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Author name: Vinod Jha

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Daroga Bharti Exam Cancel: बिहार में दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा हुई रद्द, गड़बड़ी की शिकायत के बाद आधिकारिक सूचना जारी

Daroga Bharti Exam Cancel: बिहार में दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए जरूरी समाचार है. दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द कर दी गई है. आयोग की तरफ से आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है. साथ ही अभ्यर्थियों से आधिकारिक वेबसाइट देखने और भ्रामक सूचनाओं से बचने को कहा गया है. आयोग की ओर से जारी आदेश में क्या? बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से जारी किए गए जानकारी के मुताबिक, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा को अपरिहार्य कारणों से रद्द कर दिया है. आयोग ने कहा कि नई परीक्षा तिथि की सूचना अलग से दी जाएगी. आयोग ने अभ्यर्थियों से आधिकारिक वेबसाइट देखने और भ्रामक सूचनाओं से बचने की सलाह दी है. इस तरह से अभ्यर्थियों को नई परीक्षा की तारीख के लिए फिलहाल इंतजार करना होगा. गड़बड़ी की शिकायत के बाद निर्णय जानकारी के मुताबिक, मई में आयोजित लिखित मुख्य परीक्षा के रिजल्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने की शिकायत अभ्यर्थियों ने की थी. परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर राजधानी पटना में आंदोलन किए गए थे. अभ्यर्थियों के दवाब में पुलिस अवर सेवा आयोग ने पहले शरीरिक जांच परीक्षा रद्द की और अब मुख्य परीक्षा को ही रद्द कर दिया गया है. दो पालियों में हुई थी परीक्षा 23 सितंबर, 2025 को आयोग ने 1799 दारोगा की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. इसके लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में 35857 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए पास हुए. 27 मई को दो पालियों में मुख्य परीक्षा आयोजित की गई और इसका रिजल्ट 19 जून को जारी कर दिया गया. मुख्य परीक्षा में कुल रिक्ति के 6 गुणा अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ. मुख्य परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप लगाए गए थे. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ईओयू कर रही जांच, 14 परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी की आशंका दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही ईओयू को गया और पूर्णिया के पॉवर कॉरपोरेशन ने 27 मई को बिजली आपूर्ति के संबंध में अपनी रिपोर्ट दी थी. इसमें खुलासा हुआ कि परीक्षा के दिन दोनों शहरों में बिजली आपूर्ति सामान्य थी और परीक्षा केंद्रों में ही जैमर को इनएक्टिवेट करने के लिए पावर कट किया गया. ईओयू को जांच के दौरान परीक्षा केंद्रों में 20 से भी ज्यादा बार पावर कट होने की जानकारी मिली थी. आशंका बढ़ी कि बिजली जाने की स्थिति में कुछ केंद्रों पर जैमर बंद कर प्रश्न-पत्र की तस्वीरें बाहर भेजी गईं और उत्तर मंगवाए गए. इसके बाद बिजली आपूर्ति रिकॉर्ड, सीसीटीवी और जैमर लॉग के रिकार्ड ईओयू ने जुटाने शुरू किए. केंद्र प्रभारियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरे शहर में बिजली की समस्या होने की बात कही. इसके बाद ईओयू ने पावर कॉरपोरेशन से ही 27 मई को बिजली आपूर्ति के संबंध में रिपोर्ट मांग ली. इसमें परीक्षा के समय पावर कट नहीं किए जाने की जानकारी दी गई है. अभ्यर्थियों की जांच करने वाले भी जांच के दायरे में सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच और मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था होने के बावजूद सामने आई प्रश्न-पत्र की तस्वीर में तस्वीर लेने वाले व्यक्ति की उंगली में अंगूठी तक स्पष्ट दिखाई दे रही है. इससे गंभीर प्रश्न उठता है कि मोबाइल/कैमरा युक्त उपकरण परीक्षा सामग्री तक कैसे पहुंचा और केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई. ईओयू को अंदेशा है कि केंद्रों के गेट पर अभ्यर्थियों की तलाशी लेने वाले कर्मचारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा यह भी आशंका है कि परीक्षा से पहले ही केंद्रों में ये उपकरण पहुंचा दिए गए हों. फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ईओयू जांच कर रही है. Also Read: 23 से 29 सितंबर तक बाढ़ से फसल नुकसान के लिए कर सकते हैं आवेदन, जानिए जरुरी दस्तावेज और कितना मिलेगा पैसा The post Daroga Bharti Exam Cancel: बिहार में दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा हुई रद्द, गड़बड़ी की शिकायत के बाद आधिकारिक सूचना जारी appeared first on Naya Vichar.

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SIR पर घमासान के बीच ECI की सफाई- राय अलग हो सकती है, लेकिन फैसले सर्वसम्मत

देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग में कथित मतभेद की समाचारें थीं. इन समाचारों के बीच आयोग ने बुधवार ( 23 सितंबर) को सफाई दी. चुनाव आयोग ने कहा कि किसी चुनाव आयुक्त की व्यक्तिगत राय को आयोग का फैसला नहीं माना जा सकता. आयोग के सभी फैसले, SIR से जुड़े निर्णयों समेत, तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं. यह स्पष्टीकरण द इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की. रिपोर्ट के अनुसार, चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं. किन मुद्दों पर उठे सवाल? रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने और बहाल करने, SIR से जुड़े मामलों में अपील तथा मतदाता डेटाबेस के प्रबंधन जैसे मुद्दों से संबंधित थीं. Form 6 में बदलाव और चुनावी डेटा के केंद्रीकरण को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. EC बोला- इसे SIR पर असहमति न माना जाए चुनाव आयोग ने माना कि दोनों आयुक्तों ने अलग-अलग राज्यों में मतदाता नाम हटाने और वोटर डेटाबेस से जुड़े मामलों पर मुद्दे उठाए थे. हालांकि, आयोग ने कहा कि इन व्यक्तिगत आपत्तियों को SIR या आयोग के अंतिम फैसलों पर औपचारिक असहमति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. राय में अंतर होना स्वाभाविक चुनाव आयोग ने कहा कि अलग-अलग मुद्दों पर राय में अंतर होना स्वाभाविक है. उनके मुताबिक, चर्चा और आपसी सहमति के जरिए फैसले आगे बढ़ते हैं. आयोग ने यह भी कहा कि पिछले 14 महीनों में शुरुआती मतभेदों के बावजूद कई मामलों में सहमति बनी और सुधार से जुड़े फैसले लिए गए. केंद्रीय दखल के आरोपों को भी नकारा आयोग के चुनावी डेटा सिस्टम में किसी तरह के केंद्रीय हस्तक्षेप के आरोपों से भी इनकार किया. उनका कहना है कि पूरे देश के लिए एक ही सिस्टम है, जिसमें अलग-अलग चुनाव अधिकारी डेटा फीड करते हैं. आयोग के अनुसार, अब तक सिस्टम में हस्तक्षेप को लेकर कोई शिकायत सामने नहीं आई है. विपक्ष ने उठाए सवाल दूसरी ओर, रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. विपक्षी नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाने की मांग तक उठाई. कांग्रेस समेत कई दलों ने मामले को लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली से जोड़कर प्रशासन पर निशाना साधा. कांग्रेस ने लगाया गंभीर आरोप कांग्रेस ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर दिए गए भाषण का वीडियो साझा करते हुए आयोग और बीजेपी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी रिपोर्ट साझा करते हुए CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाया और आयोग की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर आरोप लगाए. ये विपक्ष के नेतृत्वक आरोप हैं, जिन पर आयोग की ओर से अलग रुख सामने आया है. अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान की मांग की समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में सामने आई बातें चुनाव आयुक्तों के अधिकारों और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं. डेरेक ओ’ब्रायन बोले- CEC को हटाने का प्रस्ताव लाएं TMC के राज्यसभा नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने भी CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में उनके खिलाफ पहले भी हटाने का प्रस्ताव लाने की पहल हो चुकी है और अब उस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का समय है. SIR पर विवाद के बीच दोनों दावे आमने-सामने इस पूरे विवाद में एक तरफ द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट है, जिसमें दो चुनाव आयुक्तों की ओर से 14 औपचारिक आपत्तियों का दावा किया गया है. दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि व्यक्तिगत स्तर पर मुद्दे या राय अलग हो सकती है, लेकिन आयोग के अंतिम फैसले SIR समेत सभी मामलों में सर्वसम्मति से लिए गए हैं. ये भी पढ़ें: ECI में 14 बार लिखित आपत्ति, विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार को घेरा; हटाने की मांग The post SIR पर घमासान के बीच ECI की सफाई- राय अलग हो सकती है, लेकिन फैसले सर्वसम्मत appeared first on Naya Vichar.

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Odisha Cyclone Alert : बुधवार रात तक राज्य में प्रवेश करेगा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’; 10 जिलों में स्कूल बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर

Odisha Weather Alert : ओडिशा में मानसून एक बार फिर विकराल रूप ले चुका है. बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब एक गहरे अवदाब (Deep Depression) में तब्दील हो चुका है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम गोपालपुर और विशाखापत्तनम के बीच कलिंगपट्टनम के पास से तट पार करने की संभावना है. इस वेदर सिस्टम के चलते पूरे राज्य में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसके प्रभाव से यह चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का रूप भी ले सकता है. आज और कल का मौसम: किन जिलों में सबसे बड़ा खतरा? 23 सितंबर (बुधवार) की रात से 24 सितंबर (गुरुवार) तक ओडिशा के दक्षिणी और तटीय इलाकों में मौसम का सबसे आक्रामक रुख देखने को मिलेगा. IMD ने कोरापुट जिले के लिए 25 सितंबर की सुबह तक ‘रेड वार्निंग’ जारी की है, जहां 24 सितंबर तक अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा मलकानगिरि, नवरंगपुर, रायगड़ा, गंजाम, खुर्दा और बलांगीर जैसे जिलों में भी आफत की बारिश को लेकर ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी है. तेज हवाओं और भारी बारिश के चलते नदियों, जलाशयों और चार प्रमुख बांधों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके. 10 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद, प्रशासन मुस्तैद खराब मौसम और सुरक्षा को देखते हुए राज्य प्रशासन ने 10 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया है. मलकानगिरि जिले में 25 सितंबर तक सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे. वहीं खुर्दा, गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, नवरंगपुर और बलांगीर जिलों में 24 सितंबर तक स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. कोरापुट प्रशासन ने सभी प्रशासनी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और बिना अनुमति जिला न छोड़ने का निर्देश दिया है. संवेदनशील इलाकों से गर्भवती स्त्रीओं को सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जा रहा है और राहत सामग्री का भंडारण भी शुरू हो चुका है. रेलवे ने शुरू किया 24×7 कंट्रोल रूम बारिश के भारी अलर्ट को देखते हुए ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. रेलवे ने भुवनेश्वर स्थित ‘रेल सदन’ में 24 घंटे काम करने वाला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है. इसके साथ ही खुर्दा रोड, संबलपुर और रायगढ़ा मंडलों में भी वॉर रूम बनाए गए हैं. पटरियों, पुलों और सिग्नलों की 24 घंटे पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि ट्रैक पर जलभराव या लैंडस्लाइड होने पर तुरंत सेवाएं बहाल की जा सकें. ये भी पढ़ें: अमेरिका : ‘मैंने पत्नी को मार डाला’… फोन पर कुबूलनामा, 3 राज्यों में घेराबंदी के बाद पकड़ाया आरोपी पति आम लोगों और यात्रियों के लिए हिदायत तटीय इलाकों से दूरी समुद्र में ऊंची लहरें और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है. यातायात पर असर गंजाम और कंधमाल को जोड़ने वाले कलिंगा घाट मार्ग पर एहतियातन आवाजाही सीमित की गई है, वहीं चिल्का झील में सतपाड़ा-जाह्नीकुड़ा फेरी सेवा को 25 सितंबर तक रोक दिया गया है. बिजली और जलभराव से बचें निचले इलाकों के लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और तेज गरज-चमक के दौरान खुले में निकलने से बचें. The post Odisha Cyclone Alert : बुधवार रात तक राज्य में प्रवेश करेगा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’; 10 जिलों में स्कूल बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर appeared first on Naya Vichar.

