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Author name: Vinod Jha

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अक्षर को बाहर करने पर अश्विन की खरी-खरी, बोले- IPL की रणनीति ICC में नहीं चलती

Highlights अक्षर पटेल हैं टी20 क्रिकेट के एमवीपी वाशिंगटन सुंदर का प्रदर्शन रहा पूरी तरह खराब अश्विन ने दिलाई 2024 वर्ल्ड कप फाइनल की याद IPL और ICC टूर्नामेंट की रणनीति में अंतर जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला Ravichandran Ashwin Angry: साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की करारी हार के बाद टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन पर सवालों की बौछार हो रही है. सबसे ज्यादा बवाल उपकप्तान अक्षर पटेल (Axar Patel) को बाहर बैठाने पर है. हिंदुस्तान के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने भी इस फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि वह यह बिल्कुल समझ नहीं पा रहे कि सुपर-8 के इतने अहम मुकाबले में अक्षर को मैदान से बाहर क्यों रखा गया. मैनेजमेंट ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ रणनीति के तहत वाशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) को मौका दिया था, जो पूरी तरह गलत साबित हुआ. अक्षर पटेल हैं टी20 क्रिकेट के एमवीपी पूर्व स्पिनर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात पर इस फैसले की सख्त आलोचना की. अश्विन ने कहा कि विपक्षी बल्लेबाजों के हिसाब से रणनीति बनाना आईपीएल में ठीक है, जहां हर टीम को 14 मैच स्पोर्ट्सने होते हैं. लेकिन आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को ज्यादा स्थिर रखने की जरुरत होती है. अश्विन ने साफ कहा कि अक्षर पटेल इस समय आपके टी20 क्रिकेट के एमवीपी यानी मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर हैं. उन्होंने टीम के लिए जो योगदान दिया है, उसे बिल्कुल नहीं भूलना चाहिए. वाशिंगटन सुंदर का प्रदर्शन रहा पूरी तरह खराब मैनेजमेंट ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने वाशिंगटन सुंदर को अक्षर की जगह प्लेइंग इलेवन में बरकरार रखा था. हालांकि, यह रणनीति फेल रही. सुंदर गेंद और बल्ले दोनों मोर्चों पर प्रभाव दिखाने में नाकाम रहे. गेंदबाजी करते हुए उन्होंने अपने दो ओवर में 17 रन दिए. इसके बाद जब टीम को रनों की जरुरत थी, तब वह नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने आए और सिर्फ 11 रन ही बना सके. अश्विन ने दिलाई 2024 वर्ल्ड कप फाइनल की याद अश्विन ने बातचीत में 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का भी अहम उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि उसी खिताबी मैच जैसी मुश्किल परिस्थिति में अक्षर पटेल ने बेहतरीन पारी स्पोर्ट्सी थी. तब अक्षर ने विराट कोहली के साथ मिलकर महत्वपूर्ण साझेदारी की थी और टीम का स्कोर 170 के पार पहुंचाया था. अश्विन ने माना कि कोहली के पास बहुत अनुभव है, लेकिन अक्षर भी किसी से कम नहीं हैं. अगर इस मैच में हिंदुस्तान के पास विकेट होते और बीच के ओवरों में स्थिरता होती, तो टीम लक्ष्य हासिल कर सकती थी. IPL और ICC टूर्नामेंट की रणनीति में अंतर अश्विन ने मैनेजमेंट की मैच-अप रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने साफ किया कि आईपीएल और आईसीसी टूर्नामेंट के दबाव में बहुत अंतर होता है. वर्ल्ड कप जैसे अहम इवेंट में टीम को अपने मुख्य मैच विनर खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहिए. बार-बार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने से टीम का बैलेंस खराब होता है, जिसका नतीजा साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली इस करारी हार में साफ देखने को मिला. जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला अक्षर पटेल को लगातार दूसरे मैच में बाहर बैठना हुआ है. इससे पहले नीदरलैंड के खिलाफ भी उन्हें आराम दिया गया था. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली हार के बाद टीम चयन पर बहस तेज हो गई है. अब हिंदुस्तान की सेमीफाइनल की राह काफी मुश्किल हो चुकी है. टीम का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे से चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में 26 फरवरी को होना है. यह देखना दिलचस्प होगा कि मैनेजमेंट अपनी पुरानी रणनीति पर कायम रहता है या अक्षर पटेल की वापसी होती है. ये भी पढ़ें- पाकिस्तानी खिलाड़ियों की नापाक हरकत, हिंदुस्तान की हार के बाद उगल रहे जहर, जानें क्या कहा? करारी हार के बाद कोच रयान टेन डोशेट का खुलासा, बताया क्यों अक्षर की जगह स्पोर्ट्से सुंदर? साउथ अफ्रीका की जीत के बाद मिलर ने बताया तरीका, कैसे दी जा सकती है हिंदुस्तान को मात The post अक्षर को बाहर करने पर अश्विन की खरी-खरी, बोले- IPL की रणनीति ICC में नहीं चलती appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड निकाय चुनाव: दुमका और सरायकेला आगे! गोड्डा में मतदान की रफ्तार सुस्त, देखें 11 बजे तक का हाल

