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Author name: Vinod Jha

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आरओबी निर्माण को रेलवे की हरी झंडी, 12 से 27 सितंबर तक ट्रैफिक ब्लॉक, मधेपुरा-बैजनाथपुर के बीच बनेगा आरओबी, रेलवे ने दी हरी झंडी

12 से 27 सितंबर तक अलग-अलग तिथियों में लिया जाएगा ट्रैफिक व पावर ब्लॉक, कई ट्रेनों के समय में बदलाव नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर– सहरसा-पूर्णिया कोर्ट रेलखंड पर सड़क और रेल यातायात को सुगम बनाने के लिए रेलवे ने महत्वपूर्ण पहल की है। दौरम मधेपुरा और बैजनाथपुर स्टेशनों के बीच समपार संख्या 95 ‘बी’ पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा रोड ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल ने रेलवे की ओर से आवश्यक स्वीकृति प्रदान कर दी है। ‘पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ के तहत बनने वाले इस आरओबी के निर्माण से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी। गर्डर लॉन्चिंग सहित अन्य तकनीकी कार्यों को पूरा करने के लिए रेलवे की ओर से विभिन्न तिथियों में ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान कुछ ट्रेनों के परिचालन समय में बदलाव किया गया है। इन तिथियों में रहेगा ब्लॉक मधेपुरा-बैजनाथपुर रेलखंड पर गाड़ी संख्या 75261 सहरसा-पूर्णिया कोर्ट पैसेंजर के गुजरने के बाद ब्लॉक प्रभावी होगा। 12, 13, 15, 17 और 20 सितंबर को सुबह 8:20 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक चार घंटे ब्लॉक रहेगा। 26 सितंबर को सुबह 8:20 बजे से पूर्वाह्न 11:20 बजे तक तीन घंटे तथा 27 सितंबर को सुबह 8:20 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक चार घंटे ब्लॉक लिया जाएगा। कई ट्रेनों के समय में बदलाव ब्लॉक के कारण गाड़ी संख्या 55570 सहरसा-पूर्णिया पैसेंजर 12, 13, 15, 17, 20 और 27 सितंबर को सहरसा जंक्शन से 90 मिनट पुनर्निर्धारित होकर चलेगी। 26 सितंबर को इसे सहरसा और बैजनाथपुर के बीच 40 मिनट नियंत्रित किया जाएगा। गाड़ी संख्या 15284 जयनगर-मनिहारी जानकी एक्सप्रेस को 12, 13, 15, 17, 20 और 27 सितंबर को सिमरी बख्तियारपुर और सहरसा के बीच 60 मिनट नियंत्रित किया जाएगा। वहीं, गाड़ी संख्या 03215 पूर्णिया कोर्ट-पाटलिपुत्र स्पेशल एक्सप्रेस 12, 15 और 27 सितंबर को पूर्णिया कोर्ट से 90 मिनट पुनर्निर्धारित होकर रवाना होगी। 26 सितंबर को इसे बनमनखी जंक्शन और दौरम मधेपुरा के बीच 40 मिनट नियंत्रित किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार अन्य मेल/एक्सप्रेस एवं मालगाड़ियों का परिचालन भी नियंत्रित किया जा सकता है। आरओबी बनने से जाम से मिलेगी राहत समपार संख्या 95 ‘बी’ पर आरओबी बनने के बाद रेलवे फाटक के बंद होने से सड़क पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी। लेवल क्रॉसिंग समाप्त होने से सड़क और रेल यातायात की सुरक्षा भी बढ़ेगी। इसके अलावा एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूली वाहनों और आम यात्रियों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी। आरओबी निर्माण से कोसी और सीमांचल क्षेत्र में सड़क एवं रेल नेटवर्क के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होने के साथ व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद जताते हुए सहयोग की अपील की है।

समस्तीपुर

जन संवाद में डीएम ने सुनीं आम लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन कर आवेदकों को कार्रवाई की जानकारी देने को कहा नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में शुक्रवार को जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आम लोगों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन संवाद में प्राप्त आवेदनों का नियमित अनुश्रवण करते हुए मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें। साथ ही, आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उनका बिना अनावश्यक विलंब के निष्पादन किया जाए। जन संवाद का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का सीधे संज्ञान लेकर उनका प्रभावी और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

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BRICS Summit 2026 LIVE Updates Hindi : पीएम मोदी-पुतिन की बैठक खत्म, इनोपरोम प्रदर्शनी देखने भारत मंडपम पहुंचे दोनों नेता

BRICS Summit 2026 LIVE Updates Hindi : ब्रिक्स के 18वां संस्करण की मेजबानी हिंदुस्तान कर रहा है. एक तरफ 7 साल बाद हिंदुस्तान में चीनी राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की मुलाकात होनी है. वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ 11 सितंबर को द्विपक्षीय बातचीत निर्धारित है. ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी हर अपडेट जानने के लिए जुड़े रहिए नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 LIVE Updates Hindi : पीएम मोदी-पुतिन की बैठक खत्म, इनोपरोम प्रदर्शनी देखने हिंदुस्तान मंडपम पहुंचे दोनों नेता appeared first on Naya Vichar.

