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Author name: Vinod Jha

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Jamui Encounter News: जमुई में छात्रा से बदसलूकी करने वाले का एनकाउंटर, पुलिस ने नंदन यादव को मारी गोली

Jamui Encounter News: मंगलवार को जमुई जिले में मुठभेड़ हुई. पुलिस ने नंदन यादव के पैर में गोली मारी. जिले में छात्रा से बदसलूकी मामले में आरोपी को पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची थी. लेकिन इस दौरान पुलिस पर फायरिंग कर दी गई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई. गोली नंदन यादव के पैर में लगी. 19 सितंबर को हुई थी घटना जमुई के मड़वा पहाड़ी इलाके में 19 सितंबर की शाम 10वीं की छात्रा और उसके साथी को कुछ युवकों ने घेर लिया. दोनों कोचिंग से लौट रहे थे. आरोप है कि छात्र के साथ मारपीट की गई. छात्रा को घसीटा गया और उसके साथ अश्लील हरकत की गई. पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया. 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल 21 सितंबर को घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की. पीड़ितों का बयान लिया गया. इसके बाद केस दर्ज किया गया. मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा. तीनों नाबालिग बताए गए हैं. एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई है. पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ADG ने स्पीडी ट्रायल की कही थी बात मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम ने स्पीडी ट्रायल की बात कही है. अश्लील वीडियो प्रसारित करने वाले 120 से ज्यादा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. इतना ही नहीं, मामले की जांच के लिए SIT का गठन भी किया गया, जिसकी निगरानी जमुई SDPO के नेतृत्व में की जा रही थी. 22 सितंबर को आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर मामले में लगातार जांच-पड़ताल और कार्रवाई जारी थी. इस बीच मंगलवार को आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर किया गया. बताया जा रहा है कि नंदन यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पहुंची थी. लेकिन आरोपी की ओर से पुलिस पर फायरिंग कर दी गई. इसके बाद आरोपी ने भागने का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई. इस दौरान आरोपी के पैर में गोली मारी गई. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. जानकारी के मुताबिक, वीडियो वायरल करने वाले रामाशीष चौधरी को भी गिरफ्तार किया गया है. Also Read: संजय मिश्रा समेत बिहार की 4 हस्तियों को आज मिलेगा नेशनल फिल्म अवॉर्ड, गुजरात में राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित The post Jamui Encounter News: जमुई में छात्रा से बदसलूकी करने वाले का एनकाउंटर, पुलिस ने नंदन यादव को मारी गोली appeared first on Naya Vichar.

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India vs Japan LIVE Score: जापान का दूसरा विकेट गिरा, वाशिंगटन सुंदर ने इब्राहिम को भेजा पवेलियन

IND vs JPN T20 मैच बारिश के कारण 5-5 ओवर का होगा. दोनों टीमों की प्लेइंग-11 जारी हो गई है. जानिए कौन स्पोर्ट्स रहा है. The post India vs Japan LIVE Score: जापान का दूसरा विकेट गिरा, वाशिंगटन सुंदर ने इब्राहिम को भेजा पवेलियन appeared first on Naya Vichar.

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मिड-डे-मिल के लिए झारखंड को मिले 302.13 करोड़ रुपये, जानें किन जिलों को मिला सबसे ज्यादा आवंटन

