Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

JPSC Scam पर CM हेमंत का बयान: ‘हम सीना चीरकर नहीं दिखा सकते, जांच रिपोर्ट आने दें… छात्रों को मिलेगा न्याय’

रांची : सीएम हेमंत सोरेन ने पहली बार जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और छात्रों को न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास आंख और कान भी हैं. प्रशासन संवेदनशील है. प्रशासन सबकी चिंता करती है, लेकिन हर बात को सार्वजनिक रूप से बताना संभव नहीं होता है. वह नेमरा में मंगलवार को दिशोम गुरु की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवालों पर जवाब दे रहे थे. इधर पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव नेमरा में हजारों लोग श्रद्धांजलि देने उमड़े थे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित राज्य प्रशासन के मंत्रीगण नेमरा पहुंचे. पैतृक गांव से पांच किमी दूर बरलंगा के लुकैयाटांड में दिशोम गुरु की 15 फीट आठ इंच की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया. प्रशासन को सबकी चिंता मुख्यमंत्री : हेमंत सोरेन शिबू सोरेन के पुण्यतिथि के मौके पर विकास मेला और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि प्रशासन को सबकी चिंता भी है. हम कितनी गंभीरता के साथ चीजों को देख रहे हैं, यह सीना चीरकर नहीं दिखा सकते हैं. लेकिन इतना जरूर है कि जिस विषय के पीछे हम विशेष रूप से पड़ते हैं, उसे ठीक करके ही दम लेते हैं. उन्होंने कहा कि मामले की जांच में लगी एजेंसियां दिन-रात काम कर रही हैं. प्रशासन जांच दल की रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रही है. रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन पूरे मामले से छात्रों और राज्य की जनता को अवगत करायेगी. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताते हुए कहा कि प्रशासन संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई करेगी. छात्रों के साथ न्याय होगा और प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है. ये भी पढ़ें: JPSC-JSSC पेपर लीक के विरोध में JLKM का धनबाद में धरना, रांची में छात्र आंदोलन को दिया समर्थन युवा नयी ताकत से आगे बढ़ रहे : सीएम हेमंत सोरेन समारोह में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी एकजुटता ही ताकत है. हमे एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखना होगा. आज ऐसे भी तत्व है, जो हमें एक नहीं होने देते. नये-नये मुद्दे लाकर जहर घोलते हैं. आज नयी पीढ़ी का दौर है. युवा नयी ताकत से आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन कुछ बुराइयां भी है. नयी पीढ़ी को रास्ते पर लाना होगा, जिससे वह भटकें नहीं. पिता शिबू सोरेन को याद करते हुए सीएम भावुक हुए और कहा कि आज का दिन हमारे परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और देश के आदिवासी, दलित व पिछड़ों के लिए पीड़ादायक है. मुख्यमंत्री छात्र मुद्दे पर संवेदनशील : कल्पना गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन पर कहा है कि सीएम हेमंत सोरेन इस मुद्दे पर काफी संवेदनशील है. राज्य प्रशासन समाधान निकालने के लिए गंभीरता से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों की चिताओं से प्रशासन पूरी तरह अवगत है. ये भी पढ़ें: रांची में अधूरे सड़क निर्माण से बढ़ी मुश्किलें, खुले गड्ढों से दुर्घटना का डर The post JPSC Scam पर CM हेमंत का बयान: ‘हम सीना चीरकर नहीं दिखा सकते, जांच रिपोर्ट आने दें… छात्रों को मिलेगा न्याय’ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

हर जगह दिखेगा आपका Confidence, बस अपनाएं Psychology के बताए ये 7 आसान नियम

How to Gain Confidence: कॉन्फिडेंस का मतलब हमेशा सबसे ज्यादा बोलना या हर किसी को अपनी बात मनवाना नहीं होता। असली आत्मविश्वास तब दिखता है, जब आप सोच-समझकर फैसले लेते हैं, सही समय पर सही बात कहते हैं और अपने व्यवहार से लोगों पर अच्छा प्रभाव छोड़ते हैं. छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप अपने रिश्तों, करियर और रोजमर्रा की जिंदगी में खुद को पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी बना सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे 7 आसान सिकोलॉजिकल नियम, जो आपकी पर्सनैलिटी को और बेहतर बना सकते हैं. अपने हर प्लान के बारे में सबको न बताएं जब भी आप कोई नया