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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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7th Pay Commission: DA बढ़ेगा, एरियर भी मिलेगा! पश्चिम बंगाल सरकार ने कर्मचारियों को दी खुशखबरी

इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा, ताकि केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच DA का अंतर कम हो सके. प्रशासन ने लंबित DA एरियर के भुगतान का भी भरोसा दिया है. 7वां वेतन आयोग कब लागू हो सकता है? मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 21 जुलाई को एक कार्यक्रम में कहा कि 7वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) तैयार कर लिए गए हैं. इन्हें अंतिम रूप देने के बाद आयोग का आधिकारिक गठन किया जाएगा. प्रशासन की कोशिश है कि मौजूदा वित्त वर्ष के भीतर ही 7वां वेतन आयोग लागू कर दिया जाए. यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य के कर्मचारी लंबे समय से नए वेतन आयोग और DA से जुड़े फैसलों का इंतजार कर रहे हैं. DA में कितना बदलाव होगा? मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रशासन एक साथ बड़ा DA बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे अंतर कम करेगी. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासन एक बार में 42% DA या 10% की बढ़ोतरी का ऐलान करेगी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. प्रशासन ने गणना के आधार पर फैसला लिया है और धीरे-धीरे केंद्र और राज्य के DA के बीच का अंतर कम किया जाएगा. बता दें कि पिछले महीने राज्य प्रशासन ने अपने पहले बजट में महंगाई भत्ता 20% बढ़ाकर बेसिक वेतन का 38% कर दिया था. कर्मचारियों को एरियर पर क्या भरोसा मिला? प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि प्रशासनी कर्मचारियों के लंबित बकाये (Arrears) का भुगतान भी समय के साथ किया जाएगा. काफी समय से कर्मचारी संगठन दो प्रमुख मांगें उठा रहे थे: DA का बकाया भुगतान नए वेतन आयोग का गठन प्रशासन के इस ऐलान के बाद इन मांगों पर आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं. 7वें वेतन आयोग में क्या-क्या तय होगा? मई में प्रशासन ने 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी. इसके बाद 22 जुलाई को पूकेंद्रीय आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव रह चुके अतनु चक्रवर्ती की अध्यक्षता में चार सदस्यीय आयोग का आधिकारिक गठन किया गया. आयोग को छह महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देने का निर्देश दिया गया है. आयोग किन मुद्दों पर सिफारिश देगा? वेतन संरचना (Pay Structure) महंगाई भत्ता (DA) प्रमोशन नीति पेंशन रिटायरमेंट से जुड़े लाभ कर्मचारियों के लिए यह समाचार क्यों अहम है? पश्चिम बंगाल के कर्मचारी अभी भी 5वें और 6वें वेतन आयोग के तहत वेतन पा रहे हैं, जबकि केंद्र प्रशासन के कर्मचारियों को लंबे समय से 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार वेतन मिल रहा है. इसी बीच केंद्र में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. ऐसे में राज्य प्रशासन का कहना है कि वह वेतन और DA के अंतर को एक झटके में नहीं, बल्कि धीरे-धीरे कम करने की रणनीति पर काम करेगी. इससे कर्मचारियों को आने वाले समय में वेतन, DA और अन्य सेवा लाभों में बदलाव की उम्मीद बनी हुई है. The post 7th Pay Commission: DA बढ़ेगा, एरियर भी मिलेगा! पश्चिम बंगाल प्रशासन ने कर्मचारियों को दी खुशसमाचारी appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: डोपिंग के साये में भारत का अभियान, कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग का कोटा घटा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान का अभियान शुरू होने से पहले डोपिंग मामलों ने मुश्किलें बढ़ा दी है. क्वालीफिकेशन अवधि के दौरान कई डोपिंग रोधी नियम उल्लंघनों (एडीआरवी) के कारण हिंदुस्तान का वेटलिफ्टिंग कोटा 16 से घटाकर 11 कर दिया गया है. इसके साथ ही वेटलिफ्टर दिलबाग सिंह भी हिंदुस्तानीय टीम से बाहर हो गए हैं. हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टिंग महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू की अगुआई में 12 सदस्यीय टीम की घोषणा की थी. हालांकि, पीठ की चोट से जूझ रहे दिलबाग सिंह बर्मिंघम में आयोजित तैयारी शिविर के दौरान अभ्यास नहीं कर सके. उनकी फिटनेस को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से बाहर रखने का फैसला किया. अरुण कुमार भी हुए प्रतियोगिता से बाहर इधर, हिंदुस्तानीय दल को एक और झटका तब लगा जब जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार प्रतियोगिता से बाहर हो गए. 73 किलोग्राम वर्ग में स्पोर्ट्सने वाले अरुण प्रतियोगिता के इतर कराए गए डोप परीक्षण में एनाबोलिक स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाए गए. राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. हिंदुस्तानीय जूडो महासंघ ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि इसके बाद उन्हें राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों की टीम से हटा दिया गया. हिंदुस्तान को ग्लास्गो स्पोर्ट्सों में भारोत्तोलन और जूडो दोनों स्पर्धाओं से पदकों की उम्मीद थी, लेकिन डोपिंग मामलों और टीम में बदलाव ने अभियान शुरू होने से पहले ही हिंदुस्तानीय दल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. लवलीना का पदक पक्का पूर्व विश्व चैंपियन लवलीना बोरगोहेन ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों में हिंदुस्तान के लिए शानदार शुरुआत की है. 75 किग्रा वर्ग के ड्रॉ में केवल पांच मुक्केबाज होने के कारण उन्हें पहले दौर में बाय मिला और वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं. इसके साथ ही उनका कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया है, लेकिन हिंदुस्तानीय स्टार मुक्केबाज का लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है. शुक्रवार से शुरू हो रही मुक्केबाजी स्पर्धा में हिंदुस्तान को लवलीना समेत अपने मुक्केबाजों से कई पदकों की उम्मीद है. लॉन बॉल्स में हिंदुस्तान की जीत के साथ शुरुआत रूपा रानी तिर्की (लीड) और पिंकी (स्किप) की हिंदुस्तानीय जोड़ी ने ग्रुप-बी के पहले मुकाबले में माल्टा को रोमांचक टाई-ब्रेक में हराया. हिंदुस्तान ने पहला सेट 7-1 से अपने नाम किया, लेकिन दूसरे सेट में माल्टा की रेबेका लूसी रिक्सन और कोनी ले रिक्सन की जोड़ी ने 4-3 से जीत दर्ज कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया. इसके बाद टाई-ब्रेक में फैसला हुआ, जहां शुरुआती पिछड़ने के बावजूद पिंकी ने अपनी आखिरी बॉल पर शानदार शॉट स्पोर्ट्सकर हिंदुस्तान को जीत दिलाई. ये भी पढ़ें: CWG 2026: बिना एक भी पंच लगाए हिंदुस्तान को मिला पहला मेडल, लवलीना बोरगोहेन ने रचा इतिहास The post CWG 2026: डोपिंग के साये में हिंदुस्तान का अभियान, कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग का कोटा घटा appeared first on Naya Vichar.

