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Author name: Vinod Jha

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SIR में भारत रत्न CNR Rao के नाम में एक ‘F’ की गड़बड़ी पर विवाद, EC ने कहा- कोई नोटिस नहीं दिया

हिंदुस्तान रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक प्रोफेसर C.N.R. राव का नाम कर्नाटक में वोटर लिस्ट की जांच यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चर्चा में है. पहले समाचार आई कि 92 वर्षीय वैज्ञानिक को उनके नाम में अंतर के चलते चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा और सुनवाई के लिए बुलाया है. हालांकि, अब चुनाव आयोग ने इस दावे को खारिज कर दिया है. चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को कहा कि C.N.R. राव को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था. आयोग के मुताबिक, उनके वोटर रिकॉर्ड की बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने जांच की और इसे अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने की सिफारिश की. इसके बाद अतिरिक्त चुनाव पंजीकरण अधिकारी (AERO) ने 8 सितंबर को उनके नाम को अंतिम सूची में शामिल करने की मंजूरी दे दी. पहले रिपोर्ट में क्या कहा गया था? कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक C.N.R. राव को SIR के दौरान नाम में अंतर को लेकर नोटिस दिया गया था. जिस नोटिस में वजह “self-name mismatch” यानी अपने नाम का रिकॉर्ड से मेल नहीं खाना बताई गई थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि पुराने वोटर रिकॉर्ड में उनका नाम “Prof. C.N.R. Rao” था, जबकि मौजूदा रिकॉर्ड में “Proff. C.N.R. Rao” दर्ज था. यानी “Prof.” में एक अतिरिक्त ‘f’ जुड़ा हुआ था. इसी अंतर के चलते उन्हें बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में सुनवाई के लिए बुलाए जाने की बात कही गई थी. वहीं कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी भी सामने आई कि चुनाव अधिकारी उनके घर जाकर सत्यापन करने की तैयारी कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: अमित शाह बोले- वैश्विक उथल-पुथल के बीच हिंदुस्तान की आर्थिक रफ्तार बरकरार, पहली तिमाही में 7.8% रही GDP चुनाव आयोग ने क्या कहा? अब चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है. आयोग के मुताबिक, C.N.R. राव कर्नाटक की 157-मल्लेश्वरम विधानसभा सीट के पार्ट नंबर 59 में पंजीकृत मतदाता हैं और उनका नाम मौजूदा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है. आयोग ने बताया कि SIR के दौरान राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय BLO ने उनके घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया था. रिकॉर्ड की जांच के बाद BLO ने उनके नाम को अंतिम सूची में शामिल करने की सिफारिश की. AERO ने 8 सितंबर को इसे मंजूरी भी दे दी. ये भी पढ़ें: ठगी का शिकार हुआ Fake PMO Officer? रोहन पारेख के वकील का दावा- ऑफर लेटर और ID कार्ड मिला था हालांकि चुनाव आयोग ने यह जरूर माना है कि पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड की तुलना के दौरान नाम से जुड़ी एक असंगति सामने आई थी. मौजूदा ड्राफ्ट में नाम “Proff C.N.R. Rao S/O Nagesh Rav. H” दर्ज था, जबकि 2002 के रिकॉर्ड में अलग एंट्री थी. लेकिन आयोग के अनुसार इस अंतर के आधार पर C.N.R. राव या उनके परिवार को कोई नोटिस नहीं भेजा गया. जांच के बाद उनका रिकॉर्ड अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए मंजूर कर दिया गया. बता दें कि C.N.R. राव को विज्ञान और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान हिंदुस्तान रत्न से सम्मानित किया गया था. The post SIR में हिंदुस्तान रत्न CNR Rao के नाम में एक ‘F’ की गड़बड़ी पर विवाद, EC ने कहा- कोई नोटिस नहीं दिया appeared first on Naya Vichar.

