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Author name: Vinod Jha

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Astro Special: क्या है ज्योतिष का संधि काल गंडांत? शुभ कार्यों के लिए अशुभ क्यों

Astro Special: वैदिक ज्योतिष में गंडांत और संधि महत्वपूर्ण संधिकालों से जुड़े विषय हैं. जब एक स्थिति समाप्त होकर दूसरी शुरू होती है, तो वह समय संक्रमण का होता है. ज्योतिष में ऐसे समय का विशेष रूप से जन्म, विवाह, यात्रा और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के संदर्भ में विचार किया गया है. गंडांत जल और अग्नि तत्व वाली राशियों के बीच बनने वाला एक विशेष संधिकाल है. इन बिंदुओं पर होने वाले परिवर्तन को ज्योतिषीय दृष्टि से संवेदनशील माना गया है और इन्हें मानसिक तनाव, अचानक बदलाव या जीवन में आने वाली बाधाओं से भी जोड़ा है. एस्ट्रोलॉजी स्पेशल के पहली कड़ी में ज्योतिषाचार्य पं. प्रशांत पांडे ज्योतिष में गंडांत के महत्व को जानिए. ज्योतिष में क्या होता है संधि काल संधि का अर्थ है दो अवस्थाओं के बीच का जोड़ या संक्रमण. यह राशियों, तिथियों और अन्य ज्योतिषीय स्थितियों के बीच हो सकती है. संधि के समय एक अवस्था का प्रभाव समाप्त होता है और दूसरी अवस्था का प्रभाव शुरू होता है. गंडांत के तीन मुख्य प्रकार ज्योतिष में गंडांत के तीन प्रमुख प्रकार बताए गए हैं. तिथि गंडांत नक्षत्र गंडांत लग्न गंडांत क्या होता है तिथि गंडांत? तिथि गंडांत 5वीं–6वीं, 10वीं–11वीं और 15वीं–1वीं तिथि के संधिकाल से संबंधित है. इसके अनुसार 5वीं, 10वीं और 15वीं तिथि के अंतिम 24 मिनट तथा 1वीं, 6वीं और 11वीं तिथि के शुरुआती 24 मिनट को जोड़ा जाता है. इस तरह इन तिथियों के बीच कुल 48 मिनट का गंडांत क्षेत्र बनता है. ये भी पढ़ें: Budhaditya Rajyog: बुधादित्य राजयोग खोलेगा धन-समृद्धि का रास्ता, इन 5 राशि के जातकों का होगा भाग्योदय नक्षत्र गंडांत क्या होता है, कैसे बनता है नक्षत्र गंडांत इन तीन नक्षत्र-संधियों पर बनता है. • रेवती- अश्विनी • आश्लेषा- मघा • ज्येष्ठा- मूल रेवती, आश्लेषा और ज्येष्ठा के अंतिम 48 मिनट तथा अश्विनी, मघा और मूल के शुरुआती 48 मिनट को नक्षत्र गंडांत के अंतर्गत रखा है. तीनों में नक्षत्र गंडांत को विशेष महत्व दिया गया है. ज्येष्ठा-मूल की संधि का संबंध अभुक्त मूल से भी है. अभुक्त मूल की अवधि को लेकर अलग-अलग आचार्यों के मत उपलब्ध हैं, इसलिए इसकी गणना में संबंधित परंपरा का विचार किया जाता है. लग्न गंडांत क्या होता है लग्न गंडांत इन राशि-संधियों पर देखा जाता है- • कर्क- सिंह • वृश्चिक-धनु • मीन- मेष नोट- कर्क, वृश्चिक और मीन के अंतिम 12 मिनट तथा सिंह, धनु और मेष के शुरुआती 12 मिनट इसमें शामिल होते हैं. प्रत्येक राशि-संधि का कुल गंडांत क्षेत्र 24 मिनट का होता है. ये भी पढ़ें: Astro Tips: रात का बचा गूंथा आटा अगले दिन इस्तेमाल करते हैं? राहु-शनि से जुड़ी ये मान्यता जान लें गंडांत में सावधानी ज्योतिषीय परंपरा में जन्म, विवाह, यात्रा, व्रत और महत्वपूर्ण शुभ कार्यों के लिए गंडांत काल से बचने की सलाह दी गई है. किसी कुंडली में गंडांत की स्थिति मिलने पर केवल इसी आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है. ग्रहों की स्थिति, उनका बल, दशा और अन्य योगों को भी साथ में देखना चाहिए. शास्त्रीय मत के अनुसार बलवान गुरु लग्न गंडांत के प्रभाव को तथा बलवान चंद्रमा तिथि गंडांत के प्रभाव को कम कर सकता है. गंडांत और संधि को समझने के लिए इनके विभिन्न प्रकार, उनकी अवधि और कुंडली में ग्रहों की स्थिति इन सभी पहलुओं को साथ लेकर चलना जरूरी है. गंडांत के प्रभाव और उनसे जुड़े उपायों पर विस्तार से चर्चा हम अपने अगले लेख में करेंगे. तब तक इस विषय के अगले भाग के लिए जुड़े रहिए. – काशी से ज्योतिषाचार्य पं. प्रशांत पांडे The post Astro Special: क्या है ज्योतिष का संधि काल गंडांत? शुभ कार्यों के लिए अशुभ क्यों appeared first on Naya Vichar.

