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September 2, 2026

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Nepal Flood: मौत का आंकड़ा 1204 पहुंचा, 3900 लोग लापता, 34 देशों के 590 विदेशियों का भी सुराग नहीं

Nepal Flood: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के बुधवार (2 सितंबर) के अपडेट के मुताबिक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,204 हो गई है. वहीं करीब 3,900 लोग अब भी संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. 11,993 लोगों को किया गया रेस्क्यू काठमांडू में पांचवीं प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बताया कि अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि 1,114 शव बरामद किए गए हैं. बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण उनकी तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ पीड़ितों के अस्थायी दफन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. परिवारों से DNA सैंपल देने की अपील जिन लोगों के परिजन अब तक लापता हैं, उनसे DNA सैंपल देने की अपील की गई है. करीबी रिश्तेदार नेपाल पुलिस अस्पताल, महाराजगंज या अपने नजदीकी जिला पुलिस कार्यालय में DNA सैंपल जमा कर सकते हैं. फॉरेंसिक टीम इन सैंपल की मदद से बरामद शवों की पहचान करने की कोशिश करेगी. इस काम में नेपाल को दूसरे देशों से भी मदद मिल रही है. हिंदुस्तान की 19 सदस्यीय फॉरेंसिक टीम नेपाल पुलिस के साथ DNA जांच में सहयोग कर रही है. चीन, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया से भी विशेषज्ञ टीमें और उपकरण भेजे गए हैं. 34 देशों के 590 विदेशी अब भी लापता नेपाल में आई बाढ़ का असर विदेशी नागरिकों पर भी पड़ा है. अब तक 300 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, लेकिन करीब 34 देशों के 590 विदेशी नागरिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं. नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें हिंदुस्तान, चीन और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञों के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं. लांगटांग, चिलिमे और अपर त्रिशूली जैसे इलाकों में भूमिगत हाइड्रोपावर संरचनाओं से कीचड़ और बड़े पत्थरों को हटाया जा रहा है. कैलाश मानसरोवर से लौट रहे 2500 तीर्थयात्री निकाले गए चीनी अधिकारियों के साथ तालमेल कर नेपाल ने माउंट कैलाश से लौट रहे करीब 2,500 तीर्थयात्रियों को हिल्सा, तातोपानी सीमा और ल्हासा हवाई मार्ग के जरिए निकालने में मदद की है. केरुंग सीमा के पास फंसे नेपाली नागरिकों और मालवाहक वाहनों को निकालने की व्यवस्था भी की जा रही है. हिमस्खलन के बाद भोटेकोशी नदी में आई थी विनाशकारी बाढ़ प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संसद में बताया कि 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में हुए हिमस्खलन के बाद आई थी. उन्होंने कहा कि इस आपदा ने क्षेत्र में बढ़ते जलवायु खतरों को सामने रखा है. रासुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत प्रभावित इलाकों में हजारों लोग अब भी लापता हैं. नेपाल राहत, खोज अभियान और पुनर्वास के लिए हिंदुस्तान, चीन, अमेरिका, जापान, एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है. Also Read: Nepal Flood : हिंदुस्तान, चीन और अमेरिका से नेपाल ने क्यों कहा-दान नहीं मुआवजा चाहिए, समझिए क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय कानून The post Nepal Flood: मौत का आंकड़ा 1204 पहुंचा, 3900 लोग लापता, 34 देशों के 590 विदेशियों का भी सुराग नहीं appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2027: CSK से फिर जुड़ना चाहते हैं सुरेश रैना, बोले- इच्छा जाहिर कर दी, अब फैसला मैनेजमेंट का

