Success Story Shakti Dubey: आईएएस शक्ति दुबे का सफर ऐसा रहा है कि UPSC में सीधे रैंक 1 हासिल कर लिया. बेहद साधारण परिवार से आने वाली शक्ति दुबे कैसे बार-बार चुनौतियों को पीछे छोड़कर देश की सबसे कठिन परीक्षा में टॉप करती हैं, आइए उनकी जर्नी में इसे करीब से समझते हैं.
प्रयागराज से शुरू हुआ सफलता का सफर
शक्ति दुबे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई होम टाउन से हुई. उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और इसके बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से इसी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन किया.
परिवार से मिली सिविल सेवा की प्रेरणा
शक्ति के पिता यूपी पुलिस में दरोगा हैं. उन्होंने अपने पिता को ड्यूटी करते और लोगों की मदद करते देखा. धीरे-धीरे उन्हें समझ आया कि प्रशासनी सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने का जरिया भी है. शक्ति ने एक इंटरव्यू में बताया था कि BHU के हॉस्टल में रहने के दौरान भी उन्होंने महसूस किया कि पुलिस और प्रशासनी व्यवस्था लोगों को सुरक्षा का एहसास करा सकती है.
5वें प्रयास में हासिल किया देश में पहला स्थान
शक्ति दुबे ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की. इस परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 22 अप्रैल 2025 को घोषित किया गया था. उनका यह नतीजा उन सभी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी प्रेरणा बना, जो सालों से सिविल सेवा में जाने का सपना देख रहे हैं. कई प्रयासों के बाद देश में पहला स्थान हासिल करना आसान उपलब्धि नहीं है.
शक्ति दुबे की कहानी बताती है कि सफलता रातोंरात नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए लगातार मेहनत, धैर्य और अनुशासन की जरूरत होती है. नवरात्रि में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा हमें भी तप, साधना और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सीख देती है.
ये भी पढ़ें: 2 बच्चों की जिम्मेदारी और फुलटाइम नौकरी, फिर भी नहीं छोड़ा BPSC का सपना, रुचि रानी बनीं SDM
The post नौ शक्ति नौ उड़ान : तप, त्याग और मेहनत का दम, शक्ति दुबे ऐसे बनीं UPSC AIR 1 टॉपर appeared first on Naya Vichar.

