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Author name: Vinod Jha

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GRWM वीडियो बनाएं, हैंडलूम अपनाएं, इंस्टाग्राम रील में पीएम मोदी ने युवाओं से की खास अपील, जानिए इतिहास

National Handloom Day: आजकल सोशल मीडिया पर GRWM (Get Ready With Me) वीडियो काफी ट्रेंड में हैं. लोग ऐसे वीडियो में अपने तैयार होने का पूरा लुक दिखाते हैं. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी ट्रेंड को हिंदुस्तानीय हैंडलूम से जोड़ते हुए युवाओं से खास अपील की है. उन्होंने कहा कि नेशनल हैंडलूम डे पर हैंडलूम के कपड़े पहनकर GRWM वीडियो बनाएं और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करें. इससे हिंदुस्तानीय बुनाई कला को बढ़ावा मिलेगा और बुनकरों का हौसला भी बढ़ेगा. इंस्टाग्राम रील के जरिए दिया संदेश View on Instagram प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक रील शेयर की. इसमें उन्होंने युवाओं से कहा कि वे हैंडलूम के कपड़े पहनकर GRWM वीडियो बनाएं. उनका कहना है कि इससे हिंदुस्तान के हैंडलूम प्रोडक्शंस को देश और दुनिया में नई पहचान मिलेगी और लोग स्थानीय बुनकरों के काम के बारे में भी जानेंगे. यह भी पढ़ें: चांदी की बिछिया में चाहिए नया डिजाइन? देखें लेटेस्ट और खूबसूरत कलेक्शन Handloom Day History: क्या है राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का इतिहास? हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है. यह दिन 7 अगस्त 1905 में शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन की याद में मनाया जाता है. उस समय लोगों ने विदेशी सामान छोड़कर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संकल्प लिया था. इसी वजह से हर साल इस दिन हिंदुस्तानीय हथकरघा और बुनकरों के योगदान को सम्मान दिया जाता है. हैंडलूम पहनने की अपील क्यों? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान के अलग-अलग राज्यों के हैंडलूम कपड़े हमारी संस्कृति की पहचान हैं. अगर ज्यादा लोग इन्हें खरीदेंगे और पहनेंगे, तो बुनकरों को फायदा होगा और उनके काम को नई पहचान मिलेगी. GRWM ट्रेंड से मिलेगा नया मंच आज सोशल मीडिया किसी भी संदेश को तेजी से लोगों तक पहुंचाने का बड़ा माध्यम है. ऐसे में अगर युवा हैंडलूम पहनकर GRWM वीडियो शेयर करते हैं, तो हिंदुस्तानीय पारंपरिक कपड़ों को नई पहचान मिल सकती है. इससे फैशन के साथ-साथ हिंदुस्तानीय विरासत को भी बढ़ावा मिलेगा और लोग स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे. यह भी पढ़ें: सीता बनकर छाईं Sai Pallavi, रियल लाइफ में भी उनकी सादगी देती है फैशन इंस्पिरेशन, देखें खूबसूरत साड़ी कलेक्शन The post GRWM वीडियो बनाएं, हैंडलूम अपनाएं, इंस्टाग्राम रील में पीएम मोदी ने युवाओं से की खास अपील, जानिए इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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Parliament LIVE : लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

Parliament LIVE : संसद के मानसून सत्र के तीसरे सप्ताह का आज (7 अगस्त) आखिरी दिन है. विपक्ष के हंगामे और प्रशासन के जवाबी तेवरों के बीच लोकसभा और राज्यसभा में फिर जोरदार टकराव देखने को मिल रहा है. संसद से जुड़ी हर समाचार, कार्यवाही और पल-पल के अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें. The post Parliament LIVE : लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित appeared first on Naya Vichar.

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X-Ray से Neutron तक, SSC CGL परीक्षा से पहले जरूर पढ़ लें डिस्कवरी से जुड़े ये 20+ सवाल