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा CJP, अभिजीत दीपके बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रहेगा जारी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का कहना है कि सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने से उन्हें राहत और खुशी जरूर है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा. नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले को लेकर CJP के नेतृत्व में छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि परीक्षा में गड़बड़ी से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है. उनका आरोप है कि जब तक इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. इसमें उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के 26 दिन बाद अनशन खत्म करने से उन्हें राहत मिली है. उन्होंने वांगचुक के साहस और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा. दीपके ने कहा कि देश के लिए सोनम वांगचुक की जान बेहद कीमती है. अभिजीत दीपके ने कहा, ”CJP का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन अभी खत्म नहीं होगा. जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.” एक दूसरे पोस्ट में दीपके ने एक तस्वीर शेयर करते हुए केवल इतना लिखा कि Charging up…तस्वीर में एक व्यक्ति का हाथ नजर आ रहा है, जिसमें ड्रिप लगाने की सुई लगी हुई है. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात 26 दिन से चल रहा अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया. केंद्र प्रशासन ने भरोसा दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. साथ ही, नीट परीक्षा में सुधार और कथित पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने जैसी मांगों पर भी विचार किया जाएगा.  ये भी पढ़ें: छात्रों के नाम PM मोदी का वीडियो संदेश, कहा- पेपर लीक पर कैबिनेट में उठाएंगे और कड़े कदम The post धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा CJP, अभिजीत दीपके बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रहेगा जारी appeared first on Naya Vichar.

