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Author name: Vinod Jha

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मोहम्मद शमी ने IPL में रचा इतिहास, पहली गेंद पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने

Mohammad Shami Record: दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच की पहली ही गेंद पर शमी ने सलामी बल्लेबाज केएल राहुल को पवेलियन भेजकर सनसनी मचा दी. इस विकेट के साथ ही मोहम्मद शमी आईपीएल इतिहास में पारी की पहली गेंद पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए. आईपीएल इतिहास में मोहम्मद शमी 5 बार ले चुके हैं पहली गेंद पर विकेट आईपीएल इतिहास में मोहम्मद शमी अब तक 5 बार पारी की पहली गेंद पर विकेट ले चुके हैं. शमी के अलावा 7 गेंदबाज हैं, जो तीन-तीन बार पहली गेंद पर विकेट ले चुके हैं. आईपीएल इतिहास में पहली गेंद पर विकेट लेने वाले गेंदबाज मोहम्मद शमी – 5 बारप्रवीण कुमार – 3 बारउमेश यादव – 3 बारट्रेंट बोल्ट – 3 बारलसिथ मलिंगा – 3 बारभुवनेश्वर कुमार – 3 बारअशोक डिंडा – 3 बारपैट कमिंस – 3 बार दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मोहम्मद शमी ने की शानदार गेंदबाजी बुधवार 1 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी की थी. उन्होंने 4 ओवर में 28 रन दिए और केएल राहुल का विकेट चटकाया था. मोहम्मद शमी का आईपीएल में प्रदर्शन मोहम्मद शमी अब तक 120 आईपीएल मुकाबले स्पोर्ट्स चुके हैं. जिसमें उन्होंने 134 विकेट लिए हैं. शमी दो बार 4-4 विकेट भी लिए हैं. The post मोहम्मद शमी ने IPL में रचा इतिहास, पहली गेंद पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

मुसरीघरारी में अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल, अधिकारियों ने दिए बचाव के जरूरी टिप्स

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – मुसरीघरारी नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 4 में गुरुवार को अग्नि सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समस्तीपुर अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी ज्योति कुमारी ने की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में आग से बचाव और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। ज्योति कुमारी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नए भवनों का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कोड और बिहार भवन उपविधि के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। साथ ही पुराने भवनों का समय-समय पर फायर ऑडिट कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि अग्निशमन विभाग द्वारा जारी निर्देशों और सुझावों का पालन करने से आग की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भवनों में विद्युत भार के अनुरूप ही मानक तार और उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। साथ ही समय-समय पर घरों की जांच करानी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही से बचा जा सके। उन्होंने यह भी सलाह दी कि आवासीय और व्यावसायिक भवनों में फायर प्लान को आसानी से दिखाई देने वाली जगह पर लगाया जाए। रसोई गैस के उपयोग को लेकर उन्होंने कहा कि खाना बनाने के बाद चूल्हा बंद करने के साथ-साथ रेगुलेटर को भी बंद करना अनिवार्य है। यह छोटी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है। कार्यक्रम में क्या नहीं करें पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि जलती हुई सिगरेट या बीड़ी के टुकड़े कहीं भी नहीं फेंकें। घरों और भवनों में ज्वलनशील पदार्थों का अनावश्यक भंडारण नहीं करें। प्रवेश और निकास मार्ग को किसी भी स्थिति में अवरुद्ध नहीं करें, ताकि आपातकाल में आसानी से बाहर निकला जा सके। साथ ही बिजली के तारों को खुला या झूलता हुआ नहीं छोड़ना चाहिए। इस मौके पर अग्निशमन विभाग के अरविंद कुमार सिंह, संतोष कुमार शर्मा, भरत कुमार, संदीप कुमार और गौरव कुमार मौजूद रहे। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों में नगर पंचायत की मुख्य पार्षद दिव्या कुमारी, वार्ड पार्षद रमेश राय, फलिंदर राम और अमर कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया, जिससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

