सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हाई कोर्ट्स को निर्देश दिया है कि फैसला सुरक्षित रखने के तीन महीने के भीतर उसे सुनाया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फैसलों में देरी से लोगों को बड़ा नुकसान होता है. अदालत ने यह भी कहा कि जमानत मामलों में आदेश उसी दिन सुनाया जाए और अगर फैसला सुरक्षित रखा जाता है तो अगले दिन तक अपलोड कर दिया जाए. कोर्ट ने निर्देश दिए कि जमानत या सजा निलंबन का आदेश तुरंत जेल प्रशासन तक पहुंचाया जाए, ताकि आरोपी या कैदी को उसी दिन या ज्यादा से ज्यादा अगले दिन रिहा किया जा सके.
STORY | SC directs HCs to pronounce judgement within 3 months of reserving order
Observing that delay causes irreparable loss to litigants, the Supreme Court on Friday directed high courts across the country to pronounce judgements within three months from the date of reserving… pic.twitter.com/F0Jwbcn1n5
— Press Trust of India (@PTI_News) May 29, 2026
हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में जल्द फैसले करने की जरूरत होती है. पीठ ने कहा कि जमानत याचिकाओं पर आदेश उसी दिन सुनाया जाना चाहिए और यदि आदेश सुरक्षित रखा जाता है तो उसे अगले दिन सुनाया और अपलोड किया जाना चाहिए.
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