Mid-Day-MEAL. वित्तीय वर्ष 2026-27 में पीएम पोषण योजना के संचालन के लिए झारखंड को 302.13 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इसमें केंद्रांश के रूप में 181.27 करोड़ रुपये और राज्यांश के रूप में 120.85 करोड़ रुपये शामिल हैं. इस संबंध में झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने सभी जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश जारी किया है. आवंटित राशि का उपयोग वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हिंदुस्तान प्रशासन द्वारा अनुमोदित कार्य योजना के अनुरूप किया जायेगा. राशि मुख्य रूप से मटेरियल कॉस्ट और रसोइया-सह-सहायिका के मानदेय मद में खर्च होगी. जिलावार आवंटित राशि का ब्योरा जिलावार आवंटन में पलामू को केंद्रांश के रूप में करीब 14.93 करोड़ रुपये मिले हैं, जो सर्वाधिक है. गिरिडीह को करीब 15.62 करोड़ रुपये केंद्रांश का आवंटन बताया गया है. रांची को 9.85 करोड़ केंद्रांश और 6.56 करोड़ राज्यांश, यानी कुल करीब 16.42 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. अन्य जिलों में गढ़वा को करीब 9.27 करोड़ रुपये केंद्रांश, गुमला को 6.86 करोड़, पूर्वी सिंहभूम को 7.13 करोड़, सरायकेला को 8.49 करोड़, खूंटी को 3.22 करोड़, लोहरदगा को 2.79 करोड़ और सिमडेगा को 3.98 करोड़ रुपये केंद्रांश मिला है. ये भी पढ़ें: CCL में पियुन के 24 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आंतरिक अधिसूचना जारी, 5 अक्टूबर तक आवेदन का मौका बालवाटिका और प्राथमिक कक्षाओं के लिए दिनों की तय सीमा बालवाटिका के लिए 112 दिन तथा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए 107 दिन के लिए राशि जारी किया जायेगा. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विद्यालयों से प्राप्त विपत्रों की जांच के बाद पोर्टल पर विपत्र तैयार करेंगे. विद्यालयों को अवशेष राशि का भुगतान पूर्व राशि के सामंजन के बाद ही किया जायेगा. रसोइया-सह-सहायिकाओं के मानदेय का भुगतान रसोइया-सह-सहायिकाओं के मानदेय के लिए जिलों को अलग-अलग अवधि की राशि आवंटित की गयी है. आठ जिलों को अप्रैल 2026 के एक माह की राशि दी गयी है. 14 जिलों को मई से सितंबर 2026 तक पांच माह तथा 10 जिलों को मई से अगस्त 2026 तक चार माह की राशि का आवंटन किया गया है. ये भी पढ़ें: पारा शिक्षकों की तीसरी आकलन परीक्षा का रास्ता साफ, 25 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन; पास होते ही मानदेय में 10% बढ़ोतरी The post मिड-डे-मिल के लिए झारखंड को मिले 302.13 करोड़ रुपये, जानें किन जिलों को मिला सबसे ज्यादा आवंटन appeared first on Naya Vichar.

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तेलंगाना: सरकारी अस्पताल के AC यूनिट में विस्फोट, दो नवजात शिशुओं की मौत; 2 की हालत गंभीर

तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में राजीव गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCCU) में सोमवार देर रात आग लगने से दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई. हादसे में दो अन्य बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. पीटीआई के अनुसार, SNCCU में आग एयर कंडीशनिंग यूनिट में विस्फोट के बाद लगी. घटना के समय यूनिट में 27 नवजात शिशुओं का इलाज चल रहा था. 25 नवजात शिशुओं को किया गया शिफ्ट हादसे के बाद बाकी 25 नवजात शिशुओं को अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर है. डॉक्टर सभी नवजातों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे हैं. AC में खराबी के कारण विस्फोट की आशंका पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि किसी तकनीकी खराबी के कारण एयर कंडीशनर में विस्फोट होने की आशंका है. हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह और हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी. मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने RIMS में हुई घटना पर दुख जताया है. उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल में भर्ती नवजातों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने घटना की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं. The post तेलंगाना: प्रशासनी अस्पताल के AC यूनिट में विस्फोट, दो नवजात शिशुओं की मौत; 2 की हालत गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव का ऐलान, 16 अक्टूबर को वोटिंग, ऐसे समझें BJP-सपा के बीच सीटों का गणित

