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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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स्टाइल और स्किल का परफेक्ट कॉम्बिनेशन, जानें कैसे शुरू करें फैशन डिजाइनिंग में करियर

Fashion Designing Course: आज के समय में फैशन सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा इंडस्ट्री बन चुका है. अगर आपको नए-नए डिजाइन बनाना, कपड़ों के साथ एक्सपेरिमेंट करना और ट्रेंड्स को समझना पसंद है, तो फैशन डिजाइनिंग आपके लिए एक बेहतरीन करियर ऑप्शन हो सकता है. आइए जानते हैं कि फैशन डिजाइनिंग कोर्स क्या है. साथ ही इस कोर्स (Fashion Designing Course) को करने के लिए टॉप कॉलेज कौन-कौन से हैं.  Fashion Designing Course: फैशन डिजाइनिंग क्या है? फैशन डिजाइनिंग एक ऐसा कोर्स है, जिसमें आपको कपड़ों, एक्सेसरीज और स्टाइल से जुड़ी चीजों को डिजाइन करना सिखाया जाता है. इसमें क्रिएटिविटी के साथ-साथ टेक्निकल स्किल्स भी जरूरी होती हैं. स्टूडेंट्स इस कोर्स में सीखते हैं कि कैसे एक सिंपल आइडिया को खूबसूरत ड्रेस या कलेक्शन में बदला जाए. इस फील्ड में क्रिएटिव सोच, ड्रॉइंग और डिजाइनिंग स्किल, नए ट्रेंड्स की समझ और कम्युनिकेशन स्किल्स जरूरी है.   कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं? फैशन डिजाइनिंग में कई तरह के कोर्स उपलब्ध है.  डिप्लोमा कोर्स (1–2 साल) अंडरग्रेजुएट कोर्स (BDes / BSc Fashion Design)  पोस्टग्रेजुएट कोर्स (MDes) सर्टिफिकेट कोर्स (6 महीने–1 साल) कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाता है? इस कोर्स (Fashion Designing Course) में सिर्फ डिजाइनिंग ही नहीं, बल्कि फैशन इंडस्ट्री की पूरी नॉलेज दी जाती है.  जैसे: फैब्रिक की जानकारी स्केचिंग और इलस्ट्रेशन पैटर्न मेकिंग गारमेंट कंस्ट्रक्शन फैशन ट्रेंड्स और मार्केट एनालिसिस  करियर ऑप्शन और सैलरी  फैशन डिजाइनिंग करने के बाद आप फैशन डिजाइनर, स्टाइलिस्ट, टेक्सटाइल डिजाइनर,  फैशन इलस्ट्रेटर, बुटीक ओनर और फैशन ब्लॉगिंग या सोशल मीडिया जैसे कई करियर ऑप्शन खुल जाते हैं. इस कोर्स को करने के बाद स्टार्टिंग सैलरी लगभग 15,000 से 30,000 तक मिल सकती है. लेकिन जैसे-जैसे एक्सपीरियंस बढ़ेगा, आपकी सैलरी लाखों में पहुंच सकती है.  टॉप कॉलेज, जहां से कर सकते हैं फैशन डिजाइनिंग का कोर्स फैशन डिजाइनिंग कोर्स करने के लिए टॉप कॉलेज की लिस्ट नीचे दी गई है.  NID अहमदाबाद  NIFT दिल्ली  NIFT मुंबई  NIFT हैदराबाद  IIFT बैंगलोर  यह भी पढ़ें: Animation vs VFX: फिल्म और गेमिंग की दुनिया में, जानें करियर के लिए कौन है बेस्ट The post स्टाइल और स्किल का परफेक्ट कॉम्बिनेशन, जानें कैसे शुरू करें फैशन डिजाइनिंग में करियर appeared first on Naya Vichar.

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कटिहार में पुलिस हिरासत में युवक की मौत, थाने पर बवाल, भीड़ ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

