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October 9, 2026

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11 अक्टूबर से सूर्य बदलेंगे नक्षत्र, करियर और धन के मामले में किन 5 राशि के लोगों को मिल सकता है भाग्य का साथ

Surya Nakshatra Parivartan: ग्रहों में राजा माने जाने वाले सूर्य गोचर के अलावा नक्षत्र परिवर्तन करते हैं. वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, सूर्य देव 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. सूर्य देव इस नक्षत्र में 24 अक्टूबर तक मौजूद रहेंगे. ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य जयशंकर तिवारी से जानते हैं सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन किन 5 राशि के जातकों के लिए खास रहने वाला है. मेष राशि: किस्मत का साथ मिलेगा सूर्य के चित्रा नक्षत्र में जाने के बाद मेष राशि के जातकों अच्छे दिन शुरू होंगे. इस दौरान आत्मबल बना रहेगा. कार्यों में भरपूर उत्साह और ऊर्जा महसूस करेंगे. नेतृत्व से जुड़े जातकों को उच्च पद की प्राप्ति का योग बनेगा. सेना में काम करने वाले लोग ऊंचा मुकाम हासिल कर सकते हैं. नौकरी में अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा. नौकरीपेशा जातकों को किस्मत का साथ मिलेगा. सिंह राशि: धन की स्थिति अच्छी रहेगी किसी भी काम को पूरी निष्ठा से करेंगे जिसके अधिकारी खुश रहेंगे. आत्मविश्वास मजबूत रहेगा. काम और रोजगार में तरक्की होगी. व्यापार करने वाले जातकों का मुनाफा बढ़ेगा. स्पोर्ट्स में प्रदर्शन अच्छा रहेगा, जिसका आने वाले समय में लाभ मिल सकता है. धन की स्थिति अच्छी रहेगी, क्योंकि पिता से आर्थिक लाभ का योग है. सूर्य ग्रह की अनुकूल स्थिति से करियर में तरक्की होगी. कन्या राशि: प्रशासनिक अधिकारी की मदद मिलेगी प्रशासनी नौकरी करने वाले जातकों को अधिकारियों की मदद से कोई काम बनेगा. प्रशासनिक अधिकारी की मदद मिल सकती है. बैंक में काम करने वाले लोगों को उपहार मिलेगा. नौकरी के प्रयास में जुटे छात्रों को शुभ समाचार मिलेगा. सूर्य नक्षत्र परिवर्तन इंफोग्राफिक्स (इमेज- एआई) तुला राशि: पिता से आर्थिक सहयोग का योग बिजनेस करने वाले लोगों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी. कारोबार में जुड़ा कोई काम बनेगा, जिससे चिंता दूर होगी. किसी काम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे. आत्मविश्वास मजबूत होगा. सेना में काम करने वाले जातकों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है. किसी नए काम को लेकर पिता से आर्थिक सहयोग मिल सकता है. धनु राशि: समाज में मान-सम्मान प्राप्त करेंगे धनु राशि के जातक महत्वाकांक्षी बनेंगे. साहस के बल पर कोई ऐसा काम करेंगे, जिससे समाज में प्रशंसा होगी. छात्रों का आत्मविश्वास मजबूत होगा. पिता की संपत्ति का लाभ मिलेगा. नेतृत्व से जुड़े जातक समाज में मान-सम्मान प्राप्त करेंगे. प्रशासनी योजना को लेकर किए गए कार्यों की तारीफ होगी. ये भी पढ़ें: Sun Transit 2026: 17 अक्टूबर से शुरू होगी इन 4 राशि वालों की तरक्की, जानें करियर पर क्या पड़ेगा असर The post 11 अक्टूबर से सूर्य बदलेंगे नक्षत्र, करियर और धन के मामले में किन 5 राशि के लोगों को मिल सकता है भाग्य का साथ appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका में TCS-Infosys समेत 8 टेक कंपनियों पर ग्रीन कार्ड एक्शन, IT जॉब्स और H-1B वीजा पर क्या असर?