लक्ष्य बनाते हैं या किसी नए काम की शुरुआत करते हैं, तो उसे तुरंत सबके साथ शेयर करने की जरूरत नहीं होती. कई बार लोगों की नकारात्मक बातें या बेवजह की सलाह आपका आत्मविश्वास कम कर सकती है. पहले अपने लक्ष्य पर चुपचाप मेहनत करें और जब अच्छा परिणाम मिले, तब लोगों को बताएं. अक्सर आपके काम, आपकी बातों से ज्यादा असर छोड़ते हैं. PC: AI Image जरूरत से ज्यादा न बोलें हर बात का लंबा जवाब देना या खुद को बार-बार सही साबित करना जरूरी नहीं है. कम शब्दों में साफ और सोच-समझकर कही गई बात ज्यादा प्रभाव छोड़ती है. जब आप जरूरत के मुताबिक बोलते हैं, तो लोग आपकी बातों को ज्यादा ध्यान से सुनते हैं. सही समय पर चुप रहना भी एक अच्छी आदत मानी जाती है. यह भी पढ़ें: शिशु को बनाना है अपना सबसे अच्छा दोस्त? ये 5 टिप्स आएंगे काम अपनी बात नहीं, अपना काम दिखाएं अगर कोई आपकी बात से सहमत नहीं है, तो हर बार बहस करने की जरूरत नहीं है. अपनी ऊर्जा बहस में लगाने के बजाय अपने काम पर ध्यान दें. जब आपके अच्छे नतीजे सामने आएंगे, तो लोग खुद आपकी मेहनत और काबिलियत को पहचानेंगे. काम से मिला सम्मान लंबे समय तक याद रहता है. हर समय सबके लिए उपलब्ध न रहें दूसरों की मदद करना अच्छी बात है, लेकिन हर समय हर किसी के लिए उपलब्ध रहना जरूरी नहीं है. अगर आप हमेशा दूसरों को ही समय देंगे, तो अपने लिए समय निकालना मुश्किल हो जाएगा. अपने समय और आराम की भी अहमियत समझें. इससे लोग भी आपके समय की कद्र करना सीखते हैं. खुद को परफेक्ट दिखाने की कोशिश न करें कोई भी इंसान हर काम में परफेक्ट नहीं होता. छोटी-छोटी गलतियां होना बिल्कुल सामान्य बात है. अपनी गलतियों को स्वीकार करने से लोग आपको ज्यादा ईमानदार और भरोसेमंद मानते हैं. हमेशा परफेक्ट दिखने की कोशिश करने से बेहतर है कि आप जैसे हैं, वैसे ही रहें. कोई बड़ा फैसला सोच-समझकर लें जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में परेशानी की वजह बन सकता है. इसलिए नौकरी बदलने, नया काम शुरू करने या कोई बड़ा वादा करने से पहले अच्छे से सोच लें. अगर फैसला आपकी जरूरत और भविष्य के हिसाब से होगा, तो आपको बाद में पछतावा भी कम होगा और आत्मविश्वास भी बना रहेगा. अपनी अच्छी पहचान बनाएं आपकी पहचान सिर्फ आपकी बातों से नहीं, बल्कि आपके व्यवहार और आदतों से बनती है. समय पर काम पूरा करना, वादा निभाना और दूसरों के साथ सम्मान से पेश आना आपकी अच्छी छवि बनाता है. जब लोग आप पर भरोसा करने लगते हैं, तो यही आपकी सबसे बड़ी ताकत बन जाती है. यह भी पढ़ें: पहला प्यार हमेशा क्यों रहता है याद? इसके पीछे छिपे हैं ये 4 कारण The post हर जगह दिखेगा आपका Confidence, बस अपनाएं Psychology के बताए ये 7 आसान नियम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सनी देओल Vs इमरान हाशमी की होगी बॉक्स ऑफिस भिड़ंत, नहीं टलेगी ‘आवारापन 2’ की रिलीज, इस दिन आएगा ट्रेलर

Awarapan 2 Release Date: इमरान हाशमी के फैंस के लिए बड़ी खुशसमाचारी सामने आई है. फिल्म ‘आवारापन 2’ को लेकर चल रही रिलीज डेट टलने की समाचारों पर अब विराम लग गया है. फिल्म के प्रोड्यूसर विशेश भट्ट ने साफ कर दिया है कि इमरान हाशमी स्टारर यह फिल्म तय समय (14 अगस्त) पर ही सिनेमाघरों में रिलीज होगी. इसके साथ ही उन्होंने फिल्म के ट्रेलर को लेकर भी अपडेट दिया है. Awarapan 2 Release Date: 14 अगस्त को ही आएगी फिल्म इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2, 14 अगस्त को रिलीज होने के लिए तैयार है. प्रोड्यूसर विशेश भट्ट ने कहा कि फिल्म की रिलीज डेट में कभी बदलाव नहीं किया गया था और यह फिल्म तय तारीख पर ही दर्शकों के बीच पहुंचेगी. उन्होंने बताया कि फिल्म के बड़े स्तर पर शूट किए गए एक्शन सीन्स को बेहतर तरीके से तैयार करने में थोड़ा ज्यादा समय लगा. इसके अलावा शूटिंग के दौरान इमरान हाशमी चोटिल हो गए थे, जिसके कारण उन्हें कुछ समय के लिए ब्रेक लेना पड़ा था. Awarapan 2 Trailer Update: इस हफ्ते रिलीज होगा ट्रेलर विशेश भट्ट ने विशेश फिल्म्स के इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान फिल्म से जुड़े कई खुलासे किए. उन्होंने बताया कि आवारापन 2 का ट्रेलर इसी हफ्ते रिलीज किया जाएगा. इसी लाइव सेशन में इमरान हाशमी भी जुड़े और उन्होंने भी फिल्म के पोस्टपोन होने की अफवाहों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. सोशल मीडिया पर चल रही समाचारों को