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Author name: Vinod Jha

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Cardamom Remedy: सिर्फ स्वाद नहीं, धन बढ़ाने में भी सहायक है इलायची; जानें उपाय

Cardamom Remedy: हिंदुस्तानीय रसोई में छोटी इलायची का इस्तेमाल चाय से लेकर मिठाइयों तक में खूब किया जाता है. इसकी खुशबू और स्वाद खाने को खास बना देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष और वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में भी छोटी इलायची को काफी खास माना गया है? माना जाता है कि इसे अपने पास रखने से सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ सकता है. शुक्र और बुध से जुड़ी है इलायची ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हरी इलायची का संबंध शुक्र और बुध ग्रह से माना जाता है. शुक्र को सुख-सुविधा, आकर्षण और समृद्धि का कारक माना जाता है, जबकि बुध बुद्धि, समझदारी और बातचीत की क्षमता से जुड़ा है. इसी वजह से इलायची को सौभाग्य और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. जरूरी काम से पहले रखें 2-3 इलायची अगर आप किसी महत्वपूर्ण काम के लिए घर से निकल रहे हैं तो जेब या पर्स में 2-3 साफ हरी इलायची रखने की मान्यता है. खासकर नौकरी के इंटरव्यू, बिजनेस मीटिंग, परीक्षा या किसी जरूरी यात्रा पर जाते समय इसे रखना शुभ माना जाता है. ये भी पढ़ें: ये भी पढ़ें: Monday Astro Tips: राहु केतु का प्रकोप झेल रहे हैं, तो सोमवार को मां को दें ये तोहफा, मिट सकते हैं दोष मान्यता है कि इलायची की खुशबू मन को शांत रखने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है. इससे व्यक्ति अपनी बात ज्यादा सहजता से रख पाता है और जरूरी काम में एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिल सकती है. राहु-केतु के प्रभाव से भी जुड़ी मान्यता ज्योतिष में इलायची की सकारात्मक सुगंध को राहु और केतु के नकारात्मक प्रभावों से भी जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि इसे पास रखने से मानसिक भ्रम और अनिश्चितता कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, ये सभी बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं. इलायची रखने का सही तरीका घर से निकलते समय जेब या पर्स में 2 या 3 साफ हरी इलायची रखें. अगले दिन पुरानी इलायची की जगह नई इलायची रख सकते हैं. पुरानी इलायची को फेंकने के बजाय सामान्य रूप से खाने या चाय में इस्तेमाल किया जा सकता है. The post Cardamom Remedy: सिर्फ स्वाद नहीं, धन बढ़ाने में भी सहायक है इलायची; जानें उपाय appeared first on Naya Vichar.

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कर्मचारियों की चिंता पर बोले अंतरिक्ष एजेंसी प्रमुख- ISRO का नहीं होगा प्राइवेटाइजेशन

ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा है कि हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का  प्राइवेटाइजेशन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को लेकर उनकी जो भी चिंताएं हैं, प्रशासन और ISRO मिलकर उनका समाधान करेंगे. बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में ISRO चेयरमैन नारायणन ने इस मुद्दे पर बात की.  ISRO के कुछ कर्मचारी प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भूमिका से चिंतित हैं. उनका कहना है कि प्रशासन की अंतरिक्ष नीति को लेकर स्थिति साफ होनी चाहिए. कर्मचारियों ने प्रशासन से इस बारे में आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है. वे जानना चाहते हैं कि भविष्य में ISRO की भूमिका क्या होगी. इससे पहले इसरो ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि प्राइवेट कंपनियों की मदद से वह हिंदुस्तान के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए अगली पीढ़ी की तकनीक पर ध्यान दे रहा है. वहीं, कंपनियां बड़े स्तर पर नई और मॉर्डन तकनीक तैयार करेंगी. इससे देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने और नई तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी. ये भी पढ़ें: ISRO Recruitment 2026: 175 पदों पर भर्ती, 16 सितंबर लास्ट डेट इसरो के नौ कर्मचारी संगठनों ने 4 सितंबर को अध्यक्ष वी. नारायणन को पत्र लिखा. उन्होंने प्रोडक्शन और कामकाज से जुड़े कुछ काम प्राइवेट कंपनियों को देने की बात पर सफाई मांगी है. कर्मचारी संगठनों ने IN-SPACe के चेयरमैन पवन गोयनका के 21 अगस्त के बयान का भी जिक्र किया. गोयनका की बातों के बाद कर्मचारियों में इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ गई थी. ISRO ने बताया कि वह पहले ही कई तकनीकों को प्राइवेट कंपनियों को दे चुका है. इसका मतलब यह नहीं है कि ISRO उन कामों से पीछे हट रहा है. कंपनियां इन तकनीकों का बड़े स्तर पर उत्पादन और कारोबार करेंगी, जबकि ISRO के वैज्ञानिक नई तकनीक और मुश्किल अंतरिक्ष मिशन पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे. ISRO ने कहा कि आने वाले समय में हिंदुस्तान का अंतरिक्ष क्षेत्र ISRO की अगुवाई में आगे बढ़ेगा. इसमें प्रशासन, प्राइवेट कंपनियां, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थान मिलकर काम करेंगे. The post कर्मचारियों की चिंता पर बोले अंतरिक्ष एजेंसी प्रमुख- ISRO का नहीं होगा प्राइवेटाइजेशन appeared first on Naya Vichar.

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मॉस्को में भारतीय इंजीनियर गिरफ्तार: ’10 भारतीयों की मौत हो चुकी है, मेरे पति को बचा लो’ बिलखती पत्नी ने सीएम योगी को भेजा वीडियो

UP News: रूस की राजधानी मॉस्को में रहने वाली एक हिंदुस्तानीय स्त्री ने अपने पति की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है. स्त्री का आरोप है कि उनके पति को मॉस्को की स्थानीय पुलिस रात में जबरन पकड़कर अपने साथ ले गई और इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. स्त्री को आशंका है कि उनके पति को जबरन रूसी सेना में भर्ती किया जा सकता है. नोएडा की कंपनी से जुड़े हैं पति, परिवार के साथ रूस में रह रहे थे स्त्री के मुताबिक, उनके पति चंदन गुप्ता मूल रूप से कानपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. वह नोएडा सेक्टर-62 की यूफ्लेक्स कंपनी से जुड़ी एएच पॉलीफिल्म्स कंपनी में इंजीनियर हैं और कंपनी के जरिए वर्क वीजा पर मॉस्को में तैनात थे. चंदन के साथ उनकी पत्नी और 10 साल का बेटा भी रूस में रह रहा है. स्त्री का कहना है कि रात करीब साढ़े 12 बजे स्थानीय पुलिस उनके पति को पकड़कर ले गई. इसके बाद से वह उन्हें छुड़ाने की कोशिश कर रही हैं. रूसी भाषा नहीं आने से बढ़ी परेशानी स्त्री ने वीडियो के जरिए अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें रूसी भाषा नहीं आती, जिसकी वजह से स्थानीय पुलिस से बातचीत करने में भी दिक्कत हो रही है. उनका आरोप है कि उनके पति ने कोई गलती नहीं की है, फिर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद पति को जेल भेजे जाने की बात कहते हुए स्त्री ने सीएम योगी से जल्द हस्तक्षेप कर मदद दिलाने की अपील की है. उन्हें डर है कि उनके पति को जेल से निकालकर रूसी सेना में भेजा जा सकता है. रूस में हिंदुस्तानीयों को सेना में भेजे जाने का भी किया दावा स्त्री ने अपने वीडियो में रूस में काम करने गए हिंदुस्तानीयों को लेकर भी चिंता जताई. उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश से 14 लोगों को मजदूरी के लिए रूस बुलाया गया था, लेकिन उन्हें सेना में भेज दिया गया, जिनमें से 10 लोगों की मौत हो गई. इसी वजह से उन्हें अपने पति को लेकर भी डर सता रहा है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है. अब परिवार की नजर इस बात पर है कि पति की रिहाई और सुरक्षा को लेकर हिंदुस्तानीय और उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है. Must Read- UP Promotion Update: UP में प्रमोशन की फाइल आगे बढ़ी ही नहीं, मानव संपदा पोर्टल की खामी से सैकड़ों कर्मचारी अटके The post मॉस्को में हिंदुस्तानीय इंजीनियर गिरफ्तार: ’10 हिंदुस्तानीयों की मौत हो चुकी है, मेरे पति को बचा लो’ बिलखती पत्नी ने सीएम योगी को भेजा वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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आधा भारत नहीं जानता 1991 में सुदिव्य सोनू ने जिस रेलवे लाइन को उड़ाया था, उसे किसने बनवाया? सच जानकर रह जाएंगे हैरान