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पुरानी Thar से कितनी अलग है नई Thar OG? जानिए कीमत, फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस में क्या बदलाव हुए

Old Thar vs New Thar OG: Mahindra Thar OG को कंपनी ने ₹10.32 लाख (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है. दिलचस्प बात यह है कि इसकी शुरुआती कीमत पुराने Thar जितनी ही है. लेकिन ऐसा नहीं है कि इसके सिर्फ नाम में बदलाव किया गया है. Thar OG में डिजाइन, फीचर्स, सस्पेंशन और ऑफ-रोडिंग हार्डवेयर में कई बदलाव देखने को मिलेंगे. तो क्या नई Thar OG पुराने Thar से कितनी अलग है? आइए समझते हैं. कीमत में बड़ा बदलाव नहीं नई Thar OG की शुरुआती कीमत ₹10.32 लाख है. यह पुराने Thar की शुरुआती कीमत के बराबर है. हालांकि, कंपनी ने इस बार वेरिएंट लाइनअप में बदलाव किया है. इसमें नया ZXT वेरिएंट भी शामिल किया गया है. Thar OG की कीमतें: 1.5-लीटर डीजल: ₹10.32 लाख से 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल: ₹14.77 लाख से 2.2-लीटर डीजल: ₹16.43 लाख से टॉप ZXT 4WD AT: ₹18.99 लाख सभी कीमतें एक्स-शोरूम, पैन-इंडिया हैं. पुराने Thar के मुकाबले ज्यादातर समान वेरिएंट की कीमत में सिर्फ ₹1,000 तक का अंतर है. ये भी पढ़ें: Mahindra Thar OG लॉन्च: कीमत 10.32 लाख रुपये से शुरू, 3-डोर SUV में हुए ये बदलाव पहले से ज्यादा लंबी-चौड़ी हुई नई Thar OG Thar OG देखने में पुराने मॉडल जैसा ही लगता है, लेकिन इसके डायमेंशन में कुछ बदलाव हुए हैं. डायमेंशन Thar OG पुरानी Thar लंबाई 3995 mm 3985 mm चौड़ाई 1870 mm 1820 mm ऊंचाई 1855 mm 1855 mm व्हीलबेस 2450 mm 2450 mm ग्राउंड क्लीयरेंस 232 mm 226 mm सबसे बड़ा बदलाव चौड़ाई में 50 mm का है. लंबाई भी 10 mm बढ़ी है.वहीं ग्राउंड क्लीयरेंस 6 mm बढ़कर 232 mm हो गया है. इससे खराब रास्तों और ऑफ-रोड परिस्थितियों में फायदा मिल सकता है. नया फ्रंट लुक Thar Roxx से प्रेरित Thar OG के डिजाइन में सबसे ज्यादा बदलाव इसके फ्रंट हिस्से में नजर आते हैं. जैसे: 5-स्लैट ग्रिल प्रोजेक्टर LED हेडलैंप LED DRLs LED इंडिकेटर्स फेंडर-माउंटेड फॉग लैंप नया फ्रंट बंपर कई डिजाइन एलिमेंट्स Thar Roxx से लिए गए हैं. इससे नई Thar को पहले के मुकाबले ज्यादा मॉडर्न लुक मिलता है. साइड प्रोफाइल में क्या बदला? साइड प्रोफाइल का बेसिक डिजाइन पहले जैसा ही है. हालांकि, 10-स्पोक अलॉय व्हील्स को अब डुअल-टोन फिनिश दी गई है. पीछे भी LED टेललैंप रियर डिजाइन भी पुराने मॉडल जैसा ही है, लेकिन इसमें नए LED टेललैंप लगाए गए हैं. बंपर का डिजाइन भी अब पहले की तुलना में ज्यादा फ्लैट और सिंपल है. केबिन में ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं अंदर बैठने पर Thar OG में बहुत बड़ा बदलाव नजर नहीं आता. इसमें पहले की तरह 10.25-इंच फ्लोटिंग टचस्क्रीन दी गई है. हालांकि, अब केबिन में ब्राउन और ब्लैक कलर थीम मिलती है. नई Thar में जगह के मामले में भी बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. कॉम्पैक्ट डायमेंशन के कारण इसमें चार लोग ज्यादा आराम से बैठ सकते हैं. दो नए फीचर्स पर खास जोर Mahindra ने Thar OG में कुछ नए फीचर्स भी जोड़े हैं. इनमें सबसे अहम हैं: Wireless Charger Push-Button Engine Start डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले 10.25-इंच टचस्क्रीन वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay 6-स्पीकर साउंड सिस्टम क्रूज कंट्रोल हाइट-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट यानी कंपनी ने नई Thar में रोजाना इस्तेमाल को थोड़ा ज्यादा सुविधाजनक बनाने की कोशिश की है. सेफ्टी में 6 एयरबैग Thar OG में सेफ्टी के लिए कई फीचर्स मिलते हैं. मुख्य सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर रियर कैमरा TPMS ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट ABS के साथ EBD Hill Hold Control Hill Descent Control ऑफ-रोडिंग में बड़ा तकनीकी बदलाव Thar OG की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ इसका नया डिजाइन नहीं है. नई SUV को Thar Roxx के शॉर्टन किए गए M-Glyde प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है. इसमें Pentalink सस्पेंशन और DanVinci डैम्पर्स जैसे हार्डवेयर दिए गए हैं. इसके अलावा नई Thar में: Electronic Differential Lock Brake-Lock Differential जैसी तकनीक भी मिलती है. कम ग्रिप वाली सतह पर ये सिस्टम पहियों को बेहतर तरीके से ट्रैक्शन हासिल करने में मदद कर सकते हैं. वही तीन इंजन मिलेंगे Thar OG में पुराने मॉडल की तरह तीन इंजन विकल्प मिलते हैं. 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल पावर: 162 PS टॉर्क: 330 Nm गियरबॉक्स: 6-स्पीड MT/AT ड्राइव: 2WD/4WD 1.5-लीटर डीजल पावर: 118 PS टॉर्क: 300 Nm गियरबॉक्स: 6-स्पीड MT ड्राइव: 2WD 2.2-लीटर डीजल पावर: 152 PS टॉर्क: 330 Nm गियरबॉक्स: 6-स्पीड MT/AT ड्राइव: 2WD/4WD यानी इंजन लाइनअप में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. Daily Driving के लिए कितनी बदली Thar? नई Thar OG का फोकस सिर्फ ऑफ-रोडिंग पर नहीं है. Pentalink सस्पेंशन, नए डैम्पर्स और इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल लॉक जैसे बदलाव इसे रोजाना ड्राइविंग और हाईवे इस्तेमाल में भी बेहतर बनाने के लिए किए गए हैं. हालांकि, इसकी कॉम्पैक्ट बॉडी और चार-सीटर प्रकृति को देखते हुए यह अभी भी उन खरीदारों के लिए ज्यादा उपयुक्त है, जिन्हें SUV का ऑफ-रोडिंग कैरेक्टर और अलग डिजाइन पसंद है. Thar OG vs Old Thar नई Thar OG में मुख्य बदलाव: कीमत की शुरुआत वही ₹10.32 लाख लंबाई 10 mm बढ़ी चौड़ाई 50 mm बढ़ी ग्राउंड क्लीयरेंस 6 mm बढ़ा नया ZXT वेरिएंट Thar Roxx से प्रेरित LED लाइटिंग नया 5-स्लैट ग्रिल नया बंपर और अलॉय डिजाइन Wireless Charger Push-Button Start डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले Pentalink सस्पेंशन Electronic Differential Lock यानी Thar OG को पूरी तरह नई SUV बनाने के बजाय Mahindra ने पुराने मॉडल के डिजाइन, फीचर्स और मैकेनिकल पैकेज को अपग्रेड किया है. किन SUVs से होगा मुकाबला? Mahindra Thar OG का सीधा मुकाबला किसी एक SUV से नहीं है. हालांकि, ग्राहक इसकी तुलना Maruti Suzuki Jimny और Force Gurkha 3-door से कर सकते हैं. इसके अलावा Mahindra की अपनी Thar Roxx भी इसका बड़ा विकल्प है. ये भी पढ़ें: Maruti की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली गाड़ियां हुई महंगी, जानें कौन सी कार पर कितने बढ़ेंगे दाम The post पुरानी Thar से कितनी अलग है नई Thar OG? जानिए कीमत, फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस में क्या बदलाव हुए appeared first on Naya Vichar.