अमेरिका में हिंदुस्तानीय आईटी कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता मुश्किल हो सकता है. अमेरिकी प्रशासन ने टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएलटेक समेत आठ टेक कंपनियों की ग्रीन कार्ड से जुड़ी पीईआरएम प्रक्रिया पर रोक लगाई है. इस सूची में माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी भी शामिल हैं. इस फैसले से इन कंपनियों के उन विदेशी कर्मचारियों की स्थायी निवास पाने की प्रक्रिया में देरी हो सकती है, जिनके मामले इस प्रक्रिया से जुड़े हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी कर्मचारियों की नौकरी या एच-1बी वीजा खत्म हो गया है. अमेरिका ने किन 8 टेक कंपनियों पर की कार्रवाई? इस सूची में चार हिंदुस्तानीय कंपनियां- टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएलटेक शामिल हैं. इनके अलावा कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी और फ्रांस की कैपजेमिनी का नाम भी सामने आया है. ये कंपनियां अलग-अलग तरह की तकनीकी सेवाएं देती हैं. टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएलटेक सॉफ्टवेयर और आईटी सेवाओं के लिए जानी जाती हैं. माइक्रोसॉफ्ट विंडोज और क्लाउड सेवाएं देती है, जबकि एडोबी फोटो, वीडियो और पीडीएफ से जुड़े सॉफ्टवेयर बनाती है. कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी दूसरी कंपनियों को तकनीकी सेवाएं और सलाह देती हैं. ग्रीन कार्ड और पीईआरएम क्या है? ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है. कई हिंदुस्तानीय कर्मचारी पहले एच-1बी जैसे वर्क वीजा पर अमेरिका जाते हैं और बाद में कंपनी की मदद से ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं. PERM इस प्रक्रिया का एक अहम चरण है. इसमें कंपनी को यह दिखाना होता है कि संबंधित नौकरी के लिए अमेरिकी कर्मचारियों को मौका देने की जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई है और विदेशी कर्मचारी को नौकरी देने से जुड़े नियमों का पालन हुआ है. इस प्रक्रिया पर रोक लगने से प्रभावित कंपनियां नए आवेदन दाखिल नहीं कर पाएंगी और लंबित मामलों की प्रक्रिया भी रुक सकती है. इससे कुछ कर्मचारियों को ग्रीन कार्ड मिलने में देरी हो सकती है. H-1B वीजा और IT जॉब्स पर क्या असर होगा? एच-1बी वीजा विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में तय शर्तों के तहत काम करने की अनुमति देता है, जबकि ग्रीन कार्ड स्थायी निवास का रास्ता है. दोनों अलग-अलग हैं. PERM प्रक्रिया पर रोक लगने का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों का मौजूदा एच-1बी वीजा अपने आप रद्द हो जाएगा. इसी तरह, इस फैसले से सभी हिंदुस्तानीय आईटी कर्मचारियों की नौकरी जाने का दावा करना भी सही नहीं होगा. हालांकि, जिन कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड प्रक्रिया प्रभावित हुई है, उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है. वास्तविक असर हर कर्मचारी के मामले और उसकी वीजा स्थिति पर निर्भर करेगा. हिंदुस्तानीय IT कंपनियों की भर्ती पर क्या असर पड़ेगा? टीसीएस, इंफोसिस और दूसरी हिंदुस्तानीय आईटी कंपनियां अमेरिकी ग्राहकों को सॉफ्टवेयर और तकनीकी सेवाएं देती हैं. इस फैसले के बाद उन्हें अमेरिका में कर्मचारियों को भेजने और उनके स्थायी निवास से जुड़ी योजनाओं पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कंपनियां हिंदुस्तान में भर्ती बढ़ा देंगी या अमेरिका में नौकरियां कम कर देंगी. अमेरिकी प्रशासन ने अपनी कार्रवाई के पीछे विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने से जुड़े नियमों के कथित गलत इस्तेमाल और अमेरिकी कर्मचारियों के अवसरों की रक्षा करने की बात कही है. इन आरोपों को साबित हुआ अपराध नहीं माना जाना चाहिए. आगे क्या होगा? इस कार्रवाई का सबसे सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिनकी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया PERM चरण में है. बाकी कर्मचारियों की नौकरी और वीजा पर असर उनकी अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. हिंदुस्तानीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी है कि वे ग्रीन कार्ड और एच-1बी वीजा को एक जैसा न समझें. फिलहाल इस फैसले को सभी हिंदुस्तानीय टेक कर्मचारियों की नौकरी पर खतरे के रूप में देखना सही नहीं होगा. आगे का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि रोक कितने समय तक लागू रहती है और अमेरिकी अधिकारी प्रभावित मामलों पर क्या फैसला लेते हैं. झारखंड के राजनगर से Infosys के अगले CEO पद तक, जानिए आशीष दाश के संघर्ष की पूरी कहानी The post अमेरिका में TCS-Infosys समेत 8 टेक कंपनियों पर ग्रीन कार्ड एक्शन, IT जॉब्स और H-1B वीजा पर क्या असर? appeared first on Naya Vichar.

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Aaj Ki Taza Khabar: नंदीग्राम से नगांव तक 6 सीटों का फैसला आज, उपचुनाव की वोटों की गिनती जारी

Aaj Ki Taza Khabar LIVE: 9 अक्टूबर की ताजा समाचारों और दिनभर के बड़े अपडेट्स के लिए हमारे साथ जुड़े रहें. इस लाइव अपडेट में आपको पल-पल की हर जरूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी. The post Aaj Ki Taza Khabar: नंदीग्राम से नगांव तक 6 सीटों का फैसला आज, उपचुनाव की वोटों की गिनती जारी appeared first on Naya Vichar.

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IND vs WI: 45 महीने बाद रांची में दिखेगा T20I मैच का रोमांच, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी फैंस की नजरें