Physics GK Questions For SSC CGL: SSC CGL परीक्षा टियर 1 अगस्त और सितंबर महीने में आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा में जनरन नॉलेज और जनरल अवेयरनेस से जुड़े सवाल आते हैं. फिजिक्स विषय से 2-4 प्रश्न जोकि 4-8 मार्क्स के होते हैं, आते हैं. ऐसे में इस परीक्षा में बैठने वालों के लिए फिजिक्स की अच्छी समझ रखना बहुत जरूरी है. फिजिक्स और साइंस में डिस्कवरी खास इंपोर्टेंस रखने वाला टॉपिक है. बिजली से लेकर गति (Motion) तक, कब किसका आविष्कार हुआ, ये जानना जरूरी है. ऐसे में आइए SSC CGLके लिए फिजिक्स से जुड़े 20+ सवाल-जवाब जानते हैं. Physics GK Questions For SSC CGL: डिस्कवरी से जुड़े 20+ सवाल-जवाब 1.गति के नियम (Laws of Motion) का प्रतिपादन किसने किया था? उत्तर: आइजैक न्यूटन 2.गति के नियम किस वर्ष प्रतिपादित किए गए थे? उत्तर: 1687 3.वैद्युत स्थैतिक आकर्षण (Electrostatic Attraction) का नियम किस वैज्ञानिक ने दिया? उत्तर: कूलॉम्ब 4.परमाणु (Atom) का सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया था? उत्तर: जॉन डाल्टन 5.जॉन डाल्टन ने परमाणु सिद्धांत किस वर्ष दिया था? उत्तर: 1808 6.धातु पर पहली फोटोग्राफी (Photography on Metal) का श्रेय किसे दिया जाता है? उत्तर: जे. नीप्से 7.विद्युत प्रतिरोध (Law of Electric Resistance) का नियम किस वैज्ञानिक ने दिया? उत्तर: जी. एस. ओम 8.प्लवन (Law of Floatation) का नियम किससे संबंधित है? उत्तर: आर्किमिडीज 9.विद्युतचुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) की खोज किसने की थी? उत्तर: माइकल फैराडे 10.कागज पर फोटोग्राफी (Photography on Paper) का विकास किसने किया? उत्तर: डब्ल्यू. फॉक्स टैलबोट 11.डायनामाइट का आविष्कार किस वैज्ञानिक ने किया? उत्तर: अल्फ्रेड नोबेल 12.आवर्त सारणी (Periodic Table) का निर्माण किसने किया? उत्तर: मेंडेलीव 13.एक्स-रे (X-Rays) की खोज किसने की थी? उत्तर: विल्हेम रॉन्टगन 14.एक्स-रे की खोज किस वर्ष हुई थी? उत्तर: 1895 15.रेडियोधर्मिता (Radioactivity) की खोज किस वैज्ञानिक ने की? उत्तर: हेनरी बेकरेल 16.इलेक्ट्रॉन (Electron) की खोज किसने की थी? उत्तर: जे. जे. थॉमसन 17.रेडियम (Radium) की खोज का श्रेय किसे दिया जाता है? उत्तर: मैडम क्यूरी 18.क्वांटम सिद्धांत (Quantum Theory) किस वैज्ञानिक ने दिया? उत्तर: मैक्स प्लांक 17.वायरलेस टेलीग्राम (Wireless Telegram) का आविष्कार किसने किया? उत्तर: मारकोनी 18.डायोड बल्ब (Diode Bulb) का आविष्कार किसने किया? उत्तर: सर जे. एस. फ्लेमिंग 19.प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect) की व्याख्या किस वैज्ञानिक ने की? उत्तर: अल्बर्ट आइंस्टीन 20.