अपराध, ताजा ख़बर, समस्तीपुर

ह’थि’यार दिखाकर युवती से सा”मू’हिक दु”ष्क”र्म का आरोप, वीडियो बनाकर दी ध”म’की, पांच माह तक भय के कारण चुप रही पीड़िता, वीडियो सामने आने पर हुआ मामले का खुलासा

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन (समस्तीपुर)। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के एक गांव में 19 वर्षीय युवती के साथ हथियार का भय दिखाकर सामूहिक दुष्कर्म करने और घटना का वीडियो बनाकर उसे व उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना करीब पांच माह पुरानी बताई जा रही है। पीड़िता की मां के आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी के अनुसार, 8 सितंबर को पीड़िता की मां के मोबाइल पर एक वीडियो आया। वीडियो में उनकी पुत्री के साथ दो युवक कथित रूप से दुष्कर्म करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो देखने के बाद मां ने बेटी से पूछताछ की। शुरुआत में युवती काफी भयभीत रही और कुछ बताने से इनकार करती रही। काफी समझाने के बाद उसने करीब पांच माह पहले हुई घटना की जानकारी अपनी मां को दी। पीड़िता ने बताया कि एक रात वह शौच के लिए गांव के एक खेत में गई थी। वहां पहले से मौजूद दो युवकों ने कथित रूप से हथियार दिखाकर उसे डराया और जबरन पकड़ लिया। इसके बाद दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया तथा घटना का वीडियो भी बना लिया। पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो उसे और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा तथा वीडियो प्रसारित कर दिया जाएगा। आरोप है कि इसी भय का फायदा उठाकर बाद में भी उसके साथ दुष्कर्म किया गया। परिवार की सुरक्षा को लेकर डरी युवती ने पांच माह तक घटना किसी को नहीं बताई। वीडियो सामने आने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई और थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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IND W vs BAN W Asia Cup Live Score: भारत का पहला विकेट गिरा, स्मृति मंधाना लौटी पवेलियन

स्त्री एशिया कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में आज हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच मुकाबला है. हिंदुस्तानीय टीम का प्रदर्शन ग्रुप स्टेज में शानदार रहा है. देखें मैच की लाइव कवरेज. The post IND W vs BAN W Asia Cup Live Score: हिंदुस्तान का पहला विकेट गिरा, स्मृति मंधाना लौटी पवेलियन appeared first on Naya Vichar.

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IND vs AFG T20I Series: क्या रद्द हो जाएगा भारत-अफगानिस्तान का पहला मैच? DDCA ने दिया अपडेट

