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Author name: Vinod Jha

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बोफोर्स मामला खत्म : सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुजा बंधुओं के खिलाफ अपील ठुकराई

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (6 अगस्त) को बोफोर्स मामले में फैसला सुनाते हुए उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2005 के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में हिंदुजा बंधुओं और स्वीडन की हथियार बनाने वाली कंपनी एबी बोफोर्स के खिलाफ चल रही सभी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इस मामले को फिर से खोलने की संभावना लगभग खत्म हो गई है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अधिवक्ता अजय के. अग्रवाल की ओर से दायर अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया. इसके साथ ही दशकों पुराने बोफोर्स मामले को फिर से शुरू करने की एक और कोशिश भी खत्म हो गई. मामले को अब और लंबा नहीं खींचा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान वकील अजय के. अग्रवाल ने अदालत से चार सप्ताह का समय मांगा, ताकि याचिका से श्रीचंद पी. हिंदुजा और गोपीचंद पी. हिंदुजा के नाम हटाए जा सकें, क्योंकि दोनों का निधन हो चुका है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया और साफ कहा कि इस मामले को अब और लंबा नहीं खींचा जा सकता. ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रशासन ने कानून में संसोधन किया, लेकिन मनी बिल पर क्यों हो रहा विवाद सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पारदीवाला ने सवाल उठाया कि जब 2005 में दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले की कार्यवाही पहले ही रद्द कर चुका है. उस फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की अपील भी खारिज हो चुकी है, तो अब इस मामले में फैसला करने के लिए आखिर बचा ही क्या है? अदालत ने इस टिप्पणी के साथ याचिका पर आगे सुनवाई की जरूरत नहीं मानी. बोफोर्स मामला क्या है? बोफोर्स मामला साल 1986 में शुरू हुआ, जब हिंदुस्तान प्रशासन ने स्वीडन की कंपनी एबी बोफोर्स से करीब 1,437 करोड़ रुपये में 400 हॉवित्जर तोपें खरीदने का समझौता किया. इसके एक साल बाद 1987 में स्वीडिश रेडियो ने दावा किया कि इस सौदे में कुछ हिंदुस्तानीय नेताओं और रक्षा अधिकारियों को रिश्वत (कमीशन) दी गई थी. इस खुलासे के बाद देश में बड़ा नेतृत्वक बवाल मच गया और यह मामला हिंदुस्तान के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में शामिल हो गया. The post बोफोर्स मामला खत्म : सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुजा बंधुओं के खिलाफ अपील ठुकराई appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड छात्र आंदोलन पर कंगना रनौत ने राहुल गांधी को घेरा, बोलीं- ‘जब बच्चों की हालत इतनी खराब है तो मिलने क्यों नहीं जा रहे?’

Jharkhand Student Protest: झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. इसी बीच भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है. कंगना ने सवाल उठाया कि जब झारखंड के छात्र लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं, तब राहुल गांधी उनके बीच क्यों नहीं पहुंच रहे हैं. राहुल गांधी पर कंगना का हमला समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कंगना रनौत ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, हमारी जेनरेशन Z, हमारे शिशु कई तरह की परेशानियां झेल रहे हैं. यह स्थिति आज की नहीं बल्कि कई दशकों से चली आ रही है. कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर खूब हंगामा किया. उन्होंने संसद में भी बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. लेकिन आज जब झारखंड के बच्चों की हालत इतनी खराब है, तब राहुल गांधी उनसे मिलने तक नहीं जा रहे हैं. लेकिन जब लोगों को भड़काना होता है, जब बच्चों को इस तरह उकसाना होता है कि देश की सुरक्षा तक खतरे में पड़ जाए, तब वे जरूर सामने आ जाते हैं. आखिर छात्र क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन? झारखंड में छात्र 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. छात्रों का कहना है कि राज्य की जेएमएम प्रशासन इस मामले को केवल सीआईडी जांच के जरिए दबाने या व्हाइटवॉश करने की कोशिश कर रही है. प्रदर्शनकारी पहले ही इस पूरे मामले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग कर चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो हटने पर भी बोलीं कंगना झारखंड छात्र आंदोलन पर बयान देने के अलावा कंगना रनौत ने मेटा के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो अस्थायी रूप से हटाए जाने की घटना पर मांगी गई माफी का भी स्वागत किया. इस पर कंगना ने कहा, हमें खुशी है कि इस गलती को स्वीकार किया गया है. हमें उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी, क्योंकि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर चिंता है. ये भी पढ़ें: ऋतिक रोशन के एक कमेंट के बाद फिर गरमाया पुराना विवाद, भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- ‘आग में घी डालना बंद कीजिए’ The post झारखंड छात्र आंदोलन पर कंगना रनौत ने राहुल गांधी को घेरा, बोलीं- ‘जब बच्चों की हालत इतनी खराब है तो मिलने क्यों नहीं जा रहे?’ appeared first on Naya Vichar.

