USS Rafael Peralta: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कन्फर्म किया है कि उनके गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ‘USS राफेल पेराल्टा’ (DDG 115) ने एक ईरानी झंडे वाले जहाज को रोक लिया है. अमेरिकी अधिकारियों ने 24 अप्रैल को इस जहाज पर नजर रखी थी, जब यह ईरान के एक बंदरगाह की ओर जाने की कोशिश कर रहा था. जहाज को रोकने के बाद अमेरिकी नौसेना के दल ने उस पर चढ़कर जांच शुरू कर दी है.
ईरान के खिलाफ अमेरिका की सख्त समुद्री नाकेबंदी
पेंटागन (Department of War) में हुई एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ सख्त समुद्री नाकेबंदी जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश पर ईरान के बंदरगाहों पर आने-जाने वाले सभी कमर्शियल जहाजों पर रोक लगा दी गई है. जनरल केन के मुताबिक, अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर बड़े सैन्य ऑपरेशन के लिए भी पूरी तरह तैयार है.
Guided-missile destroyer USS Rafael Peralta (DDG 115) enforces the U.S. blockade on Iranian ports against an Iranian-flagged ship attempting to sail to a port in Iran, April 24. pic.twitter.com/XsGg65nXt2
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 25, 2026
‘डार्क फ्लीट’ पर अमेरिका का बड़ा एक्शन
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की मदद के लिए सेना 8 अप्रैल से ही प्रतिबंधित और संदिग्ध ‘डार्क फ्लीट’ जहाजों के खिलाफ ग्लोबल लेवल पर अभियान चला रही है. जनरल केन ने खुलासा किया कि शुक्रवार सुबह तक कुल 34 जहाजों ने अमेरिकी नाकेबंदी का सामना किया और पकड़े जाने के डर से वापस मुड़ गए.
मरीन कमांडो ने हेलीकॉप्टर से की छापेमारी
जनरल केन ने बताया कि चेतावनी के बाद भी जब ‘टूस्का’ नाम का जहाज नहीं रुका, तो अमेरिकी मरीन कमांडो ने उस पर धावा बोल दिया. कमांडो ने हेलीकॉप्टर से रस्सियों के जरिए जहाज पर उतरकर उसे अपने कब्जे में ले लिया. वर्तमान में वह जहाज और उसका क्रू अमेरिकी हिरासत में है.
लाखों बैरल तेल ले जा रहे टैंकर भी जब्त
अमेरिका ने अपनी कार्रवाई का दायरा इंडो-पैसिफिक रीजन तक बढ़ा दिया है. 20 अप्रैल को अमेरिकी सेना ने ‘Tiffany’ नाम के एक बड़े तेल टैंकर को रोका, जिसमें लगभग 20 लाख बैरल प्रतिबंधित ईरानी तेल था. इसके बाद 22 अप्रैल को हिंद महासागर में ‘Majestic X’ (जिसे पोनिक्स भी कहा जाता है) नाम के एक बिना देश वाले टैंकर को भी जब्त किया गया.
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हर आने-जाने वाले जहाज पर रहेगी पैनी नजर
CENTCOM के अनुसार, यह नाकेबंदी किसी भी देश के जहाज पर लागू होती है जो ईरान जा रहा हो या वहां से आ रहा हो. जनरल केन ने साफ किया कि जो जहाज नाकेबंदी के आदेश के वक्त घेरे से बाहर थे, उन्हें भी ट्रैक करके रोकने की तैयारी है. ब्रीफिंग के दौरान जनरल केन ने 18 अप्रैल 1983 को बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर हुए बम धमाके को याद किया. उन्होंने इसे अमेरिकी लोगों पर हमलों का एक बड़ा मोड़ बताया और उस धमाके में जान गंवाने वाले चार अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने मौजूदा मिशन में लगे सैनिकों की हिम्मत की भी सराहना की.
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