ED Raid in Bengal : पश्चिम बंगाल में पीडीएस घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने उत्तर 24 परगना में कारोबारी पार्थ सारथी के घर पर छापा मारा है.
STORY | West Bengal: ED raids premises in Kolkata, Burdwan in PDS ‘scam’ case
The Enforcement Directorate on Saturday raided several locations in poll-bound West Bengal as part of its money laundering investigation into an alleged PDS scam, officials said.
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— Press Trust of India (@PTI_News) April 25, 2026
ईडी ने शनिवार (25 अप्रैल) को कोलकाता और बर्दवान समेत कई जगहों पर छापेमारी की. अधिकारियों के मुताबिक चुनाव से पहले की जा रही इस कार्रवाई में कई ठिकानों पर जांच जारी है. मामले से जुड़े अहम सुराग तलाशे जा रहे हैं.
करीब नौ ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता, बर्दवान और हाबरा (उत्तर 24 परगना) में निरंजन चंद्र साहा समेत सप्लायर और एक्सपोर्टर्स के करीब नौ ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है. ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत हो रही है. इस मामले में एजेंसी पहले भी रेड कर चुकी है और अब फिर से जांच तेज कर दी गई है.
बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप
यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला अक्टूबर 2020 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जो बसीरहाट पुलिस ने घोजाडांगा के कस्टम अधिकारी की शिकायत पर दर्ज की थी. आरोप है कि प्रशासनी पीडीएस योजना के तहत मिलने वाला गेहूं की बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई. बताया जा रहा है कि सप्लायर, डीलर और बिचौलियों ने मिलकर इस गेहूं को सस्ते में खरीदकर अवैध तरीके से बेचा, जिससे प्रशासनी योजना को भारी नुकसान हुआ.
ईडी का क्या है दावा
ईडी का कहना है कि सप्लाई चेन से बड़ी मात्रा में गेहूं को चोरी-छिपे निकालकर अलग-अलग जगहों पर जमा किया गया. फिर इसकी पहचान छिपाने के लिए एफसीआई और राज्य प्रशासन के निशान वाले असली बोरे हटाकर या उलटकर नए सिरे से भरे गए. इस तरह गेहूं को वैध स्टॉक दिखाकर खुले बाजार में बेचा गया या बाहर भेजने की कोशिश की गई.
ज्योति प्रिय मलिक को किया जा चुका है गिरफ्तार
इस मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योति प्रिय मलिक समेत कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.
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