Video: इस सफल प्रदर्शन के दौरान ‘गरुड़ास्त्र’ ने अपनी मारक क्षमता, सटीकता और आधुनिक तकनीकों का लोहा मनवाया. यह सिस्टम हिंदुस्तान प्रशासन के ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) और ‘आत्मनिर्भर हिंदुस्तान’ (Atmanirbhar Bharat) अभियानों के दृष्टिकोण को पूरी तरह से साकार करता है. नाइबे लिमिटेड ने एक विदेशी ओईएम (OEM – मूल उपकरण निर्माता) के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत इस स्वदेशी रक्षा प्रणाली को विकसित किया है, जो हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है.
‘गरुड़ास्त्र’ की खासियतें और ताकत
इस लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन (प्रदर्शन) के दौरान ‘गरुड़ास्त्र’ ने बेजोड़ तकनीकों और क्षमताओं का प्रदर्शन किया. इसकी खासियत ऐसा है.
लॉन्ग-रेंज 120mm मोर्टार: यह 120 मिलीमीटर का एक हैवी-ड्यूटी मोर्टार सिस्टम है, जो लंबी दूरी तक दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है.
#WATCH | Mumbai | Nibe Limited successfully demonstrated on NC-NC basis, the capabilities of Garudastra, its advanced Long Range 120mm Vehicle Mounted Mortar System, showcasing rapid shoot-and-scoot operations, high-rate of fire, Multiple Rounds Simultaneous Impact (MRSI) and… pic.twitter.com/LpaO7b8Hjr
— ANI (@ANI) June 17, 2026
व्हीकल माउंटेड सिस्टम: यह मोर्टार एक सैन्य वाहन (Vehicle) पर फिट रहता है, जिससे इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बेहद आसान और तेज हो जाता है. यह दुर्गम इलाकों में भी सेना को तुरंत फायर पावर देता है.
रैपिड शूट-एंड-स्कूट ऑपरेशंस (Rapid Shoot-and-Scoot): इस तकनीक की बदौलत यह सिस्टम दुश्मन पर तेजी से गोले बरसाने के तुरंत बाद अपनी लोकेशन (जगह) बदल लेता है. इससे दुश्मन को जवाबी कार्रवाई या री-टार्गेटिंग का मौका नहीं मिलता और हमारे सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है.
हाई-रेट ऑफ फायर (High-Rate of Fire): गरुड़ास्त्र बहुत ही कम समय में लगातार कई गोले दागने की क्षमता रखता है, जिससे दुश्मन पर भारी दबाव बनाया जा सकता है.
MRSI (Multiple Rounds Simultaneous Impact) तकनीक: यह इस सिस्टम की सबसे घातक खूबियों में से एक है. इसके तहत मोर्टार से अलग-अलग एंगल (कोण) पर कई गोले दागे जाते हैं, लेकिन वे सभी गोले दुश्मन के ठिकाने पर एक ही समय (एक साथ) जाकर गिरते हैं. इससे दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं मिलता.
जीपीएस और लेजर गाइडेड सटीक निशाना (Precision Engagement): गरुड़ास्त्र के गाइडेड गोला-बारूद (Guided Munition) जीपीएस (GPS) और लेजर गाइडेंस सिस्टम से लैस हैं. इसकी मदद से यह मोर्टार बिल्कुल सटीक और अचूक निशाना लगाता है, जिससे आसपास के नुकसान (Collateral Damage) को कम किया जा सकता है.
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