IND vs WI Ranchi T20 Match: झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के रोमांच के लिए तैयार है. शुक्रवार, 9 अक्टूबर को हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला स्पोर्ट्सा जाना है. करीब 45 महीने के बाद रांची के जेएससीए स्टेडियम T20I मैच का आयोजन होगा. मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है. इस बार दर्शकों की नजरें खास तौर पर अपने घरेलू मैदान पर लौट रहे ईशान किशन और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी. वहीं, हिंदुस्तानीय टीम की कोशिश जीत के सिलसिले को जारी रखते हुए सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करने की होगी. करीब तीन साल बाद रांची में टी20 इंटरनेशनल का रोमांच पहले टी20 में हिंदुस्तान ने दर्ज की थी शानदार जीत हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला लखनऊ में स्पोर्ट्सा गया था. उस मैच में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 171 रन बनाए. कप्तान शाई होप ने 52 रन और शेरफेन रदरफोर्ड ने 56 रन की पारी स्पोर्ट्सी. जवाब में हिंदुस्तानीय टीम ने कप्तान श्रेयस अय्यर के नाबाद 102 रन की मदद से 14.4 ओवर में दो विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया. ईशान किशन ने भी नाबाद 37 रन बनाकर उनका साथ दिया. हिंदुस्तान ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीता और सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई. अब रांची में हिंदुस्तानीय टीम इसी लय को बरकरार रखना चाहेगी. शाम 7 बजे शुरू होगा मुकाबला हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. मैच हिंदुस्तानीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा. ये भी पढ़ें: IND vs WI: ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी को झारखंड के गेंदबाजों ने कराई प्रैक्टिस, स्विंग से प्रभावित हुए अभिषेक शर्मा The post IND vs WI: 45 महीने बाद रांची में दिखेगा T20I मैच का रोमांच, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी फैंस की नजरें appeared first on Naya Vichar.

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छोटा रोल किया तो मारूंगा… जब ‘काला’ के सेट पर नाना पाटेकर ने लगा दी थी पंकज त्रिपाठी की क्लास

Pankaj Tripathi on Nana Patekar: कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जो पर्दे पर आते हैं तो कहानी बदल जाती है. उनकी आंखों में गुस्सा हो, चेहरे पर मुस्कान या आवाज में दर्द, हर अंदाज दर्शकों के दिल में उतर जाता है. नाना पाटेकर भी ऐसे ही कलाकार थे. ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले नाना अब हमारे बीच नहीं रहे. गुरुवार तड़के गोवा स्थित अपने आवास पर दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. लेकिन नाना की कहानी सिर्फ उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं थी. उनके साथ काम करने वाले कलाकारों के दिल में उनकी डांट, उनकी सीख और उनका प्यार भी हमेशा जिंदा रहेगा. एक्टर पंकज त्रिपाठी के पास भी नाना से जुड़ी ऐसी ही एक याद है, जिसे सुनकर समझ आता है कि वह सिर्फ बड़े कलाकार नहीं, बल्कि कलाकारों को तराशने वाले गुरु भी थे. पंकज त्रिपाठी के लिए गुरु जैसे थे नाना पंकज त्रिपाठी ने नाना को याद करते हुए बताया कि उनके जीवन में कुछ ऐसे कलाकार रहे हैं, जिनके प्रति प्रेम और सम्मान के कारण उन्होंने छोटी भूमिकाएं भी स्वीकार कीं. इरफान खान के लिए ‘अंग्रेजी मीडियम’ में टनटन का किरदार और नाना पाटेकर के साथ ‘काला’ में काम करना उनके लिए ऐसे ही अनुभव थे. नाना पाटेकर, फोटो- इंस्टाग्राम वह अक्सर बताते थे कि गांव में रहकर उन्हें सुकून मिलता है. शायद यही सादगी उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाती थी. वह अभिनय में जितने प्रभावशाली थे, निजी जिंदगी में उतने ही जमीन से जुड़े हुए थे. ये भी पढ़ें: करोड़ों की दौलत और स्टारडम पर लात मारकर गांव क्यों भाग गए थे नाना पाटेकर? एक कलाकार, जिसकी डांट भी याद रहेगी नाना पाटेकर का जाना हिंदी और मराठी सिनेमा के लिए बड़ी क्षति है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अभिनेता पंकज त्रिपाठी समेत कई लोगों ने उन्हें याद किया. पंकज के लिए नाना की याद सिर्फ एक महान अभिनेता की नहीं, बल्कि उस गुरु की भी है, जिसने उन्हें उनकी काबिलियत का एहसास कराया. ये भी पढ़ें: ‘रात में ही क्यों किया अंतिम संस्कार?’ नाना पाटेकर के निधन के बाद बेटे मल्हार ने तोड़ी चुप्पी, बताई असली वजह The post छोटा रोल किया तो मारूंगा… जब ‘काला’ के सेट पर नाना पाटेकर ने लगा दी थी पंकज त्रिपाठी की क्लास appeared first on Naya Vichar.

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नए आश्रम से 19 दिन बाद केलिकुंज पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज, रसिक दुलारी मामले में मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