Bihar Crime News: कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के बाद बवाल हो गया. हालात बेकाबू हो गए. घटना के बाद गुस्साए लोगों ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया. देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और थाने में तोड़फोड़ शुरू कर दी. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आक्रोशित भीड़ ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. जान बचाने के लिए कई पुलिसकर्मी पास के मक्के के खेतों में भागते नजर आए. भीड़ ने स्त्री सिपाही को भी नहीं बख्शा और उन्हें भी खदेड़ा गया. इस दौरान एक सिपाही की राइफल छीन लिए जाने की भी समाचार है. वीडियो आया सामने, लाठी-डंडों से पिटाई पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्थानीय लोग पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडों से पीटते नजर आ रहे हैं. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. क्या है पूरा मामला? फलका थाना क्षेत्र के गोपालपट्टी निवासी 24 वर्षीय राकेश कुमार यादव को 2 अप्रैल की रात मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था. शनिवार को उसकी मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया. परिजनों का आरोप: बेगुनाह होते हुए भी नहीं छोड़ा मृतक के परिजनों का आरोप है कि जिस व्यक्ति की बाइक चोरी हुई थी, उसने पहचान के दौरान राकेश को नहीं पहचाना था. इसके बावजूद पुलिस ने उसे हिरासत में रखा. परिवार का कहना है कि थाने में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई. साली का आरोप: ‘दारोगा ने मार डाला’ मृतक की साली कोमल यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राकेश को बुरी तरह पीटा गया. उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने भी पहचान नहीं की थी, फिर भी पुलिस उसे जबरन उठा ले गई और मारपीट की. पुलिस का दावा: हाजत में आत्महत्या की कोशिश वहीं पुलिस का कहना है कि राकेश यादव ने थाना हाजत में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था. हालत बिगड़ने पर उसे सुबह 7 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फलका ले जाया गया. वहां से बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना की समाचार मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे. गुस्साए लोगों ने फलका-कुर्सेला स्टेट हाईवे को जाम कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. SHO और IO सस्पेंड मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी शिखर चौधरी ने फलका थाना के SHO रवि कुमार राय और जांच अधिकारी कुंदन पटेल को निलंबित कर दिया है. साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं. जांच के लिए SIT गठित पुलिस विभाग ने घटना की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) स्तर से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. SDPO रंजन कुमार सिंह के अनुसार, राकेश यादव को लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया था. शनिवार सुबह उसने आत्महत्या की कोशिश की, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. Also Read: दरभंगा में दिनदहाड़े 2 करोड़ से ज्यादा की लूट, ज्वेलरी शॉप में घुसे हथियारबंद बदमाश, बोले- कुछ बोले तो ठोक देंगे The post कटिहार में पुलिस हिरासत में युवक की मौत, थाने पर बवाल, भीड़ ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा appeared first on Naya Vichar.

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सैलरी भुगतान की तारीख तय करेगी आपका टैक्स, जानें 1 अप्रैल से क्या-क्या बदला