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चांद के आगे अब इंसान कहां जाएगा? Sunita Williams ने बताया Deep Space का भविष्य, कहा- AI, रोबोट और इंसान साथ काम करेंगे

अंतरिक्ष की दुनिया अब सिर्फ चांद तक पहुंचने की होड़ तक सीमित नहीं है. अब सवाल यह है कि इंसान चांद से आगे कितना दूर जा सकता है और वहां लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रह सकता है. इसी भविष्य को लेकर NASA की पूर्व अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने बड़ी बात कही है. Williams ने कहा कि जैसे-जैसे इंसान चांद से आगे और ज्यादा दूर अंतरिक्ष में जाएगा, इंसान, रोबोट, AI और दूसरी तकनीकों को मिलकर काम करना होगा. उनके मुताबिक रोबोट किसी नए ग्रह या चांद पर पहले जाकर वहां की स्थिति को समझने में मदद कर सकते हैं, लेकिन आखिरकार वहां इंसान की मौजूदगी जरूरी होगी. Sunita Williams ने इंसान और रोबोट को लेकर क्या कहा? Sunita Williams ने अपने अनुभव का उदाहरण देते हुए बताया कि भविष्य में रोबोट अंतरिक्ष की खोज में इंसानों की मदद करेंगे. वे चांद या मंगल पर जाकर वहां की परिस्थितियों को पहले समझ सकते हैं. लेकिन रोबोट उतना ही कर पाएंगे जितना उन्हें पहले से प्रोग्राम किया गया है. उन्होंने कहा कि जब इंसान खुद वहां पहुंचेगा तो उसे ऐसी कई चीजें मिल सकती हैं, जिनके बारे में अभी जानकारी नहीं है. ऐसे में इंसान मौके के हिसाब से फैसला ले सकता है कि आगे क्या करना है. ये भी पढ़ें: SIR में हिंदुस्तान रत्न CNR Rao के नाम में एक ‘F’ की गड़बड़ी पर विवाद, EC ने कहा- कोई नोटिस नहीं दिया Williams ने इंसान, रोबोट और तकनीक के बीच इस सहयोग को एक तरह की “symbiosis” यानी साथ मिलकर काम करने वाली व्यवस्था बताया. उनके मुताबिक AI इंसानों की मदद करेगा, लेकिन किसी जगह पर जाकर स्थिति को समझने और अगला फैसला लेने के लिए इंसान की भूमिका जरूरी रहेगी. यह बात उन्होंने अपने अंतरिक्ष अनुभव से जोड़कर भी समझाई. उन्होंने कहा कि धरती पर अगर हमारे मन में कोई सवाल आता है तो हम फोन निकालकर तुरंत जानकारी खोज सकते हैं. लेकिन International Space Station पर यह इतना आसान नहीं है. वहां अंतरिक्ष यात्रियों को कई मामलों में धरती पर मौजूद टीमों से संपर्क करना पड़ता है. भविष्य में जब इंसान धरती से और दूर जाएगा, तब हर छोटी समस्या के लिए धरती की टीम से मदद लेना मुश्किल हो सकता है. इसलिए अंतरिक्ष यात्रियों को ज्यादा आत्मनिर्भर बनाने वाली तकनीक जरूरी होगी. Deep Space Mission में सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी? धरती की निचली कक्षा में कुछ समय बिताना और Deep Space में लंबे समय तक रहना बिल्कुल अलग चुनौती है. दूरी बढ़ने के साथ संचार में समय लग सकता है और किसी आपात स्थिति में धरती से तुरंत मदद पहुंचाना संभव नहीं होगा. ऐसे मिशनों में ऑक्सीजन, पानी, भोजन, तापमान, रेडिएशन से सुरक्षा, मेडिकल सहायता और ऊर्जा जैसी व्यवस्थाओं को लंबे समय तक बनाए रखना होगा. इसके साथ अंतरिक्ष यात्रियों को ऐसी तकनीक भी चाहिए होगी जो उन्हें खुद समस्या समझने और समाधान निकालने में मदद करे. यही वजह है कि भविष्य की Space Station और Deep Space Missions में AI, Robotics, Autonomous Systems और बेहतर onboard information systems की भूमिका बढ़ने वाली है. ये भी पढ़ें: अमित शाह बोले- वैश्विक उथल-पुथल के बीच हिंदुस्तान की आर्थिक रफ्तार बरकरार, पहली तिमाही में 7.8% रही GDP चांद से आगे की असली चुनौती मानव अंतरिक्ष उड़ान का अगला दौर सिर्फ यह साबित करने का नहीं होगा कि इंसान कितनी दूर जा सकता है. असली चुनौती यह होगी कि वह वहां सुरक्षित, आत्मनिर्भर और लंबे समय तक कैसे रह सकता है. सुनीता विलियम्स के मुताबिक इसका जवाब इंसान और तकनीक के साथ मिलकर काम करने में है. रोबोट और AI रास्ता आसान कर सकते हैं, नई जगहों की जानकारी जुटा सकते हैं और इंसानों की मदद कर सकते हैं. लेकिन जब सामने ऐसी स्थिति आएगी जिसका जवाब पहले से किसी मशीन को नहीं पता, तब इंसान का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होगा. Sunita Williams ने यह बात 9 सितंबर 2026 को Bengaluru Space Expo (BSX) 2026 में कही. उन्होंने Bangalore International Exhibition Centre (BIEC), Bengaluru में आयोजित “The Next Chapter of Space: A Conversation on Exploration, Science and Innovation” सत्र में अंतरिक्ष के भविष्य पर चर्चा की. इस सत्र में उनके साथ Group Captain Angad Pratap और Tom Shelley भी मौजूद थे. The post चांद के आगे अब इंसान कहां जाएगा? Sunita Williams ने बताया Deep Space का भविष्य, कहा- AI, रोबोट और इंसान साथ काम करेंगे appeared first on Naya Vichar.