लेकर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “जो मन चाहे बोल देते हैं.” Awarapan 2 Story: शिवम पंडित की कहानी में खुलेगा बड़ा राज फिल्म आवारापन 2 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही रहा है कि आखिर पहली फिल्म के बाद शिवम पंडित कैसे बच गए थे. अब इमरान हाशमी ने खुलासा किया है कि सीक्वल में इस सवाल का जवाब दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि आवारापन 2 की कहानी पहली फिल्म के आगे से शुरू होगी. यानी दर्शकों को सीधे वहीं से कहानी देखने को मिलेगी, जहां पिछली फिल्म खत्म हुई थी. सनी देओल की बंटवारा 1947 से होगी टक्कर आवारापन 2 की रिलीज बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की फिल्म ‘बंटवारा 1947’ से होगी. इस क्लैश को लेकर बात करते हुए विशेश भट्ट ने कहा, हम खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि हमारी फिल्म महान कलाकार सनी देओल की फिल्म के साथ रिलीज हो रही है. यह हमारी पहली हॉलीडे रिलीज है. ये भी पढ़ें: “हिंदुस्तान मां है तो पाकिस्तान मौसी…”: प्रेस कॉन्फ्रेंस में धर्मेंद्र की बात याद कर बोले सनी देओल The post सनी देओल Vs इमरान हाशमी की होगी बॉक्स ऑफिस भिड़ंत, नहीं टलेगी ‘आवारापन 2’ की रिलीज, इस दिन आएगा ट्रेलर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जुलाई 2026 में सबसे ज्यादा बिकीं ये 10 कारें, Maruti के 6 मॉडल्स शामिल, कौन बनी नंबर-1?

जुलाई 2026 में हिंदुस्तान की पैसेंजर व्हीकल मार्केट में जबरदस्त रौनक देखने को मिली. देश की 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों की कुल 2,00,868 यूनिट्स बिकीं. ये पिछले साल जुलाई में बिकी 1,46,029 यूनिट्स के मुकाबले 37.55% ज्यादा हैं. इस लिस्ट में Maruti Suzuki का दबदबा साफ नजर आया, क्योंकि उसके 6 मॉडल टॉप 10 में जगह बनाने में कामयाब रहे. वहीं, टाटा, हुंडई और महिंद्रा की एक-एक कार भी इस लिस्ट में शामिल रही. Dzire बनी नंबर-1, WagonR ने भी दिखाई दमदार रफ्तार जुलाई 2026 में Maruti Dzire ने देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार का खिताब अपने नाम कर लिया. इस दौरान इसकी 23,791 यूनिट बिकीं, जो पिछले साल जुलाई (20,895 यूनिट) के मुकाबले करीब 13.86% ज्यादा हैं. वहीं, Maruti WagonR भी ज्यादा पीछे नहीं रही. जुलाई 2026 में इसकी 23,338 यूनिट बिकीं, जो सालाना आधार पर 58.65% की शानदार बढ़ोतरी है. यानी पिछले साल के मुकाबले 8,628 ज्यादा कस्टमर्स ने WagonR खरीदी. Photo: Maruti Suzuki ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान में शुरू हुई नई Kia Sorento की प्री-बुकिंग, हाइब्रिड इंजन के साथ एंट्री करेगी ये फैमिली SUV Fronx, Creta और Punch ने भी किया कमाल Maruti Fronx की शानदार बिक्री का सिलसिला जारी है. जुलाई में इसकी 19,473 यूनिट बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले 51.28% ज्यादा हैं. वहीं, Maruti Baleno भी पीछे नहीं रही. इसकी 18,241 यूनिटों की बिक्री हुई. उधर, Hyundai Creta और नई Creta Electric का भी जुलाई का महीना सही रहा. दोनों की कुल 18,088 यूनिट बिकीं, जिससे यह बिक्री के मामले में आठवें नंबर पर रही. इसकी बिक्री में 7.04% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई. Nexon और Scorpio ने भी लिस्ट में बनाई जगह Tata Nexon और Nexon EV ने बिक्री के मामले में नौवां नंबर हासिल किया. दोनों मॉडल्स की कुल 17,471 यूनिट्स बिकीं. वहीं, Mahindra Scorpio और Scorpio N की कुल 16,009 यूनिट्स की बिक्री हुई. इस दमदार SUV ने सालाना आधार पर 16.45% की ग्रोथ दर्ज की और टॉप-10 की लिस्ट में अपनी जगह बनाई. देखें लिस्ट रैंक कार का नाम जुलाई 2026 (यूनिट्स) जुलाई 2025 (यूनिट्स) 1 मारुति डिजायर (Dzire) 23,791 20,895 2 मारुति वैगनआर (WagonR) 23,338 14,710 3 मारुति अर्टिगा (Ertiga) 21,606 16,604 4 मारुति स्विफ्ट (Swift) 21,538 14,190 5 टाटा पंच / पंच EV (Punch / EV) 21,313 10,785 6 मारुति फ्रॉन्क्स (Fronx) 19,473 12,872 7 मारुति बलेनो (Baleno) 18,241 12,503 8 हुंडई क्रेटा / क्रेटा EV (Creta / EV) 18,088 16,898 9 टाटा नेक्सॉन / नेक्सॉन EV (Nexon / EV) 17,471 12,825 10 महिंद्रा स्कॉर्पियो / स्कॉर्पियो N (Scorpio / N) 16,009 13,747 कुल टॉप-10 कारों की कुल बिक्री 2,00,868 1,46,029 ये भी पढ़ें: 15 अगस्त से पहले नई Mahindra Scorpio-N Facelift की मिली झलक, वीडियो में देखें क्या-क्या बदला The post जुलाई 2026 में सबसे ज्यादा बिकीं ये 10 कारें, Maruti के 6 मॉडल्स शामिल, कौन बनी नंबर-1? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