Sudivya Kumar Sonu Untold Story: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दिवंगत नेता और झारखंड के उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई अनकही कहानियां आज भी चर्चा में हैं. इनमें सबसे हैरान करने वाली कहानी 1991 के झारखंड आंदोलन से जुड़ी है. अलग झारखंड राज्य की मांग के दौरान उन्होंने गिरिडीह में मधुपुर-बनियाडीह-कोडरमा रेलवे लाइन को डेटोनेटर से उड़ाकर क्षतिग्रस्त कर दिया था. दिलचस्प बात यह है कि जिस रेलवे लाइन को उन्होंने उड़ाया, उसे बनवाने में उनके अपने ही दादा की अहम भूमिका रही थी. शिबू सोरेन के आह्वान पर आंदोलन में उतरे सुदिव्य सुदिव्य कुमार सोनू 1989 में पढ़ाई के दौरान ही दिशोम गुरु पद्म भूषण शिबू सोरेन के आह्वान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के आंदोलन से जुड़ गए थे. उस समय संयुक्त बिहार में अलग झारखंड राज्य की मांग तेज हो रही थी और आंदोलन उग्र रूप ले रहा था. दो साल बाद 1991 में उन्होंने गिरिडीह में रेलवे ट्रैक को विस्फोट से क्षतिग्रस्त करने की कार्रवाई में नेतृत्व किया. उस समय शायद उन्हें भी यह अंदाजा नहीं रहा होगा कि जिस रेललाइन को निशाना बनाया जा रहा है, उसकी नींव उनके अपने परिवार के इतिहास से जुड़ी हुई है. 1919 में दादा को अंग्रेजों ने गिरिडीह बुलाया इस कहानी की शुरुआत 1919 से होती है. उस समय अंग्रेजी हुकूमत कोयले की ढुलाई के लिए मधुपुर से बनियाडीह तक रेलवे लाइन बिछाने की योजना पर काम कर रही थी. पारिवारिक जानकारी के अनुसार सुदिव्य के दादा उसी वर्ष मुंगेर से गिरिडीह पहुंचे थे. लोहे के काम और रेलवे ट्रैक निर्माण में उनकी दक्षता के कारण अंग्रेजों ने उन्हें विशेष रूप से बुलाया था. वे अपने साथ बड़ी संख्या में मजदूरों को लेकर आए और रेलवे ट्रैक निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया. बाद में परिवार ने गिरिडीह को अपना स्थायी घर बना लिया. कोयला परिवहन के लिए बनी थी यह रेललाइन उस दौर में गिरिडीह में बंगाल कोल कंपनी बड़े पैमाने पर कोयला खनन कर रही थी. खदानों से कोयला बाहर पहुंचाने के लिए बनियाडीह से मधुपुर तक रेल संपर्क जरूरी माना गया. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए रेलवे ट्रैक बनाया गया. इस रूट पर उसरी नदी के ऊपर बना ओल्ड रेलवे ब्रिज, जिसे रेलवे ब्रिज नंबर-37 भी कहा जाता है, ब्रिटिश काल की इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है. यही पुल और यही रेलवे लाइन आगे चलकर झारखंड आंदोलन के दौरान ऐतिहासिक घटना का केंद्र बनी. इंजीनियर पिता, अलग-अलग शहरों में बीता बचपन सुदिव्य कुमार सोनू के पिता शंभूनाथ विश्वकर्मा पीएचईडी विभाग में इंजीनियर थे. उन्होंने सहरसा से इंजीनियर पद से सेवानिवृत्ति ली. नौकरी के दौरान उनका तबादला पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, तिलैया, दुमका और पटना जैसे कई शहरों में हुआ. इसी कारण सुदिव्य का बचपन और शुरुआती शिक्षा बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में हुई. बाद में झारखंड आंदोलन के दौरान शिबू सोरेन ने शंभूनाथ विश्वकर्मा से सुदिव्य को आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए अपने साथ जोड़ा. गोमिया से जूते में छिपाकर लाया गया डेटोनेटर बताया जाता है कि 1991 में रेलवे ट्रैक को क्षतिग्रस्त करने की योजना बेहद गोपनीय तरीके से बनाई गई थी. इस योजना के लिए जरूरी डेटोनेटर और वायर गोमिया से लाने में उनके मित्र सुरेंद्र बर्मन ने सहयोग किया था. पुलिस की नजरों से बचने के लिए डेटोनेटर को जूते में छिपाकर लाने की बात भी सामने आती है. इसके बाद उसरी नदी के रेलवे पुल के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाया गया और उसे सक्रिय करने के लिए कुछ दूरी पर बैटरियां रखी गईं. ट्रेन गुजर गई, बड़ा हादसा टल गया उस समय मधुपुर से गिरिडीह आने वाली पैसेंजर ट्रेन रात करीब 10 बजे उसरी नदी के पुल से गुजरती थी. निर्धारित समय के आसपास ट्रेन की रोशनी दिखाई देने पर रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया. धमाके से पटरी क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन ट्रेन बिना किसी बड़े नुकसान के पुल पार कर गई. इस घटना में यात्रियों के सुरक्षित बच जाने की बात कही जाती है. आंदोलनकारियों का उद्देश्य ट्रेन परिचालन बाधित करना बताया गया था, लेकिन परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे. घटना के बाद सुदिव्य सोनू हुए विचलित बताया जाता है कि विस्फोट के बाद सुदिव्य कुमार सोनू संभावित नुकसान को लेकर काफी परेशान हो गए थे. उन्हें एहसास हुआ कि यदि ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती, तो बड़ी संख्या में यात्रियों की जान जा सकती थी. बाद में उन्होंने यह भी महसूस किया कि ऐसी घटना का सबसे अधिक नुकसान गिरिडीह के आम लोगों को उठाना पड़ता. इस घटना ने आंदोलन के दौरान अपनाए गए उग्र तरीकों के संभावित परिणामों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए. इसे भी पढ़ें: पुरानी पेंशन बहाली में सुदिव्य सोनू की भूमिका को कर्मचारियों ने किया याद, रणधीर वर्मा चौक पर दी श्रद्धांजलि पुलिस ने तेज की जांच, हुई गिरफ्तारी घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी और व्यापक अभियान चलाया. इसी क्रम में इस मामले में शामिल होने के आरोप में बैजू राणा को गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आती है. यह घटना झारखंड आंदोलन के उन अध्यायों में शामिल है, जहां नेतृत्वक संघर्ष, व्यक्तिगत इतिहास और नैतिक द्वंद्व एक साथ दिखाई देते हैं. यही वजह है कि सुदिव्य कुमार सोनू की यह कहानी आज भी झारखंड के आंदोलनकारी इतिहास की सबसे अनोखी और चर्चित घटनाओं में गिनी जाती है. इसे भी पढ़ें: सुदिव्य सोनू के आंदोलनकारी दौर की चर्चा, 1991 में रेलवे ट्रैक विस्फोट की घटना का किया गया जिक्र The post आधा हिंदुस्तान नहीं जानता 1991 में सुदिव्य सोनू ने जिस रेलवे लाइन को उड़ाया था, उसे किसने बनवाया? सच जानकर रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Building Collapse : सत्य निकेतन का मालिक हरिराम गिरफ्तार, पुलिस ने राजस्थान से दबोचा