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पुतिन को देखते ही मोदी ने लगाया गले, सामने आया खास पल का VIDEO

Video : ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया. मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है, जिसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक्स पर शेयर किया है. वीडियो में दिख रहा है कि पुतिन को देखते ही पीएम मोदी ने उन्हें गले लगा लिया. इसके बाद दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया. दोनों के बीच हिंदुस्तान-रूस संबंधों को मजबूत करने और कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. माना जा रहा है कि बैठक में व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में लेंगे हिस्सा व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय हिंदुस्तान दौरे पर शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे. वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक हुई. पुतिन के साथ रूस का एक बड़ा डेलिगेशन भी हिंदुस्तान आया है. यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है, जब पुतिन रूस से बाहर आयोजित किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खुद शामिल होंगे. ये भी पढ़ें: PHOTOS : जब एक ही कार में सवार होकर निकले पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन, देखें तस्वीरें The post पुतिन को देखते ही मोदी ने लगाया गले, सामने आया खास पल का VIDEO appeared first on Naya Vichar.

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ड्रोन हमले में बाल-बाल बचे जेलेंस्की, PM मोदी के हवाई सफर के लिए क्या होता है बैकअप प्लान?

दुनिया के ताकतवर नेताओं के लिए आसमान हमेशा सुरक्षित नहीं रहा. रवांडा के राष्ट्रपति जुवेनल हब्यारिमाना का विमान मार गिराया गया था, लेबनान के 8 बार प्रधानमंत्री रहे रशीद करामी की जान भी हवा में ही चली गई थी. इतिहास गवाह है कि जिस ऊंचाई पर ये नेता सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं, वही ऊंचाई कई बार सबसे बड़ा खतरा बन जाती है. दिलचस्प इत्तेफाक देखिए, ठीक उसी दिन 8 सितंबर को मुंबई में पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले एक सिक्योरिटी ब्रीच की समाचार ने भी हलचल मचा दी. यानी एक ही दिन, दो महाद्वीप, और नेताओं की सुरक्षा पर उठते वही पुराने सवाल. तो आखिर हवा में किसी राष्ट्राध्यक्ष को सुरक्षित रखना होता कितना मुश्किल है? The post ड्रोन हमले में बाल-बाल बचे जेलेंस्की, PM मोदी के हवाई सफर के लिए क्या होता है बैकअप प्लान? appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 LIVE Updates Hindi : ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन पहुंचे दिल्ली, ब्रिक्स समिट में करेंगे शिरकत

BRICS Summit 2026 LIVE Updates Hindi : ब्रिक्स के 18वां संस्करण की मेजबानी हिंदुस्तान कर रहा है. एक तरफ 7 साल बाद हिंदुस्तान में चीनी राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की मुलाकात होनी है. वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ 11 सितंबर को द्विपक्षीय बातचीत निर्धारित है. ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी हर अपडेट जानने के लिए जुड़े रहिए नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 LIVE Updates Hindi : ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन पहुंचे दिल्ली, ब्रिक्स समिट में करेंगे शिरकत appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 LIVE: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन दिल्ली के लिए रवाना, ब्रिक्स समिट में होंगे शामिल

BRICS Summit 2026 LIVE Hindi : 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी हिंदुस्तान को सौंपी गई है. यह सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में आयोजित हो रहा है. वर्ल्ड लीडर्स के आने का सिलसिला जारी है. ब्रिक्स समिट की हर अपडेट के लिए जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 LIVE: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन दिल्ली के लिए रवाना, ब्रिक्स समिट में होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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क्या BRICS को ‘कमजोर’ रखना ही भारत की सबसे बड़ी कूटनीति? जानिए चीन के दबदबे को रोकने का इनसाइड गेम