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Cyclone Arnab: 12 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा डीप डिप्रेशन, चक्रवात अर्नब का खतरा; ओडिशा में स्कूल बंद

Cyclone Arnab: समुद्र में हलचल बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन बना हुआ है. यह पिछले 6 घंटों में 12 किमी/घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है. आईएमडी के अनुसार, डीप डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 23 सितंबर 2026 की रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के पास उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करने की बहुत संभावना है. इसके असर से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. ये भी पढ़ें: Weather Alert: डीप डिप्रेशन का असर, झारखंड-बिहार-ओडिशा में भारी बारिश, कई राज्यों में आंधी-तूफान की चेतावनी चक्रवात अर्नब बनने की आशंका बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के चक्रवाती तूफान में बदलने की स्थिति में इसे ‘अर्नब’ नाम दिया जाएगा. हालांकि, फिलहाल मौसम विभाग ने इसे चक्रवात घोषित नहीं किया है. अभी यह डीप डिप्रेशन की स्थिति में है. ओडिशा में भारी बारिश की आशंका ओडिशा इस मौसम प्रणाली से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में रह सकता है. 23 और 24 सितंबर को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी संभावना है. 25 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, 26 सितंबर को भी भारी बारिश का अनुमान है. IMD के ओडिशा केंद्र ने 23 और 24 सितंबर के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इस दौरान ओडिशा में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा के झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ओडिशा में स्कूल बंद भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए हैं. कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं. संभावित आपदा से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया है. मलकानगिरी में 24 सितंबर तक स्कूल बंद रखने की घोषणा की गई है. आंगनवाड़ी केंद्र भी 24 सितंबर तक बंद रहेंगे. हालांकि, शिक्षक और अन्य कर्मचारी स्कूलों में उपस्थित रहेंगे. प्रधानाचार्यों को रोस्टर के आधार पर ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया गया है. इसका उद्देश्य स्कूल भवनों को चौबीसों घंटे तैयार रखना है, ताकि आपात स्थिति में उनका इस्तेमाल किया जा सके. कैसे तय होता है चक्रवात का नाम? चक्रवात का नाम पहले से तय सूची के आधार पर रखा जाता है. उत्तर हिंद महासागर यानी बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के लिए नामकरण की जिम्मेदारी IMD के RSMC New Delhi की है. इस क्षेत्र के 13 देश चक्रवातों के नामों की सूची देते हैं. हर देश ने 13-13 नाम दिए हैं. इस तरह कुल 169 नाम सूची में शामिल हैं. इन नामों का इस्तेमाल तय क्रम के अनुसार किया जाता है. किसी नाम के इस्तेमाल के बाद उसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता. अगला चक्रवात कौन-सा होगा? अगले चक्रवात का नाम इस बात पर निर्भर करेगा कि मौजूदा डीप डिप्रेशन चक्रवाती तूफान में बदलता है या नहीं. मौजूदा सूची के क्रम में Arnab (अर्नब) बांग्लादेश का नाम है. इसके बाद Murasu (मुरासु) हिंदुस्तान का नाम है. अगर मौजूदा सिस्टम चक्रवाती तूफान में बदलता है और नामकरण की स्थिति बनती है, तो इसे Arnab नाम दिया जाएगा. The post Cyclone Arnab: 12 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा डीप डिप्रेशन, चक्रवात अर्नब का खतरा; ओडिशा में स्कूल बंद appeared first on Naya Vichar.