Suresh Raina with Aakash Chopra: पूर्व हिंदुस्तानीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ दोबारा जुड़ने की इच्छा जाहिर की है. रैना ने बताया कि वह फ्रेंचाइजी के साथ मेंटर या कोच की भूमिका में काम करने के लिए तैयार हैं और इस संबंध में अपनी इच्छा CSK मैनेजमेंट तक पहुंचा चुके हैं. अब इस पर फैसला टीम मैनेजमेंट को करना है. आकाश चोपड़ा के बातचीत पर आधारित शो ‘बैठ एंड बोल’ में सुरेश रैना ने अपने क्रिकेट करियर और निजी जिंदगी से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए. इस दौरान उन्होंने हॉस्टल में हुई रैगिंग, कश्मीर से लोगों के पलायन के दौर की यादों के साथ-साथ एमएस धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ अपने खास रिश्ते पर भी खुलकर बात की. CSK से जुड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं रैना शो के दौरान आकाश चोपड़ा ने सुरेश रैना से पूछा कि क्या भविष्य में उन्हें एक बार फिर चेन्नई सुपर किंग्स के साथ देखा जा सकता है? क्या वह IPL 2027 में टीम के मेंटर या कोच की भूमिका निभा सकते हैं? रैना के लिए चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा से खास रही है. टीम के साथ उनका लंबा जुड़ाव और एमएस धोनी के साथ उनकी दोस्ती इस रिश्ते को और भी खास बनाती है. इस पर रैना ने बताया कि उन्होंने इस बारे में CSK मैनेजमेंट से बात की है और अपनी इच्छा जाहिर कर दी है. अब फैसला टीम मैनेजमेंट को करना है. अगर फ्रेंचाइजी को लगता है कि वह मेंटर या कोच के तौर पर टीम के लिए योगदान दे सकते हैं, तो वह दोबारा CSK से जुड़कर बेहद खुश होंगे. ये भी पढ़ें: September 2026 Sports Calendar: सितंबर में एशियन ​गेम्स, फॉर्मूला-1, चेस चैंपियनशिप समेत होंगे ये बड़े टूर्नामेंट हॉस्टल में जबरदस्त हुई थी रैना की रैगिंग बातचीत के दौरान आकाश चोपड़ा ने सुरेश रैना से उनके शुरुआती दिनों और हॉस्टल की रैगिंग को लेकर भी सवाल किया. रैना ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि हॉस्टल में उनकी रैगिंग काफी जबरदस्त हुई थी. रैना ने अपने शुरुआती संघर्षों और क्रिकेट तक पहुंचने के सफर से जुड़े कई पहलुओं पर भी बात की. बातचीत में उनके जीवन के उस दौर का जिक्र हुआ, जब कश्मीर से लोगों के पलायन का दौर चल रहा था. इन अनुभवों ने उनके जीवन और सोच पर भी गहरा असर डाला. ये भी पढ़ें: SL vs ENG : श्रीलंका ने किया टीम का ऐलान, कुसल मेंडिस को मिली कप्तानी; असलंका की भी हुई वापसी 2014 में 25 गेंदों पर 87 रन, ऐसे पलट गया था पूरा मैच बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा IPL 2014 के उस मुकाबले से जुड़ा रहा, जिसमें सुरेश रैना ने महज 25 गेंदों में 87 रन की तूफानी पारी स्पोर्ट्सी थी. आकाश चोपड़ा ने उनसे पूछा कि आखिर उस दिन उन्होंने इतनी तेज बल्लेबाजी कैसे की थी. रैना ने उस पारी को याद करते हुए बताया कि जब वह बल्लेबाजी के लिए पहुंचे, तब फाफ डुप्लेसी आउट हो चुके थे. इसके बाद दूसरे ओवर में मिचेल जॉनसन गेंदबाजी करने आए. जॉनसन उस समय करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे. रैना ने बताया कि ऐसी स्थिति में उनके पास ज्यादा सोचने का समय नहीं था. वह क्रीज पर पहुंचे और भगवान का नाम लेकर बल्लेबाजी शुरू कर दी. इसके बाद उन्होंने जिस अंदाज में शॉट्स लगाए, उससे मैच का पूरा रुख ही बदल गया. ‘CSK में हमेशा रहे बेस्ट ऑफ द बेस्ट खिलाड़ी’ सुरेश रैना ने चेन्नई सुपर किंग्स की खासियत के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि इस फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत यह रही है कि टीम में हमेशा बेहतरीन खिलाड़ियों का मिश्रण रहा. रैना ने CSK के अपने दौर के कई दिग्गज खिलाड़ियों का नाम लेते हुए माइकल हसी, मैथ्यू हेडन, मुरली विजय, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ, मोर्केल और ड्वेन ब्रावो का जिक्र किया. हालांकि, उनके लिए सबसे खास नाम एमएस धोनी का रहा. ये भी पढ़ें: Video: रोनाल्डो की बहन ने केरल के सीएम वीडी सतीशन से की मुलाकात, जानिए क्यों हिंदुस्तान आई है एल्मा The post IPL 2027: CSK से फिर जुड़ना चाहते हैं सुरेश रैना, बोले- इच्छा जाहिर कर दी, अब फैसला मैनेजमेंट का appeared first on Naya Vichar.

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कृष्ण जन्माष्टमी पर घर में लड्डू गोपाल की स्थापना कैसे करें? जानें पूजा विधि

