Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

NEET पेपर लीक मामले पर NTA का एक्शन, 47 अधिकारी बर्खास्त

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक्शन में हैं. एनटीए ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है. न्यूज एजेंसी एनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी. बताया जा रहा है कि यह कदम एनटीए में व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है. पेपर लीक विवाद के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सख्त संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि युवाओं के भविष्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है और जो लोग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है. जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशासन के प्रमुख फैसले NTA के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया. लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मामलों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए. सभी संबंधित मामलों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर किया जाएगा. उच्च शिक्षा विभाग में नरेश पाल गंगवार और विद्यालय शिक्षा विभाग में टीके अनिल कुमार को नया सचिव नियुक्त किया गया. पूर्व उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला पंचायती राज विभाग में किया गया. NEET परीक्षा पर विवाद नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में रही. इसी कारण इस साल परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई. मामले को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध जारी है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी परीक्षा सुधार की मांग को लेकर 26 दिनों की भूख हड़ताल की, जिसे उन्होंने गुरुवार (23 जुलाई) देर रात खत्म किया. विपक्ष और छात्रों की मांग विपक्षी दल और छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने की मांग कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए सुधारों का सिलसिला जारी रहेगा. Also Read: पेपर लीक पर दिल्ली HC का एक्शन, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित, तेजी से होगी सुनवाई The post NEET पेपर लीक मामले पर NTA का एक्शन, 47 अधिकारी बर्खास्त appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

“क्या सरकार 20 जिंदगियां वापस ला सकती है?” सांसद डिंपल यादव का भाजपा पर तीखा हमला

UP Politics: समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों की मौत के मुद्दे पर केंद्र प्रशासन और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन युवाओं की जान चली गई, क्या प्रशासन उन्हें वापस ला सकती है. डिंपल यादव का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है. 20 जानें गईं… क्या प्रशासन उन्हें वापस ला सकती है? डिंपल यादव ने कहा कि युवाओं के भविष्य से लगातार खिलवाड़ हो रहा है. उन्होंने कहा,”क्या 20 जो जानें गईं प्रशासन वापस ला सकती है? 2024 में भी यही हुआ था, पेपर लीक हुआ था तो बच्चों ने खुदकुशी करी थी. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के लोगों के हाथ बच्चों के खून से रंगे हैं.” सपा सांसद ने आरोप लगाया कि प्रशासन परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में विफल रही है, जिसका खामियाजा लाखों अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है. पेपर लीक पर फिर गरमाई सियासत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर विपक्ष लगातार प्रशासन पर हमलावर है. विपक्षी दलों का कहना है कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है और रोजगार की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को मानसिक और आर्थिक संकट में डाल दिया है। इसी मुद्दे को लेकर डिंपल यादव ने प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई. भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच नेतृत्वक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है. विपक्ष प्रशासन पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान डिंपल यादव का यह बयान समाजवादी पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच से भी साझा किया गया है. बयान के सामने आने के बाद इसे लेकर नेतृत्वक बहस तेज हो गई है. एक ओर समर्थक प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा नेता विपक्ष के आरोपों को नेतृत्वक बयानबाजी बता रहे हैं. यह भी पढ़ें: चालान कटते ही बेकाबू हुआ ऑटो चालक, सड़क पर तेल डालकर आत्मदाह की कोशिश, Video Viral The post “क्या प्रशासन 20 जिंदगियां वापस ला सकती है?” सांसद डिंपल यादव का भाजपा पर तीखा हमला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

JPSC Exam Controversy: सीआईडी ने टीडीपीएल के तीन कर्मचारी को किया गिरफ्तार, रांची के दो होटलों में छापेमारी

रांची से प्रणव की रिपोर्ट JPSC Exam Controversy: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार के रूप में हुई है. यह कार्रवाई सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026, दिनांक 22 जुलाई 2026 के तहत की गई है. रांची के दो होटलों में की गई छापेमारी सीआईडी ने रांची पुलिस के सहयोग से शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थित दो होटलों में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. इससे पहले इस मामले में पांच अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीआईडी ने उन सभी आरोपियों को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके. SIT कर रही मामले की गहन जांच अपराध अनुसंधान विभाग ने इस बहुचर्चित मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. एसआईटी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और नए तथ्य सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें: JPSC विवाद: पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के घर पर CID छापा, खंगाले जा रहे दस्तावेज CID ने जनता से मांगी सूचना सीआईडी ने आम लोगों से भी इस मामले में सहयोग की अपील की है. विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास JPSC परीक्षा अनियमितता से संबंधित कोई सूचना, दस्तावेज या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो, तो वह मोबाइल नंबर 9934309058 या ई-मेल आईडी complainjpsc-cid@jhpolice.gov.in पर साझा कर सकता है. विभाग ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी. सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रगति पर है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी. JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में यह कार्रवाई जांच का महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है. इसे भी पढ़ें: झारखंड: उत्पाद सिपाही और एएसआई नियुक्ति प्रक्रिया जल्द होगी शुरू, सीएम हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश The post JPSC Exam Controversy: सीआईडी ने टीडीपीएल के तीन कर्मचारी को किया गिरफ्तार, रांची के दो होटलों में छापेमारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