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FBI Jobs Portal को ShinyHunters ने किया हैक, FBI कर्मचारियों का डेटा चुराने का दावा

साइबर अपराधी समूह ShinyHunters ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की नौकरी से जुड़ी वेबसाइट और उससे जुड़े कुछ सिस्टम में सेंध लगाकर 2 से 3 TB तक का डेटा चुरा लिया है. समूह का कहना है कि इस बार उसका मकसद पैसे मांगना नहीं, बल्कि FBI से अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने या उनमें सुधार करने के लिए दबाव बनाना है. हालांकि, FBI ने अभी तक डेटा चोरी और हमले के पूरे दायरे की पुष्टि नहीं की है. एजेंसी ने FBIJobs.gov से जुड़ी अनधिकृत गतिविधि की जांच शुरू करने की बात कही है. FBI की वेबसाइट पर कैसे हुआ कथित हमला? ShinyHunters के अनुसार, उसने FBI की नौकरी से जुड़ी वेबसाइट पर इस्तेमाल हो रहे Oracle PeopleSoft में एक कथित Zero-Day खामी का फायदा उठाया. समूह का दावा है कि इस खामी के जरिए उसे सर्वर पर दूर से कोड चलाने की क्षमता मिली और इसके बाद उसने वेबसाइट पर नियंत्रण हासिल किया. हमलावरों ने FBI की वेबसाइट पर एक संदेश भी लगाया, जिसमें साइट को ShinyHunters की ओर से जब्त किए जाने का दावा किया गया था. इसके बाद FBI Jobs वेबसाइट का आवेदन पोर्टल कुछ समय के लिए उपलब्ध नहीं था. FBI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, FBIJobs.gov और उसका आवेदन पोर्टल अलग-अलग लेकिन आपस में जुड़े प्लेटफॉर्म हैं. Screenshot of ShinyHunters attack ShinyHunters हालांकि, Oracle PeopleSoft में किसी कथित Zero-Day खामी के जरिए FBI तक पहुंच बनाए जाने की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. इसलिए हमले के तकनीकी तरीके को फिलहाल ShinyHunters के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है. 2 से 3 TB डेटा चुराने का दावा ShinyHunters का दावा है कि FBI की वेबसाइट तक पहुंच बनाने के बाद उसने वहां से आगे FBI के AWS GovCloud पर चल रहे सर्वरों तक पहुंच बनाई. समूह के अनुसार, वहां से उसने मौजूदा, पूर्व और संभावित FBI कर्मचारियों से जुड़ा करीब 2 से 3 TB डेटा डाउनलोड किया. समूह ने दावा किया कि उसके पास FBI के कर्मचारियों और नौकरी के आवेदकों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी है. कुछ कथित रिकॉर्ड में नाम, फोन नंबर, पते और अन्य व्यक्तिगत जानकारी शामिल होने की बात सामने आई है. हालांकि, FBI ने अभी तक चोरी किए गए डेटा की मात्रा या पूरे दायरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. ShinyHunters ने FBI की कुछ सेवाओं, जैसे Human Resources, MedLink और Criminal Justice Information Services तक पहुंच होने का भी दावा किया है. इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ShinyHunters ने कहा, पैसे के लिए नहीं किया हमला आमतौर पर डेटा चोरी करने वाले साइबर अपराधी समूह चोरी किए गए डेटा को सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे की मांग करते हैं. लेकिन इस मामले में ShinyHunters का कहना है कि उसने FBI से कोई फिरौती मांगने के लिए हमला नहीं किया. समूह के अनुसार, इस बार उसका उद्देश्य FBI के उन बयानों का विरोध करना है, जिनमें उसके काम करने के तरीके और पीड़ितों पर दबाव बनाने से जुड़े आरोप लगाए गए थे. FBI ने ShinyHunters पर पहले क्या कहा था? मई 2026 में FBI ने ShinyHunters की गतिविधियों को लेकर एक सार्वजनिक चेतावनी जारी की थी. इसमें समूह को बड़े पैमाने पर डेटा चोरी और जबरन वसूली से जुड़ी गतिविधियों वाला साइबर अपराधी समूह बताया गया था. FBI ने यह भी कहा था कि ऐसे समूह कभी-कभी पीड़ितों और उनके परिवारों को धमकी भरे संदेश और फोन कर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. FBI ने यह भी चेतावनी दी थी कि साइबर अपराधी कभी-कभी संवेदनशील या निजी जानकारी होने का दावा कर सकते हैं, भले ही उनके पास ऐसी जानकारी वास्तव में मौजूद न हो. अब ShinyHunters इन्हीं आरोपों को गलत बताते हुए FBI से अपने पुराने बयानों में बदलाव की मांग करने की बात कह रहा है. FBI ने क्या कहा? FBI ने कहा है कि वह FBIJobs.gov से जुड़ी अनधिकृत गतिविधि के दावों से अवगत है और मामले की जांच कर रही है. एजेंसी ने ShinyHunters के 2 से 3 TB डेटा चोरी करने के दावे की पुष्टि नहीं की है. इसका मतलब है कि फिलहाल FBI Jobs Portal पर अनधिकृत गतिविधि की जांच चल रही है, लेकिन ShinyHunters द्वारा किए गए सभी दावों को आधिकारिक रूप से सही नहीं माना जा सकता. FBI Jobs Portal हैक का मामला क्यों महत्वपूर्ण है? यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि FBI की नौकरी से जुड़ी वेबसाइट पर अनधिकृत गतिविधि की पुष्टि होने के बाद एजेंसी को अपने आवेदन और भर्ती से जुड़े सिस्टम की सुरक्षा की जांच करनी पड़ रही है. अगर ShinyHunters का आंतरिक सिस्टम तक पहुंच बनाने और बड़ी मात्रा में डेटा निकालने का दावा जांच में सही साबित होता है, तो इससे प्रशासनी संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले बड़े और जटिल सॉफ्टवेयर सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं. फिलहाल 2 से 3 TB डेटा चोरी, AWS GovCloud तक पहुंच और कथित Zero-Day के इस्तेमाल जैसे दावे जांच के दायरे में हैं. FBI की जांच पूरी होने के बाद ही हमले के वास्तविक दायरे और प्रभावित डेटा की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी. FAQs {“type”:”faq”,”question”:”FBI Jobs Portal को किसने हैक करने का दावा किया है?”,”answer”:”साइबर अपराधी समूह ShinyHunters ने FBI Jobs Portal और उससे जुड़े कुछ सिस्टम में सेंध लगाने का दावा किया है. FBI ने अनधिकृत गतिविधि की जांच शुरू की है.”}{“type”:”faq”,”question”:”ShinyHunters ने कितना डेटा चुराने का दावा किया है?”,”answer”:”समूह ने करीब 2 से 3 TB डेटा चुराने का दावा किया है. FBI ने अभी तक इस मात्रा या डेटा चोरी की पूरी पुष्टि नहीं की है.”}{“type”:”faq”,”question”:”क्या ShinyHunters ने FBI से फिरौती मांगी है?”,”answer”:”नहीं. समूह का कहना है कि इस बार उसका मकसद पैसे मांगना नहीं, बल्कि FBI की ओर से अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने या उनमें सुधार करने के लिए दबाव बनाना है.”} ये भी पढ़ें: ShinyHunters ने Cl0p की Dark Web साइट हैक की, दो हैकर ग्रुप की लड़ाई हुई सार्वजनिक The post FBI Jobs Portal को ShinyHunters ने किया हैक, FBI कर्मचारियों का डेटा चुराने का दावा appeared first on Naya Vichar.