Laddu Gopal Idol Niyam: जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के भक्त अपने घर में उनके बाल स्वरूप को स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं. जन्माष्टमी इस साल 4 सितंबर को मनाई जाएगी. मान्यता है कि इस दिन घर में विधि-विधान से लड्डू गोपाल की स्थापना कर उनकी पूजा करने से जीवन समृद्ध और खुशहाल रहता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि जन्माष्टमी के दिन घर में लड्डू गोपाल की स्थापना कैसे की जाती है? इसके लिए सही विधि क्या है? किस दिशा में स्थापित करें मूर्ति? वास्तु शास्त्र के नियम के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल की मूर्ति को पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में स्थापित करना शुभ माना जाता है. पूजन करने वाले व्यक्ति का मुंह पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. साफ-सफाई का रखें ध्यान जन्माष्टमी के दिन घर में जिस स्थान पर लड्डू गोपाल की मूर्ति स्थापित करनी हो, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. धर्मशास्त्र के मुताबिक, साफ-सुथरी और पवित्र जगह पर भगवान का वास होता है. ये भी पढ़ें: Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर 4 दुर्लभ संयोग, वृषभ सहित 5 राशि के जातकों को होगा बड़ा धन लाभ कैसे कराएं लड्डू गोपाल का पंचामृत अभिषेक? जन्माष्टमी के दिन भगवान की पूजा के दौरान उनका पंचामृत अभिषेक कराने का विधान है. इसके लिए जन्माष्टमी पर निशीथ काल के मुहूर्त में लड्डू गोपाल को दूध, दही, घी, शक्कर और जल से तैयार किए गए पंचामृत से अभिषेक करें. अभिषेक के बाद लड्डू गोपाल को गंगाजल से स्नान कराना चाहिए. गंगाजल से स्नान कराने के लिए दक्षिणावर्ती शंख का इस्तेमाल करना शुभ माना गया है. कान्हा का श्रृंगार कैसे करें? अभिषेक और स्नान के बाद लड्डू गोपाल को पीले रंग के नए वस्त्र पहनाने चाहिए. इसके बाद उन्हें मोरपंख, बांसुरी, कमरबंद, कंगन और वैजयंती माला पहनाएं. माथे पर चंदन, केसर और अक्षत का तिलक लगाएं. कैसे करें लड्डू गोपाल की स्थापना और पूजा? धर्मशास्त्र के जानकार पं. मणिभूषण झा बताते हैं कि जन्माष्टमी पर घर में लड्डू गोपाल की स्थापना के लिए सबसे पहले उनका अभिषेक करें. इसके बाद उन्हें वस्त्र और आभूषण पहनाएं. इसके साथ ही निशीथ काल यानी मध्यरात्रि के समय शुभ मुहूर्त में लड्डू गोपाल को सिंहासन या झूले पर श्रद्धापूर्वक झुलाना चाहिए. इतना करने के बाद कान्हा जी को धूप और आरती दिखाएं. फिर लड्डू गोपाल को झूला झुलाएं और लोरी गाकर सुलाएं. ये भी पढ़ें: Janmashtami 2026: माखन-मिश्री के अलावा ये 4 चीजें कान्हा को हैं बेहद प्रिय, तुरंत नोट करें लिस्ट किन चीजों का लगाएं लड्डू गोपाल को भोग? जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को माखन और मिश्री का भोग जरूर लगाना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें ये चीजें बेहद प्रिय मानी जाती हैं. इसके अलावा कान्हा के भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें. The post कृष्ण जन्माष्टमी पर घर में लड्डू गोपाल की स्थापना कैसे करें? जानें पूजा विधि appeared first on Naya Vichar.

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realme 16 Lite की डिटेल्स हुई लीक! 8,000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ जल्द होगा लॉन्च