यूपी में CM योगी का पुतला फूंकने पर इंस्पेक्टर ने निकाली पिस्टल, सोशल मीडिया पर Video वायरल

UP Protest News: अलीगढ़ स्थित मौलाना जौहर अली यूनिवर्सिटी पर चल रही कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने अलीगढ़ में प्रदर्शन किया. कलेक्ट्रेट पहुंचे सपाइयों ने धरना दिया और उत्तर प्रदेश प्रशासन तथा केंद्र प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन की कोशिश करने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. इस दौरान सिविल लाइंस इंस्पेक्टर द्वारा प्रशासनी पिस्टल निकालने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पुतला दहन रोकने पर बढ़ा विवाद प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर यूपी प्रशासन और केंद्र प्रशासन का पुतला जलाने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई. इसी दौरान सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ने अपनी प्रशासनी पिस्टल निकाल ली. इस घटना के बाद प्रदर्शनकारी और अधिक नाराज हो गए तथा संबंधित इंस्पेक्टर को निलंबित करने की मांग करने लगे. सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर धक्का-मुक्की का भी आरोप लगाया है. हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल इंस्पेक्टर द्वारा पिस्टल निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है. वीडियो के वायरल होने के बाद घटना को लेकर नेतृत्वक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. फिलहाल, वीडियो की परिस्थितियों और घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच या विस्तृत स्पष्टीकरण की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. सलीम शेरवानी ने प्रशासन पर साधा निशाना इस बीच, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी ने मौलाना जौहर अली यूनिवर्सिटी में कथित अवैध निर्माणों को लेकर रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस पर योगी प्रशासन की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भवनों को गिराने से किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा. यह भी पढ़ें: बहराइच बॉर्डर पर आतंकी नेटवर्क को झटका, ‘वारिस पंजाब दे’ का वांटेड Terrorist नेपाल से घुसपैठ करते गिरफ्तार The post यूपी में CM योगी का पुतला फूंकने पर इंस्पेक्टर ने निकाली पिस्टल, सोशल मीडिया पर Video वायरल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

NEET विवाद: तीन मांगें… दो घंटे की बैठक, सीजेपी का दावा- मुआवजा-FIR पर सरकार नरम

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने गुरुवार को कहा कि NEET प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर पार्टी ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं. उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने इनमें से कुछ मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और मुआवजे और FIR वापस लेने की मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया है. दास ने बताया कि प्रशासन के साथ हुई बैठक में पार्टी ने अपनी मांगें मौखिक और लिखित दोनों रूप में रखीं. CJP की प्रमुख मांगें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: पार्टी ने कहा कि NEET विवाद की जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए या प्रशासन उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करे. मृत छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा: पार्टी ने मांग की कि NEET परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए. प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग: CJP ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएं. भविष्य में FIR नहीं दर्ज करने की लिखित गारंटी: पार्टी ने प्रशासन से लिखित आश्वासन मांगा कि भविष्य में प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाकर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. मुआवजे और FIR वापसी पर प्रशासन का सकारात्मक रुख- CJP CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने जंतर-मंतर पर कहा कि प्रशासन ने उनकी दूसरी और तीसरी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. प्रशासन ने सैद्धांतिक रूप से मुआवजे और FIR वापस लेने की मांगों को स्वीकार किया है. हमें उम्मीद है कि जल्द ही इस संबंध में लिखित समझौता मिलेगा. CJP प्रवक्ता सौरभ दास दास ने यह भी कहा कि प्रशासन ने भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की गारंटी देने की मांग पर भी सकारात्मक रुख दिखाया है. CJP ने कहा- लिखित आश्वासन का इंतजार CJP के मुख्य न्यायिक न्यायाधीश आशुतोष रांका ने कहा कि प्रशासन ने उनकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा- प्रशासन ने 1 करोड़ रुपये मुआवजे और कानूनी मामलों से जुड़ी मांगों पर सैद्धांतिक सहमति दिखाई है. इसमें पहले से दर्ज FIR वापस लेने और भविष्य में नई FIR नहीं दर्ज करने की गारंटी भी शामिल है. आशुतोष रांका, CJP रांका ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही लिखित आश्वासन देगी. संसद मार्च के दौरान हुआ था पुलिस एक्शन 20 जुलाई को CJP और युवा संगठनों की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया था. इस मामले में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के लिए सहमति जताई है. मामले पर 27 जुलाई को सुनवाई होगी. Also Read:NEET विरोध प्रदर्शन में लाठीचार्ज पर SC सख्त, CJP की याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई The post NEET विवाद: तीन मांगें… दो घंटे की बैठक, सीजेपी का दावा- मुआवजा-FIR पर प्रशासन नरम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Ramayana: भगवान राम का रोल ऑफर होते ही डर गए थे रणबीर कपूर, बोले- ये किरदार नहीं, बड़ी जिम्मेदारी है