Jharkhand Municipal Election, रांची : झारखंड नगर निकाय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है. सुबह 11 बजे तक किस जिले में कितने मतदाताओं ने अपना वोट डाला है इसका मतदान प्रतिशत आ चुका है. इसके अनुसार सबसे अधिक वोटिंग दुमका जिले में 25.40 फीसदी हुई है. दुमका नगर परिषद क्षेत्र में अब तक 19.75 फीसदी मतदान हुआ है तो वहीं बासुकी नगर पंचायत में 31.05 फीसदी मतदान हुआ है. बोकारो में 18.74 फीसदी लोगों ने डाला वोट वहीं, बोकारो में सुबह 11 बजे तक 18.74 फीसदी वोटिंग हुई है. इसके अंतर्गत आने वाले चास नगर निगम में 16.15 फीसदी मतदान हुआ है तो वहीं, फुसरो नगर परिषद 21.33 फीसदी लोगों ने अपना वोट डाला है. उसी तरह गुमला नगर परिषद क्षेत्र में अब तक 21.02 फीसदी लोगों ने अपना मताधिकार का प्रयोग किया है. इसके अंतर्गत वार्ड संख्या 1 से 4 में 1573 फीसदी लोगों ने वोट डाला तो वार्ड संख्या 5 से 8 में 1480, वार्ड 9 से 12 में 1622, वार्ड 13 से 17 में 1997 और वार्ड 18 से 22 में 1588 लोगों ने मतदान किया. Also Read: धनबाद में नगर निगम चुनाव के दौरान प्रत्याशी समर्थकों में झड़प, बूथ पर मची अफरा-तफरी देवघर में 21.63 फीसदी वोटिंग देवघर जिले की बात करें तो यहां कुल 21.63 फीसदी लोगों ने वोटिंग की है. इसके अंतर्गत आने वाले देवघर नगर निगम में 19.16 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया है. वहीं, मधुपुर नगर परिषद में 24.10 फीसदी लोगों ने अपने मतधिकार का प्रयोग किया है. पाकुड़ में 27.69 प्रतिशत लोगों ने वोट किया है. चतरा नगर परिषद में 23.46 फीसदी मतदान हुआ है. गोड्डा में 10.83 फीसदी वोटिंग हुई है. इसके अंतर्गत आने वाले गोड्डा नगर परिषद में 10.14 फीसदी लोगों ने वोट किया है. जबकि महागामा नगर पंचायत 11.52 में फीसदी वोटिंग हुई है. सरायकेला में 25.08 फीसदी मतदान सरायकेला खरसावां में तीनों निकायों का औसत मतदान 25.08 फीसदी हुआ है. इसके अंतर्गत आने वाले आदित्यपुर नगर निगम में 21.80 प्रतिशत, सरायकेला नगर पंचायत में 31.30 प्रतिशत और कपाली नगर परिषद में 22.13 फीसदी हुई वोटिंग हुई है. Also Read: झारखंड में ‘लालटेन युग’ की वापसी! गोड्डा सांसद का हेमंत प्रशासन पर हमला, बोले- बैलेट पेपर से राज्य पीछे The post झारखंड निकाय चुनाव: दुमका और सरायकेला आगे! गोड्डा में मतदान की रफ्तार सुस्त, देखें 11 बजे तक का हाल appeared first on Naya Vichar.

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यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- पूरा सहयोग करेंगे