स्मार्टफोन निर्माता कंपनी रियलमी अपनी नंबर 16 सीरीज का विस्तार करने की योजना बना रही है. हाल ही में पेश किए गए realme 16x 5G के बाद अब इस सीरीज में एक नया और किफायती मॉडल realme 16 Lite जुड़ने जा रहा है. जैसे ही realme 16 Lite का मॉडल नंबर RMX5366 ब्लूटूथ सर्टिफिकेशन लिस्ट में दिखा, वैसे ही टेक्नोलॉजी की दुनिया में हलचल मच गई! इस नए स्मार्टफोन के ब्लूटूथ एसआईजी (Bluetooth SIG) सर्टिफिकेशन वेबसाइट पर लिस्ट होने के बाद से इसके स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. सर्टिफिकेशन प्लेटफॉर्म पर सामने आया मॉडल नंबर सर्टिफिकेशन प्लेटफॉर्म पर टिपस्टर एनविन द्वारा स्पॉट की गई लिस्टिंग के अनुसार, realme 16 Lite का मॉडल नंबर RMX5366 दर्ज किया गया है. गौर करने वाली बात यह है कि यही रियलमी मॉडल नंबर पहले पेश हो चुके realme P4x और realme C100x स्मार्टफोन्स के साथ भी देखा जा चुका है. टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि realme 16 Lite, इन्हीं में से किसी फोन का थोड़ा बदला हुआ रूप हो सकता है. इससे इसके हार्डवेयर और फीचर्स बदल सकते हैं. realme 16 Lite के संभावित स्पेसिफिकेशन्स यदि यह नया डिवाइस हाल ही में आए realme C100x का थोड़ा बदला हुआ मॉडल बनकर बाजार में आता है, तो इसमें निम्नलिखित फीचर्स देखने को मिल सकते हैं: प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर: इस बजट स्मार्टफोन में 1.8GHz क्लॉक स्पीड वाला Unisoc T7250 प्रोसेसर दिया जा सकता है. यह फोन नए एंड्रॉइड 16 वाले realme UI पर चल सकता है और इसे 4GB या 6GB रैम ऑप्शंस के साथ पेश किए जाने की संभावना है. दमदार बैटरी और चार्जिंग: इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी पावरफुल 8,000mAh की टाइटन बैटरी हो सकती है, जो आपके फोन को कई दिनों तक चला सकती है, यानी बार-बार चार्ज करने की चिंता खत्म! इसे तेजी से चार्ज करने के लिए 45W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा. इसके साथ ही इसमें रिवर्स चार्जिंग और लंबे समय तक चलने वाली बैटरी लाइफ एल्गोरिदम का सपोर्ट भी दिया जा सकता है. शानदार डिस्प्ले: हैंडसेट में 6.8-इंच की HD+ LCD स्क्रीन मिल सकती है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 900nits की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करेगी. कैमरा सेटअप: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसके रियर में 50 मेगापिक्सल का मुख्य डुअल कैमरा और फ्रंट में 5 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा मिलने की उम्मीद है. मजबूती और प्रोटेक्शन: डिवाइस को मजबूती देने के लिए इसमें 360-डिग्री आर्मरशेल (ArmorShell) प्रोटेक्शन और पानी और धूल से बचाव के लिए IP64 रेटिंग दी जा सकती है. {“type”:”faq”,”question”:”1. realme 16 Lite का मॉडल नंबर क्या है और यह कहाँ लिस्ट हुआ है?”,”answer”:”realme 16 Lite का मॉडल नंबर RMX5366 है और यह ब्लूटूथ एसआईजी सर्टिफिकेशन लिस्ट में मिला है.”}{“type”:”faq”,”question”:”2. क्या realme 16 Lite किसी पुराने फोन का थोड़ा बदला हुआ रूप होगा?”,”answer”:”सर्टिफिकेशन डेटाबेस में मॉडल नंबर समान होने के कारण यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह हाल ही में लॉन्च हुए realme C100x या P4x का थोड़ा बदला हुआ रूप हो सकता है.”}{“type”:”faq”,”question”:”3. realme 16 Lite में कितनी बैटरी और चार्जिंग स्पीड मिल सकती है?”,”answer”:”लीक्स के मुताबिक, इस स्मार्टफोन में 8,000mAh की विशाल बैटरी और 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.”} ये भी पढ़ें: Realme P4x Vs OPPO K14x Vs Motorola G57 Power: ₹20,000 से कम में कौन-सा फोन है सबसे दमदार, जानिए पूरा फर्क यह भी पढ़ें: ₹25,000 की रेंज में 12GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले दमदार स्मार्टफोन, गेमिंग से लेकर कैमरा तक सबकुछ मिलेगा The post realme 16 Lite की डिटेल्स हुई लीक! 8,000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ जल्द होगा लॉन्च appeared first on Naya Vichar.