Delhi Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दिल्ली पुलिस ने हादसे के बाद से फरार चल रहे बिल्डिंग मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ लिया है. उसकी तलाश के लिए पुलिस की 10 टीमें कई राज्यों में अभियान चला रही थीं. पुलिस ने इमारत गिरने के बाद हरिराम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था. इसके बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से बाहर था. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और हादसे को लेकर आगे की जांच जारी है. हादसे में 7 लोगों की मौत, 12 का रेस्क्यू सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है. राहत और बचाव अभियान अभी जारी है. इस बीच दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी बड़ी कार्रवाई की है. निगम ने दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. बगल की इमारत भी कमजोर, जल्द गिराने की तैयारी MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया कि हादसे वाली इमारत के पास की दूसरी इमारत भी कमजोर हो गई है. इसे रातभर मजबूत करने का काम किया गया. अब अगले 1-2 दिनों में इसे चरणबद्ध तरीके से गिराने की तैयारी है. उन्होंने बताया कि अगस्त में इसी इलाके की 3-4 इमारतों को गिराने के आदेश दिए गए थे. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में बताया गया कि MCD के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में 960 इमारतों को गिराया गया है. साथ ही 407 को सील किया गया और करीब 1500 इमारतों को सीलिंग और गिराने के नोटिस दिए गए हैं. ये भी पढ़ें: Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 7, मलबे से अब तक निकाले गए 12 लोग The post Delhi Building Collapse : सत्य निकेतन का मालिक हरिराम गिरफ्तार, पुलिस ने राजस्थान से दबोचा appeared first on Naya Vichar.

