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June 27, 2026

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने के लिए दौड़-भाग शुरू, इस तरह करें रजिस्ट्रेशन 

Delhi University UG Admissions: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने आज से यानी कि 27 जून 2026 से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न यूजी (Undergraduate) कोर्सेज में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अभी केवल फेज -1 के तहत एडमिशन प्रक्रिया की शुरुआत की गई है. ऐसे कैंडिडेट्स जिन्होंने CUET UG 2026 की परीक्षा दी थी और वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना चाहते हैं वे कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS UG 2026) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर लें. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन है किसी भी छात्र को यूनिवर्सिटी जाकर रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. इसके लिए छात्रों को ugadmission.uod.ac.in पर जाना होगा. होम पेज पर Bulletin of Information की एक पीडीएफ में आपको डिटेल जानकारी मिल जाएगी. Du की ऑफिशियल वेबसाइट का स्क्रीनशॉट फेज 1 में केवल आवेदन संख्या से होगा रजिस्ट्रेशन दिल्ली यूनिवर्सिटी ने बताया कि CSAS (UG) 2026 के पहले फेज में उम्मीदवार केवल CUET (UG) 2026 के आवेदन संख्या (Application Number) के माध्यम से ही रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. छात्रों की जानकारी पहले से ही App में जोड़ दी गई बिना हड़बड़ाए छात्र रजिस्ट्रेशन कर सकें इसके लिए हिंदुस्तान प्रशासन के API Setu के जरिए उम्मीदवारों की जरूरी जानकारी जैसे नाम, DOB, फोटो और साइन पहले से ही सिस्टम में जोड़ दिए गए हैं. इससे छात्रों को दोबारा वही जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रजिस्ट्रेशन के दौरान उम्मीदवारों को एक बार का नॉन-रिफंडेबल (वापस न होने वाला) रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करना होगा. How to Register on DU CSAS Portal 2026: कैसे करें आवेदन? दिल्ली यूनिवर्सिटी के CSAS (UG) 2026 पोर्टल पर जाएं. CUET (UG) 2026 Application Number की मदद से लॉगिन करें. ऑटो-फिल की गई जानकारी (नाम, DOB, फोटो, साइन आदि) को जांचें. यदि आवश्यक हो तो अन्य मांगी गई जानकारी भरें. एक बार का नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करें. फेज-2 शुरू होने पर 12वीं के विषयों के अनुसार CUET पेपर की Subject Mapping करें. अपनी पसंद के कोर्स और कॉलेज चुनें. सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें और उसका प्रिंट/पीडीएफ सेव कर लें. रजिस्ट्रेशन के लिए लिंक –ugadmission.uod.ac.in एडमिशन CUET UG Score से ही मिलेगा दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से क्लियर है कि एडमिशन CUET UG परीक्षा में हासिल स्कोर के आधार पर ही मिलेगा. हालांकि, उम्मीदवारों को संबंधित कोर्स की एलिजिबिलिटी जानने के लिए DU की ऑफिशियल वेबसाइट du.ac.in पर जाना होगा. 500 से अधिक कोर्स ऑफर किए जाते हैं दिल्ली यूनिवर्सिटी देश की सबसे बड़ी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है. यहां 91 कॉलेज, 16 फैकल्टी और 86 विभाग हैं. यूनिवर्सिटी में 500 से अधिक UG, PG कोर्स और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं. फेज 2 के लिए जल्द जारी की जाएगी जानकारी दिल्ली यूनिवर्सिटी ने बताया कि CSAS के दूसरे चरण (Phase-II) में उम्मीदवारों को CUET (UG) 2026 में दिए गए टेस्ट पेपर को कक्षा 12वीं में पढ़े गए विषयों से मैप (Subject Mapping) करना होगा. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कोर्स की पात्रता तय करने के लिए केवल उन्हीं भाषा (Language) और डोमेन (Domain) विषयों के CUET स्कोर को माना जाएगा, जिन विषयों में उम्मीदवार ने 12वीं कक्षा पास की है. सब्जेक्ट मैपिंग के बाद विश्वविद्यालय यह तय करेगा कि उम्मीदवार किन-किन कोर्सों के लिए एलिजिबल है और उसके CUET स्कोर के आधार पर मेरिट स्कोर तैयार करेगा. इसके बाद उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कोर्स (Programme) और कॉलेज (College) का चयन करना होगा. फेज 2 के लिए जल्द ही जानकारी जारी की जाएगी. यह भी पढ़ें- CBSE बदलने जा रहा है थ्री लैंग्वेज पॉलिसी, इस बार छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत  The post दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने के लिए दौड़-भाग शुरू, इस तरह करें रजिस्ट्रेशन  appeared first on Naya Vichar.