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शुभेंदु सरकार ने पश्चिम बंगाल आवास योजना का नाम बदला, 10 लाख से अधिक लाभुकों को मिली दूसरी किस्त

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि राज्य मंत्रिमंडल ने आवास योजना ‘बांग्लार बाड़ी’ का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग आवास’ योजना कर दिया है. बृहस्पतिवार को 10 लाख से अधिक लाभार्थियों को वित्तीय सहायता की अंतिम किस्त जारी कर दी गयी. राज्य सचिवालय नबान्न में योजना के तहत राशि की दूसरी और अंतिम किस्त जारी करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 10,20,379 लाभार्थियों को 60-60 हजार रुपए मिले हैं. इस योजना के तहत कुल 6,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की गयी है. आवास योजना के 1 लाख 20 हजार रुपए में वर्तमान समय में पूरा घर बनाना कठिन है. इसलिए लाभार्थियों को भी थोड़ा खर्च उठाना होगा. मकान बनकर तैयार होने पर ‘स्वच्छ हिंदुस्तान मिशन’ के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपए की अतिरिक्त प्रशासनी सहायता मिलेगी. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल दुर्गा पूजा के बाद नये लाभार्थियों को मिलेगी पहली किस्त मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर में दुर्गा पूजा उत्सव के बाद कई लाख नये लाभार्थियों को योजना की पहली किस्त जारी की जायेगी. योजना के तहत लाभार्थियों को घर बनाने के लिए दो किस्तों में कुल 1.20 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है. उन्होंने कहा कि योजना के तहत करीब 20 लाख नये आवेदकों को पहले ही शामिल किया जा चुका है. आगे भी और नाम जोड़े जायेंगे. ये भी पढ़ें: पश्चिम बंग आवास योजना : 10 लाख परिवारों के खाते में आज आयेगी दूसरी किस्त, शुभेंदु अधिकारी का ऐलान राज्य के नाम से नहीं हटेगा ‘पश्चिम’ शब्द शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंग नाम के साथ एक बड़ा ऐतिहासिक महत्व जुड़ा है. वर्ष 1947 में देश के विभाजन के समय इसे पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की साजिश रची गयी थी, जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में विफल कर दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया है कि राज्य के नाम से ‘पश्चिम’ शब्द नहीं हटाया जायेगा. उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को इसके पीछे के ऐतिहासिक कारणों की जानकारी होनी चाहिए. अवैध लाभार्थियों से पैसा वसूलने की प्रक्रिया शुरू : दिलीप घोष बंगाल के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने कहा है कि जिन लोगों ने अवैध रूप से आवास योजना के पैसा हासिल किये हैं, उनसे राशि वसूलने की प्रक्रिया प्रशासन ने शुरू कर दी है. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी. उन्होंने कहा कि पिछली प्रशासन के कार्यकाल में 30 लाख लोगों के नाम पंजीकृत हुए थे. सर्वे में पता चला कि पिछली प्रशासन ने 30 लाख में से 12 लाख लोगों को ही दोनों किस्तों का भुगतान किया. ये भी पढ़ें: बांग्ला आवास योजना की जांच के लिए एसएटी का होगा गठन 12500 लाभार्थियों से होगी वसूली दिलीप घोष ने बताया कि 12,500 ऐसे लाभार्थियों की पहचान की गयी है, जिन्होंने आंशिक या पूर्ण रूप से आवास योजना का पैसा प्राप्त कर लिया है. वे नियमों के तहत इसके हकदार नहीं थे. उन्हें नोटिस भेजकर प्रशासनी राशि वापस करने को कहा गया है. 1,000 लोगों से पैसा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इतना ही नहीं, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से बाहर किये गये 57 हजार लोग भी आवास योजना का पैसा ले चुके हैं, जो इस योजना के पात्र नहीं हैं. पिछली प्रशासन पर बरसे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली प्रशासन के दौरान राज्य में आवास योजना के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ. मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा के केंद्र में सत्ता में आने से पहले राज्य को आवास योजना के तहत 4,664 करोड़ रुपए मिले थे. वर्ष 2014 से 2022 के बीच केंद्र प्रशासन ने 40 लाख घर बनाने के लिए 30,000 करोड़ रुपए दिये. फिर भी पिछली प्रशासन ने दुष्प्रचार किया कि केंद्र प्रशासन ने राज्य प्रशासन के पैसे रोक रखे हैं. The post शुभेंदु प्रशासन ने पश्चिम बंगाल आवास योजना का नाम बदला, 10 लाख से अधिक लाभुकों को मिली दूसरी किस्त appeared first on Naya Vichar.

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सुबह नंगे पैर घास पर चलने से क्यों मिलते हैं इतने फायदे? जानिए इसके पीछे की वजह