Swami Avimukteshwaranand :  मीडिया से बात करते हुए स्वामी ने कहा कि वे पुलिस का विरोध नहीं करेंगे और पूरा सहयोग करेंगे. शंकराचार्य ने कहा कि वे तीन अदालतों (जनता, अपने मन और भगवान) पर विश्वास करते हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम पुलिस का किसी भी तरह विरोध नहीं करेंगे. पूरा सहयोग करेंगे. पुलिस जो भी करे, जनता देख रही है. उन्होंने कहा कि हमारे लिए तीन अदालतें हैं. 1. जनता (निचली अदालत), 2. हमारा मन (मध्यम अदालत) और 3. भगवान (सुप्रीम कोर्ट). जनता सब देख रही है और फैसला वही देगी. हमारा मन जानता है कि हम सही हैं या नहीं. भगवान भी सब देख रहे हैं. ऐसे में हमें तीनों अदालतों से निर्दोष प्रमाण मिला है. #WATCH | Varanasi, UP: Swami Avimukteshwaranand Saraswati says, “Even if the police take action to arrest us, we won’t oppose them. We will cooperate. The public is watching everything… The lies are eventually exposed. The story will be proven false, if not today, then… https://t.co/ukiIUlkXmc pic.twitter.com/vc88TgfS1a — ANI (@ANI) February 23, 2026 पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष अदालत के निर्देश पर FIR दर्ज पिछले हफ्ते झूंसी थाने में ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और अन्य के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष अदालत के निर्देश पर FIR दर्ज की गई थी. मामला शनिवार रात लगभग 11:30 बजे दर्ज किया गया, जब पुलिस को अदालत का आदेश मिला. अधिकारियों ने पुष्टि की कि कार्रवाई न्यायिक निर्देश के पालन में की गई. यह भी पढ़ें : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ POCSO Act के तहत FIR दर्ज, यौन शोषण का है आरोप किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस FIR हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 351(3) और बच्चों के यौन अपराध से संरक्षण अधिनियम, 2012 की धाराएं 3, 4(2), 6, 16, 17 और 51 के तहत दर्ज की गई है. शिकायत में नाबालिगों के साथ यौन अपराधों के गंभीर आरोप शामिल हैं. आदेश विशेष न्यायाधीश (POCSO) विनोद कुमार चौहानिया ने आशुतोष ब्रह्मचारी की याचिका सुनने के बाद दिया. अपने निर्णय में अदालत ने शिकायत, दो कथित पीड़ितों के बयान, स्वतंत्र गवाहों की गवाही और प्रयागराज के सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट का हवाला दिया. The post यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- पूरा सहयोग करेंगे appeared first on Naya Vichar.

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साउथ अफ्रीका की जीत के बाद मिलर ने बताया तरीका, कैसे दी जा सकती है भारत को मात

Highlights हिंदुस्तान की हार पर मिलर का बयान महाराज और एंगिडी की कसी हुई गेंदबाजी  मिलर और ब्रेविस की 97 रनों की साझेदारी  डिफेंडिंग चैंपियंस का फ्लॉप शो  यानसेन और महाराज का कहर  David Miller Statement: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर 8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने हिंदुस्तान को 76 रनों से मात देकर शानदार जीत हासिल की है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए इस मैच में हार के साथ ही हिंदुस्तान का विजय रथ रुक गया है. इस हार से आईसीसी वाइट-बॉल इवेंट्स में हिंदुस्तान का लगातार 18 मैच जीतने का रिकॉर्ड भी टूट गया. पिछले वर्ल्ड कप फाइनल में हिंदुस्तान ने जिस साउथ अफ्रीका को हराया था, उसी टीम ने यहां हिंदुस्तान को करारी शिकस्त दी है. हिंदुस्तान की इस हार के बाद डेविड मिलर (David Miller) ने कहा की हिंदुस्तान की टीम अजेय नहीं है. हिंदुस्तान की हार पर मिलर का बयान मैच के बाद डेविड मिलर ने कहा कि हिंदुस्तानीय टीम शानदार है, लेकिन उन्हें हराया जा सकता है. मिलर ने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे अहम टूर्नामेंट में बेसिक्स पर ध्यान देना और अपनी रणनीति पर टिके रहना सबसे जरूरी होता है. उनका मानना है कि साउथ अफ्रीका एक परिपक्व टीम है और टीम के सभी सदस्य लंबे समय से एक साथ स्पोर्ट्स रहे हैं. इस अनुभव का फायदा दबाव वाले मैचों में मिलता है. मिलर ने कहा कि अपनी तय रणनीति के हिसाब से काम करना ही इस जीत का मुख्य कारण है. महाराज और एंगिडी की कसी हुई गेंदबाजी  मिलर ने हिंदुस्तानीय लाइनअप में 6 बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के बावजूद अपने गेंदबाजो की जमकर तारीफ की. लुंगी एंगिडी को भले ही विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 15 रन दिए और 3.80 की इकॉनमी से गेंदबाजी की. अनुभवी स्पिनर केशव महाराज ने शुरुआती दो ओवरों में रन दिए, लेकिन तीसरे ओवर में उन्होंने 6 गेंदों के भीतर हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह और अर्शदीप सिंह को आउट कर मैच का रुख बदल दिया. मिलर और ब्रेविस की 97 रनों की साझेदारी  पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन बनाए. डेविड मिलर ने सबसे ज्यादा 63 रनों की बेहतरीन पारी स्पोर्ट्सी. चौथे विकेट के लिए मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस (45 रन) के बीच 97 रनों की अहम साझेदारी हुई. अंतिम ओवरों में ट्रिस्टन स्टब्स ने नाबाद 44 रन बनाए. हिंदुस्तान के लिए जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर 3 विकेट लिए. अर्शदीप सिंह ने 28 रन देकर 2 विकेट लिए. वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे को एक-एक विकेट मिला. डिफेंडिंग चैंपियंस का फ्लॉप शो  188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए हिंदुस्तान 18.5 ओवर में 111 रनों पर सिमट गई. पूरी पारी में कोई भी हिंदुस्तानीय बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका. शिवम दुबे ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए, लेकिन बाकी सभी बल्लेबाज फ्लॉप रहे. साउथ अफ्रीका के गेंदबाजो के सामने हिंदुस्तानीय टीम के बल्लेबाज एक-एक करके पवेलियन लौटते रहे और टीम को 76 रनों के अंतर से बड़ी हार मिली. यानसेन और महाराज का कहर  हिंदुस्तानीय टीम को समेटने का पूरा श्रेय अफ्रीकी गेंदबाजो को जाता है. मार्को यानसेन ने 22 रन देकर 4 विकेट झटके. केशव महाराज ने 24 रन देकर 3 बल्लेबाजों को आउट किया. कोर्बिन बॉश ने 12 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए. कप्तान एडेन मार्करम ने भी गेंदबाजी करते हुए 5 रन देकर 1 विकेट हासिल किया. इसी शानदार गेंदबाजी के दम पर साउथ अफ्रीका ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की. ये भी पढ़ें- सूर्यकुमार की कप्तानी में मिली हार, संजय मांजरेकर ने बताई हिंदुस्तान की 3 गलतियां अहमदाबाद में सूर्यकुमार का दिखा जबरा फैन, 6 घंटे में होता है तैयार, जानें वजह हिंदुस्तान 111 रन पर ऑल आउट, दक्षिण अफ्रीका ने 76 रन से हराया The post साउथ अफ्रीका की जीत के बाद मिलर ने बताया तरीका, कैसे दी जा सकती है हिंदुस्तान को मात appeared first on Naya Vichar.