सापेक्षता का सिद्धांत (Theory of Relativity) किसने दिया था? उत्तर: अल्बर्ट आइंस्टीन ये भी पढ़ें: NCERT Based GK Questions: इतिहास से जुड़े GK के 20+ सवाल-जवाब, UPSC तैयारी के लिए पूरा गाइड 21.ट्रायोड बल्ब (Triode Bulb) का आविष्कार किसने किया? उत्तर: ली डी फॉरेस्ट 22.परमाणु संरचना (Atomic Structure) का मॉडल किसने प्रस्तुत किया? उत्तर: नील्स बोहर एवं रदरफोर्ड 23.प्रोटॉन (Proton) की खोज किस वैज्ञानिक ने की थी? उत्तर: रदरफोर्ड 24.रमन प्रभाव (Raman Effect) की खोज किस हिंदुस्तानीय वैज्ञानिक ने की? उत्तर: सी. वी. रमन 25.न्यूट्रॉन (Neutron) की खोज किसने की थी? उत्तर: जेम्स चैडविक 26.नाभिकीय रिएक्टर (Nuclear Reactor) का विकास किस वैज्ञानिक ने किया? उत्तर: एनरिको फर्मी 27.विद्युत अपघट्य वियोजन (Law of Electrolytic Dissociation) का नियम किस वैज्ञानिक से संबंधित है? उत्तर: माइकल फैराडे 28.तापायनिक उत्सर्जन (Thermionic Emission) की खोज का श्रेय किसे दिया जाता है? उत्तर: थॉमस अल्वा एडिसन यह भी पढ़ें- SSC CGL Strategy: परीक्षा हॉल में टाइम मैनेजमेंट कैसे करें? देखें सेक्शन-वाइज स्मार्ट स्ट्रैटेजी फिजिक्स से जुड़ी डिस्कवरी और उनके साइंटिस्ट का नाम खोज (Discovery) वैज्ञानिक (Scientist) वर्ष (Year) गति के नियम आइजैक न्यूटन 1687 वैद्युत स्थैतिक आकर्षण का नियम कूलॉम्ब 1779 परमाणु सिद्धांत जॉन डाल्टन 1808 धातु पर फोटोग्राफी जे. नीप्से 1826 विद्युत प्रतिरोध का नियम जी. एस. ओम 1827 प्लवन (उत्प्लावन) का नियम आर्किमिडीज 1827* विद्युतचुंबकीय प्रेरण माइकल फैराडे 1831 कागज पर फोटोग्राफी डब्ल्यू. फॉक्स टैलबोट 1835 डायनामाइट अल्फ्रेड नोबेल 1867 आवर्त सारणी मेंडेलीव 1888* एक्स-रे विल्हेम रॉन्टगन 1895 रेडियोधर्मिता हेनरी बेकरेल 1896 इलेक्ट्रॉन जे. जे. थॉमसन 1897 रेडियम मैडम क्यूरी 1898 क्वांटम सिद्धांत मैक्स प्लांक 1900 बेतार तार (वायरलेस टेलीग्राम) मारकोनी 1901 डायोड बल्ब जे. एस. फ्लेमिंग 1904 प्रकाश-विद्युत प्रभाव अल्बर्ट आइंस्टीन 1905 सापेक्षता का सिद्धांत अल्बर्ट आइंस्टीन 1905 ट्रायोड बल्ब ली डी फॉरेस्ट 1906 परमाणु संरचना नील्स बोहर एवं रदरफोर्ड 1913 प्रोटॉन रदरफोर्ड 1919 रमन प्रभाव सी. वी. रमन 1928 न्यूट्रॉन जेम्स चैडविक 1932 नाभिकीय रिएक्टर एनरिको फर्मी 1942 विद्युत अपघट्य वियोजन का नियम फैराडे — तापायनिक उत्सर्जन एडिसन — यह भी पढ़ें-CUET Counselling 2026 में होने वाली 5 बड़ी गलतियां, जिनसे छूट सकता है एडमिशन The post X-Ray से Neutron तक, SSC CGL परीक्षा से पहले जरूर पढ़ लें डिस्कवरी से जुड़े ये 20+ सवाल appeared first on Naya Vichar.