समस्तीपुर

मुसरीघरारी में भीषण आग से दो परिवार बेघर, लाखों का सामान जलकर राख

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। सरायरंजन प्रखंड के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत मुसरीघरारी के वार्ड संख्या 4 में गुरुवार दोपहर अचानक लगी आग से दो परिवारों का सब कुछ जलकर राख हो गया। इस हादसे में पीड़ित परिवारों के घर, कपड़े, बर्तन, जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड और राशन कार्ड सहित सभी सामान नष्ट हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रभु पासवान पिता स्वर्गीय नेगर पासवान के घर में आग लगी, जिससे उनका आवासीय हिस्सा पूरी तरह जल गया। घर के सामने स्थित उनकी छोटी दुकान भी आग की चपेट में आ गई और उसमें रखा सारा सामान जलकर खत्म हो गया। वहीं दूसरी पीड़िता रसिया देवी पति स्वर्गीय दुक्खन पासवान का झोपड़ीनुमा घर भी आग से पूरी तरह नष्ट हो गया। उनके पास बचाने लायक कोई सामान नहीं बच पाया। आग लगने के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। घटना के समय किसी भी घर में खाना नहीं बन रहा था। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि सड़क किनारे स्थित घरों के पास किसी राहगीर द्वारा फेंकी गई सिगरेट या बीड़ी से आग लगी हो सकती है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि फलिंदर राम, अमर कुमार, रमेश राय और मोहम्मद अजमल ने तत्परता दिखाते हुए अग्निशमन विभाग और मुसरीघरारी थाना को जानकारी दी। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। बाद में पहुंची दमकल की टीम ने भी आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना की जानकारी अंचलाधिकारी निशांत कुमार को दी गई। उन्होंने संबंधित कर्मियों को मौके पर भेजकर पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द प्रशासनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

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सेल्फी मिरर कैमरा के साथ लॉन्च हुआ Realme 16 5G, मिलेगी 7000mAh की बैटरी

Realme ने हिंदुस्तान में अपना नया स्मार्टफोन Realme 16 5G लॉन्च कर दिया है. इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसके रियर कैमरा मॉड्यूल में दिया गया सेल्फी मिरर कैमरा है, जिससे यूजर्स मेन कैमरा से ही बेहतर क्वालिटी में सेल्फी ले सकते हैं. यह फोन दो कलर ऑप्शन में पेश किया गया है और इसमें 7,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है. आइए जानते हैं इसके फीचर्स और कीमत के बारे में. कीमत और उपलब्धता Realme 16 5G को ₹36,999 में लॉन्च किया है. इस कीमत पर 12GB RAM और 256GB स्टोरेज मिलेगा. यह फोन Air Black और Air White कलर ऑप्शन में उपलब्ध है. फिलहाल इसे Flipkart और Realme की ऑफिशियल वेबसाइट से प्री-ऑर्डर किया जा सकता है, जबकि इसकी सेल 5 अप्रैल से शुरू होगी. डिस्प्ले और डिजाइन इस स्मार्टफोन में 6.57-इंच का Full HD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 4,200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है. इसमें 93% स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो और 3000Hz टच सैंपलिंग रेट मिलता है, जिससे स्मूद एक्सपीरियंस मिलता है. परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर Realme 16 5G में MediaTek Dimensity 6400 Turbo प्रोसेसर दिया गया है, जो 12GB तक LPDDR4x RAM और 256GB UFS 2.2 स्टोरेज के साथ आता है. यह फोन Android 16 पर बेस्ड Realme UI 7.0 पर चलता है. साथ ही इस पर कंपनी 3 साल तक OS अपडेट और 4 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा करती है. इसके अलावा, फोन में बेहतर कूलिंग के लिए वेपर चैंबर सिस्टम दिया गया है और यह IP69 रेटिंग के साथ आता है, यानी धूल और पानी से सुरक्षित है. कैमरा फीचर्स Realme 16 5G में डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलता है, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा और 2MP का मोनोक्रोम सेंसर शामिल है. खास बात इसका सेल्फी मिरर है, जो रियर कैमरा के पास दिया गया है. इसकी मदद से यूजर्स रियर कैमरे से ही बढ़िया क्वालिटी वाली सेल्फी ले सकते हैं. सेल्फी और वीडियो के लिए फ्रंट में भी 50MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. बैटरी और कनेक्टिविटी इस फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 60W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है. कंपनी के अनुसार, यह बैटरी 1600 चार्जिंग साइकल तक टिकाऊ है और एक बार चार्ज में करीब 142 घंटे तक म्यूजिक प्लेबैक दे सकती है. कनेक्टिविटी के लिए, इसमें 5G, 4G LTE, Wi-Fi 6, Bluetooth 5.3, GPS और USB Type-C पोर्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं. साथ ही, इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक भी दिया गया है. यह भी पढ़ें: 6000mAh बैटरी के साथ ग्लोबली लॉन्च हुआ Redmi A7 Pro, जानें फीचर्स The post सेल्फी मिरर कैमरा के साथ लॉन्च हुआ Realme 16 5G, मिलेगी 7000mAh की बैटरी appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में जजों पर हमले से गुस्से में सुप्रीम कोर्ट, DM और SP तलब, CBI या NIA करेगी जांच