Walking Barefoot on Grass: सुबह की ठंडी हवा और हरी घास पर टहलने का अपना अलग ही मजा होता है। अगर आप रोज कुछ मिनट नंगे पैर घास पर चलते हैं, तो यह छोटी-सी आदत आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है। कई लोग मानते हैं कि इससे शरीर को आराम मिलता है, मन शांत रहता है और दिनभर ताजगी महसूस होती है। आयुर्वेद में भी इसे अच्छी आदत माना गया है। हालांकि, इसके कुछ फायदों पर अभी और रिसर्च की जरूरत है। आइए जानते हैं कि सुबह नंगे पैर घास पर चलने से शरीर और मन को क्या-क्या लाभ मिल सकते हैं. मन को मिलता है सुकून सुबह कुछ मिनट नंगे पैर घास पर चलने से मन को सुकून मिल सकता है. ताजी हवा और हरियाली के बीच समय बिताने से तनाव कम महसूस हो सकता है. इससे दिन की शुरुआत अच्छी होती है और पूरे दिन खुद को तरोताजा महसूस करने में मदद मिल सकती है. पैरों की मांसपेशियां होती हैं सक्रिय नंगे पैर घास पर चलने से पैरों की मांसपेशियां ज्यादा काम करती हैं. इससे पैर मजबूत बने रहने में मदद मिल सकती है। साथ ही, पैरों का संतुलन बेहतर हो सकता है और चलने-फिरने में भी आसानी महसूस होती है. यह भी पढ़ें: क्या आपका शरीर भी दे रहा है वॉर्निंग? इन 6 संकेतों को समझना है बेहद जरूरी हल्की एक्सरसाइज का फायदा सुबह नंगे पैर घास पर चलने से शरीर धीरे-धीरे एक्टिव होने लगता है. इससे दिनभर खुद को तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करने में मदद मिल सकती है. PC: AI Image आंखों को मिलती है हरियाली की राहत अगर आप दिनभर मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन पर काम करते हैं, तो सुबह कुछ देर हरी घास के बीच टहलना आंखों को आराम देने में मदद कर सकता है। हालांकि, इससे आंखों की रोशनी बढ़ने के पक्के वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं. तनाव कम करने में मिल सकती है मदद हरी घास, ताजी हवा और शांत वातावरण का मेल तनाव को कम करने में सहायक हो सकता है. कई लोगों का अनुभव है कि नियमित रूप से सुबह टहलने से उनका मूड बेहतर रहता है और मन हल्का महसूस होता है. क्या वाकई नंगे पैर चलना हर किसी के लिए सही है? अगर आपको डायबिटीज, पैरों में घाव, इन्फेक्शन या त्वचा से जुड़ी कोई समस्या है, तो नंगे पैर चलने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा. साथ ही यह भी जरूरी है कि घास साफ और सुरक्षित हो, ताकि कांच, पत्थर या किसी नुकीली चीज से चोट का खतरा न रहे. यह भी पढ़ें: क्या सिर्फ 1 शकरकंद से मिल सकता है विटामिन A का 400% तक? जानिए रिसर्च क्या कहती है The post सुबह नंगे पैर घास पर चलने से क्यों मिलते हैं इतने फायदे? जानिए इसके पीछे की वजह appeared first on Naya Vichar.

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अमिताभ-शाहरुख के साथ 40 साल तक किया डांस, आज लोकल ट्रेन में काम ढूंढती हैं रुबीना खान…

