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September 4, 2026

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Rishi Kapoor Birth Anniversary: अमिताभ बच्चन से तकरार और दाऊद से मुलाकात, जाने ऋषि कपूर के चर्चित किस्से

सोचिए, बॉलीवुड का एक ऐसा चॉकलेटी हीरो जिसने पर्दे पर प्यार करना सिखाया, लेकिन जिसकी अपनी जिंदगी में भी कम ड्रामा नहीं था. कभी अवॉर्ड को लेकर ऐसा खुलासा कि बॉलीवुड में हलचल मच गई, कभी अमिताभ बच्चन के साथ रिश्तों की चर्चा, तो कभी संजय दत्त से जुड़ा ऐसा किस्सा जो घर तक पहुंच गया. और तो और, एक वक्त ऐसा भी आया जब ऋषि कपूर की मुलाकात दाऊद इब्राहिम से हुई और बात चाय तक पहुंची. ये कहानी है बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर की. 4 सितंबर को उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर आज हम उनकी फिल्मों की नहीं, बल्कि जिंदगी के उन चर्चित किस्सों की बात कर रहे हैं, जिनके सामने आने के बाद लोगों ने भी कहा था- ऋषि कपूर की जिंदगी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं थी. Rishi Kapoor Bobby Fame to Stardom: ‘बॉबी’ से मिली शोहरत, फिर शुरू हुआ स्टारडम का दौर ऋषि कपूर की बतौर लीड हीरो पहली बड़ी फिल्म ‘बॉबी’ थी. डिंपल कपाड़िया के साथ उनकी जोड़ी ने पर्दे पर ऐसा जादू चलाया कि ऋषि कपूर देखते ही देखते लाखों युवाओं के पसंदीदा स्टार बन गए. उनकी मुस्कान, हेयरस्टाइल और रोमांटिक अंदाज उस दौर में खूब पसंद किया गया. ‘बॉबी’ के बाद उन्हें सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि बॉलीवुड के रोमांटिक आइकन के तौर पर देखा जाने लगा. लेकिन पर्दे पर दिखने वाली यह खूबसूरत कहानी उनकी असल जिंदगी की पूरी तस्वीर नहीं थी. नीतू कपूर और ऋषि कपूर From Chocolate Boy to Iconic Actor: चॉकलेटी हीरो से यादगार अभिनेता तक का सफर ऋषि कपूर को सिर्फ ‘बॉबी’ के रोमांटिक हीरो के तौर पर याद करना उनके करियर के साथ नाइंसाफी होगी. उन्होंने अपने करियर के आगे के दौर में ऐसे किरदार भी निभाए, जिनसे उन्होंने साबित किया कि वह सिर्फ रोमांस के लिए नहीं बने थे. एक दौर में जिस अभिनेता को लोग प्रेम कहानियों के लिए याद करते थे, वही आगे चलकर गंभीर और अलग तरह के किरदारों में भी अपनी छाप छोड़ने लगा. 30 अप्रैल 2020 को ऋषि कपूर का निधन हो गया. उनके जाने के बाद भी उनकी फिल्में, उनका अंदाज और उनकी बेबाक बातें फैंस के बीच चर्चा में रहती हैं. ये भी पढ़ें: ‘ये मेरे करियर का सबसे मुश्किल गाना है’, हनी सिंह ने किया खुलासा, अफसाना खान ने 20 मिनट में जीता दिल ये भी पढ़ें: नाक में सिंदूर, हाथों में कांच की चूड़ियां…Tamannaah Bhatia के इस लुक में दिखा बिहारी रंग, जानें क्या है इस परंपरा का राज… The post Rishi Kapoor Birth Anniversary: अमिताभ बच्चन से तकरार और दाऊद से मुलाकात, जाने ऋषि कपूर के चर्चित किस्से appeared first on Naya Vichar.

