Monsoon Havoc: देशभर में मानसून सक्रिय है, कई राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है. गुरुवार को भी बारिश ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई. मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों और रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया, पेड़ उखड़ गए, मकानों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. कई राज्यों में राहत और बचाव अभियान जारी है, जबकि हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने विभिन्न राज्यों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है.
पूरे देश में पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में भी पहुंच गया है. इसके साथ ही पूरे देश में मानसून का आगमन पूरा हो गया है. इस बार मानसून ने सामान्य तिथि से एक दिन की देरी से पूरे देश को कवर किया. मौसम विभाग के मुताबिक जुलाई के पहले नौ दिनों में देशभर में 101.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 73.8 मिमी से काफी अधिक है.
हिमाचल में अचानक आई बाढ़ से संपर्क टूटा
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ से करीब 100 फुट लंबा लोहे का पुल पानी में डूब गया, जिससे लिप्पा गांव का संपर्क बाकी क्षेत्रों से कट गया. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलाशयों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है. मौसम विभाग ने राज्य में 15 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है.
दिल्ली में सीजन की सबसे भारी बारिश, रेड अलर्ट जारी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को इस मानसून सीजन की सबसे भारी बारिश दर्ज की गई. सफदरजंग मौसम केंद्र में 24 घंटे के दौरान 72.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के तुकमीरपुर (खजूरी) में सबसे अधिक 160 मिमी बारिश हुई. बारिश के कारण विकास मार्ग, आईटीओ, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, मुनिरका, सदर बाजार, द्वारका और दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया. कई स्थानों पर लोगों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ा और यातायात घंटों प्रभावित रहा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार गांव में जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया, जबकि पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आईटीओ कंट्रोल रूम पहुंचकर हालात की समीक्षा की.
महाराष्ट्र में इमारत हादसा, बचाव अभियान जारी
महाराष्ट्र के पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ में भारी बारिश के कारण कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र में कूड़े का बड़ा ढेर ढहने से इमारत गिर गई. गुरुवार को मलबे से एक शव बरामद किया गया. अब तक नौ लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि आठ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. ठाणे जिले में भी मानसून से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई है. करीब 797 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 136 मकानों को नुकसान पहुंचा है.
गुरुग्राम में अपार्टमेंट की बालकनी गिरी
हरियाणा के गुरुग्राम में भारी बारिश के दौरान एक लग्जरी अपार्टमेंट की बालकनी का हिस्सा गिर गया. हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. स्थानीय लोगों ने बिल्डर की लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरी परियोजना का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की है.
राजस्थान में कई जिलों में भारी बारिश
राजस्थान के कई हिस्सों में भी तेज बारिश हुई. चित्तौड़गढ़ के बडेसर और निम्बाहेड़ा तथा भरतपुर के बयाना में 9-9 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई. मौसम विभाग ने भरतपुर और कोटा में भारी बारिश की संभावना जताई है. हालांकि 11 जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है.
केरल में भूस्खलन, पांच लोगों की मौत
केरल में लगातार बारिश के कारण मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वायनाड में भूस्खलन वाली जगह से दो और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं. मानसून इस साल चार जून को केरल पहुंचा, जिससे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून-सितंबर) की शुरुआत हुई. आमतौर पर यह राज्य में एक जून को दस्तक देता है.
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