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सरकारी योजनाओं से दूर है गुमला का गेतुपानी गांव, कुआं का गंदा पानी पीते हैं 31 परिवार 

गुमला से जगरनाथ पासवान की रिपोर्ट Gumla Drinking Water Crisis: रायडीह प्रखंड की नवागढ़ पंचायत स्थित आदिवासी बहुल गेतुपानी गांव में 31 परिवार रहते हैं. प्रखंड मुख्यालय से महज पांच किमी दूर बसे इस गांव लोग आज भी कुआं का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. गांव के लोगों के लिए शुद्ध पीने के पानी की सुविधा बिल्कुल नहीं है. गांव के लोगों को शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य और केंद्र प्रशासन की ओर से नल जल योजना, जल जीवन योजना सहित इस तरह की कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन यह गांव इन योजनाओं से अब तक अछूता है. बरसात के दिनों में तो तीन-चार महीनों तक गांव के लोग गंदा पानी ही पीते हैं.  गांव की संदीपा देवी, सोमारी देवी, सुकरी देवी, मांगो देवी, सारे देवी, सुकरमुनी देवी, सलमा देवी, शोभा देवी, लाजवंती देवी, फगनी देवी, झालो देवी, कौशल्या देवी, पूर्णिमा देवी, जितनी देवी, सुनीता देवी, गुड़िया देवी, सुंबी देवी, सुमंती देवी, जयमती देवी, फूलमुनी देवी, पानो देवी, बुधनी देवी, ननकी देवी, रूकमनी देवी सहित अन्य स्त्रीओं ने बताया कि गांव में शुद्ध पानी की भारी समस्या है. पेयजल के लिए एकमात्र सहारा कुआं है. लेकिन बरसाती पानी जमा होकर कुआं में घुसता रहता है. जिससे पानी गंदा हो जाता है. गांव के लोगों का मानना है कि गंदा पानी पीने के कारण ही गांव में हमेशा लोग बीमार पड़ते रहते हैं. अगर गांव में जलमीनार लगा दिया जाए तो पीने के लिए साफ पानी मिलेगा और बार-बार बीमार होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी. गांव के ग्रामीणों ने उपायुक्त गुमला से पेयजल के लिए जलमीनार, चलने के लिए सड़क, बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी केंद्र बनाने व बिजली सेवा से गांव को जोड़ने की गुहार लगाई है. बीमार पड़ने पर बहंगी बनती है एंबुलेंस   गांव में आज तक सड़क नहीं बनी. पगडंडी सहारा बना हुआ है. ग्रामीण कहते हैं कि सड़क उनके गांव के विकास में सबसे बड़ा बाधक बना हुआ है. प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए पगडंडियों के सहारे आवागमन करना पड़ता है. बरसात के दिनों में तो पगडंडी रास्ता भी टूट जाता है. बार-बार श्रमदान कर सड़क को फिर से बनाते हैं. ग्रामीण कहते हैं कि गांव में लोग हमेशा बीमार पड़ते रहते हैं. कई बीमारों को इमरजेंसी में अस्पताल लेकर जाना पड़ता है. सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाता है. बहंगी में ढोकर करीब दो किमी दूर तक ले जाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके लिए तहंगी ही दो किमी तक एंबुलेंस का काम करती है.  सोलर प्लांट खराब होने पर चंदा से करते हैं मरम्मत  गांव के लोग आज भी बिजली सेवा से महरूम हैं. हालांकि प्रदान द्वारा पांच केवी का सोलर प्लांट लगाया गया है. लेकिन प्लांट को 10 साल पहले लगाया गया है. वर्तमान में सोलर प्लांट खराब होते रहता है. ग्रामीण कहते हैं कि अधिक लोड होने के कारण जल्दी-जल्दी खराब हो जाता है. खराब होने के बाद गांव के ही लोग चंदा और श्रमदान से उसकी मरम्मत करते हैं. रात में शिशु को पढ़ाई करने में बहुत परेशानी होती है. ग्रामीण कहते हैं कि गांववासियों का जीवन भगवान भरोसे चल रहा है. कभी कोई अधिकारी हमारे गांव की तरफ आते भी नहीं हैं. आते तो गांव की समस्याओं को देख उसे दूर करते.  यह भी पढ़ें: लाखों रुपये खर्च कर बूटी मोड़ में बनाया गया मीट हाउस, बरसों से बना है शोपीस, देखें वीडियो  यह भी पढ़ें: रांची में 177 करोड़ में बनेगा पहला शानदार सिक्स लेन का स्मार्ट रोड, फुटपाथ के साथ बनेगा साइकिल ट्रैक यह भी पढ़ें: धनबाद, खरसावां और नोवामुंडी में 28 जून से शुरू होगा पल्स पोलियो अभियान, लाखों बच्चों को पिलाई जाएगी जीवनरक्षक खुराक The post प्रशासनी योजनाओं से दूर है गुमला का गेतुपानी गांव, कुआं का गंदा पानी पीते हैं 31 परिवार  appeared first on Naya Vichar.

