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Author name: Vinod Jha

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नहाय-खाय के साथ चैती छठ महापर्व शुरू, खरना आज

Chaiti Chhath 2026 Kharna Puja : चार दिवसीय चैती छठ महापर्व का शुभारंभ रविवार को नहाय-खाय के साथ हो गया. मौसम पूरी तरह साफ न होने और हल्की ठंड के बावजूद व्रतियों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी. सुबह-सुबह श्रद्धालुओं ने तालाब, नदी, जलाशयों और डैम पर स्नान कर भगवान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया और पर्व के मंगलमय आयोजन की कामना की. नहाय-खाय का धार्मिक महत्व नहाय-खाय छठ पर्व का पहला और बेहद महत्वपूर्ण दिन होता है. इस दिन व्रती शुद्धता का विशेष ध्यान रखते हुए स्नान के बाद सात्विक भोजन तैयार करते हैं. घरों में कद्दू (कटु), भात, दाल और सब्जी बनाई गई, जिसे पहले भगवान को अर्पित किया गया और फिर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया. इसके बाद यह प्रसाद परिवार और आस-पड़ोस में वितरित किया गया. खरना की तैयारी और बाजारों में रौनक नहाय-खाय के बाद व्रती खरना की तैयारियों में जुट गए हैं. सोमवार को खरना मनाया जाएगा, जिसमें व्रती पूरे दिन उपवास रखेंगे. शाम को खीर, रोटी, केला और अन्य फल भगवान को नैवेद्य के रूप में अर्पित किए जाएंगे. इसके बाद प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होगा. इसको लेकर बाजारों में भी खूब रौनक देखने को मिल रही है, जहां लोग पूजन सामग्री और फल-सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं. अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य और समापन 24 मार्च को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे. इसके लिए श्रद्धालु जलाशयों पर एकत्र होंगे और विधि-विधान से पूजा करेंगे. वहीं 25 मार्च को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर इस महापर्व का समापन होगा. गैस की कमी, पारंपरिक साधनों का सहारा इस बार गैस की कमी के कारण व्रतियों ने लकड़ी, गोईठा और कोयले के चूल्हों का सहारा लिया है. चूंकि छठ प्रसाद बड़ी मात्रा में बनता है, ऐसे में ये पारंपरिक साधन काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं. साथ ही खरना के लिए दूध की कमी न हो, इसके लिए व्रतियों ने पहले से ही डेयरी और खटालों में बुकिंग कर ली है. The post नहाय-खाय के साथ चैती छठ महापर्व शुरू, खरना आज appeared first on Naya Vichar.

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स्पोर्ट्स हब बनने की राह पर बिहार, गांव-गांव में बनेंगे खेल मैदान, देशभर में लागू होगा मनरेगा मॉडल

Bihar News: बिहार स्पोर्ट्सों को लेकर बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है. केंद्रीय स्पोर्ट्स राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने स्पष्ट कहा कि बिहार बहुत जल्द देश का नया ‘स्पोर्ट्स हब’ बन सकता है. गांव-गांव स्पोर्ट्स मैदान बनाने की योजना से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी तक, राज्य अब स्पोर्ट्सों में नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. अब बिहार स्पोर्ट्सों को केवल प्रतियोगिता के तौर पर नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और पहचान के मजबूत माध्यम के रूप में देख रहा है. जिस तरह से बुनियादी ढांचे और नीतियों पर काम हो रहा है.आने वाले समय में बिहार देश के स्पोर्ट्स मैप पर एक मजबूत और निर्णायक केंद्र के रूप में उभर सकता है. बिहार का मनरेगा मॉडल बिहार में अब केवल प्रतिभाएं देने वाला राज्य नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचा तैयार करने वाला लीडर बनकर उभर रहा है. कॉन्क्लेव के दौरान केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने बिहार की उस अनूठी पहल की जमकर तारीफ की, जिसके तहत मनरेगा के सहयोग से गांव के स्तर पर स्पोर्ट्स के मैदान और छोटे स्टेडियम बनाए जा रहे हैं. केंद्रीय स्पोर्ट्स राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने स्पोर्ट्स स्टार द्वारा बिहार में आयोजित स्पोर्ट्स कांक्लेव की सराहना की. उन्होंने बिहार प्रशासन और कोचेस को धन्यवाद दिया और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों के टैलेंट को आगे लाने के लिए स्टेडियम निर्माण जैसी पहल महत्वपूर्ण है.… pic.twitter.com/JSVSQtuf33 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 22, 2026 बिहार के इस ‘विलेज स्पोर्ट्स मॉडल’ को केंद्र प्रशासन ने भी पूरे देश के लिए अपना लिया है. खडसे ने स्पष्ट किया कि बिहार के बच्चों में स्पोर्ट्स को लेकर जो ‘पैशन’ है, उसे अब स्पोर्ट्स साइंस के आधुनिक ज्ञान से जोड़कर निखारा जाएगा. बिहार में भी गूंजेगा ‘चक दे इंडिया’ बिहार की स्पोर्ट्स मंत्री श्रेयसी सिंह ने केंद्र प्रशासन के सामने मांग रखी, उन्होंने कहा कि यदि हिंदुस्तान को साल 2036 के ओलंपिक स्पोर्ट्सों की मेजबानी मिलती है, तो बिहार को कम से कम एक या दो अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं की मेजबानी का मौका मिलना चाहिए. श्रेयसी सिंह ने जोर देकर कहा कि राज्य में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम और बुनियादी सुविधाएं तैयार हैं. उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ मुकाबलों को भी बिहार में आयोजित कराने का प्रस्ताव दिया.. इतिहास रचने की तैयारी बिहार राज्य स्पोर्ट्स प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण ने एक बेहद दिलचस्प ऐतिहासिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि बिहार का स्पोर्ट्सों से रिश्ता सदियों पुराना है. बहुत कम लोग जानते हैं कि करीब 15 वर्षों तक ‘इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन’ का कार्यालय बिहार में ही था और इसके अध्यक्ष महान उद्योगपति जमशेदजी टाटा थे. कॉनक्लेव में अभिनव बिंद्रा और डोला बनर्जी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया उनके अनुभवों ने खिलाड़ियों को नई दिशा और प्रेरणा दी. Also Read: आज जहानाबाद को सीएम नीतीश देंगे 252 करोड़ की 161 योजनाओं की सौगात, तैयारी पूरी The post स्पोर्ट्स हब बनने की राह पर बिहार, गांव-गांव में बनेंगे स्पोर्ट्स मैदान, देशभर में लागू होगा मनरेगा मॉडल appeared first on Naya Vichar.