मुख्य बातें अदालत को दी गयी पूरी जानकारी काफी देर से मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक बेहद नाराज थे न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देश जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका से कोर्ट नाराज Bengal Election: कोलकाता/ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कालियाचक घटना पर कड़ी कार्रवाई की है. सुप्रीम कोर्ट ने मालदा के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची ने कहा कि और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है. बुधवार रात मालदा के कालियाचक थाने के न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी के बाद गुरुवार सुबह यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में आया. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की पीठ के समक्ष यह मामला उठाया गया. कालियाचक घटना में प्रशासन के रवैये से सुप्रीम कोर्ट बेहद नाराज है. सुप्रीम कोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है. अदालत को दी गयी पूरी जानकारी गुरुवार की सुनवाई में राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने पैरवी की. आयोग की ओर से डीएस नायडू और गोपाल शंकर नारायण ने पैरवी की. आयोग के वकील ने बुधवार शाम को कालियाच में घटी पूरी घटना का विस्तृत विवरण दिया. अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने भी पैरवी की. मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा- हमें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से एक पत्र प्राप्त हुआ है. कल रात, हममें से कुछ लोगों को व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से सूचित किया गया कि मालदा जिले के कालियाचक क्षेत्र में तीन स्त्रीओं सहित कुल सात न्यायाधीशों को बदमाशों ने घेर लिया है. यह घेराबंदी दोपहर 3:30 बजे शुरू हुई. काफी देर से मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा- अपने पत्र में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न तो जिला मजिस्ट्रेट और न ही पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे. स्थिति को संभालने के लिए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को स्वयं राज्य के पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव को बुलाना पड़ा. स्थिति का वर्णन करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा- अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश संपर्क में थे. उन्हें आधी रात के बाद रिहा किया गया. रिहाई के बाद जब वे घर जा रहे थे, तब भी उन्हें लाठियों से पीटा गया और उनकी कार में उन पर पत्थर फेंके गए. हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने जिला न्यायाधीशों को निर्धारित समय के भीतर काम करने का निर्देश दिया है. बेहद नाराज थे न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची बेहद नाराज थे और उन्होंने कहा- इस घटना में प्रशासन को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत थी. सर्वोच्च न्यायालय को आयोग पर पूरा भरोसा है कि वह पूरी स्थिति से निपट लेगा. न्यायमूर्ति बागची ने कहा- आयोग को आवश्यक बल तैनात करने होंगे. न्यायालय ने आयोग को सलाह दी कि राज्य प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए कि इन न्यायिक अधिकारियों का काम सुचारू रूप से हो सके. मुख्य न्यायाधीश ने कहा- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि इस घटना का न्यायिक अधिकारियों पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा. मुख्य न्यायाधीश का पत्र देखकर हमें बेहद निराशा हुई है. सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देश ECI को निर्देश दिया जाता है कि वह पर्याप्त केंद्रीय बलों की मांग करे और उन्हें उन सभी जगहों पर तैनात करे जहाँ न्यायिक अधिकारी SIR मामलों की सुनवाई कर रहे हैं. उन होटलों, गेस्ट हाउसों और अन्य जगहों पर भी पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए, जहाँ ये अधिकारी इस समय ठहरे हुए हैं. यदि किसी न्यायिक अधिकारी या उनके परिवार के सदस्यों को कोई आशंका या खतरे का अंदेशा है, तो उसका तुरंत आकलन किया जाए और उचित कार्रवाई की जाए. सुरक्षा और सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अन्य सभी उपाय ECI द्वारा राज्य प्रशासन के समन्वय से किए जाएंगे. मुख्य सचिव, गृह सचिव और DGP को संयुक्त रूप से निर्देश दिया जाता है कि वे यह सुनिश्चित करें कि आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक समय में परिसर में 3-5 से अधिक व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति न दी जाए. किसी भी ऐसी जगह पर, जहाँ SIR मामलों की सुनवाई चल रही हो, किसी भी समय पांच से अधिक व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. मुख्य सचिव और DGP न्यायालय के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. कलेक्टर, मुख्य सचिव, DGP, जिला मजिस्ट्रेट और SSP को निर्देश दिया जाता है कि वे कारण बताएँ कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से प्राप्त पत्र के आलोक में उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई क्यों न की जाए. उन्हें आगे यह भी निर्देश दिया जाता है कि वे सुनवाई की अगली तारीख, 6 अप्रैल को (वर्चुअली) उपस्थित रहें. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका से कोर्ट नाराज मुख्य न्यायाधीश ने कहा- इससे पहले हमने आदेश में कहा था कि न्यायाधीशों को एसआईआर प्रक्रिया में आपत्तियों के समाधान की जिम्मेदारी दी गई है. उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने आगे कहा- यह घटना राज्य प्रशासन की अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफलता का एक उदाहरण है. संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाना चाहिए कि मामले की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने न्यायाधीशों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था क्यों नहीं की. सर्वोच्च न्यायालय पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका से नाराज है. उन्हें तलब किया गया है. Also Read: बंगाल में न्यायाधीशों के काफिले पर हमला, मालदा में 100 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त The post बंगाल में जजों पर हमले से गुस्से में सुप्रीम कोर्ट, DM और SP तलब, CBI या NIA करेगी जांच appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana Teaser: रणबीर कपूर बने मर्यादा पुरुषोत्तम राम, लुक में दिखी दिव्यता