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‘मैथिली ठाकुर विधायक हैं, इसलिए रात में घूम सकती हैं’, प्रशांत किशोर ने जमुई कांड पर किया रिएक्ट

Prashant Kishor: बिहार के जमुई जिले में छात्रा के साथ बदसलूकी मामले में मंगलवार को आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर किया गया. इस मामले के बाद नेतृत्वक बयानबाजी तेज हो गई है. ऐसे में बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने मीडिया के सामने प्रतिक्रिया दी. प्रशांत किशोर ने कहा, नीट की छात्रा का रेप-हत्या, बेगूसराय की लड़की को होटल से खींचने या जमुई की घटना, यह दिखाता है कि प्रशासन का दावा बिहार को अपराध मुक्त बनाना नहीं बल्कि अपराध युक्त बनाना है. मैथिली ठाकुर और पुलिस प्रशासन को निशाने पर लिया इस मामले को लेते हुए प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए. इसके साथ ही अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर पर भी हमला बोला. मैथिली ठाकुर जिस तरह से सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहीं हैं, उसे लेकर ही प्रशांत किशोर ने तंज कसा. मैथिली ठाकुर पर किया हमला प्रशांत किशोर ने मीडिया के सामने कहा, जिस मैथिली ठाकुर को आइकन बनाकर दरभंगा की जनता ने वोट दिया और जिताया, वे अब अंबानी के परिवार के गणेश उत्सव में जाकर परफॉर्म कर रहीं हैं. लेकिन दूसरी तरफ, उनके क्षेत्र में कई लोग बाढ़ से प्रभावित हैं औप परेशानी झेल रहे हैं. साथ ही अपराध जैसी घटनाओं की परेशानी भी झेल रहे हैं. आगे पीके ने यह भी कहा, माथिली ठाकुर ज्ञान दे रही हैं कि देखिए 12 बजे रात में भी बिहार में आप अकेले घूम सकते हैं. लेकिन आपको बता दें कि आप रात में घूम सकती हैं, क्योंकि आप विधायक हैं. कोई सामान्य लड़की रात में 12 बजे घूम सकती हो, ऐसा मुझे लगता नहीं है. बिहार में तो आज लड़कियों की बात छोड़ दीजिए, लड़के भी 12 बजे रात में घूमने से पहले दो बार सोच रहे हैं. शराब और बालू माफियाओं को भी निशाने पर लिया आगे मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है लेकिन अगर आरोपितों ने पूरी घटना का वीडियो नहीं बनाया होता तब घटना की जानकारी कैसे सामने आती? वीडियो वायरल होने के बाद ही घटना के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की बात होती है लेकिन अपराध करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती. इस दौरान उन्होंने बालू और शराब माफियाओं को लेकर भी प्रशासन पर निशाना साधा. Also Read: पटना-पूर्णिया समेत 6 जिलों में सफर होगा आसान, 400 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए BSRTC की तैयारी तेज The post ‘मैथिली ठाकुर विधायक हैं, इसलिए रात में घूम सकती हैं’, प्रशांत किशोर ने जमुई कांड पर किया रिएक्ट appeared first on Naya Vichar.

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ECI में 14 बार लिखित आपत्ति, विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार को घेरा; हटाने की मांग

निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है. यह मामला निर्वाचन आयोग के भीतर दो निर्वाचन आयुक्तों की ओर से दर्ज की गयी लिखित आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद उठा है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और कदमों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की. इन आपत्तियों का संबंध नये मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा मतदाता सूची से जुड़े आईटी सिस्टम से था. फॉर्म-6 में बदलाव पर भी आपत्ति रिपोर्ट के अनुसार, दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने कुछ कदमों को ‘अनधिकृत’ और ‘अवैध’ बताया. एक मामले में नये मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव पर भी आपत्ति दर्ज की गयी थी. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मतदाता डेटा से जुड़े आईटी सिस्टम को केंद्रीकृत करने को लेकर दोनों आयुक्तों ने सवाल उठाये थे. जयराम रमेश ने साधा निशाना कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की विश्वसनीयता और निष्पक्षता को नुकसान पहुंचा है. संसद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने भी इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग का कामकाज एक व्यक्ति के नियंत्रण में सिमट गया है. ब्रिटास ने संसद से ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की. 73 सांसद दे चुके हैं हटाने का नोटिस ब्रिटास ने अप्रैल 2026 में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए दिये गये नोटिस का भी जिक्र किया. 24 अप्रैल को राज्यसभा में विपक्ष के 73 सांसदों ने उनके खिलाफ हटाने का नोटिस दिया था. नोटिस में नौ आरोप लगाये गये थे और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गयी थी. ये भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया हिंदुस्तान का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ SIR को लेकर भी सवाल जॉन ब्रिटास ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों ने SIR से जुड़े फैसलों पर आपत्ति दर्ज की है, तो इसकी वैधता पर उच्चतम न्यायालय को भी विचार करना चाहिए. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों की आपत्तियां मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने तथा मतदाता सूची के आईटी सिस्टम से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर थीं. विपक्षी नेताओं ने क्या कहा? आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि विपक्ष को निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहिए और आयोग के कामकाज में सुधार पर ध्यान देना चाहिए. तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने भी आयोग के कामकाज पर सवाल उठाये. उन्होंने SIR की प्रक्रिया में कथित खामियों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त से सवाल किये. आयोग की ओर से जवाब नहीं ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, अखबार ने 21 सितंबर को निर्वाचन आयोग से इन आपत्तियों और उन्हें दूर करने के लिए उठाये गये कदमों को लेकर सवाल भेजे थे. रिपोर्ट प्रकाशित होने तक आयोग की ओर से इन सवालों का जवाब नहीं मिला था. The post ECI में 14 बार लिखित आपत्ति, विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार को घेरा; हटाने की मांग appeared first on Naya Vichar.

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IIT बॉम्बे छात्र साहिल की मौत में नया मोड़, परीक्षा हॉल में प्रोफेसर से हुई थी बहस; CCTV से सामने आया पूरा घटनाक्रम

IIT बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले की जांच में नया तथ्य सामने आया है. मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक, 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल और परीक्षा पर्यवेक्षक प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला  के बीच बहस हुई थी. इसके बाद साहिल परीक्षा हॉल से निकलकर अपने कमरे में गया, जहां बाद में वह फंदे से लटका मिला. CCTV फुटेज पुलिस के कब्जे में पुलिस ने घटना वाले दिन की CCTV फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज के जरिए परीक्षा हॉल में साहिल के साथ हुई घटनाओं का क्रम समझने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ने साहिल का मोबाइल फोन भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है. परीक्षा खत्म होने से पहले हॉल से निकला साहिल रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल परीक्षा हॉल में नजर आया. परीक्षा दोपहर एक बजे समाप्त होनी थी. CCTV फुटेज के अनुसार, साहिल करीब 1:25 बजे अपने कमरे में पहुंचा था. जेब में रखी चीज को देखता नजर आया छात्र एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, CCTV फुटेज में साहिल कुछ झुका हुआ दिखाई देता है और अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखने की कोशिश करता नजर आता है. इसके बाद प्रोफेसर डुल्ला उससे सवाल करते दिखाई देते हैं. पुलिस के अनुसार, बाद में प्रोफेसर साहिल को अन्य छात्रों से अलग एक तरफ ले गए. अलग ले जाकर हुई बहस पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर और साहिल अलग खड़े होकर बहस कर रहे थे. जांच अधिकारी अब यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी बातचीत का मुद्दा क्या था और यह विवाद कैसे शुरू हुआ. CCTV फुटेज और छात्रों के बयानों को मिलाकर इस घटनाक्रम की जांच की जा रही है. ChatGPT इस्तेमाल की अभी पुष्टि नहीं जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या साहिल ने परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन पर ChatGPT का इस्तेमाल किया था. पुलिस को यह जांचना है कि क्या प्रश्नपत्र की तस्वीर या उसकी सामग्री फोन के जरिए अपलोड कर जवाब हासिल करने की कोशिश की गई थी. हालांकि, पुलिस के मुताबिक अभी CCTV फुटेज से इसकी पुष्टि नहीं हुई है. मोबाइल की फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज साहिल के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना से पहले फोन का इस्तेमाल किस तरह हुआ था और क्या उसमें परीक्षा से संबंधित कोई गतिविधि मौजूद थी. मोबाइल से मिलने वाली जानकारी जांच में अहम हो सकती है. परीक्षा हॉल में मौजूद छात्रों से पूछताछ क्राइम ब्रांच अब परीक्षा हॉल में मौजूद अन्य छात्रों के बयान भी दर्ज कर रही है. छात्रों से खास तौर पर 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल और प्रोफेसर डुल्ला के बीच हुई बातचीत के बारे में जानकारी ली जा रही है. परिवार ने लगाए उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप साहिल के परिवार ने उसकी मौत के बाद संस्थान में कथित उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि इन पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए. इन आरोपों के बीच IIT-बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार पंत का बयान सामने आया है. SC/ST सेल में शिकायत को लेकर दावा डॉ राजकुमार पंत ने दावा किया है कि साहिल ने हाल के समय में संस्थान के SC/ST सेल के सामने कोई शिकायत नहीं की थी. हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और इस दावे के बीच वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. चाचा ने CBI जांच की मांग की साहिल के एक चाचा ने मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की है. परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद जांच के तरीके को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. फिलहाल मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है. जांच के बाद साफ होगी घटना की पूरी तस्वीर क्राइम ब्रांच CCTV फुटेज, छात्रों और प्रोफेसर के बयान तथा साहिल के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है. पुलिस का कहना है कि इन सभी जानकारियों का विश्लेषण करने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परीक्षा हॉल में वास्तव में क्या हुआ था और उसके बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा. ये भी पढ़ें: IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या केस, डीन सूर्यनारायण डूला सस्पेंड The post IIT बॉम्बे छात्र साहिल की मौत में नया मोड़, परीक्षा हॉल में प्रोफेसर से हुई थी बहस; CCTV से सामने आया पूरा घटनाक्रम appeared first on Naya Vichar.

