JPSC Exam Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) भर्ती मामले की CID जांच में अभ्यर्थियों से पैसे लेकर डीएसपी और डिप्टी जेलर के पद पर चयन कराने की बात सामने आई है. 11वीं-13वीं जेपीएससी परीक्षा के दौरान सिंडिकेट के सरगना अभय तिवारी ने आयोग के सदस्यों और अध्यक्ष के नाम पर प्रति अभ्यर्थी 15 लाख रुपये वसूले थे. जांच के अनुसार, पैसे के बदले अभ्यर्थियों के साक्षात्कार में अंक बढ़वाये गए, जिससे उनकी मेरिट में सुधार हुआ और उनका चयन संबंधित पदों पर हो सका.
ये भी पढ़ें- फेसबुक पोस्ट से बदनामी के मामले में सुप्रीम कोर्ट से सहदेव उरांव को जमानत
इंटरव्यू में 80 अंक बढ़वाने के बाद हुआ DSP पद पर चयन
सीआईडी को मिले बयानों के अनुसार, बिचौलिए ब्रज कुमार राम ने अभ्यर्थी मनीष कुमार के साक्षात्कार में 80 अंक बढ़वाए थे. इसके बाद मनीष कुमार का चयन डीएसपी पद पर हुआ. जांच में बताया गया है कि इस काम के बदले ब्रज कुमार राम को पांच लाख रुपये मिले थे. इसी तरह की सेटिंग के जरिए मनीष कुमार के अलावा रॉबिन कुमार और शैलेश सिन्हा का भी डीएसपी पद पर चयन हुआ, जबकि राजेश कुमार रजक का चयन डिप्टी जेलर के पद पर किया गया. जांच में यह भी सामने आया है कि सीडीपीओ परीक्षा में भी चार अभ्यर्थियों के लिए सेटिंग कराई गई थी.
The post JPSC Exam Scam: 15 लाख देकर बने DSP, इंटरव्यू में 80 अंक बढ़वाने का CID जांच में खुलासा appeared first on Naya Vichar.