दोपहर का वक्त था. फिल्म सिटी के भव्य सेट पर ‘खलनायक’ के सुपरहिट गाने ‘चोली के पीछे क्या है..’ की शूटिंग चल रही थी. कैमरा रुका, डायरेक्टर ने “कट” कहा और बड़े सितारे अपनी-अपनी वैनिटी वैन में लौट गए. लेकिन एक चेहरा फिर भीड़ में खो गया. वह थीं रुबीना खान. वही रुबीना, जिन्होंने सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की, मगर खुद हमेशा उन बैकग्राउंड डांसर्स में गिनी गईं, जिनकी मेहनत तो हर फ्रेम में दिखती है, लेकिन नाम फिल्म के आखिरी क्रेडिट्स में भी शायद ही कभी नजर आते हैं. चार दशक… यानी पूरे 40 साल बाद एक वीडियो आता है. उसमें अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित, ऋषि कपूर, करीना कपूर जैसे कई बड़े सितारों संग ताल से ताल मिलाती नजर आती हैं. इसी के बाद रूबीना, भीड़ से निकलकर रूबीना खान हो जाती हैं. 17 जून 2026 से पहले रूबीना को शायद ही कोई ठीक से पहचान भी पाता. और पहचानता भी कैसे, तालियां तो हमेशा सितारों के हिस्से आईं, रूबीना भीड़ का हिस्सा रहीं. 17 जून 2026 को कुछ नया हुआ, आपने देखा? 2 करोड़ से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं किसी ने रूबीना से एक दिन कहा कि तुम डांस तो अच्छा करती ही हो, अपना वीडियो इंस्टा पर क्यों नहीं डालती. हमने उनकी प्रोफाइल देखी. कुछ 20 मिनट तक स्क्रॉल करते रहे. हम 22 जून 2022 तक पहुंचे. हमने देखा कि रूबीना ने यहां भी कम स्ट्रगल नहीं किया. वो हर तरह के वीडियोज डालती रहीं, लेकिन किसी पर 200, किसी पर 250 व्यूज आते रहे. फिर आया 17 जून 2026… रूबीना ने नए वीडियो बनाने की बजाए अपने वो वीडियोज ढूढ़े जिनमें कहीं दिव्या हिंदुस्तानी तो कभी रवीना टंडन के पीछे वो डांस कर रही थीं. उन्होंने अपने चेहरे पर गोला बनाया और पोस्ट कर दिया. लोगों ने लिखा, “अरे, ये तो हर दौर के गानों में दिखती थीं.” लेकिन वीडियो के पीछे छिपी उनकी असली जिंदगी ने व्यूवर्स को सोचने पर मजबूर कर दिया. View on Instagram अब रूबीना के पास इंटरव्यूज देने के लिए कॉल आने लगीं. रूबीना शायद ’एंफ्लूएंसर’ हो गई हैं. जब हम यह समाचार लिख रहे हैं तो उनके 13.9 हजार फॉलोवर भी हो चुके हैं. लेकिन 17 जून से पहले के 40 साल कैसे थे… बॉलीवुड को 40 साल देने वाली रुबीना आज जब मुंबई की लोकल ट्रेन से निकलती है तो मन में सिर्फ एक सवाल कि “शायद आज काम मिल जाए.” महीने में मुश्किल से एक या दो प्रोजेक्ट मिलते हैं. पूरी कमाई 20 से 25 हजार रुपये के बीच सिमट जाती है. वह कहती हैं, “मुंबई जैसे शहर में 20 हजार रुपये में घर कैसे चले? किराया, राशन, बिजली, दवाई… सबकुछ इसी में करना पड़ता है. मैं सिंगल मदर हूं. बेटी की पूरी जिम्मेदारी मेरे ऊपर है. इसलिए चाहे कितनी भी थक जाऊं, अगले दिन फिर लोकल ट्रेन पकड़कर निकलना ही पड़ता है.” बताते चलें वह मुंबई के नालासोपारा में किराए के 1RK घर में रहती हैं, जिसका किराया ही करीब 5 हजार रुपये है. सीमित काम और कम आमदनी के कारण रोजमर्रा के खर्चों का प्रबंधन भी उनके लिए आसान नहीं है. चार दशक तक इंडस्ट्री का हिस्सा रहने के बावजूद उनकी जिंदगी आज भी संघर्ष के साथ आगे बढ़ रही है. वो दिन, जब नाश्ता करने के पैसे नहीं थे… रुबीना की आवाज उस वक्त भर आती है, जब वह 2020 से 2023 को याद करती हैं. बताने की जरूरत नहीं है ये वही समय था जब कोविड के चलते फिल्में कम बनीं. वह कहती हैं कि चार साल तक काम लगभग पूरी तरह बंद हो गया था. जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वह धीरे-धीरे खत्म हो गई. हालत ऐसी हो गई कि कई बार घर में राशन खरीदने तक के पैसे नहीं बचे. “ऐसे दिन भी आए, जब समझ नहीं आता था कि कल खाना कैसे बनेगा. कई रातें इसी चिंता में बीतीं. उस वक्त डांसर्स यूनियन ने कभी दो हजार रुपये दिए, तो कभी राशन का बैग पहुंचाया. अगर यूनियन साथ नहीं खड़ी होती, तो शायद हालात और भी खराब हो जाते.” यह कहते हुए रुबीना मानो उन दिनों में लौट जाती हैं, जब चमकती फिल्मी दुनिया से जुड़े होने के बावजूद उनके अपने घर का चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया था. ‘मेहनत हमारी, पैसा कोई और ले जाता था’ संघर्ष सिर्फ काम मिलने का नहीं था. रुबीना बताती हैं कि शुरुआती दिनों में कई कॉन्ट्रैक्टर डांसर्स की मेहनत की कमाई का हिस्सा खुद रख लेते थे. कई बार पूरा मेहनताना भी नहीं मिलता था. “गुस्सा बहुत आता था, लेकिन बोल नहीं सकते थे. डर रहता था कि अगर आवाज उठाई तो अगली बार काम ही नहीं मिलेगा. इसलिए चुप रहकर सब सहना पड़ता था.” ‘पहले अपनापन था, अब सब बदल गया’ उनके मुताबिक, पुराने दौर के कई बड़े कलाकार बैकग्राउंड डांसर्स को भी सम्मान देते थे. उनसे बात करते थे, हालचाल पूछते थे और उन्हें अपनी टीम का हिस्सा मानते थे. हालांकि उनका अनुभव हर किसी के साथ ऐसा नहीं रहा. उन्होंने बताया कि दिव्या हिंदुस्तानी और ममता कुलकर्णी ने कभी उनसे ढंग से बात नहीं की. वहीं आज की पीढ़ी को लेकर वह कहती हैं कि इंडस्ट्री पहले जैसी नहीं रही. “अब सब अपने-अपने काम में व्यस्त रहते हैं. पहले जैसा अपनापन और सम्मान बहुत कम महसूस होता है.” हाल ही में उन्होंने शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान के साथ एक विज्ञापन में काम किया और फिल्म आर्चीज में भी नजर आईं. पर्दे पर मुस्कान, असल जिंदगी में संघर्ष आज भी जब टीवी पर कोई पुराना सुपरहिट गाना चलता है, तो कहीं न कहीं उसी फ्रेम में रुबीना खान मुस्कुराती हुई नजर आ जाती हैं. दर्शक गाना देखते हैं, सितारों की तारीफ करते हैं, लेकिन शायद ही कोई सोचता होगा कि उसी गाने में नजर आने वाली यह कलाकार अगली सुबह लोकल ट्रेन में सीट मिलने की उम्मीद लेकर सफर करती है. कैमरे के सामने जिन कदमों ने करोड़ों लोगों का मनोरंजन किया, वही कदम आज भी स्टूडियो के बाहर काम का इंतजार करते हैं. जिन हाथों ने बॉलीवुड के सबसे बड़े गानों को यादगार बनाया, वही हाथ महीने के आखिर में घर का बजट जोड़ते

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Reels का रोमांस, Books का वनवास! सोशल मीडिया एडिक्शन स्टूडेंट्स का नया विलेन, कैसे पाएं छुटकारा