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मार्च में शादी करने वाले हैं निशांत कुमार? सवाल सुनते ही मुस्कुराए हेल्थ मिनिस्टर, VIDEO वायरल

Nishant Kumar: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक स्त्री पत्रकार उनसे शादी को लेकर सवाल पूछती हैं. सवाल सुनते ही निशांत मुस्कुरा देते हैं और बिना कुछ बोले वहां से आगे बढ़ जाते हैं. उनके इस रिएक्शन पर मौके पर मौजूद अधिकारी और पत्रकार भी हंसने लगते हैं. आईजीआईएमएस में कार्यक्रम के दौरान पूछा गया सवाल गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) पहुंचे थे. यहां उन्होंने कई आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन किया. कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और विभाग से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए. इसी दौरान एक स्त्री पत्रकार ने कहा कि वह आखिर में ऐसा सवाल पूछना चाहती हैं, जो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर जाएगा. ‘मार्च में शादी करने जा रहे हैं?’ स्त्री पत्रकार ने निशांत कुमार से पूछा, ‘हवा में कानाफूसी चल रही है कि आप मार्च महीने में शादी करने वाले हैं, क्या यह सच है?’ यह सवाल सुनते ही निशांत कुमार मुस्कुरा दिए. उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए. उनका यह अंदाज कैमरे में कैद हो गया. मौके पर मौजूद कई अधिकारी और पत्रकार भी इस सवाल पर हंस पड़े. अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. View on Instagram मार्च 2026 में नेतृत्व में की थी एंट्री निशांत कुमार, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे हैं. करीब दो दशक तक वह सक्रिय नेतृत्व से दूर रहे. मार्च 2026 में उन्होंने नेतृत्व में औपचारिक एंट्री की और सबसे पहले जेडीयू की सदस्यता ग्रहण की. इसके बाद उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर पार्टी की गतिविधियों को करीब से समझा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं 7 मई 2026 को सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार प्रशासन के मंत्रिमंडल विस्तार में निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया. उस समय उनके उपमुख्यमंत्री बनने की भी चर्चा थी. हालांकि बाद में समाचार आई कि उन्होंने खुद ही डिप्टी सीएम का पद लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद जेडीयू की ओर से विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया. अब तक नहीं की है शादी 45 वर्षीय निशांत कुमार अब तक अविवाहित हैं. यही वजह है कि उनकी शादी को लेकर समय-समय पर अटकलें लगती रहती हैं. हालांकि आईजीआईएमएस में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. सिर्फ मुस्कुराए और आगे बढ़ गए. इसी वजह से उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. कॉलेज ड्रॉपआउट हैं निशांत कुमार जून 2026 में एमएलसी चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे में निशांत कुमार ने अपनी शैक्षणिक जानकारी भी दी थी. उन्होंने बताया था कि इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने रांची स्थित बीआईटी मेसरा में बीटेक में दाखिला लिया था. हालांकि पांच सेमेस्टर की पढ़ाई के बाद उन्होंने कोर्स बीच में ही छोड़ दिया. तब से लेकर नेतृत्व में आने तक वह सार्वजनिक जीवन से काफी हद तक दूर रहे. Also Read: राजद नई टीम क्यों बना रही है? जानिए संगठन भंग करने के पीछे की वजह The post मार्च में शादी करने वाले हैं निशांत कुमार? सवाल सुनते ही मुस्कुराए हेल्थ मिनिस्टर, VIDEO वायरल appeared first on Naya Vichar.

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एक्सप्लेनर : रोहतास हत्याकांड में क्या हुआ? जानिए गोलीकांड, आगजनी और आरोपी की गिरफ्तारी की पूरी कहानी

Yogiya Murder Case Explained : रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के योगिया गांव में बुधवार सुबह हुई कथित हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. आरोप है कि मजदूर चंदेश्वर चौधरी को गांव के ही अजीत तिवारी ने अपने दलान पर बुलाया था. घटना के बाद हिंसा, आगजनी और पुलिस कार्रवाई का दौर शुरू हो गया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है. मारपीट और गोली चलाने का आरोप जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब छह बजे मजदूर चंदेश्वर चौधरी अपने परिचित केदार चौधरी के साथ अजीत तिवारी के बुलावे पर उनके दलान पहुंचे थे. केदार चौधरी ने पुलिस और ग्रामीणों को दिए अपने बयान में आरोप लगाया कि परिसर में पहुंचते ही अजीत तिवारी ने चंदेश्वर चौधरी के साथ मारपीट शुरू कर दी. (Rohtas Murder Case Full Story) उन्होंने बताया कि वह किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल गए. बाहर निकलते समय उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी. आरोप है कि इसके बाद घायल चंदेश्वर चौधरी को अजीत तिवारी अपनी टाटा सफारी में बैठाकर मौके से फरार हो गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने दलान में लगाई आग घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी के दलान और परिसर में तोड़फोड़ की. आरोप है कि मोबाइल टावर के लिए रखे डीजल का इस्तेमाल कर दलान में आग लगा दी गई. (Rohtas Yogiya Murder Case) परिसर में खड़ी कई गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया. आगजनी और हिंसा के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. The post एक्सप्लेनर : रोहतास हत्याकांड में क्या हुआ? जानिए गोलीकांड, आगजनी और आरोपी की गिरफ्तारी की पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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असम में बाढ़ से रेल यातायात प्रभावित: सिमालुगुड़ी रेलखंड पर जलभराव, राजधानी और अवध असम समेत 25 ट्रेनें डायवर्ट, 4 रद्द

असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के तिनसुकिया मंडल में रेल परिचालन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. सिमालुगुड़ी रेलखंड पर ट्रैक के आसपास भारी जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 25 प्रमुख ट्रेनों का रूट डायवर्ट (मार्ग परिवर्तित) कर दिया है, जबकि 4 पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है. राजधानी और विवेक एक्सप्रेस समेत 25 ट्रेनें डायवर्ट रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, पूर्वोत्तर हिंदुस्तान को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली प्रमुख एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है: डायवर्ट की गई मुख्य ट्रेनें: वैकल्पिक मार्ग: प्रभावित ट्रेनों को नॉर्थ लखीमपुर, रंगापाड़ा नॉर्थ, रंगिया और न्यू बोंगाईगांव होकर चलाया जा रहा है, जिससे कई ट्रेनों के गंतव्य समय में बदलाव आया है. 4 पैसेंजर ट्रेनें पूरी तरह रद्द स्थानीय रेल सेवाएं प्रभावित होने से दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. निम्नलिखित ट्रेनों को निर्धारित तिथियों के लिए रद्द किया गया है: 55914 तिनसुकिया – जोरहाट टाउन पैसेंजर 55913 जोरहाट टाउन – तिनसुकिया पैसेंजर 75602 तिनसुकिया – लुमडिंग डेमू (DEMU) 55909 सिमालुगुड़ी – डिब्रूगढ़ पैसेंजर रेलवे की अपील: NTES या हेल्पलाइन पर ट्रेन स्टेटस देखकर ही निकलें रेलवे अधिकारियों के अनुसार इंजीनियरिंग और ट्रैक मेंटेनेंस की टीमें लगातार जलभराव और पटरियों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. पानी उतरते ही परिचालन सामान्य करने का काम युद्धस्तर पर जारी है. NFR प्रशासन की अपील: “यात्री अपनी यात्रा शुरू करने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप या रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति अवश्य जांच लें. स्थिति के अनुसार आने वाले दिनों में भी समय-सारणी में फेरबदल संभव है.” The post असम में बाढ़ से रेल यातायात प्रभावित: सिमालुगुड़ी रेलखंड पर जलभराव, राजधानी और अवध असम समेत 25 ट्रेनें डायवर्ट, 4 रद्द appeared first on Naya Vichar.

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सूर्य ग्रहण 2026: भारत में सूतक नहीं, फिर भी इन जातकों को बरतनी होगी खास सतर्कता

Surya Grahan 2026: आने वाले बुधवार यानी 12 अगस्त 2026 को इस वर्ष का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. ज्योतिषाचार्य डॉ. एन. के. बेरा के अनुसार यह पूर्ण सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में होगा. हालांकि यह ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. इसके बावजूद ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ग्रहण के प्रभाव से कुछ राशियों के जातकों को करियर, आर्थिक मामलों, स्वास्थ्य और यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है. मेष राशि: पारिवारिक मामलों में बरतें सतर्कता मेष राशि के लोगों के लिए यह समय पारिवारिक जिम्मेदारियों और घरेलू मामलों में सावधानी बरतने का संकेत देता है. परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत में संयम रखें, क्योंकि छोटी-सी बात भी विवाद का कारण बन सकती है. संपत्ति या वाहन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचें और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी रखें. कर्क राशि: मानसिक तनाव और निर्णय लेने में रखें सावधानी यह ग्रहण कर्क राशि में लग रहा है, इसलिए इसका सबसे अधिक प्रभाव इसी राशि के जातकों पर पड़ सकता है. इस दौरान मानसिक तनाव, भावनात्मक उतार-चढ़ाव और कार्यों में बाधाएं महसूस हो सकती हैं. नौकरी और व्यापार में जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें. अनावश्यक यात्राओं को टालना बेहतर रहेगा और स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें. तुला राशि: करियर और कार्यक्षेत्र में रखें फोकस तुला राशि के जातकों को नौकरी और व्यवसाय में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी. कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद में सावधानी रखना जरूरी होगा. नए प्रोजेक्ट या बदलाव से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें. अनावश्यक विवादों से दूर रहना आपके लिए बेहतर रहेगा. मकर राशि: साझेदारी और रिश्तों में बढ़ सकती है चुनौती मकर राशि के जातकों को ग्रहण काल के प्रभाव से साझेदारी वाले कार्यों में सतर्क रहना चाहिए. जीवनसाथी या व्यावसायिक सहयोगियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है. किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने या नया निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना उचित रहेगा. धैर्य और संयम बनाए रखना लाभकारी होगा. इन बातों का रखें ध्यान चूंकि यह सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक दृष्टि से सूतक काल मान्य नहीं होगा और सामान्य पूजा-पाठ पर कोई रोक नहीं रहेगी. फिर भी ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार ग्रहण के दिन धैर्य, सकारात्मक सोच और संयम बनाए रखना लाभदायक माना जाता है. बड़े आर्थिक फैसले, अनावश्यक यात्राएं और आवेश में लिए गए निर्णय टालना बेहतर रहेगा. The post सूर्य ग्रहण 2026: हिंदुस्तान में सूतक नहीं, फिर भी इन जातकों को बरतनी होगी खास सतर्कता appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Chairman Vacancy: JPSC अध्यक्ष नहीं रहने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से पूछा- ‘बताएं कब तक होगी नियुक्ति?’