BRICS Summit 2026 : हिंदुस्तान में BRICS Summit के बीच इस समूह की भूमिका और भविष्य को लेकर बहस तेज है. एक नए विश्लेषण में दावा किया गया है कि हिंदुस्तान का असली रणनीतिक हित BRICS को मजबूत और प्रभावशाली बनाने में नहीं, बल्कि उसे इतना विभाजित रखने में हो सकता है कि वह चीन के ग्लोबल पावर प्रोजेक्ट का हथियार न बन पाए. BRICS की सबसे बड़ी ताकत ही हिंदुस्तान के लिए बन सकती है चुनौती BRICS अब पहले जैसा छोटा समूह नहीं रहा. द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिक्स में विस्तार के बाद अब 11 देश शामिल हैं और इसका आर्थिक व नेतृत्वक प्रभाव काफी बढ़ गया है. लेकिन इसी विस्तार के साथ एक बड़ा सवाल भी सामने आया है, क्या BRICS वास्तव में सभी सदस्यों के साझा हितों के लिए काम करेगा या चीन धीरे-धीरे इस मंच पर अपना प्रभाव बढ़ाएगा? विश्लेषण के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय संगठनों में ताकत का संतुलन बेहद मायने रखता है. किसी भी समूह के फैसले सिर्फ सदस्य देशों की संख्या से तय नहीं होते, बल्कि आर्थिक, सैन्य और रणनीतिक ताकत भी उनकी भूमिका तय करती है. इस लिहाज से BRICS में चीन का प्रभाव दूसरे कई सदस्यों से काफी ज्यादा है. ये भी पढ़ें: BRICS Summit Menu : PM मोदी से लेकर विदेशी मेहमानों तक की थाली में क्या होगा? ऐसे तय होता है खाना चीन के सामने हिंदुस्तान की स्थिति कमजोर क्यों? चीन और हिंदुस्तान दोनों BRICS के अहम सदस्य हैं, लेकिन दोनों की आर्थिक और सैन्य क्षमता में बड़ा अंतर है. ऐसे में अगर BRICS एक बेहद प्रभावी नेतृत्वक या रणनीतिक समूह बनता है, तो आशंका यह है कि उसका इस्तेमाल चीन अपने हितों के लिए कर सकता है. हिंदुस्तान के लिए समस्या इसलिए भी बड़ी है क्योंकि इंडो-पेसिफिक में चीन के बढ़ते प्रभाव को बैलेंस करने के लिए उसे अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और दूसरे स्ट्रैटजिक पार्टनर्स की जरूरत है. ऐसे में ऐसा कोई भी कदम जो इन देशों की ताकत कम करे और अप्रत्यक्ष रूप से चीन को फायदा पहुंचाए, हिंदुस्तान के हित में नहीं होगा. डॉलर का मामला भी समझिए BRICS में लंबे समय से de-dollarisation यानी अंतरराष्ट्रीय कारोबार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की चर्चा होती रही है. विश्लेषण का तर्क है कि अमेरिका के डॉलर सिस्टम से हिंदुस्तान की अपनी शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन डॉलर को कमजोर करना अपने आप में हिंदुस्तान के लिए फायदेमंद नहीं है. सवाल यह है कि अगर अमेरिकी डॉलर का प्रभाव घटता है, तो उसकी जगह किसका प्रभाव बढ़ेगा? अगर इसका फायदा मुख्य रूप से चीन को मिलता है, तो हिंदुस्तान के लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है. यानी अमेरिका से नाराजगी और चीन का विरोध, दोनों को एक ही रणनीति मानना हिंदुस्तान के लिए खतरनाक हो सकता है. BRICS ‘ineffective’ रखने से हिंदुस्तान को फायदा? यही इस विश्लेषण का सबसे controversial और दिलचस्प हिस्सा है. इसमें तर्क दिया गया है कि हिंदुस्तान का लक्ष्य BRICS को खत्म करना नहीं, बल्कि उसे इतना internally divided और ineffective रखना होना चाहिए कि चीन इसका इस्तेमाल अपने बड़े strategic ambitions के लिए न कर सके. BRICS के विस्तार को इस नजरिए से भी देखा जा सकता है. जितने ज्यादा और अलग-अलग हितों वाले देश किसी संगठन में शामिल होंगे, उनके बीच सहमति बनाना उतना मुश्किल होगा. मध्य पूर्व के देशों के बीच कई गंभीर मतभेद हैं. एशिया और दूसरे क्षेत्रों के देशों के अपने-अपने strategic interests हैं. ऐसे में हिंदुस्तान इन मतभेदों का इस्तेमाल BRICS के भीतर किसी एक देश के प्रभुत्व को रोकने के लिए कर सकता है. लेकिन इस रणनीति में हिंदुस्तान के लिए भी बड़ा रिस्क इसका दूसरा पहलू भी है. अगर हिंदुस्तान लगातार BRICS की initiatives को रोकता है या संगठन को कमजोर करने की कोशिश करता है, तो वह खुद इस समूह में अलग-थलग पड़ सकता है. इसके अलावा चीन के साथ टकराव बढ़ने पर Beijing आर्थिक और सैन्य दबाव का इस्तेमाल भी कर सकता है. इसलिए हिंदुस्तान के सामने असली challenge BRICS छोड़ना या उसे मजबूत बनाना नहीं, बल्कि उसके भीतर रहते हुए अपने strategic interests को सुरक्षित रखना है. BRICS का विस्तार हिंदुस्तान के लिए मौका भी है और चुनौती भी. असली सवाल अब यह नहीं है कि BRICS कितना ताकतवर बनेगा, बल्कि यह है कि क्या हिंदुस्तान चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच इस मंच को अपने हितों के खिलाफ जाने से रोक पाएगा. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 LIVE: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन दिल्ली के लिए रवाना, ब्रिक्स समिट में होंगे शामिल The post क्या BRICS को ‘कमजोर’ रखना ही हिंदुस्तान की सबसे बड़ी कूटनीति? जानिए चीन के दबदबे को रोकने का इनसाइड गेम appeared first on Naya Vichar.