Ramayana Teaser: हनुमान जयंती (2 अप्रैल) के मौके पर निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ से रणबीर कपूर का भगवान राम के रूप में पहला लुक सामने आया है. टीजर में भगवान राम को एक ऐसे रक्षक के रूप में दिखाया गया है, जो हर समस्या का समाधान हैं. इसमें यह भी बताया गया है कि वे हजारों सालों से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं. रणबीर भगवान राम के रूप में भीड़ के बीच चलते नजर आते हैं, जहां लोग उन पर फूल बरसा रहे हैं. टीजर में दिखा भगवान राम का दिव्य रूप इस टीजर में उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण पल दिखाए गए हैं-एक योद्धा और एक राजा दोनों रूपों में. वे शाही वस्त्रों और सोने के जेवर पहने नजर आते हैं. करीब 2 मिनट 38 सेकंड के इस वीडियो में दर्शकों को अयोध्या से लेकर वनवास और फिर राक्षसों के साथ होने वाली लड़ाइयों तक की झलक देखने को मिलती है. देखें टीजर नमित मल्होत्रा ने शेयर की खास बात फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने टीजर शेयर करते हुए लिखा, भगवान राम सबसे महान इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने ऐसा जीवन जिया, जिसमें उनके हर फैसले हमेशा समाज और सभी के भले के लिए होते थे. उन्होंने अपनी इच्छाओं से पहले अपने कर्तव्य को रखा और हमेशा त्याग को चुना. उनकी विरासत समय के साथ मानवता को मजबूत और प्रेरित करती रही है. यह लोगों के अंदर अच्छाई पर विश्वास जगाती है, जिससे हर तरह के संघर्ष को खत्म कर दुनिया में शांति लाई जा सके. दुनियाभर के सिनेमाघरों में ‘रामायण पार्ट 1’ दिवाली 2026 को आएगी. यूजर्स के कमेंट्स वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर fact__kannadiga ने लिखा, नेक्सट लेवल का साउंड इफेक्ट. जबरदस्त. यूजर thename_is_vicky ने लिखा, हमें रावण का इंतजार है. यूजर uniquedhavalkhatri ने लिखा, सचमुच रोंगटे खड़े हो गए. यह भी पढ़ें- Ramayana: पति रणबीर कपूर के ‘राम’ रूप पर फिदा आलिया, बोलीं- उन्होंने खूबसूरती से काम किया The post Ramayana Teaser: रणबीर कपूर बने मर्यादा पुरुषोत्तम राम, लुक में दिखी दिव्यता appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के 11 MLC सीटों पर सियासी खेल शुरू, NDA vs महागठबंधन में कौन पड़ेगा भारी?

Bihar MLC Election 2026 : बिहार की नेतृत्व में राज्यसभा चुनाव का शोर अभी थमा भी नहीं था कि अब विधान परिषद (MLC) की खाली हो रही सीटों ने सियासत शुरू हो गई है. राज्य में कुल 11 सीटों पर होने वाले इस चुनाव को लेकर पटना से दिल्ली तक जोड़-तोड़ का स्पोर्ट्स शुरू हो चुका है. जून 2026 में 9 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि दो सीटें इस्तीफे के कारण खाली हुई हैं. एनडीए के किले में सीटों का बंटवारा बिहार विधान परिषद के इस चुनाव में एनडीए पूरी तरह से ‘रिलैक्स’ मोड में दिख रहा है. आंकड़ों के जादू ने नीतीश कुमार और भाजपा की राह आसान कर दी है. संभावित हिस्सेदारी की बात करें तो 11 में से 10 सीटें एनडीए के पाले में जाती दिख रही हैं. इसमें सबसे दिलचस्प मोड़ चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को लेकर है. राज्यसभा चुनाव में अपने 19 विधायकों का समर्थन देने के बदले चिराग की पार्टी एक एमएलसी सीट पर अपना मजबूत दावा ठोक रही है. भाजपा के कोटे से मंगल पांडेय द्वारा खाली की गई सीट और जदयू के कोटे से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे वाली सीट पर भी उपचुनाव होना है. माना जा रहा है कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को सदन भेजने के लिए भाजपा अपनी एक सीट पक्की कर चुकी है. महागठबंधन के पास सीमित विकल्प विपक्ष की बात करें तो संख्या बल के मामले में महागठबंधन फिलहाल बैकफुट पर है. सदन में एक सदस्य भेजने के लिए कम से कम 25 विधायकों के वोट की जरूरत है. महागठबंधन के पास एआईएमआईएम और बसपा को मिलाकर कुल 41 विधायक हैं. इस गणित के हिसाब से वे आसानी से केवल एक सदस्य को ही परिषद भेज सकते हैं. एक सीट जीतने के बाद उनके पास 16 विधायक अतिरिक्त बचेंगे, जो दूसरी सीट के लिए पर्याप्त नहीं होंगे क्योंकि उन्हें और 9 विधायकों के समर्थन की दरकार होगी. अब सवाल यह उठता है कि क्या राजद अपनी इकलौती सीट पर खुद का उम्मीदवार उतारेगी या फिर ओवैसी की पार्टी (AIMIM) को राज्यसभा में दिए गए समर्थन का इनाम देगी? किसका खत्म हो रहा कार्यकाल जून 2026 में जिन दिग्गजों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें राजद के सुनील कुमार सिंह और मोहम्मद फारुक, जदयू के गुलाम गौस, भीष्म सहनी और कुमद वर्मा, भाजपा के संजय मयूख और कांग्रेस के समीर कुमार सिंह शामिल हैं. नए समीकरणों के तहत भाजपा और जदयू के हिस्से 4-4 सीटें आने की संभावना है. उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो और चिराग पासवान की लोजपा (आर) को 1-1 सीट मिल सकती है. राजद को अपनी दो मौजूदा सीटों में से एक का नुकसान उठाना पड़ सकता है. कुल मिलाकर, यह चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्वक दलों की एकजुटता और रणनीतिक कौशल की एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है. Also Read: सीएम नीतीश कुमार को मिली Z प्लस सिक्योरिटी, गृह विभाग से आदेश The post बिहार के 11 MLC सीटों पर सियासी स्पोर्ट्स शुरू, NDA vs महागठबंधन में कौन पड़ेगा भारी? appeared first on Naya Vichar.

