GST Council: 57वीं GST काउंसिल की बैठक में टैक्सपेयर्स को राहत देने वाले कई अहम फैसलों पर सहमति बनी है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद कहा कि GST के तहत 10 हजार रुपये से कम टैक्स राशि के लिए डिमांड नोटिस नहीं भेजा जाएगा. इसके अलावा GST में गिरफ्तारी हटाने और अभियोजन की सीमा बढ़ाने की सिफारिश की गई है. हालांकि, इन बदलावों को लागू करने की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगी.
साल में सिर्फ एक बार बदली जाएंगी GST की दरें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब GST की दरों में बदलाव साल में केवल एक बार करने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दरों में बदलाव का फैसला 1 अप्रैल से लागू होने के लिए ही लाया जाएगा. इससे कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को टैक्स व्यवस्था में अधिक स्थिरता मिलने की उम्मीद है.
10 हजार से कम टैक्स पर नहीं भेजा जाएगा डिमांड नोटिस
57वीं GST काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि 10 हजार रुपये से कम टैक्स राशि के लिए कोई GST डिमांड नोटिस नहीं भेजा जाएगा. प्रशासन के इस कदम का उद्देश्य छोटे मामलों में टैक्स प्रशासन की प्रक्रिया को आसान बनाना और टैक्सपेयर्स पर अनावश्यक अनुपालन का बोझ कम करना है.
GST में गिरफ्तारी की शक्ति हटाने की सिफारिश
काउंसिल ने GST के तहत गिरफ्तारी को हटाने की सिफारिश की है. इसके साथ ही अभियोजन के लिए टैक्स की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई है. यानी 5 करोड़ रुपये से कम के मामलों में अभियोजन नहीं चलाने का प्रस्ताव है.
25 हजार की सामान्य पेनल्टी घटकर 10 हजार रुपये होगी
GST व्यवस्था में सामान्य पेनल्टी को भी कम करने की सिफारिश की गई है. वित्त मंत्री के मुताबिक, सामान्य पेनल्टी की मौजूदा 25 हजार रुपये की सीमा को घटाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है. प्रशासन का मानना है कि इससे छोटे अनुपालन संबंधी मामलों में कारोबारियों को राहत मिलेगी.
ITC को लेकर फंसा पेच, अधिकारियों की कमेटी करेगी समीक्षा
बैठक में CGST Act की धारा 16(2)(c) में संशोधन पर भी चर्चा हुई. मौजूदा व्यवस्था में यदि सप्लाई चेन में किसी स्तर पर सप्लायर ने टैक्स जमा नहीं किया या फर्जी ITC का मामला सामने आया, तो अंतिम और वास्तविक टैक्सपेयर का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) भी प्रभावित हो सकता है.
ईमानदार टैक्सपेयर्स को मिलेगी राहत देने की कोशिश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कई मामलों में टैक्सपेयर के पास वैध इनवॉयस होती है, उसे माल या सेवा की सप्लाई मिल चुकी होती है और वह सप्लायर को टैक्स का भुगतान भी कर चुका होता है. इसके बावजूद सप्लाई चेन में किसी दूसरे स्तर पर गड़बड़ी मिलने पर उसका ITC रोक दिया जाता है. काउंसिल ने इस समस्या को तर्कसंगत बनाने पर चर्चा की.
पूरी सप्लाई चेन की जगह सप्लायर तक सीमित करने का प्रस्ताव
वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण बताया कि प्रशासन की ओर से प्रस्ताव था कि अंतिम टैक्सपेयर के ठीक पहले वाले सप्लायर तक ही अनुपालन की जिम्मेदारी सीमित की जाए और पूरी सप्लाई चेन की गड़बड़ी का असर अंतिम खरीदार पर न पड़े. लेकिन कुछ राज्यों ने इस मुद्दे पर और विचार की मांग की. इसके बाद अधिकारियों की कमेटी बनाने का फैसला लिया गया.
3 महीने में रिपोर्ट देगी अधिकारियों की कमेटी
अधिकारियों की समिति को तीन महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है. रिपोर्ट आने के बाद GST काउंसिल की बैठक बुलाकर इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. वित्त मंत्री ने साफ किया कि इस मुद्दे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
GST प्रशासन में लागू होगा ‘फेसलेस’ सिस्टम
वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण GST प्रशासन में फेसलेस व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि आयकर विभाग में लागू फेसलेस सिस्टम को टैक्सपेयर्स से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. इसी अनुभव के आधार पर अब CGST प्रशासन में भी इस सुधार को आगे बढ़ाने की योजना है.
फेसलेस सिस्टम से टैक्स प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद
फेसलेस व्यवस्था के तहत टैक्सपेयर्स और अधिकारियों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क को कम करने का प्रयास किया जाता है. प्रशासन का मानना है कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ सकती है और टैक्स प्रशासन को अधिक तकनीक आधारित बनाया जा सकता है. वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा आज की GST काउंसिल की बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं था, बल्कि केंद्र प्रशासन की पहल के तौर पर इसकी घोषणा की गयी है.
1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे प्रक्रिया सुधार
निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैठक के एजेंडे में शामिल लगभग सभी मुद्दों पर सहमति बनी है. दो मुद्दों पर आगे समीक्षा के लिए अधिकारियों की कमेटी बनाई गयी है. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया से जुड़े सभी सुधारों को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है.
GST दरों में इस बैठक में कोई बदलाव नहीं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी स्पष्ट किया कि 57वीं GST काउंसिल की बैठक में GST की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. दरों से जुड़े फैसलों को साल में एक बार लेने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है. वहीं, अधिकारियों की कमेटी से जुड़े दोनों मामलों पर रिपोर्ट आने के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा.
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