमी के दिन आमदनी कई नए स्रोत विकसित होंगे. विज्ञान के क्षेत्र में काम करने वाले नौकरीपेशा जातकों को आर्थिक लाभ होगा. परिवार में जीवनसाथी की सेहत से जुड़ी चिंता दूर होगी. पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री का कारोबार करने वाले जबरदस्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं. धनु राशि के जातकों की होगी आर्थिक तरक्की नौकरीपेशा लोगों की आमदनी में वृद्धि होगी. व्यापार करने वाले लोग जन्माष्टमी के दिन आर्थिक तरक्की करेंगे. दैनिक आमदनी में बढ़ोतरी होगी. परिवार में किसी बड़े सदस्य से अचानक धन लाभ होगा. छात्रों को इस दिन रिश्तेदारों से लाभ हो सकता है. ये भी पढ़ें: तुला राशि में शुक्र का गोचर, 3 राशि के जातकों को धन लाभ और तरक्की के योग मीन राशि के जातकों की चिंता दूर होगी इस राशि के जातकों शुक्र ग्रह की अनुकूलता से आर्थिक स्थिति अच्छी होगी. व्यापार करने वाले लोगों को इस दिन आर्थिक उन्नति देखने को मिलेगी. परिवार में माता या पत्नी की तरफ से आर्थिक सहयोग मिल सकता है. चंद्र ग्रह के शुभ प्रभाव से कोई बड़ी चिंता दूर होगी. The post Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर 4 दुर्लभ संयोग, वृषभ सहित 5 राशि के जातकों को होगा बड़ा धन लाभ appeared first on Naya Vichar.

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न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज के लिए BCCI का प्लान तैयार, शमी-आकिब नबी बाहर; इन 5 पेसर्स पर दांव लगाएगी टीम इंडिया