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‘बिग बॉस बांग्ला’ के होस्ट सौरभ गांगुली का ट्रोलर्स को जवाब- यह ‘दादागिरी’ नहीं, धीरे-धीरे और बेहतर होगा

Bigg Boss Bangla Sourav Ganguly: ‘दादागिरी’ के मंच पर लगातार एक दशक से अधिक समय तक अपनी सौम्य, शांत और गरिमापूर्ण एंकरिंग से बंगाल के घर-घर में राज करने वाले हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ‘महाराज’ के नाम से मशहूर सौरभ गांगुली (Sourav Ganguly) नये रूप में दर्शकों के सामने हैं. टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस बांग्ला’ (Bigg Boss Bangla) के होस्ट के रूप में उनकी नयी पारी को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं. सौरभ गांगुली को ट्रोल भी किया जा रहा है. हाल ही में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए सौरभ गांगुली ने ‘बिग बॉस बांग्ला’ की होस्टिंग और सोशल मीडिया पर हो रही अपनी आलोचनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी. ये भी पढ़ें: सौरभ गांगुली और उनकी पत्नी डोना को जान से मारने की धमकी, सेक्रेटरी ने ठाकुरपुकुर थाने में की शिकायत असली जज तो दर्शक ही हैं : सौरभ गांगुली ‘बिग बॉस बांग्ला’ के ग्रैंड लांचिंग के दौरान सौरभ गांगुली के डांस मूव्स और पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के मीम्स बनाये गये. उन पर व्यंग्य किये गये. कई लोगों का मानना था कि ‘दादागिरी’ जैसे पारिवारिक और बौद्धिक शो के बाद ‘बिग बॉस’ जैसे विवादित फॉर्मेट पर सौरभ गांगुली का अंदाज थोड़ा अलग लग रहा है. हालांकि, ‘दादा का दरबार’ में हमेशा की तरह कूल और आत्मविश्वासी सौरभ गांगुली ने ट्रोलर्स को अपने चिरपरिचित अंदाज में ही जवाब दिया. सौरभ ने कहा कि वे एक नये फॉर्मेट में कैसा काम कर रहे हैं, इसका फैसला केवल दर्शक ही कर सकते हैं. दर्शक ही तय करेंगे कि होस्ट के रूप में उनकी नयी पारी कैसी है. ये भी पढ़ें: सौरभ गांगुली ने स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए निवेश बढ़ाने की अपील की ‘दादागिरी’ से तुलना पर बोले सौरभ- अभी तो शुरुआत है, थोड़ा वक्त दीजिए सौरभ गांगुली से जब एक दशक लंबे ऐतिहासिक शो ‘दादागिरी’ से इस नये शो की तुलना करने को कहा गया, तो पूर्व क्रिकेटर ने मुस्कुराते हुए मजाकिया अंदाज में कहा- यह कोई ‘दादागिरी’ नहीं है कि मेरे पास 10 साल का अनुभव हो. मैंने तो अभी सिर्फ 2 दिन शूटिंग की है. धीरे-धीरे और बेहतर होगा. पहली बार यह फॉर्मेट कर रहा हूं, तो पूरी तरह ढलने में थोड़ा समय लगना स्वाभाविक है. The post ‘बिग बॉस बांग्ला’ के होस्ट सौरभ गांगुली का ट्रोलर्स को जवाब- यह ‘दादागिरी’ नहीं, धीरे-धीरे और बेहतर होगा appeared first on Naya Vichar.

