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Author name: Vinod Jha

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Parliament Session Live : खरगे ने पीएम मोदी से कहा- धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर संसद आइए, फिर होगी चर्चा

Parliament Session Live : संसद के मानसून सत्र में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है. विपक्ष के लगातार विरोध के चलते पहले चार दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगभग ठप रही. अब सत्र के पांचवें दिन भी जोरदार टकराव देखने को मिल सकता है. दिनभर की हर अपडेट जानने के लिए हमारे साथ बने रहें. The post Parliament Session Live : खरगे ने पीएम मोदी से कहा- धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर संसद आइए, फिर होगी चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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25 जुलाई को बिहार बंद का ऐलान, आज प्रतिरोध दिवस मनाने की अपील, फिर होगा हंगामा?

Patna Student Protest: पटना समेत बिहार के अलग-अलग जिलों में आज भी छात्रों के प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है. बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र का भी आज आखिरी दिन है, ऐसे में छात्र सड़क पर फिर उतर सकते हैं. इस बीच 25 जुलाई को बिहार बंद का ऐलान किया गया है. AISA और RYA की अपील पटना में लोकभवन मार्च के दौरान बुधवार को छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) ने बिहार बंद का एलान किया है. गुरुवार को इन संगठनों ने बिहार के छात्रों, युवाओं और लोगों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से बंद को सफल बनाने की अपील की. 22 जुलाई को बताया ब्लैक डे इसके साथ ही आइसा ने 22 जुलाई को ब्लैक डे बताते हुए 23 और 24 जुलाई को पूरे बिहार में प्रतिरोध दिवस मनाने की अपील की है. संगठन का कहना है कि आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 25 जुलाई को बिहार बंद आयोजित किया जायेगा. आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने बताया कि लाठीचार्ज में सैकड़ों छात्र घायल हुए हैं. इस तरह से आज भी बिहार में बिहार में छात्रों के उग्र प्रदर्शन की संभावना जताई गई है. गुरुवार को पटना में हुआ प्रदर्शन इससे पहले गुरुवार को नीट पेपर लीक, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार, धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग, दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद भवन मार्च कर छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज और पुलिस दमन के विरोध में खगौल में छात्र-छात्राओं ने आक्रोश मार्च निकाला. छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. सभी जगहों पर अधिकारी और जवान तैनात थे. 117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी दूसरी तरफ, 22 जुलाई को हुए NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद बिहार पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस ने CCTV और वीडियो फुटेज के आधार पर 117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं. उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है. पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द इसके साथ ही बिहार पुलिस मुख्यालय ने विशेष विधि-व्यवस्था को देखते हुए जरूरी फैसला लिया है. 24 जुलाई 2026 से राज्यभर में पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की सभी तरह की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं. केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी. Also Read: पूरे बिहार में छात्रों का प्रदर्शन, 30 राउंड फायरिंग, CO की आंख में लगा पत्थर, स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज समेत देखिए हंगामे की तस्वीरें The post 25 जुलाई को बिहार बंद का ऐलान, आज प्रतिरोध दिवस मनाने की अपील, फिर होगा हंगामा? appeared first on Naya Vichar.

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सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल, कहा- छात्रों के साथ दुश्मनों जैसा हो रहा व्यवहार