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Duleep Trophy Final Day 2 Live: ईशान किशन 250 के स्कोर पर हुए रिटायर्ड हर्ट, ईस्ट जोन की टीम 600 के पार

दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जा रहा है. ईशान किशन ने पहले दिन शतक जड़कर ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है. आज स्पोर्ट्स के दूसरे दिन किशन की नजरें दोहरे शतक पर है. The post Duleep Trophy Final Day 2 Live: ईशान किशन 250 के स्कोर पर हुए रिटायर्ड हर्ट, ईस्ट जोन की टीम 600 के पार appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा-डॉक्टरों को मारने वाले नेताओं को हिरासत में लिया जाना चाहिए, उन्हें खुलेआम घूमने की इजाजत नहीं होनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र में डॉक्टरों की पिटाई की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई. कोर्ट ने कहा कि नेतृत्वक दलों के लोगों द्वारा डॉक्टरों की पिटाई चिंता का विषय है. प्रशासन को चाहिए कि वो ऐसे लोगों को अविलंब हिरासत में लें, उन्हें खुलेआम घूमने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. कोर्ट ने अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट के आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को नोटिस जारी किया है. म्हात्रे की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट में दी गई है चुनौती शिवसेना नेता रमेश म्हात्रे को दी गई जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्टमें याचिका दाखिल की गई है, जिसपर कोर्ट ने उनसे जवाब मांगा है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने म्हात्रे को नोटिस जारी किया और राज्य प्रशासन की याचिका पर तीन हफ्ते में उनसे जवाब मांगा. पीठ ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. कल पालघर में एक और घटना हुई. वही लोगों का समूह. फिर से डॉक्टरों के साथ मारपीट. एक संदेश जाना चाहिए और यह समाज में दूसरों के लिए एक सबक होना चाहिए. मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी सुप्रीम कोर्ट म्हात्रे की याचिका समेत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें पार्षद पर जमानत की शर्तें लगाने के मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी. बाद में कोर्ट ने शिवसेना पार्षद को अपनी अपील वापस लेने की इजाजत दे दी.सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि हाई कोर्ट का स्वतः संज्ञान लेना और अधीनस्थ अदालत द्वारा म्हात्रे को दी गई जमानत पर रोक लगाना पूरी तरह से सही था. अदालत ने यह भी कहा कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले जमानत के हकदार नहीं हैं. 18 जुलाई को हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने आदेश को गलत बताया था और म्हात्रे को पुलिस के सामने सरेंडर करने को कहा था. बाद में सात अगस्त को हाईकोर्ट ने म्हात्रे को जमानत दे दी और आदेश दिया कि मुकदमा तेजी से चलाया जाए और तय समय में पूरा किया जाए. ये भी पढ़ें : दिल्ली में अवैध 5 मंजिला इमारतों को तुरंत सील करने का निर्देश, सीएम रेखा बोलीं- दोषी MCD अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई The post सुप्रीम कोर्ट ने कहा-डॉक्टरों को मारने वाले नेताओं को हिरासत में लिया जाना चाहिए, उन्हें खुलेआम घूमने की इजाजत नहीं होनी चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली बिल्डिंग हादसा: रेखा गुप्ता सरकार ने MCD के डिप्टी कमिश्नर और 4 इंजीनियर को किया सस्पेंड