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Abhishek Sharma 26th Birthday: 17 की उम्र में IPL से शुरू हुआ था स्टार बनने का सफर, आज T20I के टॉप बल्लेबाजों में शुमार है नाम

Abhishek Sharma 26th Birthday: हिंदुस्तानीय क्रिकेट के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा 4 सितंबर को अपना 26वां जन्मदिन मना रहे हैं. अमृतसर से निकलकर टीम इंडिया तक का उनका सफर मेहनत, आक्रामक बल्लेबाजी और लगातार बेहतर होते स्पोर्ट्स की कहानी है. कम उम्र में ही हिंदुस्तानीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले अभिषेक ने घरेलू क्रिकेट, अंडर-19 और आईपीएल के रास्ते टीम इंडिया तक का सफर तय किया है. आज बाएं हाथ का यह बल्लेबाज हिंदुस्तानीय टी20 टीम के सबसे खतरनाक ओपनर्स में गिना जाता है. 17 साल की उम्र में IPL डेब्यू अभिषेक शर्मा ने बेहद कम उम्र में बड़े मंच पर कदम रख दिया था. साल 2018 में महज 17 साल की उम्र में उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए आईपीएल डेब्यू किया. अपने पहले ही मैच में उन्होंने 19 गेंदों पर 46 रन की तेजतर्रार पारी स्पोर्ट्सकर अपनी प्रतिभा की झलक दिखा दी. इसके बाद सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया और उन्हें शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी का मौका मिला. यहीं से अभिषेक ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी को एक नई पहचान दी. पावरप्ले में तेजी से रन बनाना, बड़े शॉट लगाना और गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाना उनकी बल्लेबाजी की पहचान बन गया. अंडर-19 क्रिकेट में भी छोड़ी अपनी छाप टीम इंडिया तक पहुंचने से पहले अभिषेक शर्मा जूनियर क्रिकेट में भी अपनी प्रतिभा साबित कर चुके थे. वह 2016 में अंडर-19 एशिया कप जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा रहे. इसके बाद 2018 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यूथ क्रिकेट में उन्होंने बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी योगदान दिया. अंडर-19 एशिया कप में वह टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे. यही ऑलराउंड क्षमता आगे चलकर उनके स्पोर्ट्स की बड़ी पहचान बनी. युवराज सिंह का मिला भरपूर साथ अभिषेक शर्मा के करियर में युवराज सिंह की भूमिका भी काफी अहम रही है. युवराज ने उन्हें बल्लेबाजी की बारीकियां समझाने के साथ-साथ स्पोर्ट्स के प्रति अनुशासन और फिटनेस पर ध्यान देने की सीख दी. इसका पालन करते हुए अभिषेक ने कम उम्र से ही अपने स्पोर्ट्स पर फोकस किया और धीरे-धीरे अपनी बल्लेबाजी को और निखारा. खासतौर पर बड़े शॉट स्पोर्ट्सने की उनकी क्षमता ने उन्हें टी20 क्रिकेट में अलग पहचान दिलाई. युवराज की मेंटरशिप का असर उनके स्पोर्ट्स में साफ नजर आता है. ये भी पढ़ें: Video: BCCI सेंटर से बाहर निकलते नजर आए हार्दिक पांड्या, 12 करोड़ की Ferrari ने खींचा फैंस का ध्यान टीम इंडिया के लिए सिर्फ ओपनर नहीं, उपयोगी ऑलराउंडर अभिषेक शर्मा आमतौर पर टीम इंडिया के लिए पारी की शुरुआत करने उतरते हैं, लेकिन उनकी भूमिका सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है. वह बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कप्तान को एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प देते हैं. टी20 इंटरनेशनल में अब तक अभिषेक ने 56 मैचों में 1,629 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 187.24 है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा देता है. उनके नाम टी20 इंटरनेशनल में 2 शतक और 11 अर्धशतक हैं. गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 21 पारियों में 10 विकेट लिए हैं और उनका इकॉनमी रेट 8.47 रहा है. टी20 इंटरनेशनल में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 135 रन है, जो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ फरवरी 2025 में बनाया था. वहीं, जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 3/17 के अपने सर्वश्रेष्ठ टी20I गेंदबाजी प्रदर्शन की बराबरी की. ये भी पढ़ें: Smriti Mandhana: मिताली राज से आगे निकलीं स्मृति मंधाना, बनीं सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाने वाली बल्लेबाज T20I बल्लेबाजी रैंकिंग में नंबर-3 पर अभिषेक अभिषेक शर्मा की बढ़ती लोकप्रियता और प्रदर्शन का असर उनकी रैंकिंग में भी दिखाई देता है. मौजूदा आंकड़ों के अनुसार वह T20I बल्लेबाजों की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं. 26 साल की उम्र में उनका यह मुकाम बताता है कि उन्होंने कितनी तेजी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाई है. मैदान के बाहर भी चर्चा में रहते हैं अभिषेक अभिषेक शर्मा की बढ़ती लोकप्रियता के साथ उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी अक्सर चर्चा होती रहती है. उनका नाम फैशन उद्यमी लैला फैसल के साथ जोड़ा जाता रहा है. हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और उपलब्ध रिपोर्टों में इसे महज अफवाह या अटकल के तौर पर ही बताया गया है. लैला फैसल फैशन इंडस्ट्री से जुड़ी हैं और अपनी मां के साथ एक लग्जरी फैशन लेबल चलाती हैं. अभिषेक के मैचों और उनके परिवार से जुड़े कुछ मौकों पर उनकी मौजूदगी ने इन अटकलों को हवा दी, लेकिन दोनों की ओर से रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. ये भी पढ़ें: Namibia vs Zimbabwe: इनोसेंट कैया के तूफानी 72 रन से जिम्बाब्वे ने नामीबिया को 5 विकेट से हराया The post Abhishek Sharma 26th Birthday: 17 की उम्र में IPL से शुरू हुआ था स्टार बनने का सफर, आज T20I के टॉप बल्लेबाजों में शुमार है नाम appeared first on Naya Vichar.