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प्रशांत किशोर पर सम्राट चौधरी बोले- वो बेचारा है, उसको करने दीजिए, बांकीपुर हार पर कहा- BJP के लिए अलार्मिंग, गलती हुई है…

Samrat Choudhary Interview: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इसे हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के लिए चेतावनी बताया. सीएम ने कहा कि पार्टी इस नतीजे पर गंभीरता से आत्ममंथन कर रही है. संगठन से हुई गलतियों को सुधारने के लिए कार्यकर्ता काम में जुट गए हैं. एएनआई के पॉडकास्ट में सम्राट चौधरी ने बांकीपुर के नतीजे और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को लेकर भी खुलकर बात की. ‘हम लोगों से गलती तो हुई, यह हमारे लिए चिंता का विषय’ सम्राट चौधरी ने कहा कि बीजेपी और पार्टी के नेता इस हार को गंभीरता से देख रहे हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि संगठन से गलती हुई है. उन्होंने कहा, ‘हिंदुस्तानीय जनता पार्टी और हमलोग आत्ममंथन कर रहे हैं. हम लोगों से गलती तो हुई. हमारे सीट पर कोई जीत रहा है. यह चिंता का विषय हमारे लिए है. इसलिए तमाम लोग, पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता इस काम में लगा है.’ सीएम ने कहा कि पार्टी इस पूरे सिस्टम पर दोबारा विचार करेगी. जो कमियां सामने आयेंगी, उन्हें दूर किया जाएगा. उन्होंने बांकीपुर के नतीजे को पार्टी के लिए ‘अलार्मिंग’ बताया. ‘एक सीट पूरे बिहार का मैंडेट नहीं होती’ सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि किसी एक विधानसभा सीट का उपचुनाव पूरे बिहार के जनादेश का संकेत नहीं माना जा सकता. उन्होंने पुराने उपचुनावों का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि 2005 में नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद 2009 में हुए उपचुनाव में 17 में से 12 सीटों पर हार मिली थी. इसके बावजूद बाद में बड़ी जीत मिली. सीएम ने कहा कि बिहार का मूड समझने के लिए भागलपुर, पूर्णिया, मोतिहारी, सारण और शाहाबाद जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के नतीजे भी देखने होंगे. एक सीट पूरे प्रदेश का फैसला नहीं करती. ‘जनता का मैंडेट है, काम करना पड़ेगा’ मुख्यमंत्री ने विधायकों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि जनता ने जिस काम के लिए विधायक चुना है, उन्हें उसी तरह काम करना होगा. उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में विधायक बने हैं. अच्छा काम करिए. विधायक तो विधायक जी हैं. विधायक की तरह काम करिए. करना पड़ेगा. जनता का तो मैंडेट इसी के लिए है. काम करना पड़ेगा.’ सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रशासन भी अपना काम करेगी. आखिरकार जनता को ही तय करना है कि कौन सही काम कर रहा है और कौन नहीं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें प्रशांत किशोर पर बोले- वो बेचारा है… बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर की गयी टिप्पणियों को लेकर भी सवाल पूछा गया. इस पर सीएम ने व्यक्तिगत टिप्पणी से दूरी बनाने की बात कही. सम्राट चौधरी ने कहा, ‘वो बेचारा है, चलिए उसको करने दीजिए.’ उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत लड़ाई किसी से नहीं है. वह बिहार के विकास और काम करने के लिए आये हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई उनके खिलाफ कोर्ट जाता है तो उसे ऐसा करने का संवैधानिक अधिकार है. ‘जिसको जो बोलना है बोलने दीजिए, हम काम करेंगे’ प्रशांत किशोर को लेकर लगातार सवाल पूछे जाने पर सम्राट चौधरी ने कहा कि चुनाव के दौरान वह किसी पर टिप्पणी नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद सबका निशाना एक ही होता है. सीएम ने तंज करते हुए कहा, ‘ये तो अच्छी बात है ना कि सब सम्राट चौधरी से ही मोहब्बत कर रहा है. तो दिक्कत क्या है आपको?’ उन्होंने अंत में कहा कि उनका किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं है. जिसे जो कहना है, कहने दीजिए. प्रशासन अपना काम करती रहेगी. Also Read: IPS भानु प्रताप सिंह का वायरल ऑडियो: बोले- हम संबंध नहीं तोड़ना चाहते, पत्नी ने कहा- पति ने कोर्ट में दाखिल की है तलाक की अर्जी The post प्रशांत किशोर पर सम्राट चौधरी बोले- वो बेचारा है, उसको करने दीजिए, बांकीपुर हार पर कहा- BJP के लिए अलार्मिंग, गलती हुई है… appeared first on Naya Vichar.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: किरायेदार की मौत के बाद क्या मकान मालिक भी फंसेगा! कोर्ट ने साफ कर दिया नियम