Tax rules 2026: देश में नया Income Tax Act, 2025 लागू हुए चार दिन हो चुके हैं. ऐसे में अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो इस महीने मिलने वाली आपकी सैलरी अब पुराने कानून (1961) से नहीं, बल्कि नए नियमों से तय होगी. आइए समझते हैं कि इस बदलाव का आपकी जेब पर क्या असर पड़ने वाला है.  मार्च की सैलरी पर कौन सा नियम लगा? बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अगर आपको मार्च की सैलरी 31 मार्च तक मिल गई थी, तो उस पर पुराना कानून लागू हुआ होगा. लेकिन यदि आपकी कंपनी ने मार्च महीने की सैलरी 1 अप्रैल या उसके बाद दी है, तो इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक, टैक्स इस आधार पर कटता है कि पैसा किस तारीख को मिला. यानी अप्रैल में मिलने वाली हर सैलरी अब नए एक्ट के दायरे में आ गई है.  क्या है नया सेक्शन 392(1)? अब तक सैलरी पर TDS सेक्शन 192 के तहत कटता था, लेकिन 1 अप्रैल से इसकी जगह सेक्शन 392(1) ने ले ली है. प्रशासन ने अब ‘असेसमेंट ईयर’ जैसे भारी-भरकम शब्दों को हटाकर सीधा ‘Tax Year’ सिस्टम शुरू कर दिया है. इसका सीधा मतलब है कि अब टैक्स का हिसाब-किताब समझना आम आदमी के लिए पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा.  टेक-होम सैलरी क्यों बदल जाएगी? इस महीने (अप्रैल 2026) से आपकी कंपनी आपके TDS का ‘रीसेट’ (Reset) करेगी. कंपनियां अब नए कानून के हिसाब से आपकी सालाना कमाई का अंदाजा लगाएंगी. नए टैक्स रेट और नियमों की वजह से हो सकता है कि आपकी इस महीने की In-hand Salary पिछले महीने के मुकाबले थोड़ी अलग हो. इसलिए अपनी पे-स्लिप (Pay-slip) को इस बार गौर से चेक करें. पुराने निवेश का क्या होगा? पुराने कानून के सेक्शन जैसे 80C अब नए रूप में बदल गए हैं.  आपको अपने निवेश की जानकारी अब नए एक्ट की धाराओं (Sections) के हिसाब से देनी होगी.  कंपनियां अपना पेरोल सिस्टम अपडेट कर रही हैं, इसलिए आपको अपने टैक्स डिक्लेरेशन फिर से भरने पड़ सकते हैं.  ये भी पढ़ें: प्रशासनी बॉन्ड से ₹18159 करोड़ जुटाएंगे 7 राज्य, आम जनता को भी मिलेगा निवेश का मौका The post सैलरी भुगतान की तारीख तय करेगी आपका टैक्स, जानें 1 अप्रैल से क्या-क्या बदला appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में 2034 पदों पर हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, 6 महीने पहले हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Jharkhand Teacher Recruitment: झारखंड में हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है. वर्ष 2016 से चल रही स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो पाई है. 2034 पदों पर नियुक्ति लंबित रहने से हजारों अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. मामला अब फिर से झारखंड हाईकोर्ट पहुंच चुका है. हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं हुई नियुक्ति एक सितंबर 2025 को झारखंड हाईकोर्ट ने 258 रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश दिया था कि रिक्त 2034 पदों को याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों से भरा जाए. कोर्ट ने इसके लिए तय समय सीमा भी निर्धारित की थी. अभ्यर्थियों को आठ सप्ताह के भीतर अपना अभ्यावेदन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग जेएसएससी) को सौंपने का निर्देश दिया गया था. अभ्यर्थियों ने समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेज जमा भी कर दिए, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. इससे नाराज अभ्यर्थियों ने अब कोर्ट की अवमानना का रास्ता अपनाया है. 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने दायर की अवमानना याचिका कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है. प्रार्थी मनोज कुमार गुप्ता व अन्य की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने यह याचिका दाखिल की है. अभ्यर्थियों का कहना है कि कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद जेएसएससी ने नियुक्ति प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया, जो न्यायालय की अवमानना है. क्या था एकल पीठ का आदेश इस मामले में जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था. कोर्ट ने पूरे मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस डॉ. एसएन पाठक की अध्यक्षता में एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करने का निर्देश दिया था. कमेटी को रिपोर्ट सौंपने का आदेश कमेटी को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य प्रशासन को सौंपने को कहा गया था. इसके बाद राज्य प्रशासन को छह सप्ताह के भीतर उस रिपोर्ट पर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया था. साथ ही, 2034 रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया छह महीने के भीतर पूरी करने का आदेश भी दिया गया था. कमीशन गठन में आई बाधा हालांकि, इस प्रक्रिया में भी बाधा उत्पन्न हो गई. जस्टिस डॉ. एसएन पाठक ने वन मैन कमीशन का अध्यक्ष बनने में असमर्थता जताई. इसके बाद कोर्ट को नए नामों पर विचार करना पड़ा. इस मुद्दे पर अब 7 अप्रैल को सुनवाई निर्धारित की गई है, जिससे मामले में और देरी की आशंका बनी हुई है. राज्य प्रशासन और जेएसएससी ने दी चुनौती इस बीच राज्य प्रशासन और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए अपील याचिकाएं दायर की हैं. दोनों पक्षों का कहना है कि आदेश में कई विसंगतियां हैं और इसे निरस्त किया जाना चाहिए. हालांकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि अब तक इस आदेश पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगी है. क्या है पूरा नियुक्ति विवाद यह पूरा मामला वर्ष 2016 में शुरू हुई शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा है. जेएसएससी ने हाईस्कूल शिक्षकों के 17,786 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित की थी. इसके बाद 26 विषयों की स्टेट मेरिट लिस्ट और कटऑफ जारी की गई. नियुक्ति प्रक्रिया में जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय मेरिट को आधार बनाया गया. इसी कारण कई ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए थे, नियुक्ति से वंचित रह गए. इन अभ्यर्थियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और नियुक्ति की मांग की. अभ्यर्थियों में बढ़ती नाराजगी लंबे समय से नियुक्ति नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है. कई अभ्यर्थी वर्षों से इस परीक्षा के परिणाम और नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं. उनका कहना है कि प्रशासन और आयोग की लापरवाही के कारण उनका भविष्य अधर में लटक गया है. शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा असर 2034 पदों पर नियुक्ति लंबित रहने का सीधा असर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. यदि समय पर नियुक्ति हो जाती, तो स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सकती थी. इसे भी पढ़ें: झारखंड में शुरू हुआ ‘साधना सप्ताह’, प्रशासनी कर्मचारियों के लिए खास पहल 7 अप्रैल को होगी सुनवाई अब सभी की निगाहें 7 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या जेएसएससी को जल्द नियुक्ति पूरी करने का निर्देश देता है या नहीं. इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रशासनी नियुक्तियों में देरी क्यों होती है और इसका खामियाजा आखिरकार युवाओं को ही क्यों भुगतना पड़ता है. इसे भी पढ़ें: सशक्त और आत्मनिर्भर विकसित हिंदुस्तान के लिए राष्ट्रीय एकता जरूरी : राज्यपाल The post झारखंड में 2034 पदों पर हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, 6 महीने पहले हाईकोर्ट ने दिया था आदेश appeared first on Naya Vichar.

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धुरंधर की सफलता के बीच ब्रेक लेंगे आदित्य धर, रणवीर संग फिर बड़े प्रोजेक्ट की प्लानिंग