Sonia Gandhi Article : कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने द हिन्दू में प्रकाशित अपने लेख ‘शिक्षा व्यवस्था का पतन, युवा हिंदुस्तान की पीड़ा’ (“An education system’s collapse, young India’s trauma”) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि देश के छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने उनके साहस का जवाब “कायरता और अकारण क्रूरता” से दिया. सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी प्रशासन छात्रों को देश का भविष्य मानने के बजाय उनके साथ देश के दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है. उनके मुताबिक छात्रों ने प्रशासन के शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दावों की पोल खोल दी है. संकट में शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के समर्थन की अपील सोनिया गांधी ने अपने लेख में कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था युवाओं को उम्मीद नहीं, बल्कि निराशा दे रही है. उन्होंने लिखा कि छात्र आंदोलन दो वजहों का नतीजा है. पहली, ऐसी शिक्षा व्यवस्था जिसने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है और दूसरी, मोदी प्रशासन का अहंकार, जो जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक कदम उठाने से लगातार इनकार करता रहा है. उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ खड़ा होना और उनके भविष्य की रक्षा करना हर नेतृत्वक दल और समाज की नैतिक, नेतृत्वक और संवैधानिक जिम्मेदारी है. पुलिस कार्रवाई और पुराने आंदोलनों का भी किया जिक्र सोनिया गांधी ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री के अधिकार क्षेत्र में काम करने वाली पुलिस ने छात्रों के साथ बर्बरता की है. उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है. अपने लेख में उन्होंने 2020 के CAA-NRC विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भी यूनिवर्सिटी कैंपसों में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की कार्रवाई हुई थी. इसके अलावा उन्होंने स्त्री पहलवानों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके साथ हुई ज्यादतियों को भी देश नहीं भूला है. प्रशासन पर शिक्षा व्यवस्था कमजोर करने का आरोप सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन की नीतियों की वजह से देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक, पारदर्शिता की कमी और छात्रों में बढ़ती निराशा जैसे मुद्दे गंभीर चिंता का विषय हैं. उनके मुताबिक प्रशासन को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा व्यवस्था में समय रहते सुधार नहीं किया गया तो इसका असर सिर्फ छात्रों पर नहीं, बल्कि देश के भविष्य पर भी पड़ेगा. ये भी पढ़ें : CJP Protest Live : जंतर-मंतर जा रहे 25 से ज्यादा छात्र हिरासत में, सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा अनशन The post सोनिया गांधी ने केंद्र प्रशासन की नीतियों पर उठाए सवाल, कहा- छात्रों के साथ दुश्मनों जैसा हो रहा व्यवहार appeared first on Naya Vichar.

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US ने भारत पर लगाया 10% ‘फोर्स्ड लेबर’ टैरिफ, सेक्शन 301 जांच के बाद लिया फैसला

US Forced Labour Tariff on India :फोर्स्ड लेबर जांच के बाद हिंदुस्तान पर 10% टैरिफ अमेरिका ने गुरुवार को हिंदुस्तान से आने वाले सामान पर 10% का नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया. यह फैसला सेक्शन 301 के तहत कई महीनों तक चली जांच के बाद लिया गया है. शुरुआत में हिंदुस्तान पर 12.5% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन अंतिम फैसला 10% पर हुआ. इसी दर पर पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और कई एशियाई व लैटिन अमेरिकी देशों को भी रखा गया है. अमेरिका ने कुल 60 देशों पर यह टैरिफ लगाया है. इन देशों पर आरोप है कि उन्होंने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए. नया टैरिफ फरवरी में लगाए गए अस्थायी 10% वैश्विक शुल्क की जगह लेगा. क्या है सेक्शन 301 और क्यों हुई कार्रवाई? अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर ने कहा कि यह कदम ह्यूमन राइट्स की रक्षा और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है. सेक्शन 301, अमेरिकी ट्रेड एक्ट 1974 का एक प्रावधान है, जिसके तहत अमेरिका उन देशों पर व्यापारिक कार्रवाई कर सकता है, जिन पर अनुचित या भेदभावपूर्ण व्यापारिक गतिविधियों का आरोप हो. ट्रंप प्रशासन ने मार्च में फोर्स्ड लेबर और अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग क्षमता से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में हिंदुस्तान के खिलाफ जांच शुरू की थी. इनमें से फोर्स्ड लेबर वाली जांच पूरी हो चुकी है, जबकि अतिरिक्त उत्पादन क्षमता से जुड़ी जांच अभी भी जारी है. हिंदुस्तान ने रखा अपना पक्ष, व्यापार समझौते पर भी बातचीत जारी जांच के दौरान हिंदुस्तान प्रशासन और उद्योग संगठनों ने कहा था कि देश में जबरन मजदूरी पर रोक लगाने के लिए संविधान समेत कई कानूनी प्रावधान पहले से मौजूद हैं. इस बीच हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच व्यापक व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत जारी है. फरवरी में दोनों देशों ने एक ढांचे पर सहमति बनाई थी, जिसके तहत हिंदुस्तानीय निर्यात पर कुल टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने की बात हुई थी. इसके बदले हिंदुस्तान ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने और अमेरिकी उत्पादों को अधिक बाजार पहुंच देने का प्रस्ताव रखा था. दूसरी जांच बनी हिंदुस्तान की चिंता, निर्यात पर पड़ सकता है असर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था कि 18% टैरिफ हिंदुस्तान के लिए प्रतिस्पर्धी बढ़त दे सकता है. हालांकि, बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के वैश्विक रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द कर दिया, जिससे इस व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई. हिंदुस्तान की सबसे बड़ी चिंता यह है कि उस पर सेक्शन 301 के तहत दो अलग-अलग जांच चल रही हैं, जबकि पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे कई प्रतिस्पर्धी देशों पर केवल फोर्स्ड लेबर वाली जांच है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन देशों पर कुल टैरिफ हिंदुस्तान से कम रहा, तो अमेरिकी बाजार में हिंदुस्तानीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है. ट्रेड विशेषज्ञ मार्क लिंस्कॉट के मुताबिक, हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की शर्तों पर काफी हद तक सहमति बन चुकी है, लेकिन हिंदुस्तान चाहता है कि उसे दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले स्पष्ट रूप से बेहतर टैरिफ का लाभ मिले. ये भी पढ़ें : 24 जुलाई की टॉप 20 समाचारें: CJP का आज देशव्यापी प्रदर्शन, पटना में तोड़ फोड़ के 117 संदिग्धों की तस्वीर जारी The post US ने हिंदुस्तान पर लगाया 10% ‘फोर्स्ड लेबर’ टैरिफ, सेक्शन 301 जांच के बाद लिया फैसला appeared first on Naya Vichar.