Ramayana: नितेश तिवारी की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘रामायण’ इन दिनों काफी चर्चा में है. फिल्म की टीम इन दिनों San Diego Comic-Con 2026 में पहुंची है, जहां फिल्म के ट्रेलर लॉन्च की तैयारी चल रही थी. इसी दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने को लेकर अपने अनुभव साझा किए. रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने बताया कि जब उन्हें पहली बार यह किरदार ऑफर हुआ था, तो उनके मन में कई सवाल और डर थे. उन्हें चिंता थी कि क्या वह इस बड़ी जिम्मेदारी को सही तरीके से निभा पाएंगे. Ranbir Kapoor On Playing Lord Ram: “क्या मैं यह कर पाऊंगा?” View on Instagram San Diego Comic-Con में बातचीत के दौरान रणबीर कपूर ने कहा, “जब यह फिल्म पहली बार मुझे ऑफर हुई थी, तो मेरे मन में बहुत डर और कई सवाल थे- क्या मैं यह कर पाऊंगा? क्या मैं इसके लिए सक्षम हूं? लेकिन बहुत जल्दी यह डर और शक आभार में बदल गया. मुझे लगता है कि यह एक आशीर्वाद, जिंदगी में मिलने वाला खास मौका और एक बड़ी जिम्मेदारी है.” रणबीर ने आगे बताया कि रामायण सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि यह लोगों के दिलों और सोच से गहराई से जुड़ी हुई है. उन्होंने कहा, “रामायण लोगों के अवचेतन मन में गहराई से बसी हुई है. भगवान राम पीढ़ियों से साहस, करुणा, क्षमा और धर्म के प्रतीक रहे हैं. ऐसे किरदार को पर्दे पर पेश करने का मौका मिलना बहुत बड़ी बात है और यह काफी चुनौतीपूर्ण भी है.” भगवान राम के मूल्यों को दिखाना है रणबीर का लक्ष्य “मुझे एहसास हुआ कि राम का किरदार निभाना सिर्फ एक रोल प्ले करना नहीं है. इसके लिए बहुत पेशेंस, विश्वास और ऑनेस्ट इंटेंशन चाहिए. पूरी टीम चाहती है कि हम इस कहानी को पूरी रिस्पेक्ट और ऑथेंटिसिटी के साथ लोगों के सामने लेकर आएं.” उन्होंने यह भी कहा कि रामायण की कहानी को पहले भी कई फिल्मों, टीवी शो और अलग-अलग माध्यमों से दिखाया गया है, लेकिन इसकी भावनाएं और आध्यात्मिक जुड़ाव हमेशा खास रहेगा. Ramayana Trailer Launch: टल गया फिल्म का ट्रेलर लॉन्च फैंस लंबे समय से फिल्म के ट्रेलर का इंतजार कर रहे थे. पहले समाचार थी कि ट्रेलर आज 24 जुलाई को रिलीज किया जाएगा, लेकिन मेकर्स ने आखिरी समय पर इसके लॉन्च को आगे बढ़ाने का फैसला किया. फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने बताया कि Sony Pictures Entertainment के साथ हुए नए सहयोग के चलते ट्रेलर लॉन्च को आगे बढ़ाया गया है. Ramayana Cast: रणबीर राम तो यश बनेंगे रावण View on Instagram फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे. वहीं, यश रावण और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं. इसके अलावा फिल्म में रवि दुबे, लारा दत्ता, सनी देओल समेत कई कलाकार अहम किरदारों में दिखाई देंगे. Ramayana Release Date: कब थिएटर्स में रिलीज होगी ‘रामायण’? फिल्म ‘रामायण’ का पहला पार्ट इस साल दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होने वाला है, जबकि इसका दूसरा पार्ट साल 2027 में रिलीज किया जाएगा. हालांकि, मेकर्स ने अभी तक दूसरे पार्ट की सटीक रिलीज डेट का ऐलान नहीं किया है. ये भी पढ़ें: ‘शूटिंग के दौरान करती थी मेडिटेशन’, साई पल्लवी ने बताया कैसे बनीं माता सीता, कहा- ‘मैंने उनका किरदार नहीं चुना, उनका आशीर्वाद मिला’ The post Ramayana: भगवान राम का रोल ऑफर होते ही डर गए थे रणबीर कपूर, बोले- ये किरदार नहीं, बड़ी जिम्मेदारी है appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में हुई कई मुद्दों पर चर्चा  