Aditya Dhar: ब्लॉकबस्टर फिल्मों के बाद अब हर किसी की नजर डायरेक्टर आदित्य धर के अगले कदम पर टिकी हुई है. ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ जैसी बड़ी हिट देने के बाद वो अब अपनी अगली फिल्म को लेकर मंथन में जुटे हैं. समाचारों के मुताबिक, रणवीर सिंह के साथ लगातार दो बड़ी फिल्में करने के बाद आदित्य धर फिलहाल थोड़ा ब्रेक लेने का प्लान बना रहे हैं. पिछले कुछ सालों से वह लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे, ऐसे में अब थोड़ा रुककर आगे की रणनीति तय करेंगे. रणवीर के साथ एक और प्रोजेक्ट करना चाहते हैं आदित्य धर रिपोर्ट्स की मानें तो उनके पास इस वक्त तीन अलग-अलग तरह की फिल्मों के आइडिया हैं. इसमें सबसे चर्चित प्रोजेक्ट ‘द इम्मॉर्टल अश्वत्थामा’ है, जो पहले बजट की वजह से अटक गया था. अब ‘धुरंधर 2’ की जबरदस्त कमाई के बाद इस प्रोजेक्ट के दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है. इसके अलावा, आदित्य धर एक बड़े ऐतिहासिक फिल्म पर भी काम करने का सोच रहे हैं, जो मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य की कहानी पर आधारित हो सकती है. कहा जा रहा है कि इस फिल्म के लिए वो फिर से रणवीर सिंह के साथ काम करना चाहते हैं. आदित्य धर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहते इतना ही नहीं, एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म का आइडिया भी उनके दिमाग में है, हालांकि इस प्रोजेक्ट को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. फिलहाल साफ है कि आदित्य धर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहते. ब्रेक के बाद ही वो तय करेंगे कि उनका अगला बड़ा प्रोजेक्ट कौन सा होगा, लेकिन इतना तय है कि वह फिर से बड़े स्केल पर धमाका करने की तैयारी में हैं. यह भी पढे़ं: अचानक क्यों कैंसल हुआ हनी सिंह का कॉन्सर्ट? अब खुद आकर बताई वजह The post धुरंधर की सफलता के बीच ब्रेक लेंगे आदित्य धर, रणवीर संग फिर बड़े प्रोजेक्ट की प्लानिंग appeared first on Naya Vichar.

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महिंद्रा ने भी बढ़ाये गाड़ियाें के दाम, नयी कीमतें 6 अप्रैल से लागू

महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) ने 6 अप्रैल 2026 से अपनी चुनिंदा SUVs और कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 2.5% तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसका औसत इजाफा 1.6% होगा. बढ़ती इनपुट लागत के कारण यह फैसला लिया गया है, जो थार, स्कॉर्पियो-एन और XUV 3XO जैसे मॉडल्स पर लागू होगा, हालांकि नयी XUV 7XO के शुरुआती 40,000 ग्राहक नयी मूल्य वृद्धि से सुरक्षित रहेंगे. कितनी होगी बढ़ोतरी कंपनी के अनुसार सभी मॉडलों पर औसतन 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. हाल ही में लॉन्च की गई XUV 7XO पर यह बढ़ी हुई कीमतें तभी लागू होंगी जब शुरुआती 40,000 बुकिंग की डिलीवरी पूरी हो जाएगी. क्यों बढ़ रही हैं कीमतें ऑटोमोबाइल सेक्टर में कच्चे माल और उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इसी वजह से महिंद्रा समेत कई कंपनियां अपने वाहनों की कीमतें बढ़ा रही हैं. टाटा मोटर्स, JSW MG मोटर इंडिया, BMW, ऑडी इंडिया और मर्सिडीज-बेंज पहले ही अप्रैल से अपने वाहनों के दाम बढ़ा चुके हैं. ग्राहकों पर असर कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा. हालांकि यह बढ़ोतरी सीमित है, लेकिन SUV और वाणिज्यिक वाहनों की मांग को देखते हुए खरीदारों को अब ज्यादा बजट तैयार करना होगा. यह भी पढ़ें: महिंद्रा का नया दांव- EV पर भारी डिस्काउंट और Cineluxe एडिशन लॉन्च यह भी पढ़ें: WagonR से लेकर Fortuner तक, सेकंड-हैंड मार्केट में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों की लिस्ट The post महिंद्रा ने भी बढ़ाये गाड़ियाें के दाम, नयी कीमतें 6 अप्रैल से लागू appeared first on Naya Vichar.

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साप्ताहिक राशिफल (05 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026): जानिए आपके लिए कैसा रहेगा यह सप्ताह, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