How to Stop Social Media Addiction: सुबह उठते ही मोबाइल, क्लास के बीच में मोबाइल और रात को सोने से पहले भी मोबाइल. सोशल मीडिया अब सिर्फ टाइमपास का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि लाखों छात्रों की पढ़ाई का सबसे बड़ा दुश्मन बनता जा रहा है. रील्स और शॉर्ट वीडियो की दुनिया में इतना समय निकल जाता है कि किताबें खुलने से पहले ही दिन खत्म हो जाता है. आइए सोशल मीडिया का लत कैया है और इससे झुटकारा कैसे पाना है इसको लेकर कुछ जरूरी टिप्स देखते हैं. कई सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स इसके लिए पोस्ट शेयर कर चुके हैं. Social Media Addiction पर आंकड़े क्या कह रहे हैं? आंकड़ा स्रोत देश में करीब 40 करोड़ शिशु इंटरनेट का उपयोग करते हैं NHRC और आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 76% स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले शिशु सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 18-24 वर्ष के युवा रोजाना 120 मिनट से अधिक सोशल मीडिया पर बिताते हैं VTION-IAMAI रिपोर्ट 2025-26 हिंदुस्तान में औसत स्क्रीन टाइम करीब 98 मिनट प्रतिदिन है VTION-IAMAI रिपोर्ट 2025-26 हिंदुस्तान प्रशासन के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में पहली बार बच्चों की डिजिटल लत पर एक अलग से हिस्सा जोड़ा गया. सर्वे में साफ कहा गया कि मोबाइल, सोशल मीडिया और स्क्रीन पर बढ़ता समय बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और आगे चलकर काम करने की क्षमता पर बुरा असर डाल रहा है. देश में करीब 40 करोड़ शिशु इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हैं, और इनमें से 76 प्रतिशत स्मार्टफोन यूज करने वाले शिशु किसी न किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हैं. दिमाग पर क्या असर पड़ता है? सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम रील्स और शॉर्ट वीडियो, दिमाग को बार-बार तुरंत मजा देने की आदत डाल देते हैं. इसका सीधा नुकसान होता है पढ़ाई जैसे “धीमे और मेहनत वाले” काम पर फोकस करने की क्षमता पर. लगातार शॉर्ट वीडियो देखने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कमजोर पड़ती है दिमाग को हर कुछ सेकंड में नई उत्तेजना की आदत लग जाती है, जिससे किताब जैसी “स्लो कंटेंट” बोरिंग लगने लगती है. स्टडी सेशन के बीच-बीच में बार-बार फोन चेक करने की आदत बन जाती है, जिससे असल पढ़ाई का समय बहुत कम बचता है. लंबे समय तक इस पैटर्न में रहने से याददाश्त और गहराई से समझने की क्षमता पर भी असर पड़ता है चेन्नई के कॉलेज स्टूडेंट्स पर हुई एक स्टडी में सामने आया कि रील्स भले ही आराम और मनोरंजन का ज़रिया लगते हों, लेकिन इनका ज्यादा इस्तेमाल एकाग्रता, पढ़ाई के समय और आखिरकार नतीजों तीनों पर बुरा असर डालता है. ये भी पढ़ें: जल्दी नौकरी चाहिए? ये 4 स्किल-बेस्ड कोर्स दिला सकते हैं हाई-पेइंग जॉब App का डिजाइन ही है लत की जड़ इंस्टाग्राम जैसे ऐप जानबूझकर इस तरह डिज़ाइन किए गए हैं कि यूजर देर तक स्क्रॉल करता रहे. इसके कुछ उदाहरण देखें. रील्स का इनफिनिट स्क्रॉल – एक वीडियो खत्म होते ही अगली अपने आप शुरू हो जाती है, यूजर को रुकने का कोई नैचुरल पॉइंट ही नहीं मिलता. नोटिफिकेशन और लाइक काउंट – हर लाइक, कमेंट या मैसेज पर आने वाला नोटिफिकेशन दिमाग में डोपामिन रिलीज करता है, जिससे बार-बार फोन चेक करने की आदत बनती है. FOMO वाली स्टोरीज – “24 घंटे में गायब हो जाएगी” जैसी स्टोरीज यूजर को तुरंत देखने के लिए मजबूर करती हैं, भले ही वो पढ़ाई के बीच में क्यों न हो. पर्सनलाइज्ड फीड – एल्गोरिदम हर यूजर की पसंद के हिसाब से कंटेंट दिखाता है, जिससे स्क्रॉल करना छोड़ना और मुश्किल हो जाता है. अंकुर वारिकू के टिप्स View on Instagram अंकुर वारिकू के मुताबिक अगर सोशल मीडिया की लत आपकी पढ़ाई, काम या रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल रही है, तो इससे बाहर निकलने के लिए किसी मुश्किल प्लान की नहीं, बल्कि कुछ आसान आदतों की जरूरत है. उनका मानना है कि डिस्ट्रैक्शन को सिर्फ मोटिवेशन से नहीं हराया जा सकता, बल्कि उसकी जड़ पर हमला करना जरूरी होता है. अगर फोन हर कुछ मिनट में आपका ध्यान भटका देता है, तो सबसे पहले उस आदत को कंट्रोल करने का सिस्टम बनाइए. इसके लिए वे तीन आसान लेकिन असरदार तरीके बताते हैं, जिन्हें अपनाकर सोशल मीडिया पर बेवजह बिताया जाने वाला समय काफी हद तक कम किया जा सकता है. अंकुर वारिकू के 3 आसान टिप्स हर ऐप के लिए समय सीमा तय करें: इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) या अन्य सोशल मीडिया ऐप्स के लिए रोजाना इस्तेमाल की एक तय समय सीमा सेट करें, ताकि जरूरत से ज्यादा समय बर्बाद न हो. टाइम लिमिट खत्म होने पर खुद एक्सटेंड न कर सकें: ऐप की लिमिट पूरी होने के बाद उसे बढ़ाने के लिए पासकोड जरूरी रखें, ताकि आप खुद ही समय सीमा बढ़ाकर नियम न तोड़ सकें. पासकोड किसी अपने के पास रखें: उस पासकोड का फैसला परिवार के सदस्य या किसी भरोसेमंद दोस्त को करने दें. पासकोड आपके पास नहीं होगा, इसलिए आप सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही ऐप का इस्तेमाल कर पाएंगे, बेवजह नहीं. ये भी पढ़ें: जंक फूड से हेल्दी फूड तक का सफर, जानें CBSE की पहल से कितने जागरूक हुए स्टूडेंट्स? The post Reels का रोमांस, Books का वनवास! सोशल मीडिया एडिक्शन स्टूडेंट्स का नया विलेन, कैसे पाएं छुटकारा appeared first on Naya Vichar.