UP News: किराये के मकान में रहने वाले किसी व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हो जाने भर से मकान मालिक को आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि मकान मालिक की ऐसी विशिष्ट लापरवाही या चूक का प्रथम दृष्टया प्रमाण होना जरूरी है, जिसका मौत से सीधा और निकट संबंध हो. छात्र की मौत के बाद मकान मालिक पर दर्ज हुई थी FIR मामला कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र का है. मृतक छात्र करीब आठ महीने से मकान मालिक अवधेश सिंह के घर में किराये पर रहकर आईआईटी की तैयारी कर रहा था. एक दिसंबर 2025 को उसकी मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे. छात्र का शव मकान के बाथरूम में मिला था. इसके बाद उसके पिता संतोष कुमार गुप्ता ने मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. गैस गीजर से जहरीली गैस निकलने की जताई गई थी आशंका परिजनों ने आरोप लगाया था कि बाथरूम में गैस गीजर लगा था और वहां पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी. आशंका जताई गई कि गीजर से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण छात्र की मौत हुई. पुलिस ने मामले की जांच के बाद लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया और चार्जशीट दाखिल कर दी. ट्रायल कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लेते हुए मकान मालिक को समन जारी किया था. हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ अनुमान के आधार पर नहीं चलेगा आपराधिक केस मामले की सुनवाई जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की एकल पीठ ने की. हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद पाया कि ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं है, जिससे यह साबित हो कि गैस गीजर सुरक्षा मानकों के विपरीत लगाया गया था या उसमें कोई खराबी थी. यह भी साबित नहीं हुआ कि मकान मालिक को गीजर की खराबी या गैस लीकेज की जानकारी थी और जानकारी होने के बावजूद उसने उसे ठीक नहीं कराया. मकान मालिक के खिलाफ पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल मकान का मालिक होना किसी व्यक्ति को आपराधिक रूप से जिम्मेदार बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है. दुर्घटना में मौत होने मात्र से मालिक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता. इसके लिए लापरवाही और मौत के बीच स्पष्ट संबंध का प्रथम दृष्टया प्रमाण जरूरी है. इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने अवधेश सिंह के खिलाफ चल रही पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी. क्या है कोर्ट की टिप्पणी का मतलब? हाईकोर्ट के इस फैसले का सीधा संदेश है कि किरायेदार की दुर्घटनावश मौत होने पर केवल मकान मालिक होने के आधार पर आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती. अभियोजन पक्ष को यह दिखाना होगा कि मकान मालिक की कोई विशिष्ट लापरवाही या चूक थी और उसी का मौत से सीधा संबंध था. महज आशंका या अनुमान के आधार पर आपराधिक मुकदमा आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. यह भी पढ़ें: कुशवाहा-सैनी-मौर्य-शाक्य सवाल न करें! वायरल वीडियो ने मचाया बवाल, अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर उठे बड़े सवाल The post इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: किरायेदार की मौत के बाद क्या मकान मालिक भी फंसेगा! कोर्ट ने साफ कर दिया नियम appeared first on Naya Vichar.

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Indian Railways: दिल्ली-मुंबई से चेन्नई-कोलकाता तक 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को मंजूरी, मोदी कैबिनेट का फैसला