Saptahik Rashifal 5 to 11 April 2026: यह सप्ताह 5 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 11 अप्रैल 2026 तक चलेगा. पंचांग के अनुसार, इसकी शुरुआत वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि से होगी और समापन नवमी तिथि पर होगा. ग्रहों की चाल इस सप्ताह विशेष प्रभाव डालने वाली है. सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे, फिर वृश्चिक और धनु से होते हुए अंत में मकर राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं सूर्य, मंगल, बुध और शनि मीन राशि में एक साथ स्थित होकर चतुर्ग्रही योग बना रहे हैं, जो सभी राशियों पर व्यापक असर डालेगा. मेष साप्ताहिक राशिफल यह सप्ताह मेष राशि वालों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा. द्वादश भाव में स्थित चार ग्रह खर्च और मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं. हालांकि शुक्र का आपकी राशि में गोचर आत्मविश्वास और आकर्षण बढ़ाएगा. करियर में मेहनत अधिक करनी होगी, लेकिन धीरे-धीरे परिणाम आपके पक्ष में आएंगे. प्रेम जीवन में रोमांस बना रहेगा, लेकिन गुस्से पर नियंत्रण जरूरी है. सिंगल लोगों को नया रिश्ता मिल सकता है. वृषभ साप्ताहिक राशिफल वृषभ राशि वालों के लिए यह सप्ताह आय के नए अवसर लेकर आएगा. एकादश भाव में ग्रहों की स्थिति लाभ दिलाने वाली है. गुरु का प्रभाव आर्थिक स्थिरता देगा, लेकिन शुक्र द्वादश भाव में होने से खर्च बढ़ सकते हैं. प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी, लेकिन छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना जरूरी है. स्वास्थ्य में हल्की थकान या सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है. मिथुन साप्ताहिक राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह करियर पर केंद्रित रहेगा. दशम भाव में ग्रहों का जमावड़ा कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ाएगा. गुरु आपकी राशि में रहकर सफलता दिलाने में मदद करेंगे. प्रेम जीवन में पार्टनर का पूरा सहयोग मिलेगा और रिश्ते मजबूत होंगे. हालांकि मानसिक तनाव और थकान महसूस हो सकती है, इसलिए ध्यान और योग जरूरी है. कर्क साप्ताहिक राशिफल कर्क राशि वालों के लिए यह सप्ताह भाग्य को सक्रिय करेगा, लेकिन देरी के संकेत भी देगा. चंद्रमा का गोचर मन में उतार-चढ़ाव ला सकता है. प्रेम जीवन में भावनात्मक गहराई बढ़ेगी, लेकिन संवेदनशीलता पर नियंत्रण रखना जरूरी है. स्वास्थ्य में पेट और तनाव से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए नियमित दिनचर्या अपनाएं. सिंह साप्ताहिक राशिफल सिंह राशि के लिए यह सप्ताह अचानक बदलावों का संकेत दे रहा है. अष्टम भाव में ग्रहों की स्थिति उतार-चढ़ाव ला सकती है. गुरु का सहयोग लाभ दिलाएगा, लेकिन केतु आपको आत्ममंथन की ओर ले जाएगा. प्रेम जीवन में संयम रखना जरूरी है, क्योंकि रिश्तों में तनाव आ सकता है. स्वास्थ्य के मामले में चोट या थकान से बचें और वाहन सावधानी से चलाएं. कन्या साप्ताहिक राशिफल कन्या राशि वालों के लिए यह सप्ताह साझेदारी में सतर्क रहने का संकेत दे रहा है. सप्तम भाव में ग्रहों की स्थिति वैवाहिक जीवन और बिज़नेस पार्टनरशिप में तनाव ला सकती है. गुरु का प्रभाव करियर में सुरक्षा देगा. प्रेम जीवन में बहस से बचें और समझदारी से काम लें. स्वास्थ्य में त्वचा या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. तुला साप्ताहिक राशिफल तुला राशि के लिए यह सप्ताह शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला रहेगा. षष्ठ भाव में ग्रहों की स्थिति आपको प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाएगी. शुक्र का प्रभाव रिश्तों को मजबूत बनाएगा. प्रेम जीवन में सुख और संतुलन बना रहेगा. स्वास्थ्य के मामले में मांसपेशियों में खिंचाव या थकान हो सकती है, इसलिए नियमित व्यायाम करें. वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल वृश्चिक राशि वालों के लिए यह सप्ताह रचनात्मकता में थोड़ी बाधा ला सकता है, लेकिन मेहनत का फल जरूर मिलेगा. गुरु का सहयोग लाभ दिलाएगा. प्रेम जीवन में तनाव आ सकता है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें. स्वास्थ्य के मामले में पेट और सिरदर्द की समस्या हो सकती है. पर्याप्त आराम लेना जरूरी है. धनु साप्ताहिक राशिफल धनु राशि के लिए यह सप्ताह पारिवारिक जीवन पर प्रभाव डालने वाला रहेगा. चतुर्थ भाव में ग्रहों की स्थिति घर के वातावरण में बदलाव ला सकती है. गुरु सप्तम भाव में रहकर रिश्तों को मजबूत बनाएंगे. प्रेम जीवन में समझ और सहयोग बढ़ेगा. स्वास्थ्य में सीने या थकान की समस्या हो सकती है, इसलिए नियमित व्यायाम करें. मकर साप्ताहिक राशिफल मकर राशि वालों के लिए यह सप्ताह साहस और पराक्रम बढ़ाने वाला रहेगा. तृतीय भाव में ग्रहों की स्थिति आपको नई पहल करने के लिए प्रेरित करेगी. गुरु का प्रभाव समस्याओं से राहत दिलाएगा. प्रेम जीवन में स्थिरता और विश्वास बढ़ेगा. स्वास्थ्य में कंधे या मांसपेशियों में दर्द हो सकता है, इसलिए आराम जरूरी है. कुंभ साप्ताहिक राशिफल कुंभ राशि के लिए यह सप्ताह आर्थिक मामलों को सक्रिय करेगा. द्वितीय भाव में ग्रहों की स्थिति आय और खर्च दोनों पर असर डालेगी. राहु आपकी राशि में रहकर नई सोच और दृष्टिकोण देगा. प्रेम जीवन में मिठास बनी रहेगी, लेकिन वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी है. स्वास्थ्य में गले और आंखों से जुड़ी समस्या हो सकती है. ये भी पढ़ें: साप्ताहिक लव राशिफल (05 अप्रैल – 11 अप्रैल 2026): किन राशियों की लव लाइफ में आएगा बड़ा बदलाव? इनकी बढ़ेगी टेंशन  मीन साप्ताहिक राशिफल मीन राशि के लिए यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण रहेगा. आपकी राशि में चार ग्रहों का संयोग जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है. गुरु मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे. प्रेम जीवन में गहराई आएगी, लेकिन गुस्से से बचना जरूरी है. स्वास्थ्य में सिरदर्द, थकान और तनाव की समस्या हो सकती है. योग और ध्यान अपनाना लाभकारी रहेगा. The post साप्ताहिक राशिफल (05 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026): जानिए आपके लिए कैसा रहेगा यह सप्ताह, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल appeared first on Naya Vichar.