VIDEO : वोट किसी को, मुख्यमंत्री कोई और? अनंत सिंह बोले- अब जनता हर चुनाव में देगी जवाब!

Anant Singh Viral Video : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह ने नेतृत्वक बयान देकर बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने कहा कि चुनाव में कोई नेता नहीं जीतता या हारता है. अंतिम फैसला सिर्फ जनता करती है और जनता जिसे चाहती है वही जीतता है. अनंत सिंह ने कहा कि जनता भगवान के समान है और उसके फैसले का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर बीच में हुए बदलाव से लोगों में नाराज़गी है. जनता किसी एक चेहरे को मुख्यमंत्री मानकर वोट देती है और बाद में किसी दूसरे को उस पद पर देखना पसंद नहीं करती. उनके मुताबिक यही असंतोष अब चुनावी नतीजों में दिखाई दे रहा है और आने वाले समय में जहां भी चुनाव होंगे वहां जनता अपने वोट से इसका जवाब देती नजर आ सकती है. देखें वीडियो The post VIDEO : वोट किसी को, मुख्यमंत्री कोई और? अनंत सिंह बोले- अब जनता हर चुनाव में देगी जवाब! appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘मनोज तिवारी फ्रॉड आदमी हैं’, विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर का चैलेंज- हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं

Prashant Kishor On Manoj Tiwari: बांकीपुर उपचुनाव जीतकर विधायक बने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने मनोज तिवारी को ‘फ्रॉड आदमी’ बताया और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर खुली चुनौती दे डाली. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मनोज तिवारी खुद को नेता मानते हैं तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं. अगर ऐसा नहीं कर सकते तो बिहार आकर इस तरह की नेतृत्व नहीं करने की कसम खाएं. ‘चुनाव के समय बरसाती मेंढ़क की तरह आते हैं’ एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी केवल चुनाव के समय बिहार आते हैं. पीके ने तंज कसते हुए कहा कि वह ‘बरसाती मेंढ़क’ की तरह सिर्फ चुनाव के मौसम में दिखाई देते हैं. चुनाव खत्म होते ही बिहार की जनता को भूल जाते हैं. भरत तिवारी केस को लेकर दी खुली चुनौती प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मनोज तिवारी में हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी लें. उन्होंने कहा कि अगर न्याय नहीं दिला सकते तो कम से कम यह वादा करें कि आगे बिहार आकर किसी पीड़ित परिवार के नाम पर नेतृत्व नहीं करेंगे. ‘पीड़ित मां को चुनावी प्रचार में घसीटना सबसे घिनौना काम’ पीके ने आरोप लगाया कि एक मां, जिसने अपना बेटा खोया है, उसे चुनावी नेतृत्व का हिस्सा बनाना बेहद शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि किसी की मौत पर वोट मांगना और पीड़ित परिवार को नेतृत्वक हथियार बनाना लोकतंत्र के लिए गलत संदेश देता है. ऐसे काम से नेतृत्व का स्तर गिरता है. ‘जहां-जहां प्रचार किया, भाजपा के वोट कम हुए’ प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी पर तंज कसते हुए दावा किया कि उन्होंने बांकीपुर में जहां-जहां प्रचार किया, वहां भाजपा को फायदा नहीं बल्कि नुकसान हुआ. हर जगह 4 वोट कम ही हुए. उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में लोग मनोज तिवारी के रवैये की आलोचना कर रहे हैं. आखिर मनोज तिवारी ने क्या आरोप लगाया था? बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि पीके ने भरत तिवारी की मां से कहा था कि अगर वह जन सुराज के लिए प्रचार करेंगी, तब उन्हें न्याय दिलाने में वे मदद करेंगे. मनोज तिवारी ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने भरत तिवारी की मां आशा देवी की मुलाकात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कराई थी. इसके बाद मामले में आरोपित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई. क्या है भरत तिवारी एनकाउंटर मामला? 