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EPFO Higher Pension Update: रिटायर्ड कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, अब मिलेगी पहले से डबल पेंशन

EPFO Higher Pension Update: रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक खुशसमाचारी सामने आ रही है. EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) ने पेंशन को लेकर पुराने नियमों को फिर से बहाल करने का संकेत दिया है. अब कर्मचारी अपनी पूरी सैलरी के आधार पर पेंशन का विकल्प चुन सकेंगे, जिससे रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि काफी बढ़ जाएगी. EPFO: क्या है ये हायर पेंशन का नया अपडेट? ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, EPFO ने अब कर्मचारियों को उनकी वास्तविक बेसिक सैलरी (Actual Basic Salary) के आधार पर पेंशन फंड में योगदान करने की अनुमति दे दी है. पहले इसे 15,000 रुपये की सीमा पर फिक्स कर दिया गया था, लेकिन अब इस कैपिंग को हटाकर पुराने सिस्टम को वापस लाया जा रहा है. इसका सीधा मतलब है कि जितनी ज्यादा आपकी बेसिक सैलरी होगी, उतनी ही अच्छी आपकी पेंशन बनेगी. EPFO: 2014 के नियम से क्या बदल गया था? सितंबर 2014 में प्रशासन ने नियम बनाया था कि पेंशन की गणना अधिकतम 15,000 रुपये की सैलरी पर ही होगी. इस वजह से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन अधिकतम 7,500 रुपये के आसपास सिमट कर रह गई थी. अब पुराने ऑप्शन के बहाल होने से उन लोगों को राहत मिलेगी जो अपनी पूरी सैलरी पर कंट्रीब्यूशन देना चाहते थे. EPFO: किसे मिलेगा इस बहाली का लाभ? ध्यान देने वाली बात यह है कि यह फायदा हर किसी के लिए नहीं है. यह मुख्य रूप से उन कर्मचारियों के लिए है जिन्होंने 2014 से पहले हायर पेंशन का ऑप्शन चुना था. साथ ही, इसके लिए कंपनी (Employer) की सहमति भी जरूरी है. अगर आपकी कंपनी ज्यादा योगदान देने को तैयार है, तभी आप इस स्कीम का हिस्सा बन पाएंगे. EPFO: पेंशन की कैलकुलेशन कैसे होती है? पेंशन निकालने का फॉर्मूला काफी सरल है:  पेंशन = (औसत सैलरी × नौकरी के साल) ÷ 70  यहां औसत सैलरी का मतलब पिछले 60 महीनों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का जोड़ है. ये भी पढ़ें: बेबी प्लानिंग के साथ बजट को भी करें प्लान, इन 4 टिप्स से लाइफ होगी आसान The post EPFO Higher Pension Update: रिटायर्ड कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, अब मिलेगी पहले से डबल पेंशन appeared first on Naya Vichar.