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NASA के Artemis II मिशन में iPhone 17 Pro Max क्यों ले गए एस्ट्रोनॉट्स? जानिए वजह

NASA के Artemis II मिशन में इस बार कुछ ऐसा हुआ है जो पहले कभी नहीं हुआ. पहली बार एस्ट्रोनॉट्स अपने साथ iPhones लेकर चांद की यात्रा पर गए हैं. लॉन्च से पहले एस्ट्रोनॉट्स को अपने स्पेस सूट में iPhones रखते हुए भी देखा गया. दरअसल, ये iPhones सिर्फ स्टाइल के लिए नहीं हैं बल्कि इनका इस्तेमाल मिशन के दौरान खास पलों को कैद करने और शानदार क्वालिटी की तस्वीरें लेने के लिए किया जाएगा. दिलचस्प बात ये है कि Jared Isaacman ने 2026 में एक नई पॉलिसी के तहत एस्ट्रोनॉट्स को अपने साथ मॉडर्न स्मार्टफोन्स ले जाने की अनुमति दी है. Artemis II क्या है? Artemis II एक खास स्पेस मिशन है, जो करीब 10 दिन तक चलेगा. इसमें चार एस्ट्रोनॉट्स चांद के चारों ओर घूमकर वापस धरती पर लौटेंगे. खास बात ये है कि इस मिशन में वे चांद पर लैंड नहीं करेंगे, लेकिन फिर भी ये मिशन बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि कई सालों बाद इंसान फिर से डीप स्पेस की तरफ बढ़ रहे हैं. इस बार एस्ट्रोनॉट्स अपने साथ सिर्फ हाई-टेक स्पेस इक्विपमेंट ही नहीं, बल्कि iPhones भी लेकर गए हैं. पहले के मिशन में जहां सिर्फ खास कैमरे इस्तेमाल होते थे, वहीं अब iPhones का इस्तेमाल इसे थोड़ा अलग और मॉडर्न बना रहा है. NASA astronauts are given silver iPhone 17 Pro Max for the Artemis II flight! The same phone we use could be used to take pictures of the Moon 🫪 Look at how it’s floating in zero gravity, this could be the ultimate Shot on iPhone commercial 😭 pic.twitter.com/gQzrR6miDP — Shishir (@ShishirShelke1) April 2, 2026 iPhones को साथ क्यों रखा गया है? दरअसल, वजह है इसकी आसान इस्तेमाल करने की क्षमता और बेहतर डॉक्यूमेंटेशन. अब एस्ट्रोनॉट्स iPhone जैसे स्मार्टफोन से हाई-क्वालिटी फोटो और वीडियो कैप्चर कर सकते हैं, मिशन के दौरान अपने खास पलों को रिकॉर्ड कर सकते हैं और स्पेसक्राफ्ट के अंदर की एक्टिविटीज को आसानी से डॉक्यूमेंट कर सकते हैं. एक और दिलचस्प बात ये है कि एस्ट्रोनॉट्स पहले से ही iPhone जैसे डिवाइस इस्तेमाल करने के आदी होते हैं. इसलिए उन्हें इसे ऑपरेट करने में कोई दिक्कत नहीं होती. वो आसानी से अपने मिशन के दौरान पर्सनल और बिहाइंड-द-सीन मोमेंट्स कैप्चर कर सकते हैं. स्पेस में iPhone 17 Pro Max, लेकिन कुछ नियमों के साथ स्पेस में iPhone 17 Pro Max इस्तेमाल तो हो रहा है, लेकिन वैसे नहीं जैसे हम धरती पर करते हैं. मिशन के दौरान इन फोन्स को लगातार Airplane Mode में रखा जाता है. इसकी वजह भी काफी दिलचस्प है. स्मार्टफोन्स से निकलने वाले सिग्नल्स स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम में दखल दे सकते हैं. इसलिए कनेक्टिविटी बंद रखकर इन्हें सिर्फ एक कैमरा और रिकॉर्डिंग डिवाइस की तरह इस्तेमाल किया जाता है. दिखने में ये बिल्कुल नॉर्मल iPhone जैसा ही लगता है, लेकिन इसका इस्तेमाल पूरी तरह कंट्रोल में होता है. अभी तक NASA ने ये साफ नहीं किया है कि ये फोन्स खास तौर पर मॉडिफाइड हैं या फिर मार्केट में मिलने वाले नॉर्मल वर्जन ही हैं. लेकिन एक बात जरूर साफ है कि स्पेस मिशन्स में अब छोटे, पावरफुल और आम कंज्यूमर टेक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. यह भी पढ़ें: Apple@50: गैराज से ट्रिलियन-डॉलर कंपनी तक, उतार-चढ़ाव और सफलता की कहानी The post NASA के Artemis II मिशन में iPhone 17 Pro Max क्यों ले गए एस्ट्रोनॉट्स? जानिए वजह appeared first on Naya Vichar.