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Best BTech College: बिहार में टेक हब का जलवा, Google और Amazon में प्लेसमेंट

Best BTech College: जब बात देश के बेहतरीन टेक माइंड्स और मोटी सैलरी वाले पैकेजेस की होती है, तो सबकी नजरें अमरीका या बैंगलोर पर टिक जाती हैं. लेकिन ठहरिए, इस बार सुर्खियां बिहार के तीन प्रीमियम इंजीनियरिंग कॉलेजों ने बटोरी हैं. बिहटा की हरियाली में बसा IIT पटना, गंगा किनारे सालों से अपनी साख जमाए NIT पटना और नई ऊंचाइयों को छूता IIIT भागलपुर. Best BTech College का प्लेसमेंट एक नजर में संस्थान (Institute) हाईएस्ट पैकेज (Highest CTC) प्रमुख कंपनियां (Top Recruiters) हाइलाइट्स (Key Highlights) IIT पटना 56 लाख Google, Microsoft, Amazon, Adobe, Nvidia, Qualcomm Google से 30 छात्रों को PPO, CSE/AI का दबदबा NIT पटना 41.37 लाख Microsoft, Amazon, Infosys, Google, L&T 500 से अधिक जॉब ऑफर्स, CSE में 65% प्लेसमेंट IIIT भागलपुर 60 लाख Amazon, top tech firms 161+ ऑफर्स, 130+ कंपनियां, प्रांजलि का Amazon चयन Google की नजर और IIT पटना के धुरंधर IIT पटना के कैंपस में इस बार खुशी की लहर कुछ अलग ही अंदाज में आई है. दिग्गज टेक कंपनी Google ने संस्थान के प्रति अपनी दीवानगी साफ जाहिर कर दी है. समर इंटर्नशिप के दौरान छात्रों की बेहतरीन कोडिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स को देखते हुए टेक जायंट ने 30 छात्रों को सीधे प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) थमा दिया. बीटेक के सातवें सेमेस्टर के इन 30 होनहारों ने इंटर्नशिप में ऐसा काम किया कि कंपनी ने इंटरव्यू के झंझट के बिना ही नौकरी कन्फर्म कर दी. यह आंकड़ा दिखाता है कि गूगल जैसे ग्लोबल ब्रांड्स के लिए IIT पटना अब एक पसंदीदा हंटिंग ग्राउंड बन चुका है. BTech CSE, AI और मैथेमेटिक्स का चला जादू डिजिटल दुनिया के इस दौर में डेटा और एल्गोरिदम ही असली राजा हैं. IIT पटना के नतीजों ने इस बात पर मुहर लगा दी है. गूगल में चयनित 30 में से 17 छात्र अकेले कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग ब्रांच के हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): AI ब्रांच के छात्रों ने अत्याधुनिक मॉडल्स और मशीन लर्निंग प्रोजेक्ट्स पर अपनी महारत साबित की. मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग: डेटा साइंस और एल्गोरिदम के इस दौर में मैथ-कंप्यूटिंग के छात्रों की भारी मांग रही. कंप्यूटर साइंस (CSE): सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कोर कोडिंग में CSE के छात्रों का दबदबा बरकरार रहा. 56 लाख का हाईएस्ट पैकेज The post Best BTech College: बिहार में टेक हब का जलवा, Google और Amazon में प्लेसमेंट appeared first on Naya Vichar.

