Watch Video : कई प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पंडाल में आने-जाने और भीड़ को संभालने के लिए सही घोषणाएं नहीं की गईं. इससे लोग भ्रमित हो गए. स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंडाल में पर्याप्त पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे. उनका कहना है कि ज्यादातर पुलिसकर्मी वीआईपी गेट के पास तैनात थे.
चोरबागान इलाके की निवासी संघमित्रा भौमिक ने कहा, ‘‘इस साल मैंने पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी नहीं देखी. इसके कारण कुप्रबंधन हुआ.’’ स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की ओर से बहुत कम मदद मिलने का भी आरोप लगाया.
आयोजकों की लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की जांच करेगी पुलिस
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. एक पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि हादसे में कुछ खामियां जरूर रही होंगी, जिनकी जांच की जाएगी. पुलिस यह पता लगाएगी कि क्या आयोजकों की ओर से लापरवाही हुई और क्या पंडाल बनाने में नियमों का उल्लंघन किया गया. अधिकारी के मुताबिक, भीड़ को संभालने के इंतजाम, आयोजन स्थल की व्यवस्था और आपात स्थिति में अधिकारियों के उठाए कदमों की भी जांच होगी. इसके लिए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूत जुटाए जाएंगे.
घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने कहा, ‘‘थीम पूजा के नाम पर कई पंडालों में रोशनी बहुत कम रखी जाती है.’’ मुख्यमंत्री ने बताया कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी.
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत, आयोजकों और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना की जांच तेज हो गई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, फॉरेंसिक टीम देर रात घटनास्थल पर पहुंची और सबूत जुटाए. पुलिस पूजा आयोजकों से भी पूछताछ कर रही है. उनसे सुरक्षा गार्डों और भीड़ संभालने के लिए तैनात लोगों की सूची मांगी गई है. पुलिस वहां ड्यूटी पर मौजूद जवानों से भी बात करेगी. इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है, ताकि हादसे के समय वहां तैनात लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके.
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