Premanand Maharaj Latest News: वृंदावन के यमुनापार स्थित नए आश्रम यमुना विहार कुंज में साधनारत संत प्रेमानंद महाराज 19 दिन बाद बृहस्पतिवार को श्रीहित राधा केलिकुंज पहुंचे. 19 सितंबर के बाद वह यहां आए. कुछ समय रुकने के बाद संत अपने गुरु संत गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और उनसे आशीर्वाद लिया. इसके बाद जब वह कार से रवाना हुए, तो परिक्रमा मार्ग पर अनुयायियों की भीड़ लग गई. वहीं इधर, रसिक दुलारी मामले में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है. 19 दिन बाद केलिकुंज पहुंचे संत प्रेमानंद संत प्रेमानंद महाराज यमुनापार स्थित अपने नए आश्रम यमुना विहार कुंज में साधना कर रहे हैं. बृहस्पतिवार को वह श्रीहित राधा केलिकुंज पहुंचे. यहां कुछ समय बिताने के बाद वह अपने गुरु संत गौरांगी शरण महाराज के आश्रम गए. गुरु से आशीर्वाद लेने के बाद कार से रवाना होते समय परिक्रमा मार्ग पर अनुयायियों की भीड़ जुट गई. रसिक दुलारी की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा इधर, रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है. आयोग ने इस मामले में अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रेमानंद महाराज के कुछ शिष्यों के खिलाफ जांच की मांग रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक की आत्महत्या के मामले में अखिल हिंदुस्तान हिंदू महासभा और परशुराम शोभायात्रा समिति के पदाधिकारियों ने एसएसपी श्लोक कुमार को प्रार्थना पत्र सौंपा है. इसमें संत प्रेमानंद महाराज के कुछ शिष्यों के खिलाफ सात बिंदुओं पर जांच कराने की मांग की गई है. अनुज बोले- संत के सत्संग ने हृदय को गहराई से प्रभावित किया बरसाना में संन्यासी वेश में मिले सादाबाद क्षेत्र के गांव बरामई निवासी किशोर अनुज का वीडियो साक्षात्कार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें अनुज वृंदावन के वातावरण और संत प्रेमानंद महाराज के सत्संग से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में अनुज कहते हैं कि वृंदावन के वातावरण और गुरुदेव संत प्रेमानंद के सत्संग ने उनके हृदय को गहराई से प्रभावित किया. वह वृंदावन जाने और सत्संग से जुड़े अपने अनुभव साझा करते दिखाई दे रहे हैं. यह भी पढ़ें: प्रेमानंद महाराज 14 दिन बाद केली कुंज पहुंचे, रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद 20 मिनट रुके, फिर अचानक यहां गए The post नए आश्रम से 19 दिन बाद केलिकुंज पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज, रसिक दुलारी मामले में मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान appeared first on Naya Vichar.

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सिकंदर रजा से श्रेयस अय्यर तक, T20I में सबसे तेज शतक लगाने वाले 5 कप्तान

T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में कप्तानों के सबसे तेज शतकों की लिस्ट में सिकंदर रजा सबसे आगे हैं. जिम्बाब्वे के कप्तान ने 2024 में गाम्बिया के खिलाफ नैरोबी में सिर्फ 33 गेंदों में शतक ठोक दिया था. उनके बाद रोहित शर्मा का नंबर है, जिन्होंने 35 गेंद में सेंचुरी लगाई थी. हैरी ब्रूक और हिंदुस्तान के मौजूदा कप्तान श्रेयस अय्यर 42-42 गेंद में शतक लगाकर संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर हैं. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसी ने 46 गेंद में शतक लगाया था. यानी टॉप-5 में चार कप्तान ऐसे हैं, जिन्होंने मिडिल ऑर्डर से आकर यह कारनामा किया. 1. सिकंदर रजा – 33 गेंद में शतक जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं. उन्होंने 2024 में गाम्बिया के खिलाफ नैरोबी में स्पोर्ट्से गए T20I में सिर्फ 33 गेंदों में शतक पूरा किया था. खास बात यह है कि रजा ने यह रिकॉर्ड जिम्बाब्वे में नहीं, बल्कि केन्या की राजधानी नैरोबी में बनाया था. 33 गेंद में शतक के साथ वह फुल-मेंबर टीम के कप्तानों में T20I का सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं. 2. रोहित शर्मा – 35 गेंद में शतक हिंदुस्तानीय कप्तान श्रेयस अय्यर (एक्स) हिंदुस्तान के मौजूदा T20I कप्तान श्रेयस अय्यर ने 6 अक्टूबर 2026 को वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ में 42 गेंदों में अपना पहला T20I शतक पूरा किया. उन्होंने नाबाद 102 रन की पारी स्पोर्ट्सी और हिंदुस्तान ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया. अय्यर नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने आए थे. हिंदुस्तान ने 35 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद अय्यर ने पारी संभाली और तेजी से रन बनाते हुए मैच हिंदुस्तान के पक्ष में कर दिया. 42 गेंद का शतक उन्हें हैरी ब्रूक के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर ले आया. 5. फाफ डु प्लेसी – 46 गेंद में शतक दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसी इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं. उन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जोहानिसबर्ग में 46 गेंदों में T20I शतक लगाया था. उनके नाम का इस लिस्ट में होना इसलिए भी खास है क्योंकि उनके बाद आने वाले कप्तानों ने 42 गेंद या उससे कम में शतक लगाकर इस रिकॉर्ड को और तेज किया. अब फुल-मेंबर टीमों के कप्तानों में सबसे तेज पांच T20I शतकों की सूची में डु प्लेसी पांचवें स्थान पर हैं. टॉप-5 में चार मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज इस लिस्ट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि पांच में से चार कप्तान मिडिल ऑर्डर से बल्लेबाजी करने वाले रहे हैं. सिकंदर रजा, हैरी ब्रूक, श्रेयस अय्यर और फाफ डु प्लेसी ने कप्तान के तौर पर मिडिल ऑर्डर से आकर तेज शतक लगाए, जबकि रोहित शर्मा इस सूची में अकेले प्रमुख ओपनर हैं. ये भी पढ़ें: U19 Asia Cup 2026: पाकिस्तान से बदला लेने उतरेगा हिंदुस्तान, जानें कब-कहां होंगे मुकाबले The post सिकंदर रजा से श्रेयस अय्यर तक, T20I में सबसे तेज शतक लगाने वाले 5 कप्तान appeared first on Naya Vichar.

