US Iran Attack Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक व्यापारिक जहाज पर ड्रोन हमले के आरोप के बाद अमेरिका ने शनिवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों समेत तटीय रडार केंद्रों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए. इसके बाद ईरान ने भी जवाबी फायर करके पूरे होर्मुज यातायात को फिर से बंद करवा दिया है. दोनों देशों के बीच यह संघर्ष, पीस डील साइन करने, इसके बाद पहली दौर की वार्ता और अगले राउंड की चर्चा के लिए तारीख की घोषणा होने के बाद, हो रहा है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस कार्रवाई को ‘शक्तिशाली जवाब’ बताया है. उसने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स पर हमला किया. उसके मुताबिक, यह कार्रवाई 25 जून को M/V एवर लवली नाम के वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई. अमेरिका ने कहा कि होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए उसकी सेना लगातार समन्वय और सहायता उपलब्ध करा रही है. अमेरिकी सेना ने हमलों का 37 सेकंड का वीडियो भी जारी किया.
https://t.co/CckXLJSpah pic.twitter.com/NoMQ7cNtN5
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 27, 2026
अमेरिका ने लगाया युद्धविराम उल्लंघन का आरोप
अमेरिका के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाला यह मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहा था और उस समय ओमान के तट के पास था. उसी समय उसके ऊपर ईरान की ओर से हमला किया गया. अमेरिकी कमांड ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अनुचित आक्रामकता है और यह युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन है. बयान में कहा गया, ‘ईरानी बलों की यह खतरनाक गतिविधि नौवहन की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाती है, जबकि यह इलाका दुनिया के महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है.’
हमले की जगह नहीं बताई गई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह नहीं बताया कि हमले कहां किए गए. हालांकि, ईरान के प्रशासनी टेलीविजन ने एक रिपोर्ट में कहा कि दक्षिणी बंदरगाह शहर सिरिक में शुक्रवार देर रात ताहेरोयेह घाट पर धमाके की आवाज सुनी गई. रिपोर्ट में एक सैन्य सूत्र के हवाले से कहा गया कि यह विस्फोट इलाके में किसी प्रोजेक्टाइल के गिरने से हुआ.
ट्रंप ने ईरान के ड्रोन हमले को बताया ‘मूर्खतापूर्ण’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के कथित ड्रोन हमले की आलोचना करते हुए इसे युद्धविराम समझौते का ‘मूर्खतापूर्ण उल्लंघन’ बताया. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘एक ड्रोन ने एक बड़े और बेहद महंगे मालवाहक जहाज के ऊपरी हिस्से को सीधे निशाना बनाया, जबकि तीन अन्य ड्रोन को मार गिराया गया.’ हालांकि, ट्रंप ने ही इस संघर्ष के बीच एक बयान दिया था कि सीजफायर का मतलब कम गोलीबारी होता है. लेकिन दोनों देशों के बीच कम गोलीबारी से दुनिया को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है.
वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगे कोई हमला हुआ तो उसका जवाब दिया जाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. हमने इसका पालन किया है. अगर उन्हें समझौते को लागू करने के तरीके पर कोई आपत्ति है तो वे फोन उठा सकते हैं. लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा.’
Iran signed a ceasefire agreement. We have honored it. If they have disagreements about how the MOU is being applied, they can pick up the phone.
But violence will be met with violence. https://t.co/VWnBS1PWaV
— JD Vance (@JDVance) June 26, 2026
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया
अमेरिकी हमलों के कुछ समय बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. गार्ड्स ने कहा, ‘अगर दोबारा आक्रामकता की गई तो हमारा जवाब इससे कहीं ज्यादा व्यापक होगा.’ उसने अमेरिका के ऊपर इस्लामाबाद समझौते के आर्टिकल 5 के उल्लंघन का आरोप लगाया. ईरान ने कहा कि होर्मुज से पार हो रही शिप ने अनधिकृत रास्ते का उपयोग किया, जिस पर अटैक किया गया. यह बयान ईरानी प्रशासनी टीवी के टेलीग्राम पोस्ट के हवाले से सामने आया. हालांकि, हमले कहां हुए इसकी सटीक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है.
نیروی دریایی سپاه به تجاوز و عهدشکنی آمریکا پاسخ داد
روابط عمومی سپاه:
به دنبال نقض آتشبس رژیم صهیونیستی در جنوب لبنان، ساعاتی پیش رژیم پیمانشکن آمریکا نیز مانند همیشه دست به نقض تعهدات خود زد و به بهانههای مختلف از تردد یک کشتی متخلف از مسیر غیرمجاز در تنگه هرمز به حمله…
— اخبار فوری جنگ (@WarNewsIr) June 26, 2026
फिर चोक हुआ होर्मुज स्ट्रेट!
28 फरवरी से पहले होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का यातायात होता था. लेकिन इस दिन से छिड़े संग्राम के बाद से इस संकरे समुद्री मार्ग से तेल की सप्लाई लगभग ठप हो गई. हालांकि, जब दोनों पक्षों ने सीजफायर पर सहमति जताई तो माल ढुलाई फिर से शुरू हुई. यह युद्ध के पहले स्तर तक तो नहीं पहुंचा, लेकिन युद्ध के बाद की सबसे बड़ी शिपिंग शुरू हो गई थी. लेकिन इन ताजा हमलों की वजह से होर्मुज एक बार फिर से बंद हो गया है.
ये भी पढ़ें:- इजरायल-लेबनान के बीच शांति की नई पहल, अमेरिका ने करवाई डील, तो भड़के हिज्बुल्लाह ने कहा- गृहयुद्ध की ओर…
अप्रैल से लागू है अमेरिका-ईरान युद्धविराम
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम 8 अप्रैल से लागू हुआ था, लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र में छिटपुट हिंसा जारी रही. इस दौरान ईरानी बलों की ओर से जहाजों पर हमले और अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई की घटनाएं सामने आती रही हैं.
ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने 17 जून को युद्ध खत्म करने के लिए 14 बिंदुओं वाला समझौता किया था. इस समझौते में तुरंत सैन्य गतिविधियां रोकने और दोनों देशों के बीच 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई थी. दोनों देशों ने सोमवार को स्विट्जरलैंड में बातचीत का पहला दौर भी पूरा किया था. वहीं अल अरेबिया की रिपोर्ट के मुताबिक 28 और 29 जून को एक बार फिर दोनों देश स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में मिलेंगे, जिसमें पीस डील के दूसरे चरण पर बात होगी.
The post ट्रंप की डील मतलब… छिटपुट हमले! फिर भिड़े ईरान-अमेरिका, बरसाने लगे बारूद; होर्मुज ब्लॉक appeared first on Naya Vichar.