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क्या बीजेपी के साथ फिर जाएंगे उद्धव ठाकरे? फ्लाइट में फडणवीस से हुई मुलाकात के बाद उठे सवाल

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके नेतृत्वक प्रतिद्वंद्वी उद्धव ठाकरे शुक्रवार (26 जून) को मुंबई से नागपुर जाने वाली एक ही इंडिगो फ्लाइट में सफर करते नजर आए. उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे, राज्यसभा सांसद संजय राउत और शिवसेना (यूबीटी) के कई वरिष्ठ नेता भी फ्लाइट में मौजूद थे. सभी नेता मुंबई से नागपुर के लिए एक साथ रवाना हुए. इसी बीच फ्लाइट में देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे की मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की. देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा मुलाकात को लेकर देवेंद्र फडणवीस ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आज की सबसे बड़ी समाचार यही है कि हम तीनों एक साथ मिले हैं. उनके इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच भी हल्की मुस्कान और चर्चा का माहौल बन गया. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद हाल ही में पार्टी छोड़ चुके हैं. वहीं, उद्धव ठाकरे भी जल्द ही उन क्षेत्रों का दौरा करने वाले हैं, जहां से ये सांसद जुड़े रहे हैं. ऐसे में फडणवीस और ठाकरे की यह मुलाकात नेतृत्वक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है. बीजेपी ने तुरंत सफाई देते हुए क्या कहा? इस मुलाकात को लेकर शुरू हुई नेतृत्वक चर्चाओं पर बीजेपी ने तुरंत सफाई दी. महायुति प्रशासन का नेतृत्व कर रही बीजेपी के एमएलसी प्रसाद लाड ने कहा कि उन्हें इस बात पर ज्यादा हैरानी हुई कि उद्धव ठाकरे ने सामान्य कमर्शियल फ्लाइट से सफर किया. उनके मुताबिक, दोनों नेताओं का एक ही फ्लाइट में होना कोई बड़ी नेतृत्वक घटना नहीं है. उन्होंने कहा कि फडणवीस का मुंबई और नागपुर के बीच विमान से नियमित यात्रा करना सामान्य बात है, इसलिए इस यात्रा को लेकर किसी तरह की हैरानी नहीं होनी चाहिए. यह भी पढ़ें : शिंदे गुट में शामिल हुए 6 सांसद: शिवसेना (UBT) नेताओं ने फिर खटखटाया लोकसभा अध्यक्ष का दरवाजा लाड ने आगे कहा कि नेतृत्वक प्रतिस्पर्धा का मतलब यह नहीं है कि नेता दुश्मन बन जाते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही वे नेतृत्वक विरोधी हों, लेकिन उनके बीच शत्रुता नहीं है और समय-समय पर सौहार्दपूर्ण बातचीत भी होती रहती है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बीजेपी और शिवसेना (UBT) के बीच तनाव के बावजूद उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ उनकी बेटी की शादी में शामिल हुए थे, जो व्यक्तिगत संबंधों में सौहार्द का संकेत देता है. महाराष्ट्र- संयोग या प्रयोग- CM देवेंद्र फड़नवीस और टीम उद्धव आज एक ही फ्लाइट से मुंबई से नागपुर गए , फड़नवीस PM की अपील के बाद से कॉमर्शियल फ्लाइट से यात्रा कर रहें हैं , पार्टी दरकने के बाद उद्धव टीम के साथ मुंबई से निकले हैं , बागी सांसदों के क्षेत्र में संवाद करेंगे ,… pic.twitter.com/hTtkRP3YE0 — Gaurav Singh Sengar (@sengarlive) June 26, 2026 सोशल मीडिया यूजर ने किया ये सवाल? सोशल मीडिया यूजर मुलाकात की तस्वीर शेयर करके सवाल पूछते नजर आ रहे हैं. Gaurav Singh Sengar नाम के यूजर ने एक्स पर लिखा कि महाराष्ट्र- संयोग या प्रयोग…CM देवेंद्र फड़नवीस और टीम उद्धव आज एक ही फ्लाइट से मुंबई से नागपुर गए , फड़नवीस PM की अपील के बाद से कॉमर्शियल फ्लाइट से यात्रा कर रहें हैं. पार्टी दरकने के बाद उद्धव टीम के साथ मुंबई से निकले हैं. बागी सांसदों के क्षेत्र में संवाद करेंगे. उद्धव , आदित्य आज चार्टर्ड छोड़ इंडिगो में सवार हुए. फोटो वायरल होने के बाद चर्चा ये यात्रा क्या गुल खिलाएगी वक्त बताएगा !! The post क्या बीजेपी के साथ फिर जाएंगे उद्धव ठाकरे? फ्लाइट में फडणवीस से हुई मुलाकात के बाद उठे सवाल appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप की डील मतलब… छिटपुट हमले! फिर भिड़े ईरान-अमेरिका, बरसाने लगे बारूद; होर्मुज ब्लॉक