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रिजल्ट से पहले जान लें 2025 के टॉपर्स, तीन स्टूडेंट्स ने मारी थी बाजी

Bihar Board 10th Topper 2025: बिहार बोर्ड 2026 का रिजल्ट जल्द जारी होने वाला है और स्टूडेंट्स में इसे लेकर काफी एक्साइटमेंट है. रिजल्ट आते ही सभी अपने नंबर चेक करने में लग जाएंगे. लेकिन इससे पहले यह जानना दिलचस्प है कि पिछले साल किन स्टूडेंट्स ने टॉप किया था. कहां देखें रिजल्ट? स्टूडेंट्स अपना Bihar Board Result 2026 ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.com पर जाकर चेक कर सकेंगे. इसके लिए रोल नंबर और रोल कोड की जरूरत होगी. स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे पहले से ये डिटेल तैयार रखें. 2025 में तीन स्टूडेंट्स बने थे टॉपर बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा 2025 में एक नहीं बल्कि 3 टॉपर थे. तीनों ने 97.8% अंक हासिल किए थे. टॉपर्स लिस्ट साक्षी कुमरी -97.8% अंशु कुमारी -97.8% रंजन वर्मा -97.8% तीनों स्टूडेंट्स की इस उपलब्धि ने यह दिखाया कि मेहनत और सही रणनीति से टॉप किया जा सकता है. टॉपर ने कहा IAS बनने का है सपना टॉपर करने वाले साक्षी कुमरी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि आजकल कई स्टूडेंट्स IAS बनने का सपना देखते हैं और वह भी इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहती हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि उनका पहला फोकस फिलहाल 12वीं बोर्ड एग्जाम में अच्छा प्रदर्शन करना है. सफलता का क्रेडिट परिवार को साक्षी मूल रूप से समस्तीपुर की रहने वाली हैं. साक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया. उनके पिता बढ़ई का काम करते हैं और मां हाउस वाइफ हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा पढ़ाई के लिए सपोर्ट किया, जिसकी बदौलत उन्होंने यह मुकाम हासिल किया. स्टूडेंट्स के लिए सीख टॉपर्स की कहानी यह बताती है कि किसी भी बैकग्राउंड से आने वाले स्टूडेंट्स मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं. अब देखना होगा कि 2026 में कौन इस लिस्ट में जगह बनाता है. यह भी पढ़ें- आज आ सकता है राजस्थान बोर्ड का रिजल्ट, यहां करें सबसे पहले चेक  The post रिजल्ट से पहले जान लें 2025 के टॉपर्स, तीन स्टूडेंट्स ने मारी थी बाजी appeared first on Naya Vichar.

