UP Election 2027: राम मंदिर निर्माण के बाद भी फैजाबाद लोकसभा सीट पर मिली हार का दाग मिटाने के लिए भाजपा ने अब विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है. 2027 के चुनाव में अयोध्या समेत अवध क्षेत्र की सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर पार्टी नया चुनावी खाका तैयार करने में जुटी है. इसी रणनीति के तहत भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लिया, ताकि हार के कारणों को समझकर बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा सके.
हर बूथ के सामाजिक और नेतृत्वक समीकरणों का होगा आकलन
24 अक्टूबर को अयोध्या में हुई बैठक में विनोद तावड़े ने अवध क्षेत्र के सभी 15 संगठनात्मक जिलों के जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ चुनावी तैयारियों पर चर्चा की थी. उन्होंने पदाधिकारियों से हर बूथ के संगठनात्मक, सामाजिक और नेतृत्वक समीकरणों का आकलन करने और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर रणनीति बनाने को कहा था. साथ ही मंडल और शक्ति केंद्र के पदाधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखने तथा बूथ स्तर पर पार्टी की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया था.
तीन स्तरों पर बैठकों से लिया गया फीडबैक
बैठक में जिला स्तर के पदाधिकारियों, क्षेत्रीय संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग चर्चा की गयी थी. इन बैठकों का उद्देश्य संगठन की स्थिति, पार्टी कार्यक्रमों की प्रगति और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी लेना था. इस फीडबैक के आधार पर चुनावी तैयारियों को मजबूत करने और संगठन के भीतर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया.
अयोध्या में वापसी की तैयारी में भाजपा
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से लेकर बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं तक, भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रशासन के कामकाज को अहम चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अयोध्या में हुए बदलावों को जनता तक पहुंचाने के साथ पार्टी की नजर अब उन विधानसभा सीटों पर है, जहां उसे अपनी नेतृत्वक पकड़ मजबूत करनी है.
फैजाबाद लोकसभा सीट पर हार बनी चुनौती
2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद ने फैजाबाद सीट पर भाजपा के लल्लू सिंह को 54,567 वोटों से हराया था. राम मंदिर निर्माण के बाद हुए इस चुनाव में भाजपा की हार ने अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर सवाल खड़े किए थे.
2027 में संगठन की मजबूती पर रहेगा जोर
भाजपा की अवध क्षेत्र में हुई बैठक का मुख्य जोर बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने, सामाजिक सहभागिता बढ़ाने और स्थानीय मुद्दों को समझने पर रहा. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए चुनौती यह होगी कि वह इन संगठनात्मक तैयारियों को मतदाताओं के बीच समर्थन में कितना बदल पाती है. अयोध्या में लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद अब विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन उसकी रणनीति और स्थानीय संगठन की प्रभावशीलता की अहम कसौटी होगा.
यह भी पढ़ें: UP MLC चुनाव के नतीजों से तय होगा विधान परिषद में सपा का कद, जानिए नेता प्रतिपक्ष का पद बचाने के लिए कितनी सीटें जरूरी?
The post अयोध्या की हार का दाग विधानसभा चुनाव में मिटाएगी भाजपा, पार्टी के प्रभारी खींचेंगे जीतने का खाका appeared first on Naya Vichar.