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शुभेंदु की चेतावनी- पूरा वंदे मातरम् नहीं गाया तो रुक जायेंगे स्कूलों के पैसे, वाममोर्चा और टीएमसी पर बोला हमला

Bengal CM Suvendu Adhikari on Vande Mataram: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के स्कूलों में पूरा वंदे मातरम् गाना अनिवार्य है. जिन स्कूलों में इसका पालन नहीं किया जायेगा, उनकी मदद रोक दी जायेगी. उन्होंने वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस की प्रशासनों पर शिक्षा व्यवस्था को ‘बर्बाद’ करने का आरोप लगाया है. विवेकानंद विद्या विकास परिषद के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रशासन स्कूली शिक्षा में सुधार के साथ हिंदुस्तानीय संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रवादी मूल्यों को बहाल करने का प्रयास कर रही है. ‘सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना हुई कमजोर’ मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली प्रशासनों के दौरान शिक्षा-व्यवस्था और पाठ्यक्रम में ऐसे बदलाव किये गये, जिनसे राज्य की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना कमजोर हुई. उन्होंने कहा- छात्रों की मदद करना राज्य प्रशासन का कर्तव्य है. लेकिन पश्चिम बंगाल की स्कूली शिक्षा का पाठ्यक्रम और शिक्षा व्यवस्था 34 साल के वामपंथी शासन और 15 साल के तृणमूल शासन के दौरान बदहाल रही. इन दोनों प्रशासनों ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया. स्कूलों में वंदे मातरम् का पूरा अंतरा अनिवार्य, मदद रोकने की चेतावनी मुख्यमंत्री ने स्कूलों को चेतावनी दी कि प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम् का पूरा अंतरा गाना अनिवार्य रूप से लागू नहीं करने पर वित्तीय सहायता और प्रशासन की अन्य मदद रोकी जा सकती है. गोल पार्क स्थित रामकृष्ण मिशन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने वंदे मातरम् का पूरा अंतरा गाने पर आपत्ति जतायी थी. उनके अनुसार, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि प्रशासनी सहायता बंद कर दी जायेगी. शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि इसके बाद संबंधित लोगों ने कुछ हद तक अपना रुख बदला. ये भी पढ़ें: भवानीपुर में बोले शुभेंदु अधिकारी- बंगाल में रहना है तो वंदे मातरम् गाना होगा अंग्रेजी शिक्षा से वंचित रखने का आरोप मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि वाममोर्चा शासन के दौरान अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा को सीमित किया गया, जबकि तृणमूल शासन में ‘तुष्टीकरण की नेतृत्व’ के जरिये स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव किये गये. उन्होंने दावा किया कि कुछ शब्दों को जान-बूझकर बदलकर पढ़ाया गया. मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘मां’, ‘जल’ और ‘आकाश’ जैसे शब्दों के स्थान पर क्रमशः ‘अम्मा’, ‘पानी’ और ‘आसमान’ का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने इसे ‘सूक्ष्म बदलाव’ बताते हुए कहा कि ये ईश्वर चंद्र विद्यासागर और स्वामी विवेकानंद जैसे शिक्षाविदों