Railway Mega Plan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार (9 सितंबर) को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्र प्रशासन ने देश के सात अहम रेल कॉरिडोर पर फोर लेन बनाने की मंजूरी दे दी है. इनमें कोलकाता-दिल्ली, चेन्नई-कोलकाता, दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई और बिलासपुर-कटनी जैसे प्रमुख रेलवे रूट शामिल हैं. 11000 किलोमीटर लंबे हैं 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश के 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर करीब 11,000 किलोमीटर लंबे हैं और इन पर रेलवे के लगभग 40 प्रतिशत ट्रैफिक का दबाव रहता है. इन कॉरिडोर में 4-लाइनिंग और क्षमता बढ़ाने का काम किया जा रहा है. अश्विनी वैष्णव बोले- 2000 किलोमीटर पहले ही हो चुका है फोर लेन अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन हाई-डेंसिटी कॉरिडोर में करीब 2,000 किलोमीटर रेल मार्ग पहले ही 4 लेन वाला हो चुका है. इसके अलावा करीब 5,000 किलोमीटर हिस्से पर काम चल रहा है या इसके लिए मंजूरी दी जा चुकी है. बाकी करीब 4,000 किलोमीटर रेल रूट के लिए अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है. इस तरह रेलवे इन व्यस्त कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने के लिए अलग-अलग चरणों में काम कर रहा है. 5 राज्यों में बढ़ेगा रेल नेटवर्क केंद्र प्रशासन ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पांच बड़े मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक ये परियोजनाएं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों को कवर करेंगी. इन प्रोजेक्ट पर कुल 10,021 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है. रेलवे नेटवर्क में जुड़ेंगे करीब 540 किलोमीटर इन पांच परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हिंदुस्तानीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में करीब 540 किलोमीटर की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी. मल्टीट्रैकिंग के जरिए व्यस्त रेल मार्गों पर अतिरिक्त लाइनें तैयार की जाएंगी, जिससे रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी. इन 5 रेलवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी अरक्कोनम-रेनिगुंटा: इस रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी. प्रोजेक्ट की लंबाई 77 किलोमीटर है. व्हाइटफील्ड-बंगारपेट: यहां भी तीसरी और चौथी लाइन बनाई जाएगी. यह प्रोजेक्ट 47 किलोमीटर लंबा होगा. होसुर-ओमलूर: इस रेल मार्ग का दोहरीकरण किया जाएगा. इसकी कुल लंबाई 147 किलोमीटर है. सेलम-करूर-दिंडीगुल: इस रूट पर भी डबल रेल लाइन तैयार की जाएगी. प्रोजेक्ट की लंबाई 159 किलोमीटर है. सिकंदराबाद (घटकेसर)-काजीपेट: इस 110 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर अतिरिक्त लाइनें बिछाकर ट्रैक की क्षमता बढ़ाई जाएगी. 17 जिलों और 2,121 गांवों को मिलेगा फायदा प्रशासन के मुताबिक इन परियोजनाओं से चार राज्यों के 17 जिलों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी. इन परियोजनाओं का फायदा करीब 2,121 गांवों को मिलने की उम्मीद है, जहां लगभग 52 लाख लोग रहते हैं. माल ढुलाई की क्षमता में होगा बड़ा इजाफा रेलवे की इन क्षमता विस्तार परियोजनाओं से माल ढुलाई की क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी. इन प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद करीब 47 MTPA यानी सालाना 47 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता जुड़ सकती है. 2029-30 तक पूरा करने की योजना इन सभी परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और प्रशासन ने इनके लिए 2029-30 तक का लक्ष्य रखा है. मल्टीट्रैकिंग के जरिए रेलवे का फोकस व्यस्त रूटों पर क्षमता बढ़ाने और रेल संचालन को बेहतर बनाने पर रहेगा. The post Indian Railways: दिल्ली-मुंबई से चेन्नई-कोलकाता तक 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को मंजूरी, मोदी कैबिनेट का फैसला appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रभारी मंत्री और डीएम ने लिया जायजा, 2.33 लाख लोग प्रभावित, 94 सामुदायिक रसोई और 22 मेडिकल कैंप सक्रिय; 227 नावों से आवागमन व राहत कार्य जारी