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असम में बिना हाथ के चलेगा तीर, झामुमो ने 19 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का किया ऐलान

Assam Election 2026 : असम में हाथ से तीर नहीं चलेगा. झारखंड में मिलकर सत्ता चला रहे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस असम विधानसभा चुनाव में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे. असम विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तस्वीर रविवार को स्पष्ट हो गयी. झामुमो ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाएं खत्म होने के बाद अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है. पार्टी के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने बताया कि कांग्रेस से हमारा समझौता नहीं हो सका है, इसलिए हम अकेले ही चुनाव लड़ेंगे. पार्टी अब 19 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि एक सीट वाम दलों के लिए छोड़ी गयी है. झामुमो और कांग्रेस के बीच लंबे समय से सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन यह प्रयास अंततः बेनतीजा रहा. गौरतलब है कि इस संदर्भ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत करने असम कांग्रेस के प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह और अध्यक्ष गौरव गोगोई रांची आये थे. असम में झामुमो की चुनावी रणनीति सामाजिक समीकरणों पर आधारित है. झामुमो किसे साधना चाह रही है असम में झामुमो असम के आदिवासी और चाय बागान (टी-ट्राइब) समुदायों को साधने की कोशिश कर रही है, जो राज्य की नेतृत्व में अहम भूमिका निभाते हैं. 126 सदस्यीय असम विधानसभा में 19 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. झामुमो इन्हीं सीटों पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है. झामुमो का मानना है कि झारखंड में आदिवासी नेतृत्व के अनुभव को वह असम में भी भुना सकता है. सीएम दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से मिले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद दिल्ली जाकर कांग्रेस नेतृत्व से मिले, वहीं पार्टी महासचिव विनोद पांडेय असम में सक्रिय रहकर जमीन तैयार करते रहे. इसके बावजूद दोनों दलों के बीच सम्मानजनक सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद झामुमो ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया. बताया गया कि कांग्रेस झामुमो को पांच से ज्यादा सीटें देने पर राजी नहीं थी, जिसके कारण गठबंधन पर बात नहीं बन सकी. यह भी पढ़ें : तृणमूल कांग्रेस ने असम के लिए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की, मांडिया से लड़ेंगे शेरमन अली अहमद झामुमो को असम में भी मिला तीर-कमान चुनाव चिन्ह असम विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग से झामुमो को उसका पारंपरिक चुनाव चिन्ह तीर-कमान मिल चुका है. असम में फिलहाल भाजपा की प्रशासन है और कांग्रेस मुख्य विपक्ष की भूमिका में है. झामुमो नेताओं का दावा है कि वे मजबूती से चुनाव लड़ेंगे और राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज करायेंगे. The post असम में बिना हाथ के चलेगा तीर, झामुमो ने 19 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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WMO Day: विश्व मौसम विज्ञान दिवस आज, जानें हर साल क्यों बदल जाता है थीम?

