India Japan Summit: बैठक के बाद जापानी पीएम सनाए तकाइची के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया. पीएम मोदी ने कहा, “हिंदुस्तान-जापान सालाना समिट के लिए अपनी पहली यात्रा पर हिंदुस्तान आने पर प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का स्वागत करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है. वह जापान की पहली स्त्री प्रधानमंत्री और एक दूरदर्शी व लोकप्रिय नेता हैं.” पीएम ने भावुक जुड़ाव जोड़ते हुए कहा कि पीएम तकाइची जापान के ‘नारा प्रान्त’ से आती हैं, जो हिंदुस्तान और जापान की साझा बौद्ध विरासत का एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है.
वैश्विक उथल-पुथल में आपसी भरोसा सबसे बड़ी ताकत: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में हुए G7 समिट का जिक्र करते हुए कहा कि आज के वैश्विक उथल-पुथल के माहौल में, आपसी भरोसा हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक संपत्ति है. उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि हिंदुस्तान-जापान की साझेदारी इस पैमाने पर पूरी तरह खरी उतरती है. पीएम मोदी ने कहा- “पिछले कुछ दशकों में, ऑटोमोटिव से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टरों में, जापान ने हिंदुस्तान की विकास यात्रा में अहम भूमिका निभाई है और दोस्ती व भरोसे का एक अनमोल रिश्ता बनाया है. आज, प्रधानमंत्री तकाइची की यात्रा के साथ, हम अपनी ‘खास रणनीतिक और ग्लोबल साझेदारी’ के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं.”
#WATCH | Delhi: During press statement with Japanese PM Sanae Takaichi, Prime Minister Narendra Modi says, “Prime Minister Takaichi and I believe that a technology partnership will become the strongest pillar of our cooperation. To realise this vision, we have also issued a joint… pic.twitter.com/Nc8rKIDamY
— ANI (@ANI) July 2, 2026
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता साझा प्राथमिकता
पीएम मोदी और जापानी पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदुस्तान और जापान दोनों ही दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय स्थितिओं में शुमार हैं. एक आजाद, समृद्ध और नियमों पर आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है. पीएम मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और बाजार-आधारित वित्तीय स्थितिओं के तौर पर आज कई अहम पहल की गई हैं, जो मिलकर पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और तरक्की का रास्ता तैयार करेंगी.
इन क्षेत्रों में हुए समझौते
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बताते हुए दोनों देशों ने AI के क्षेत्र में एक संयुक्त बयान जारी किया है. हिंदुस्तानीय AI इकोसिस्टम के कई प्रमुख संस्थानों ने जापानी साझेदारों के साथ समझौते किए हैं. जापान की सटीक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी और हिंदुस्तान की सॉफ्टवेयर क्षमताएं मिलकर ग्लोबल AI डेवलपमेंट को नई गति देंगी.
डिफेंस और को-डेवलपमेंट: रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दोनों देशों के बीच पहले ‘को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ पर समझौता हुआ है. इसके तहत नेवल रेडियो एंटीना ‘यूनिकॉर्न’ से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम होगा, जो समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति को मजबूत करेगा.
हेल्थकेयर और फार्मा: फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में भी कई अहम समझौते हुए हैं. हिंदुस्तान के बड़े पैमाने (Scale) और जापान की क्वालिटी को मिलाकर दुनिया को किफायती, भरोसेमंद और एडवांस्ड हेल्थ सॉल्यूशन दिए जाएंगे, जिससे ग्लोबल हेल्थ सिक्योरिटी मजबूत होगी.
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