Delhi Building Collapse: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह घटना स्थल का दौरा किया था. जिसके बाद उन्होंने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने और घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिया था. ये भी पढ़ें: Delhi Building Collapse : आसपास के हॉस्टल खाली, दीवारों में आईं दरारें; छात्रों ने दोस्तों के फ्लैट और कॉलेज में काटी रात बिल्डिंग हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत सत्य निकेतन में इमारत ढहनेकी घटना में जान गंवाने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 7 हो गई. जबकि मलबे से अब तक 12 लोगों को निकाला जा चुका है. इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई थी. जिसमें लड़कों का ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) आवास था. इमारत के मालिक हरि राम के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरि राम के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है. पुलिस ने दक्षिण परिसर में हरि राम और अन्य पर गैर इरादतन हत्या, संरचना के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया था. ये भी पढ़ें: Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 7, मलबे से अब तक निकाले गए 12 लोग राहत और बचाव कार्य जारी, अब तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने बताया, इमारत ढहने की घटना के बाद बचाव एजेंसियों ने अब तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला है, जबकि मलबे के नीचे फंसे लोगों की सटीक संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है. एनडीआरएफ के महानिरीक्षक (आईजी) नरेंद्र बुंदेला के अनुसार, एनडीआरएफ और दिल्ली प्रशासन की सहयोगी एजेंसियों द्वारा चलाया जा रहा बचाव अभियान सोमवार देर रात तक जारी रहने की संभावना है. ये भी पढ़ें: Delhi Building Collapse: मौत से चंद मिनटों की दूरी ! जानिए कैसे दिल्ली इमारत हादसे में सुरक्षित बचा बंगाल का युवक The post दिल्ली बिल्डिंग हादसा: रेखा गुप्ता प्रशासन ने MCD के डिप्टी कमिश्नर और 4 इंजीनियर को किया सस्पेंड appeared first on Naya Vichar.

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Shani Effect: शनि की दृष्टि से बदलेगा इन 3 राशियों का समय, जानें किसे रहना होगा सावधान