Jharkhand High Court, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में अध्यक्ष (Chairman) का पद खाली रहने पर कड़ा रुख अपनाया है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि JPSC एक संवैधानिक संस्था है, इसलिए इसके अध्यक्ष का पद लंबे समय तक रिक्त नहीं रखा जा सकता. अदालत ने राज्य के महाधिवक्ता को निर्देश दिया है कि वे राज्य प्रशासन से वार्ता कर और निर्देश प्राप्त कर कोर्ट को बताएं कि आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति कब तक की जाएगी. वन विभाग में खाली पदों और ACF-रेंजर बहाली पर सुनवाई झारखंड के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ (Bench) ने राज्य के वन विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों के खाली पदों को लेकर स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई की. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 20 अगस्त की तिथि निर्धारित की है. ये भी पढ़ें: JPSC Student Protest: प्रशासन से बात करेंगे 11 स्टूडेंट्स, बोले- बंद कमरे में नहीं, खुले आसमान में आइए JPSC के वकील ने कोर्ट में क्या रखी वजह सुनवाई के दौरान JPSC की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने खंडपीठ को नियुक्ति प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक अड़चनों से अवगत कराया. उन्होंने सहायक वन संरक्षक (ACF) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) की नियुक्ति परीक्षा ली जा चुकी है और इसका रिजल्ट भी प्रकाशित कर दिया गया है. इसके अलावा फिजिकल टेस्ट (शारीरिक दक्षता परीक्षा) की तिथि जारी हो चुकी है, लेकिन JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते के पद से इस्तीफा देने के बाद से अध्यक्ष का पद खाली पड़ा हुआ है. अधिवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि परीक्षा सीआईडी (CID) जांच के दायरे में भी आ सकती है. आयोग में अध्यक्ष न होने के कारण आगे की नियुक्ति और साक्षात्कार/फिजिकल की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है. ये भी पढ़ें: भाई लोग! 16 अगस्त से पहले करा लें एलपीजी ई-केवाइसी, वर्ना कॉमर्शियल रेट पर मिलेगी घरेलू गैस The post JPSC Chairman Vacancy: JPSC अध्यक्ष नहीं रहने पर हाईकोर्ट सख्त, प्रशासन से पूछा- ‘बताएं कब तक होगी नियुक्ति?’ appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Scam: स्टूडेंंट्स ने बनाई 11 लोगों की लिस्ट, प्रशासन बोला- ‘सिर्फ छात्रों से होगी बात’, राहुल गांधी ने किया फोन