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हर बात पर आग बबूला हो जाता है आपका बच्चा, ऐसे करें शांत

How to Control Child Anger: छोटी उम्र में ही इंसान की सोच, फीलिंग्स और आदतों का विकास होता है लेकिन अगर आपका बच्चा हर छोटी-छोटी बात पर नाराज हो जाता है और चिल्लाता है तो यह ध्यान देने वाली बात है. शिशु की इस हरकत का मतलब है कि उन्हें कुछ जरूरी सोशल हैबिट्स सिखाने की आवश्यकता है. वैसे तो गुस्सा आना सामान्य बात है लेकिन उस पर कंट्रोल रखना और अपनी गलती मान लेने की कला सीखने वाली है. अगर आप भी अपने शिशु को विनम्र और अपनी भल पर माफी मांगने वाला बनाना चाहते हैं तो यहां बताए गए टिप्स को आजमा सकते हैं. माफी को समझदारी बताएं अगर हम माफी की बात करें तो कई शिशु माफी मांगने में हिचकते हैं. इसकी वजह है कि शिशु का लगता है कि माफी मांगने से वह कमजोर लगेगा. आप शिशु को यह समझाएं कि माफी मांगना कमजोरी नहीं बल्कि समझदारी का प्रतीक है. अगर आपसे भी कुछ गलती होती है तो माफी मांगना मत भूलें. इससे बच्चा भी गलती पर माफी मांगना सीखेगा. शांत रहना सिखाएं हर शिशु की आदत होती है कि वो गुस्से में तुरंत रिएक्शन देते हैं. ऐसे में आप शिशु को समझाएं कि कुछ पल ठहरने के बाद गहरी सांस लें. यह आदत शिशु के लिए बहुत मददगार साबित होगा. यह भी पढ़ें: आपकी हर बात मानेगा बच्चा, बस अपनाने होंगे ये आसान पेरेंटिंग टिप्स पॉजिटिव बातों का सहारा लें अगर शिशु की गलती पर आप डांटने या चिल्लाने लगते हैं, तो बच्चा डिफेंसिव हो जाता है. ऐसे में बचाचा माफी मांगने के बजाय बहाने बनाने लगता है. यानी शिशु की गलती पर आप पॉजिटिव लैंग्वेज और शांत टोन का इस्तेमाल करेंगे तो शिशु की माफी मांगने की संभावना रहती है. फीलिंग्स पहचानना सिखाएं कई बार ऐसा देखा जाता है जब शिशु अपनी फीलिंग्स को पहचान नहीं पाते और वे गुस्से में रिएक्ट करते हैं. उन्हें बस इतना ही लगता है कि कुछ गलत हुआ है और बच्चा गुस्सा हो जाता है. ऐसे में जरूरी है कि आप शिशु को फीलिंग्स के नाम बताएं- जैसे “तुम्हें गुस्सा आ रहा है?”, “क्या तुम उदास हो?”. बच्चा जब मन की बात कर पाएगा तो वह नाराज होने की बजाय आपसे बात करेगा. यह भी पढ़ें: इन टिप्स से हंसी-मजाक छोड़कर पढ़ाई में मन लगाएगा आपका बच्चा यह भी पढ़ें: ये संकेत बताते हैं कि बुरी संगत में है आपका बच्चा The post हर बात पर आग बबूला हो जाता है आपका बच्चा, ऐसे करें शांत appeared first on Naya Vichar.

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फाल्गुन पूर्णिमा पर क्यों की जाती है अग्नि पूजा

Falgun Purnima 2026: फाल्गुन पूर्णिमा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तिथियों में से एक मानी जाती है. इसी दिन होलिका दहन किया जाता है, जिसमें अग्नि की पूजा का विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यता है कि यह अग्नि बुराई, नकारात्मक ऊर्जा और पापों को जलाकर जीवन में सुख और शांति लाती है. फाल्गुन पूर्णिमा सर्दी के अंत और बसंत के आगमन का भी प्रतीक है. इसलिए इस दिन अग्नि को शुद्धि और नई शुरुआत का माध्यम माना जाता है. प्रह्लाद और होलिका की पौराणिक कथा अग्नि पूजा के पीछे सबसे बड़ी वजह प्रह्लाद और होलिका की पौराणिक कथा है. कथा के अनुसार, प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे. उनके पिता हिरण्यकश्यपु इस बात से नाराज थे और उन्होंने अपनी बहन होलिका से प्रह्लाद को आग में लेकर बैठने को कहा. होलिका को वरदान था कि अग्नि उसे जला नहीं सकती. लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका जल गई. इस घटना के बाद से अग्नि को सत्य और भक्ति की जीत का प्रतीक मानकर पूजा की जाने लगी. अग्नि को क्यों माना जाता है शुद्ध करने वाला धर्म में अग्नि को बहुत पवित्र माना गया है. ऐसा विश्वास है कि अग्नि हर तरह की नकारात्मकता और अशुद्धि को खत्म कर देती है. फाल्गुन पूर्णिमा पर जब अग्नि जलाई जाती है, तो लोग अपनी परेशानियों, दुख और बुरी आदतों को खत्म करने की भावना से उसकी पूजा करते हैं. यह अग्नि जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच लाने का प्रतीक भी होती है. सुख-समृद्धि की कामना के लिए होती है पूजा फाल्गुन पूर्णिमा की अग्नि पूजा केवल परंपरा नहीं, बल्कि सुख-समृद्धि की कामना का भी माध्यम है. लोग अग्नि के चारों ओर परिक्रमा करते हैं और भगवान से अपने परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और सफलता की प्रार्थना करते हैं. मान्यता है कि इस दिन अग्नि पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और अच्छे दिन शुरू होते हैं. ये भी पढ़ें: फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया, जानें कैसे करेंगे स्नान-दान बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश फाल्गुन पूर्णिमा पर अग्नि पूजा हमें एक बड़ा संदेश भी देती है. यह बताती है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत हमेशा सच्चाई और भक्ति की ही होती है. यही कारण है कि हर साल लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ अग्नि पूजा करते हैं और अपने जीवन में अच्छाई को अपनाने का संकल्प लेते हैं. यह पर्व धर्म, आस्था और सकारात्मक जीवन का प्रतीक माना जाता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञConsultation: 8080426594 / 9545290847 The post फाल्गुन पूर्णिमा पर क्यों की जाती है अग्नि पूजा appeared first on Naya Vichar.