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा की 10 सीटों का चुनाव सियासी तौर पर बेहद अहम पड़ाव बन गया है. हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर 2026 दिन मंगलवार को यूपी की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में खाली हुई एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी होगा. तीनों राज्यों में मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी. यूपी की 10 सीटों पर होने वाला चुनाव खास इसलिए है, क्योंकि इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा हो रहा है. विधानसभा में मौजूदा दलगत संख्या के आधार पर इस चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगियों की स्थिति मजबूत दिखाई देती है, जबकि सपा के लिए अपने मौजूदा प्रभाव को सीटों में बदलना अहम चुनौती होगी. 29 सितंबर को जारी होगी अधिसूचना, 6 अक्टूबर तक नामांकन निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 29 सितंबर 2026 को जारी होगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है. 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा. चुनाव की पूरी प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी. राज्यसभा सदस्यों का चुनाव विधानसभा के निर्वाचित सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली से करते हैं. इन 10 सदस्यों का खत्म हो रहा कार्यकाल यूपी में जिन 10 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, बृजलाल, बीएल वर्मा, राम गोपाल यादव, नीरज शेखर, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, रामजी लाल सुमन, सीमा द्विवेदी और डॉ. दिनेश शर्मा शामिल हैं. चुनाव में पुराने चेहरों की जगह कौन लौटेगा और किन नए चेहरों को मौका मिलेगा, यह फैसला नामांकन और दलों की रणनीति के बाद साफ होगा. आयोग ने मतदान के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल निर्वाचन अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराए गए निर्धारित बैंगनी रंग के स्केच पेन का इस्तेमाल किया जाएगा. यूपी में BJP के पास 6 सीटों का गणित उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा दलगत स्थिति चुनाव के गणित को समझने के लिए महत्वपूर्ण है. विधानसभा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भाजपा के 256 विधायक हैं. उसके सहयोगियों अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोकदल के 9, सुहेलदेव हिंदुस्तानीय समाज पार्टी के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं. इन दलों को साथ रखकर एनडीए खेमे की संख्या 289 होती है. वहीं समाजवादी पार्टी के 101 विधायक हैं. विधानसभा में फिलहाल छह सीटें रिक्त हैं और कुल 397 सदस्य दर्ज हैं. BJP, सपा और BSP के लिए क्या है राज्यसभा चुनाव का गणित? यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 397 निर्वाचित विधायकों के वोट पड़ने की स्थिति में एक उम्मीदवार को चुनावी कोटा पूरा करने के लिए 37 वोट की जरूरत पड़ेगी. मौजूदा संख्या के आधार पर भाजपा के 256 विधायक छह कोटा पार करते हैं और उसके बाद 34 वोट बचते हैं. भाजपा के सहयोगियों को जोड़ने पर एनडीए के पास 289 विधायक होते हैं, यानी सात कोटा पूरे करने के लिए पर्याप्त संख्या बनती है और 30 वोट शेष रहते हैं. सपा के 101 विधायक दो कोटा पूरा करते हैं, जबकि उसके पास 27 वोट बचते हैं. BSP के पास एक भी विधायक नहीं राज्यसभा चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली से होता है, इसलिए अंतिम सीटों का निर्धारण उम्मीदवारों की संख्या, प्रथम वरीयता के वोट, दूसरी वरीयता के वोट और दलों के बीच समर्थन के आधार पर होगा. बहुजन समाज पार्टी के पास वर्तमान विधानसभा में कोई विधायक नहीं है, इसलिए वह अपने दम पर राज्यसभा सीट के लिए आवश्यक कोटा नहीं बना सकती. ऐसे में BSP की भूमिका उसके पास उपलब्ध नेतृत्वक समर्थन और किसी उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग के फैसले पर निर्भर करेगी. उत्तराखंड की एक सीट पर भी होगा चुनाव उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव होगा, इस सीट पर मौजूदा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा हो रहा है. नरेश बंसल नवंबर 2020 से उत्तराखंड का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. यहां भी मतदान 16 अक्टूबर को ही होगा और मतगणना शाम 5 बजे शुरू होगी. पश्चिम बंगाल में खाली सीट पर उपचुनाव पश्चिम बंगाल में मामला यूपी और उत्तराखंड से अलग है. यहां किसी सीट का नियमित द्विवार्षिक चुनाव नहीं, बल्कि एक आकस्मिक रिक्ति पर उपचुनाव कराया जा रहा है. निर्वाचन आयोग के अनुसार यह सीट रुक्मिणी मल्लिक के 16 जुलाई 2026 को इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है. आयोग ने इस सीट पर भी मतदान की तारीख 16 अक्टूबर 2026 तय की है. नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया यूपी और उत्तराखंड की तरह ही होगी और मतगणना भी 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे से शुरू होगी. यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश की बड़ी छोटी समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें The post यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव का ऐलान, 16 अक्टूबर को वोटिंग, ऐसे समझें BJP-सपा के बीच सीटों का गणित appeared first on Naya Vichar.