IND vs AFG 1st T20I: हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच 13 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले पहले टी20 मुकाबले को लेकर गुरुवार को संशय की स्थिति बन गई. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए मैच को किसी दूसरी तारीख पर कराने का अनुरोध किया था. हालांकि, अब दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने साफ कर दिया है कि मैच को स्थगित नहीं किया जा रहा है. हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहला टी20 मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार 13 सितंबर को ही स्पोर्ट्सा जाएगा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उठाई आपत्ति दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को BRICS Leaders’ Summit का आयोजन होना है. इससे पहले 11 से 13 सितंबर के दौरान राजधानी में सुरक्षा और यातायात को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. विदेशी मेहमानों और वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के कारण कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित और डायवर्ट किया जाएगा. इसी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 13 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में हिंदुस्तान-अफगानिस्तान टी20 मुकाबला भी होना है. दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर मैच की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मैच के दौरान दर्शकों की आवाजाही से पैदा होने वाली अतिरिक्त चुनौती को भी ध्यान में रखा. DDCA ने क्या कहा? दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आपत्ति के बाद मैच को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं. हालांकि, DDCA और पुलिस के बीच हुई बातचीत के बाद स्थिति साफ हो गई है. DDCA ने स्पष्ट किया है कि मैच को स्थगित नहीं किया जा रहा है. पुलिस की ओर से जरूरी सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का भरोसा मिलने के बाद मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार कराने का फैसला किया गया है. यानी हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहला टी20 13 सितंबर को ही स्पोर्ट्सा जाएगा. ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट 13 सितंबर को ही होगा पहला मुकाबला BCCI और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड पहले ही पुष्टि कर चुके हैं कि दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज 13 से 17 सितंबर तक दिल्ली में स्पोर्ट्सी जाएगी. पहला मुकाबला 13 सितंबर, दूसरा 15 सितंबर और तीसरा 17 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में होगा. फिलहाल पहले टी20 मुकाबले के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में हिंदुस्तानीय क्रिकेट फैंस को 13 सितंबर को ही हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीरीज का पहला मुकाबला देखने को मिलेगा. हिंदुस्तानीय टीम : श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सेमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतिश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरूण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर अफगानिस्तान टीम: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, नूर रहमान, सेदिकुल्लाह अटल, दरवेश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नेब, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांगयाल खरोटी, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, फजलहक फारूकी, अब्दुल्लाह अहमदजई और नवीन उल हक. रिजर्व खिलाड़ी: इजाज अहमदजई, शाहिदुल्लाह कमाल ओर फरीद अहमद मलिक. ये भी पढ़ें: Tilak Verma: तिलक वर्मा को कौन सा फॉर्मेट है सबसे ज्यादा पसंद? जवाब सुनकर चौंक जाएंगे The post IND vs AFG T20I Series: क्या रद्द हो जाएगा हिंदुस्तान-अफगानिस्तान का पहला मैच? DDCA ने दिया अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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IND W vs BAN W Asia Cup Live Score: महिला एशिया कप सेमीफाइनल में भारत-बांग्लादेश का मुकाबला, थोड़ी देर में होगा टॉस

स्त्री एशिया कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में आज हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच मुकाबला है. हिंदुस्तानीय टीम का प्रदर्शन ग्रुप स्टेज में शानदार रहा है. जानें टॉस का समय और मैच की लाइव कवरेज. The post IND W vs BAN W Asia Cup Live Score: स्त्री एशिया कप सेमीफाइनल में हिंदुस्तान-बांग्लादेश का मुकाबला, थोड़ी देर में होगा टॉस appeared first on Naya Vichar.

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IRCTC होटल घोटाला: राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला, लालू, राबड़ी और तेजस्वी पर तय होंगे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