WMO Day: हर साल 23 मार्च को दुनिया भर में विश्व मौसम विज्ञान दिवस (डब्ल्यूएमओ डे) मनाया जाता है. यह दिन न केवल मौसम पूर्वानुमान के महत्व को उजागर करता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है. साल 2026 में इसका थीम “आज का अवलोकन, कल की सुरक्षा” है. विश्व मौसम विज्ञान दिवस क्या है? विश्व मौसम विज्ञान दिवस विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमओ) की स्थापना की याद में मनाया जाता है. इस संगठन की स्थापना 23 मार्च 1950 को हुई थी, जबकि 1961 से इसे एक वैश्विक जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. विश्व मौसम संगठन संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है, जो मौसम, जलवायु और जल से जुड़े वैश्विक आंकड़ों, शोध और सहयोग को बढ़ावा देती है. यह दुनिया के देशों को मौसम संबंधी जानकारी साझा करने और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में मदद करती है. विश्व मौसम विज्ञान दिवस का थीम बदलने का कारण क्या है? विश्व मौसम विज्ञान दिवस की सबसे खास बात है कि हर साल इसका थीम बदलता है. इसका मुख्य कारण यह है कि मौसम और जलवायु से जुड़ी चुनौतियां लगातार बदल रही हैं. हर वर्ष नया थीम चुनकर विश्व मौसम संगठन किसी विशेष मुद्दे पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करता है. इनमें जलवायु परिवर्तन, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, महासागर और मौसम संबंध और आपदा जोखिम प्रबंधन शामिल हैं. थीम बदलने से वैज्ञानिकों, प्रशासनों और आम लोगों को नए-नए पहलुओं पर सोचने और काम करने की प्रेरणा मिलती है. पिछले वर्षों के प्रमुख थीम पिछले कुछ वर्षों में विश्व मौसम विज्ञान दिवस के थीम ने मौसम और जलवायु के अलग-अलग पहलुओं को उजागर किया है. 2026: आज का अवलोकन, कल की सुरक्षा 2025: मिलकर प्रारंभिक चेतावनी की कमी को दूर करना 2024: जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई में अग्रणी भूमिका 2023: पीढ़ियों के लिए मौसम, जलवायु और जल का भविष्य 2022: प्रारंभिक चेतावनी और प्रारंभिक कार्रवाई 2021: महासागर, हमारी जलवायु और मौसम 2020: जलवायु और जल 2019: सूर्य, पृथ्वी और मौसम इन सभी थीम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि मौसम विज्ञान केवल पूर्वानुमान नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन है. 2026 का थीम क्या है? इस साल का थीम “आज का अवलोकन, कल की सुरक्षा” है. यह इस बात पर जोर देता है कि वर्तमान में किए जा रहे मौसम और जलवायु के अवलोकन भविष्य की सुरक्षा के लिए कितने जरूरी हैं. आज उपग्रह, मौसम केंद्र, समुद्री बुआ और अन्य तकनीकी उपकरणों की मदद से पृथ्वी के वायुमंडल की निगरानी की जाती है. इन आंकड़ों के आधार पर वैज्ञानिक सटीक मौसम पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी जारी करते हैं. यह प्रणाली तूफान, बाढ़, लू और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से पहले ही सतर्क कर देती है, जिससे जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. थीम का व्यापक महत्व “आज का अवलोकन, कल की सुरक्षा” थीम यह दर्शाता है कि 90% से अधिक प्राकृतिक आपदाएं मौसम से जुड़ी होती हैं. सटीक डेटा और निगरानी से इन आपदाओं का प्रभाव कम किया जा सकता है. वैश्विक सहयोग से बेहतर पूर्वानुमान संभव है. युवाओं और समुदायों की भागीदारी भविष्य की जलवायु सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है. यह थीम केवल वैज्ञानिकों के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देता है कि मौसम की जानकारी को गंभीरता से लेना चाहिए. विश्व मौसम विज्ञान दिवस का महत्व विश्व मौसम विज्ञान दिवस का महत्व कई स्तरों पर देखा जा सकता है. आपदा प्रबंधन में मदद: मौसम पूर्वानुमान के जरिए प्रशासनें और एजेंसियां समय रहते तैयारी कर सकती हैं. सार्वजनिक सुरक्षा: चक्रवात, बाढ़ या हीटवेव जैसी स्थितियों में लोगों को पहले से चेतावनी मिल जाती है. आर्थिक स्थिरता: कृषि, विमानन और समुद्री उद्योग जैसे क्षेत्र मौसम पर निर्भर करते हैं। सटीक जानकारी से नुकसान कम होता है. पर्यावरण संरक्षण: यह दिन जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है. रांची में विशेष आयोजन विश्व मौसम विज्ञान दिवस 2026 के मौके पर हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. मौसम केंद्र, एयरपोर्ट रोड, हिनू में स्थित यह केंद्र 23 मार्च को विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों और आम जनता के लिए अपने दरवाजे खोलेगा. यहां आने वाले लोग मौसम पूर्वानुमान की प्रक्रिया को समझ सकेंगे. आधुनिक उपकरणों को करीब से देख सकेंगे और वायुमंडलीय निगरानी के तरीकों के बारे में जान सकेंगे. यह पहल युवाओं को विज्ञान और मौसम अध्ययन की ओर आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है. इसे भी पढ़ें: पलामू के हैदरनगर पहुंचते ही भाग जाते हैं भूत-प्रेत! देवी धाम में एक से बढ़कर एक चमत्कार मानव जीवन की सुरक्षा से कैसे जुड़ा है थीम विश्व मौसम विज्ञान दिवस केवल एक औपचारिक दिन नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अवसर है. बदलते थीम के जरिए हर साल एक नया संदेश दिया जाता है, जो हमें मौसम और जलवायु के प्रति जागरूक बनाता है. साल 2026 का थीम “आज का अवलोकन, कल की सुरक्षा” हमें यह याद दिलाता है कि आज की वैज्ञानिक निगरानी और डेटा ही भविष्य की सुरक्षा की कुंजी है. इसे भी पढ़ें: सरहुल पर बारिश से कहीं ट्रांसफॉर्मर उड़े तो कहीं फसल बर्बाद, रामनवमी में गरज के साथ बारिश The post WMO Day: विश्व मौसम विज्ञान दिवस आज, जानें हर साल क्यों बदल जाता है थीम? appeared first on Naya Vichar.

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ईरान युद्ध में फंस चुका है US… ‘लादेन के शिकारी’ पूर्व CIA चीफ ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार, दी ये सलाह