की सोच के विपरीत थे. ये भी पढ़ें: बंगाल के स्कूलों में सुबह-सुबह वंदे मातरम गाना अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने वीडियो रिकॉर्डिंग भी करने को कहा एनसीसी को स्कूल-कॉलेजों में अनिवार्य करने की तैयारी मुख्यमंत्री ने शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) पर कथित रोक को ‘अक्षम्य अपराध’ बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर राज्य में और अधिक सैनिक स्कूल खोलने का अनुरोध किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में एनसीसी को अनिवार्य करने की अनुमति मांगते हुए रक्षा मंत्री को पत्र भी भेजा है. उनके मुताबिक, राजनाथ सिंह ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है. छात्रवृत्ति और शिक्षक नियुक्ति के मुद्दे पर तृणमूल पर निशाना मुख्यमंत्री ने पिछली तृणमूल प्रशासन की शिक्षा नीति पर बच्चों में ‘विभाजन पैदा करने’ का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि कक्षा पांच से आठ तक की छात्रवृत्ति केवल मुस्लिम छात्रों के लिए उपलब्ध करायी गयी, जबकि अन्य समुदायों के विद्यार्थियों को इससे वंचित रखा गया. शिक्षक नियुक्ति घोटाले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे ‘तृणमूल कांग्रेस की करतूत’ बताया. उन्होंने दावा किया कि भाजपा प्रशासन शिक्षा व्यवस्था में संस्थागत भ्रष्टाचार को खत्म करेगी. ये भी पढ़ें: वंदे मातरम् के ‘अपमान’ पर नेतृत्व गरमायी : शुभेंदु बोले- पूरा बंगाल आक्रोशित, राशिद अल्वी ने राष्ट्रगीत को बताया ‘मजहबी’ ‘फ्री फिलीस्तीन’ और ‘कश्मीर मांगे आजादी’ नारों पर भी हमला जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) की दीवारों पर लिखे नारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परिसर में अब भी ‘फ्री फिलिस्तीन’ और ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे लिखे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनकी प्रशासन की नीति ‘राष्ट्रविरोधी गतिविधियों’ को कतई बर्दाश्त नहीं करने की है. ‘समय देने के बाद बंगाल ने किया बदलाव’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने आजादी के बाद कांग्रेस, संयुक्त मोर्चा, वाममोर्चा और फिर तृणमूल कांग्रेस को शासन का पर्याप्त अवसर दिया. सीएम ने कहा कि जनता ने सही समय पर राज्य में बदलाव भी किया. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यदि तृणमूल शासन के दौरान अपनायी गयी शिक्षा नीति कुछ और समय तक जारी रहती, तो राज्य के मूल्य, विरासत, परंपरा, देशभक्ति और राष्ट्रवाद ‘खत्म होने के कगार’ पर पहुंच जाते. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति बनी रहती, तो बंगाल की शिक्षा व्यवस्था और बांग्लादेश की इस्लामी शिक्षा व्यवस्था के बीच कोई अंतर नहीं रह जाता. The post शुभेंदु की चेतावनी- पूरा वंदे मातरम् नहीं गाया तो रुक जायेंगे स्कूलों के पैसे, वाममोर्चा और टीएमसी पर बोला हमला appeared first on Naya Vichar.

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जन्माष्टमी पर सुबह-सुबह कर लें ये 5 काम, लड्डू गोपाल की पूजा में नहीं होगी कोई गलती