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SSC JE की 1748 पदों पर निकली वैकेंसी, जानें कहां और कैसे करें अप्लाई

SSC JE Recruitment 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 2 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है. आवेदन करने की आखिरी तारीख 22 सितंबर 2026 रात 11 बजे तक है. फीस जमा करने की अंतिम तारीख 23 सितंबर निर्धारित की गई है. उम्मीदवार आवेदन करने से पहले भर्ती का पूरा नोटिफिकेशन जरूर पढ़ लें. 1748 पदों पर होगी भर्ती SSC JE भर्ती के तहत जूनियर इंजीनियर के कुल 1748 पद भरे जाएंगे. इन पदों पर नियुक्ति केंद्र प्रशासन के विभिन्न विभागों में की जाएगी. भर्ती में इंजीनियरिंग की अलग-अलग शाखाओं से संबंधित पद शामिल हैं. पद और विभाग के अनुसार शैक्षणिक योग्यता अलग हो सकती है. SSC JE के लिए ऐसे करें आवेदन सबसे पहले SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं. इसके बाद भर्ती सेक्शन में Junior Engineer JE Recruitment 2026 से संबंधित लिंक खोलें. अब रजिस्ट्रेशन और लॉगिन की प्रक्रिया पूरी करें. इसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सावधानी से भरें. अपनी शैक्षणिक योग्यता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दर्ज करें. मांगे गए दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन फीस जमा करें. SSC JE Recruitment 2026 Notification Check Here अंत में फॉर्म को सबमिट कर दें और आवेदन की कॉपी डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रख लें. भविष्य में एडमिट कार्ड या अन्य प्रक्रिया के दौरान इसकी जरूरत पड़ सकती है. ये भी पढ़ें: 10वीं पास के लिए बिना परीक्षा नौकरी पाने का मौका, 23757 पदों पर वैकेंसी, जानें कैसे करें अप्लाई कौन कर सकता है आवेदन? SSC JE Recruitment 2026 के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए. योग्यता किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से होनी जरूरी है. अलग-अलग पदों के लिए Civil, Electrical और Mechanical Engineering जैसी संबंधित शाखाओं की योग्यता मांगी जा सकती है. इसलिए उम्मीदवार को अपनी इंजीनियरिंग ब्रांच के अनुसार पद की पात्रता जरूर चेक करनी चाहिए. उम्र कितनी होनी चाहिए? SSC JE भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 साल होनी चाहिए. अधिकतम आयु सीमा कुछ पदों के लिए 32 साल और अन्य पदों के लिए 30 साल निर्धारित है. आयु की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को प्रशासनी नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जाएगी. ये भी पढ़ें: UPSSSC PET 2026: आवेदन की लास्ट डेट बढ़ी, अब इस तारीख तक भर सकेंगे फॉर्म The post SSC JE की 1748 पदों पर निकली वैकेंसी, जानें कहां और कैसे करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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PHOTOS : नेपाल में बाढ़ के बाद का दर्दनाक मंजर, बिना शव अपनों का अंतिम संस्कार; इमोशनल कर देंगे दृश्य