US Iran War: ईरान युद्ध को शुरू हुए चार हफ्ते से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन इसके समाप्त होने के अभी कोई आसार नजर नहीं आ रहे. अमेरिका और इजरायल हमले के साथ ईरान को धमकी भी दे रहे हैं, लेकिन ईरान उसी तरह के जवाब दे रहा है, जैसा उसको दिया जा रहा है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने घर में भी विरोध और चेतावनी मिल रही है. पहले नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (NCTC) के डायरेक्टर जोसेफ केंट ने इस युद्ध में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों और युद्ध नीति के विरोध में इस्तीफा दिया. अब अमेरिका के रक्षा मंत्री रहे और खुफिया एजेंसी CIA के पूर्व चीफ लियोन पेनेटा ने ट्रंप की आलोचना की है. पेनेटा ओसामा बिन लादेन को मारने की योजना बनाने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने द गार्जियन को दिए इंटरव्यू में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ऐसे जाल में फंस गए हैं, जहां से उन्हें इस युद्ध को बढ़ाना होगा या पीछे हटना होगा. दोनों ही स्थिति में ट्रंप फंसेगे ही, क्योंकि यु्द्ध आगे बढ़ने पर अमेरिकी सैनिकों की जान जाएगी, जो कि पहले ही हो रहा है, जबकि पीछे हटने पर यह ट्रंप की हार जैसा होगा. अमेरिका के सबसे अनुभवी अधिकारियों में से एक पेनेटा ने ट्रंप को साफ संदेश दिया कि आप खुद इस स्थिति में आए हैं, और इससे निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि अब हमारे सामने एक और ज्यादा जड़ जमा चुका शासन है… और यह नतीजा बिल्कुल अच्छा नहीं रहा. होर्मुज की समस्या मिडिल ईस्ट के इस युद्ध का सबसे गंभीर परिणाम ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद करना रहा है. यह एक संकरा जलमार्ग है, जिसके जरिए दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का व्यापार होता है. इसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल और गैस संकट पैदा हो गया है. पेनेटा ने कहा कि यह संकट पूरी तरह से अनुमानित था और इससे बचा भी जा सकता था. उन्होंने कहा, ‘यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है. मैं जितनी भी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठकों में रहा हूं, जहां हमने ईरान पर चर्चा की, वहां यह मुद्दा हमेशा सामने आया.’  सहयोगियों को कर दिया दूर उनके मुताबिक, ट्रंप प्रशासन का इसके लिए तैयारी न करना बुनियादी रणनीतिक योजना की विफलता है. अमेरिका को पहले से ही योजना बनानी चाहिए थी. अब वे ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने के लिए सहयोगी देशों से अपील कर रहे हैं. लेकिन उनकी अपील और धमकी के बावजूद नाटो का भी कोई देश सामने नहीं आ रहा है. ट्रंप ने इसके बाद नाटो को कागजी बाघ और उसके सदस्यों को कायर तक कह दिया, जबकि उन्हें इन्हीं की जरूरत है. पेनेटा ने कहा कि सहयोगियों से बिना सलाह किए युद्ध में उतरना खुद के लिए नुकसानदायक साबित हुआ, क्योंकि अब ट्रंप उन्हीं देशों से मदद मांग रहे हैं, जिन्हें उन्होंने पहले दूर कर दिया था. अब और भी कट्टर लीडर ईरान का सर्वोच्च नेता अमेरिका ने इस युद्ध की शुरुआत में ही ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई सैन्य लीडरशिप को समाप्त कर दिया. अमेरिका ने संभवतः उम्मीद जताई थी कि नेता के न होने से ईरान ढह जाएगा. लेकिन इसके नतीजे भी उम्मीद के उलट रहे हैं. खामेनेई के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने सत्ता संभाली है, जो ज्यादा युवा, सख्त और बातचीत के लिए कम तैयार माने जाते हैं. पेनेटा ने कहा, ‘अब हमारे सामने एक युवा सुप्रीम लीडर है, जो लंबे समय तक रहेगा. वह पहले से कहीं ज्यादा कट्टरपंथी है.’ ये भी पढ़ें:- फारस की खाड़ी में कतर का मिलिट्री हेलीकॉप्टर क्रैश, सभी 7 लोगों की मौत ट्रंप आगे क्या कर सकते हैं? पेनेटा की सलाह बेहद सख्त है. उनका कहना है कि ट्रंप को जलडमरूमध्य खोलने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करना होगा, ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय करना होगा और तेल टैंकरों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धपोत तैनात करने होंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे जानें जाएंगी और युद्ध और बढ़ेगा, लेकिन उनके मुताबिक इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है. पेनेटा ने कहा,  ‘उन्हें यह करना ही होगा. वरना यह साफ हो जाएगा कि वह समाधान खोजने में विफल रहे.’ ये भी पढ़ें:- खतरनाक मोड़ पर मिडिल ईस्ट जंग, ईरान के हमलों से टूटा ट्रंप का सब्र, आर-पार के मूड में अमेरिका ट्रंप ने दी चेतावनी, ईरान का पलटवार इस बीच, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के भीतर जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो वह ईरान के पावर प्लांट्स को ‘नेस्तनाबूद’ कर देंगे. युद्ध चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है, लेकिन इसका कोई समाधान या स्पष्ट रास्ता नजर नहीं आ रहा. हालांकि, ट्रंप की इस धमकी का ईरान ने भी उसी भाषा में जवाब दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबके लिए खुला है, लेकिन दुश्मनों-अमेरिका और इजरायल के लिए बंद है. हालांकि, कुछ समाचारें यह भी सामने आईं कि ईरान इस संकरे रास्ते से यातायात के लिए  जहाजों से पैसे भी वसूल रहा है.  The post ईरान युद्ध में फंस चुका है US… ‘लादेन के शिकारी’ पूर्व CIA चीफ ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार, दी ये सलाह appeared first on Naya Vichar.