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‘मिर्जापुर द मूवी’ का बॉक्स ऑफिस पर तहलका, 7 दिन में ₹148 करोड़ नेट, ‘अवारापन 2’ को पछाड़ा

‘मिर्जापुर द मूवी’ की रिलीज के साथ ही दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिला था. फिल्म में कालीन भैया के किरदार में पंकज त्रिपाठी, गुड्डू पंडित के रोल में अली फजल और मुन्ना भैया के किरदार में दिव्येंदु शर्मा की वापसी ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लिया. फिल्म की कमाई ने पहले हफ्ते में ही बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है. पहले दिन ही कर डाली ₹25 करोड़ से ज्यादा कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने 4 सितंबर, यानी रिलीज के पहले दिन ₹25.75 करोड़ नेट कमाए. शनिवार को फिल्म की कमाई बढ़कर ₹32 करोड़ पहुंच गई. इसके बाद रविवार को फिल्म ने सबसे बड़ा उछाल देखा और तीसरे दिन ₹36 करोड़ नेट की कमाई की. पहले वीकेंड के बाद सोमवार को फिल्म की कमाई ₹16 करोड़ रही. मंगलवार को इसने ₹15.60 करोड़, बुधवार को ₹12.55 करोड़ और गुरुवार को ₹10.55 करोड़ नेट कमाए. इस तरह सात दिनों में फिल्म का कुल घरेलू नेट कलेक्शन ₹148.45 करोड़ हो गया. The post ‘मिर्जापुर द मूवी’ का बॉक्स ऑफिस पर तहलका, 7 दिन में ₹148 करोड़ नेट, ‘अवारापन 2’ को पछाड़ा appeared first on Naya Vichar.

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गया जी में ED की रेड, बैंक फ्रौड मामले में कई ठिकानों पर छापा, 85 करोड़ के लोन में 58 करोड़ डायवर्ट करने का आरोप

Gaya Ji ED Raid : गया में बैंक फ्रॉड मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED), पटना की टीम ने शुक्रवार, 11 सितंबर को बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की टीम ने PMLA की धारा 17 के तहत रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. कार्रवाई फिलहाल जारी है. 85 करोड़ के लोन में 58 करोड़ डायवर्ट करने का आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी पर बैंकों के कंसोर्टियम से लिए गए करीब 85 करोड़ रुपये के लोन में से लगभग 58 करोड़ रुपये डायवर्ट करने का आरोप है. आरोप है कि यह रकम कथित तौर पर फर्जी या जाली प्रोजेक्ट कंप्लीशन रिपोर्ट के आधार पर प्राप्त की गई थी. अखौरी गोपाल और उनके बेटों पर कंपनी के नियंत्रण की बात ईडी के मुताबिक, कंपनी का नियंत्रण अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत एवं नितेश के पास बताया गया है. लोन के एवज में अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत गारंटी भी बैंकों को दी गयी थी. View on Instagram पांच संपत्तियों को गिरवी रखने की भी जांच जांच में यह भी सामने आने की बात कही गयी है कि पांच संपत्तियों को टाटा मोटर्स से जुड़े बकाये के खिलाफ गिरवी या मॉर्गेज किया गया था. बाद में इन संपत्तियों को कथित तौर पर कम कीमत पर बेच दिया गया, जबकि वे पहले से गिरवी थीं. खरीदारों के बेनामी या प्रॉक्सी होने की आशंका ईडी को कुछ खरीदारों के कथित तौर पर बेनामी या प्रॉक्सी होने की भी आशंका है. एजेंसी की जांच में संपत्तियों से जुड़े इन पहलुओं को भी देखा जा रहा है. ईडी की सर्च कार्रवाई अभी जारी फिलहाल ईडी की सर्च कार्रवाई जारी है. तलाशी पूरी होने और जांच में सामने आये तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी. ALSO READ : गया जी में 12वीं के फॉर्म के नाम पर 1430 रुपये की जगह मांगे 1800, भड़के विद्यार्थियों ने किया विरोध The post गया जी में ED की रेड, बैंक फ्रौड मामले में कई ठिकानों पर छापा, 85 करोड़ के लोन में 58 करोड़ डायवर्ट करने का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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