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मौसम : बंगाल-बिहार में बारिश का अलर्ट, जानें और किन राज्यों में जमकर बरसेंगे बादल

Weather Forecast : मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 से 12 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 9 अगस्त और फिर 10 से 12 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश के आसार हैं. वहीं, छत्तीसगढ़ में 7 अगस्त और फिर 11 से 12 अगस्त के दौरान कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. झारखंड में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, 7 अगस्त को झारखंड में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं 8 अगस्त को राज्य के दक्षिणी और उससे सटे मध्य भागों में गरज-चमक के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. बिहार का मौसम मौसम विभाग का पूरा प्रेस रिलीज पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना विभाग के अनुसार, 7 से 10 अगस्त के दौरान राजस्थान के भरतपुर, कोटा, अजमेर, जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. वहीं, 7 से 9 अगस्त के बीच भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. ये भी पढ़ें: दिल्ली में झमाझम बारिश, आरेंज अलर्ट जारी, जानें अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान आईएमडी के अनुसार, दक्षिण बंगाल के पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर तथा बांकुड़ा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है. वहीं कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, झाड़ग्राम, पुरुलिया और पश्चिम बर्धमान जिलों में 7 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में भी 7 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. ये भी पढ़ें: 6 से 11 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पूर्वी-पूर्वोत्तर और दक्षिण हिंदुस्तान में बिगड़ेगा मौसम दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा ? विभाग के अनुसार, 7 अगस्त को दिल्ली में आसमान आमतौर पर बादलों से ढका रहेगा. दिन के दौरान एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कई इलाकों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की भी संभावना है. इस दिन मध्यम से भारी बारिश होने के भी आसार हैं. वहीं 8 अगस्त को भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा. The post मौसम : बंगाल-बिहार में बारिश का अलर्ट, जानें और किन राज्यों में जमकर बरसेंगे बादल appeared first on Naya Vichar.

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Credit Card से भी भर सकते हैं Income Tax, जानिए कितना लगेगा चार्ज और कैसे करें पेमेंट