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Fact Check: क्या विराट कोहली ने छात्र आंदोलन का किया समर्थन? सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई आई सामने

Virat Kohli student protest fact check: देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर जारी छात्र आंदोलनों के बीच सोशल मीडिया पर हिंदुस्तानीय क्रिकेटर विराट कोहली के नाम से एक कथित ट्वीट तेजी से वायरल हो गया. इस पोस्ट में दावा किया गया कि विराट कोहली ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रशासन से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है. हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी साबित हुआ. वायरल पोस्ट विराट कोहली के किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा नहीं किया गया था, बल्कि एक फर्जी अकाउंट से पोस्ट किया गया था. क्या था वायरल दावा? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर @Highonchurma नाम के एक अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की गई, जिसमें विराट कोहली की प्रोफाइल फोटो और नाम का इस्तेमाल किया गया था. पोस्ट में लिखा था, “Students deserve a fair system, transparent examinations, and a future built on merit. The concerns being raised by students should be heard seriously. I hope the authorities take immediate and meaningful action to address their grievances. The future of our country deserves justice, transparency and accountability.” इस पोस्ट को हजारों लोगों ने शेयर किया और कई यूजर्स ने इसे विराट कोहली का आधिकारिक बयान मान लिया. फैक्ट चेक: क्या विराट कोहली ने सच में किया समर्थन? जांच में सामने आया कि विराट कोहली ने अपने किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X, इंस्टाग्राम या फेसबुक) पर ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया है. वायरल पोस्ट उनके वेरिफाइड अकाउंट से नहीं किया गया था और न ही उनके किसी आधिकारिक प्रतिनिधि ने इस तरह का कोई बयान जारी किया है. इसलिए यह दावा कि विराट कोहली ने छात्र आंदोलन का समर्थन किया है, पूरी तरह गलत और भ्रामक है. कैसे लोगों को किया गया गुमराह? वायरल पोस्ट में विराट कोहली का नाम, प्रोफाइल फोटो और ट्वीट का फॉर्मेट बिल्कुल असली जैसा दिखाया गया. इसी वजह से बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स इसे असली पोस्ट समझ बैठे. हालांकि, ध्यान से देखने पर स्पष्ट होता है कि पोस्ट किसी वेरिफाइड अकाउंट से नहीं था. यह एक ऐसा अकाउंट था जो विराट कोहली की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित कर रहा था. छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी चर्चा हाल के दिनों में परीक्षा पारदर्शिता और कथित नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी दौरान सोशल मीडिया पर कई सार्वजनिक हस्तियों से प्रतिक्रिया की मांग भी उठी. ऐसे माहौल में विराट कोहली के नाम से वायरल हुआ फर्जी ट्वीट तेजी से फैल गया. विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की चुप्पी पर भी हुई चर्चा छात्र आंदोलन के दौरान विराट कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे थे. उनकी यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. इसके बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें छात्र आंदोलन पर अपनी राय रखनी चाहिए थी. खासतौर पर दिल्ली से संबंध होने के कारण कई लोगों ने विराट कोहली से प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई. हालांकि, अब तक विराट कोहली या अनुष्का शर्मा ने इस पूरे मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट की पहचान कैसे करें? विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वायरल पोस्ट पर विश्वास करने से पहले कुछ बातों की जांच जरूर करनी चाहिए- पोस्ट किस अकाउंट से किया गया है. क्या अकाउंट वेरिफाइड (ब्लू टिक) है. क्या वही पोस्ट संबंधित व्यक्ति के अन्य आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी मौजूद है. क्या किसी विश्वसनीय समाचार संस्था ने उस बयान की पुष्टि की है. फर्जी अकाउंट और पैरोडी प्रोफाइल से रहें सावधान सोशल मीडिया पर कई फैन पेज, पैरोडी और इम्पर्सोनेशन (फेक) अकाउंट बड़े सेलिब्रिटीज के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे अकाउंट अक्सर वायरल और संवेदनशील मुद्दों पर भ्रामक पोस्ट साझा करते हैं, जिससे गलत जानकारी तेजी से फैलती है. इसलिए किसी भी सेलिब्रिटी के नाम से वायरल हो रही पोस्ट को साझा करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करना बेहद जरूरी है. इसे भी पढ़े- 15 साल के वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड, सिर्फ चौथे मैच में लगाया पहला अर्धशतक The post Fact Check: क्या विराट कोहली ने छात्र आंदोलन का किया समर्थन? सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई आई सामने appeared first on Naya Vichar.