Shani Effect: ज्योतिष में शनि देव को कर्मफलदाता कहा जाता है. मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. सितंबर में शनि की दृष्टि सूर्य और बुध पर पड़ने से कुछ राशियों के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. ऐसे में इन जातकों को मेहनत, धैर्य और सही फैसलों पर ज्यादा ध्यान देना होगा. मिथुन राशि: मेहनत का मिलेगा फल ज्योतिषाचार्य नितेश निरंजन बताते हैं कि मिथुन राशि वालों के लिए 17 सितंबर के बाद परिस्थितियां कुछ बदल सकती हैं. इस दिन बुध के कन्या राशि में प्रवेश करने के बाद उस पर शनि की दृष्टि रहेगी. ऐसे में आपको अपने काम में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होगी. आप जितनी ईमानदारी और लगन से मेहनत करेंगे, उतने ही अच्छे नतीजे मिलने की संभावना है. काम को जल्दी पूरा करने के चक्कर में शॉर्टकट लेने से बचें. किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने के बजाय अच्छी तरह सोच-विचार करें. सिंह राशि: धैर्य की होगी परीक्षा सिंह राशि के जातकों के लिए 17 सितंबर के बाद समय थोड़ा संभलकर चलने वाला हो सकता है. सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने के बाद वह शनि की दृष्टि के प्रभाव में आएंगे. इस दौरान आपको अपने काम और व्यवहार दोनों में संयम रखना होगा. सिर्फ भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय मेहनत पर विश्वास करें. अहंकार को खुद पर हावी न होने दें और बेवजह के विवादों से दूरी बनाए रखें. घर-परिवार के मामलों में भी धैर्य से काम लेना आपके लिए बेहतर रहेगा. ये भी पढ़ें: 7 सितंबर को कन्या राशि में बुध का गोचर, बदलेंगे इन 4 राशियों के दिन, नौकरी-कारोबार में लाभ के योग कन्या राशि: योग्यता साबित करने का समय कन्या राशि में सूर्य और बुध का गोचर होगा और इन दोनों ग्रहों पर शनि की सीधी दृष्टि रहेगी. ऐसे में आपकी क्षमता और काम करने के तरीके की परीक्षा हो सकती है. इस दौरान किसी भी काम को हल्के में न लें. अपनी दिनचर्या व्यवस्थित रखें और जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने की कोशिश करें. ज्यादा तनाव महसूस हो तो योग और ध्यान जैसी गतिविधियों से मानसिक शांति पाने की कोशिश कर सकते हैं. नोट: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है और नया विचार इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है. The post Shani Effect: शनि की दृष्टि से बदलेगा इन 3 राशियों का समय, जानें किसे रहना होगा सावधान appeared first on Naya Vichar.

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36000 फीट की ऊंचाई पर फेल हुआ Air India का इंजन, पायलट की सूझबूझ से बचीं सैकड़ों जानें

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, बोइंग 737 विमान कोच्चि से अबू धाबी के लिए उड़ान भर चुका था. टेक-ऑफ के लगभग 50 मिनट बाद, जब विमान 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था, तब पायलट और को-पायलट ने देखा कि इंजन नंबर-1 का ऑयल लेवल बेहद तेजी से घट रहा है. क्रू ने लिया ‘FORDEC’ आकलन का सहारा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विमान के क्रू मेंबर्स ने तुरंत मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ‘FORDEC’ (फैक्ट्स, ऑप्शंस, रिस्क, डिसीजन, एग्जीक्यूशन, चेक) प्रक्रिया के जरिए खतरे का आकलन किया. ऑयल प्रेशर रेड जोन में पहुंचते ही सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए इंजन को बंद कर दिया गया. सुरक्षित उतरे सभी यात्री ऑयल लगातार कम होने के कारण पायलटों ने अबू धाबी की यात्रा रद्द करने और वापस कोच्चि लौटने का फैसला किया. एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को स्थिति की जानकारी देने के बाद विमान को वापस मोड़ा गया और कोचीन एयरपोर्ट पर उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. विमान में सवार सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं. घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं. ये भी पढ़ें: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने से 7 की मौत, 30 छात्रों के दबे होने की आशंका! हाईकोर्ट ने PIL पर तत्काल सुनवाई को दी मंजूरी The post 36000 फीट की ऊंचाई पर फेल हुआ Air India का इंजन, पायलट की सूझबूझ से बचीं सैकड़ों जानें appeared first on Naya Vichar.

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