BCCI shortlisted pacers: न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए हिंदुस्तानीय टीम ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट ने तेज गेंदबाजी विभाग के लिए पांच खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया है. हैरानी की बात यह है कि अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इस सूची में शामिल नहीं हैं. जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को भी फिलहाल शॉर्टलिस्ट किए गए खिलाड़ियों में जगह नहीं मिली है. न्यूजीलैंड दौरे पर दो टेस्ट स्पोर्ट्सेगी टीम इंडिया हिंदुस्तानीय टीम इस साल के अंत में न्यूजीलैंड का दौरा करेगी. दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से होगी और 1 दिसंबर तक चलने वाले इस लंबे दौरे पर हिंदुस्तान को पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने हैं. दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज हिंदुस्तान के लिए काफी अहम होगी. टीम इंडिया की नजर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 की अंक तालिका में शीर्ष दो स्थानों पर रहते हुए 2027 के फाइनल में जगह बनाने पर है. ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मुकाबले हिंदुस्तानीय टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण होंगे. इन पांच तेज गेंदबाजों को किया गया शॉर्टलिस्ट एक दैनिक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदुस्तानीय टीम मैनेजमेंट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए पांच तेज गेंदबाजों को शॉर्टलिस्ट किया है. इनमें जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़ और आकाश दीप शामिल हैं. हालांकि, इस सूची में शामिल कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस अभी चिंता का विषय है. जसप्रीत बुमराह और आकाश दीप फिलहाल चोट के कारण मैदान से बाहर हैं. वहीं, गुरनूर बराड़ ने अभी तक हिंदुस्तान के लिए टेस्ट डेब्यू नहीं किया है. इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए के लिए उनके प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट का ध्यान खींचा है. ये भी पढ़ें: सितंबर में कब-कब स्पोर्ट्सेगी Team India? अफगानिस्तान-वेस्टइंडीज से लेकर एशियन गेम्स तक का पूरा शेड्यूल मोहम्मद शमी को फिर नहीं मिली जगह बुमराह और शमी, (फोटो—सोशल मीडिया) अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को इस बार भी टीम मैनेजमेंट की संभावित योजनाओं में जगह नहीं मिलने की समाचार है. शमी ने हिंदुस्तान के लिए अब तक 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट हासिल किए हैं. न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भी शमी का अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है. उन्होंने वहां अब तक चार टेस्ट मैच स्पोर्ट्से हैं और 15 विकेट अपने नाम किए हैं. इसके बावजूद रिपोर्ट के अनुसार न्यूजीलैंड दौरे के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए पांच तेज गेंदबाजों में उनका नाम नहीं है. आकिब नबी भी शॉर्टलिस्ट से बाहर जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी दार को भी इस सूची में जगह नहीं मिली है. नबी ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज का स्थान हासिल किया था. उनके प्रदर्शन के बाद उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए पहली बार हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया था. हालांकि, उन्हें सीरीज के दौरान प्लेइंग इलेवन में स्पोर्ट्सने का मौका नहीं मिला. गुरनूर बराड़ पर भी रहेंगी नजरें शॉर्टलिस्ट किए गए गेंदबाजों में गुरनूर बराड़ का नाम खास है. उन्होंने अभी हिंदुस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं स्पोर्ट्सा है, लेकिन इंडिया ए और घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को प्रभावित किया है. अगर उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह मिलती है, तो यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए बड़ा मौका हो सकता है. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान के न्यूजीलैंड दौरे का पूरा प्लान तैयार, टेस्ट सीरीज से पहले इंडिया ए स्पोर्ट्सेगी 3 मुकाबले गुरुवार को मुंबई में होगी अहम बैठक बीसीसीआई के अधिकारी गुरुवार को मुंबई में हिंदुस्तानीय टीम मैनेजमेंट के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में शॉर्टलिस्ट किए गए तेज गेंदबाजों की फिटनेस, उपलब्धता और टीम में संभावित भूमिका को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है. खास तौर पर बुमराह और आकाश दीप की फिटनेस पर नजर रहेगी, क्योंकि दोनों फिलहाल चोट के कारण क्रिकेट से दूर हैं. न्यूजीलैंड में तेज गेंदबाजों की होगी अहम भूमिका न्यूजीलैंड की परिस्थितियां आम तौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं. स्विंग और सीम मिलने की संभावना को देखते हुए हिंदुस्तानीय टीम दो टेस्ट मैचों के लिए अपने पेस अटैक को मजबूत रखना चाहती है. यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट तेज गेंदबाजों के विकल्पों और उनकी फिटनेस को लेकर पहले से तैयारी कर रहा है. अंतिम टीम का चयन खिलाड़ियों की फिटनेस और उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा. पिछली बार न्यूजीलैंड में हिंदुस्तान का प्रदर्शन रहा था निराशाजनक हिंदुस्तान ने आखिरी बार 2020 में न्यूजीलैंड का दौरा करते हुए टेस्ट सीरीज स्पोर्ट्सी थी. विराट कोहली की कप्तानी वाली हिंदुस्तानीय टीम को उस सीरीज के दोनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था. वहीं, दोनों टीमों के बीच पिछली टेस्ट सीरीज हिंदुस्तान में हुई थी, जहां न्यूजीलैंड ने मेजबान टीम को 3-0 से क्लीन स्वीप किया था. ऐसे में न्यूजीलैंड दौरे पर हिंदुस्तानीय टीम के सामने पिछली असफलताओं को पीछे छोड़कर WTC अभियान में महत्वपूर्ण अंक हासिल करने की चुनौती होगी. ये भी पढ़ें: IND A vs NZ A: न्यूजीलैंड दौरे पर 3 मुकाबले स्पोर्ट्सेगी टीम इंडिया, YouTube पर होगी फ्री लाइव स्ट्रीमिंग The post न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज के लिए BCCI का प्लान तैयार, शमी-आकिब नबी बाहर; इन 5 पेसर्स पर दांव लगाएगी टीम इंडिया appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 20: ‘द ट्रेटर्स 2’ के बाद बिग बॉस में जाएंगी मल्लिका शेरावत? एक्ट्रेस ने बता दिया सच

