गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के निर्णय को संसद के बनाए कानून की खुली अवहेलना भी बताया है. कांग्रेस ने यह निर्णय 1937 के अपने प्रस्ताव और संविधान सभा में अपनाये गये रुख के अनुरूप बताया है.
कांग्रेस के फैसले ने करवाया था देश विभाजन
अमित शाहने गुरुवार को तमिलनाडु में कहा कि कांग्रेस ने 1937 में मुस्लिमों के तुष्टीकरण के लिए वंदे मातरम् को दो हिस्सों में बांटा था और इसी फैसले की वजह से देश के विभाजन की नींव पड़ी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब राहुल गांधी के नेतृत्व में उसी तुष्टीकरण की नेतृत्व को आगे बढ़ा रही है. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली प्रशासन ने कांग्रेस की इस गलती को सुधारा है और वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण देने की दिशा में कदम उठाया है.
कांग्रेस के फैसले पर देश एकजुट हो
अमित शाह ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत और स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले लोगों का अपमान करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि देश को कांग्रेस के इस फैसले के खिलाफ एकजुट होना चाहिए और तुष्टीकरण की नेतृत्व को स्वीकार नहीं करना चाहिए. गृहमंत्री ने कांग्रेस के फैसले की निंदा की है.
बीजेपी के आरोपों को कांग्रेस ने खारिज किया
कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है. कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि पार्टी 1937 से ही वंदे मातरम् की पहली दो कड़ियां गाती रही है. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् कांग्रेस के लिए स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी भावनात्मक विरासत है, जबकि बीजेपी इसे नेतृत्वक मुद्दा बना रही है.कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CWC की बैठक में 1937 के प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस ने भी रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के आधार पर पहली दो कड़ियां गाने का समर्थन किया था.
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