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बुधवार को परिवहन मंत्री सह प्रभारी मंत्री बिहार दामोदर राउत और जिलाधिकारी ने विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने पत्थर घाट, रसलपुर (मोहनपुर), जमुनापुर समेत कई प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान जलस्तर, आवागमन, नावों के परिचालन, सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य सुविधाओं और पशुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान मंत्री और डीएम ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। मौके पर मोहिउद्दीननगर के विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन के अनुसार जिले में अब तक करीब 2 लाख 33 हजार 212 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 94 सामुदायिक रसोई में करीब 99 हजार लोगों ने किया भोजन बाढ़ प्रभावित और विस्थापित लोगों के लिए जिले में 94 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से अब तक 98,996 लोगों को भोजन कराया जा चुका है। प्रशासन ने रसोइयों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमित संचालन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। 32,515 पॉलिथीन शीट वितरित प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास और सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए अब तक 32,515 पॉलिथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं। आवश्यकता के अनुसार अन्य राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। 22 मेडिकल कैंप में स्वास्थ्य सेवाएं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 22 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। यहां लोगों की स्वास्थ्य जांच, दवाओं का वितरण और चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं। पशुओं के लिए 17 कैंप, 810 क्विंटल चारा वितरित बाढ़ प्रभावित पशुओं की देखभाल के लिए 17 पशु राहत एवं शेड कैंप बनाए गए हैं। पशु चिकित्सा के लिए भी 17 कैंप संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक करीब 300 पशुओं को चिकित्सा सुविधा और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पशुओं के लिए अब तक करीब 810 क्विंटल भूसा एवं चारा वितरित किया जा चुका है। 227 नावों से राहत और आवागमन बाढ़ प्रभावित तीन प्रखंडों में लोगों के सुरक्षित आवागमन और राहत-बचाव कार्य के लिए 227 नावों का परिचालन किया जा रहा है। नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने के साथ जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य भी किया जा रहा है। प्रभारी मंत्री और जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जलस्तर व तटबंधों की लगातार निगरानी करने, नावों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने, सामुदायिक रसोई नियमित चलाने और मेडिकल कैंप में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने का निर्देश दिया। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के साथ किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधनों और मानवबल को तैयार रखने को कहा गया। जिला प्रशासन ने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर भोजन, राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित आवागमन पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने की बात कही है।

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मूसापुर में झाड़ी से युवक का श”व बरामद, परिजनों ने लगाया पी”ट-पी”ट’कर ह”त्या का आरोप

दिन में हुई थी कहासुनी, रात में घर नहीं लौटा मिथुन; पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा नया विचार न्यूज़ सरायरंजन | घटहो थाना क्षेत्र के मूसापुर गांव में बुधवार की सुबह ठाकुरबारी स्थित बांध के किनारे झाड़ी से एक युवक का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सुल्तानपुर घटहो पंचायत के वार्ड संख्या-1 निवासी रामप्रवेश गिरि के 35 वर्षीय पुत्र मिथुन गिरि के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना पर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। परिजनों ने युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतक के पिता रामप्रवेश गिरि ने बताया कि मंगलवार को स्नान करने के बाद मिथुन अपने दरवाजे पर बैठा था। इसी दौरान गांव का अवधेश गिरि उसे बुलाकर अपने घर ले गया। देर रात तक मिथुन के वापस नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश करते हुए अवधेश के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां से उन्हें भगा दिया गया। बुधवार की अहले सुबह शौच के लिए निकले ग्रामीणों ने ठाकुरबारी के समीप बांध किनारे झाड़ी में मिथुन का शव पड़ा देखा। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, मिथुन के शरीर पर चोट के निशान और सिगरेट से दागने के निशान मिले हैं। इसके बाद उन्होंने पीट-पीटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को अवधेश गिरि के दरवाजे पर रखकर विरोध जताया। इससे गांव में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। मृतक के पिता ने बताया कि मंगलवार दिन में मिथुन और अवधेश के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोप है कि इस दौरान अवधेश ने मिथुन को जान से मारने की धमकी दी थी। साथ ही उस पर अपनी पत्नी से अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया था। हालांकि, परिजनों ने ऐसे किसी संबंध से इनकार करते हुए बताया कि मिथुन राजकोट में मजदूरी करता था और करीब 15 दिन पहले ही घर आया था। सोमवार को उसे वापस राजकोट लौटना था, लेकिन अवधेश के कहने पर वह रुक गया था। इधर, मंगलवार शाम मिथुन की पत्नी सोनम देवी अपने मायके हरसिंहपुर चली गई थी। पति की मौत की सूचना मिलने के बाद वह वापस घर लौटी। वहीं ग्रामीणों ने अवधेश की पत्नी कामिनी देवी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पूरे मामले में दोनों पक्षों से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलने पर घटहो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। दलसिंहसराय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। लिखित आवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर ग्रामीणों और परिजनों की ओर से अवैध संबंध से जुड़े विवाद की बात कही जा रही है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। मिथुन की मौत के बाद पत्नी सोनम देवी, पुत्र प्रियांशु कुमार (11), पुत्री रानी कुमारी (7) और मां शोभा देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

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किशोरी आ”त्म’ह”त्या मामले में आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग, NH-322 पर दो घंटे चक्का जाम