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचाई है, जिसमें 1200 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है. कई लापता लोगों के शव नहीं मिले हैं, जिसके चलते परिवारों को प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है. The post PHOTOS : नेपाल में बाढ़ के बाद का दर्दनाक मंजर, बिना शव अपनों का अंतिम संस्कार; इमोशनल कर देंगे दृश्य appeared first on Naya Vichar.

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पर्स में पैसे रखने का सही तरीका क्या है? इन छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान, बढ़ेगी पैसों की बचत

Vastu Tips for Wallet: वास्तु शास्त्र का महत्व हमारे जीवन में काफी गहरा माना जाता है. कहा जाता है कि अगर किसी भी कार्य को करने से पहले या करने के दौरान इसमें बताए गए नियमों का सही से पालन किया जाए, तो जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता आती है. वहीं, अगर इन नियमों को नजरअंदाज कर दिया जाए, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां भी आ सकती हैं. हमारे इसी वास्तु शास्त्र में पर्स रखने को लेकर भी कुछ नियम बताए गए हैं. आज के समय में हम सभी के पास पर्स तो जरूर होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पर्स में पैसे रखने का तरीका भी आपकी फाइनेंशियल कंडीशन को अफेक्ट कर सकता है? वास्तु शास्त्र की मानें तो आपका पर्स सिर्फ पैसों को संभालकर रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह पैसों और समृद्धि को अपनी तरफ खींचने का भी एक पावरफुल जरिया है. मान्यताओं के अनुसार, जब हम अपने पर्स में पैसे गलत तरीके से रखते हैं या फिर बेकार की चीजें रखते हैं, तो घर में बेकार के खर्चे अचानक से ही बढ़ने लगते हैं और बचत कर पाना मुश्किल हो जाता है. आज का यह आर्टिकल हर उस इंसान के लिए काम का साबित होने वाला है, जो चाहते हैं कि उनका पर्स हमेशा पैसों से भरा रहे और जीवन में तरक्की भी होती रहे. आज हम आपको बेहद ही आसान नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका ख्याल आपको अपने पर्स में पैसे रखते समय जरूर रखना चाहिए. जब आप इन नियमों का पालन करने लगते हैं, तो आपको कुछ ही समय में फायदे दिखने लग जाते हैं. पर्स की सफाई सबसे ज्यादा जरूरी हममें से ज्यादातर लोगों की यह आदत होती है कि हम शॉपिंग के बाद बिल, बस की पुरानी टिकट या फिर पुरानी रसीदें पर्स में ही इकट्ठा करते रहते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार यही आपकी सबसे बड़ी गलती है. पुरानी और फालतू पड़ी पर्चियां अपने साथ नेगेटिव एनर्जी को अट्रैक्ट करती हैं और इसी वजह से मां लक्ष्मी भी उस जगह पर ठहरती नहीं हैं. अगर आप चाहते हैं कि मां लक्ष्मी का साथ आपके साथ हमेशा ही रहे, तो पर्स को हफ्ते में कम से कम एक बार अच्छे से साफ जरूर कर लें. अगर आपके पर्स में बेकार के कागज या बिल हैं, तो उन्हें बाहर निकाल देने में ही आपकी भलाई है. ये भी पढ़ें: तिजोरी में रखते हैं पैसा तो भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, बढ़ जाएंगे बेवजह के खर्चे और आने लगेंगी पैसों से जुड़ी परेशानियां नोट और सिक्कों को सही तरीके से रखें अक्सर हम जल्दबाजी के चक्कर में नोटों को मरोड़कर या फिर मोड़कर पर्स में वैसे ही ठूंस देते हैं. अगर आप किसी भी कारण से ऐसा कर रहे हैं, तो यह आपकी बहुत ही बड़ी गलती साबित हो सकती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको नोटों को हमेशा सीधा करके और खोलकर रखना चाहिए. सबसे सही तरीका यह है कि आप बड़े नोट जैसे कि 500 और 200 के नोटों को पीछे रखें और छोटे नोट जैसे कि 10, 20, 50 और 100 को आगे की तरफ रखें. इसके अलावा कागजी नोटों और सिक्कों को कभी भी एक ही पॉकेट में मिक्स करके न रखें. सिक्कों की खनक से पैसा टिकता नहीं है, इसलिए सिक्कों को पर्स की ज़िप वाली अलग पॉकेट में रखें. फटा हुआ पर्स तुरंत बदल दें अगर आपके पर्स थोड़ा सा भी कहीं से भी फट गया है, उसकी स्टिचिंग खुल गयी है या फिर वह पुराना होकर खराब दिखने लग गया है, तो उसे बदलने में बिल्कुल भी देरी न करें. आपका फटा हुआ पर्स पैसों की तंगी की तरफ इशारा करता है. आपका पर्स चाहे कितना भी लकी क्यों न हो, अगर वह टूट-फूट गया है तो उसमें पैसा रुकना बंद हो जाएगा. पर्स खरीदते समय लाल, भूरा या काला रंग चुनना अच्छा माना जाता है. ये भी पढ़ें: घर में सब कुछ ठीक होने के बावजूद मन रहता है हर समय बेचैन? इन 5 चीजों को अभी जाकर चेक करें पर्स में रखें ये छोटी-छोटी चीजें वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आप अपने पर्स में कुछ छोटी-छोटी मगर खास चीजों को रखना शुरू कर देते हैं, तो आपकी बरकत हमेशा बनी रहती है. आप अगर चाहें तो अपने पर्स में एक छोटे से लाल लिफाफे में या फिर लाल रंग के कागज को मोड़कर रख सकते हैं. इसके अलावा, अपने पर्स में चावल के 21 दानों को एक छोटे से लाल कपड़े में बांधकर रखने से भी आपके फालतू के खर्चे रुक सकते हैं. अगर आपकी मां या फिर घर के किसी बड़े बुजुर्ग ने आपको कोई सिक्का दिया है, तो उसे हमेशा आपको अपने पर्स में संभालकर रखना चाहिए. ये सभी चीजें आपके पैसों को बचाकर रखने का काम करती हैं. इन गलतियों से हमेशा बचने की कोशिश करें मान्यताओं के अनुसार, आपको अपने पर्स में कभी भी दवाइयां, ब्लेड, चाबी या फिर घर के पुराने पेंडिंग बिल रखने की गलती नहीं करनी चाहिए. पर्स में रखी इस तरह की हर एक चीज नेगेटिव एनर्जी को अट्रैक्ट करती है और आपके मेंटल स्ट्रेस को भी बढ़ा देती है. इसके अलावा, जब आप रात को सो रहे हों, तो पर्स को कभी भी अपने सिरहाने पर रखकर सोने की गलती न करें. इसे हमेशा ही दूर किसी टेबल पर रखना चाहिए. ये भी पढ़ें: सुबह किचन में सबसे पहले किस चीज की सफाई करनी चाहिए? गैस, स्लैब या फिर सिंक में कौन आता है पहले? यहां जानें सही क्रम The post पर्स में पैसे रखने का सही तरीका क्या है? इन छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान, बढ़ेगी पैसों की बचत appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर के CEO बनने के बाद बोले जितेंद्र मिश्रा- 43 साल राष्ट्रसेवा के बाद प्रभु श्रीराम ने दिया सेवा का अवसर

