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झारखंड की पहचान माइंस से ही नहीं माइंड्स से भी होनी चाहिए, दिल्ली में झारखंड की आवाज बनें CM हेमंत

सुनील चौधरी

Jharkhand News: झारखंड में औद्योगिक निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ई-गवर्नेंस और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को नई दिल्ली के होटल ताज में दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन की शुरुआत हुई. कार्यक्रम के पहले दिन आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से मंथन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर झारखंड में निवेश का आमंत्रण भी दिया.

‘माइंस से नहीं, माइंड्स से बनेगी नई पहचान’

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड भविष्य की वित्तीय स्थिति में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान अब केवल खनिज संपदा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित वित्तीय स्थिति से भी जुड़नी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘झारखंड की पहचान केवल माइंस से नहीं, बल्कि माइंड्स, केवल रिसोर्स से नहीं बल्कि रिसर्च, केवल एक्सट्रैक्शन से नहीं बल्कि इनोवेशन और केवल ग्रोथ से नहीं बल्कि समावेशी एवं व्यापक विकास से होनी चाहिए.’

IT, AI और डेटा सेंटर पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रशासन राज्य के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि पहली बार दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखंड के निवेश रोडमैप को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया गया था. उन्होंने कहा कि अब राज्य में डेटा सेंटर, आईटी, एआई और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे. विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य का रोडमैप तैयार किया जाएगा.

माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और IBM ने साझा किए सुझाव

कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, आईबीएम सहित कई अग्रणी तकनीकी कंपनियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. उन्होंने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप राज्य को तैयार करने के लिए अपने सुझाव साझा किए. आईबीएम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा और गूगल के राजेश रंजन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से झारखंड में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रकाश डाला.

कई नई नीतियों के कॉन्सेप्ट पेपर हुए प्रस्तुत

कार्यक्रम में झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस और पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए. प्रशासन ने इन नीतियों पर उद्योग जगत और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए, ताकि इन्हें अधिक प्रभावी और निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके.

निवेश और रोजगार पर विशेष जोर

कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया. इसमें आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जो निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति दें.

कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, उद्योग मंत्री संजय कुमार यादव, नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, आईटी सचिव पूजा सिंघल, उद्योग सचिव अरवा राजकमल, पीआरडी के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी, उद्योग निदेशक विशाल सागर और आईटी निदेशक माधवी मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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