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54 साल बाद एस्ट्रोनॉट्स सहित मून मिशन पर NASA, अंतरिक्ष में पहुंचा Artemis II, क्यों खास है यह मिशन?

NASA Artemis-II: 50 साल से अधिक समय बाद अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री फिर से चंद्रमा के चारों ओर की यात्रा पर निकल गए. नासा ने बुधवार को आर्टेमिस-II मिशन के तहत पृथ्वी की कक्षा से बाहर इंसानों को भेजा. यह प्रक्षेपण कैनेडी स्पेस सेंटर से किया गया. लगभग 54 वर्षों बाद शुरू किए गए इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री हैं. इस मिशन का रॉकेट फिलहाल पृथ्वी की कक्षा में है, यह गुरुवार तक वहीं परिक्रमा करता रहेगा. इस दौरान ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ (चंद्र-पथ प्रवेश दहन) किया जाएगा, इसके बाद यह चंद्रमा तक की 2,44,000 मील (लगभग 3 लाख 92 हजार 680 किमी) लंबी यात्रा पर निकलेगा. आर्टेमिस-II, 1972 के अपोलो 17 मिशन के बाद चंद्रमा के आसपास जाने वाला पहला चालक-दल मिशन है. यह 10 दिनों की यात्रा पर है. इस मिशन में नासा के कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टिना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के मिशन विशेषज्ञ जेरेमी हैनसन शामिल हैं. चौथे सदस्य, कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसन, इस क्षेत्र में जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी बनेंगे. अंतरिक्ष यात्री लगभग 25 घंटे तक पृथ्वी की कक्षा में रहकर सभी प्रणालियों का परीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ ठीक से काम कर रहा है. इसके बाद ही ओरियन अंतरिक्ष यान अपने इंजन को सक्रिय कर चंद्रमा की ओर बढ़ेगा, जो लगभग 2,44,000 मील दूर है. नासा के अनुसार, पृथ्वी की कक्षा से चंद्रमा तक पहुंचने में लगभग तीन दिन लगते हैं. चंद्रमा पर नहीं उतरेगा आर्टेमिस-II यह मिशन चंद्रमा पर नहीं उतरेगा. चंद्रमा के सबसे नजदीक होने पर भी यह उससे हजारों मील दूर रहेगा. सबसे नजदीकी पॉइंट से अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के हिस्सों को देख सकेंगे, जहां चंद्रमा उन्हें हाथ की दूरी पर रखी बास्केटबॉल जितना बड़ा दिखाई देगा. यह चंद्रमा के चारों ओर ‘फ्री-रिटर्न ट्राजेक्टरी’ (स्वतः वापसी पथ) पर चलेगा. हालांकि, यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर मानव के उतरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह मिशन ओरियन अंतरिक्ष यान की जीवन-समर्थन प्रणाली और अन्य प्रणालियों का परीक्षण करेगा, जिसे इंसानों को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए तैयार किया गया है. इसके बाद यह पृथ्वी पर लौटेगा. नासा की योजना है कि वह 2028 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारे. Liftoff. The Artemis II mission launched from @NASAKennedy at 6:35pm ET (2235 UTC), propelling four astronauts on a journey around the Moon. Artemis II will pave the way for future Moon landings, as well as the next giant leap — astronauts on Mars. pic.twitter.com/ENQA4RTqAc — NASA (@NASA) April 1, 2026 आर्टेमिस-II मिशन में चंद्रमा पर क्यों नहीं उतरेंगे एस्ट्रोनॉट्स? इसका मुख्य कारण तकनीकी है. ओरियन अंतरिक्ष यान को चंद्रमा पर उतरने के लिए नहीं बनाया गया है. इसे गहरे अंतरिक्ष में यात्रा के लिए तैयार किया गया है, न कि चंद्रमा पर उतरने के लिए. इसमें उतरने, सतह पर संचालन और फिर वापस उड़ान भरने के लिए जरूरी प्रणालियां मौजूद नहीं हैं. इसलिए, चंद्रमा के करीब पहुंचने के बावजूद