Ram Mandir CEO Jitendra Mishra: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के CEO की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली है. हिंदुस्तानीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. CEO चुने जाने के बाद जितेंद्र मिश्रा ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर के न्यू CEO ने कहा कि मैं इस चयन समिति का बहुत हार्दिक रूप से धन्यवाद करना चाहूंगा और मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि उन्होंने इतने सब कैंडिडेट्स में से मेरा मेरा चयन किया है. इसे मैं श्रीराम का आशीर्वाद भी मानूंगा कि 43 वर्ष राष्ट्र सेवा के बाद हिंदुस्तानीय वायु सेना में मुझे श्री राम ने एक और अवसर प्रदान किया है जहां पर मैं श्री राम मंदिर और श्रीराम भक्तों की सेवा कर पाऊंगा. चयन प्रक्रिया पर बोले जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि चयन समिति की प्रक्रिया, उनके ख्याल से, इंटरनेट और मीडिया में प्रसारित की गई थी. चयन प्रक्रिया की टाइमलाइन भी बार-बार टीवी पर आती रही है. इस विषय में चयन समिति ही बताएगी कि क्या प्रक्रिया थी और किस तरह से चयन हुआ. उन्होंने कहा कि वह सबसे पहले चयन समिति, श्रीराम मंदिर ट्रस्ट और भगवान श्रीराम के आभारी हैं कि उन्हें इस दायित्व के लिए चुना गया. वह भगवान से प्रार्थना करेंगे कि उन्हें इस कार्य को अच्छी तरह और भली-भांति करने की सामर्थ्य प्रदान करें. बीते विवादों पर बोले- आगे की बात करूंगा बीते कुछ समय में ट्रस्ट से जुड़े विवादों और एक डिफेंस ऑफिसर को यह जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि वह बीते समय की बजाय आगे आने वाले समय की बात ज्यादा करना चाहेंगे. उन्होंने कहा कि बीते समय को भूलकर आगे प्रभु राम की कृपा से इस कार्य को बहुत अच्छे तरीके से करने का प्रयास करेंगे. आगे की योजना को लेकर उन्होंने कहा कि अभी कुछ समय पहले ही उनका CEO के रूप में चयन हुआ है, इसलिए इस समय यह सवाल प्रासंगिक नहीं है. उन्होंने कहा कि जब वह CEO के रूप में टेकओवर कर लेंगे तो ट्रस्ट के विश्वास और अपनी टीम की मदद से राम मंदिर के लिए उत्तम से उत्तम कार्य करने का पूरा प्रयास करेंगे. इसके साथ ही, वह श्रीराम से प्रार्थना करेंगे कि उन्हें इसके लिए भरपूर सामर्थ्य प्रदान करें. यह भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न कमांड की कमान The post राम मंदिर के CEO बनने के बाद बोले जितेंद्र मिश्रा- 43 साल राष्ट्रसेवा के बाद प्रभु श्रीराम ने दिया सेवा का अवसर appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी के सेवाश्रय पर चलेगा बुलडोजर, हाई कोर्ट ने सरकार से कहा- अस्थायी निर्माणों को हटाइए

कोलकाता : उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. सांसद के सेवाश्रय शिविर को ध्वस्त करना होगा. कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापोब्रता चक्रवर्ती की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश दिया. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की- अस्थायी निर्माणों को हटाइए. क्या हम पुलिस को बुलाएं? या हम राज्य पुलिस से इन्हें हटवाने के लिए कहें? आरोप थे कि स्पोर्ट्स के मैदान पर कब्जा करके सेवाश्रय शिविर बनाया गया था. गिरेगी कल्याण केंद्र की दो इमारत तृणमूल सांसदों के कल्याण केंद्र की दो इमारतों को गिराने के लिए फालता में एक याचिका दायर की गई है. आरोप है कि स्पोर्ट्स के मैदान पर अतिक्रमण करके अवैध रूप से निर्माण किया गया है. याचिकाकर्ता के वकील अमीनउद्दीन खान ने कहा कि फालता बीडीओ कार्यालय के बगल में स्थित स्पोर्ट्स के मैदान और बगीचे पर अतिक्रमण करके कल्याण केंद्र का निर्माण किया गया था. अब कल्याण केंद्र का काम रुका हुआ है. इसके बावजूद, इमारतें अभी भी अवैध रूप से मौजूद हैं. निर्माण को तुरंत गिराया जाना चाहिए. स्पोर्ट्स के मैदान पर कब्जे का आरोप फालता निवासी वकील अमीनउद्दीन खान ने निर्माण को ध्वस्त करने की मांग करते हुए मामला दायर किया था. याचिकाकर्ता ने दावा किया कि अभिषेक के सेवाश्रय के कारण स्थानीय लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उस मैदान में नियमित रूप से स्कूल के स्पोर्ट्स, क्रिकेट और फुटबॉल प्रतियोगिताएं, विभिन्न प्रशासनी और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे, लेकिन अब वे नहीं हो रहे हैं. याचिका पर सुनवाई के बाद, अदालत ने सेवाश्रय शिविर और मेडिकल कॉलेज के नाम पर बने अस्थायी निर्माणों को हटाने का आदेश दिया. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च किए पिछले साल अभिषेक ने अपने लोकसभा क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए एक चिकित्सा सहायता केंद्र शुरू किया था. विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने इसके लिए कई अस्थायी केंद्र बनवाए थे. वादी का दावा है कि सबसे बड़ा चिकित्सा सहायता केंद्र अभिषेक के लोकसभा क्षेत्र में बनाया गया था. अभिषेक ने इस पर लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च किए थे. Also Read: तारापीठ होटल अग्निकांड: होटल मालिक गिरफ्तार, हादसे के बाद फरार थे प्रवीर कुमार पाल The post अभिषेक बनर्जी के सेवाश्रय पर चलेगा बुलडोजर, हाई कोर्ट ने प्रशासन से कहा- अस्थायी निर्माणों को हटाइए appeared first on Naya Vichar.