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तीसरी बार टली 72वीं BPSC की PT परीक्षा, क्या है वजह और कब तक आएगी अगली डेट, जानिए सबकुछ

BPSC PT Exam Postponed: 72वीं बीपीएससी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को तीसरी बार झटका लगा. पीटी की परीक्षा तीसरी बार टाल दी गई. बुधवार को परीक्षा टलने की समाचार सामने आई. सबसे पहले 18 जुलाई 2026 को परीक्षा लेने का अनाउंसमेंट किया गया था. लेकिन उसे टाल दिया गया और नई तारीख 25 अक्टूबर 2026 तय की गई. इसके बाद दूसरी बार तय की गई तारीख को भी टाल दिया गया. लेकिन अब तक नई तारीख तय नहीं की गई है. कितने अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन और पदों की संख्या 72वीं बीपीएससी के लिए लगभग 5 लाख 15 हजार अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है. 71वीं बीपीएससी की बात करें तो, उसके लिए करीब 4 लाख 71 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. इस तरह से साफ देखा जा सकता है कि इस बार 44 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन दिए हैं. बीपीएससी की ओर से पूरे 1189 पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी. पहले भी कई बार टल चुकीं हैं BPSC की परीक्षाएं यह पहली बार नहीं है जब बीपीएससी की परीक्षा की तारीख में बदलाव किया गया. इससे पहले 71वीं बीपीएससी की परीक्षा को लेकर इसी तरह की स्थिति देखने के लिए मिली थी. पहले परीक्षा की तारीख 10 सितंबर 2025 तय की गई थी लेकिन बाद में इसे बदलकर 13 सितंबर 2025 की गई. इस वक्त पूरे 1298 पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई थी. इसी तरह से 70वीं बीपीएससी की परीक्षा के डेट में भी बदलाव किया गया था. पहली बार 30 सितंबर 2024 को परीक्षा होने वाली थी लेकिन किसी कारण परीक्षा टल गई. इसके बाद नई तारीख का ऐलान किया गया और 17 नवंबर 2024 को परीक्षा लेने का ऐलान किया गया. लेकिन फिर डेट आगे बढ़ी और 13 दिसंबर 2024 को परीक्षा ली गई. इस दौरान पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी की समाचार सामने आई थी. अभ्यर्थियों ने परीक्षा कैंसिल कराने के लिए जमकर प्रदर्शन किया था. इसके बाद जिन भी अभ्यर्थियों का सेंटर बापू परीक्षा केंद्र पर था, उनके लिए 4 जनवरी 2025 को री-एग्जाम आयोजित किया गया था. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 72वीं BPSC PT एग्जाम टलने की क्या हो सकती है वजह? 72वीं बीपीएससी की पीटी की परीक्षा टलने की कई वजहें बताई जा रहीं हैं. जानकारों की माने तो, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई 15 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 तक छुट्टी पर हैं. बताया गया था कि व्यक्तिगत कारणों की वजह से रवि मनुभाई छुट्टी पर हैं. इस वजह से तारीख आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा हाल ही में बिहार विधान परिषद चुनाव का ऐलान किया गया था. 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 27 अक्टूबर को काउंटिंग होगी. चुनाव की वजह से शिक्षक और स्नातक पास युवा दोनों व्यस्त हैं. इतना ही नहीं, विधान परिषद चुनाव में शिक्षक और स्नातक वोटर्स मुख्य भूमिका में होते हैं. गवर्नमेंट एग्जाम के दौरान कई कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया जाता है. चुनाव के बीच में 25 अक्टूबर को परीक्षा होने वाली थी. ऐसे में कर्मियों की व्यस्तता भी परीक्षा टलने की वजह मानी जा रही है. परीक्षा टलने की एक और वजह पर्व-त्योहारों को भी माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि दशहरा, दिवाली और छठ महापर्व के लिए दूसरे राज्यों से लोग बिहार आते हैं. इस वजह से ट्रेनों में भीड़भाड़ की समस्या काफी ज्यादा हो जाती है. बीपीएससी की परीक्षा के लिए अलग-अलग जिलों में कई सेंटर बनाए जाते हैं. कई बार ऐसा देखा जाता है कि ट्रेन लेट होने की वजह से या फिर छूट जाने की वजह से अभ्यर्थियों की परीक्षाएं छूट जातीं हैं. पर्व-त्योहार के दौरान ट्रेनों में भीड़भाड़ की वजह से ऐसी स्थिति हो सकती है कि अभ्यर्थी सेंटर तक आसानी से नहीं पहुंच पाएं. इस तरह से परीक्षा टलने की वजह इन्हीं तीन कारणों को माना जा रहा है. कब तक हो सकती है BPSC PT की परीक्षा? जानकारों की माने तो, नवंबर 2026 से अंतिम सप्ताह या फिर दिसंबर महीने में परीक्षा की तारीख आ सकती है. माना जा रहा है कि 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा. इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी. आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके साथ ही छठ महापर्व पूरे बिहार में मनाया जाता है. पर्व के बीच में परीक्षा लेना संभव नहीं है. 16 नवंबर तक छठ महापर्व भी समाप्त हो जाएगा. इसके बाद ही परीक्षा आयोजित की जा सकती है. लेकिन नई तारीख को लेकर बीपीएससी की ओर से ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहें. 2026 में बिहार गवर्नमेंट की कई परीक्षाएं कैंसिल और रद्द बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने 27 मई 2026 को दारोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा कराई थी. परीक्षा दो पालियों में हुई थी. बाद में आयोग ने इसे रद्द कर दिया. आयोग ने परीक्षा रद्द करने के पीछे अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया था. बिहार लोक सेवा आयोग की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी यानी AEDO परीक्षा भी रद्द की गई. यह परीक्षा 14 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 के बीच हुई थी. परीक्षा कुल 9 पालियों में आयोजित की गई थी. परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर गड़बड़ी की घटनाएं सामने आई थीं. रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में कई एफआईआर दर्ज हुईं. कुछ अभ्यर्थियों पर भी कार्रवाई हुई. इसके बाद आयोग ने पूरी परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया. BPSC की सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी यानी APSWMO परीक्षा भी रद्द की गई. यह परीक्षा 23 अप्रैल 2026 को हुई थी. BPSC से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद इसे रद्द करने का फैसला लिया गया. बिहार सिविल कोर्ट में चपरासी और अटेंडेंट के 1673 पदों पर भर्ती के लिए 15 मार्च 2026 को प्रारंभिक परीक्षा हुई थी. बाद में इस परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया. परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों को नई तारीख