अंतरिक्ष यात्री वहां उतर नहीं सकते. चंद्रमा की यात्रा बनेगा नया रिकॉर्ड अंतरिक्ष यात्री स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के जरिए रवाना हुए, जिसकी ऊंचाई 322 फीट है. पूरी तरह ईंधन भरे होने पर इसका वजन 5.75 मिलियन पाउंड होता है. अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद वे ओरियन कैप्सूल में अपनी यात्रा जारी रखेंगे. इस मिशन के दौरान चालक दल पृथ्वी से लगभग 43,000 मील दूर तक जाएगा. मिशन के छठे दिन चालक दल के चंद्रमा के दूर वाले हिस्से (फार साइड) से लगभग 4,600 मील (7,400 किलोमीटर) आगे जाने की उम्मीद है. इस दौरान वे पृथ्वी से करीब 2,53,000 मील की दूरी तक पहुंच सकते हैं. यह इस मिशन की अधिकतम दूरी हो सकती है. अगर मिशन तय योजना के अनुसार चलता है, तो अंतरिक्ष यात्री मानव द्वारा पृथ्वी से अब तक की सबसे दूर यात्रा का रिकॉर्ड बना सकते हैं, जो अपोलो 13 मिशन (1970) के रिकॉर्ड से भी आगे होगा. उस समय अपोलो मिशन ने 2,48, 455 मील (4 लाख 171 किलोमीटर) की दूरी तय की थी. आर्टेमिस-II मिशन का काम क्या होगा? मिशन का एक अहम हिस्सा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के उन क्षेत्रों की 4,000 से 6,000 मील की ऊंचाई से तस्वीरें लेना है, जहां भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों के उतरने और स्थायी आधार (बेस) बनाने की योजना है. यह लंबी यात्रा अंतरिक्ष यात्रियों को महत्वपूर्ण उपकरणों और जीवन-समर्थन प्रणालियों का परीक्षण करने का समय भी देगी, जो भविष्य के मिशनों, खासतौर पर 2028 में प्रस्तावित आर्टेमिस-IV के लिए जरूरी होंगे. इसमें फिर से इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारने की योजना है. यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत पर भी नजर रखी जाएगी, जिसमें बढ़े हुए विकिरण (रेडिएशन) और सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (माइक्रोग्रैविटी) के प्रभावों का अध्ययन शामिल होगा. उन्हें प्रशांत महासागर में जल-अवतरण (स्प्लैशडाउन) तक 5 मीटर व्यास वाले कैप्सूल के सीमित स्थान में साथ रहना होगा. अंतरिक्ष यात्रियों के निजी सामान बीबीसी के अनुसार, आर्टेमिस-II के चालक दल ने इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए अपने साथ कुछ निजी सामान भी रखे हैं. पायलट विक्टर ग्लोवर अपने साथ बाइबिल लेकर गए हैं, जबकि जेरेमी हैनसन अपने परिवार के लॉकेट (पेंडेंट) लेकर गए. कमांडर रीड वाइजमैन नोटपैड और पेंसिल साथ ले गए हैं और क्रिस्टिना कोच अपने प्रियजनों के हाथ से लिखे संदेश लेकर गई हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से शुरू किया आर्टेमिस मिशन आर्टेमिस कार्यक्रम को डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में फिर से शुरू किया गया था और बाद में इसे उनके उत्तराधिकारी ने भी जारी रखा. 2022 में आर्टेमिस-1 ने बिना चालक दल के चंद्रमा की सफल परिक्रमा की थी. आखिरी बार इंसानों ने दिसंबर 1972 में अपोलो 17 मिशन के दौरान चंद्रमा पर कदम रखा था. इसके बाद चंद्र अन्वेषण में रुचि कम हो गई और नासा ने अपना ध्यान पृथ्वी के करीब मिशनों, जैसे स्पेस शटल कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, पर केंद्रित कर दिया. ये भी पढ़ें:- ईरान युद्ध पर ट्रंप के भाषण की बड़ी बातें: जल्द समाप्त होगा युद्ध, ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देंगे… ये भी पढ़ें:- आप से दुश्मनी नहीं, लेकिन मासूम बच्चों… ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकियों के नाम लिखा पत्र, 20 बड़ी बातें Artemis-II मिशन: 10 अहम सवाल 