US Iran Attack Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक व्यापारिक जहाज पर ड्रोन हमले के आरोप के बाद अमेरिका ने शनिवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों समेत तटीय रडार केंद्रों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए. इसके बाद ईरान ने भी जवाबी फायर करके पूरे होर्मुज यातायात को फिर से बंद करवा दिया है. दोनों देशों के बीच यह संघर्ष, पीस डील साइन करने, इसके बाद पहली दौर की वार्ता और अगले राउंड की चर्चा के लिए तारीख की घोषणा होने के बाद, हो रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस कार्रवाई को ‘शक्तिशाली जवाब’ बताया है. उसने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स पर हमला किया. उसके मुताबिक, यह कार्रवाई 25 जून को M/V एवर लवली नाम के वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई. अमेरिका ने कहा कि होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए उसकी सेना लगातार समन्वय और सहायता उपलब्ध करा रही है. अमेरिकी सेना ने हमलों का 37 सेकंड का वीडियो भी जारी किया. https://t.co/CckXLJSpah pic.twitter.com/NoMQ7cNtN5 — U.S. Central Command (@CENTCOM) June 27, 2026 अमेरिका ने लगाया युद्धविराम उल्लंघन का आरोप अमेरिका के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाला यह मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहा था और उस समय ओमान के तट के पास था. उसी समय उसके ऊपर ईरान की ओर से हमला किया गया. अमेरिकी कमांड ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अनुचित आक्रामकता है और यह युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन है. बयान में कहा गया,  ‘ईरानी बलों की यह खतरनाक गतिविधि नौवहन की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाती है, जबकि यह इलाका दुनिया के महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है.’ हमले की जगह नहीं बताई गई अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह नहीं बताया कि हमले कहां किए गए. हालांकि, ईरान के प्रशासनी टेलीविजन ने एक रिपोर्ट में कहा कि दक्षिणी बंदरगाह शहर सिरिक में शुक्रवार देर रात ताहेरोयेह घाट पर धमाके की आवाज सुनी गई. रिपोर्ट में एक सैन्य सूत्र के हवाले से कहा गया कि यह विस्फोट इलाके में किसी प्रोजेक्टाइल के गिरने से हुआ. ट्रंप ने ईरान के ड्रोन हमले को बताया ‘मूर्खतापूर्ण’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के कथित ड्रोन हमले की आलोचना करते हुए इसे युद्धविराम समझौते का ‘मूर्खतापूर्ण उल्लंघन’ बताया. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा,  ‘एक ड्रोन ने एक बड़े और बेहद महंगे मालवाहक जहाज के ऊपरी हिस्से को सीधे निशाना बनाया, जबकि तीन अन्य ड्रोन को मार गिराया गया.’ हालांकि, ट्रंप ने ही इस संघर्ष के बीच एक बयान दिया था कि सीजफायर का मतलब कम गोलीबारी होता है. लेकिन दोनों देशों के बीच कम गोलीबारी से दुनिया को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है. वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगे कोई हमला हुआ तो उसका जवाब दिया जाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,  ‘ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. हमने इसका पालन किया है. अगर उन्हें समझौते को लागू करने के तरीके पर कोई आपत्ति है तो वे फोन उठा सकते हैं. लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा.’  Iran signed a ceasefire agreement. We have honored it. If they have disagreements about how the MOU is being applied, they can pick up the phone. But violence will be met with violence. https://t.co/VWnBS1PWaV — JD Vance (@JDVance) June 26, 2026 ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया अमेरिकी हमलों के कुछ समय बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. गार्ड्स ने कहा,  ‘अगर दोबारा आक्रामकता की गई तो हमारा जवाब इससे कहीं ज्यादा व्यापक होगा.’ उसने अमेरिका के ऊपर इस्लामाबाद समझौते के आर्टिकल 5 के उल्लंघन का आरोप लगाया. ईरान ने कहा कि होर्मुज से पार हो रही शिप ने अनधिकृत रास्ते का उपयोग किया, जिस पर अटैक किया गया. यह बयान ईरानी प्रशासनी टीवी के टेलीग्राम पोस्ट के हवाले से सामने आया. हालांकि, हमले कहां हुए इसकी सटीक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है.  نیروی دریایی سپاه به تجاوز و عهدشکنی آمریکا پاسخ داد روابط عمومی سپاه: به دنبال نقض آتش‌بس رژیم صهیونیستی در جنوب لبنان، ساعاتی پیش رژیم پیمان‌شکن آمریکا نیز مانند همیشه دست به نقض تعهدات خود زد و به بهانه‌های مختلف از تردد یک کشتی متخلف از مسیر غیرمجاز در تنگه هرمز به حمله… — اخبار فوری جنگ (@WarNewsIr) June 26, 2026 फिर चोक हुआ होर्मुज स्ट्रेट! 28 फरवरी से पहले होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का यातायात होता था. लेकिन इस दिन से छिड़े संग्राम के बाद से इस संकरे समुद्री मार्ग से तेल की सप्लाई लगभग ठप हो गई. हालांकि, जब दोनों पक्षों ने सीजफायर पर सहमति जताई तो माल ढुलाई फिर से शुरू हुई. यह युद्ध के पहले स्तर तक तो नहीं पहुंचा, लेकिन युद्ध के बाद की सबसे बड़ी शिपिंग शुरू हो गई थी. लेकिन इन ताजा हमलों की वजह से होर्मुज एक बार फिर से बंद हो गया है.  ये भी पढ़ें:- इजरायल-लेबनान के बीच शांति की नई पहल, अमेरिका ने करवाई डील, तो भड़के हिज्बुल्लाह ने कहा- गृहयुद्ध की ओर… अप्रैल से लागू है अमेरिका-ईरान युद्धविराम अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम 8 अप्रैल से लागू हुआ था, लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र में छिटपुट हिंसा जारी रही. इस दौरान ईरानी बलों की ओर से जहाजों पर हमले और अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई की घटनाएं सामने आती रही हैं. ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने 17 जून को युद्ध खत्म करने के लिए 14 बिंदुओं वाला समझौता किया था. इस समझौते में तुरंत सैन्य गतिविधियां रोकने और दोनों देशों के बीच 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई थी. दोनों देशों ने सोमवार को स्विट्जरलैंड में बातचीत का पहला दौर भी पूरा किया था. वहीं अल अरेबिया की रिपोर्ट के मुताबिक 28 और 29 जून को एक

