Shani Gochar 2027: साल 2027 में शनि का गोचर बेहद खास है. ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार शनि 3 जून को मीन से मेष राशि में प्रवेश करेगा. इसके बाद 20 अक्टूबर को मीन राशि में वक्री यानी उल्टी चाल शुरू करेगा. ऐसे में शनि के इस गोचर से साढ़ेसाती और ढैय्या का समीकरण भी बदलेगा. आइए, जानते हैं कि साल 2027 में शनि के डबल गोचर से किन राशि के जातकों को साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलेगी. साथ ही, किन राशियों से संबंधित जातकों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू होगी.
2027 में कब-कब होगा शनि का राशि परिवर्तन
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2027 में शनि दो बार राशि परिवर्तन करेगा. शनि 3 जून 2027, गुरुवार को सुबह 6 बजकर 23 मिनट पर मेष राशि में प्रवेश करेगा. इस राशि में शनि 20 अक्टूबर सुबह 6 बजकर 4 मिनट तक रहेगा. इसके बाद मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) हो जाएगा.
साल 2027 में शनि का डबल गोचर क्यों खास है
साल 2027 के जून महीने की 3 तारीख को शनि देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे. शनि का यह गोचर इसलिए खास है क्योंकि इससे कुछ राशि के जातकों की साढ़ेसाती खत्म होगी. जबकि, कुछ राशि वाले जातकों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू होगी. इसके अलावा शनि के इस गोचर के ढैय्या का समीकरण भी बदलेगा. कुछ राशि से संबंधित लोगों पर शनि की ढैय्या शुरू होगी. वहीं, कुछ राशि के जातकों को ढैय्या से राहत मिलेगी.
2027 में किन राशि के जातकों को मिलेगी शनि की ढैय्या से मुक्ति
ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय ने बताया कि 3 जून 2027 को जब शनि मीन से मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तो कन्या और मकर राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या शुरू होगी. जबकि, सिंह और धनु राशि से संबंधित जातकों को ढैय्या से छुटकारा मिल जाएगा.
साल 2027 में किन राशि वालों को मिलेगा साढ़ेसाती से छुटकारा
ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय के अनुसार, जब 3 जून 2027 को शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तो कुंभ राशि से संबंधित लोगों को साढ़ेसाती से छुटकारा मिल जाएगा. जबकि, वृषभ राशि के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा. वहीं, मेष और मीन राशि के जातकों के लिए 2027 में शनि की साढ़ेसाती का दूसरा और तीसरा चरण शुरू होगा.
शनि-गोचर के दौरान क्या करें उपाय
- शनिवार को किसी शनि मंदिर में शनि देव के सामने सरसों तेल का दीया जलाने से शनि दोष का प्रभाव कम होने की मान्यता है.
- शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए प्रत्येक शनिवार शाम के समय पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है.
- मान्यतानुसार, मंगलवार को हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से शनि ग्रह का प्रकोप कम होता है.
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, काले कुत्ते या कौए को खिलाने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है. इसके परिणामस्वरूप शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का कष्ट कम होता है.
- शनि देव की कृपा पाने के लिए काले तिल, काली उड़द, काला छाता, लोहा और काले कपड़े दान करने की परंपरा भी है. मान्यता है कि ऐसा करने से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है.
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