JPSC JSSC Scam, रांची : जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा. दोपहर के बाद छात्रों ने प्रशासन से वातां के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी की. इसमें आठ छात्र, एक वकील और दो मीडिया प्रतिनिधि शामिल हैं. प्रतिनिधिमंडल की सूची एसडीओ को सौंपी गयी है. वहीं, इससे पहले प्रदर्शन स्थल पर दिनभर प्रशासन से वार्ता को लेकर चर्चा होती रही. देर शाम तक प्रशासन की ओर से छात्रों को वातों के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था. प्रशासन ने छात्रों से वार्ता के लिए पांच लोगों ने नाम ही मांग थे. जिला प्रशासन ने इस मामले में कहा है कि बातचीत सिर्फ छात्रों से ही होगी. प्रतिनिधिमंडल में छात्र प्रतिनिधि के तौर पर पीयूष कुमार सिंह, रवींद्र पासवान, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, रवींद्र कुमार रवि, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल किये गये हैं. वहीं, पत्रकार प्रतिनिधि के रूप में शंभूनाथ चौधरी और विकास वर्मा के साथ कानूनविद पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार शामिल हैं. परीक्षा इन सबके बीच जेपीएससी-जेएसएससी गड़बड़ी पर सदन में राज्य प्रशासन के विभिन्न मंत्रियों ने कहा कि हेमंत सोरेन की प्रशासन का रुख गंभीर है. गड़बड़ी की शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गयी, केवल प्रशासन को दोष देने से समाधान नहीं निकलेगा. मंत्रीगण ने कहा कि प्रतियोगिता परीक्षा में चुने गये योग्य अभ्यर्थियों को कोई नुकसान नहीं होगा. इधर, झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी का बड़ा बयान आया है. कांग्रेस के आला नेता राहुल गांधी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि झारखंड के छात्र अपने हक के लिए विरोध कर रहे हैं. कृपया उनका समर्थन करें. यह विरोध-प्रदर्शन देश भर में हो रहा है. गुरुवार को राहुल गांधी ने फोन पर आंदोलन कर रहे छात्रों में से पीयूष और रविंद्र से बात भी की. क्या कहते हैं हेमंत कैबिनेट में मंत्री सीएम ने मंत्रियों की समिति बनायी है सीएम हेमंत सोरेन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मंत्रियों की समिति बनायी है. शिकायतें मिलते ही प्रशासन ने सीआईडी जांच, छापेमारी और गिरफ्तारियां शुरू कर दी थी भाजपा तो कार्रवाई शुरू होने के बाद केवल नेतृत्व करने सामने आयी है. सुदिव्य कुमार, नगर विकास मंत्री ये भी पढ़ें: बिना एफआईआर ट्रक जब्त करने पर हाईकोर्ट सख्त, तत्काल छोड़ने और 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश पेपर लीक पूरे देश के लिए गंभीर चुनौती पेपर लीक केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की गंभीर चुनौती बन चुका है. देशभर में फैला संगठित परीक्षा माफिया का नेटवर्क प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर हमला कर रहा है. प्रशासन को दोष देने से समाधान नहीं निकलेगा. चमरा लिंडा, कल्याण मंत्री बातचीत कर समाधान निकालेंगे प्रशासन युवाओं की समस्याओं को लेकर गभीर है. चार मंत्रियों की समिति बनायी जा चुकी है, जो छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बात कर समाधान निकालेगी. मामले में प्रशासन ने तत्काल एक्शन लेते हुए चेयरमैन का इस्तीफा लिया है और 12 लोग जेल में है. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री दोषी लोग छोड़े नहीं जायेंगे प्रशासन आदोलनरत छात्रों के साथ वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है. ऐसा नही है कि सभी नियुक्तियां गलत हुई है. जिन अभ्यर्थियों ने योग्यता से सफलता पायी है, उनके हितों की रक्षा होगी. गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा. दीपिका पांडेय सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री छात्रों की प्रमुख मांगें टीडीपीएल की ओर से आयोजित जेपीएससी की सभी परीक्षाएं तत्काल रद्द हों, जिनमें 14वीं जेपीएससी, जेपीएससी बैकलॉग 2023 और एफआर ओ आदि परीक्षाएं शामिल हैं. जिन परीक्षाओं में अभय तिवारी सफल, नियुक्त या संलिप्त रहे हैं, उन सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए. जिनमें जेएसएससी सीजीएल और झारखंड पीजीटी भर्ती 2025 आदि शामिल हैं. पूरे मामले की सीबीआइ और इडी से जांच करायी जाये और दोषियों पर कड़ी कारवाई की जाये. परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए कठोर कानून बने वार्ता को लेकर नहीं हुई कोई चर्चा देर शाम आंदोलन स्थल पर छात्रों से मिलने के लिए रांची सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार पहुंचे और प्रदर्शन पर बैठे छात्रों का हाल जाना. उन्होंने कहा कि अभी वार्ता को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. अभी डेलिगेशन की फाइनल लिस्ट नहीं मिली है. दूसरी तरफ छात्रों का कहना है कि डेलिगेशन लिस्ट भेजी जा चुकी है. राहुल गांधी ने जाना छात्रों का हाल राहुल गांधी ने गुरुवार को आंदोलनस्थल पर छात्र पीयूष और रविंद्र से कांग्रेस नेता कुमार राजा के फोन पर बात की और उनकी मांगें जानीं. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था बदलने के लिए एक्शन लेना चाहिए, चाहे कांग्रेस, केंद्र या झारखंड की प्रशासन हो. इसके अलावा कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड के छात्र आंदोलन की जानकारी ली. ये भी पढ़ें: सरायकेला में 22 लाख के तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कामयाबी The post JPSC Scam: स्टूडेंंट्स ने बनाई 11 लोगों की लिस्ट, प्रशासन बोला- ‘सिर्फ छात्रों से होगी बात’, राहुल गांधी ने किया फोन appeared first on Naya Vichar.