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बल्लेबाजों पर फूटा ऋषभ पंत का गुस्सा: दिल्ली से हार के बाद बोले- अच्छी पिच पर रन नहीं बना सके

LSG vs DC: लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 142 रन ही बनाया. जबकि छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली ने 17.1 ओवर में 4 विकेट खोकर 145 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया. पंत ने कहा- हमारी योजना फेल हो हुई पंत ने मैच के बाद कहा, बल्लेबाजी में हम बड़ी साझेदारी नहीं कर पाए. योजना यह थी कि निकोलस पूरन पांचवें नंबर पर आकर बीच के ओवरों में जिम्मेदारी संभालें. हमें एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो इंपेक्ट प्लेयर के तौर पर कुछ रन जोड़ सके. हमने आयुष बडोनी के लिए एक खास भूमिका तय की थी कि जब हमारे शुरुआती विकेट जल्दी गिर जाएं तो वह उस समय छाप छोड़ सकें. नई गेंद से काफी मदद मिल रही थी, लेकिन आप 140 रन (141 रन) बनाकर विपक्षी टीम पर दबाव नहीं डाल सकते. हमें 20 अतिरिक्त रन भी भारी पड़े. पंत ने ओपनिंग को लेकर क्या दिया जवाब? दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में कप्तान ऋषभ पंत ओपनिंग करने उतरे थे. जिसमें उन्होंने 9 गेंदों का सामना किया और एक चौके की मदद से केवल 7 रन ही बना पाए. जब उनसे पूछा गया कि क्या आने वाले मुकाबलों में भी ओपनिंग करेंगे, तो उन्होंने कहा- यह 50-50 प्रतिशत वाला फैसला था, लेकिन यकीनन आप मुझे शीर्ष क्रम में स्पोर्ट्सते हुए देखेंगे. अब्दुल समद 36 रन बनाकर लखनऊ के टॉप स्कोरर रहे लखनऊ की खराब बल्लेबाजी को इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब्दुल समद 36 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर रहे. उसके बाद मिशेल मार्श ने सबसे अधिक 35 रन बनाए. एडेन मार्कराम 11, मुकुल चौधरी 14 और शाहबाज अहमद केवल 15 रन ही बना पाए. आयुष बडोनी, मोहसिन खान और एनरिच नॉर्टजे तो अपना खाता भी नहीं खोल पाए. ये भी पढ़ें: LSG vs DC: समीर रिजवी की धमाकेदार फिफ्टी, दिल्ली ने 6 विकेट से जीता मैच LSG vs DC: ऋषभ पंत के साथ हुआ धोखा, बिना गलती के लौटना पड़ा पवेलियन The post बल्लेबाजों पर फूटा ऋषभ पंत का गुस्सा: दिल्ली से हार के बाद बोले- अच्छी पिच पर रन नहीं बना सके appeared first on Naya Vichar.

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ईरान युद्ध पर ट्रंप के भाषण की बड़ी बातें: जल्द समाप्त होगा युद्ध, ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देंगे…

