Kolkata Stampede : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम हुई भगदड़ में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि तेज बारिश के बाद भीड़ को नियंत्रित करने में लापरवाही और पंडाल गिरने की चेतावनी वाले कथित ऐलान से अफरा-तफरी मची. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लोगों को पंडाल छोड़ने के लिए किसने कहा था.
‘पंडाल गिरने वाला है’, ऐलान के बाद बढ़ी घबराहट
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस को ऐसा वीडियो फुटेज मिला है, जिसमें पंडाल की संरचना गिरने की आशंका जताते हुए लोगों से बाहर निकलने को कहा जा रहा है. अधिकारी के अनुसार, जांच की जा रही है कि यह घोषणा किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी. हालांकि, जांच पूरी होने से पहले इसे भगदड़ का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता.
भीड़ प्रबंधन में लापरवाही की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में आयोजन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है. अधिकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को संभालने के लिए स्पष्ट योजना नहीं थी. प्रवेश, निकास और भीड़ की आवाजाही को लेकर घोषणाएं भी पर्याप्त नहीं थीं, जिससे लोगों में भ्रम बढ़ा.
पुलिस का कहना है कि पंडाल का प्रवेश द्वार और बाहर आने वाली सड़क दोनों संकरे थे. भगदड़ के दौरान लोगों ने उसी प्रवेश द्वार से निकलने की कोशिश की, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई. जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए गए हैं.
सीटी बजाने से भी फैली अफरा-तफरी?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी शुरुआती जांच का हवाला देते हुए कहा कि मौके पर मौजूद एसीपी से मिली जानकारी के अनुसार, एक निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणा और कुछ सीटी बजाए जाने के बाद स्थिति बिगड़ी. पुलिस इन घटनाओं की भूमिका की जांच कर रही है.
मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को प्रशासनी नौकरी देने की घोषणा की है. घायलों के इलाज का खर्च राज्य प्रशासन उठाएगी. प्रत्येक घायल को 5 लाख रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की गई है. घटना की जांच के लिए हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में तथ्य-जांच समिति गठित करने की बात भी कही गई है.
आयोजन समिति के पदाधिकारियों समेत 7 गिरफ्तार
भगदड़ के बाद कोलकाता पुलिस ने कम से कम सात लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें पूजा आयोजन समिति के सचिव और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं. स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों की तैनाती पर्याप्त नहीं थी और उनका ध्यान मुख्य रूप से वीआईपी प्रवेश द्वार के आसपास था. पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
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