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अनाज नहीं, जहर उगा रहे खेत? कीटनाशक और कैंसर की कहानी ने किया चौंकाने वाला खुलासा

The India Story: Slow Poison: एक छोटी-सी दुनिया है, जहां हर तरफ हरी-भरी फसलें दिखती हैं, लेकिन इसी हरियाली के पीछे एक डरावनी सच्चाई छिपी है. यही कहानी है फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन’, जो दिखाती है कि हमारी रोजमर्रा की थाली में कैसे धीरे-धीरे जहर घुलता जा रहा है. फिल्म 24 जुलाई को रिलीज हो रही है. विरोध से शुरू होती है कहानी टीजर की शुरुआत एक बड़े विरोध-प्रदर्शन से होती है, जहां किसान और आम लोग सड़क पर उतर आते हैं. उनका गुस्सा वकील अर्चना (काजल अग्रवाल) के खिलाफ फूटता है. भीड़ उनके खिलाफ जोरदार नारे लगाती है और गुस्से में उनके पर कालिख भी पोत दी जाती है. इसके बाद कहानी कोर्टरूम ड्रामा में बदल जाती है. यहां श्रेयस तलपड़े का किरदार योगेश पांडे अपनी बेटी की मौत के केस को लेकर न्याय की मांग करता है. वह आरोप लगाता है कि उसकी 7 साल की बेटी की मौत कैंसर से हुई, लेकिन इसके पीछे असली वजह रोजमर्रा के खाने में मौजूद जहरीले केमिकल और पेस्टिसाइड्स हैं. फिल्म यह भी दिखाती है कि फल, सब्जियां, दूध और दही जैसी चीजों में धीरे-धीरे जहर मिल चुका है, जो शरीर को गंभीर बीमारियों की ओर ले जा रहा है. View this post on Instagram A post shared by MIG Production & Studios (@mig.productionandstudios) काजल अग्रवाल का पक्ष कोर्ट में वकील अर्चना (काजल अग्रवाल) इस मामले को एक अलग नजरिए से पेश करती हैं. वह कहती हैं कि इस समस्या के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार नहीं हैं. टीजर में वह कहती हैं, ”फल-सब्जियां ये सब किसानों के माध्यम से खरीदी जाती है, किसान जो पेस्टिसाइड इस्तेमाल कर रहे है, उन्हें बनाने वाली कंपनियां और कंपनियों को इजाजत देने वाली प्रशासन भी दोषी है.” एक पिता की दर्दभरी कहानी टीजर में योगेश पांडे अपनी बीमार बेटी को बचाने के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाता है, हर जगह मदद की उम्मीद करता है, लेकिन हालात उसके खिलाफ जाते हैं. समय पर इलाज न मिलने की वजह से उसकी बेटी की मौत हो जाती है. बेटी की मौत के बाद योगेश न्याय के लिए पुलिस और सिस्टम के पास जाता है, लेकिन उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जाता. हरित क्रांति के नाम पर जहर टीजर में एक डायलॉग है, योगेश (श्रेयस तलपड़े) कहते हैं, ‘हरित क्रांति के नाम पर जो जहर का तूफान उठा है, वो रुकने का नाम ही नहीं रहा है.’ फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन’ का टीजर The post अनाज नहीं, जहर उगा रहे खेत? कीटनाशक और कैंसर की कहानी ने किया चौंकाने वाला खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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मंत्री भी, लाभार्थी भी! केंद्रीय मंत्री को अपने ही मंत्रालय की स्कीम से मिली 99 लाख की मदद