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Rajya Sabha Election 2026: पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव का ऐलान, 16 अक्टूबर को होगा मतदान

Rajya Sabha Election 2026: कोलकाता. हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से राज्यसभा की खाली होने वाली सीटों के लिए होने वाले चुनाव तथा पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है. आयोग के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 राज्यसभा सीट के सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है. वहीं पश्चिम बंगाल में एक सीट इस्तीफे के कारण रिक्त हुई है. पश्चिम बंगाल में एक सीट पर उपचुनाव पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की एक सीट रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई है. उन्होंने 16 जुलाई 2026 को इस्तीफा दिया था. उनकी सीट का कार्यकाल 2 अप्रैल 2032 तक था. आयोग ने इस सीट पर भी 16 अक्टूबर को उपचुनाव कराने का फैसला किया है. 29 सितंबर को जारी होगा चुनाव की अधिसूचना आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर 2026 को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर होगी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को की जाएगी. उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे. तीनों राज्यों में संबंधित सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा. मतदान का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है. इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी. पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी. बैलेट पेपर को लेकर भी निर्देश निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि इन चुनावों में मतपत्र पर वरीयता दर्ज करने के लिए केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराया गया निर्धारित बैंगनी रंग का स्केच पेन इस्तेमाल किया जाएगा. किसी अन्य पेन से वरीयता अंकित नहीं की जा सकेगी. चुनाव प्रक्रिया की करीबी निगरानी के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल विधानसभा में जीत का गणित पश्चिम बंगाल विधानसभा में मौजूदा संख्या समीकरण के अनुसार, बीजेपी के उम्मीदवारों के जीत हासिल करने की संभावना है1 विधानसभा में बीजेपी के पास फिलहाल 208 विधायक हैं. भाजपा के उम्मीदवार को हराने के लिए विपक्षी उम्मीदवार को कम से कम 70 वोटों की आवश्यकता होगी. हालांकि आधिकारिक तौर पर तृणमूल के पास 80 विधायक हैं, लेकिन उनमें से 60 निष्कासित विधायक रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले ‘बागी लेकिन बहुमत’ गुट के हैं, जबकि शेष 20 ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का समर्थन करते हैं. Also Read: शुभेंदु अधिकारी ने ठुकराई विश्व हिंदू परिषद की मांग, बोले- दुर्गा पूजा में मांसाहार पर रोक नहीं The post Rajya Sabha Election 2026: पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव का ऐलान, 16 अक्टूबर को होगा मतदान appeared first on Naya Vichar.

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Bihar MLC Election: बिहार MLC चुनाव की तारीखों का ऐलान, 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूल

पटना से सविता की रिपोर्ट Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों पर चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है. हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी. इन सीटों पर डाले जायेंगे वोट इन चुनावों में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की चार सीटें शामिल हैं. जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की चार सीटों पर भी मतदान कराया जाएगा. मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इन सीटों पर नए प्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई है. नामांकन से नतीजे तक हर तारीख चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी. इसके बाद उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे. नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि 9 अक्टूबर नाम वापसी की अंतिम तारीख तय की गई है. 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा. इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी. आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें आदर्श आचार संहिता लागू चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. अब चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों और नेतृत्वक दलों की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है. किसका-किसका कार्यकाल होगा खत्म? जानकारी के मुताबिक, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार, तिरहुत स्नातक से वंशीधर व्रजवासी और कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव, दरभंगा से डॉ. मदन मोहन झा, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आफाक अहमद, पटना से नवल किशोर यादव और तिरहुत से संजय कुमार का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो जाएगा. Also Read: EOU Raid: पटना समेत जेनरल मैनेजर के 4 ठिकानों पर EOU की रेड, 3.12 करोड़ आय से अधिक संपत्ति का आरोप, दस्तावेज खंगाल रही टीम The post Bihar MLC Election: बिहार MLC चुनाव की तारीखों का ऐलान, 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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iPhone 18 Pro दिखा तो पूछा- नया वाला है, ‘हां’ सुनते ही झपटा फोन, ग्रेटर नोएडा में बदमाशों ने ऐसे रचा खेल कि रह जाएंगे हैरान