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सूर्यकुमार की कप्तानी में मिली हार, संजय मांजरेकर ने बताई भारत की 3 गलतियां

Highlights मांजरेकर ने गिनाई टीम इंडिया की कमियां  स्पिन के खिलाफ बैटिंग आर्डर में बदलाव की मांग  धीमी गेंदो के खिलाफ अभ्यास जरूरी  विकेट टेकिंग विकल्प के रूप में कुलदीप की जरुरत  जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो का मैच  IND vs SA: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर 8 मुकाबले में टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के हाथो 76 रन के विशाल अंतर से हार मिली है. सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की कप्तानी में स्पोर्ट्स रही हिंदुस्तानीय टीम की मौजूदा टूर्नामेंट में यह पहली हार है. हिंदुस्तान इससे पहले लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज कर रहा था, लेकिन अहमदाबाद में स्पोर्ट्से गए इस मैच में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के विपरीत काफी निराशाजनक रहा. मेजबान टीम के इस तरह अचानक हारने से क्रिकेट फैंस भी हैरान है. इस करारी हार के बाद पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) ने एक्स पर पोस्ट कर टीम इंडिया की गलतियो का विश्लेषण किया है और आगामी मैचो के लिए तीन अहम सुझाव दिए. मांजरेकर ने गिनाई टीम इंडिया की कमियां  संजय मांजरेकर हमेशा अपने बेबाक विश्लेषण के लिए जाने जाते है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सबसे पहले साउथ अफ्रीका को उनके शानदार स्पोर्ट्स के लिए बधाई दी. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि साउथ अफ्रीका को शुक्रिया, अब हमें स्पष्ट रूप से पता है कि हिंदुस्तान को आगे क्या करना है. मांजरेकर ने बताया कि इस हार से हिंदुस्तान को अपनी गलतियो से जल्दी सीखना होगा. पूर्व क्रिकेटर ने पॉइंट टू पॉइंट तीन अहम बिन्दुओ पर जोर दिया है, जिन पर काम करके हिंदुस्तानीय टीम वापसी कर सकती है. Thanks to SA we now know what Ind needs to do next. 1) Get batters with soft skills against spin to bat up the order. 2) Guy doing ‘throw downs’ to throw a a million slower balls at Ind batters.☺️3) Kuldeep must play to have another wicket taking option. — Sanjay Manjrekar (@sanjaymanjrekar) February 22, 2026 स्पिन के खिलाफ बैटिंग आर्डर में बदलाव की मांग  मांजरेकर ने अपने पहले सुझाव में कहा कि हिंदुस्तानीय टीम को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपनी रणनीति में तुरंत बदलाव करने की सख्त जरुरत है. उन्होंने स्पष्ट सलाह दी कि बैटिंग आर्डर में उन बल्लेबाजो को टॉप आर्डर में लाया जाना चाहिए जिनके पास स्पिनर्स को स्पोर्ट्सने के लिए बेहतरीन तकनीक और सॉफ्ट स्किल्स हो. साउथ अफ्रीका के खिलाफ हिंदुस्तानीय बल्लेबाज स्पिनर्स के सामने काफी संघर्ष करते नजर आए थे, जिसके कारण बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बिखर गया और टीम को विशाल अंतर से हार मिली. धीमी गेंदो के खिलाफ अभ्यास जरूरी  पूर्व क्रिकेटर ने अपने दूसरे पॉइंट में हिंदुस्तानीय बल्लेबाजो की ट्रेनिंग और प्रैक्टिस के तरीको पर अहम सवाल उठाए है. उन्होंने कहा कि नेट्स में थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट द्वारा हिंदुस्तानीय बल्लेबाजो को लगातार धीमी गेंदे खिलाने का अभ्यास कराया जाना चाहिए. उन्होंने ध्यान दिलाया कि जब गेंदे पिच पर रुक कर आती है, तो हिंदुस्तानीय बल्लेबाज शॉट के चयन में अक्सर गलती करते है. टी20 प्रारूप में इस अहम कमी को दूर करने के लिए थ्रो डाउन में धीमी गेंदो का सामना करना टीम के लिए बहुत आवश्यक है. विकेट टेकिंग विकल्प के रूप में कुलदीप की जरुरत  संजय मांजरेकर का तीसरा सुझाव हिंदुस्तान के गेंदबाजी आक्रमण को और अधिक धारदार बनाने को लेकर है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय टीम को एक अतिरिक्त विकेट टेकिंग विकल्प की तलाश करनी ही होगी. इसके लिए प्लेइंग इलेवन में स्पिनर कुलदीप यादव को शामिल करना बेहद जरूरी है. कुलदीप बीच के ओवरो में अपनी गेंदबाजी विविधताओं से साझेदारियां खत्म करने और विकेट निकालने में माहिर है. वह टीम इंडिया के लिए एक अहम एक्स फैक्टर साबित हो सकते है. जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो का मैच  सुपर 8 चरण में अब हिंदुस्तान का अगला और सबसे अहम मुकाबला 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ होना है. यह मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. चेन्नई की पिच अक्सर स्पिनर्स को मदद करती है, जो मांजरेकर के सुझाव को और भी प्रासंगिक बनाता है. जिम्बाब्वे की टीम इस टूर्नामेंट में अब तक पूरी तरह से अजेय रही है और उसने अपने पिछले मैचो में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमो को करारी मात दी है. सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए हिंदुस्तान को हर हाल में जिम्बाब्वे को हराना होगा. ये भी पढ़ें- बुमराह ने टी20 वर्ल्ड कप में बना डाला धांसू रिकॉर्ड, अश्विन और अर्शदीप को छोड़ा पीछे अहमदाबाद में सूर्यकुमार का दिखा जबरा फैन, 6 घंटे में होता है तैयार, जानें वजह हिंदुस्तान 111 रन पर ऑल आउट, दक्षिण अफ्रीका ने 76 रन से हराया The post सूर्यकुमार की कप्तानी में मिली हार, संजय मांजरेकर ने बताई हिंदुस्तान की 3 गलतियां appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के आदित्यपुर और जामताड़ा में सुबह नौ बजे तक सबसे अधिक मतदान, डोमचाच-कोडरमा में बूथ खाली