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लाइव कॉन्सर्ट में फैन की हरकत से घबराईं सुनंदा शर्मा, चिल्लाकर रोकी परफॉर्मेंस

Sunanda Sharma Concert: पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा के लाइव कॉन्सर्ट में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक फैन ने अचानक स्टेज पर चढ़कर उन्हें छूने की कोशिश की. यह घटना गाजियाबाद के RKGIT कॉलेज में आयोजित शो के दौरान हुई, जहां बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे. फैन की हरकत से सहमीं सिंगर सुनंदा शर्मा स्टेज पर अपनी परफॉर्मेंस में व्यस्त थीं और फैंस उनके गानों का आनंद ले रहे थे. तभी अचानक एक युवक स्टेज पर कूद गया और सिंगर के पास पहुंचकर उनके पैरों में गिर पड़ा. इसके बाद उसने उन्हें छूने की कोशिश की, जिससे सिंगर बुरी तरह घबरा गईं. The energy at RKGIT shifted in a heartbeat today. 📉A fan rushed the stage, leaving Sunanda Sharma visibly shaken.She chose her safety and walked off—as she should. 🛡️ pic.twitter.com/1rq2vHRJ1Y — Girija (@Girijaa_oak) April 4, 2026 इस अप्रत्याशित घटना से डरकर सुनंदा शर्मा की चीख निकल गई और उन्होंने तुरंत अपनी परफॉर्मेंस रोक दी. वह बिना देर किए स्टेज छोड़कर बैकस्टेज चली गईं. चीख से मचा हड़कंप घटना के समय माइक्रोफोन ऑन था, जिससे उनकी चीख साफ सुनाई दी. सिंगर की आवाज सुनते ही वहां मौजूद दर्शकों में हड़कंप मच गया. कुछ देर के लिए माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया. बताया जा रहा है कि वह युवक करीब दो मिनट तक स्टेज पर मौजूद रहा और अजीब हरकतें करता रहा. इस दौरान उसने बाहें फैलाकर पोज भी दिया, जिससे स्थिति और असहज हो गई. पुलिस ने लिया एक्शन मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों और बाउंसरों ने तुरंत कार्रवाई की और युवक को पकड़कर स्टेज से नीचे उतारा. बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी युवक उसी कॉलेज का छात्र बताया जा रहा है. Ghaziabad Police ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. शो हुआ रद्द इस घटना के बाद सुनंदा शर्मा इतनी डर गईं कि वह दोबारा स्टेज पर नहीं लौटीं. दर्शकों के आग्रह के बावजूद उनकी टीम ने शो को बीच में ही रद्द करने का फैसला लिया. यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि कलाकारों की सुरक्षा को लेकर आयोजकों को और सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके. यह भी पढ़ें: अभिषेक बच्चन ने खोला पेरेंटिंग का राज, बेटी आराध्या को लेकर कही ये बड़ी बात The post लाइव कॉन्सर्ट में फैन की हरकत से घबराईं सुनंदा शर्मा, चिल्लाकर रोकी परफॉर्मेंस appeared first on Naya Vichar.

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राघव चड्ढा विवाद की क्या है असली कहानी, क्यों अरविंद केजरीवाल से बन गई हैं दूरियां?