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अनशन खत्म होते ही पीएम मोदी की सोनम वांगचुक से खास अपील, जानिए क्या कहा

प्रधानमंत्री मोदी ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए एक्स पर लिखा, “मैं सोनम जी से गुजारिश करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपना रूटीन फॉलो करें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन वापस पा लें.” पीएम ने आगे लिखा, “मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी हेल्दी रहें.” जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और वांगचुक का अनशन खत्म कराया केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात सोनम वांगचुक से मिलने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे. दोनों मंत्रियों ने वांगचुक को प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया. नड्डा ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो एवं अन्य लोगों की मौजूदगी में उन्हें प्रशासन का भरोसा दिलाते हुए कहा, “प्रशासन दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई, 2026 को संसद तक मार्च में शामिल होने वालों के खिलाफ मामले दर्ज न करने को लेकर सकारात्मक रुख अपना रही है.” नीट पेपर लीक मामले में जान गंवाने वाले छात्रों को मुआवजा देने का निर्णय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रशासन पहले ही संसद में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा कराने का आश्वासन दे चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि हाल के नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरणों से जुड़े आत्महत्या के पीड़ितों के परिजनों को उपयुक्त मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी प्रशासन सकारात्मक रूप से विचार कर रही है. वांगचुक ने एक्स पर तस्वीर शेयर कर अनशन समाप्त करने की जानकारी दी वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में 26 दिन बाद मैंने अपना अनशन समाप्त किया.” वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के बाद कहा कि विभिन्न शर्तों पर लंबी और गंभीर वार्ताओं के उपरांत तथा देश में संभावित हिंसा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया. ये भी पढ़ें: छात्र आंदोलन के बीच एक्शन मोड में केंद्र प्रशासन: विनीत जोशी की शिक्षा विभाग से छुट्टी ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर आया अभिजीत दीपके का बयान, कर दिया ये ऐलान ये भी पढ़ें: छात्रों के नाम PM मोदी का वीडियो संदेश, कहा- पेपर लीक पर कैबिनेट में उठाएंगे और कड़े कदम ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन The post अनशन खत्म होते ही पीएम मोदी की सोनम वांगचुक से खास अपील, जानिए क्या कहा appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर आया अभिजीत दीपके का बयान, कर दिया ये ऐलान

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है. उन्होंने वांगचुक के फैसले का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही अपने आंदोलन को जारी रखने का रुख भी साफ कर दिया. ‘आपकी जान देश के लिए बेहद कीमती’ अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जारी बयान में दीपके ने लिखा: “हमें इस बात की बेहद राहत और खुशी है कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है. सर, आपकी जबरदस्त हिम्मत और कुर्बानी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. अपनी जान जोखिम में डालकर आपने पूरे देश की चेतना को जगाया है. आपकी जान इस देश के लिए बेहद कीमती है.” जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रहेगा जारी अनशन खत्म होने पर खुशी जताने के साथ ही अभिजीत दीपके ने अपने आंदोलन का भावी रुख भी स्पष्ट कर दिया. उन्होंने ऐलान किया कि कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते. ये भी पढ़ें: पेपर लीक पर दिल्ली HC का एक्शन, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित, तेजी से होगी सुनवाई ये भी पढ़ें: छात्र आंदोलन के बीच एक्शन मोड में केंद्र प्रशासन: विनीत जोशी की शिक्षा विभाग से छुट्टी ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन The post सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर आया अभिजीत दीपके का बयान, कर दिया ये ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन

Sonam Wangchuk Break Fast: अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने ट्वीट किया, “अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ा. इससे पहले, अलग-अलग नेतृत्वक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था. यह कदम कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया.” कुछ असामाजिक तत्व हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं : वांगचुक वांगचुक ने कहा कि उन्हें यह जानकर दुख हुआ है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. अपने अनिश्चितकालीन अनशन के 26वें दिन वांगचुक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण बना हुआ है, वहीं यह जानकर मुझे पीड़ा हुई कि कुछ असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.” प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में उतरीं वांगचुक की पत्नी गीतांजलि इससे पहले, दिन में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने भी प्रदर्शनकारियों का बचाव किया और कहा कि छात्रों को नकारात्मक रूप में पेश किया जाना बेहद पीड़ादायक है. बाद में ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में गीतांजलि ने युवा प्रदर्शनकारियों के आचरण की सराहना की. उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों में हिंदुस्तान के जेन-जेड को देखकर मेरे भीतर उम्मीद जगी है.” उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने “अजनबियों की देखभाल परिवार की तरह की, एक-दूसरे के साथ भोजन और पानी साझा किया, अपने प्रदर्शन स्थलों की सफाई की, बुजुर्गों का ध्यान रखा, साथ मिलकर राष्ट्रीय गान और उम्मीद के गीत गाए, भारी उकसावे के बावजूद अनुशासन बनाए रखा” और “निस्वार्थ सेवा के अनगिनत कार्यों के जरिए आंदोलन को जारी रखा.” हिंदुस्तान का भविष्य सुरक्षित हाथों में है : गीतांजलि गीतांजलि ने कहा, “अगर यही वह पीढ़ी है जिसे हमने तैयार किया है, तो हिंदुस्तान का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। हिंदुस्तान के जेन-जेड… आप केवल इस देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श हैं.” उन्होंने बच्चों के माता-पिता का भी आभार जताया और कहा कि उन्होंने दयालु, जिम्मेदार और साहसी नागरिकों का पालन-पोषण किया है. ये भी पढ़ें: पेपर लीक पर दिल्ली HC का एक्शन, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित, तेजी से होगी सुनवाई ये भी पढ़ें: छात्र आंदोलन के बीच एक्शन मोड में केंद्र प्रशासन: विनीत जोशी की शिक्षा विभाग से छुट्टी The post सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन appeared first on Naya Vichar.