Lalu Yadav: लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. यह मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे. उन पर आरोप है कि IRCTC के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर में गड़बड़ी की गई और इसके बदले जमीन से जुड़ा लाभ पहुंचाया गया. कोर्ट ने लालू यादव की भूमिका पर क्या कहा? आरोप तय करने के आदेश के दौरान अदालत ने लालू प्रसाद यादव की भूमिका को लेकर टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में देखने पर यह संदेह पैदा होता है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया. अदालत ने यह भी कहा कि रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुरी से जुड़े होटल टेंडर में लालू यादव के कहने पर कथित तौर पर हेरफेर किया. लारा प्रोजेक्ट्स को कथित लाभ पर भी सवाल सुनवाई के दौरान लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी को मिले कथित लाभ का मुद्दा भी सामने आया. अदालत ने कहा कि कंपनी को जिस तरह का कथित फायदा मिला, उससे लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा होता है. कोर्ट ने इस मामले को केवल नेतृत्वक आरोप के तौर पर देखने से भी इनकार किया. अदालत की टिप्पणी के अनुसार लालू यादव के खिलाफ हुई जांच को नेतृत्वक रूप से प्रभावित नहीं माना जा सकता. लालू, राबड़ी और तेजस्वी समेत इन पर आरोप तय स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, सुजाता होटल्स और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. इस आदेश के बाद लालू परिवार से जुड़े इस पुराने मामले की कानूनी कार्रवाई अब आगे बढ़ेगी. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी. आखिर क्या है IRCTC होटल मामला? यह मामला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान IRCTC के दो होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर से जुड़ा है. सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच रांची और पुरी स्थित IRCTC के होटलों का संचालन सुजाता होटल्स को कथित तौर पर नियमों में हेरफेर कर दिया गया. जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस कथित लाभ के बदले ऐसी जमीन के लेनदेन का आरोप है, जिसकी कीमत बाजार भाव से काफी कम थी और जिसका संबंध लालू परिवार से बताया गया. CBI के बाद ED ने दर्ज किया था मनी लॉन्ड्रिंग केस इस मामले में पहले CBI ने एफआईआर दर्ज की थी. बाद में इसी एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. ED की जांच कथित अपराध से हासिल रकम और उससे जुड़े संपत्ति लेनदेन पर केंद्रित रही है. इस मामले में लालू यादव और उनके परिवार ने आरोपों से इनकार किया है और इसे नेतृत्वक साजिश बताया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें 2025 में CBI केस में भी तय हुए थे आरोप IRCTC मामले से जुड़े CBI केस में भी लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं. 13 अक्टूबर 2025 को इसी अदालत ने लालू यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कई आरोप तय किए थे. उस मामले में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में आरोप तय किए गए थे. इसे भी पढ़ें: सम्राट चौधरी ने मुंगेर से दबाया बटन, सीधे 1.05 करोड़ लोगों के अकाउंट में आए 1100 रुपये, ऐसे चेक करें अपना बैलेंस The post IRCTC होटल घोटाला: राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला, लालू, राबड़ी और तेजस्वी पर तय होंगे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप appeared first on Naya Vichar.

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BRICS पर चिदंबरम के तंज का राम माधव ने दिया जवाब, बोले- ‘नाराज फूफा’

चिदंबरम ने सवाल उठाया था कि BRICS की बैठकों से हिंदुस्तान को अब तक क्या ठोस फायदा मिला? इस पर राम माधव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्चित ‘नाराज फूफा’ वाले अंदाज में चिदंबरम पर तंज कसा. इंडिया टुडे के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का दुनिया में बढ़ता असर विपक्ष को परेशान कर रहा है. माधव ने यह भी बताया कि बदलती वैश्विक नेतृत्व में हिंदुस्तान को अपनी भूमिका संतुलित रखनी होगी. उनके मुताबिक, नए विश्व व्यवस्था में हिंदुस्तान को सभी बड़े देशों के साथ रिश्ते बनाए रखने होंगे. हिंदुस्तान इस साल नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें BRICS देशों के नेता और प्रतिनिधि शामिल होंगे. सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ आपसी सहयोग और बदलती विश्व व्यवस्था पर चर्चा होने की उम्मीद है. इससे पहले पी. चिदंबरम ने BRICS बैठकों से हिंदुस्तान को हुए फायदे पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 BRICS सम्मेलनों से हिंदुस्तान को कोई खास या ठोस फायदा नहीं मिला है. ये भी पढ़ें: नाराज फूफा से दिमागी नक्सल तक… चिदंबरम ने पीएम मोदी पर कसा तंज, कहा- मेरे ट्वीट को मिले 55 लाख लाइक्स राम माधव ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ऐसे ही लोगों को ‘नाराज फूफा’ कहते हैं. जब यूपीए प्रशासन के समय BRICS सम्मेलन आयोजित हुए थे, तब क्या किसी ने पूछा था कि इससे हिंदुस्तान को क्या फायदा हुआ?” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  ‘नाराज फूफा’ शब्द का इस्तेमाल किया था सितंबर महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में ‘नाराज फूफा’ शब्द का इस्तेमाल अपने आलोचकों और विपक्ष पर तंज कसने के लिए किया था. हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर इस शब्द को लेकर कई मजेदार वीडियो और मीम्स वायरल होने लगे. राम माधव ने कहा, “BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को बेकार बताना आज की दुनिया की स्थिति को नहीं समझने जैसा है. खास बात यह है कि ऐसी बात एक ऐसे नेता की ओर से आई है, जो खुद देश के विदेश मंत्री रह चुके हैं. यह वही ‘नाराज फूफा’ वाला रवैया है.” The post BRICS पर चिदंबरम के तंज का राम माधव ने दिया जवाब, बोले- ‘नाराज फूफा’ appeared first on Naya Vichar.