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‘हरे रामा हरे कृष्णा’ में देव आनंद की बहन बनने से कर दिया था इनकार, जाहिदा हुसैन की वो जिद जिसने जीनत अमान को बनाया सुपरस्टार

लोग मुझसे कहते थे कि देव आनंद जैसे सुपरस्टार का ऑफर ठुकराकर मैंने अपने ही करियर को नुकसान पहुंचाया है. पर मुझे किसी के अहसान या समझौते की बदौलत मिला स्टारडम नहीं चाहिए था. मैं अपनी शर्तों पर जीने वाली औरत हूं और हमेशा रहूंगी. ये बेबाक, तीखे और खुद्दारी से भरे शब्द किसी और के नहीं, बल्कि 70 के दशक की मशहूर अदाकारा जाहिदा हुसैन के हैं. इस बयान में न तो कोई अफसोस था और न ही कोई लाचारी. इसमें दिखती थी तो बस उस औरत की अटूट अकड़ और हिम्मत, जिसने बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों और बड़े-बड़े बैनरों के आगे घुटने टेकने से साफ इनकार कर दिया था. 9 अक्टूबर 1944 को मुंबई के सबसे मखमली और आलीशान माहौल में जन्मी नरगिस की भतीजी जाहिदा हुसैन का फिल्मी सफर भले ही बहुत लंबा न रहा हो, लेकिन उनकी जिंदगी का हर पन्ना किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म जैसा रहा है. देव आनंद की फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ से लाखों दिलों की धड़कन बनने वाली इस एक्ट्रेस की ऑन-स्क्रीन लाइफ जितनी हसीन दिखी, उनके फैसले उतने ही चौंकाने वाले रहे. सुपरहिट फिल्मों को लात मारना, अजीबो-गरीब वजहों से बड़े-बड़े रोल ठुकरा देना और फिर अचानक सफलता के शिखर से गायब हो जाना. मरीन ड्राइव के आलीशान बंगले से लेकर पैसों की तंगी, देव आनंद से बगावत से लेकर एक कुत्ते के खौफ में हेमा मालिनी का करियर संवारने तक. आज 9 अक्टूबर 2026 को जाहिदा हुसैन अपना 81वां जन्मदिन मना रही हैं. उनके जन्मदिन के इस खास मौके पर आइए जानते हैं बॉलीवुड की इस बेबाक ‘ग्लैमर क्वीन’ की जिंदगी के वो 5 वाकये, जिन्होंने कभी पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था. हीरोइन बनी थी, अब बहन नहीं बनूंगी, जाहिदा का वो एक इनकार और जीनत अमान की रातों-रात चमकी किस्मत यह किस्सा बॉलीवुड की उन सबसे मजेदार बहसों में गिना जाता है जिसने एक नई हीरोइन की तकदीर बदल दी थी. फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ (1970) में देव आनंद और जाहिदा की रोमांटिक जोड़ी को लोगों ने खूब पसंद किया था. इसके बाद जब देव आनंद अपनी नई फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ की तैयारी कर रहे थे, तो उनके दिमाग में अपनी बहन ‘जैनिस’ के रोल के लिए सबसे पहला नाम जाहिदा का ही आया. देव साहब बहुत उम्मीद लेकर जाहिदा के पास पहुंचे थे. लेकिन जाहिदा ने बड़ी बेबाकी से सीधे उनके मुंह पर कह दिया- “देव जी, जब मैं आपकी पिछली फिल्म में हीरोइन बनकर रोमांस कर चुकी हूं, तो अब अचानक आपकी बहन के रोल में आकर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी क्यों मारूं? दर्शक मुझे आपकी बहन के रूप में कभी कबूल ही नहीं करेंगे.” देव आनंद ने उन्हें बहुत समझाया कि यह रोल कितना दमदार है, लेकिन जाहिदा अपनी बात से टस से मस नहीं हुईं. इस बात से देव साहब थोड़े नाराज भी हुए और दोनों के बीच दूरियां आ गईं. पर जाहिदा की इसी जिद का फायदा मिला