UP Crime: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र में बाइक सवार दो बदमाशों ने ई-रिक्शा में बैठी युवती से नया iPhone 18 Pro झपट लिया. घटना मूर्ति गोलचक्कर के पास हुई, जब सेंचुरियन पार्क सोसाइटी निवासी शुभी भंडारी सुबह ऑफिस जाने के लिए निकली थीं. ई-रिक्शा का ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए उन्होंने जैसे ही मोबाइल फोन निकाला, बाइक सवार बदमाशों की नजर उस पर पड़ गई. बदमाशों ने बातचीत से शुरू किया स्पोर्ट्स पीड़िता के मुताबिक, हेलमेट पहने दो युवक बाइक से उनके पास पहुंचे और पहले एक पते के बारे में पूछा. बातचीत के दौरान उनकी नजर युवती के हाथ में मौजूद मोबाइल पर टिक गई. इसके बाद बदमाशों ने फोन को लेकर सवाल किया और उसकी पहचान जानने की कोशिश की. युवती को उस समय अंदाजा नहीं था कि सामान्य बातचीत के पीछे बदमाशों की मंशा क्या थी. ‘हां’ कहते ही मारा झपट्टा बदमाशों ने युवती से पूछा कि क्या यह नया iPhone है. शुभी के ‘हां’ कहते ही आरोपियों ने मौका देखकर उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया. अचानक हुई इस वारदात से युवती कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही दोनों बाइक सवार वहां से तेजी से फरार हो गए. इस तरह कुछ ही सेकंड में बदमाश नया फोन लेकर गायब हो गए. तीन दिन पहले ही खरीदा था iPhone पीड़िता के पति साकेत गुप्ता ने बताया कि iPhone 18 Pro तीन दिन पहले ही खरीदा गया था. वारदात के वक्त शुभी ई-रिक्शा में बैठी थीं और फोन का इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट के लिए कर रही थीं. इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया. घटना के बाद परिवार ने मामले की जानकारी पुलिस को दी. CCTV फुटेज से बदमाशों की तलाश शिकायत मिलने के बाद बिसरख पुलिस ने मामले में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की है. थाना प्रभारी रणजीत सिंह के अनुसार, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर बाइक सवार दोनों आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच जारी है. सवाल पूछकर फोन की पुष्टि, फिर वारदात इस घटना में बदमाशों के तरीके ने खास ध्यान खींचा है. आरोपियों ने सीधे मोबाइल छीनने के बजाय पहले बातचीत की, फिर फोन नया होने की पुष्टि की और उसके बाद झपट्टा मार दिया. स्थानीय लोगों ने सुबह के समय पुलिस गश्त को लेकर भी चिंता जताई है. अब पुलिस की जांच इस बात पर टिकी है कि सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की पहचान कब तक हो पाती है. यह भी देखें: त्योहारों से पहले यूपी में महंगाई का बड़ा झटका! प्याज ने बदला रसोई का हिसाब, तेल-दाल भी महंगी, वजह जानकर चौंकेंगे The post iPhone 18 Pro दिखा तो पूछा- नया वाला है, ‘हां’ सुनते ही झपटा फोन, ग्रेटर नोएडा में बदमाशों ने ऐसे रचा स्पोर्ट्स कि रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका में कौन करा रहा भारतीयों की जासूसी? एशियन लोगों के खिलाफ बढ़ती नफरत से खतरे में ट्रम्प की इमिग्रेशन पॉलिटिक्स

अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले इमिग्रेशन को लेकर एक बार फिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नेतृत्व केंद्र में है. लेकिन इस बार बहस सिर्फ अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर या अवैध प्रवास तक सीमित नहीं है. हिंदुस्तानीय और दूसरे दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ ICE की कार्रवाई, इमिग्रेशन स्टेटस को लेकर डर और बढ़ती एंटी-साउथ एशियन नफरत को लेकर चिंता बढ़ रही है. ICE की कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि एशियाई समुदाय भी ट्रम्प प्रशासन के इमिग्रेशन एनफोर्समेंट से तेजी से प्रभावित हो रहे हैं. ICE की कार्रवाई में हिंदुस्तानीयों पर निशाना ICE के आंकड़ों के मुताबिक, 20 जनवरी 2025 से 6 अगस्त 2026 के बीच एशियाई लोगों के खिलाफ 21,078 गिरफ्तारियां, 18,769 हिरासत और 9,590 डिपोर्टेशन हुए. पिछली अवधि के मुकाबले गिरफ्तारियां 436% और डिपोर्टेशन 1,103% बढ़े हैं. इनमें हिंदुस्तानीय और चीनी नागरिकों की संख्या सबसे ज्यादा है. जुलाई 2026 में ही करीब 1,950 एशियाई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में एक महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इससे हिंदुस्तानीय समुदाय में डर बढ़ा है. न्यूयॉर्क के क्वींस में लंबे समय से रेस्तरां चला रहे एक हिंदुस्तानीय कारोबारी के हवाले से दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रम्प समर्थक कुछ श्वेत समूह हिंदुस्तानीय रेस्तरां और कारोबारियों पर नजर रखते हैं और संदिग्ध प्रवासियों की जानकारी ICE तक पहुंचाते हैं. ऐसे में समुदाय की चिंता सिर्फ अवैध प्रवासियों को लेकर नहीं, बल्कि इस बात को लेकर भी है कि ICE की कार्रवाई का असर वैध दस्तावेज वाले हिंदुस्तानीयों, उनके परिवारों और कारोबार पर पड़ रहा है. यानी इमिग्रेशन एनफोर्समेंट का असर सिर्फ बॉर्डर या अवैध प्रवास के सवाल तक सीमित नहीं दिख रहा. हिंदुस्तानीय और दूसरे दक्षिण एशियाई समुदाय के लोगों को यह चिंता सता रही है, कि इमिग्रेशन को लेकर ट्रम्प प्रशासन की बढ़ती सख्ती और नेतृत्वक बयानबाजी का उन पर भविष्य में क्या असर होगा. ये भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात से दुनिया को ₹580 लाख करोड़ का नुकसान! जानिए हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? ऑनलाइन एंटी-साउथ एशियन हेट में 109% वृद्धि Stop AAPI Hate की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2023 से दिसंबर 2025 के बीच ऑनलाइन एंटी-साउथ एशियन स्लर्स के इस्तेमाल में 109% की वृद्धि हुई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगस्त 2024 से दिसंबर 2025 के बीच ऑनलाइन दर्ज एंटी-एशियन हिंसा की धमकियों में 71% दक्षिण एशियाई समुदायों को निशाना बनाया गया. 2025 के एक सर्वे में 48% दक्षिण एशियाई वयस्कों ने बताया कि उन्होंने अपनी नस्ल, जातीयता या राष्ट्रीयता के कारण किसी हेट एक्ट का अनुभव किया. वहीं 55% ने कहा कि उन्होंने खुद या अपने समुदाय के किसी व्यक्ति पर बदलती इमिग्रेशन नीतियों या एंटी-इमिग्रेंट का असर देखा. हालांकि ICE की कार्रवाई और एंटी-साउथ एशियन हेट दो अलग-अलग मुद्दे हैं, लेकिन इसको लेकर चल रही नेतृत्वक बहस का असर पूरे समुदाय की सुरक्षा और सामाजिक स्थिति पर पड़ रहा है? क्या हिंदुस्तानीयों को ‘इमिग्रेंट’ मानकर निशाना बनाया जा रहा? अमेरिका में रहने वाले हिंदुस्तानीयों में बड़ी संख्या अमेरिकी नागरिकों की है. वहीं कई लोग H-1B जैसे वर्क वीजा, ग्रीन कार्ड या दूसरे इमिग्रेशन स्टेटस पर रहते हैं. नतीजा इमिग्रेशन और विदेशी कामगारों को लेकर चल रही नेतृत्वक बहस का असर पूरे हिंदुस्तानीय और दक्षिण एशियाई समुदाय पर पड़ रहा है. ट्रम्प प्रशासन ने H-1B वीजा पर भी सख्ती बढ़ाई है. नए H-1B आवेदनों पर 1 लाख डॉलर की फीस वाली व्यवस्था को सितंबर 2026 में एक साल और बढ़ाया गया. हिंदुस्तान के लोग H-1B वीजा के बड़े लाभार्थियों में हैं. यानी हिंदुस्तानीयों के लिए इमिग्रेशन का मुद्दा सिर्फ डिपोर्टेशन तक सीमित नहीं है. इसका सीधा असर नौकरी, वीजा और अमेरिका में भविष्य पर भी पड़ सकता है. यानी इमिग्रेशन का