Janmashtami Puja Rules: भगवान श्री कृष्ण का जन्मदिन यानी जन्माष्टमी का त्योहार हमारे लिए बहुत ही खास और खुशियों से भरा हुआ दिन होता है. इस दिन घरों में कान्हा जी के बाल रूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है. मान्यताओं के अनुसार अगर इस खास दिन की शुरुआत सही तरीके और सही नियमों का पालन करते हुए की जाए, तो पूरा दिन बहुत ही अच्छी तरह से बीतता है और साथ ही हमें भगवान कृष्ण का आशीर्वाद भी मिलता है. अगर आप भी चाहते हैं कि जन्माष्टमी के इस खास दिन पर आपकी पूजा बिल्कुल सही तरीके से हो, तो आज का यह आर्टिकल आपके काफी काम का साबित होने वाला है. आज हम आपको 5 ऐसे कामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको जन्माष्टमी की सुबह सबसे पहले कर लेना चाहिए. तो चलिए, इन कामों के बारे में विस्तार से जानते हैं. सुबह जल्दी उठें और नहाकर साफ कपड़े पहन लें जन्माष्टमी की सुबह सूरज उगने से पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में उठने की कोशिश करें. बिस्तर छोड़ते ही सबसे पहले भगवान कृष्ण का ध्यान करें. इसके बाद नहाने की तैयारी करें और नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल ज़रूर मिला लें. स्नान करने के बाद एकदम साफ-सुथरे कपड़े पहनें. मान्यताओं के अनुसार जन्माष्टमी के दिन पीले, लाल या हरे रंग के कपड़े पहनना बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन गलती से भी आपको काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए. ये भी पढ़ें: जन्माष्टमी पर घर में जरूर करें ये 5 काम, दूर होंगे वास्तु दोष और बरसेगी कान्हा जी की कृपा व्रत और पूजा का संकल्प लें अच्छे से नहाने के बाद अपने घर के मंदिर में दीपक ज़रूर जलाएं. इसके बाद अपने हाथ में थोड़ा सा पानी और फूल लेकर उपवास का संकल्प लें. संकल्प लेने का अर्थ होता है कि आप भगवान के सामने यह तय कर रहे हैं कि आप आज का व्रत किस तरह से रखने वाले हैं, जैसे कि बिना पानी पिए या सिर्फ फल और दूध खाकर. जब आप संकल्प ले रहे हों, तो मन ही मन कान्हा जी से प्रार्थना करें कि आपका यह व्रत बिना किसी परेशानी के पूरा हो जाए. घर के मुख्य दरवाजे और मंदिर की सफाई करें मान्यताओं के अनुसार जिस जगह पर सफाई होती है, उसी जगह पर भगवान का वास होता है. इसलिए सुबह-सुबह अपने घर के मेन गेट को अच्छे से साफ करें और ताजे अशोक के पत्तों का तोरण भी जरूर लगाएं. इसके बाद पूजा घर और मंदिर की अच्छे से सफाई करें. कान्हा जी के झूले और उनके बैठने की जगह को भी साफ कपड़े और गंगाजल से पवित्र जरूर कर लें. ये भी पढ़ें: पर्स में पैसे रखने का सही तरीका क्या है? इन छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान, बढ़ेगी पैसों की बचत लड्डू गोपाल को नहलाएं और उनका सुंदर श्रृंगार करें मान्यताओं के अनुसार आपको सुबह की पूजा में सबसे पहले अपने घर के लड्डू गोपाल को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और चीनी का मिश्रण) और साफ पानी से नहलाना चाहिए. इसके बाद उन्हें साफ कपड़े से पोंछकर सुंदर और नए कपड़े पहनाने चाहिए. इसके बाद उन्हें मुकुट, बांसुरी, मोरपंख और गले में माला पहनाकर सजाना चाहिए. अंत में उनके माथे पर चंदन का तिलक लगाएं और उन्हें प्यार से झूले में बैठाएं. कान्हा जी को पहला भोग लगाएं और मंत्र का जाप करें कान्हा जी को झूले पर बैठाने के बाद उन्हें सुबह का पहला नाश्ता यानी भोग लगाएं. लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री, दूध और फ्रेश फल बहुत पसंद हैं. एक बात का खास ख्याल रखें कि कान्हा जी के भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें, क्योंकि तुलसी के बिना वे भोग स्वीकार नहीं करते. भोग लगाने के बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “हरे कृष्ण” मंत्र का शांत मन से जाप करें. ये भी पढ़ें: तिजोरी में रखते हैं पैसा तो भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, बढ़ जाएंगे बेवजह के खर्चे और आने लगेंगी पैसों से जुड़ी परेशानियां The post जन्माष्टमी पर सुबह-सुबह कर लें ये 5 काम, लड्डू गोपाल की पूजा में नहीं होगी कोई गलती appeared first on Naya Vichar.

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