जीनत अमान को. हाथ में चिलम थामकर ‘दम मारो दम’ गाने पर थिरकते ही जीनत अमान रातों-रात पूरे देश की क्रश और बॉलीवुड की नई ग्लैमर क्वीन बन गईं. मरीन ड्राइव की रईसी और फिर अचानक आया किस्मत का भूचाल जाहिदा का बचपन मुंबई के मरीन ड्राइव वाले इलाके में एक बड़े और बहुत अमीर परिवार में बीता था. उनके पिता अख्तर हुसैन नामी फिल्म मेकर थे और बुआ नरगिस उस दौर की सबसे बड़ी स्टार थीं. जब तक नरगिस जी की शादी नहीं हुई थी, पूरे परिवार की जिम्मेदारी वही संभालती थीं और घर में किसी चीज की कोई कमी नहीं थी. जाहिदा का बचपन गाड़ियों और बड़े-बड़े कमरों के बीच बीता. लेकिन वक्त हमेशा एक सा नहीं रहता. पिता की बनाई कुछ फिल्में एक के बाद एक फ्लॉप हो गईं. घाटा इतना बढ़ा कि परिवार को अपना फिल्म स्टूडियो और गाड़ियां तक बेचनी पड़ीं. हालांकि, घर में दिन-रात फिल्मों की ही बातें होती थीं, इसलिए जाहिदा का खिंचाव भी धीरे-धीरे कैमरे और एक्टिंग की तरफ होता चला गया. राज कपूर ब्लैंक चेक लेकर पहुंचे थे, लेकिन बुआ नरगिस ने बीच में अड़ा दी टांग जाहिदा दिखने में इतनी प्यारी और हसीन थीं कि उस जमाने के बड़े-बड़े डायरेक्टर उनके साथ काम करना चाहते थे. बॉलीवुड के शोमैन राज कपूर तो उन्हें अपने आरके बैनर से बहुत बड़े लेवल पर लॉन्च करने का मन बना चुके थे. कहा तो यह भी जाता है कि राज कपूर ने जाहिदा के पिता के सामने खाली चेक रख दिया था कि जो रकम चाहिए भर लीजिए, बस जाहिदा को हमारी फिल्म से लॉन्च होने दीजिए. जाहिदा खुद इस मौके को लेकर बहुत खुश थीं, लेकिन तभी बीच में आ गईं उनकी बुआ नरगिस. नरगिस ने घर के कुछ नियमों और अपनी सोच की वजह से इस ऑफर के लिए साफ मना कर दिया. और इस तरह बुआ के एक फैसले ने राज कपूर जैसे बड़े बैनर के साथ जाहिदा की शुरुआत होने से रोक दिया. एक कुत्ते के डर से छोड़ दी ‘लाल पत्थर’, बिल्ली की वजह से हाथ से निकल गई दूसरी फिल्म जाहिदा के फैसले कई बार इतने अजीब होते थे कि सुनकर कोई भी हैरान रह जाए. उन्होंने सुपरहिट फिल्म ‘लाल पत्थर’ में काम करने से मना कर दिया था, जो बाद में हेमा मालिनी को मिली और उनके करियर के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुई. जाहिदा ने यह फिल्म किसी पैसे या रोल की खराबी की वजह से नहीं छोड़ी थी, बल्कि एक कुत्ते के डर से छोड़ी थी. सीन यह था कि एक खूंखार अल्सेशियन कुत्ता उन पर झपटेगा और वे डरकर हीरो राज कुमार की बाहों में गिरेंगी. जाहिदा को कुत्तों और बिल्लियों से इतना डर लगता था कि वे इस सीन के बारे में सुनकर ही घबरा गईं और फिल्म छोड़ दी. हद तो तब हो गई जब उन्होंने एक और फिल्म सिर्फ इसलिए ठुकरा दी क्योंकि उसमें गोद में बिल्ली को उठाकर ‘म्याऊं’ कहना था. देव आनंद के लिए बुना था स्वेटर, जो ‘ज्वेल थीफ’ के गाने में स्क्रीन पर दिखा ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ वाली नाराजगी के बावजूद देव आनंद और जाहिदा के बीच का रिश्ता हमेशा बहुत प्यारा और अपनापन भरा रहा. दोनों के

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09 अक्टूबर की टॉप 20 खबरें : पंचतत्व में विलीन हुए ‘नाना’ और रूपी सोरेन, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक-CJP का प्रदर्शन

1. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा INDIA ब्लॉक, राजघाट पहुंचकर राहुल-खरगे ने किया प्रदर्शन INDIA ब्लॉक ने तीसरे दिन राजघाट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और वोट के अधिकार पर हमले का आरोप लगाया. यहां पढ़ें पूरी समाचार. 2. मां रूपी सोरेन की अंतिम विदाई, नेमरा में फूट-फूटकर रोए CM हेमंत सोरेन, देखें तस्वीरें CM हेमंत सोरेन ने अपनी मां रूपी सोरेन को नम आंखों से अंतिम विदाई दी. नेमरा में पंचतत्व में विलीन हुईं रूपी सोरेन. परिवार और समर्थकों में शोक की लहर. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. 42 पूर्व जजों ने लिखा खुला पत्र: बोले- संवैधानिक संस्थाएं किसी प्रशासन की नहीं, SIR का किया बचाव 42 पूर्व न्यायाधीशों ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर गंभीर चिंता जताई है. बोले- संवैधानिक संस्थाएं किसी प्रशासन की नहीं होतीं. जनता का विश्वास ही लोकतंत्र की पूंजी है. पढ़ें पत्र में और क्या लिखा? पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित घर पर निधन हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था. उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने निधन की पुष्टि की. उनके निधन पर अमिताभ बच्चन, जावेद अख्तर, करण जौहर, हेमा मालिनी समेत कई सितारों ने श्रद्धांजलि दी. नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के डोंजे गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. कौन हैं ऐनी कार्सन? जिन्हें मिला 2026 का साहित्य नोबेल, लेखन का अंदाज है सबसे अलग कनाडाई लेखिका ऐनी कार्सन को 2026 का साहित्य नोबेल पुरस्कार मिला है. जानें उनकी अनोखी लेखन शैली और पुरानी कहानियों को नए अंदाज में पेश करने की कला के बारे में. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. GST Council: अब 10 हजार से कम टैक्स पर नहीं आएगा नोटिस, नहीं होगी गिरफ्तारी; 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए नियम GST काउंसिल की मीटिंग में 10 हजार रुपये से कम टैक्स पर नोटिस नहीं और गिरफ्तारी को खत्म करने का प्रस्ताव जारी किया गया. यह बदलाव 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे. जानिए पूरा मामला. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. अमेरिका में H-1B और Green Card नियमों पर सख्ती, Microsoft-Infosys-Tata-Wipro समेत 7 बड़ी IT कंपनियां प्रभावित अमेरिका ने Microsoft, Infosys, Tata जैसी बड़ी IT कंपनियों को PERM प्रक्रिया से निलंबित कर दिया है. जानें H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड पर इसका क्या असर होगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. ‘कानूनन हम ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा नहीं ले सकते, विवेक के आधार पर देना होगा त्यागपत्र’: सलमान खुर्शीद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफा को लेकर संविधान में क्या जिक्र है और क्या ज्ञानेश कुमार से कानूनी तौर पर इस्तीफा मांग सकते हैं. स्टोरी में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद से इस सवाल का जवाब जानते हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. मस्क ने पूछा- क्या अंबानी हैं हिंदुस्तान के असली बॉस? राहुल गांधी के जवाब पर एलन ने कहा थैंक्यू स्टारलिंक लाइसेंस विवाद के बीच एलन मस्क ने हिंदुस्तान में लाइसेंस न मिलने पर सवाल उठाते हुए पूछा- क्या अंबानी हिंदुस्तान के असली बॉस हैं? इस पर राहुल गांधी ने भी तंज कसते हुए मस्क को जवाब दिया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. CEC ज्ञानेश कुमार की बढ़ाई गई सुरक्षा, आवास से चुनाव आयोग तक कड़ा पहरा; ‘वोट चोरी’ के आरोपों के बीच विपक्ष का प्रदर्शन तेज मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाई गई है. विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. जानिए पूरा मामला. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. 10 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन: दिल्ली में 20 हजार से ज्यादा पुलिस- पैरामिलिट्री जवान तैनात, 9-10 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 20 हजार से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है.पूरी समाचार यहां प्ढ़ें. 12. CJP Protest: अभिजीत दीपके की चेतावनी, सड़कों पर उतरेंगे और CEC के इस्तीफे तक जारी रखेंगे आंदोलन CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने PM मोदी और EC पर लोकतंत्र की हत्या और वोट चोरी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. झारखंड हाईकोर्ट में JSSC CGL मामले में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित, शुक्रवार को JPSC मामले पर होगी बहस झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. JPSC परीक्षाओं पर सुनवाई जारी है. जानिए आगे क्या होगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. IND vs WI 2nd T20: नेट्स में ईशान का तूफान, वैभव ने भी मचाया शोर रांची में हिंदुस्तान-वेस्टइंडीज दूसरे टी20 से पहले नेट्स में ईशान किशन का जलवा दिखा. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने भी सबका ध्यान खींचा. जानें क्या है अपडेट. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. 3 घंटे में महागठबंधन का प्रोटेस्ट खत्म, तेजस्वी ने सुनाई ‘ज्ञानु-ज्ञानु’ कविता, RJD नेताओं को बैरिकेडिंग से फेंका, जानिए और क्या-क्या हुआ पटना में SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महागठबंधन के नेताओं ने प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन 3 घंटों तक चला. इस प्रोटेस्ट में तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी समेत कई नेता शामिल हुए. पूरे 3 घंटे पटना की सड़क पर विपक्ष का जमकर हंगामा देखने के लिए मिला. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 16. लखनऊ में वंदे हिंदुस्तान का एक्सीडेंट: अचानक ट्रैक पर आई गाय, चपेट में आते ही टूट गया इंजन का नोज कोन Vande Bharat Accident: लखनऊ में तेज रफ्तार वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस के सामने अचानक गाय आ गई. जिससे इंजन के आगे लगा नोज कोन टूट गया. हादसे के बाद ट्रेन को कुछ देर रोकना पड़ा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 17. UGC NET दिसंबर सेशन के लिए आवेदन शुरू, जानें कब होगी परीक्षा यूजीसी नेट परीक्षा की तैयारी कर रहै कैंडिडेट्स का इंतजार खत्म हो गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से यूजीसी नेट दिसंबर सेशन के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 8 दिसंबर 2026

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