बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्तूबर को होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है. चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही एनडीए और महागठबंधन के अंदर सीटों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं. दोनों गठबंधनों में कई जगह घटक दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं. वहीं, कुछ सीटों पर गठबंधन के ही नेता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मैदान में उतर गये हैं.
एनडीए में पहले जदयू, अब आरएलएम में बगावत
एनडीए में पहले जदयू और अब उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) में भी मतभेद सामने आया है. सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू ने आनंद पुष्कर को अपना प्रत्याशी बनाया है. वहीं, आरएलएम के तीन विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर अपने ही गठबंधन के घटक दल जदयू के प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आरएलएम के तीनों विधायकों ने अपनी पार्टी के प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा कुशवाहा को समर्थन देने का फैसला किया है. रामपुकार सिन्हा कुशवाहा ने सोमवार, 5 अक्तूबर को सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया.
| निर्वाचन क्षेत्र | जदयू | राष्ट्रीय लोक मोर्चा |
| सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | आनंद पुष्कर | रामपुकार सिन्हा कुशवाहा |
सारण शिक्षक सीट पर आरएलएम की दावेदारी पहले से रही है. पार्टी की ओर से इस सीट पर रामपुकार सिन्हा को उम्मीदवार बनाने की इच्छा जतायी गयी थी. बताया जाता है कि पार्टी ने उनके नाम पर प्रस्ताव भी पारित किया था. इसी वजह से एनडीए की ओर से इस सीट पर उम्मीदवार के नाम की घोषणा में देरी हुई. हालांकि, बाद में एनडीए ने जदयू के आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया. अब रामपुकार सिन्हा के मैदान में उतरने से दोनों सहयोगी दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं.
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पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह ने खोला मोर्चा
एनडीए में दो सीटों पर बागी तेवर ने पार्टी नेतृत्व की परेशानी बढ़ा दी है. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा विधायक अनंत सिंह खुलकर सामने आ गये हैं. अनंत सिंह लगातार नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने उनका विरोध किया था. इसलिए वह उनके लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे. पार्टी के शीर्ष नेताओं की ओर से उन्हें समझाने की कोशिश की जा रही है.
| निर्वाचन क्षेत्र | जदयू | जन सुराज |
| पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | नीरज कुमार | डॉ अनुज कुमार (अनंत सिंह का समर्थन) |
इस मामले में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सोमवार को अनंत सिंह से फोन पर बातचीत की. सूत्रों के अनुसार, ललन सिंह ने उनसे पार्टी हित में नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने का आग्रह किया. बताया जा रहा है कि अनंत सिंह ने इस पर सहमति जतायी है, लेकिन नीरज कुमार के लिए चुनाव प्रचार करने से उन्होंने इनकार कर दिया है.
एनडीए के अधिकृत प्रत्याशी
| निर्वाचन क्षेत्र | जदयू | बीजेपी प्रत्याशी |
| पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | —– | नवल किशोर यादव |
| कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | —– | डॉ. एन.के. यादव |
| दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | —– | डॉ. सर्वेश कुमार |
| तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | —– | नरेंद्र प्रसाद सिंह |
| पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | नीरज कुमार | —- |
| तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | अभिषेक झा | —- |
| सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | आनंद पुष्कर | — |
| दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | घनश्याम राय | — |
महागठबंधन में भी सहयोगी आमने-सामने
एमएलसी चुनाव को लेकर महागठबंधन में भी घटक दलों के बीच तालमेल का संकट सामने आया है. बिहार की आठ विधान परिषद सीटों के लिए राजद ने पहले छह सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किये थे. इसके बाद कांग्रेस ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिये. कांग्रेस के प्रत्याशियों के मैदान में उतरने के बाद राजद ने भी कांग्रेस के खिलाफ प्रत्याशी उतारने का फैसला किया.
राजद ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा के खिलाफ भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतार दिया. इसके बाद कई सीटों पर महागठबंधन के दोनों प्रमुख घटक दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हो गये हैं. इससे चुनाव में सीट बंटवारे और आपसी तालमेल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. दोनों दलों के प्रत्याशी अब कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.
| निर्वाचन क्षेत्र | आरजेडी | कांग्रेस |
| दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | कुमर राय | डॉ. मदन मोहन झा |
| पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | डॉ. संजीव कुमार सिंह | डॉ. संजय यादव |
| पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | दिलीप कुमार | डॉ. असदुल्लाह खान |
| सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | प्रो. जयराम यादव | —- |
| तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | डॉ. रश्मि विनायक गौतम | —- |
| कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | नितेश कुमार | मनोज कुमार जायसवाल |
| दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | अनिल कुमार झा | रजनीकांत पाठक |
बागियों के तेवर से बढ़ी शीर्ष नेतृत्व की परेशानी
एमएलसी चुनाव से पहले दोनों प्रमुख गठबंधनों में बागी तेवर ने पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. एनडीए में जदयू और आरएलएम के नेता अपने ही गठबंधन के प्रत्याशियों के खिलाफ मैदान में हैं, जबकि महागठबंधन में राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी कई सीटों पर आमने-सामने हैं. इसके साथ ही बागी नेताओं और विधायकों की ओर से सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे तल्ख बयान भी शीर्ष नेतृत्व के लिए चुनौती बने हुए हैं.
गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ बागी और सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से कई सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय हो गया है. ऐसे में 23 अक्तूबर को होने वाला विधान परिषद चुनाव सिर्फ प्रत्याशियों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि एनडीए और महागठबंधन के अंदर आपसी तालमेल और गठबंधन की एकजुटता की भी परीक्षा माना जा रहा है.
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