17 जून को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी. परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था. इसके बावजूद पुलिस ने उसे पांच गोलियां मार दीं. मामला बढ़ने के बाद एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई. तत्कालीन थानेदार और एसडीपीओ को भी हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग बनाया गया. हाल ही में इस मामले में एक एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी भी हुई है. फिलहाल जांच जारी है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें महापंचायत में पहुंचे थे प्रशांत किशोर भरत तिवारी की मौत के बाद बिलौटी गांव में महापंचायत हुई थी. इसमें प्रशांत किशोर भी शामिल हुए थे. उन्होंने भरत तिवारी की मां से मुलाकात की थी और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था. यही मामला बाद में बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान नेतृत्वक विवाद का कारण बना. बांकीपुर में भाजपा का गढ़ तोड़कर बने विधायक 3 अगस्त को घोषित बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों में प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज की. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से ज्यादा वोटों से हराया. नितिन नवीन और भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर मिली जीत के बाद प्रशांत किशोर का यह पहला बड़ा नेतृत्वक हमला माना जा रहा है. Also Read: बांकीपुर जीतने के बाद क्या करेंगे प्रशांत किशोर, जानिए जन सुराज का अगला प्लान The post ‘मनोज तिवारी फ्रॉड आदमी हैं’, विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर का चैलेंज- हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

फिल्म इंडस्ट्री में करियर का गोल्डन चांस! ये 8 कोर्स बदल सकते हैं आपकी किस्मत

Film And Television Courses: अगर आपका सपना कैमरे के सामने या पीछे काम करने का है तो आपको फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कोर्स करने होंगे. एक्टिंग, एडिटिंग, सिनेमैटोग्राफी, साउंड डिजाइन या स्क्रिप्ट राइंटिग सीखकर आप फिल्म दुनिया में करियर बना सकते हैं. फिल्म इंडस्ट्री में न सिर्फ कमाई अच्छी होती है बल्कि पहचान भी बनती है. आज के समय में लोग पर्दे के पीछे काम करने वाले व्यक्ति को भी जानना चाहते हैं जैसे कि किसी फिल्म में किसने साउंड एडिटिंग की है या फिर ड्रेस डिजाइन में किसकी भूमिका थी. झारखंड के युवाओं के लिए खुशसमाचारी, जल्द शुरू होगा फिल्म इंस्टीट्यूट बेस्ट बात ये है कि झारखंड के रहने वाले युवा भी आने वाले समय में अपने राज्य में रहते हुए फिल्म और टीवी की दुनिया से जुड़े कोर्स कर पाएंगे झारखंड में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में जल्द ही कई शॉर्ट टर्म प्रोफेशनल कोर्स शुरू होने जा रहे हैं. 22 जुलाई को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) कोलकाता के बीच MOU साइन किया गया है. वहीं संस्थान के ब्लूप्रिंट पर काम किया जा रहा है. फिल्म की दुनिया से जुड़ा कोर्स और करियर ऑप्शन 1.Script Writing अगर आपकी कहानी कहने की कला अच्छी है, तो आप फिल्म, वेब सीरीज और टीवी शो के लिए स्क्रिप्ट राइटर बन सकते हैं. संभावित कमाई: शुरुआत में 30,000 से 80,000 रुपये प्रतिमाह, एक्सपीरियंस राइटर एक प्रोजेक्ट के लाखों रुपये तक चार्ज करते हैं. 2.Acting एक्टिंग कोर्स करने के बाद फिल्म, टीवी सीरियल, वेब सीरीज, थिएटर और विज्ञापनों में काम करने का मौका मिलता है. संभावित कमाई: शुरुआत में 25,000 से 1 लाख रुपये प्रतिमाह, सफल कलाकारों की कमाई इससे कहीं अधिक हो सकती है. 3.Cinematography कैमरे के जरिए फिल्म की पूरी विजुअल क्वालिटी तैयार करने की जिम्मेदारी सिनेमैटोग्राफर की होती है. संभावित कमाई: 50,000 रुपये से लेकर कई लाख रुपये प्रति प्रोजेक्ट. 4.Film Editing एडिटर फिल्म या वीडियो को अंतिम रूप देता है. ओटीटी और यूट्यूब के बढ़ते दौर में एडिटर्स की मांग तेजी से बढ़ी है. संभावित कमाई: 40,000 रुपये से 2 लाख रुपये प्रतिमाह तक. 5.Sound Design फिल्मों, वेब सीरीज और विज्ञापनों में साउंड डिजाइनर की अहम भूमिका होती है. संभावित कमाई: 40,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह. 6.Production प्रोडक्शन टीम पूरे शूट और बजट का प्रबंधन करती है. संभावित कमाई: 35,000 रुपये से 1 लाख रुपये प्रतिमाह. 7.Direction डायरेक्टर किसी भी फिल्म या वेब सीरीज का सबसे अहम हिस्सा होता है. संभावित कमाई: अनुभव बढ़ने के साथ लाखों रुपये प्रति प्रोजेक्ट तक पहुंच सकती है. ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने बढ़ाए अवसर Netflix, Amazon Prime Video, Jio Hotstar, Sony LIV, Zee5 और YouTube जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के विस्तार के बाद फिल्म और कंटेंट इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं. अब सिर्फ मुंबई ही नहीं, देश के अलग-अलग राज्यों में भी फिल्म और वेब कंटेंट का निर्माण हो रहा है. सिर्फ लाइमलाइट नहीं, मजबूत करियर भी इन कोर्सों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें केवल एक्टिंग ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे काम करने वाले कई ऐसे प्रोफेशन शामिल हैं, जिनमें अच्छी सैलरी के साथ लंबे समय तक करियर बनाया जा सकता है. यदि आप क्रिएटिव हैं और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम करने का सपना है तो ये शॉर्ट टर्म कोर्स आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है. ये भी पढ़ें: घर बैठे पाएं पत्रकारिता की डिग्री, देश की इन ओपन यूनिवर्सिटी से करें पढ़ाई The post फिल्म इंडस्ट्री में करियर का गोल्डन चांस! ये 8 कोर्स बदल सकते हैं आपकी किस्मत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

लखीसराय ट्रेन दुष्कर्म: हाई कोर्ट ने रेलवे को ठहराया जिम्मेदार, 3 लाख रुपये मुआवजे का आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने रेल मंत्रालय की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने NHRC के मुआवजे वाले आदेश को चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति अमित बंसल ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित माहौल देना रेलवे की जिम्मेदारी है. कोर्ट ने माना कि ट्रेन में हुआ सामूहिक दुष्कर्म एक गंभीर और अवांछित घटना है. इसलिए रेलवे पीड़िता को मुआवजा देने से बच नहीं सकता. न्यायमूर्ति अमित बंसल ने कहा कि NHRC का मुआवजा देने का आदेश पूरी तरह सही और कानूनी है. इसमें कोई मनमानी या अवैधता नहीं है. उन्होंने कहा कि आयोग ने मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की शिकार स्त्री को तुरंत आर्थिक सहायता देने की सिफारिश करके अपने अधिकारों का सही इस्तेमाल किया है. पीड़िता वैध टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रही थी 29 जुलाई के अपने आदेश में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि पीड़िता वैध टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रही थी. ऐसे में ट्रेन के अंदर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे की जिम्मेदारी थी. इसलिए इस मामले में रेलवे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता. अदालत ने कहा, ”चूंकि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ट्रेन के एक डिब्बे के भीतर हुई, इसलिए यह रेलवे अधिनियम की धारा 123(ग) के तहत ‘अवांछित घटना’ की परिभाषा में आएगी और रेलवे अधिनियम की धारा 124ए के तहत रेलवे मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होगा.” अदालत ने कहा, ”याचिका में कोई दम नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है.” हाई कोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि मामले के लंबित रहने के दौरान रेलवे की ओर से जमा कराई गई मुआवजा राशि, उस पर अर्जित ब्याज सहित पीड़िता को जारी की जाए. अगस्त 2012 में बिहार के लखीसराय रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-पांच पर खड़ी एक यात्री ट्रेन के डिब्बे में स्त्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. पीड़िता के पिता ने की थी शिकायत पीड़िता के पिता की शिकायत पर NHRC ने अप्रैल 2014 में रेलवे बोर्ड को स्त्री को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया था. रेलवे ने यह कहते हुए फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की कि मुआवजा तय करने का अधिकार केवल रेलवे दावा अधिकरण के पास है. लेकिन NHRC ने यह दलील नहीं मानी और अपने मुआवजे वाले आदेश को बरकरार रखा. The post लखीसराय ट्रेन दुष्कर्म: हाई कोर्ट ने रेलवे को ठहराया जिम्मेदार, 3 लाख रुपये मुआवजे का आदेश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना बीमा वाले गाड़ियों को फ्यूल नहीं देने का सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने नए गाड़ी खरीदने वालों के लिए थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस को लेकर अहम फैसला दिया है. अब नई कार खरीदने पर 4 साल और नया टू-व्हीलर खरीदने पर 6 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस एक साथ लेना होगा.  