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय सरायरंजन में शुक्रवार को विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों की एक बैठक हुई। बैठक में मुख्य रूप से विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन प्रयोगशाला भवनों के गुणवत्तापूर्ण निर्मा, पीएचईडी द्वारा निर्मित शौचालय को अभी तक हस्तगत नहीं कराए जाने, रात्रि प्रहरी का मानदेय विकास कोष से भुगतान करने,उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाने एवं आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस को समारोहपूर्वक आयोजित करने सहित अन्य मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार साहू ने की। मौके पर प्रधानाध्यापक सह सचिव रवींद्र कुमार ठाकुर, दाता सदस्य रामचंद्र साहू, शिक्षा प्रेमी सदस्य राम दयाल राय, वरीय शिक्षक मदन कुमार भगत, तौशिक आलम, रवींद्र कुमार झा, मंजू देवी आदि मौजूद रहे।

समस्तीपुर

मुसरीघरारी में आयोजित होने वाले पैदल मार्च को लेकर युवाओं की हुई बैठक 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : मुसरीघरारी में शुक्रवार को युवाओं की एक बैठक आयोजित हुई।यह बैठक विद्यार्थियों के समर्थन, पेपर लीक के विरोध एवं दिल्ली में पुलिस प्रशासन द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में प्रस्तावित मार्च को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दे शमिल है।बैठक में प्रोटेस्ट और मार्च से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही गुरुवार की देर शाम प्रधानमंत्री के संबोधन, सीजेपी के साथ शुक्रवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक एवं सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। युवाओं ने बैठक में रविवार की दोपहर में मुसरीघरारी के चारों सड़कों पर मार्च निकले जाने की तैयारी पर भी चर्चा की गई। बैठक में युवा सभी साथियों से धैर्य बनाए रखने की भी अपील की गई। मुसरीघरारी के युवाओं में छात्रों के भविष्य को लेकर जागरूकता, जोश, आक्रोश और अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने का दृढ़ संकल्प लिया है। मौके पर कैफ़ी आज़मी नैयर, राजू कुमार, हसनैन नज़ारे, प्रिय रंजन कुमार, अभिनव राज,फूल हसन, कुंदन कुमार, मो. नशीरुद्दीन, दीपक कुमार, अनिल कुमार आदि मौजूद थे।

समस्तीपुर

नई सरकार के गठन के 100 दिनों की उपलब्धियों के राज्यस्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर-  नई प्रशासन के गठन के 100 दिनों के भीतर प्राप्त उपलब्धियों के संबंध में राज्य स्तर पर दिनांक 25 जुलाई 2026 को माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं उसके जिला, अनुमंडल, प्रखंड तथा पंचायत स्तर पर सजीव प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा ने समाहरणालय सभागार में समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी अनुमंडलों, प्रखंडों एवं पंचायतों में निर्धारित समय पर निर्बाध रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक तकनीकी व्यवस्था, इंटरनेट कनेक्टिविटी, विद्युत आपूर्ति, ध्वनि व्यवस्था, बैठने की समुचित व्यवस्था तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं समय रहते सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन हो सके। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या उत्पन्न होने पर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं आमजनों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त समस्तीपुर श्री सूर्य प्रताप सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रजनीश कुमार राय, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री अली अकरम सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी समाहरणालय सभागार से उपस्थित रहे, जबकि सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े रहे।

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या है अमेरिका का नया फोर्स्ड लेबर टैरिफ, जानिए भारत पर 10% टैक्स से आपकी जेब पर क्या होगा असर?

