NEET Success Story: असम के एक छोटे से गांव से आने वाले बिशु लिंबू ने बिजली और इंटरनेट की कमी के साथ भी नीट जैसे टफ परीक्षा में सफलता हासिल कर ली. उन्होंने NEET UG 2026 में 720 में से 610 मार्क्स हासिल किया है. उनकी ये सफलता पूरे राज्य के छात्रों के लिए मिसाल बन गई है. आइए, जानते हैं बिशु लिंबू की कहानी.
नीट यूजी परीक्षा टफ एग्जाम्स में से एक है. कई-कई साल महंगे कोचिंग में तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को भी कई बार सफलता नहीं मिलती है. लेकिन बिशु लिंबू ने कम संसाधन में भी इस परीक्षा में सफलता हासिल की है और डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर पहला कदम बढ़ाया है.
किसान परिवार से निकलकर मेडिकल कॉलेज तक का सफर
बिशु लिंबू एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. उनके पिता छोटे किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति हमेशा से कमजोर रही. कई बार घर चलाना भी मुश्किल हो जाता था, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बीच उनके माता-पिता ने कभी बेटे के सपनों पर भरोसा नहीं छोड़ा. माता -पिता का यही सपोर्ट बिशु के लिए सबसे बड़ी ताकत बनी.
लालटेन की रोशनी में की NEET की तैयारी
बिशु के पास न बिजली थी और न ही इंटरनेट. नीट की तैयारी के लिए छात्र ऑनलाइन लेक्चर, टेस्ट सीरीज और डिजिटल स्टडी मैटेरियल का सहारा लेते है, लेकिन बिशु के पास इनमें से कुछ भी नहीं था. वे सिर्फ अपने किताब से पढ़ते रहते थे और नोट्स बनाकर सेल्फ स्टडी करते थे. वे रात में लालटेन की रोशन में पढ़ाई करते थे.
610 अंक हासिल कर किया सपना पूरा
लगातार मेहनत करके बिशु ने NEET UG 2026 में 610 मार्क्स हासिल किया. असम के बिशु ने ये साबित कर दिया कि सक्सेस केवल रिसोर्सेज से नहीं मिलती है बल्कि मेहनत करने से मिलती है. बिशु लिंबू की कहानी केवल एक परीक्षा में सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के कारण अपने सपनों को अधूरा मान लेते हैं.
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