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मध्यावधि चुनाव जीतते ही डोनाल्ड ट्रंप देंगे $5,000, जानें किसे मिलेगा फायदा

नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप के इस वादे को रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा दांव माना जा रहा है. हालांकि, इस वादे को पूरा करना आसान नहीं होगा. अगर हर वयस्क को 5,000 डॉलर दिए जाते हैं, तो प्रशासन पर करीब 1 ट्रिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है. इसके लिए संसद की मंजूरी भी जरूरी होगी. इससे अमेरिका का बजट घाटा बढ़ने के साथ महंगाई को लेकर चिंता भी बढ़ सकती है. ट्रंप ने डलास में अपनी पार्टी के एक सम्मेलन में कहा, “अगर रिपब्लिकन पार्टी जीतती है, तो आप भी हमारे साथ जीतेंगे और आपको 5,000 डॉलर मिलेंगे. हम इसे ‘ट्रंप लाभांश’ कहेंगे. हमारी ताकत और आर्थिक कामयाबी को देखते हुए यह संभव है. यह ठीक उसी तरह होगा, जैसे कोई कंपनी अपने शेयरधारकों को मुनाफे का हिस्सा देती है.” ट्रंप के 5,000 डॉलर वाले वादे पर वेंस का रिएक्शन डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के करीब एक घंटे बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस योजना से थोड़ा पीछे हटते नजर आए. उन्होंने कहा कि 5,000 डॉलर का भुगतान अमीर लोगों को नहीं मिलेगा. वेंस ने बताया कि इस पैसे का इंतजाम अमेरिका को टैरिफ यानी आयात शुल्क से होने वाली कमाई से किया जा सकता है. हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस योजना से जुड़ी जानकारी मांगने पर कोई जवाब नहीं दिया. ये भी पढ़ें: Donald Trump : क्या सच में बदलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम? ट्रंप बोले- चुनाव जीतने पर हर अमेरिकी को देंगे 5000 डॉलर The post मध्यावधि चुनाव जीतते ही डोनाल्ड ट्रंप देंगे $5,000, जानें किसे मिलेगा फायदा appeared first on Naya Vichar.

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Hartalika Teej 2026 Mistakes: साड़ी से लहठी-चूड़ी तक, हरतालिका तीज पर महिलाएं न करें ये 5 गलतियां

