Ayatollah Ali Khamenei Funeral: तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में ईरानी ध्वज में लिपटा अयातुल्ला अली खामेनेई का ताबूत रखा गया है. उनके साथ उन परिजनों के ताबूत भी रखे गए हैं, जिनकी युद्ध के शुरुआती दिनों में इजराइली हवाई हमले में मौत हुई थी. इनमें खामेनेई के दामाद, उनकी सबसे बड़ी बेटी, 14 महीने की नातिन और नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई की पत्नी भी शामिल हैं. श्रद्धांजलि देने पहुंचे धार्मिक नेताओं और विदेशी मेहमानों ने ताबूत के पास जाकर सम्मान व्यक्त किया. सैन्य बैंड ने शोक धुन बजाई, जबकि कई श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार अपने स्कार्फ और अन्य वस्तुएं ताबूत से स्पर्श कराने के लिए सहायकों को सौंपीं.

या हुसैन वाले लाल झंडे
प्रशासनी मीडिया की ओर से जारी तस्वीरों में खामेनेई के ताबूत पर लाल रंग का झंडा दिखाई दिया, जिस पर सफेद अक्षरों में या हुसैन लिखा है. शिया परंपरा में यह झंडा अन्यायपूर्ण तरीके से मारे गए व्यक्ति के बलिदान और उसके न्याय की मांग का प्रतीक माना जाता है.

जनता का समर्थन दिखाने का मौका
प्रशासन के लिए यह अंतिम संस्कार केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि हालिया विनाशकारी युद्ध के बाद जनता का समर्थन दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर भी माना जा रहा है. ऐसे समय में जब ईरान अमेरिका के साथ युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत कर रहा है और होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी रणनीतिक स्थिति का इस्तेमाल करना चाहता है, यह आयोजन प्रशासन का मनोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है. वहीं, इजराइल की ओर से दोबारा हमले की आशंका भी बनी हुई है.

सैन्य और नेतृत्वक नेतृत्व रहा मौजूद
ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी कई महीनों बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए. उनके अलावा कई और वरिष्ठ प्रशासनी अधिकारी, हिंदुस्तानीय धार्मिक नेता और विदेशी गणमान्य व्यक्ति भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे.

मुजतबा खामेनेई शामिल होंगे या नहीं, सस्पेंस बरकरार
ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. माना जा रहा है कि युद्ध के दौरान वे घायल हुए थे. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं. 1989 में अपने पिता के अंतिम संस्कार में अली खामेनेई खुद मौजूद थे और भावुक नजर आए थे.
ईरान की सख्त चेतावनी
इजराइल की ओर से मुजतबा खामेनेई को निशाना बनाने की धमकियों के बाद ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने कड़ी चेतावनी जारी की है. सैन्य कमान ने कहा कि अमेरिका, इजराइल या उनके किसी भी सहयोगी द्वारा ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा और उसका परिणाम गंभीर होगा.
9 जुलाई को होंगे सुपुर्द-ए-खाक
ईरानी प्रशासन के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम शनिवार से शुरू होंगे. उनकी पार्थिव देह को ईरान और पड़ोसी इराक के विभिन्न शहरों में श्रद्धांजलि के लिए ले जाया जाएगा. इसके बाद 9 जुलाई 2026 को उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
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