Jharkhand Municipal Election: झारखंड में नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत सोमवार सुबह 9:00 बजे तक विभिन्न निकायों से मतदान प्रतिशत के आंकड़े सामने आए हैं. कई शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी दिख रही है, जबकि कुछ जगहों पर बूथों पर सन्नाटा भी देखा गया. आदित्यपुर में सबसे अधिक 9.35% मतदान आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में सुबह नौ बजे तक सबसे अधिक 9.35% मतदान दर्ज किया गया. वहीं सरायकेला नगर पंचायत में 13.68% मतदान हुआ, जो जिले में उल्लेखनीय रहा. कपाली नगर परिषद में 8.99% मतदान दर्ज किया गया. प्रशासन की ओर से लगातार मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वे घरों से निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें. चास और फुसरो में भी जारी मतदान चास नगर निगम में सुबह 9 बजे तक 7.15% मतदान हुआ, जबकि फुसरो नगर परिषद में 9.45% मतदान दर्ज किया गया. चुनाव अधिकारियों ने बताया कि सुबह के समय मतदान की रफ्तार सामान्य रहती है और दिन चढ़ने के साथ प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है. डोमचांच और कोडरमा में बूथ खाली डोमचांच के वार्ड संख्या 5 में सुबह तक एक भी वोट नहीं पड़ा. वहां भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई है. इसी तरह कोडरमा के वार्ड 5 और 11 में वोट बहिष्कार जैसी स्थिति देखने को मिल रही है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय लोगों से संवाद की कोशिश की जा रही है. चक्रधरपुर में 9.44% मतदान नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले में पूर्वाह्न 09:00 बजे तक मतदान प्रतिशत जारी किया गया. चक्रधरपुर नगर परिषद (खंड-ख) में 9.44% मतदान दर्ज हुआ. चाईबासा नगर परिषद (खंड-ख) में 10.68% मतदान हुआ. बुंडू में 11.74% वोटिंग नगर पालिका चुनाव के तहत सुबह नौ बजे तक रांची नगर निगम के 07.28% और बुंडू नगर पंचायत के लिए 11.74% मतदान हुआ. इन क्षेत्रों में वोटिंग भी जारी है. मिहिजाम और जामताड़ा में 9.83% मतदान की स्थिति मिहिजाम नगर परिषद में सुबह 9 बजे तक 9.83% मतदान दर्ज किया गया है. वहीं जामताड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में 10.24 प्रतिशत मतदान हुआ है. प्रशासन ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की है. इसे भी पढ़ें: कोडरमा में मतदान शुरू, 36 अध्यक्ष और 266 पार्षद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला प्रशासन की अपील चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें. “वोट डालने जाना है, अपना फर्ज निभाना है” संदेश के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है. अधिकारियों को उम्मीद है कि दिन बढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में वृद्धि होगी. इसे भी पढ़ें: चास में नगर निगम के लिए लोगों में जोश, मेयर पद के 31 उम्मीदवार मैदान में The post झारखंड के आदित्यपुर और जामताड़ा में सुबह नौ बजे तक सबसे अधिक मतदान, डोमचाच-कोडरमा में बूथ खाली appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में रिसेप्शन पार्टी में 27-28 राउंड फायरिंग, दो भाईयों का बेरहमी से मर्डर, शर्ट-पैंट तक खुलवाए