अगर आपने अभी तक अपना इंकम टैक्स जमा नहीं किया है, तो क्रेडिट कार्ड  भी एक ऑप्शन हो सकता है. इंकम टैक्स डिपार्टमेंट अपने आधिकारिक e-Filing पोर्टल पर e-Pay टैक्स सुविधा के जरिए क्रेडिट कार्ड से टैक्स जमा करने की अनुमति देता है. इससे टैक्स का भुगतान आसानी से किया जा सकता है, लेकिन पेमेंट से पहले एक बात जानना जरूरी है. क्रेडिट कार्ड से टैक्स भरने पर पेमेंट गेटवे सुविधा शुल्क (Convenience Fee) लेता है, जिस पर 18% GST भी अलग से देना पड़ता है. क्रेडिट कार्ड से इंकम टैक्स कैसे भरें? अगर आप क्रेडिट कार्ड से टैक्स जमा करना चाहते हैं, तो ये आसान स्टेप्स फॉलो करें. इन्कम टैक्स e-Filing Portal पर जाएं. PAN, Password और OTP की मदद से लॉग इन करें. e-File सेक्शन में जाकर e-Pay Tax चुनें. New Payment पर क्लिक करें. जिस तरह का टैक्स जमा करना है, उसे चुनें. जैसे एडवांस टैक्स, सेल्फ-असेसमेंट टैक्स, TDS या अन्य टैक्स. जरूरी जानकारी भरें. Payment Mode में Credit Card चुनें. अपने कार्ड की डिटेल दर्ज करें और अधिकृत Payment Gateway के जरिए पेमेंट पूरा करें. पेमेंट सफल होने के बाद आपको Challan Identification Number (CIN) मिलेगा. भविष्य के रिकॉर्ड के लिए Payment Receipt डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें. किस बैंक पर कितना चार्ज लगेगा? क्रेडिट कार्ड से इंकम टैक्स भरने पर अलग-अलग पेमेंट गेटवे अलग सुविधा शुल्क लेते हैं. Payment Gateway सुविधा शुल्क* HDFC Bank HDFC क्रेडिट कार्ड पर करीब 0.72%, अन्य बैंक के क्रेडिट कार्ड पर करीब 0.80% Federal Bank करीब 0.85% ICICI Bank Retail क्रेडिट कार्ड पर करीब 0.85% Canara Bank करीब 0.90% Bank of Maharashtra करीब 1% Bandhan Bank करीब 1% *इन शुल्कों पर 18% GST अलग से लागू होगा. क्या क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स भी मिल सकते हैं? कुछ क्रेडिट कार्ड कंपनियां प्रशासनी भुगतान पर रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक या दूसरे बेनिफिट्स देती हैं. कार्ड और उसकी शर्तों के आधार पर कुछ मामलों में 2% से 3% तक के बराबर रिवॉर्ड्स भी मिल सकते हैं. हालांकि, हर क्रेडिट कार्ड प्रशासनी ट्रांजैक्शन पर रिवॉर्ड नहीं देता. इसलिए टैक्स भुगतान करने से पहले अपने कार्ड की टर्न्स एंड कंडीशंस जरूर देख लें. क्या क्रेडिट कार्ड से इंकम टैक्स भरना सुरक्षित है? हां. अगर आप इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट के आधिकारिक e-Filing Portal के जरिए टैक्स जमा करते हैं, तो यह सुरक्षित माना जाता है क्योंकि पेमेंट अधिकृत पेमेंट गेटवे के माध्यम से प्रोसेस होती है. ध्यान रखें कि टैक्स का भुगतान केवल आधिकारिक पोर्टल से ही करें. किसी अनजान लिंक या थर्ड-पार्टी वेबसाइट के जरिए पेमेंट करने से बचें. पेमेंट पूरा होने के बाद चालान और पेमेंट रिसीप्ट जरूर डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रखें. जरूरत पड़ने पर यही रिकॉर्ड आपके काम आएगा. ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अहम मौका, 31 अगस्त और 1 सितंबर को जयपुर में होगी बैठक The post Credit Card से भी भर सकते हैं Income Tax, जानिए कितना लगेगा चार्ज और कैसे करें पेमेंट appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2027: क्या हार्दिक पांड्या KKR के नए कप्तान बनेंगे? जानें पूरी सच्चाई

Hardik Pandya KKR: IPL 2027 से पहले हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनके भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. पहले उनके चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से जुड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब चर्चा का केंद्र कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) बन गई है. इतना ही नहीं, कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि हार्दिक सिर्फ KKR का हिस्सा ही नहीं बनेंगे, बल्कि टीम की कप्तानी भी संभाल सकते हैं. हालांकि, इन सभी दावों के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी तक हार्दिक पांड्या के ट्रेड या KKR से जुड़ने को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. फिलहाल यह केवल अटकलों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चर्चाओं तक ही सीमित है. मुंबई इंडियंस में कप्तानी का दौर रहा चुनौतीपूर्ण हार्दिक पांड्या ने IPL 2024 से मुंबई इंडियंस की कप्तानी संभाली थी. फ्रेंचाइजी ने पांच बार टीम को चैंपियन बनाने वाले रोहित शर्मा की जगह उन्हें कप्तान नियुक्त किया था. इस फैसले के बाद काफी विवाद भी हुआ और हार्दिक को पूरे सीजन में फैंस की नाराजगी का सामना करना पड़ा. मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन भी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा. इसके बाद लगातार हार्दिक के भविष्य और फ्रेंचाइजी में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे. अब IPL 2026 के समाप्त होने के बाद एक बार फिर उनके ट्रेड की चर्चाएं तेज हो गई हैं. गुजरात से मुंबई तक ट्रेड के जरिए हुई थी वापसी हार्दिक पांड्या ने 2022 और 2023 में गुजरात टाइटंस की कप्तानी की थी. उनकी कप्तानी में गुजरात ने 2022 में खिताब जीता, जबकि 2023 में टीम फाइनल तक पहुंची थी. इसके बाद मुंबई इंडियंस ने उन्हें ट्रेड के जरिए अपनी टीम में वापस शामिल किया और कप्तानी की जिम्मेदारी भी सौंप दी. अब सोशल मीडिया पर ऐसी ही चर्चाएं हैं कि वह एक बार फिर ट्रेड के जरिए नई फ्रेंचाइजी का हिस्सा बन सकते हैं. KKR को नए कप्तान की तलाश कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए पिछले दो सीजन (2025 और 2026) में अजिंक्य रहाणे कप्तानी करते नजर आए थे. हाल ही में रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान किया. इसके बाद माना जा रहा है कि KKR को नए कप्तान की तलाश है. इसी बीच हार्दिक पांड्या का नाम सामने आने से चर्चाओं को और हवा मिल गई है. हालांकि, फ्रेंचाइजी की ओर से अभी तक किसी संभावित कप्तान या ट्रेड को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. इसे भी पढ़े- 600वां टेस्ट मैच स्पोर्ट्सेगा हिंदुस्तान, इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के खास क्लब में होगी एंट्री सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं कई अटकलें हार्दिक पांड्या के KKR से जुड़ने की समाचारें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. कई फैन पेज और अनौपचारिक अकाउंट्स अलग-अलग दावे कर रहे हैं, लेकिन इनमें से किसी भी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में फिलहाल इन समाचारों को केवल अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए. हार्दिक पांड्या का IPL करियर हार्दिक पांड्या IPL के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं. उन्होंने अब तक 162 मुकाबले स्पोर्ट्से हैं. 150 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 27.87 की औसत और 146.28 के स्ट्राइक रेट से 2955 रन बनाए हैं. उनके नाम 10 अर्धशतक दर्ज हैं, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 91 रन रहा है. गेंदबाजी में भी हार्दिक ने टीमों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने 116 पारियों में 33.54 की औसत से 82 विकेट हासिल किए हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5 विकेट पर 36 रन रहा है, जबकि उनकी इकॉनमी 9.35 की रही है. आधिकारिक पुष्टि का इंतजार फिलहाल हार्दिक पांड्या के KKR से जुड़ने या टीम की कप्तानी संभालने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. IPL 2027 की ट्रेड विंडो और फ्रेंचाइजी की आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी. तब तक सोशल मीडिया पर चल रही इन चर्चाओं को पुष्टि की गई समाचार नहीं माना जाना चाहिए. इसे भी पढ़े- Photo: श्रीलंका टेस्ट से पहले टीम इंडिया ने नेट्स में की कड़ी मेहनत, देखें तस्वीरें The post IPL 2027: क्या हार्दिक पांड्या KKR के नए कप्तान बनेंगे? जानें पूरी सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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165 km तक की रेंज, रिमूवेबल बैटरी और AI फीचर्स… E3 Trion इलेक्ट्रिक स्कूटर सीरीज हुई लॉन्च, जानें कीमत