Donald Trump address to nation on Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध पर आज गुरुवार (अमेरिका में बुधवार) को देश के नाम संबोधन किया. इसमें उन्होंने घोषणा की कि ईरान में अमेरिकी ऑपरेशन सफल रहा. उन्होंने यह भी कहा कि बहुत जल्द अमेरिका इस युद्ध से बाहर होगा. ट्रंप का यह संबोधन 28 फरवरी से चल रहे युद्ध के एक महीने से ज्याादा समय बीतने के बाद आया है. ट्रंप ने 20 मिनट के भाषण में ईरान के ऊपर करारा हमला बोला है. उनके एड्रेस टू नेशन की बड़ी बातें… प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य लगभग पूरे होने के करीब राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में अमेरिका अपने लगभग सभी सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने के करीब पहुंच गया है. अपने राष्ट्रीय संबोधन में उन्होंने अभियान को जल्द समाप्त करने का वादा किया. ट्रंप ने कहा, ‘हम इस काम को पूरा करेंगे, और बहुत तेजी से पूरा करेंगे.’ उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि संघर्ष जारी रहने के दौरान अमेरिका अपने खाड़ी क्षेत्र के सहयोगियों की ‘हर तरह से’ रक्षा करेगा. इससे पहले ट्रंप युद्ध में अमेरिका के उद्देश्यों को स्पष्ट कर चुके हैं, जिनमें शामिल हैं— ईरान की आक्रामक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना उसकी मिसाइल उत्पादन क्षमता को खत्म करना उसकी नौसेना और व्यापक सुरक्षा ढांचे को निशाना बनाना यह सुनिश्चित करना कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके हालांकि, ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं. ईरान की नौसेना खत्म, वायुसेना तबाह, IRGC नेतृत्व ध्वस्त: ट्रंप अपने टीवी संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना ‘पूरी तरह खत्म’ कर दी गई है, उसकी वायुसेना ‘तबाह’ हो चुकी है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का नेतृत्व ‘पूरी तरह ध्वस्त’ कर दिया गया है. मिडिल ईस्ट पर निर्भर नहीं रहा अमेरिका: ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में वेनेजुएला का भी जिक्र किया और वहां अमेरिकी सेना द्वारा किए गए तेज ऑपरेशन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कुछ ही मिनटों में पूरी हो गई और देश को नियंत्रण में ले लिया गया. ट्रंप ने इस मिशन को ‘तेज, घातक और हिंसक’ बताया और कहा कि इससे दुनिया भर में अमेरिका की ताकत का सम्मान बढ़ा है. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका अब ऊर्जा के मामले में मध्य पूर्व पर निर्भर नहीं रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सहयोगियों की मदद के लिए वहां मौजूद रहेगा. ईरान में अमेरिकी सेना की तेज और निर्णायक जीत: ट्रंप का दावा डोनाल्ड ट्रंप फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद अपने पहले राष्ट्रीय संबोधन में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में तेज और निर्णायक जीत हासिल की है. ऐसी जीत, जो बहुत कम लोगों ने पहले कभी देखी होगी उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन (एपिक फ्यूरी) का लक्ष्य दुनिया का नंबर एक टेरर स्पांसर देश ईरान था. ईरान को ‘पाषाण युग’ में पहुंचा देंगे, 2-3 हफ्तों में बड़ा एक्शन: ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि अमेरिका अगले ‘दो से तीन हफ्तों’ में ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज करने के लिए तैयार है. व्हाइट हाउस से प्राइमटाइम संबोधन में ट्रंप ने कहा, ‘हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर बेहद कड़ा प्रहार करने जा रहे हैं. हम उन्हें पाषाण युग में पहुंचा देंगे, जहां वे होने चाहिए.’ ईरान के नए नेता ‘कम कट्टर’ और ‘ज्यादा समझदार’: ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के नए नेता ‘कम कट्टरपंथी’ और ‘काफी ज्यादा समझदार’ हैं. व्हाइट हाउस से दिए गए संबोधन में ट्रंप ने फिर दावा दोहराया कि अमेरिका ने ‘शासन परिवर्तन’ हासिल कर लिया है, क्योंकि ‘उनके सभी मूल नेताओं की मौत हो चुकी है.’ उन्होंने यह भी बताया कि इस बीच बातचीत जारी है. ट्रंप ने कहा, ‘हमारा मकसद शासन परिवर्तन (रेजीम चेंज) नहीं था. हमने कभी ऐसा नहीं कहा, लेकिन उनके सभी मूल नेताओं की मौत के कारण वहां शासन परिवर्तन हो चुका है. वे सभी मारे जा चुके हैं. ये भी पढ़ें:- मार्को रूबियो का खुलासा: ईरान बनने वाला था अगला उत्तर कोरिया, ‘फिनिश लाइन’ के करीब पहुंचा युद्ध तेल और बिजली संयंत्रों पर भी हमला कर सकते हैं: ट्रंप ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ‘ईरान के तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है.’ हालांकि, इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि कूटनीतिक रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने अगले कदमों पर विचार करते हुए बातचीत भी जारी रखे हुए है. उन्होंने कहा कि बातचीत के साथ-साथ अमेरिका प्रमुख ठिकानों पर नजर बनाए हुए है. ट्रंप ने चेतावनी दी, ‘अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हम उनके हर एक बिजली उत्पादन संयंत्र पर बेहद कड़ा और संभवतः एक साथ हमला करेंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने अब तक ईरान के तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया है, जबकि वह ‘सबसे आसान लक्ष्य’ है. ट्रंप के अनुसार, ऐसा हमला ईरान को ‘जीवित रहने या दोबारा खड़ा होने का कोई मौका नहीं देगा.’ ये भी पढ़ें:- जंग के बीच ट्रंप ने कहा- युद्धविराम चाहता है ईरान, तेहरान बोला- झूठा और निराधार दावा हॉर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा करें देश: ट्रंप की अपील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आने वाले तेल पर निर्भर हैं, उन्हें खुद इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका सहयोग देगा, लेकिन जिम्मेदारी उन्हीं देशों की है कि वे ‘उस तेल की सुरक्षा की अगुवाई करें, जिस पर वे बेहद निर्भर हैं.’ ट्रंप ने कहा, ‘मेरे पास एक सुझाव है. पहला, अमेरिका से तेल खरीदिए, हमारे पास बहुत है, बहुत ज्यादा है. दूसरा, अब कुछ देर से ही सही, हिम्मत दिखाइए. पहले करना चाहिए था, हमारे साथ करना चाहिए था. जाइए, अब हॉर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा कीजिए, उसकी सुरक्षा कीजिए और अपने लिए इस्तेमाल कीजिए.’ ये भी

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