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छात्र आंदोलन के बीच एक्शन मोड में केंद्र सरकार: विनीत जोशी की शिक्षा विभाग से छुट्टी

NEET पेपर लीक विवाद के बीच उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला पंचायती राज मंत्रालय में कर दिया गया है. कौन हैं नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार? उच्च शिक्षा विभाग की कमान संभालने वाले नरेश पाल गंगवार 1994 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं. उन्होंने IIT रुड़की से बीटेक और IIT दिल्ली से एमटेक किया है. इससे पहले वह केंद्र प्रशासन में पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव के रूप में तैनात थे. वे पर्यावरण मंत्रालय में अपर सचिव तथा राजस्थान प्रशासन में स्कूली शिक्षा, ऊर्जा और कृषि जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में प्रमुख सचिव की भूमिका निभा चुके हैं. The post छात्र आंदोलन के बीच एक्शन मोड में केंद्र प्रशासन: विनीत जोशी की शिक्षा विभाग से छुट्टी appeared first on Naya Vichar.

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छात्रों के नाम PM मोदी का वीडियो संदेश, कहा- पेपर लीक पर कैबिनेट में उठाएंगे और कड़े कदम

PM Modi On Paper Leak: पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई की देर रात छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया. अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि 24 जुलाई को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक के खिलाफ और अधिक सख्त कदमों पर फैसला लिया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली मामला नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के भविष्य से जुड़ा बेहद गंभीर और पीड़ादायक मुद्दा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. दोस्तों, मैं जानता हूं कि परीक्षा की प्रतियां लीक होना कोई आम बात नहीं है. लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यह बेहद कष्टदायक है. इसीलिए परीक्षा की प्रतियां लीक होने की घटना के बाद पिछले ढाई महीनों में कई बड़े कदम उठाए गए हैं. दोषियों को पकड़ लिया गया है, वे फिलहाल जेल में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कड़े दंड का होगा प्रावधान पीएम मोदी ने कहा कि विभागों ने रातभर काम कर मसौदा तैयार किया है, जिस पर कैबिनेट बैठक में चर्चा होगी. पीएम मोदी ने कहा कि प्रस्तावित मसौदे में पेपर लीक के आरोपियों के लिए कड़े दंड और मामलों के तेजी से निपटारे का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि कैबिनेट सहयोगियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और संसद के मौजूदा सत्र में इसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश होगी. 22 लाख छात्रों का साल बचाना था सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पूरी ताकत लगाकर करीब 22 लाख छात्रों के लिए कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई और हाल ही में उसके परिणाम भी घोषित किए गए. पीएम मोदी ने कहा- दोषी जेल में हैं पीएम मोदी ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में प्रशासन ने कई बड़े कदम उठाए हैं. पेपर लीक मामलों में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में हैं. इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि युवाओं का कल्याण और उनका भविष्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रशासन फास्ट ट्रैक कोर्ट बना रही है. उन्होंने लिखा था कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. PM मोदी के ऐलान पर CJP का जवाब प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP ने कहा कि सिर्फ दोषियों को सजा देने की बात काफी नहीं है. संगठन का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि बार-बार पेपर लीक हो क्यों रहे हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की जा रही. जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन जारी रहेगा. CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका का तंज CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन शुरू होने के करीब डेढ़ महीने बाद प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया आई है, जिसका स्वागत है, लेकिन इससे मूल समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने के बाद सजा देना अलग बात है, जबकि असली जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है जिससे पेपर लीक हो ही न सके. ‘व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल’ रांका ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना इस बात का संकेत है कि व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं. जब तक जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक केवल सजा देने से समस्या खत्म नहीं होगी. उन्होंने कहा कि आंदोलन अब सिर्फ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं रह गया है और लोगों का गुस्सा केंद्र प्रशासन की ओर भी बढ़ रहा है. प्रशासन से बातचीत पर क्या बोली CJP? रांका ने बताया कि प्रशासन की ओर से बातचीत का प्रस्ताव मिला है, लेकिन CJP ने जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर बैठक का सुझाव दिया था. उनका आरोप है कि प्रशासन केवल जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बैठक चाहती है, जिसे संगठन ने स्वीकार नहीं किया. ‘सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं चाहिए’ CJP ने कहा कि यदि बातचीत होती है तो उसमें केवल औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि मांगों को मानने या उन्हें पूरा करने की स्पष्ट समयसीमा दी जानी चाहिए. संगठन का कहना है कि बिना किसी ठोस नतीजे वाली बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है. 20 जून से जारी है आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जून से जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया था. आंदोलन में विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी रही है. Also Read: पेपर लीक पर दिल्ली HC का एक्शन, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित, तेजी से होगी सुनवाई The post छात्रों के नाम PM मोदी का वीडियो संदेश, कहा- पेपर लीक पर कैबिनेट में उठाएंगे और कड़े कदम appeared first on Naya Vichar.