बेंगलुरु की EV स्टार्टअप E3 Electric ने हिंदुस्तान में अपनी Trion इलेक्ट्रिक स्कूटर सीरीज लॉन्च कर दी है. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 99,999 रुपये रखी गई है. इस लाइनअप में C1, C1x और C2 नाम के तीन मॉडल शामिल हैं. ये अलग-अलग बैटरी, मोटर और ड्राइविंग रेंज के साथ आए हैं. फिलहाल इन स्कूटर्स की बुकिंग बेंगलुरु में कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए शुरू हो गई है. कंपनी का कहना है कि आने वाले महीनों में देश के दूसरे शहरों में भी इनकी बिक्री शुरू की जाएगी. कीमत और वेरिएंट वेरिएंट एक्स-शोरूम कीमत C1 ₹99,999 C1x ₹1,09,999 C2 ₹1,19,999 बैटरी, रेंज और स्पीड वेरिएंट बैटरी IDC रेंज टॉप स्पीड C1 2.3kWh रिमूवेबल बैटरी 108 km 67 kmph C1x 3kWh फिक्स्ड बैटरी 165 km 67 kmph C2 3kWh फिक्स्ड बैटरी 128 km 82 kmph चार्जिंग टाइम चार्जिंग की बात करें तो C1 की बैटरी 0 से 80% तक सिर्फ करीब 2.5 घंटे में चार्ज हो जाती है. वहीं, C1x और C2 मॉडल को इतनी ही चार्जिंग के लिए लगभग 3.5 घंटे का समय लगता है. खास बात यह है कि C1 में मिलने वाली रिमूवेबल बैटरी अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए काफी काम की है. इसे निकालकर घर के अंदर भी आसानी से चार्ज किया जा सकता है. फीचर्स E3 Trion C1 5 इंच की LCD डिस्प्ले टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन (रास्ता दिखाने की सुविधा) AI से लैस कनेक्टेड फीचर्स इको और पावर राइडिंग मोड 52 लीटर का कुल स्टोरेज (अंडर-सीट, ग्लव बॉक्स और फुटबोर्ड स्पेस सहित) E3 Trion C1x और C2 5 इंच की LCD डिस्प्ले टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन स्मार्ट ट्रिप प्लानर AI हेल्थस्कैन E3 फोरसाइट प्रेडिक्टिव रिपोर्ट्स लाइव व्हीकल डेटा रिमोट बैटरी मॉनिटरिंग डैशकैम सपोर्ट SOS इमरजेंसी जियो-फेंसिंग प्रेडिक्टिव सर्विस अलर्ट्स AI चार्जिंग इनसाइट्स एडैप्टिव लर्निंग 52 लीटर का कुल स्टोरेज (अंडर-सीट, ग्लव बॉक्स और फुटबोर्ड स्पेस सहित) बैटरी वारंटी और किन स्कूटर्स से होगा मुकाबला? कंपनी E3 Electric अपने सभी वेरिएंट्स के साथ बैटरी पर 8 साल या 1 लाख किलोमीटर तक की वारंटी दे रही है. वहीं, E3 Trion ऐसे सेगमेंट में उतरा है, जहां इसका सीधा मुकाबला Ather Rizta, TVS iQube, Bajaj Chetak, Ola S1 X और Vida VX2 जैसे पॉपुलर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा. ये भी पढ़ें: 125 km की रेंज, 22 लीटर का स्टोरेज स्पेस… डेली यूज के लिए परफेक्ट है ये फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर The post 165 km तक की रेंज, रिमूवेबल बैटरी और AI फीचर्स… E3 Trion इलेक्ट्रिक स्कूटर सीरीज हुई लॉन्च, जानें कीमत appeared first on Naya Vichar.

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