Monsoon : आईएमडी ने बताया कि जून में कमजोर अल नीनो की स्थिति विकसित होगी. सितंबर में यह मध्यम से मजबूत रहेगी. शुक्रवार (29 मई) को जारी नए अनुमान में कहा कि इस साल देश में मानसून की बारिश सामान्य औसत (LPA) का करीब 90 फीसदी रहने की संभावना है. यानी कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है. यह अप्रैल में जारी 92 फीसदी के अनुमान से भी कम है.
मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश सामान्य औसत से कम रह सकती है. पूर्वोत्तर हिंदुस्तान में इस बार सामान्य बारिश होने की संभावना है. वहीं उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय हिंदुस्तान के कई हिस्सों में मानसून सामान्य से कम रह सकता है.
कम बारिश की वजह से इन चीजों पर पड़ेगा असर
मौसम विभाग ने कहा है कि कम बारिश की वजह से खेती, पानी की उपलब्धता, बिजली उत्पादन और पर्यावरण पर असर पड़ सकता है. सूखे, गर्मी और पीने के पानी की किल्लत का खतरा भी बढ़ सकता है. इससे निपटने के लिए पानी बचाने, खेती की तैयारी मजबूत करने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है.
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जून 2026 में कितना रहेगा तापमान?
जून 2026 में देश के ज्यादातर हिस्सों में दिन और रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है. हालांकि मध्य हिंदुस्तान, उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान और पूर्वी हिंदुस्तान के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे कम रह सकता है. वहीं न्यूनतम तापमान भी ज्यादातर क्षेत्रों में सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है, लेकिन उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय हिंदुस्तान के कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य या कम रह सकता है.
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