क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में शामिल लॉर्ड्स एक नया इतिहास रचने जा रहा है. 1884 में यहां पहला पुरुष टेस्ट मैच स्पोर्ट्सा गया था, लेकिन स्त्री क्रिकेट को इस मैदान पर टेस्ट स्पोर्ट्सने के लिए 142 साल का इंतजार करना पड़ा. शुक्रवार से हिंदुस्तान और इंग्लैंड की स्त्री टीमें लॉर्ड्स में पहला स्त्री टेस्ट मैच स्पोर्ट्सेंगी.
हिंदुस्तानीय कोच भी रह गए हैरान
हिंदुस्तानीय स्त्री टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने इस बात पर हैरानी जताई कि क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में अब तक कोई स्त्री टेस्ट मैच नहीं स्पोर्ट्सा गया था. उन्होंने कहा कि यह केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्त्री क्रिकेट के लिए भी बेहद खास और ऐतिहासिक अवसर है. मजूमदार ने कहा, “मुझे यह बात हैरान करती है कि लॉर्ड्स में यह पहला स्त्री टेस्ट मैच है. फिर भी मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा हूं. यह सभी खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण है.”
खिलाड़ियों में खास उत्साह
हिंदुस्तानीय कोच के मुताबिक टीम की खिलाड़ी लंबे समय से इस मुकाबले का इंतजार कर रही थीं. उन्होंने बताया कि हाल ही में समाप्त हुए स्त्री टी20 विश्व कप से पहले ही ड्रेसिंग रूम में लॉर्ड्स टेस्ट को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी. उन्होंने कहा, “किसी भी हिंदुस्तानीय क्रिकेटर के लिए टेस्ट मैच स्पोर्ट्सना सपना होता है, लेकिन लॉर्ड्स में टेस्ट स्पोर्ट्सना उससे भी बड़ी उपलब्धि है. मुझे यकीन है कि जो खिलाड़ी सफेद जर्सी पहनकर मैदान में उतरेंगी, वे इस पल को हमेशा याद रखेंगी.”
टी20 विश्व कप की निराशा भुलाकर नई शुरुआत
हिंदुस्तानीय स्त्री टीम टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब लाल गेंद के क्रिकेट में नई शुरुआत करना चाहती है. टीम ने लॉर्ड्स टेस्ट की तैयारियों के लिए वर्म्सले क्रिकेट ग्राउंड पर अभ्यास किया है. मजूमदार ने कहा कि टीम अब अतीत को पीछे छोड़कर आगे देख रही है. उनके अनुसार, “जो हो चुका है उसे बदला नहीं जा सकता. हमारा पूरा फोकस आने वाले टेस्ट मैच पर है और हम इसके लिए पूरी तैयारी कर चुके हैं.”
लॉर्ड्स से जुड़ी हैं खास यादें
अमोल मजूमदार ने लॉर्ड्स से जुड़ी अपनी पुरानी यादें भी साझा कीं. उन्होंने बताया कि 1996 में वह इसी मैदान पर मौजूद थे, जब सौरव गांगुली ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत शतक के साथ की थी और राहुल द्रविड़ ने भी पदार्पण किया था. उन्होंने कहा, “मैं स्टैंड में बैठकर वह मैच देख रहा था. सौरव का शानदार शतक आज भी मेरी यादों में ताजा है. लॉर्ड्स से मेरी कई खूबसूरत यादें जुड़ी हुई हैं.”
स्त्री क्रिकेट के लिए मील का पत्थर
लॉर्ड्स में पहला स्त्री टेस्ट मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि स्त्री क्रिकेट के बढ़ते कद का प्रतीक भी माना जा रहा है. 142 साल के इंतजार के बाद यह ऐतिहासिक आयोजन स्त्री क्रिकेट के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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