Hartalika Teej 2026 Mistakes: हरतालिका तीज का व्रत हर साल भादो मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है. परंपरा के अनुसार, इस दिन स्त्रीएं अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं. साथ ही, व्रत के दौरान शिव-पार्वती का पूजन कर पति की लंबी उम्र और संतान के उत्तम स्वास्थ्य की कामना करती हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान और शास्त्रों में बताए गए नियम के मुताबिक व्रत-पूजन करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है. अगर व्रत-पूजन के दौरान नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो शुभ फल प्राप्त नहीं होता. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज के दिन व्रती स्त्रीओं को कुछ रंगों के वस्त्र, सामग्री इत्यादि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. पंडित मणिभूषण झा ने बताया कि व्रती स्त्रीओं को हरतालिका तीज के दिन साड़ी से लेकर लहठी-चूड़ी तक किन 5 गलतियों को नहीं करना चाहिए. 1. वस्त्र के दौरान किन रंगों के वस्त्रों का न करें इस्तेमाल हरतालिका तीज के दिन व्रती स्त्रीओं को पहनने में काले या सफेद रंग के वस्त्रों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि काला रंग नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. सनातन धर्म की परंपरा में विवाहित स्त्री सफेद वस्त्र तभी धारण करती हैं, जब सुहाग खंडित हो जाता है. इसके अलावा व्रत के दौरान नीले और हरे रंग के कपड़े पहनने से भी बचा जाता है. 2. व्रत के दौरान गुस्सा क्यों नहीं करना चाहिए व्रत के दौरान स्त्रीओं को किसी भी कीमत पर गुस्सा नहीं करना चाहिए. हरतालिका व्रत नियम के मुताबिक, इस दिन क्रोध करने से व्रत भंग होने का दोष लगता है. इसलिए व्रती स्त्रीओं को क्रोध पर नियंत्रण रखकर पूजन करना चाहिए. इस दिन पति, सास-ससुर, ननद, भौजाई पर न तो क्रोध करना चाहिए और न ही उनके प्रति मन में कोई बुरा ख्याल लाना चाहिए. 3. व्रत की रात सोना नहीं चाहिए धर्मशास्त्र के अनुसार, व्रत के दिन व्रती स्त्री या कुंवारी कन्या को रात में सोने से बचना चाहिए. पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव की प्राप्ति के लिए कठिन तपस्या की थी और रात में जागकर उनका भजन-कीर्तन किया था. इसलिए व्रतियों को व्रत की रात में जागकर माता पार्वती और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इस दौरान व्रती स्त्रीएं शिव-पार्वती से जुड़ी कथा का पाठ भी कर सकती हैं. ऐसा करने से व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है. हरतालिका तीज पर किन 5 प्रकार की गलतियों को नहीं करना चाहिए. (Infographic- AI) ये भी पढ़ें: Hartalika Teej 2026: किस दिन रखा जाएगा हरतालिका तीज का व्रत? यहां से जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि 4. व्रत के दिन न करें तामसिक पदार्थों का सेवन हरतालिका तीज के दिन व्रती स्त्रीओं को तामसिक पदार्थ (लहसुन-प्याज, मांस, मछली, अंडा इत्यादि) का सेवन गलती से भी नहीं करना चाहिए. इसके अलावा, इस दिन घर में इन चीजों को बनाने से भी बचना चाहिए. धार्मिक परंपरा के अनुसार, व्रत के दिन इन चीजों का सेवन करने से व्रत भंग हो जाता है. 5. चूड़ी-लहठी से जुड़े नियम धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका व्रत के दिन चूड़ी-लहठी से जुड़े नियमों का खास ख्याल भी रखना जरूरी होता है. इस दिन व्रती स्त्रीओं को काले और सफेद रंग की चूड़ी-लहठी पहनने से बचना चाहिए. लहठी को सुहाग और शुभता का प्रतीक माना गया है. The post Hartalika Teej 2026 Mistakes: साड़ी से लहठी-चूड़ी तक, हरतालिका तीज पर स्त्रीएं न करें ये 5 गलतियां appeared first on Naya Vichar.

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कैसे हुई थी BRICS की शुरुआत ? समझिए भारत के लिए क्यों खास है 2026 का शिखर सम्मेलन