राजस्थान के बीचों-बीच फैले एक बड़े फार्म में ऊंची पत्थर की दीवारें और कांटेदार तार लगे हैं. यहां बाग, कृत्रिम तालाब और चार बड़े पॉलीहाउस बने हुए हैं. फार्म पर लगे एक बोर्ड पर साफ लिखा है कि इस परियोजना को हिंदुस्तान प्रशासन के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से सहायता मिली है. फार्म पर लगे बोर्ड के मुताबिक, इस परियोजना के लाभार्थी भागीरथ चौधरी हैं. बोर्ड पर यह भी लिखा है कि उन्हें राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजना के तहत 50 प्रतिशत यानी 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है. लेकिन इस बोर्ड पर एक अहम बात का जिक्र नहीं है. इसमें यह नहीं बताया गया कि लाभार्थी भागीरथ चौधरी सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि केंद्र प्रशासन में कृषि राज्य मंत्री भी हैं. इस संबंध में द इंडियन एक्सप्रेस ने समाचार प्रकाशित की है जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं. तीन महीने पहले 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी मिली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को तीन महीने पहले 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी मिली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, यह सब्सिडी उसी मंत्रालय की एक योजना के तहत दी गई, जिसमें वह मंत्री हैं. इतना ही नहीं, जिस बोर्ड ने इस परियोजना को मंजूरी दी, उसके पदेन उपाध्यक्ष भी भागीरथ चौधरी ही हैं. यही बात अब विवाद की वजह बन गई है. यह योजना बड़े पैमाने पर सब्जियों और फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी. इसे मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत 2014-15 में लॉन्च किया गया था. इस योजना का संचालन राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) करता है, जो कृषि मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है. मंत्रालय फिलहाल भागीरथ चौधरी के जिम्मे है. भागीरथ चौधरी NHB बोर्ड के हैं उपाध्यक्ष राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी गतिविधियों का संचालन एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स करता है. इस बोर्ड के पदेन अध्यक्ष केंद्रीय कृषि मंत्री होते हैं, जबकि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पदेन उपाध्यक्ष की भूमिका निभाते हैं. ऐसे में भागीरथ चौधरी इस बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं. NHB की वेबसाइट पर पदेन उपाध्यक्ष के तौर पर सिर्फ “कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री” का पद लिखा है. हालांकि, संपर्क के लिए जो ईमेल दिए गए हैं, वे सीधे भागीरथ चौधरी से जुड़े बताए गए हैं. इनमें एक प्रशासनी ईमेल आईडी और एक जीमेल पता शामिल है. इससे यह स्पष्ट होता है कि बोर्ड में उपाध्यक्ष की भूमिका फिलहाल भागीरथ चौधरी ही निभा रहे हैं. सब्सिडी प्रस्तावों पर फैसला कौन लेता है? राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के अन्य सदस्यों में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव, हिंदुस्तानीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक और बागवानी क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी व उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं. यही बोर्ड विभिन्न परियोजनाओं और सब्सिडी प्रस्तावों पर फैसला लेता है. कागजों के आधार पर रिपोर्ट में बताया गया है कि इस योजना के तहत सब्सिडी वाली परियोजनाओं को मंजूरी देने में कृषि राज्य मंत्री की कोई सीधी भूमिका नहीं होती. अंतिम मंजूरी राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की परियोजना अनुमोदन समिति देती है. इस समिति में बोर्ड के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष शामिल नहीं होते. ऐसे में तकनीकी रूप से परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में मंत्री की सीधी भागीदारी नहीं मानी जाती. इस मामले पर जवाब लेने के लिए द इंडियन एक्सप्रेस ने भागीरथ चौधरी को सवालों की एक सूची भेजी थी. उनसे पूछा गया था कि क्या अपने ही मंत्रालय की योजना के तहत सब्सिडी लेना हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) का मामला माना जा सकता है. समाचार प्रकाशित होने तक भागीरथ चौधरी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी. The post मंत्री भी, लाभार्थी भी! केंद्रीय मंत्री को अपने ही मंत्रालय की स्कीम से मिली 99 लाख की मदद appeared first on Naya Vichar.

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शशि थरूर के साले साहब संभालेंगे इंडियन आर्मी की सबसे बड़ी कमान, अपनी खुशी रोक नहीं पाए सांसद; कही ये बात

Shashi Tharoor Brother in Law Army: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हिंदुस्तानीय सेना में एक अहम नियुक्ति को लेकर खुशी और गर्व जाहिर किया है. उन्होंने अपने बहनोई (साले साहब) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर के हिंदुस्तानीय सेना की प्रतिष्ठित दक्षिणी कमान के नए सेना कमांडर नियुक्त होने पर उन्हें बधाई दी. शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर से फोन पर बात की और इस उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर की. सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट में शशि थरूर ने राजेश पुष्कर के साथ एक फोटो साझा की. लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर शशि थरूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर के भाई हैं. इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तानीय सेना का शानदार अभियान था. पाकिस्तान ने हिंदुस्तान के सामने घुटने टेके थे. उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है, जब भी सिंदूर-2 होगा हिंदुस्तानीय सेना जल, थल और नभ हर तरह से ऑपरेशन करने के लिए तैयार है.  1 जुलाई से संभालेंगे दक्षिणी कमान की जिम्मेदारी थरूर ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को दक्षिणी कमान का आर्मी कमांडर नियुक्त किया गया है. वह 1 जुलाई से इस जिम्मेदारी को संभालेंगे. उन्होंने लिखा कि हिंदुस्तानीय सेना में कुल छह ऑपरेशनल कमांड हैं और इनमें दक्षिणी कमान क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ी कमान है. यह देश के बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक हिस्सों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है. शशि थरूर ने जताया परिवार का गर्व थरूर ने अपने पोस्ट में कहा कि राजेश पुष्कर की सैन्य क्षमता, शानदार रिकॉर्ड और वर्दी के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें पूरा भरोसा है कि वह इस जिम्मेदारी को बेहतरीन तरीके से निभाएंगे. उन्होंने लिखा,  ‘उनकी सैन्य प्रतिभा, शानदार रिकॉर्ड और वर्दी के प्रति पूरी निष्ठा को जानते हुए मुझे पूरा विश्वास है कि वह इस जिम्मेदारी को सर्वोच्च सम्मान के साथ निभाएंगे.’ उन्होंने आगे कहा कि यह पूरे परिवार के लिए बेहद गर्व का क्षण है और देश के लिए भी भरोसे का समय है. एक सक्षम और समर्पित अधिकारी इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं. It’s official! I have just got off the phone with my brother-in-law, Lt Gen Rajesh Pushkar, and I simply cannot contain my immense pride and joy. He has just been appointed as the Army Commander of the prestigious Southern Command, effective July 1. To put this into perspective,… pic.twitter.com/zXPy54dFak — Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 26, 2026 पिपिंग सेरेमनी की तस्वीर भी साझा की शशि थरूर ने अपनी पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर और उनकी पत्नी अनु के साथ नजर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि यह तस्वीर उस समय की है जब राजेश पुष्कर मेजर जनरल बने थे और उनकी ‘पिपिंग सेरेमनी’ हुई थी. ये भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सामने आए, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दर्ज हुई वीरों की गाथा थरूर ने नई भूमिका के लिए मांगीं शुभकामनाएं थरूर ने देशवासियों से भी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को शुभकामनाएं देने की अपील की. उन्होंने लिखा, ‘कृपया मेरे साथ मिलकर उन्हें शुभकामनाएं दें, क्योंकि वह इस नई भूमिका में देश की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं.’ पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘जय हिंद!’ लिखा. The post शशि थरूर के साले साहब संभालेंगे इंडियन आर्मी की सबसे बड़ी कमान, अपनी खुशी रोक नहीं पाए सांसद; कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