मुद्दा सिर्फ ICE कार्रवाई या डिपोर्टेशन तक सीमित न होकर इन समुदाय के लोगों की नौकरी, वीजा और अमेरिका में भविष्य से जुड़ा हुआ है. और यही वजह है कि नवंबर के मिडटर्म चुनाव से पहले यह बहस नेतृत्वक रूप से भी महत्वपूर्ण हो रही है. ट्रम्प की इमिग्रेशन पॉलिसी पर बढ़ रहा दबाव मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रम्प की इमिग्रेशन नीति को लेकर नेतृत्वक दबाव बढ़ता दिख रहा है. ICE की बढ़ती कार्रवाई और दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ हेट की रिपोर्टों ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है. 21 सितंबर के Reuters/Ipsos सर्वे में ट्रम्प की कुल अप्रूवल रेटिंग 32% रही. वहीं, सिर्फ 36% लोगों ने उनकी इमिग्रेशन नीति को मंजूरी दी. कांग्रेस चुनाव के लिए 43% लोगों ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों और 35% ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन बताया. सर्वे 1,277 अमेरिकी वयस्कों पर किया गया था. ये आंकड़े चुनाव का नतीजा या भविष्यवाणी नहीं हैं, लेकिन यह जरूर दिखाते हैं कि इमिग्रेशन अब ट्रम्प के लिए सिर्फ नीतिगत मुद्दा नहीं, बल्कि नेतृत्वक दबाव का भी विषय बन गया है. इमिग्रेशन को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी मतभेद हैं. कुछ रिपब्लिकन नेता ट्रम्प की सख्त इमिग्रेशन कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं. फ्लोरिडा की रिपब्लिकन सांसद मारिया एलविरा सालाजार ने ट्रम्प की नीति पर चिंता जताई और कहा कि बहुत ज्यादा सख्ती से उन लैटिनो वोटरों से दूरी बढ़ सकती है, जिन्होंने 2024 में ट्रम्प का समर्थन किया था. यानी इमिग्रेशन सिर्फ डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच बहस नहीं है. रिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी इस नीति को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इन तमाम बहसों के बीच हिंदुस्तानीय और दक्षिण एशियाई समुदाय के लिए सवाल सिर्फ यह नहीं है कि इमिग्रेशन नीति कितनी सख्त है, बल्कि यह भी है कि इन नीतियों और उनसे जुड़ी नेतृत्वक बहस का असर समुदाय पर किस तरह पड़ रहा है. ये भी पढ़ें: MPO से लोगों को डरा रहा पाकिस्तान? इमरान खान की तीनों बहनें हिरासत में, कानून पर क्यों उठ रहे सवाल हिंदुस्तानीय समुदाय के लिए मिडटर्म चुनाव क्यों है अहम? हिंदुस्तानीय-अमेरिकी मतदाता संख्या में अपेक्षाकृत छोटा समूह हैं, लेकिन कई राज्यों और शहरी इलाकों में उनका आर्थिक और नेतृत्वक प्रभाव बढ़ा है. ऐसे में ICE कार्रवाई, H-1B वीजा, नस्लीय भेदभाव और हेट क्राइम जैसे मुद्दे समुदाय की नेतृत्वक प्राथमिकताओं को प्रभावित कर सकते हैं. Stop AAPI Hate के आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण एशियाई समुदाय के खिलाफ हेट और ICE कार्रवाई दोनों

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IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या केस, डीन सूर्यनारायण डूला सस्पेंड

मुंबई स्थित IIT बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या के मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. छात्रों, अभिभावकों और अन्य लोगों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला सस्पेंड कर दिया गया है. कॉलेज के बाहर प्रदर्शन मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों ने IIT बॉम्बे के बाहर अपनी नाराजगी जाहिर की. प्रदर्शन में छात्रों और अभिभावकों समेत अन्य लोग भी शामिल हुए. उन्होंने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की. मामले को लेकर बढ़ा दबाव छात्र की आत्महत्या के बाद संस्थान में प्रशासनिक जवाबदेही और छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मामले में जिम्मेदारी तय करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. ये भी पढ़ें: IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम क्यों आया? जानें कौन हैं The post IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या केस, डीन सूर्यनारायण डूला सस्पेंड appeared first on Naya Vichar.

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