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पेपर लीक पर दिल्ली HC का एक्शन, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित, तेजी से होगी सुनवाई

Fast Track Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रशासनी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य कदाचार से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद उठाया गया कदम हाई कोर्ट का यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए त्वरित अदालतें गठित करने की बात कही थी. लोक परीक्षा अधिनियम के तहत होगी सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, न्यायिक अधिकारी अनु ग्रोवर बालीगा की अदालत को तत्काल प्रभाव से विशेष रूप से त्वरित अदालत’ के रूप में काम करने की जिम्मेदारी दी गई है. यह अदालत लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और इससे जुड़े अन्य अपराधों की सुनवाई करेगी. राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर से होगी कार्यवाही अधिसूचना के मुताबिक विशेष अदालत दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर से काम करेगी और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मामलों की सुनवाई करेगी. पीएम मोदी ने सख्त कार्रवाई का दिया था भरोसा इससे पहले गुरुवार को नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि युवाओं का हित और उनका भविष्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं में शामिल लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा. तेजी से सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का हुआ है गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रशासन ने प्रश्नपत्र लीक मामलों में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के मकसद से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का फैसला किया है, ताकि ऐसे मामलों का प्रभावी और समयबद्ध निपटारा हो सके. प्रशासन ने 24 घंटे में चार बार भेजा बातचीत का प्रस्ताव इधर, जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र प्रतिनिधियों समेत छात्रों का प्रदर्शन जारी है. केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को उन्हें प्रशासन के साथ एक और दौर की बातचीत करने का न्योता दिया. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन हर मुद्दे पर खुले मन से चर्चा के लिए तैयार है और बातचीत के जरिए ही समाधान निकाला जा सकता है. 24 घंटे में चार बार दिया बातचीत का प्रस्ताव न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रशासन ने CJP को कम से कम चार बार बातचीत का निमंत्रण भेजा है. उन्होंने कहा- प्रशासन केवल नीट से जुड़े मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि आंदोलन से जुड़े अन्य सभी विषयों पर भी बातचीत करने के लिए तैयार है. मैं आंदोलन में शामिल छात्रों और युवा साथियों से विनम्र अपील करता हूं कि वे बातचीत के लिए आगे आएं. प्रशासन के दरवाजे पूरी तरह खुले हैं. एक घंटा, दो घंटे, तीन घंटे या जितना समय लगे, प्रशासन देने को तैयार है. लेकिन बातचीत के बिना कोई समाधान संभव नहीं है. केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह Also Read: जंतर-मंतर इलाके में इंटरनेट पाबंदी बढ़ी, डेढ़ किमी दायरे में आधी रात तक मोबाइल सेवाएं बंद मुरली मनोहर जोशी बोले- छात्रों की चिंताएं जायज, ताकत नहीं संवाद से निकले समाधान The post पेपर लीक पर दिल्ली HC का एक्शन, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित, तेजी से होगी सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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