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गया जी में टला रेल हादसा, ट्रैक पर रखी मिली लोहे की प्लेट, अचानक पहुंची बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस फिर…

गया जी से रोहित कुमार सिंह की रिपोर्टGaya Ji Railway News: गया जी से राजगीर जाने वाली बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गयी. रेलवे ट्रैक पर लोहे की प्लेट रखे जाने की सूचना मिलने के बाद ट्रेन चालक और गार्ड की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से समय रहते ट्रेन को रोक दिया गया. कैसे बची सैकड़ों यात्रियों की जान? इस सूझबूझ के कारण सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई और एक बड़ा रेल हादसा टल गया. घटना के बाद कुछ देर के लिए यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ की तत्परता से स्थिति जल्द ही सामान्य कर ली गयी. रेलवे ट्रैक पर लोहे की प्लेट रात 1:05 बजे गया जंक्शन से खुली थी ट्रेन मिली जानकारी के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस रात करीब 1:05 बजे गया जंक्शन से राजगीर के लिए रवाना हुई थी. ट्रेन निर्धारित गति से आगे बढ़ रही थी. इसी दौरान चालक की नजर रेलवे ट्रैक पर रखी एक संदिग्ध लोहे की प्लेट पर पड़ी. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चालक ने बिना देर किए ट्रेन की गति कम की और अंतिम रोक सिग्नल के समीप ट्रेन को सुरक्षित रोक दिया. समय रहते ट्रेन रुक जाने से संभावित बड़ा हादसा टल गया. Gaya Ji News: ड्राइवर और गार्ड ने दिखाई सूझबूझ घटना के दौरान ट्रेन के चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार ने पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी का परिचय दिया. दोनों ने स्थिति का तत्काल आकलन करते हुए सुरक्षा नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की. चालक ने ट्रेन रोकने के साथ ही स्टेशन मास्टर, रेलवे कंट्रोल और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी. उनकी त्वरित कार्रवाई की वजह से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकीं. अधिकारियों ने ट्रैक का किया निरीक्षण सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने पूरे ट्रैक का निरीक्षण किया और रेलवे लाइन पर रखी गयी लोहे की प्लेट को हटाया. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित है और आगे किसी प्रकार का खतरा नहीं है. सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गयी. Rail Accident: 10 मिनट बाद फिर शुरू हुआ ट्रेन का परिचालन रेलवे अधिकारियों द्वारा ट्रैक की जांच और लोहे की प्लेट हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग 10 मिनट के भीतर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस का परिचालन दोबारा शुरू कर दिया गया. ट्रेन को सावधानीपूर्वक आगे के लिए रवाना किया गया. इस दौरान यात्रियों को भी स्थिति की जानकारी दी गई, जिससे उनके बीच व्याप्त चिंता धीरे-धीरे समाप्त हो गयी. यात्रियों में मची रही अफरा-तफरी अचानक ट्रेन रुकने और रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध वस्तु मिलने की जानकारी मिलते ही यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई यात्री अपने डिब्बों से बाहर निकलकर घटना की जानकारी लेने लगे. हालांकि रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ ने यात्रियों को शांत रहने की अपील की और सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखी. अधिकारियों के आश्वासन के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली. Buddha Purnima Express: मामले की जांच में जुटा रेलवे प्रशासन घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है. रेलवे ट्रैक पर लोहे की प्लेट कैसे और किस उद्देश्य से रखी गयी. इसकी जांच शुरू कर दी गई है. आरपीएफ और संबंधित विभाग आसपास के क्षेत्र की जांच कर रहे हैं तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है. यदि इसमें किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी. सतर्क कर्मचारियों की हो रही सराहना इस घटना में ट्रेन चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार की सूझबूझ और तत्परता की व्यापक सराहना हो रही है. उनकी समय पर की गई कार्रवाई ने संभावित बड़े रेल हादसे को टाल दिया और सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित रही. रेलवे अधिकारियों ने भी दोनों कर्मचारियों की सतर्कता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदार कार्यशैली सुरक्षा व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है. यात्रियों ने भी चालक और गार्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता के कारण वे सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर यात्रा जारी रख सकें. Also Read: जिले में आज मंडी का भाव : आम 50 तो सेब 280 रुपये किलो, घर से निकलने से पहले यहां देखें ताजे फल और किराना का सही भाव The post गया जी में टला रेल हादसा, ट्रैक पर रखी मिली लोहे की प्लेट, अचानक पहुंची बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस फिर… appeared first on Naya Vichar.