कोर्ट का कहना है कि इससे बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या कम होगी और सड़क हादसों के पीड़ितों को मुआवजा मिलने में आने वाली परेशानियां भी घटेंगी.  कोर्ट ने बीमा नियामक IRDAI को इस फैसले के अनुसार तुरंत जरूरी निर्देश जारी करने को भी कहा है. क्या बदला है नया नियम? पहले नए गाड़ियों के लिए यह व्यवस्था थी: वाहन पहले अब नई कार 3 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस 4 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नया टू-व्हीलर 5 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस 6 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस यह आदेश जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने दिया. कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक बीमा अनिवार्य रहने से नियमों का पालन बेहतर होगा और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी. कोर्ट ने यह फैसला क्यों लिया? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2018 में दिए गए पुराने आदेश के बावजूद बड़ी संख्या में गाड़ियों आज भी बिना वैध इंश्योरेंस के सड़कों पर चल रहे हैं. कोर्ट ने संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि देश में करीब 56% वाहन बिना वैध बीमा के चल रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कुल 30.48 करोड़ गाड़ियों में से लगभग 16.54 करोड़ गाड़ियों के पास वैध इंश्योरेंस नहीं है. कोर्ट ने माना कि जब किसी दुर्घटना में शामिल गाड़ी का बीमा नहीं होता, तब पीड़ितों को मुआवजा पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. ऐसे में अनिवार्य बीमा अवधि बढ़ाना जरूरी है. बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों पर कैसे होगी नजर? सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ बीमा अवधि बढ़ाने तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि निगरानी मजबूत करने के लिए भी कई सुझाव दिए हैं. हाईवे और सड़कों पर लगे Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों को Insurance Information Bureau और VAHAN पोर्टल से जोड़ा जाए. इससे बिना इंश्योरेंस वाले गाड़ियों की पहचान कर ई-चालान जारी किया जा सकेगा. पुलिसकर्मियों को ऐसे हैंडहेल्ड डिवाइस या ऐप दिए जाएं, जिनसे वे मौके पर ही गाड़ी का इंश्योरेंस स्टेटस जांच सकें. कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में पेट्रोल पंपों को बीमा डेटाबेस से जोड़ने की संभावना पर विचार किया जाए. इससे वैध इंश्योरेंस नहीं होने पर वाहन को फ्यूल देने पर रोक लगाने जैसी व्यवस्था भी बनाई जा सकती है. यह फैसला किस मामले में आया? यह निर्देश नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से दायर मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए. अपील खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मोटर इंश्योरेंस से जुड़े बड़े मुद्दे पर भी चिंता जताई और कहा कि सड़क सुरक्षा तथा दुर्घटना पीड़ितों के हित में बीमा नियमों का सख्ती से पालन होना जरूरी है. कोर्ट ने प्रशासनी आंकड़ों का भी जिक्र किया, जिनके अनुसार 2024 में हिंदुस्तान में 4.87 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई. इसी को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के नियमों का बेहतर पालन कराना समय की जरूरत है. ये भी पढ़ें: प्रशासन लाई नया Tax Amendment Bill, विदेशी निवेश से डिजिटल पेमेंट तक कई नियम बदलने की तैयारी The post थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना बीमा वाले गाड़ियों को फ्यूल नहीं देने का सुझाव appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

FCRA बिल पर विवाद: अमेरिकी सांसद ने बताया ईसाइयों पर हमला, भारत-US रिश्तों पर असर की चेतावनी