Bigg Boss 20: ‘बिग बॉस 20’ शुरू होने से पहले ही शो में कौन-कौन एंट्री लेने वाला है, इसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब बज बना हुआ है. इसी बीच मल्लिका शेरावत का नाम भी कंटेस्टेंट्स की लिस्ट से जुड़ने लगा. ‘द ट्रेटर्स 2’ में अपने स्मार्ट गेम और शानदार परफॉर्मेंस से लोगों का ध्यान खींचने के बाद फैंस भी उन्हें बिग बॉस के घर में देखने के लिए एक्साइटेड हो गए थे. लेकिन क्या सच में मल्लिका ‘बिग बॉस 20’ का हिस्सा बनने वाली हैं? अब एक्ट्रेस ने खुद इस सवाल का जवाब दे दिया है. क्या बिग बॉस 20 में जाएंगी मल्लिका शेरावत? मल्लिका शेरावत को हाल ही में उनके ‘द ट्रेटर्स 2’ के को-कंटेस्टेंट और ‘बिग बॉस ओटीटी 2’ के विनर अभिषेक मल्हान के साथ देखा गया. इसी दौरान पैपराजी ने उनसे पूछ लिया कि क्या वह ‘बिग बॉस 20’ में नजर आने वाली हैं या आगे कभी इस शो का हिस्सा बनेंगी. मल्लिका ने बिना घुमाए-फिराए सीधा जवाब दिया, “नहीं.” इसके बाद उन्होंने और साफ करते हुए कहा, “नहीं, मैं तो नहीं जाऊंगी.” यानी फिलहाल मल्लिका के बिग बॉस 20 में शामिल होने की समाचार सिर्फ अफवाह है. एक्ट्रेस के अपने बयान के मुताबिक, वह शो में नहीं जा रही हैं. अभिषेक मल्हान: ‘आपको बिग बॉस में जाना चाहिए’ मल्लिका के साथ मौजूद अभिषेक मल्हान की सोच हालांकि बिल्कुल अलग थी. उन्होंने मल्लिका से कहा कि उन्हें बिग बॉस में जाना चाहिए. जब मल्लिका ने पूछा कि आखिर क्यों, तो अभिषेक ने कहा कि उनमें बिग बॉस वाली एनर्जी है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “बिग बॉस वाइब है इनमें.” यानी अभिषेक को लगता है कि मल्लिका की खुलकर बात करने वाली पर्सनैलिटी और उनका अंदाज बिग बॉस के लिए एकदम सही रहेगा. लेकिन मल्लिका का जवाब सुनकर तो ऐसा लग रहा है कि वह इस सलाह को मानने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं. ये भी पढ़ें: The Traitors 2 में सैवेज क्वीन बनीं मल्लिका शेरावत… जवाब ऐसा कि स्टार्स की हो गई बोलती बंद, फैंस बोले- बिंदास 2025 में भी मल्लिका ने कहा था- ‘नेवर विल’ खास बात यह है कि बिग बॉस को लेकर मल्लिका का जवाब पहली बार नहीं आया है. साल 2025 में भी जब उनके ‘बिग बॉस 19’ में जाने की समाचारें आई थीं, तब उन्होंने सोशल मीडिया पर इन अफवाहों को खारिज कर दिया था. मल्लिका ने तब साफ लिखा था कि वह बिग बॉस नहीं कर रही हैं और कभी करेंगी भी नहीं. यानी एक साल बाद भी उनका रुख बदला नहीं है. आखिर बिग बॉस क्यों नहीं करना चाहतीं मल्लिका? मल्लिका पहले भी बता चुकी हैं कि उन्होंने ‘बिग बॉस’ और ‘खतरों के खिलाड़ी’ जैसे रियलिटी शोज को करने से मना किया है. इसकी वजह यह है कि उन्हें इन शोज का फॉर्मेट ज्यादा पसंद नहीं आता. एक्ट्रेस ने कहा था कि वह ऐसे शो करना ज्यादा पसंद करेंगी, जहां घूमने-फिरने, एडवेंचर, खाने या अच्छी बातचीत का मौका मिले. वहीं बिग बॉस में कंटेस्टेंट्स को एक घर के अंदर रहना पड़ता है और हर समय कैमरों के सामने रहना होता है. यह फॉर्मेट मल्लिका को खास पसंद नहीं है. ये भी पढ़ें: ‘टॉम क्रूज को मुझ पर क्रश है’, मल्लिका शेरावत का दावा, बोलीं- हॉलीवुड स्टार मुझे भेजते हैं मैसेज, फोन होता तो दिखाती वीडियो The post Bigg Boss 20: ‘द ट्रेटर्स 2’ के बाद बिग बॉस में जाएंगी मल्लिका शेरावत? एक्ट्रेस ने बता दिया सच appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