12 और 13 सितंबर को हिंदुस्तान की राजधानी नई दिल्ली में 18 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होने वाला है. यह चौथी बार है जब हिंदुस्तान इसकी मेजबानी करने जा रहा है. लेकिन आज 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों वाले ब्रिक्स की शुरुआत इतनी बड़ी नहीं थी. 20 साल पहले इसकी कहानी सिर्फ चार देश ब्राजील, रूस, हिंदुस्तान और चीन से शुरू हुई थी. इस लेख में हम समझेंगे कि कैसे एक अर्थशास्त्री के शोध में इस्तेमाल हुआ शब्द दुनिया के अहम बहुपक्षीय मंचों में से एक बन गया? और यह भी जानेंगे कि हिंदुस्तान के लिए क्यों खास है 2026 का शिखर सम्मेलन? पहली बार रिसर्च रिपोर्ट में हुआ था ‘BRIC’ शब्द का जिक्र ब्रिक्स की कहानी की शुरुआत होती साल 2001 से है. उस समय गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने एक शोध रिपोर्ट में ब्राजील, रूस, हिंदुस्तान और चीन को तेजी से उभरती बड़ी वित्तीय स्थितिओं के तौर पर रेखांकित किया था. इन चार देशों के नामों के पहले अक्षर B, R, I, C से BRIC शब्द बना. हालांकि उस समय यह कोई संगठन या औपचारिक देशों का समूह नहीं था. BRIC में B का मतलब ब्राजील, R का मतलब रूस, I का मतलब हिंदुस्तान और C का मतलब चीन है. 2006 में नेतृत्वक मंच के रूप में हुई ‘BRIC’ की शुरुआत BRIC को नेतृत्वक और कूटनीतिक सहयोग के मंच का रूप देने की दिशा में अहम कदम 2006 में उठाया गया. 2006 में हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ब्राजील, रूस, हिंदुस्तान और चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. इसमें BRIC को औपचारिक तौर पर नेतृत्वक और कूटनीतिक मंच के तौर मंजूरी मिली. इसके बाद इन देशों के बीच नियमित संवाद और सहयोग का सिलसिला आगे बढ़ा. 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला BRIC शिखर सम्मेलन हुआ. साल 2006 में BRIC स्थापना, उस वक्त उभरती हुई प्रमुख वित्तीय स्थितिओं को आपस में आर्थिक और नेतृत्वक रूप से जोड़ने और वैश्विक मंच पर विकासशील देशों की आवाज मजबूत करने के लिए की गई थी. BRIC से BRICS कैसे हुआ ये समूह 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहले BRIC शिखर सम्मेलन के बाद अगला बड़ा बदलाव 2010-11 में आया. जब चार देशों के इस समूह में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करने का फैसला लिया गया. 2011 में सान्या शिखर सम्मेलन में BRIC में दक्षिण अफ्रीका को औपचारिक तौर पर शामिल किया गया और इसके साथ ब्रिक(BRIC), ब्रिक्स(BRICS) बन गया. दक्षिण अफ्रीका के आने से इस समूह का फोकस सिर्फ आर्थिक संभावनाओं तक सीमित नहीं रहा. वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील और उभरती वित्तीय स्थितिओं की भूमिका बढ़ाना भी BRICS का एजेंडा हो चुका था. 4 से 11 देशों का समूह कैसे बना BRICS BRICS का अगला बड़ा विस्तार 2024 में हुआ, जब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात नए सदस्य बने. इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हो गया. ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, हिंदुस्तान, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया, 11 पूर्ण सदस्य देश हैं. सिर्फ सदस्य ही नहीं, साझेदार देश भी हैं समूह में शामिल 11 पूर्ण सदस्य देश के साथ ब्रिक्स में अब 10 साझेदार देश भी हैं. बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के 10 सहयोगी देश हैं. साझेदार देशों की यह व्यवस्था 2024 के कजान शिखर सम्मेलन में बनाई गई थी. पूर्ण सदस्य सभी बैठकों में हिस्सा लेते हैं और फैसले आम सहमति से होते हैं. साझेदार देशों को शिखर सम्मेलन और विदेश मंत्रियों की बैठकों में आमंत्रित किया जा सकता है, लेकिन उनके पास पूर्ण सदस्यों जैसी निर्णयकारी भूमिका नहीं होती. हिंदुस्तान में कब-कब हुआ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन? हिंदुस्तान अब तक चार बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है. 2012 में पहली बार हिंदुस्तान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में चौथा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था. इसके बाद 2016 में दूसरी बार हिंदुस्तान ने ब्रिक्स की अध्यक्षता की और गोवा में आठवां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हुआ. 2021 में तीसरी बार हिंदुस्तान की अध्यक्षता में 13वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया, लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह बैठक वर्चुअल तरीके से हुई थी. अब 2026 में चौथी बार हिंदुस्तान ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. इस दौरान 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. हिंदुस्तान के लिए क्यों खास है 2026 का ब्रिक्स? हिंदुस्तान ने इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता की थी. 2026 में यह हिंदुस्तान की चौथी अध्यक्षता है. इस बार ब्रिक्स ने (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) को थीम बनाया है. यानी मजबूत, नए और टिकाऊ भविष्य के लिए मिलकर काम करना. हिंदुस्तान की अध्यक्षता में 18 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्च स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. ब्रिक्स सहयोग के तीन बड़े आधार नेतृत्वक एवं सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय और सांस्कृतिक एवं जन-जन संपर्क के जरिए समूह को ज्यादा व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया गया है. 2001 में एक आर्थिक रिपोर्ट में बने चार अक्षरों का यह शब्द आज 11 देशों के पूर्ण सदस्य समूह और 10 साझेदार देशों वाले बड़े वैश्विक मंच में बदल चुका है. दिल्ली का 18वां शिखर सम्मेलन इसी बदलते ब्रिक्स की दिशा तय करने में अहम पड़ाव होगा. ये भी पढ़ें: बाढ़ से नेपाल को 2.56 अरब डॉलर का नुकसान, कौन देगा ये पैसा? जानिए क्या है लॉस एंड डैमेज फंड The post कैसे हुई थी BRICS की शुरुआत ? समझिए हिंदुस्तान के लिए क्यों खास है 2026 का शिखर सम्मेलन appeared first on Naya Vichar.

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