धनबाद से नीरज अंबष्ट और रत्नेश कुमार की रिपोर्ट
केंदुआ/धनबाद. राम प्रताप प्रसाद हत्याकांड के आरोपी शंकर डे उर्फ पिंकू डे को मंगलवार देर शाम मैथन से गिरफ्तार किया गया. गोंदूडीह पुलिस की पूछताछ में उसने पैसे के बंटवारे के विवाद में राम प्रताप की हत्या करने की बात बतायी. इसके बाद पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए टुंडी प्रखंड के मनियाडीह ले गयी. मंगलवार देर रात करीब 10.30 बजे वहां हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी ने एक एएसआइ की पिस्टल छीन ली और पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लगी.
घायल शंकर डे को धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गयी. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने राम प्रताप प्रसाद की हत्या के अलावा बस्ताकोला निवासी आटा मिलकर्मी उमेश यादव से छह हजार रुपये की लूट और उसकी हत्या की घटना में भी शामिल रहने की बात बतायी है. पुलिस अब आरोपी के बयान के आधार पर दोनों मामलों और हथियार बरामदगी से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर रही है.
तीन माह से लापता था राम प्रताप
जानकारी के अनुसार, गोंदूडीह ओपी क्षेत्र के नौ नंबर खरीकाबाद निवासी मीना देवी ने करीब तीन माह पहले अपने पति राम प्रताप प्रसाद के लापता होने की लिखित शिकायत पुलिस से की थी. बताया जाता है कि राम प्रताप अपनी पत्नी से वर्द्धमान स्थित मामा के घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे.
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मामले की जांच के दौरान पुलिस को सुभाष पल्ली, दुर्गापुर निवासी शंकर डे के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना तंत्र सक्रिय किया गया. मंगलवार देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर मैथन पुलिस ने शंकर डे को गिरफ्तार किया और गोंदूडीह पुलिस को सौंप दिया. पूछताछ के दौरान राम प्रताप की हत्या से जुड़ी जानकारी सामने आने का पुलिस ने दावा किया.
पैसे के बंटवारे के विवाद में हत्या की बात बतायी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शंकर डे ने बताया कि वह राम प्रताप प्रसाद के साथ मिलकर बस्ताकोला निवासी आटा मिलकर्मी उमेश यादव से छह हजार रुपये की लूट में शामिल था. आरोपी ने उमेश यादव की हत्या की घटना में भी शामिल रहने की बात बतायी. पुलिस का दावा है कि बाद में लूट के पैसों के बंटवारे को लेकर राम प्रताप और शंकर डे के बीच विवाद हो गया. इसी विवाद के बाद राम प्रताप की गोली मारकर हत्या करने और शव को मनियाडीह इलाके में फेंकने की बात आरोपी ने बतायी.
आरोपी ने मनियाडीह इलाके में हथियार छिपाने की जानकारी भी पुलिस को दी थी. इसी सूचना के आधार पर पुलिस उसे लेकर हथियार बरामद करने पहुंची थी. पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसने एएसआइ की पिस्टल छीनकर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी. इस कार्रवाई में मनियाडीह थाना प्रभारी अकबर खान, गोंदूडीह ओपी प्रभारी लव कुमार चौधरी और उनकी टीम शामिल थी.
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दो कांडों में भूमिका की जांच, पुराने हत्याकांड में भी आया था नाम
शंकर डे की गोंदूडीह ओपी में दर्ज कांड संख्या 74/26 और 56/26 में भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उसका नाम बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में भी सामने आया था. इसके अलावा उसके कृष्णाकांत सिंह गैंग से जुड़े होने की बात भी सामने आयी है. पुलिस इन पहलुओं की जांच कर रही है.
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