छपरा. जिले में दाखिल-खारिज और परिमार्जन के मामलों को बेवजह लटकाने वाले राजस्व कर्मियों और अधिकारियों की अब खैर नहीं है. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वालों पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जायेगी. मंगलवार को जिले के सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में डीएम ने कड़े तेवर दिखाये.
जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि म्यूटेशन के वैसे मामले जो 75 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उनका निष्पादन अगले 10 दिनों के भीतर सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि केवल ऑब्जेक्शन लगाकर फाइल दबाने वाले कर्मियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई की जायेगी.
निजी आवास से कार्यालय चलाने पर रोक
बैठक में डीएम ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा कि कोई भी राजस्व कर्मचारी किसी निजी मकान या कमरे में बैठकर कार्यालय का संचालन नहीं करेगा. सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन प्रशासनी भवनों में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा. यदि कोई कर्मचारी निजी भवन में कार्य करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. इसके अलावा जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले की वैसी प्रशासनी भूमि, जिस पर अवैध रूप से जमाबंदी चल रही है, उसका आकलन कर अविलंब जमाबंदी रद्दीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए. साथ ही, डीसीएलआर को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने और राजस्व कर्मचारियों के कार्यों का फील्ड में जाकर पर्यवेक्षण करने का आदेश दिया गया. राजस्व महाभियान के तहत प्राप्त सभी आवेदनों को नियमानुसार निष्पादित कर शत-प्रतिशत डेटा विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया. डीएम ने डीसीएलआर को निर्देश दिया कि वे हर महीने विभिन्न हल्कों का निरीक्षण करें और पुराने लंबित मामलों का वास्तविक कारण पता करें.
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