विदेशी चंदे से जुड़े कानून ( Foreign Contribution (Regulation) Act, FCRA) में प्रस्तावित बदलावों को लेकर संसद में चल रही बहस के बीच अमेरिकी कांग्रेस सदस्य रिले मूर ने अपनी आपत्ति जताई है. उनका आरोप है कि नए प्रावधानों से प्रशासन को चर्चों और धार्मिक संस्थाओं की गतिविधियों और उनकी संपत्तियों पर अधिक नियंत्रण मिल सकता है. मूर ने FCRA को ईसाई समुदाय पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि यह हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय मुद्दा बन सकता है. सोशल मीडिया पर जताई चिंता रिले मूर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर हिंदुस्तान में ईसाई धर्म के पुराने इतिहास का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि संत थॉमस के मालाबार तट पहुंचने के बाद से हिंदुस्तान में ईसाई समुदाय की मौजूदगी रही है. इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधन प्रशासन को चर्चों और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं से जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने का अधिकार दे सकते हैं. हिंदुस्तान में ईसाई तब से हैं जब हमारे प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान के कुछ ही दशकों बाद सेंट थॉमस द एपोसल मालाबार तट पर आए थे. लेकिन ईसाइयों के इतने लंबे इतिहास के बावजूद, हिंदुस्तान की संसद फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन अमेंडमेंट (FCRA) नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, ताकि प्रशासन चर्चों और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं का नियंत्रण अपने हाथ में ले सके. यह ईसाइयों पर सीधा हमला है. अगर यह बिल इसी तरह आगे बढ़ता है, तो यह हिंदुस्तान के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी चिंता का विषय बन जाएगा- रिले मूर FCRA कानून क्या है? विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA हिंदुस्तान में विदेशी चंदा प्राप्त करने और उसका उपयोग करने वाली संस्थाओं पर लागू होता है. इनमें गैर-प्रशासनी संगठन, धर्मिकथ ट्रस्ट, शैक्षणिक संस्थान और अन्य संगठन शामिल हैं. मौजूदा व्यवस्था के तहत विदेशी चंदा लेने के लिए किसी संस्था को केंद्रीय गृह मंत्रालय से पंजीकरण कराना पड़ता है. यह पंजीकरण पांच साल के लिए मान्य होता है और इसके बाद इसे रिन्यू कराना जरूरी होता है. प्रस्तावित संशोधनों में क्या बदलाव हैं? विधेयक में एक नामित प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव है. इसका गठन केंद्र प्रशासन करेगी. यदि किसी संस्था का FCRA पंजीकरण रद्द हो जाता है, उसकी अवधि खत्म हो जाती है या संस्था खुद पंजीकरण वापस कर देती है, तो यह प्राधिकरण विदेशी चंदे और उससे बनाई गई संपत्तियों का प्रबंधन संभाल सकेगा. 2026 के संशोधित FCRA नियमों में प्रमुख बदलाव पंजीकरण प्रमाणपत्र में संस्था को अपने काम का सटीक उद्देश्य बताना होगा. संस्था किन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में काम करेगी, इसका साफ-साफ जिक्र करना होगा. संस्था के कार्य का उद्देश्य अब किसी व्यापक श्रेणी के बजाय तय अनुसूची में दिए गए विकल्पों से चुना जाएगा. FCRA पंजीकरण के रिन्यू के लिए संस्था को दिखाना होगा कि उसने पिछले दो सालों में कम-से-कम 10 लाख रुपये का विदेशी अंशदान इस्तेमाल किया है. संस्था को यह बताना होगा कि विदेशी धन किस परियोजना और किस गतिविधि पर खर्च किया गया. विदेशी अंशदान देने वाले वास्तविक या अंतिम दाता का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा. संस्था को अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया खातों की पूरी जानकारी वार्षिक रिपोर्ट में शामिल करनी होगी. किस प्रावधान पर हो रहा सबसे अधिक विवाद? सबसे अधिक आपत्ति नामित प्राधिकरण को दिए जाने वाले अधिकारों पर जताई जा रही है. विपक्षी दलों, गैर-प्रशासनी संगठनों और नागरिक समाज से जुड़े समूहों का कहना है कि इससे केंद्र प्रशासन को विदेशी धन पर निर्भर संस्थाओं पर बहुत अधिक नियंत्रण मिल सकता है. धार्मिक संस्थाओं को आशंका है कि अगर उनका पंजीकरण रद्द हुआ या उसका रिन्यू नहीं हुआ, तो विदेशी सहायता से बनाए गए स्कूल, अस्पताल, सामाजिक सेवा केंद्र और दूसरी संपत्तियां प्रशासनी प्रबंधन में जा सकती हैं. प्रशासन ने क्या कहा? प्रशासन ने प्रस्तावित बदलावों का बचाव किया है. केंद्र प्रशासन का कहना है कि इनका उद्देश्य विदेशी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता बढ़ाना, निगरानी व्यवस्था मजबूत करना और संस्थाओं की जवाबदेही तय करना है. प्रशासन के अनुसार, विदेशी चंदे का उपयोग तय उद्देश्यों के लिए हो और धन के दुरुपयोग को रोका जा सके, इसके लिए नियमों को सख्त करना जरूरी है. The post FCRA बिल पर विवाद: अमेरिकी सांसद ने बताया ईसाइयों पर हमला, हिंदुस्तान-US रिश्तों पर असर की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top