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Video : अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक का आया रिएक्शन, कहा- लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई

सोनम वांगचुक ने शुक्रवार (24 जुलाई) को एक्स पर एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में वे कहते दिख रहे हैं कि प्रशासन और सभी नेतृत्वक दलों के सांसदों से भरोसा मिलने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि देश की परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार के मुद्दे पर संसद में चर्चा होगी. इसके अलावा, कथित नीट पेपर लीक मामले के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों व युवाओं के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं करने का भी वादा किया गया है. वांगचुक ने कहा कि अनशन भले खत्म हो गया हो, लेकिन जवाबदेही की लड़ाई अब जारी रहेगी. “मैंने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन अब असली काम जवाबदेही तय करने का है. प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद मैंने यह फैसला लिया है. अब उम्मीद है कि नीट जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.”- सोनम वांगचुक ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन नीट पेपर लीक मामले को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रशासन से भरोसा मिलने के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है. यह फैसला तब हुआ, जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुवार (23 जुलाई) देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने उन्हें प्रशासन की ओर से जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया, जिसके बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया. वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में 26 दिन बाद मैंने अपना अनशन समाप्त किया.” ये भी पढ़ें: छात्रों के नाम PM मोदी का वीडियो संदेश, कहा- पेपर लीक पर कैबिनेट में उठाएंगे और कड़े कदम सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे अपील की कि वह डॉक्टरों की सलाह मानें और अपनी सेहत का ध्यान रखें. पीएम मोदी ने कहा कि वांगचुक जल्द स्वस्थ हों, इसके लिए वह प्रार्थना करते हैं. The post Video : अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक का आया रिएक्शन, कहा- लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest Live : जंतर-मंतर जा रहे 25 से ज्यादा छात्र हिरासत में, सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा अनशन

सोनम वांगचुक ने 26 दिन के आमरण अनशन के बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है. अभिजीत दीपके ने कहा है कि प्रदर्शन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही समाप्त होगा. वहीं प्रशासन की तरफ से सीजेपी की मांगों को लेकर अब तक सहमति नहीं बन पाई है. हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान जरूर किया है. प्रोटेस्ट से जुड़ी हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ. The post CJP Protest Live : जंतर-मंतर जा रहे 25 से ज्यादा छात्र हिरासत में, सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा अनशन appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी का वीडियो मैसेज भी नहीं बदल सका राहुल गांधी का रुख, बोले- धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करो