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Pitru Paksha 2026: कब है पूर्णिमा श्राद्ध? जानें कुतुप-रौहिण मुहूर्त और तर्पण की विधि

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पूर्णिमा श्राद्ध का विशेष महत्व है. यह भाद्रपद मास की आखिरी तिथि (पूर्णिमा) के दिन किया जाता है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन ऋषि तर्पण का विधान है. मान्यता है कि ऋषि तर्पण के बिना पूर्वजों के लिए किया गया श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) पूरा नहीं होता है. क्यों जरूरी है पूर्णिमा श्राद्ध? धर्मशास्त्र के जानकार पं. धर्मनाथ झा ने बताया कि पितृ पक्ष में पूर्वजों के लिए किया गया श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) तभी स्वीकार होता है, जब पूर्णिमा श्राद्ध के दिन ऋषि तर्पण (अगस्त्य ऋषि के लिए) किया जाता है. शास्त्रों में अगस्त्य ऋषि को पितृ पक्ष का अधिकारी बताया गया है यानी उनको साक्षी मानकर भी पितृ पक्ष में पूर्वजों के लिए श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) किए जाते हैं. इसलिए पूर्णिमा श्राद्ध जरूरी माना गया है. पूर्णिमा श्राद्ध के दिन अगस्त्य ऋषि के अलावा वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज इन 7 ऋषियों का तर्पण भी किया जाता है. कब है पूर्णिमा श्राद्ध? मिथिला, महावीर और द्रिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा श्राद्ध 26 सितंबर 2026, शनिवार को है. चूंकि पूर्णिमा श्राद्ध भाद्रपद मास की आखिरी तिथि (पूर्णिमा) को करने का विधान है. पूर्णिमा श्राद्ध 2026 मुहूर्त पूर्णिमा श्राद्ध के लिए कुतुप और रौहिण मुहूर्त शुभ माने गए हैं. इस दौरान ऋषि तर्पण करना शुभ माना गया. कुतुप मुहूर्त सुबह 11 बजकर 16 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक रहेगा. रौहिण मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा अपराह्न काल का मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 52 मिनट से 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. मुहूर्त समय कुतुप मुहूर्त सुबह 11:16 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक रौहिण मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:52 बजे तक अपराह्न काल मुहूर्त दोपहर 12:52 बजे से 3:17 बजे तक नोट- स्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है. पूर्णिमा श्राद्ध पर किन-किन पितरों का तर्पण किया जाता है जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि में हुई हो- शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा श्राद्ध के दिन परिवार के उन सदस्यों के लिए तर्पण किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी महीने की पूर्णिमा तिथि में हुई हो. इसके साथ ही इस दिन कहीं-कहीं सन्यासियों के लिए भी तर्पण करने की परंपरा है. पूर्णिमा श्राद्ध के दिन ऋषि तर्पण का महत्व सनातन धर्म शास्त्रों में देव, पितृ और ऋषि ऋण का उल्लेख किया गया है. धर्मशास्त्र और कर्मकांड के अनुसार, जिस तरह श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है उसी तरह पूर्णिमा श्राद्ध के दिन ऋषि तर्पण (जल, कुश और अक्षत से) करने पर ऋषि ऋण से मुक्ति है. साथ ही उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से ऋषि और परिवार के दिवंगत व्यक्ति (पितर) के लिए श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) करने पर उनकी आत्मा तृप्त होती है जिससे उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन, यश और वंश वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. कहा जाता है कि जब पितर प्रसन्न होते हैं,तो घर-परिवार समृद्ध और खुशहाल रहता है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: 26 सितंबर से शुरू हो रहा पितृ पक्ष, नोट करें पूर्णिमा से सर्वपितृ अमावस्या की सही तिथियां पूर्णिमा श्राद्ध की विधि पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर स्नान करें. इसके बाद साफ सफेद कपड़े पहनें. कुतुप या रौहिण मुहूर्त में दक्षिण दिशा की ओर मुंह करें. दाहिने हाथ की अनामिका उंगली (रिंग फिंगर) में कुश से बनी पवित्री (अंगूठीनुमा) धारण करें. तांबे या कांसे के बर्तन में शुद्ध जल, कच्चा दूध, काले तिल, सफेद फूल और अक्षत मिलाएं. दोनों हाथों में कुश रखें और जल लेकर ‘ॐ पितृभ्यः नमः’ बोलते हुए अपने गोत्र का नाम लेकर अंगूठे के सहारे जल को किसी बर्तन में धीरे से गिराएं. तर्पण के बाद बिना लहसुन-प्याज के बनाए गए भोजन या खीर को छोटे-छोटे हिस्सों में गाय, कुत्ता, कौआ, चींटी और देवता के लिए अलग-अलग करके रख दें. इसे पंचबलि कहा जाता है. संभव हो, तो ब्राह्मण को भोजन कराएं. अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं, तो मंदिर में या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चावल, आटा, दाल, सब्जी फल इत्यादि श्राद्धापूर्वक दें. ब्राह्मण को भोजन कराने के अलावा अपनी क्षमता के अनुसार दक्षिणा, वस्त्र (नया कपड़ा), जनेऊ देकर आदरपूर्वक विदा करें. श्राद्ध कर्म के अंत में अगस्त्य ऋषि सहित अपने पूर्वजों से प्रार्थना कर भूल-चूक के लिए क्षमा मांगे. पूर्णिमा श्राद्ध के दिन किन चीजों का दान करें पूर्णिमा श्राद्ध के दिन दान करने की परंपरा भी है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन अनाज, कपड़े, छाता, जूता, काले तिल, घी, और फल का दान करना चाहिए. मान्यतानुसार, ऐसा करने से पूर्वज खुश होते हैं जिससे परिवार घर-परिवार खुशहाल रहता है और पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: 26 या 27 सितंबर, आखिर कब से शुरू होगा पितृ पक्ष? तर्पण के समय और श्राद्ध तिथि में छिपा है बड़ा फर्क The post Pitru Paksha 2026: कब है पूर्णिमा श्राद्ध? जानें कुतुप-रौहिण मुहूर्त और तर्पण की विधि appeared first on Naya Vichar.

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