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मंडी की गलियों से चमकते बॉलीवुड तक, जानें 4 नेशनल अवॉर्ड्स जीतने वाली कंगना रनौत का सफर

Kangana Ranaut Birthday Special: बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला कस्बे में जन्मीं कंगना एक साधारण राजपूत परिवार से आती हैं. उनकी माता एक स्कूल टीचर हैं और पिता बिजनेसमैन. बचपन से ही जिद्दी और आत्मविश्वासी कंगना ने अपनी मेहनत से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई. जन्म और परिवार बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला कस्बे में जन्मीं. वे एक साधारण राजपूत परिवार से हैं. उनकी माता एक स्कूल टीचर और पिता बिजनेसमैन हैं. कंगना की एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई भी हैं. बचपन से ही जिद्दी और आत्मविश्वासी कंगना ने अपनी मेहनत से बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई. माता-पिता बनाना चाहते थे डॉक्टर कंगना के माता-पिता चाहती थीं कि वे डॉक्टर बनें, लेकिन 12वीं में केमिस्ट्री के यूनिट टेस्ट में फेल होने के बाद कंगना ने डॉक्टर बनने का रास्ता छोड़ दिया. 16 साल की उम्र में उन्होंने दिल्ली आकर अपनी आजादी के साथ नए विकल्प तलाशने शुरू किए. मॉडलिंग से एक्टिंग की ओर शुरुआत में कंगना ने मॉडलिंग की कोशिश की, लेकिन उनका मन उसमें नहीं लगा. उन्हें कुछ नया और रचनात्मक करने की चाह थी. इसके बाद उन्होंने अभिनय की ओर रुख किया और अस्मिता थिएटर ग्रुप से प्रशिक्षण लिया. थिएटर में अभिनय सीखने के बाद कंगना ने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा. बॉलीवुड में करियर की शुरुआत साल 2005 में ‘गैंगस्टर’ से कंगना ने बॉलीवुड में डेब्यू किया. फिल्म में सिमरन नाम की शराबी लड़की का किरदार निभाकर उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. इसके बाद उनकी फिल्में जैसे ‘फैशन’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘क्वीन’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’, ‘पंगा’, ‘थलाइवी’ और ‘वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई’ ने उन्हें सशक्त अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया. ‘क्वीन’ और सफलता का शिखर कंगना की सबसे बड़ी पहचान 2013 में आई फिल्म ‘क्वीन’ से बनी. इस फिल्म में उनके बेहतरीन अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड की ‘क्वीन’ का दर्जा दिलाया. लगभग 20 साल के करियर में उन्होंने 4 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 4 फिल्मफेयर अवॉर्ड समेत कई पुरस्कार जीते हैं. हिंदुस्तान प्रशासन द्वारा उन्हें चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है. बॉलीवुड में स्टारडम के बावजूद कंगना ने अपने दम पर नाम कमाया और अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं. चाहे किसी सामाजिक मुद्दे पर राय हो या इंडस्ट्री में स्टार पावर की बात, कंगना हमेशा अपने विचार खुलकर रखती हैं. आज वे न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं. यह भी पढ़ें: जाह्नवी कपूर ने छोड़ी धर्मा एजेंसी, करण जौहर बोले- ये इंडस्ट्री का नया ट्रेंड The post मंडी की गलियों से चमकते बॉलीवुड तक, जानें 4 नेशनल अवॉर्ड्स जीतने वाली कंगना रनौत का सफर appeared first on Naya Vichar.

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इस गर्मी ट्राई करें मूंग दाल चाट, ज्योति ने बताई रेसिपी 