Raghav Chadha vs AAP : आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा पर पार्टी ने मोदी प्रशासन से समझौता करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है. पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल से कई ऐसे पोस्ट किए गए हैं, जो चड्ढा को डरपोक और समझौता करने वाला बताते हैं. इन सोशल मीडिया पोस्ट और पार्टी द्वारा उन्हें राज्यसभा के उप नेता पद से हटाये जाने की आखिर वजह क्या है और क्यों राघव चड्ढा अब पार्टी के चहेते नहीं रहे, यह समझने की कोशिश अगर करें, तो पाएंगे कि यह सबकुछ अचानक नहीं हुआ है, इसकी पृष्ठभूमि काफी पहले से तैयार हो रही थी. राघव चड्डा पर पार्टी लाइन से अलग व्यवहार करने का आरोप क्यों लगा? राघव चड्डा पर पार्टी ने यह आरोप लगाया है कि वे पार्टी लाइन से अलग जाकर व्यवहार कर रहे थे. जब पार्टी का रुख केंद्र प्रशासन पर तीव्र हमले का था, तो वे विदेश में छुट्टी मना रहे थे. जब केंद्र प्रशासन ने अरविंद केजरीवाल को साजिश के तहत जेल भेजा, उस वक्त भी उनका रवैया पार्टी लाइन से अलग रहा. राघव चड्ढा पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से दूर होते दिख रहे हैं और अनुशासन का भी पालन नहीं करते हैं.  संसद में सॉफ्ट मुद्दे उठाकर अपना पीआर कर रहे आम आदमी पार्टी का यह भी आरोप है कि राघव चड्ढा ने ना सिर्फ पार्टी लाइन का उल्लंघन किया, बल्कि वे संसद में सॉफ्ट मुद्दे उठाकर अपना पीआर कर रहे थे. उन्हें पार्टी लाइन से कुछ लेना-देना नहीं था. अरविंद केजरीवाल का यह कहना है कि आम जनता के मुद्दों के लिए अगर आपको जेल जाना पड़े, तो जाएं, लेकिन समझौता ना करें. राघव चड्ढा ने पार्टी के इस मूलमंत्र का त्याग कर दिया और वे डर से समझौते करने लगे. राघव चड्ढा ने हाल में संसद में उठाए कई सॉफ्ट मुद्दे राघव चड्ढा ने हाल के दिनों में संसद में कई ऐसे मुद्दे उठाए, जो आम आदमी से जुड़े तो थे, लेकिन उनपर विवाद की संभावना काफी कम थी. जैसे एयरपोर्ट पर महंगे समोसे का मुद्दा, पेटरनिटी लीव का मुद्दा, ट्रैफिक की दिक्कतों का मुद्दा,टेलीकाॅम कंपनियों की मनमानी का मुद्दा और गिग वर्कर की परेशानियों का मुद्दा भी शामिल था. अब इन मुद्दों पर अगर गौर करें, तो पाएंगे कि हर मुद्दा आम आदमी से कनेक्ट करता है, इसलिए आम आदमी पार्टी का यह कहना उचित प्रतीत नहीं होता है कि वे आम आदमी के मुद्दों को छोड़ चुके हैं. हां यह बात जरूर हो सकती है कि पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया हो और उसी के तहत राघव चड्ढा के खिलाफ कार्रवाई हुई है. राघव चड्ढा ने पार्टी को दी चेतावनी Silenced, not defeated My message to the ‘aam aadmi’—खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ ‘आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3 — Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026 आम आदमी ने जब राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाया तो उन्होंने 3 अप्रैल को अपना वीडियो मैसेज जारी कर पार्टी से पूछा कि कि आखिर उनका दोष क्या है? वे अकसर ऐसे मुद्दे उठाते रहे हैं, जिन्हें उठाने से आम आदमी का फायदा हुआ है, फिर आम आदमी पार्टी का इसमें क्या नुकसान है? उन्होंने कहा कि राज्यसभा सचिवालय को यह कहना कि राघव चड्ढा को बोलने का मौका ना दिया, मुझे चुप कराने की कोशिश है, लेकिन मैं पार्टी से यह कहना चाहता हूं कि मैं हारने वाला नहीं हूं. उन्होंने कहा कि मैं वह दरिया हूं, जब समय आने पर सैलाब भी बन जाता है. क्या पार्टी से निकाले जा सकते हैं राघव चड्ढा? आम आदमी पार्टी की नीतियां जिस तरह की रही हैं, वहां सबसे बड़े नेता अरविंद केजरीवाल हैं. पिछले कुछ उदाहरणों को देखें, ते यह पाएंगे कि अगर कोई दूसरा व्यक्ति ज्यादा चर्चित होता है, तो उसे बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया है. ऐसे उदाहरणों में कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव जैसे नाम प्रमुख हैं.स्वाति मालीवाल जैसे चेहरे को भी साइड लाइन करने का किस्सा बहुत चर्चित रहा है, जबकि शुरुआत में वे अरविंद केजरीवाल की काफी करीबी रही थीं. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि अब बारी राघव चड्ढा की है. राघव चड्ढा एक युवा नेता हैं. क्लीन फेस की वजह से शहर में उनकी अच्छी-खासी लोकप्रियता भी रही है, जो अब उनके खिलाफ काम कर रही है. ये भी पढ़ें : क्या माही भाई के बिना टीम CSK है जीरो, फैंस क्यों जानना चाहते हैं इस सवाल का जवाब? महंगाई और ईरान युद्ध के खिलाफ अमेरिका में No Kings प्रोटेस्ट क्यों? महाराष्ट्र स्त्री आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर कैसे एक दुष्कर्मी तांत्रिक अशोक खरात के संपर्क में आईं? The post राघव चड्ढा विवाद की क्या है असली कहानी, क्यों अरविंद केजरीवाल से बन गई हैं दूरियां? appeared first on Naya Vichar.

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