Hot News

Telegram पर भारत से ईरान तक क्यों लगती रही पाबंदी? जानिए दुनिया भर में विवादों के केंद्र में कैसे आया यह ऐप

दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लैटफॉर्म्स में शामिल Telegram एक बार फिर सुर्खियों में है. हिंदुस्तान में NEET-UG री-एग्जाम से पहले इस ऐप पर अस्थायी रोक लगाए जाने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर Telegram को लेकर इतनी विवादित स्थिति क्यों बनती रहती है. दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि चीन, ईरान, रूस, ब्राजील, पाकिस्तान और कई अन्य देशों में भी Telegram कभी बैन, कभी ब्लॉक तो कभी प्रशासनी जांच का सामना कर चुका है. एक तरफ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्राइवेसी का मजबूत माध्यम माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ कई प्रशासनें इसे फर्जीवाड़े, गलत सूचना और अवैध गतिविधियों के प्रसार का जरिया मानती हैं.

Telegram को बाकी मैसेजिंग ऐप्स से अलग क्या बनाता है?

Telegram सिर्फ एक चैटिंग ऐप नहीं है. इसकी सबसे बड़ी ताकत इसके विशाल चैनल और ग्रुप सिस्टम हैं. जहां आम मैसेजिंग ऐप्स सीमित लोगों के बीच बातचीत तक सीमित रहते हैं, वहीं Telegram पर लाखों लोगों तक एक साथ जानकारी पहुंचाई जा सकती है. कोई भी व्यक्ति बड़े चैनल बनाकर हजारों या लाखों फॉलोअर्स तक कंटेंट पहुंचा सकता है.

यही वजह है कि पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेतृत्वक समूहों और स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स के बीच Telegram काफी लोकप्रिय रहा है. लेकिन इसी सुविधा का इस्तेमाल फर्जी जानकारी फैलाने, धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों के लिए भी होने के आरोप लगते रहे हैं. यह भी पढ़ें- प्रशासन ने Telegram पर लगाया प्रतिबंध, WhatsApp पर क्यों नहीं?

हिंदुस्तान में NEET विवाद के बाद क्यों हुआ Telegram पर एक्शन?

हाल ही में हिंदुस्तान प्रशासन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया. जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे चैनल और ग्रुप मिले थे जिन पर कथित तौर पर NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और छात्रों से पैसे लेने के दावे किए जा रहे थे.

अधिकारियों का मानना था कि कुछ लोग Telegram के एडिट फीचर का भी गलत इस्तेमाल कर रहे थे. कथित तौर पर परीक्षा के बाद पुराने संदेशों को एडिट कर उनमें वास्तविक प्रश्न जोड़ दिए जाते थे ताकि यह दिखाया जा सके कि पेपर पहले से लीक हो चुका था. इससे छात्रों में भ्रम और दहशत फैल रही थी.

चीन, ईरान और रूस ने भी उठाए थे सख्त कदम

Telegram को लेकर सबसे कड़ा रुख चीन ने अपनाया है, जहां यह कई वर्षों से पूरी तरह ब्लॉक है. चीनी प्रशासन का मानना रहा है कि यह प्लैटफॉर्म प्रशासनी निगरानी से बाहर रहकर नेतृत्वक गतिविधियों और संवेदनशील सूचनाओं के प्रसार का माध्यम बन सकता है.

ईरान ने भी 2018 में Telegram पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया था. वहां यह ऐप प्रशासन विरोधी प्रदर्शनों के दौरान व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा था. दूसरी ओर रूस ने भी सुरक्षा एजेंसियों को जरूरी जानकारी न देने के आरोप में Telegram को ब्लॉक करने की कोशिश की थी, हालांकि बाद में प्रतिबंध हटा लिया गया.

कई देशों में पूरी तरह बैन नहीं, लेकिन निगरानी बढ़ी

ब्राजील, पाकिस्तान, थाईलैंड, क्यूबा और अजरबैजान जैसे देशों में Telegram पर अलग-अलग समय में अस्थायी प्रतिबंध या सीमित रोक लगाई गई. ज्यादातर मामलों में वजह फर्जी सूचना, नेतृत्वक अशांति, चुनावी गलत सूचना या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं थीं.

यूरोप में भी Telegram पूरी तरह विवादों से दूर नहीं रहा. जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने प्लैटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग को लेकर सवाल उठाए हैं.

फ्रांस में पावेल ड्यूरोव की गिरफ्तारी के बाद बदला Telegram का रवैया

Telegram के इतिहास का सबसे बड़ा झटका तब लगा जब 2024 में कंपनी के संस्थापक पावेल ड्यूरोव को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसियों का आरोप था कि प्लैटफॉर्म पर चल रही कुछ अवैध गतिविधियों को रोकने और जांच में सहयोग करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए.

इस घटना के बाद Telegram ने अपनी कुछ नीतियों में बदलाव किए. कंपनी ने मॉडरेशन बढ़ाया, कुछ फीचर्स हटाए और यह भी स्पष्ट किया कि वैध कानूनी आदेश मिलने पर सीमित जानकारी जांच एजेंसियों के साथ साझा की जा सकती है.

प्राइवेसी बनाम सुरक्षा की बहस जारी

Telegram को लेकर असली बहस आज भी खत्म नहीं हुई है. समर्थकों का कहना है कि यह प्लैटफॉर्म लोगों को स्वतंत्र रूप से संवाद करने और सेंसरशिप से बचने का अवसर देता है. वहीं आलोचकों का तर्क है कि अत्यधिक खुलापन और सीमित निगरानी कई बार गलत तत्वों को भी फायदा पहुंचाती है.

हिंदुस्तान सहित दुनिया के कई देशों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यही है कि डिजिटल स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी सूचना और साइबर अपराधों पर कैसे प्रभावी नियंत्रण किया जाए.

यह भी पढ़ें- Telegram Ban India: जानें क्यों और कैसे होता है ऐप ब्लॉक?

The post Telegram पर हिंदुस्तान से ईरान तक क्यों लगती रही पाबंदी? जानिए दुनिया भर में विवादों के केंद्र में कैसे आया यह ऐप appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top