Patna Double Murder: पटना के गोपालपुर थाना इलाके के शाहपुर गांव में रिसेप्शन पार्टी चल रही थी. मेहमान खाना खा रहे थे. तभी अचानक लगभग 12 बदमाश रिसेप्शन पार्टी में पहुंचे और दो भाइयों की बेरहमी से हत्या कर मौके से फरार हो गए. लगभग 27 से 28 राउंड गोलियां चलीं. गोलियों की तड़तड़ाहट से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. लोग खाना छोड़ भागकर अपनी जान बचाने में जुट गए. 22 फरवरी को रिसेप्शन पार्टी में क्या-क्या हुआ? इस घटना को रविवार की देर रात अंजाम दिया गया. दोनों भाइयों की पहचान मनीष राय (25 वर्ष) और रंजीत राय (20 वर्ष) के रूप में हुई है. फायरिंग के बाद दोनों को ग्रामीण संपतकचक स्थित अस्पताल ले जाया गया. यहां से उन्हें एनएमसीएच भेजा गया, जहां दोनों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मनीष और मंजीत के पिता राजू राय उर्फ राजकिशोर राय हैं. मौके से 7.65 एमएम पिस्टल के एक दर्जन खोखे मिले हैं. यह घटना शाहपुर गांव में रविवार की रात दौलत यादव के बेटे विक्की के रिसेप्शन समारोह के पंडाल में सैकड़ों लोगों के सामने हुई. खेत में पंडाल बनाये गए थे. मनीष और मंजीत खाना खाकर उठे थे. इसी दौरान लगभग 12 बदमाश आ गए और छोटे भाई मंजीत पर फायरिंग कर दी. जिसमें मंजीत खून से लथपथ होकर गिर गया. इसके बाद उसके बड़े भाई मनीष को कॉलर पकड़ कर घसीटते हुए पंडाल के बाहर लाया गया. जहां बगल में ही ट्यूबबेल था. वहां पर बदमाशों ने मनीष के शर्ट और पैंट को खुलवा दिया और चार-पांच गोली मार दी. इसके बाद खेत से होते हुए जगनपुरा मेन रोड से निकल गए. जिन लोगों से इस घटना को अंजाम दिया है, उसे वहां के लोकल लोग जानते थे. रिसेप्शन पार्टी में मौजूद लोगों ने क्या कहा? मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि सभी बदमाशों के हाथ में पिस्टल थी. इसके कारण कोई उन लोगों को पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाया. उस समय मनीष और मंजीत के परिवार के कोई अन्य सदस्य वहां पर मौजूद नहीं थे. दोनों का घर पंडाल से ही कुछ दूरी पर है. लोगों ने उसके पिता राजू राय उर्फ राजकिशोर राय को मामले की जानकारी दी. साथ ही पुलिस टीम भी पहुंच गई. अचानक गोली चलने से पंडाल के अंदर भगदड़ की स्थिति हो गई. सिटी एसपी ने क्या दी जानकारी? मामले की जानकारी मिलते ही सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार, गोपालपुर और रामकृष्णानगर थाने की पुलिस पहुंची. जिन हमलावरों के नाम इस घटना को अंजाम देने में सामने आए हैं, वे घर से फरार हैं. पुलिस जब उनके घरों पर पहुंची तो ताला लटका मिला. सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले सभी के नाम सामने आ चुके हैं. उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है. किस विवाद से जुड़ा है ये मामला? जांच में यह सामने आया है कि राजू राय की 6 बीघा जमीन का विवाद उनके गोतिया कृष्णा राय उर्फ किशन राय से कई साल से चल रहा था. एक महीने पहले ही राजू के पक्ष में अदालत ने फैसला दिया था. जमीन की कीमत 50 करोड़ से अधिक है. केस का फैसला आने के बाद दोनों पक्षों में विवाद गहरा गया था. केस हारने से कृष्णा राय गुस्से में थे. शक है कि इसके कारण ही राजू राय के दोनों बेटों को निशाना बनाया गया है. लेकिन पुलिस जांच में जुटी है. Also Read: राजगीर नेचर और जू सफारी के लिए बढ़ाई जायेंगी बसें, टिकटें भी होंगी डबल The post बिहार में रिसेप्शन पार्टी में 27-28 राउंड फायरिंग, दो भाईयों का बेरहमी से मर्डर, शर्ट-पैंट तक खुलवाए appeared first on Naya Vichar.

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