धनबाद में चीनी की जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण की अब निगरानी बढ़ेगी. ऐसे बड़े उपभोक्ता, जिनकी औसत मासिक चीनी खपत 10 टन या उससे अधिक है, अब वे अपनी 15 दिनों की खपत से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे.
धनबाद में निगरानी प्रशासन के जिम्मे
राज्य प्रशासन ने धनबाद समेत सभी जिलों के उपायुक्तों को आदेश का कड़ाई से प्रवर्तन कराने और की गयी कार्रवाई से विभाग को अवगत कराने को कहा है. इसके तहत जिले में चीनी के बड़े खरीदारों और उपभोक्ताओं के स्टॉक की जांच की जा सकती है. सीमा से अधिक भंडारण, खरीद और उपलब्ध स्टॉक के बीच अंतर मिलने पर संबंधित मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
बढ़ती कीमतों के बीच लिया गया फैसला
केंद्र का यह फैसला चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच आया है. रिपोर्ट के अनुसार 18 अगस्त को खुदरा चीनी की कीमत करीब 52.30 रु प्रति किलोग्राम थी, जबकि साल भर पहले यह करीब 46.34 रु प्रति किलो थी. यानी सालाना आधार पर कीमत में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी.
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