Moong Dal Chaat: आपने अब तक कई सारे चाट घर पर बनाकर ट्राई किए होंगे जैसे – आलू टिक्की चाट, समोसा चाट और भी कई सारे. ऐसे में गर्मी का मौसम आ गया है इस समय गरमा गरम चाट नहीं, बल्कि कुछ हल्का, टेस्टी और हेल्दी खाने का मन करता है. इसलिए आज हम आपके लिए लेकर आए है मूंग दाल चाट बनाने की रेसिपी, जो गर्मियों में बनाने के लिए परफेक्ट ऑप्शन है. ये रेसिपी न सिर्फ जल्दी बन जाती है, बल्कि खाने में भी बहुत स्वादिष्ट लगती है. इसे आप आसानी से घर पर कुछ आसान स्टेप को फॉलो करके तैयार कर सकते हैं. तो आइए बताते हैं आपको मूंग दाल चाट बनाने की रेसिपी.  मूंग दाल चाट बनाने के लिए किन-किन सामग्री की जरूरत पड़ती है? ½ कप भीगा हुआ मूंग दाल 1 खीरा, बारीक कटा हुआ 1 प्याज, बारीक कटा हुआ 1 टमाटर, बारीक कटा हुआ 1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई 1 चम्मचहरा धनिया, कटा हुआ स्वादानुसार नमक ½ चम्मच चाट मसाला एक चुटकी काली मिर्च मूंग दाल चाट बनाने का तरीका क्या है? सबसे पहले आप मूंग दाल को कुछ घंटे के लिए भिगो दें. इसके बाद इसे एक बर्तन में नमक डालकर पानी में 5 मिनट तक उबालें (थोड़ी कच्ची रखें).  अब आप मूंग दाल को छननी की मदद से छानकर सारा पानी निकालकर दाल को ठंडा होने दें.  इसके बाद आप इसे एक बड़े बाउल में निकालें. इसमें आप खीरा, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. ऊपर इसे आधा नींबू का रस डाल दें.  फिर आप नमक, चाट मसाला और काली मिर्च डालकर अच्छी से मिक्स करें. सारी चीजों को मिक्स करने के बाद मूंग दाल चाट बनकर तैयार है.  टिप्स : आप चाहें तो इसमें अनार के दाने, गाजर, नींबू का रस, मूंगफली या स्प्राउट्स भी डाल सकते हैं.  View this post on Instagram A post shared by Jyoti Mahawar (@jyotiimahawar) यह भी पढ़ें- Sooji Besan Laddu: फेस्टिव सीजन को बनाएं खास, तैयार करें सूजी-बेसन के लड्डू  यह भी पढ़ें- Masala Moongfali: सफर और स्नैक टाइम के लिए बेस्ट, आसानी से बनाएं मसाला मूंगफली नमकीन  The post इस गर्मी ट्राई करें मूंग दाल चाट, ज्योति ने बताई रेसिपी  appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2026: धोनी ने किया वर्ल्ड चैंपियंस का सम्मान, चेपॉक में गूंजा संजू का नाम

Highlights धोनी ने तीन वर्ल्ड चैंपियंस का बढ़ाया मान  टी20 वर्ल्ड कप में संजू और दुबे का शानदार स्पोर्ट्स  अंडर-19 के हीरो आयुष म्हात्रे को मिला सम्मान  चेपॉक स्टेडियम में दिग्गजों का जमावडा  आईपीएल 2026 में चेन्नई टीम का शेड्यूल  आईपीएल 2026 (IPL 2026) का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है. टूर्नामेंट के आगाज से पहले 22 मार्च को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने अपने घरेलू मैदान चेपॉक स्टेडियम में ‘रोर 2026’ नाम से एक मीट एंड ग्रीट इवेंट आयोजित किया. इस कार्यक्रम में टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने तीन युवा प्लेयर्स को खास मोमेंटो देकर सम्मानित किया. ये तीन प्लेयर संजू सैमसन, शिवम दुबे और आयुष म्हात्रे हैं. इन तीनों ने हाल ही में हिंदुस्तानीय टीम को वर्ल्ड कप जिताने में अपना अहम रोल निभाया है. धोनी ने तीन वर्ल्ड चैंपियंस का बढ़ाया मान  चेन्नई सुपर किंग्स के कैंप में इस बार तीन ऐसे प्लेयर मौजूद हैं, जिन्होंने हाल ही में हिंदुस्तान को वर्ल्ड चैंपियन बनाया है. संजू सैमसन और शिवम दुबे ने टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई है. वही आयुष म्हात्रे ने हिंदुस्तान को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताया है. रविवार को चेपॉक स्टेडियम में आयोजित इवेंट में क्रिकेट के दिग्गज एमएस धोनी ने अपने हाथ से इन तीनों प्लेयर्स को मोमेंटो दिया. चेन्नई फ्रेंचाइजी ने सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि महान प्लेयर ने वर्ल्ड चैंपियंस का सम्मान किया. View this post on Instagram A post shared by Chennai Super Kings (@chennaiipl) टी20 वर्ल्ड कप में संजू और दुबे का शानदार स्पोर्ट्स  इसी महीने 8 मार्च को अहमदाबाद में हिंदुस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल जीता था. इस टूर्नामेंट में संजू सैमसन और शिवम दुबे ने कमाल का स्पोर्ट्स दिखाया. हिंदुस्तान ने फाइनल मैच में न्यूजीलैंड को 96 रन से मात दी थी. शुरुआती मैच ना स्पोर्ट्स पाने के बाद संजू सैमसन ने जोरदार वापसी की और फाइनल मैच में 89 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. उनको प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया. शिवम दुबे ने भी बीच के ओवर्स में जल्दी रन बनाकर कप्तान सूर्यकुमार यादव की टीम को बेहद मजबूत किया. अंडर-19 के हीरो आयुष म्हात्रे को मिला सम्मान  युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने अपनी कप्तानी में हिंदुस्तान को अंडर-19 वर्ल्ड कप का चैंपियन बनाया है. फरवरी 2026 में स्पोर्ट्से गए इस टूर्नामेंट के फाइनल में हिंदुस्तान ने इंग्लैंड को 100 रन के बडे अंतर से हराया था. यह हिंदुस्तान का छठा अंडर-19 वर्ल्ड कप टाइटल था. हरारे में स्पोर्ट्से गए खिताबी मैच में आयुष ने आगे से टीम को लीड करते हुए शानदार हाफ सेंचुरी लगाई थी. उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए चेन्नई फ्रेंचाइजी ने उन्हें यह सम्मान दिया. चेपॉक स्टेडियम में दिग्गजों का जमावडा  आईपीएल के नए सीजन से पहले चेन्नई की टीम ने फैंस के लिए यह खास कार्यक्रम रखा. इस इवेंट में टीम के मौजूदा प्लेयर्स के साथ कई पुराने दिग्गज भी शामिल हुए. धोनी के अलावा इस कार्यक्रम में अंबाती रायडू, मैथ्यू हेडन, माइकल हसी, हरभजन सिंह, सुरेश रैना, लक्ष्मीपति बालाजी और मुथैया मुरलीधरन मौजूद थे. इन सभी पूर्व प्लेयर्स ने आपस में खूब मस्ती मजाक किया. इस यादगार पल का वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है. View this post on Instagram A post shared by Chennai Super Kings (@chennaiipl) आईपीएल 2026 में चेन्नई टीम का शेड्यूल  आईपीएल 2025 में चेन्नई का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था. टीम 14 में से केवल 4 मैच ही जीत पाई थी और पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे रहकर सीजन का अंत किया था. अब नए सीजन में टीम शानदार वापसी करना चाहेगी. चेन्नई की टीम अपना पहला मैच 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुवाहाटी में स्पोर्ट्सेगी. इसके बाद 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स और 5 अप्रैल को पिछली बार की चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से मुकाबला होगा. वही 11 अप्रैल को टीम दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैदान में उतरेगी. ये भी पढ़ें- पलक झपकते ही स्पोर्ट्स खत्म! धोनी की बिजली जैसी फुर्ती ने फिर जीता दिल, क्या आपने देखा यह वीडियो? माही की एक झलक पाने को पागल हुए फैंस, चेन्नई में बस धोनी-धोनी की गूंज The post IPL 2026: धोनी ने किया वर्ल्ड चैंपियंस का सम्मान, चेपॉक में गूंजा संजू का नाम appeared first on Naya Vichar.