48 घंटे में गिरफ्तारी के आश्वासन पर शांत हुआ मामला, आंदोलन की दी चेतावनी नया विचार न्यूज़ सरायरंजन | थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर गांव में 17 दिन पूर्व किशोरी की आत्महत्या के मामले में नामजद आरोपी प्रशासनी शिक्षक संजय कुमार झा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को मृत किशोरी के परिजनों और समर्थकों ने सरैया हाईस्कूल के समीप एनएच-322 को जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। जाम स्थल पर पहुंचे लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपी शिक्षक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों का आरोप है कि संजय कुमार झा गांव में प्रशासनी शिक्षक होने के साथ निजी कोचिंग भी चलाते थे, जहां मृत किशोरी पढ़ती थी। आरोप है कि कोचिंग में पढ़ाई के दौरान अन्य बच्चों को छुट्टी देने के बाद किशोरी को अधिक पढ़ाने के बहाने रोक लिया जाता था। परिजनों के अनुसार घटना की रात संजय कुमार झा को किशोरी के घर में उस कमरे से पकड़ा गया था, जहां वह सो रही थी। परिजन उसे पुलिस के हवाले करने की तैयारी कर रहे थे, इसी दौरान मौका पाकर वह वहां से फरार हो गया। परिजनों का कहना है कि इस घटना से किशोरी मानसिक रूप से परेशान थी और बाद में उसने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में परिजनों ने संजय कुमार झा को नामजद करते हुए थाने में आवेदन दिया था। परिजनों का आरोप है कि घटना के 17 दिन बाद भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक को निलंबित कर बीआरसी में ड्यूटी करने का आदेश दिए जाने की बात भी परिजनों ने कही। उनका आरोप है कि आरोपी अभी भी वहां ड्यूटी कर रहा है। सड़क जाम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय युवा समाजसेवी सह पूर्व पंचायत समिति सदस्य संजीव कुमार इन्कलाबी ने कहा कि घटना के 17 दिन बाद भी आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर समर्थकों के साथ कटोरा लेकर न्याय की भीख यात्रा निकाली जाएगी और सरायरंजन थाने का घेराव किया जाएगा। राकेश कुमार ईश्वर ने कहा कि अपराधी का कोई जाति-धर्म नहीं होता। अपराध पर पर्दा डालने वाला भी अपराध में भागीदार माना जाना चाहिए। प्रभाष कुमार ईश्वर ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारी एसपी और डीएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। सूचना पर हलई थाना अध्यक्ष और सरायरंजन थाना अध्यक्ष धनंजय कुमार, एसआई रविकांत कुमार रवि, गोपाल जी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाया और 48 घंटे के भीतर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हुआ। मौके पर विक्रांत कुमार, रंजीत साहनी, महेश्वर सहनी, संजीत कुमार, पवन कुमार पटेल, लालबाबू पटेल, किशन राय, चंदन कुमार, अशोक राय, उत्तम राय, विकास कुमार, अजय कुमार पटेल, शानू पटेल, अनिकेत पटेल, साहिल पटेल सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती मनी

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गंगापुर में बुधवार को आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह हिंदुस्तानेंदु हरिश्चंद्र की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत हिंदुस्तानेंदु हरिश्चंद्र के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने उनके साहित्यिक योगदान और हिंदी भाषा के विकास में उनकी भूमिका को याद किया।समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश ठाकुर ने कहा कि हिंदुस्तानेंदु हरिश्चंद्र ने हिंदी साहित्य को आधुनिक दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास, अशिक्षा और तत्कालीन सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार किया तथा राष्ट्रप्रेम, जनजागरण और सामाजिक चेतना का संदेश दिया। हिंदी भाषा और साहित्य के विकास में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदुस्तानेंदु हरिश्चंद्र की रचनाओं का अध्ययन करने और हिंदी भाषा के प्रति सम्मान एवं प्रेम बनाए रखने का आह्वान किया।इस अवसर पर शिक्षकों ने हिंदुस्तानेंदु हरिश्चंद्र के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता, नाटक, कविता और गद्य लेखन के माध्यम से हिंदी साहित्य को नई पहचान दी। विद्यार्थियों को उनके साहित्यिक योगदान से प्रेरणा लेकर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में अपनी भूमिका निभाने की बात कही गई।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी हिंदुस्तानेंदु हरिश्चंद्र के जीवन एवं साहित्य से संबंधित विचार प्रस्तुत किए। मौके पर वरीय शिक्षक त्रिभुवन शर्मा, राज कुमार, नूतन कुमारी, ज्योति कुमारी, रूबी कुमारी, रिंकू कुमारी, शुभम कुमारी, सृष्टि सिंह सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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