उपमुख्यमंत्री के आप्त सचिव ने किया क्षेत्र भ्रमण 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के आप्त सचिव रजनीकांत चौधरी ने बुधवार की दोपहर प्रखंड क्षेत्र का भ्रमण कर जन संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अख्तियारपुर गांव जाकर एक दुष्कर्म पीड़िता के स्वजनों से मिले और हाल-चाल जाना। वहीं गांव स्थित मध्य विद्यालय की स्पोर्ट्स मैदान से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया। इसके अलावा उन्होंने सुभाष चौक स्थित जदयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर कुशलक्षेम जाना। मौके पर युवा जदयू के जिला अध्यक्ष विशाल कुमार, संजय कुमार राय, गौतम गोस्वामी, रामलाल झा, अगम कुमार गुप्ता सहित दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

समस्तीपुर

पतैली में 132 केवी हाई वोल्टेज टावर लाइन लगाने का ग्रामीणों ने किया विरोध

निजी जमीन में टावर नहीं लगाने व लाइन सप्लाई नहीं करने की मांग, हंगामे की सूचना पर पहुंचे सीओ व पुलिस नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड क्षेत्र के पतैली गांव में 132 केवी हाई वोल्टेज टावर लाइन लगाने को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने निजी जमीन में टावर लगाने तथा वहां से हाई वोल्टेज लाइन ले जाने पर आपत्ति जताते हुए काम रोकने की मांग की।बताया जाता है कि ताजपुर से मोरवा की ओर 132 केवी हाई वोल्टेज टावर लाइन ले जाने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में पतैली गांव में टावर लगाने के लिए सामग्री पहुंचने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।ग्रामीणों का कहना था कि संबंधित परियोजना के तहत निजी जमीन से हाई वोल्टेज लाइन ले जाने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने निजी जमीन में टावर नहीं गाड़ने तथा उस रास्ते से हाई वोल्टेज लाइन की सप्लाई नहीं करने की मांग की।इसको लेकर मौके पर ग्रामीणों और कार्य में जुटे कर्मियों के बीच विरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई। देखते ही देखते काफी संख्या में लोग जुट गए और हंगामा करने लगे। ग्रामीणों के विरोध और हंगामे की सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी तथा पुलिस मौके पर पहुंची।अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले को समझने के बाद तत्काल स्थिति को शांत कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी आपत्तियों और मांगों को संबंधित स्तर पर रखा जाएगा।बताया गया कि पुलिस एवं सीओ की ओर से मामले को लेकर ग्रामीणों को दो दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच और ग्रामीणों की आपत्तियों पर विचार किए जाने की बात कही गई है।ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पर उचित निर्णय होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। फिलहाल अधिकारियों के समझाने के बाद मौके पर स्थिति शांत है। हाई वोल्टेज टावर लाइन को लेकर ग्रामीणों और विभाग के बीच उत्पन्न विवाद पर अब सभी की नजर प्रशासनिक स्तर पर होने वाले अगले निर्णय पर टिकी है।

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