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को कोट किया और प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, इसलिए आधी रात को वीडियो जारी कर उनकी भावनाओं और समझदारी का अपमान नहीं करना चाहिए. राहुल ने प्रशासन से तीन मांगें रखीं- पहली, धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए; दूसरी, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई करने वालों को सजा दी जाए और तीसरी, प्रशासन छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो मैसेज में कहा कि उनकी प्रशासन प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर सख्त कानून लाने जा रही है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार (24 जुलाई) को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक के मसौदे पर चर्चा होगी और उसे अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके बाद अगले हफ्ते संसद में यह विधेयक पेश किया जाएगा. प्रधानमंत्री के मुताबिक, नए कानून में पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और छात्रों का भरोसा बना रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैंने अधिकारियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया था और अब वह कोर्ट शुरू भी हो चुकी है. इससे पेपर लीक जैसे मामलों की जल्दी सुनवाई होगी और दोषियों को जल्द सजा मिलेगी.” ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी परेशानी होती हैं. उन्होंने बताया कि नीट पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए. दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. मोदी ने कहा कि प्रशासन की सबसे बड़ी कोशिश थी कि छात्रों का एक साल खराब न हो. इसी वजह से जल्द दोबारा परीक्षा कराई गई, जिसमें 22 लाख छात्र शामिल हुए. उन्होंने बताया कि दोबारा हुई नीट परीक्षा का परिणाम 19 जुलाई को जारी हुआ और देशभर के कई छात्रों ने सफलता हासिल की. The post पीएम मोदी का वीडियो मैसेज भी नहीं बदल सका राहुल गांधी का रुख, बोले- धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करो appeared first on Naya Vichar.

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नीट परीक्षा विवाद के बीच शुभमन गिल का इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल, युवाओं के लिए लिखा खास संदेश

Shubman Gill reacts to NEET controversy: नीट परीक्षा विवाद और उससे जुड़े छात्र आंदोलनों के बीच हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. गिल ने इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से देश के युवाओं के नाम संदेश जारी करते हुए कहा कि हर युवा को सीखने, सपने देखने और देश का भविष्य गढ़ने का पूरा अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और शिक्षा को हिंदुस्तान के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया. देशभर में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक, पुनर्परीक्षा और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच गिल का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है. देशभर में जारी हैं छात्र प्रदर्शन नीट परीक्षा को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने मार्च और प्रदर्शन किए. कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की भी समाचारें सामने आईं. पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए कई जगह बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोका गया. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करना और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना शामिल है. शुभमन गिल ने क्या कहा? इंस्टाग्राम स्टोरी में शुभमन गिल ने लिखा, “एक युवा हिंदुस्तानीय होने के नाते मेरा मानना है कि हमारी पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और उस भविष्य को बनाने का हर अवसर मिलना चाहिए जिसकी हम सभी कामना करते हैं. मैं उन सभी युवाओं का सम्मान करता हूं जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा देश के भविष्य को आकार देने की सबसे बड़ी शक्ति है और सभी पक्षों को छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ना चाहिए. “शिक्षा में हमारे देश का भविष्य बदलने की ताकत है. मुझे उम्मीद है कि हम करुणा, आपसी सम्मान और हर छात्र के सर्वोत्तम हित को केंद्र में रखते हुए आगे बढ़ेंगे. हिंदुस्तान के भविष्य के लिए. इरफान पठान ने भी जताई चिंता पूर्व हिंदुस्तानीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर छात्रों के समर्थन में संदेश साझा किया. उन्होंने लिखा कि हर छात्र बेहतर भविष्य के लिए वर्षों तक मेहनत करता है और उसके परिवार भी बड़े त्याग करते हैं. ऐसे में किसी भी पेपर लीक से उनकी उम्मीदें नहीं टूटनी चाहिए. पठान ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि संबंधित संस्थाएं सभी छात्रों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराएंगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ा दबाव नीट विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अभ्यर्थी लगातार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्पोर्ट्स जगत की प्रमुख हस्तियों द्वारा छात्रों के समर्थन में दिए जा रहे बयान इस मुद्दे को और अधिक राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना रहे हैं. इसे भी पढ़े- Fact Check: क्या विराट कोहली ने छात्र आंदोलन का किया समर्थन? सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई आई सामने The post नीट परीक्षा विवाद के बीच शुभमन गिल का इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल, युवाओं के लिए लिखा खास संदेश appeared first on Naya Vichar.