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बिहार की जेलों में रातों रात प्रशासनिक फेरबदल, एकसाथ 30 उपाधीक्षकों का तबादला, देखिए पूरी लिस्ट

Bihar Transfer News: बिहार की जेलों में रातों रात प्रशासनिक फेरबदल हुआ. पिछले दिनों बेऊर जेल के अधीक्षक पर कार्रवाई हुई थी. ऐसे में अब 30 उपाधीक्षकों का ट्रांसफर करते हुए नई जिम्मेदारी दी गई है. गृह विभाग की तरफ से आधिकारिक तौर पर अधिसूचना जारी कर दी गई है. इसमें सभी 30 उपाधीक्षकों को बिहार की विभिन्न केंद्रीय, मंडल (सब-डिविजनल) और जिला जेलों ट्रांसफर किया गया है. इस वजह से किया गया तबादला गृह विभाग की तरफ से जारी लेटर में सभी 30 उपाधीक्षकों को बिना देरी के नए पदस्थापन जगह पर जाने का निर्देश दिया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक आवश्यकता और कारा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बिहार प्रशासन की तरफ से तबादला किया गया है. इस तरह बड़े पैमाने में हुए फेरबदल से प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है. इन जेलों में हुआ तबादला पूर्णिया जिले के रहने वाले राजेश कुमार मिश्रा को मुंगेर मंडल कारा का उपाधीक्षक बनाया गया है. अरवल जिला के रामानुज राम को मोतिहारी केंद्रीय कारा, पश्चिम चंपारण के जितेंद्र प्रसाद गुप्ता को मधेपुरा मंडल कारा, पश्चिम चंपारण के ही सरवर इमाम खान को शेखपुरा मंडल कारा, भागलपुर के शिवमंगल प्रसाद को समस्तीपुर मंडल कारा, लखीसराय के प्रेमजीत कुमार को मंडल कारा कटिहार और नालंदा के धीरज कुमार को मंडल कारा बेतिया की जिम्मेदारी दी गई है. Also Read: बिहार के इन 12 जिलों में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की एडवाइजरी The post बिहार की जेलों में रातों रात प्रशासनिक फेरबदल, एकसाथ 30 उपाधीक्षकों का तबादला, देखिए पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

पटना, बिहार, समस्तीपुर

बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु 28 जून को छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

समस्तीपुर मंडल द्वारा मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, बापूधाम मोतिहारी, पूर्णिया कोर्ट एवं सुपौल से पाटलिपुत्र के लिए विशेष ट्रेनों का परिचालन नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2026 के अभ्यर्थियों की सुविधा तथा उनकी सुगम एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल द्वारा 28 जून 2026 (रविवार) को विभिन्न स्टेशनों से पाटलिपुत्र के लिए छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। विशेष ट्रेनों का विवरण निम्नानुसार है— 1. गाड़ी संख्या 03217 मधुबनी से 15:00 बजे प्रस्थान कर सिवान 22:00 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन दरभंगा–लहेरियासराय–समस्तीपुर– मुजफ्फरपुर–हाजीपुर–सोनपुर–छपरा होकर चलेगी। 2. गाड़ी संख्या 03218 दरभंगा से 14:45 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 19:45 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन लहेरियासराय– समस्तीपुर–मुजफ्फरपुर–हाजीपुर होकर चलेगी। 3. गाड़ी संख्या 03219 मुजफ्फरपुर से 15:00 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 18:00 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन हाजीपुर–सोनपुर होकर चलेगी। 4. गाड़ी संख्या 03220 बापूधाम मोतिहारी से 15:00 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 20:30 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन चकिया–मुजफ्फरपुर–हाजीपुर होकर चलेगी। 5. गाड़ी संख्या 03221 पूर्णिया कोर्ट से 15:00 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 22:00 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन सहरसा–खगड़िया– बेगूसराय–बरौनी– शाहपुर पटोरी–हाजीपुर होकर चलेगी। 6. गाड़ी संख्या 03222 सुपौल से 14:45 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 21:00 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन सहरसा–खगड़िया– बेगूसराय–बरौनी– शाहपुर पटोरी–हाजीपुर होकर चलेगी।

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