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भारत में होगी पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी, 14 से 28 फरवरी 2027 तक खेला जाएगा टूर्नामेंट

ICC Women’s Champions Trophy 2027: स्त्री क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पहली स्त्री चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी हिंदुस्तान को सौंपी है. छह टीमों का यह टूर्नामेंट 14 से 28 फरवरी 2027 तक स्पोर्ट्सा जाएगा. खास बात यह है कि इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट के सभी मुकाबले मुंबई और वडोदरा में आयोजित होंगे. ICC के मुताबिक, मुंबई का क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) और वडोदरा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम टूर्नामेंट के दो आयोजन स्थल होंगे. पहले इस प्रतियोगिता की मेजबानी श्रीलंका को करनी थी, लेकिन वहां क्रिकेट बोर्ड को ICC की ओर से तय किए गए कुछ सुधारों को पूरा करना बाकी है. इसके चलते टूर्नामेंट को हिंदुस्तान स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया. इन 6 टीमों के बीच होगी खिताबी जंग पहली स्त्री चैंपियंस ट्रॉफी में कुल छह टीमें हिस्सा लेंगी. इनमें हिंदुस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका शामिल हैं. टूर्नामेंट को टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में स्पोर्ट्सा जाएगा. लीग चरण में प्रत्येक टीम बाकी पांच टीमों के खिलाफ एक-एक मुकाबला स्पोर्ट्सेगी. इसके बाद अंक तालिका में शीर्ष दो स्थान हासिल करने वाली टीमें सीधे 28 फरवरी को होने वाले फाइनल में प्रवेश करेंगी. इस तरह टूर्नामेंट में कुल 15 लीग मुकाबलों के बाद फाइनल स्पोर्ट्सा जाएगा और चैंपियन का फैसला होगा. ये भी पढ़ें: सितंबर में कब-कब स्पोर्ट्सेगी Team India? अफगानिस्तान-वेस्टइंडीज से लेकर एशियन गेम्स तक का पूरा शेड्यूल हिंदुस्तान को मिली मेजबानी, ICC बोर्ड ने दी मंजूरी ICC ने मेजबानी के लिए बांग्लादेश, हिंदुस्तान और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्तावों का मूल्यांकन किया था. इसके लिए बोर्ड ने अपने निर्धारित मेजबान मूल्यांकन मानकों को आधार बनाया. इसके बाद हिंदुस्तान को श्रीलंका के स्थान पर आयोजन की जिम्मेदारी देने की सिफारिश की गई. ICC बोर्ड ने 1 सितंबर 2026 को इस फैसले को औपचारिक मंजूरी दे दी. अब फरवरी 2027 में हिंदुस्तान पहली स्त्री चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा. जय शाह ने बताया स्त्री क्रिकेट के लिए बड़ा कदम जय शाह (फोटो- सोशल मीडिया) ICC चेयरमैन जय शाह ने पहली स्त्री चैंपियंस ट्रॉफी को स्त्री क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया. उनके मुताबिक, टूर्नामेंट में दुनिया की शीर्ष टीमें एक उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेंगी. इससे टीमों को रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने और वैश्विक स्तर पर अपनी जगह मजबूत करने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि हर साल एक बड़ा ICC स्त्री टूर्नामेंट होने से स्त्री क्रिकेट को लगातार गति देने, खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए बेहतर निरंतरता बनाने और इस स्पोर्ट्स के लिए मजबूत वैश्विक माहौल तैयार करने में मदद मिलेगी. हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के पास बड़ी जिम्मेदारी टूर्नामेंट में हिंदुस्तान मौजूदा स्त्री वनडे विश्व कप चैंपियन के रूप में उतरेगा. हिंदुस्तान ने पिछले साल नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में हराकर विश्व कप का खिताब जीता था. दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया मौजूदा स्त्री टी20 विश्व कप चैंपियन है. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस साल लॉर्ड्स में स्पोर्ट्से गए फाइनल में इंग्लैंड को हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार टी20 विश्व कप का खिताब जीता था. ऐसे में हिंदुस्तान में होने वाली पहली स्त्री चैंपियंस ट्रॉफी में दुनिया की शीर्ष छह टीमों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा. टूर्नामेंट का टी20 प्रारूप इसे और भी तेज और प्रतिस्पर्धी बना सकता है. ये भी पढ़ें: गंभीर-अगरकर से BCCI मांगेगा जवाब? गिल-अय्यर के सामने टीम इंडिया के प्रदर्शन पर होगा मंथन The post हिंदुस्तान में होगी पहली स्त्री चैंपियंस ट्रॉफी, 14 से 28 फरवरी 2027 तक स्पोर्ट्सा जाएगा टूर्नामेंट appeared first on Naya Vichar.

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