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क्या आप भी घर के काम के दौरान बच्चे को दे देते हैं फोन? इन एक्टिविटीज से रखें उन्हें बिजी

kids screen free activities: आजकल ज्यादातर घरों में एक बात आम हो गई है. जैसे ही माता-पिता को खाना बनाना हो, सफाई करनी हो या कोई जरूरी काम करना हो, शिशु के हाथ में मोबाइल दे देते हैं. कुछ देर के लिए यह आसान उपाय जरूर लगता है, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास पर असर डाल सकती है. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो चिंता की बात नहीं है. कुछ आसान और मजेदार एक्टिविटीज की मदद से शिशु को बिना मोबाइल (kids screen free activities) के भी लंबे समय तक व्यस्त रखा जा सकता है.  ड्रॉइंग और कलरिंग में लगाएं मन (kids screen free activities) बच्चों को ड्रॉइंग शीट, क्रेयॉन या कलर पेंसिल दें और उन्हें अपनी पसंद की चीजें बनाने के लिए कहें. कभी फूल, कभी घर, तो कभी जानवरों की तस्वीर बनाने के लिए प्रेरित करें. यह एक्टिविटी उनकी क्रिएटिविटी बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें काफी देर तक बीजी रखती है.  बिल्डिंग ब्लॉक्स और पजल्स से करें दिमाग तेज बिल्डिंग ब्लॉक्स, जिग्सॉ पजल्स या शेप सॉर्टिंग गेम बच्चों के लिए बेहतरीन ऑप्शन है. इन्हें स्पोर्ट्सते-स्पोर्ट्सते शिशु नई चीजें सीखते हैं, उनकी सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है और स्क्रीन की जरूरत भी महसूस नहीं होती.  कहानी की किताबों से बढ़ाएं कल्पनाशक्ति बच्चों को रंग-बिरंगी तस्वीरों वाली कहानी की किताबें काफी पसंद आती हैं. उनकी उम्र के अनुसार किताबें चुनें और उन्हें खुद पन्ने पलटने और तस्वीरें देखने दें. इससे उनका ध्यान मोबाइल से हटेगा और पढ़ने की आदत भी डेवलप होगी. अगर बच्चा छोटा है, तो ऑडियो स्टोरी भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है.  छोटे-छोटे घरेलू कामों में बनाएं साथी अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है, तो उसे उम्र के हिसाब से छोटे-छोटे काम करने दें. जैसे सब्जियां टोकरी में रखना, खिलौने समेटना, कपड़े तह करने में मदद करना या पौधों में पानी डालना. इससे उनमें जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है और उन्हें अच्छा महसूस होता है कि वे घर के काम में मदद कर रहे हैं.  म्यूजिक और डांस का लें सहारा बच्चों को संगीत सुनना और डांस करना बहुत पसंद होता है. हल्के-फुल्के गाने चलाकर उन्हें डांस करने दें. इससे उनकी एनर्जी सही दिशा में इस्तेमाल होगी और उनका मूड भी अच्छा रहेगा.  क्राफ्ट एक्टिविटी से बढ़ाएं क्रिएटिविटी रंगीन पेपर, आइसक्रीम स्टिक, पुराने अखबार या बेकार डिब्बों से छोटी-छोटी क्राफ्ट एक्टिविटीज करवाई जा सकती हैं. इससे शिशु नई चीजें बनाना सीखते हैं और उनकी कल्पनाशक्ति भी मजबूत होती है.  आउटडोर गेम्स के लिए भी निकालें समय अगर संभव हो, तो शिशु को रोज कुछ समय पार्क या खुले मैदान में स्पोर्ट्सने दें. दौड़ना, साइकिल चलाना, बॉल स्पोर्ट्सना या दोस्तों के साथ स्पोर्ट्सना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी है.  यह भी पढ़ें: बच्चों के बड़े होने पर भी क्यों जरूरी है पेरेंट्स का साथ? जानिए Teen-Ternity का मतलब The post क्या आप भी घर के काम के दौरान शिशु को दे देते हैं फोन? इन एक्टिविटीज से रखें उन्हें बिजी appeared first on Naya Vichar.

