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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं भारत के 22 जहाज, सरकार बना रही है एग्जिट प्लान

Middl East Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हिंदुस्तान के 22 जहाज फंसे हुए हैं. इन्हें सुरक्षित वापस लाने का प्रयास जारी है. बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी हिंदुस्तानीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में हिंदुस्तानीय जहाजों से जुड़ी कोई भी घटना नहीं हुई है. उन्होंने कहा पोत परिवहन महानिदेशालय जहाज मालिकों, एजेंसियों और हिंदुस्तानीय दूतावासों के साथ मिलकर संचालन पर करीबी नजर रख रहा है. फारस की खाड़ी को खुले महासागर से जोड़ने वाला संकरा जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद प्रभावी रूप से बंद हो गया है. इसके कारण उस रास्ते से जहाज नहीं आ पा रहे हैं.

सुरक्षित रूप से हिंदुस्तान पहुंच चुके हैं चार जहाज

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि एलपीजी टैंकर नंदा देवी मंगलवार गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंच गया है. इससे एक दिन पहले यानी सोमवार को पहला जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच चुका था. उन्होंने बताया कि दोनों जहाजों में मिलाकर करीब 92,712 टन एलपीजी है, जो देश की एक दिन की खाना पकाने वाली गैस की जरूरत के बराबर है. एलपीजी लेकर आ रहे दोनों हिंदुस्तानीय जहाजों ने 13 मार्च को अपनी यात्रा शुरू की थी और 14 मार्च की सुबह वे सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गए. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने वाले हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या बढ़कर चार हो गई है.

फारस की खाड़ी के पूर्वी में दो और पश्चिमी में 22 जहाज फंसे हैं

फारस की खाड़ी को खुले महासागर से जोड़ने वाला रणनीतिक जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद बेहद संवेदनशील हो गया है. युद्ध शुरू होने के समय इस क्षेत्र में कुल 28 हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे, जिनमें पश्चिमी हिस्से में 24 और पूर्वी हिस्से में चार जहाज थे. अब पश्चिमी हिस्से में 22 और पूर्वी हिस्से में दो जहाज बचे हैं. पूर्वी हिस्से में मौजूद जहाजों में कच्चे तेल का टैंकर जग लाडकी करीब 80,800 टन मुरबान क्रूड लेकर हिंदुस्तान पहुंचने वाला है. इस जहाज पर सवार सभी 22 हिंदुस्तानीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं. वहीं, दूसरा टैंकर जग प्रकाश भी जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर तंजानिया की ओर बढ़ चुका है. यह ओमान से अफ्रीका के लिए गैसोलीन लेकर जा रहा है.

बाकी हिंदुस्तानीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर प्रशासन की नजर

हिंदुस्तान प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि मीडिल ईस्ट में मौजूद बाकी हिंदुस्तानीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हिंदुस्तानीय अधिकारी सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फिलहाल 22 हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं. इनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 कच्चे तेल के टैंकर, 1 रासायनिक उत्पादों का जहाज, 3 कंटेनर शिप, 2 बल्क कैरियर और 1 ड्रेजर शामिल हैं. इसके अलावा, 1 जहाज खाली है, जबकि 3 जहाज नियमित रखरखाव के लिए ड्राई डॉक में हैं.

पोत परिवहन मंत्री ने की एलपीजी टैंकर चालकों से बात

पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दो एलपीजी टैंकरों के चालक दल से वीडियो कॉल के जरिए बात की है. उन्होंने उनके साहस, सतर्कता और उत्कृष्ट सेवा की सराहना की. केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि फारस की खाड़ी और रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए चालक दल का व्यवहार बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सुरक्षित समुद्री संचालन के महत्व को दर्शाता है. (इनपुट भाषा)

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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