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राजद नई टीम क्यों बना रही है? जानिए संगठन भंग करने के पीछे की वजह

RJD New Team: बिहार की नेतृत्व में बांकीपुर उपचुनाव का नतीजा सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं था. इस चुनाव ने विपक्ष की नेतृत्व में भी नई बहस छेड़ दी है. भाजपा लगभग 30 साल बाद अपनी मजबूत सीट हार गई, लेकिन उससे ज्यादा चिंता अगर किसी दल को है तो वह है राष्ट्रीय जनता दल (RJD). वजह यह है कि विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा बनने की लड़ाई अब सिर्फ तेजस्वी यादव और NDA के बीच नहीं रह गई है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर अब सीधे उसी नेतृत्वक स्पेस में दस्तक दे चुके हैं, जिस पर अब तक RJD का दबदबा माना जाता था. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इसी दबाव की वजह से तेजस्वी यादव ने पूरी पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने का फैसला लिया है? बांकीपुर की हार ने क्यों बढ़ा दी RJD की टेंशन? बांकीपुर विधानसभा सीट 1995 से भाजपा का गढ़ रही थी. इसलिए भाजपा की हार बड़ी समाचार बनी. लेकिन इस चुनाव का दूसरा पहलू ज्यादा अहम है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार विधानसभा पहुंच गए. इसका सीधा मतलब है कि अब उनके पास सिर्फ सड़क की नेतृत्व नहीं, बल्कि सदन का भी मंच होगा. दूसरी ओर RJD की उम्मीदवार रेखा गुप्ता तीसरे नंबर पर पहुंच गईं और जमानत तक नहीं बचा सकीं. यही वह संकेत है जिसने RJD की चिंता बढ़ा दी है. क्योंकि बिहार में अब तक खुद को सबसे मजबूत विपक्ष मानने वाली पार्टी पहली बार विपक्ष के भीतर ही चुनौती महसूस कर रही है. बांकीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी यादव, आरजेडी प्रत्याशी रेखा गुप्ता आखिर क्यों कहा जा रहा है कि विपक्ष का समीकरण बदल रहा है? 2025 विधानसभा चुनाव में जन सुराज का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था. पार्टी ने 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी. अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. इसके बावजूद पार्टी के भीतर भी सब कुछ ठीक नहीं हाल के दिनों में RJD के भीतर कई घटनाओं ने संगठन पर सवाल खड़े किए हैं. नेताओं के बीच बयानबाजी सामने आई. भाई वीरेंद्र और शक्ति सिंह के बीच सार्वजनिक तकरार चर्चा में रही. राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के एक विधायक के NDA के साथ जाने की चर्चा भी हुई. ऐसे घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया कि संगठन के भीतर असंतोष मौजूद है. संभव है कि नई टीम के जरिए तेजस्वी यादव इन संदेशों को भी बदलना चाहते हों. क्या सिर्फ वोट शेयर के भरोसे चुनाव जीता जा सकता है? RJD लंबे समय से इस बात पर भरोसा करती रही है कि उसका सामाजिक समीकरण और वोट शेयर सबसे मजबूत है. लेकिन बदलती नेतृत्व में सिर्फ जातीय समीकरण काफी नहीं माने जा रहे. युवा मतदाता लगातार सक्रिय नेतृत्व, सड़क पर संघर्ष और लगातार मौजूदगी भी देख रहा है. यही वह क्षेत्र है जहां प्रशांत किशोर अपनी नेतृत्वक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. आगे की लड़ाई किसकी होगी? अगले विधानसभा चुनाव में अभी समय है. इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. RJD आज भी बिहार का सबसे बड़ा विपक्षी दल है. उसके पास सबसे बड़ा संगठन, सबसे ज्यादा विधायक और मजबूत सामाजिक आधार है. लेकिन बांकीपुर उपचुनाव ने यह जरूर बता दिया कि विपक्ष के भीतर अब एक नई प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है. अगर तेजस्वी यादव अपनी नई टीम के जरिए संगठन को फिर से सक्रिय नहीं कर पाए, जनता के बीच लगातार मौजूदगी नहीं बनाई और आंदोलनों की नेतृत्व में वापसी नहीं की, तो जन सुराज विपक्ष की नेतृत्व में अपनी जगह और मजबूत कर सकती है. यही वजह है कि नेतृत्वक गलियारों में RJD के संगठनात्मक पुनर्गठन को सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि जन सुराज की चुनौती का नेतृत्वक जवाब माना जा रहा है. Also Read: बिहार आरजेडी की सभी जिला और प्रखंड कमेटियां भंग, करारी हार के बाद एक्शन में तेजस्वी यादव The post राजद नई टीम क्यों बना रही है? जानिए संगठन भंग करने के पीछे की वजह appeared first on Naya Vichar.

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