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MG Windsor EV हुई महंगी, 60,000 रुपये तक बढ़े दाम, जानें कौन-सा वेरिएंट कितना महंगा

अगर आप JSW MG Windsor EV खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब इसके लिए आपको पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार की कीमत में 60,000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है. इससे पहले JSW MG Motor India ने 1 जुलाई से अपने सभी मॉडलों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया था. कंपनी का कहना है कि इनपुट और ऑपरेशनल लागत बढ़ने की वजह से यह फैसला लिया गया है. आइए जानते हैं कौन सा वेरिएंट कितना महंगा हुआ है. कितनी बढ़ी MG Windsor EV की कीमत?  MG Windsor EV के रेगुलर वेरिएंट्स की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की गई है. सबसे बड़ा झटका Excite वेरिएंट को लगा है. इसकी कीमत अब 60,000 रुपये बढ़ गई है. वहीं, 38 kWh बैटरी पैक वाले Exclusive और Essence वेरिएंट अब पहले के मुकाबले 46,900 रुपये महंगे हो गए हैं. दूसरी ओर, 52.9 kWh बैटरी पैक के साथ आने वाले Exclusive Pro और Essence Pro वेरिएंट की कीमतों में भी इजाफा हुआ है.  इनमें Exclusive Pro अब 51,900 रुपये और Essence Pro 39,900 रुपये ज्यादा कीमत पर उपलब्ध होगा. वहीं, फ्लीट ग्राहकों के लिए अप्रैल 2026 में लॉन्च किए गए Commute वेरिएंट की कीमत में सबसे बड़ा इजाफा हुआ है. इस वेरिएंट की कीमत 75,000 रुपये बढ़कर अब 14.24 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो गई है. वेरिएंट पुरानी कीमत (एक्स-शोरूम) नई कीमत (एक्स-शोरूम) कितनी बढ़ी कीमत Excite ₹14.09 लाख ₹14.69 लाख +₹60,000 Exclusive ₹15.52 लाख ₹15.99 लाख +₹46,900 Essence ₹16.52 लाख ₹16.99 लाख +₹46,900 Exclusive Pro ₹17.37 लाख ₹17.89 लाख +₹51,900 Essence Pro ₹18.59 लाख ₹18.99 लाख +₹39,900 Commute (फ्लीट) ₹13.49 लाख ₹14.24 लाख +₹75,000 अगर आप एक साथ ज्यादा रकम खर्च नहीं करना चाहते, तो MG का Battery-as-a-Service (BaaS) प्रोग्राम भी चुन सकते हैं. इस स्कीम में कार की शुरुआती कीमत कम हो जाती है. लेकिन इसके बदले आपको बैटरी के लिए अलग से सब्सक्रिप्शन प्राइस देना होता है. MG Windsor EV: बैटरी, रेंज और फीचर्स MG Windsor EV में कीमतों के अलावा कोई और बदलाव नहीं किया गया है. यानी अगर आप इसे खरीदने की सोच रहे हैं, तो फीचर्स और बैटरी ऑप्शन पहले जैसे ही मिलेंगे. इसके स्टैंडर्ड वेरिएंट में 38 kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो कंपनी के मुताबिक एक बार फुल चार्ज होने पर 331 km तक की रेंज देता है. वहीं, Pro वेरिएंट में बड़ा 52.9 kWh बैटरी पैक मिलता है. इसकी दावा की गई रेंज 449 km है. इतना ही नहीं, Pro वेरिएंट में कुछ एक्स्ट्रा प्रीमियम फीचर्स भी दिए गए हैं. इसमें पावर्ड टेलगेट जैसी सुविधा मिलती है. वहीं टॉप-एंड Essence Pro वेरिएंट में Level 2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) शामिल है. ये भी पढ़ें: 13.49 लाख रुपये में लॉन्च हुई Kia Syros EV, सिंगल चार्ज में चलेगी 526km तक, जानें खासियत The post MG Windsor EV हुई महंगी, 60,000 रुपये तक बढ़े दाम, जानें कौन-सा वेरिएंट कितना महंगा appeared first on Naya Vichar.

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