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आज आ सकता है राजस्थान बोर्ड का रिजल्ट, यहां करें सबसे पहले चेक 

RBSE Board Result 2026: राजस्थान बोर्ड 10वीं के स्टूडेंट्स का इंतजार अब खत्म होने वाला है. समाचार है कि RBSE 10th Result 2026 आज यानी 23 मार्च 2026 को जारी किया जा सकता है. ऐसे में स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपना रोल नंबर (Roll No) तैयार रखें और रिजल्ट चेक करने के सभी तरीके पहले से जान लें, ताकि रिजल्ट आते ही बिना किसी परेशानी के उसे देख सकें. कहां जारी होगा Rajasthan Board रिजल्ट? राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट्स पर जारी किया जाएगा. स्टूडेंट्स rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. इसके अलावा, बोर्ड कई बार वैकल्पिक प्लेटफॉर्म्स भी उपलब्ध कराता है, ताकि वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक होने पर भी स्टूडेंट्स आसानी से रिजल्ट देख सकें. कैसे देखें RBSE 10th Result 2026? सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं होमपेज पर “RBSE 10th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें अब अपना रोल नंबर दर्ज करें सबमिट बटन पर क्लिक करें आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट या स्क्रीनशॉट सेव कर लें इंटरनेट नहीं है तो कैसे चेक करें रिजल्ट? अगर आपके पास इंटरनेट नहीं है या वेबसाइट स्लो हो रही है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है. कई बार बोर्ड SMS या अन्य ऑफलाइन तरीकों से भी रिजल्ट चेक करने की सुविधा देता है. इसके अलावा, DigiLocker जैसे प्लेटफॉर्म पर भी मार्कशीट उपलब्ध कराई जा सकती है, जहां से आप बाद में अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं. जरूरी सलाह रिजल्ट चेक करने से पहले रोल नंबर तैयार रखें वेबसाइट क्रैश होने पर बार-बार रिफ्रेश करने के बजाय थोड़ा इंतजार करें किसी अनऑफिशियल वेबसाइट पर अपनी डिटेल्स शेयर न करें यह भी पढ़ें- राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट Digilocker पर कैसे करें चेक? The post आज आ सकता है राजस्थान बोर्ड का रिजल्ट, यहां करें सबसे पहले चेक  appeared first on Naya Vichar.

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