अमेरिका ने 24 जुलाई से हिंदुस्तान से आयात होने वाले सामान पर 10% टैरिफ (आयात शुल्क) लागू कर दिया है. यह फैसला अमेरिकी ट्रेड एक्ट-1974 के सेक्शन 301 के तहत लिया गया है. अमेरिका का कहना है कि यह कदम फोर्स्ड लेबर (जबरन मजदूरी) से जुड़े सामान पर सख्ती के लिए उठाया गया है. गौरतरलब है कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा 15% अस्थायी ग्लोबल टैरिफ समाप्त होने के बाद नया 10% टैरिफ लागू किया गया है. सेक्शन 301 क्या है और फोर्स्ड लेबर से इसका क्या संबंध है? सेक्शन 301 अमेरिका के ट्रेड एक्ट-1974 का एक प्रावधान है. इसके तहत अगर अमेरिकी प्रशासन को लगता है कि किसी देश की व्यापारिक नीतियां या प्रथाएं अमेरिकी कारोबार, उद्योगों या व्यापार हितों के लिए अनुचित हैं, तो वह उस देश के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई कर सकती है. इस कार्रवाई में अमेरिकी प्रशासन, अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) लगा सकती है. कुछ उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा सकती है. दूसरे व्यापारिक प्रतिबंध लागू कर सकती है. इसकी जांच अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) करता है. जांच के दौरान संबंधित देश से जवाब मांगा जाता है और जरूरत पड़ने पर बातचीत भी होती है. इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर कार्रवाई लागू की जाती है. गौरतलब है कि इस मामले में अमेरिका ने फोर्स्ड लेबर (जबरन मजदूरी) से जुड़े सप्लाई चेन जोखिमों को कार्रवाई का आधार बनाया है. यानी सेक्शन 301 स्वयं फोर्स्ड लेबर से संबंधित कानून नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा कानूनी प्रावधान है जिसके तहत अमेरिका विभिन्न व्यापारिक कारणों, जिनमें फोर्स्ड लेबर से जुड़े मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं, के आधार पर टैरिफ या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगा सकता है. फोर्स्ड लेबर यानी जबरन मजदूरी से क्या मतलब है फोर्स्ड लेबर यानी जबरन मजदूरी, इसका मतलब होता है कि किसी व्यक्ति से उसकी इच्छा के खिलाफ काम कराना. जैसे कि.. किसी व्यक्ति द्वारा धमकी देकर काम कराया जाना काम करने के बाद भी उसका वेतन रोक लिया जाना पहले से लिए गए कर्ज को खत्म करने के लिए पर काम करवाना किसी व्यक्ति का पासपोर्ट या दूसरे दस्तावेज जब्त कर, उससे अपनी शर्तों पर काम करवाना कम मजदूरी या फिर काम का अतिरिक्त बोझ होने के बाद भी नौकरी छोड़ने की आजादी नहीं देना दरअसल, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानता है. ऐसा पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या सस्थान और संगठन पर कार्रवाई कर सकता है. हिंदुस्तान पर 10% तो दूसरे देशों पर कितना अतिरिक्त टैरिफ अमेरिका का कहना है कि अगर किसी देश से आने वाले सामान में फोर्स्ड लेबर का इस्तेमाल पाया जाता है, तो उस पर अतिरिक्त टैरिफ या आयात प्रतिबंध लगाया जा सकता है. इसका मकसद कंपनियों पर दबाव बनाना है, ताकि उनकी सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी से बने सामान का इस्तेमाल न हो. अमेरिका ने कुल 60 देश (17 देशों पर 10% टैरिफ और 43 देशों पर 12.5% टैरिफ)पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया है. आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा? फिलहाल यह टैरिफ हिंदुस्तानीय उपभोक्ताओं के लिए महंगाई का बड़ा कारण नहीं दिखता. हालांकि अगर लंबे समय तक निर्यात प्रभावित रहता है, तो रोजगार, उद्योगों की आय और निवेश के जरिए इसका असर धीरे-धीरे वित्तीय स्थिति और आम लोगों तक पहुंच सकता है. इसे ऐसे समझिए.. हिंदुस्तान में कपड़े सस्ते होंगे? जरूरी नहीं है कि कपड़े सस्ते हों लेकिन यदी निर्यात घटता है तो कुछ कंपनियां घरेलू बाजार में ज्यादा सामान बेच सकती हैं, लेकिन कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम है. क्या नौकरियों पर असर होगा? यदि निर्यात लंबे समय तक घटा तो इन सेक्टरों में रोजगार पर दबाव आएगा और इसका सीधा असर आय और खपत पर पड़ सकता है. क्या हिंदुस्तान में महंगाई बढ़ेगी? इस टैरिफ से सीधे तौर पर हिंदुस्तान में महंगाई बढ़ने की संभावना कम है क्योंकि यह हिंदुस्तानीय निर्यात पर लगाया गया टैक्स है, आयात पर नहीं. The post क्या है अमेरिका का नया फोर्स्ड लेबर टैरिफ, जानिए हिंदुस्तान पर 10% टैक्स से आपकी जेब पर क्या होगा असर? appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top